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Banswara में दर्दनाक घटना, 8 लोग तैरकर बचे, रेस्क्यू जारी

बांसवाड़ा बांसवाड़ा जिले में मंगलवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जब संगमेश्वर नदी में 10 लोगों से भरी नाव अनियंत्रित होकर पलट गई। घटना अरथूना क्षेत्र में करीब 3 बजे हुई। हादसे के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई और आसपास के लोग भी बड़ी संख्या में नदी किनारे जुट गए। संतुलन बिगड़ने से पलटी नाव प्रारंभिक जानकारी के अनुसार नाव का संतुलन बिगड़ने के कारण यह हादसा हुआ। नाव पलटते ही नाविक सहित 8 लोगों ने साहस दिखाते हुए तैरकर अपनी जान बचाई और सुरक्षित किनारे तक पहुंच गए। हालांकि तेज बहाव के कारण 8 साल का एक बच्चा और एक युवक नदी की लहरों में ओझल हो गए, जिससे स्थिति गंभीर हो गई। रेस्क्यू अभियान में जुटी प्रशासनिक टीमें घटना की सूचना मिलते ही गढ़ी डीएसपी बाबूलाल रैगर और अरथूना पुलिस का जाब्ता मौके पर पहुंचा। प्रशासन ने तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू करते हुए स्थानीय गोताखोरों और सिविल डिफेंस की टीमों को मौके पर बुलाया। बचाव कार्य तेजी से जारी है। गहरे पानी में तलाश जारी सिविल डिफेंस की टीमें नावों और लाइफ जैकेट की मदद से नदी के गहरे हिस्सों में लापता लोगों की तलाश कर रही हैं। नदी का तेज बहाव रेस्क्यू अभियान में चुनौती बन रहा है, फिर भी टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं ताकि दोनों लापता व्यक्तियों का जल्द पता लगाया जा सके। परिजनों में चिंता, मौके पर जुटी भीड़ हादसे के बाद नदी किनारे ग्रामीणों की भीड़ जुट गई है। लापता लोगों के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है और वे लगातार प्रशासन से जल्द से जल्द राहत की उम्मीद कर रहे हैं। पूरा क्षेत्र इस घटना से गमगीन नजर आ रहा है।  

यमुना हादसे में दो और शव मिले, सर्च ऑपरेशन जारी

 मथुरा उत्तर प्रदेश के मथुरा के वृंदावन में यमुना नदी में 10 अप्रैल को हुए दर्दनाक नाव हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। सोमवार को एनडीआरएफ और स्थानीय पुलिस की टीमों ने सर्च ऑपरेशन के दौरान दो और शव बरामद किया, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है। पंजाब के यश भल्ला के रूप में हुई पहचान बरामद किए गए शव की पहचान पंजाब निवासी यश भल्ला उर्फ युवराज और महिला मोनिका के रूप में हुई है। वह उन 16 लोगों में शामिल थे, जो नाव पलटने के बाद यमुना के तेज बहाव में लापता हो गए थे।प्रशासन के अनुसार, यश भल्ला का शव केशीघाट के पास देवराह बाबा घाट के किनारे झाड़ियों में फंसा हुआ मिला। लंबे समय तक पानी में रहने के कारण शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हालत में था। अब तक 15 शव बरामद, एक की तलाश जारी सोमवार को चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान अब तक दो शव बरामद किए गए हैं, जिनमें एक महिला मोनिका और दूसरा यश भल्ला का शव शामिल है। इस हादसे में कुल 16 लोग लापता हुए थे, जिनमें से अब तक 15 के शव मिल चुके हैं। हालांकि, एक व्यक्ति अभी भी लापता है और उसकी तलाश जारी है। NDRF और जल पुलिस का संयुक्त अभियान एनडीआरएफ और जल पुलिस की टीमें लगातार नावों और आधुनिक ड्रोन कैमरों की मदद से यमुना नदी के हर हिस्से को खंगाल रही हैं। सर्च ऑपरेशन को और तेज कर दिया गया है ताकि अंतिम लापता व्यक्ति का जल्द से जल्द पता लगाया जा सके। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जब तक आखिरी व्यक्ति का पता नहीं चल जाता, तब तक यह अभियान जारी रहेगा। इलाके में शोक, परिजनों का बुरा हाल इस हृदयविदारक हादसे ने पूरे इलाके में शोक की लहर पैदा कर दी है। खासकर पंजाब से आए मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन ने जारी किए सख्त निर्देश घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया है। साथ ही नावों के संचालन को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।  

वृंदावन में यमुना नाव हादसा, 5 लोग अब भी लापता

वृंदावन उत्तर प्रदेश के वृंदावन में यमुना नदी में श्रद्धालुओं से भरी नाव पलटने से हुए हादसे में हुए 10 लोगों की मौत के बाद गहरे पानी में फंसी बोट को 5 घंटे के अथक प्रयासों के बाद निकाला जा सका है। हादसे के बाद चारों ओर कोहराम मचा हुआ है तस्वीरों में आप स्वयं देख सकते हैं कि किस प्रकार मध्यरात्रि के बाद तक चले सर्च ऑपरेशन अभियान के दौरान गहरे पानी में फंसी मोटर वोट को बाहर निकाला गया है. वहीं लापता हुए पांच अन्य लोगों की लिए रेस्क्यू अभी भी जारी है .सभी मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कर उनके गतंव्य स्थान पर भेज दिया गया है. 10 मृतकों में एक ही परिवार के सात लोग बताया जा रहा है कि हादसे में मृत 10 लोगों में एक ही परिवार के सात लोग थे. मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राहत कोष से दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रूप दिए जाने की घोषणा की गई है. दलदल में फंसी मिली बोट आगरा रेंज के डीआईजी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि यमुना में बोट पलटने से हुए हादसे में 10 लोगों की मौत के बाद कई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद गहरे पानी दलदल में फंसी वोट को बाहर बाहर निकाल किया गया है उनका कहना है पांच मिसिंग लोगों की अभी भी तलाश की जा रही है उनका कहना है कि आज से सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. 5 लोग नदी में अब भी लापता बता दें कि शुक्रवार दोपहर 2:45 बजे के करीब श्री बांके बिहार मंदिर से करीब ढाई किमी की दूरी पर स्थित केशी घाट के पास पर्यटकों से भरी मोटर बोट पोंटून पुल (पीपा पुल) से टकराने के बाद यमुना नदी में पलट गई थी. नाव में 30 से अधिक लोग सवार थे, जो नदी में गिर गए. इनमें से 10 लोगों की डूबकर मौत हो गई, जबकि 22 को बचा लिया गया. अब भी 5 लोग नदी में लापता हैं और उनकी तलाश की जा रही है.  मथुरा के जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि नाव में सवार लोग पंजाब के लुधियाना के रहने वाले हैं. कैसे डूबी बोट? स्थानीय गोताखोर गुलाब ने इस हादसे के लिए तेज हवा को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने आजतक से बातचीत में बताया है कि,'तेज हवा चल रही थी. यमुना नदी के बीच में नाव अचानक तेज हवा से डगमगाने लगी और उसकी स्पीड भी बढ़ गई. देखते ही देखते नाव पीपा पुल (पांटून पुल) से टकराकर नदी में पलट गई और उसमें सवार सभी लोग गहरे पानी में गिर गए.'

वृंदावन में यमुना नदी में नाव पलटने से 6 श्रद्धालुओं की मौत, कई लापता; CM योगी ने हादसे पर जताया संज्ञान, रेस्क्यू के निर्देश

वृंदावन  उत्तर प्रदेश के वृंदावन में बड़ा हादसा हो गया. यहां श्रद्धालुओं से भरी एक नाव यमुना नदी में पलट गई. इस दुर्घटना में 6 लोगों की मौत की पुष्टि जिला प्रशासन ने की है, जबकि 14 से अधिक लोगों को बचा लिया गया. हादसे की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लेते हुए तुरंत रेस्क्यू अभियान तेज करने के निर्देश दिए. प्रशासन और राहत टीमें मौके पर लगातार बचाव कार्य में जुटी हैं।  जानकारी के अनुसार, पंजाब से आए श्रद्धालु यमुना नदी में घूमने के लिए मोटर बोट पर सवार थे, लेकिन अचानक बोट असंतुलित होकर पलट गई. इसमें सभी लोग नदी में गिर गए।  दिल को झकझोर देने वाली है ये घटना : सीएम योगी सीएम योगी ने एक्स पर लिखा कि जनपद मथुरा में नाव पलटने से हुई मौतें बेहद दुखद और दिल को झकझोर देने वाली हैं. उन्होंने कहा कि इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति उनकी संवेदनाएं हैं. उन्होंने अधिकारियों को तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य तेज करने और घायलों का बेहतर इलाज कराने के निर्देश दिए. साथ ही उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की।  हादसा दोपहर पौने 3 बजे केशी घाट पर हुआ, जो श्रीबांके बिहार मंदिर से करीब ढाई किमी की दूरी पर है. नाव पीपा पुल से टकराने के बाद नदी में पलट गई. स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स और नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स की टीमें करीब 50 स्थानीय गोताखोरों की मदद से नदी में लापता लोगों की तलाश कर रही हैं. बताया जा रहा है कि तेज हवा के कारण नाव पर नियंत्रण नहीं रहा और वह पीपा पुल से टकराकर यमुना नदी में पलट गई।  मथुरा ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र रावत ने कहा, 'केशी घाट के पास यमुना नदी के एक हिस्से में नाव डूब गई है. अब तक 22 लोगों को नदी से बाहर निकाला जा चुका है. बचाए गए लोगों को एम्बुलेंस और पुलिस वाहन (पीआरवी) की मदद से तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया. हम फिलहाल स्थिति का जायजा ले रहे हैं ताकि पता चल सके कि कितने लोग सुरक्षित हैं और कितने लोगों की जान गई है… यहां एक पोंटून पुल है. चूंकि यह पुल जर्जर हालत में था, इसलिए एक एजेंसी पोंटूनों की मरम्मत का काम कर रही थी. आशंका है कि यह दुर्घटना इसी मरम्मत कार्य के दौरान हुई होगी।