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बिहार का स्वाद पहुंचेगा दुनिया तक, BRICS की वेलकम किट में शामिल हुए सत्तू और मखाना

पटना भारत इस बार अंतरराष्ट्रीय ब्रिक्स सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है जिसमें दुनिया के कई धुरंधर देश शामिल हो रहे हैं। दिल्ली स्थित भारत मंडपम में 12 और 13 सितम्बर को दो दिवसीय ब्रिक्स सम्मेलन का आयोजन किया गया है। यह सम्मेलन बिहार के लिए इसलिए बेहद खास है क्योंकि इसमें हमारे राज्य का सत्तू और सुपर फूड मखाना को जगह मिली है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार के उत्पाद को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है। भारत की अध्यक्षता में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में 25 अन्य देश शामिल हो रहे हैं। सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट डालकर सीएम सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री को बिहार की ओर से धन्यवाद दिया है। सीएम ने कहा है कि दिल्ली ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के वेलकम कीट में शामिल सत्तू और मखाना हमारे स्वाद, परंपरा और उद्यमिता की पहचान हैं। इसके लिए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने लोकल टू ग्लोबल के संकल्प को साकार किया। यह नए बिहार की नई पहचान है। बिहार का स्वाद अब दुनिया के सामने है। वेलकम कीट में क्या-क्या है ब्रिक्स सम्मेलन में 25 देशों के प्रतिनिधियों के अलावे दुनिया भर के पत्रकार और मेहमान आ रहे हैं जिन्हें वेलकम कीट में भारत की खासियत वाला उपहार दिया जा रहा है। इस कीट के बैग में बिहार के सत्तू और मखाना मौजूद है जिसके लिए विदेश मंत्रालय ने बिहार सरकार के साथ समन्वय बनाकर खास तौर पर तैयार करवाया है। इसमें ओडिशा की कॉफी और गुजरात का स्टॉल शामिल है। बैक में एक मेटल वाला बोतल कॉफी मग और छोटा सा बैग भी है। बैग में ब्रिक्स सम्मेलन की डायरी, पेन और स्मृति चिन्ह डाला गया है। सम्मेलन में इन देशों के मेहमान 12 और 13 सितंबर को आयोजित होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भारत के अलावा 25 देश हिस्सा ले रहे हैं। इसमें ब्रिक्स के 11 सदस्य देश, 10 ब्रिक्स सहयोगी देश और पांच देश विभिन्न क्षेत्रीय समूहों के अध्यक्ष होने के नाते इसमें शामिल हैं। इन प्रमुख नेताओं में दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रोबोवो सुबियांतो, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतेह अलसीसी, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन, इथोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद शामिल हैं। यूएई की तरफ से अबूधाबी के क्राउन प्रिंस बिन जायद अल नाहयान हिस्सा लेंगे। बांग्लादेश ने प्रधानमंत्री तारिक रहमान की यात्रा की संभावना से इनकार किया है। सम्मेलन को लेकर दिल्ली में सुरक्षा के जबरदस्त प्रबंध किए गए हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने खतरों से निपटने के लिए आसमान से जमीन तक सुरक्षा ग्रिड तैयार की है। आसपास के दफ्तरों को बंद कर दिया गया है तो पूरे शहर के स्कूलों में छुट्टियां कर दी गई हैं।

दिल्ली में ट्रैफिक पाबंदियों के बीच राहत, छात्रों के लिए 1 घंटे पहले शुरू होगी मेट्रो

नई दिल्ली  राष्ट्रीय राजधानी में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर जबरदस्त तैयारी की गई है। ऐसे में दिल्ली के कई रूट पर ट्रैफिक पाबंदियों के बीच छात्रों और आम लोगों की असुविधा न हो, इसके दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने बड़ा फैसला लिया है। डीएमआरसी ने कहा कि मेट्रो सेवाएं रविवार 13 सितंबर को सुबह 6 बजे से शुरू हो जाएंगी। डीएमआरसी ने 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए बताया कि परीक्षा देने जा रहे छात्रों और आम जनता की सुचारू और समय पर आवाजाही को सुविधाजनक बनाने के लिए, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के कारण ट्रैफिक पाबंदियों के बीच, रविवार 13 सितंबर को सभी लाइनों पर मेट्रो ट्रेन सेवाएं सुबह 06:00 बजे से शुरू होंगी। डीएमआरसी ने क्यों लिया ये फैसला डीएमआरसी ने इस फैसले को लेकर कहा कि छात्रों और यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी यात्रा की योजना उसी के अनुसार बनाएं। आम तौर पर दिल्ली के कई रूट जिनमें पिंक, मजेंटा और ग्रे लाइन पर रविवार को मेट्रो सेवाएं सुबह सात बजे शुरू होती हैं। हालांकि, इस रविवार मेट्रो सेवाएं सुबह 6 बजे से शुरू होंगी। 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन इस बार नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया जा रहा है। इसे लेकर दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। कई प्रमुख स्थान अगले तीन दिन तक बंद रहेंगे, जिनमें राष्ट्रपति भवन म्यूजियम और अमृत उद्यान भी शामिल हैं। राष्ट्रपति भवन म्यूजियम और अमृत उद्यान रहेंगे बंद अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रपति भवन म्यूजियम और अमृत उद्यान को शुक्रवार से रविवार तक विजिटर्स के लिए बंद रखा गया है। एक अधिकारी ने बयान में कहा कि शनिवार को राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में 'चेंज ऑफ गार्ड' सेरेमनी भी नहीं होगी। यह कदम ब्रिक्स प्रतिनिधियों को होने वाली परेशानी को कम करने और शिखर सम्मेलन स्थल के आसपास आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगाकर सड़कों पर भीड़ कम करने की कोशिश का हिस्सा है। स्कूल, ऑफिस रहेंगे बंद, जानें ट्रैफिक एडवाइजरी दिल्ली सरकार ने पहले ही 11 सितंबर को अपने कार्यालयों में छुट्टी की घोषणा कर दी है। कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय ने भी उस दिन केंद्र सरकार के कार्यालयों में छुट्टी की घोषणा करते हुए एक आधिकारिक सर्कुलर जारी किया है। शुक्रवार को दिल्ली पुलिस ने ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की। इसमें बताया गया कि शिखर सम्मेलन के चलते दिल्ली के मुख्य रास्तों पर दोपहर 2 बजे से रात 8.30 बजे तक ट्रैफिक को डायवर्ट किया जाएगा और आवाजाही को नियंत्रित किया जाएगा। ब्रिक्स समिट, मेट्रो के इस्तेमाल की सलाह पुलिस ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपनी यात्रा की योजना पहले से बना लें, यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर चलें, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, खासकर मेट्रो का इस्तेमाल करें। तय डायवर्जन रूट और ट्रैफिक कर्मियों के निर्देशों का पालन करें। पुलिस ने कहा कि इमरजेंसी और जरूरी सेवाओं वाली गाड़ियों को निकलने में प्राथमिकता दी जाएगी। राजधानी में होने वाले ब्रिक्स समिट को लेकर फैली अटकलों के बीच दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी जारी की है। डीएमआरसी ने साफ किया है कि मेट्रो सेवा सामान्य रूप से जारी रहेगी। डीएमआरसी ने की है खास तैयारी डीएमआरसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि सेवा से जुड़ी जानकारी यात्रियों को सूचित की जाती है कि अगले आदेश तक सभी मेट्रो स्टेशन खुले रहेंगे। जब तक कोई विशेष घोषणा न की जाए, तब तक कामकाज सामान्य रूप से चलता रहेगा। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे आगे की जानकारी के लिए डीएमआरसी की वेबसाइट, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म या 'दिल्ली मेट्रो सारथी' ऐप देखते रहें। यह जानकारी इस मामले पर कई सवाल मिलने के बाद जारी की जा रही है। क्या बंद रहेंगे मेट्रो स्टेशन? जानिए अपडेट दरअसल, ब्रिक्स समिट के दौरान सुरक्षा और ट्रैफिक पाबंदियों को लेकर लोगों में भ्रम था कि क्या मेट्रो स्टेशन बंद रहेंगे? इसे लेकर डीएमआरसी को यह स्पष्टीकरण देना पड़ा। इससे पहले डीएमआरसी ने एक अन्य एडवाइजरी में बताया था कि सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर स्थित दिल्ली मेट्रो म्यूजियम ब्रिक्स समिट के दौरान बंद रहेगा। डीएमआरसी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर स्थित दिल्ली मेट्रो म्यूजियम 11 से 13 सितंबर, 2026 (शुक्रवार से रविवार) तक बंद रहेगा। हम 15 सितंबर, 2026 (मंगलवार) को आप सभी का स्वागत करने के लिए वापस आएंगे, क्योंकि 14 सितंबर (सोमवार) को म्यूजियम की साप्ताहिक छुट्टी होती है। ब्रिक्स समिट को लेकर लिए गए कई अहम फैसले दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी ब्रिक्स समिट को देखते हुए एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने जनता को अदालतों में कामकाज और मामलों की तारीखों में बदलाव के बारे में जानकारी दी है, खासकर भारत मंडपम में ब्रिक्स समिट स्थल के पास स्थित अदालतों के लिए। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, 12 सितंबर को होने वाली नेशनल लोक अदालत अब 10 अक्टूबर को आयोजित की जाएगी। निचली अदालतों में 11 और 12 सितंबर को छुट्टी रहेगी, इसलिए इन दो तारीखों पर सूचीबद्ध मामले अब 14 सितंबर को सुने जाएंगे।

BRICS शिखर सम्मेलन को लेकर दिल्ली हाई अलर्ट, 500 CCTV से निगरानी; VVIP मूवमेंट पर ट्रैफिक डायवर्जन

नई दिल्ली  राष्ट्रीय राजधानी में शनिवार से शुरू हो रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस के 15,000 जवानों और अर्ध सैनिक बलों की 200 कंपनी तैनात की गई हैं। दिल्ली के भारत मंडपम में शनिवार से 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन शुरू होने जा रहा है। राष्ट्रीय राजधानी में चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए 500 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। ब्रिक्स को लेकर दिल्ली में पहरा दिल्ली यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शिखर सम्मेलन के मद्देनजर पूरी दिल्ली बंद नहीं होगी लेकिन वीवीआईपी के काफिलों की आवाजाही के दौरान कुछ मार्गों पर अस्थायी रूप से ट्रैफिक को रोका जा सकता है। कुछ जगहों पर रूट डायवर्जन किया जा सकता है और कुछ रास्तों पर प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। VVIP मूवमेंट को लेकर खास तैयारी अधिकारियों के अनुसार जहां सुरक्षा व्यवस्था अनुमति देगी, वहां यातायात सामान्य रूप से जारी रहेगा। विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के काफिले के गुजरने के दौरान आम वाहनों पर लगने वाली रोक की कोई निश्चित अवधि नहीं होगी। सुरक्षा स्थिति और परिस्थितियों के आधार पर वाहनों को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि व्यवस्था इस तरह की गई है कि विदेशी मेहमानों की कड़ी से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था हो और आम जनता को कम से कम परेशानी हो। ट्रैफिक एडवाइजरी देखकर ही घर से निकलें एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि हमने इसे ध्यान में रखते हुए व्यापक इंतजाम किए हैं कि आम लोगों को कम से कम असुविधा हो। यातायात व्यवस्था को लेकर पहले ही एडवाइजरी जारी की जा चुकी है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शिखर सम्मेलन में भाग के लिए शुक्रवार सुबह दिल्ली पहुंच गए। वहीं चीन ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सम्मेलन में शामिल होने की पुष्टि की है। यह सात साल के अंतराल के बाद भारत की उनकी पहली यात्रा होगी। दुनियाभर के राष्ट्राध्यक्ष दिल्ली में सम्मेलन में शामिल होने वाले अन्य प्रमुख नेताओं में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, अबू धाबी के शहजादे मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के प्रमुख आदि शामिल हैं। दिल्ली पुलिस ने आवाजाही के लिए चिह्नित मार्गों का व्यापक निरीक्षण किया है। कई सरकारी एजेंसियों और पड़ोसी राज्यों के अधिकारियों के साथ समन्वय संबंधी बैठकें भी की गई हैं। सुरक्षा ऐसी, परिंदा भी न मार सके पर सुरक्षा व्यवस्था हवाई अड्डे, विदेशी नेताओं को ठहराए जाने वाले होटलों, भारत मंडपम और उन अन्य स्थानों तक रहेगी जहां ये विदेशी मेहमान जाएंगे। नई दिल्ली इलाके में 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनमें हाई-रिजॉल्यूशन कैमरों के अलावा चेहरे की पहचान करने वाली प्रणाली और वाहनों की नंबर प्लेट पहचानने वाले कैमरे भी शामिल हैं। इन कैमरों के जरिए 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी। सम्मेलन स्थल और विदेशी मेहमानों को ठहराए जाने वाले होटलों में प्रवेश नियंत्रण, पहचान सत्यापन, खुफिया जानकारी जुटाने, यातायात प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। इन रास्तों से बचकर यातायात पुलिस के अनुसार शिखर सम्मेलन के दौरान 35 से अधिक सड़कें प्रभावित हो सकती हैं। इनमें प्रमुख रूप से मथुरा रोड, सरदार पटेल मार्ग, शांति पथ, जनपथ, अशोका रोड ,बाराखंभा रोड ,टॉल्स्टॉय मार्ग ,अफ्रीका एवेन्यू रोड, नीति मार्ग, पंचशील मार्ग, एपीजे अब्दुल कलाम रोड शामिल हैं। साकेत स्थित होटल से मध्य दिल्ली के बीच मिस्र के प्रतिनिधिमंडल की आवाजाही के कारण दक्षिणी दिल्ली की सड़कों पर खासकर व्यस्त समय में यातायात का दबाव और बढ़ सकता है। हाई-सिक्योरिटी मूवमेंट को लेकर बड़ी तैयारी अधिकारियों ने बताया कि सम्मेलन के बड़े स्तर को देखते हुए हर दिन कई बार ‘हाई-सिक्योरिटी मूवमेंट’ होंगे। किसी विदेशी नेता को हवाई अड्डे से होटल, होटल से सम्मेलन स्थल और वहां से द्विपक्षीय बैठकों या अन्य कार्यक्रमों में ले जाने के दौरान एक दिन में पूरे शहर में करीब 70-80 या उससे अधिक ‘हाई-सिक्योरिटी मूवमेंट’ हो सकते हैं। अधिकारियों के मुताबिक, हर वीवीआईपी अवागमन के लिए अलग से यातायात नियंत्रण, रास्तों पर प्रवेश प्रतिबंध और मार्ग परिवर्तन में समन्वय करना पड़ता है और इसी वजह से आम लोगों और यात्रियों पर इसका असर सामान्य वीआईपी दौरे की तुलना में काफी अधिक हो सकता है।

पुतिन-शी-पेजेशकियन की सुरक्षा पर खास फोकस, ड्रोन से लेकर पैराग्लाइडर तक पर नजर

नई दिल्ली  भारत मंडपम् में होने वाले 18वें ब्रिक्स सम्मेलन में कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष और हाई-प्रोफाइल डेलिगेशंस पहुंच रहे हैं। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां सिर्फ वीवीआईपी रूट और होटलों तक ही मुस्तैद नहीं रहेंगी, बल्कि कई टीमें इस दौरान हवाई गश्त पर भी रहेंगी। सिक्योरिटी असेसमेंट ने इंटर-स्टेट कोऑर्डिनेशन में ड्रोन, पैराग्लाइडर और दूसरे रिमोट कंट्रोल्ड फ्लाइंग ऑब्जेक्ट्स से जुड़े खतरे को भी प्रमुखता से शामिल किया है। मौजूदा वैश्विक तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए सुरक्षा का फोकस सबसे ज्यादा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन को लेकर है। वीवीआईपी नेताओं के काफिले में शामिल सभी गाड़ियों में जीपीएस डिवाइस लगाए गए हैं, जिससे कंट्रोल रूम से उनकी रियल-टाइम लोकेशन ट्रैक की जा सके। मुख्य कार्यक्रम स्थल और होटलों में एंट्री के लिए हाईटेक फेशियल रिकग्निशन और बायोमीट्रिक सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है। एंटी-ग्राफिटी गश्त, पिकेट चेकिंग और स्टैटिक तैनाती से पूरे इलाके को कवर किया गया है। 30 हजार जवानों के घेरे में दिल्ली, 100 से ज्यादा NSG कमांडो तैनात सेंट्रल एजेंसियों के मुताबिक सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पूरी दिल्ली में करीब 30 हजार सुरक्षाकर्मियों और 100 से ज्यादा NSG कमांडो की तैनाती की गई है। इसके अलावा प्रोग्राम स्थल और होटलों की सुरक्षा में 7 हजार जवानों को लगाया गया है। 11 प्रमुख होटलों से भारत मंडपम् तक वीवीआईपी काफिलों के लिए अलग-अलग रूट तैयार किए गए हैं। अलग-अलग मेहमानों के लिए एंट्री गेट और ड्रॉप पॉइंट भी अलग रखे गए हैं, ताकि दो देशों के काफिले एक साथ सामने न आएं।

11 सितंबर से BRICS समिट, विदेशी मेहमानों के स्वागत में सजेगा नई दिल्ली क्षेत्र; 15 हजार गमले लगेंगे

नई दिल्ली  भारत मंडपम् में 11 से 13 सितंबर तक होने वाले ब्रिक्स समिट के लिए एनडीएमसी ने समिट की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण हिस्से को सजाने-संवारने का काम तेज कर दिया है। विदेशी मेहमानों के स्वागत के लिए सम्मेलन स्थल, वीआईपी रूट, प्रमुख सड़कों, बाजारों और होटल क्षेत्रों में स्वच्छता से लेकर सजावटी रोशनी और सौंदर्याकरण तक तैयारियां की जा रही है। एनडीएमसी के डिप्टी चेयरमैन कुलजीत सिंह चहल ने बताया कि सारे काम 9 सितंबर तक पूरे हो जाएंगे। रोशनी से जगमग होंगे नई दिल्ली क्षेत्र गोलचक्कर पटेल चौक, विंडसर प्लेस, मंडी हाउस, तीन मूर्ति, क्यू-पॉइंट, शांतिपथ के प्रमुख चौराहों, अशोका होटल, सम्राट होटल, मान सिंह और पीएम गोलचक्कर सहित 17 प्रमुख गोलचक्करों पर सजावटी रोशनी लगाई जाएगी। 11 प्रमुख होटल परिसरों और आसपास के पेड़ों को भी सजाया जाएगा। एनडीएमसी की 10 प्रमुख इमारतों और स्थलों पर भी सजावटी लाइटिंग होगी। विदेश मंत्रालय के डिजाइन के मुताबिक, एनडीएमसी क्षेत्र में 309 ब्रैडिंग साइट्स तैयार की गई हैं। इनमें 154 डिजिटल मीडिया स्क्रीन, S3 सीटीयू और पीटीयू फ्लेक्स साइट्स और 72 बस क्यू शेल्टर शामिल हैं। 41 प्रमुख सड़कों पर खास निगरानी डेलिगेट्स और वीआईपी रूट की 41 प्रमुख सड़को की सर्कलवार निगरानी की जा रही है। सड़क, फुटपाथ और बस शेल्टर की मरम्मत पूरी हो चुकी है। 32 सड़कों की पेंटिंग पूरी हो गई है, जबकि नौ सड़कों पर काम जारी है। हरित सौदर्शीकरण के लिए 15 हजार से अधिक गमले प्रमुख मार्गों और चौराहों पर लगाए जाएंगे। 15 जगहों पर फूलों से तैयार किए गए बोर्ड और नौ स्थानों पर फूलों के आकार वाले फव्वारे लगाए जाएंगे। पांच जगह मिस्ट स्प्रे की व्यवस्था की गई धूल और प्रदूषण नियंत्रण के लिए लोदी रोड, तिलक मार्ग, अफ्रीका एवेन्यू, शातिपथ और जाकिर हुसैन मार्ग पर पांच जगह मिस्ट स्प्रे की व्यवस्था की गई है। जलभराव वाले हॉटस्पॉट का 100 प्रतिशत सत्यापन और स्टॉर्म वाटर ड्रेनों की 100 प्रतिशत डीसिल्टिंग पूरी हो चुकी है। वीवीआईपी मार्गों पर अतिरिक्त पंपिंग सेट लगाए गए है। बरसात से निपटने के लिए अतिरिक्त पंप 14 स्वच्छता सर्कलों को 14 निरीक्षण सर्कलों से मैप किया गया है। प्रमुख सड़कों पर 24×7 सफाई की व्यवस्था रहेगी। रात में 7 मिकैनिकल रोड स्वीपर्स लगाए जाएंगे। डीप क्लीनिंग के लिए 10 प्रेशर जेटिंग मशीनें लगेंगी। प्रमुख मार्गों की डीप वॉशिंग की जा रही है। कंट्रोल रूम से 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी। बरसात में प्रभावित बाबा खड़क सिंह मार्ग पर मौजूदा 80 HP पंप के अलावा एक और 80 HP पंप तथा 24 IIP क्षमता की मोबाइल पंपिंग वैन लगाई गई है।