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उत्तर प्रदेश विधान मंडल का बजट सत्र सोमवार से

माननीय राज्यपाल के अभिभाषण से होगी शुरुआत 11 फरवरी (बुधवार) को वित्तमंत्री सुरेश खन्ना पेश करेंगे वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट लखनऊ,  उत्तर प्रदेश विधान मंडल का बजट सत्र 2026-27 9 फरवरी से प्रारंभ होगा। सत्र के प्रथम दिन सोमवार को विधानमंडल के दोनों सदनों (विधानसभा व विधान परिषद) के समक्ष माननीय राज्यपाल आनंदी बेन पटेल का अभिभाषण होगा। 10 फरवरी को सदन के वर्तमान व पूर्व सदस्यों के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की जाएगी। सदन की कार्यवाही 20 फरवरी तक प्रस्तावित है। 11 फरवरी (बुधवार) को वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत किया जाएगा। इसके पश्चात राज्यपाल के अभिभाषण (धन्यवाद प्रस्ताव) पर चर्चा होगी। 13 फरवरी तक सदन नियमित तौर पर चलेगा। 14 व 15 फरवरी को क्रमशः शनिवार व रविवार होने के कारण सदन की बैठक स्थगित रहेगी। 16 फरवरी से पुनः सदन की कार्यवाही प्रारंभ होगी। विधानसभा अध्य़क्ष सतीश महाना ने सभी सदस्यों से सदन के सफल संचालन का अनुरोध किया है। वहीं नेता सदन (मुख्यमंत्री) योगी आदित्यनाथ ने सभी सदस्यों से जनता के मुद्दों को सदन में रखने और स्वस्थ चर्चा कर प्रदेश के विकास को गति प्रदान करने के लिए सरकार का सहयोग करने का आग्रह किया है।

आज से संसद का बजट सत्र शुरू, मनरेगा–SIR पर घमासान तय, विपक्ष ने बैठक में बनाई सरकार घेरने की रणनीति

नई दिल्ली संसद का बजट सत्र आज से शुरू हो रहा है, जिसके हंगामादार होने के आसार हैं। कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दलों ने मंगलवार को कहा कि मनरेगा, मोदी सरकार की विदेश नीति, अमेरिकी शुल्क, डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में गिरावट, वायु प्रदूषण और जनहित के कई अन्य विषयों को उठाया जाएगा। बताया जा रहा है कि विपक्ष SIR पर और चर्चा चाहता है। सरकार की ओर से आज बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में बजट सत्र को लेकर चर्चा की गई, हालांकि कांग्रेस ने इसे लेकर विरोध दर्ज कराया कि सरकार ने कोई विधायी एजेंडा सामने नहीं रखा है।   सरकार का कहना है कि एजेंडा बाद में दिया जाएगा, क्योंकि सत्र का पहला भाग राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए जाने वाले धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा और केंद्रीय बजट पर चर्चा पर केंद्रित होगा। राज्यसभा में कांग्रेस के उप नेता प्रमोद तिवारी ने यह आरोप भी लगाया कि सरकार संविधान से मिले अधिकारों को खत्म कर रही है और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘विपक्ष विदेश नीति का विषय भी उठाएगा। हमारी विदेश नीति कहां पहुंच गई? कोई हमारे साथ खड़ा नहीं है। हमें यह भी नहीं पता चल रहा कि किसके साथ चलें, कौन हमारे साथ चलेगा।’’ प्रमोद तिवारी का कहना था कि सरकार की आर्थिक नीति की बात करें तो रुपया सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिका की ओर से लगातार टैरिफ जारी है और रूसी तेल (की खरीद) का मुद्दा भी है। दिल्ली और दूसरी जगहों पर हमने वायु प्रदूषण का जो सबसे भयानक रूप देखा है, उसे देखते हुए हम यह मुद्दा भी उठाएंगे… हम इंदौर में दूषित पानी से होने वाली मौतों का मुद्दा भी उठाएंगे।’’ सर्वदलीय बैठक के बाद कांग्रेस नेता ने क्या कहा कांग्रेस नेता ने कहा कि मनरेगा का मुद्दा भी बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इस योजना की जगह नया कानून लाकर न केवल इसके नाम से महात्मा गांधी का नाम हटाया गया है, बल्कि ‘ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार खत्म किया जा रहा है।’ उन्होंने यह भी कहा कि इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के पूर्ण राज्य के दर्जे की बहाली, वोट चोरी और बेरोजगारी के मुद्दों को भी इस सत्र के दौरान उठाया जाएगा। कांग्रेस सांसद कोडिकुनिल सुरेश ने कहा कि विपक्ष की मांग है कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को बहाल किया जाए। तेलुगू देसम पार्टी (तेदेपा) के सांसद लावू श्रीकृष्ण देवरायालू ने कहा कि भारत जिन अलग-अलग मुक्त व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर कर रहा है, उन पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने हैदराबाद की तर्ज पर अमरावती को "कानूनी दर्जा" देने की भी मांग की। बीजू जनता दल के सांसद सस्मित पात्रा ने कहा कि उनकी पार्टी ओडिशा में किसानों की परेशानी और बिगड़ती कानून-व्यवस्था का विषय उठाएगी।  

बजट सत्र से पहले देवनानी ने गहलोत और जूली को दिया खरा जवाब

जयपुर. राजस्थान विधानसभा के 28 जनवरी से शुरू हो रहे बजट सत्र से पहले प्रश्न लगाने, मंत्रियों के जवाब और सदन की कार्यवाही से जुड़े नियमों को लेकर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने रविवार को प्रेस वार्ता की। उन्होंने दावा किया है कि विधानसभा सचिवालय की ओर से अब जारी किए गए बुलेटिन में वही प्रावधान हैं, जो वर्ष 2020 में तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष सी.पी. जोशी के कार्यकाल में जारी किए गए थे। देवनानी ने कहा कि इन नियमों के बारे में विस्तृत जानकारी वे सदन के भीतर ही देंगे। वासुदेव देवनानी ने पूर्व सीएम अशोक गहलोत और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विधानसभा से जारी होते आ रहे बुलेटिन को यदि वे पढ़ते, तो शायद इस तरह के बयान नहीं आते। उन्होंने कहा कि यह धारणा बनाई जा रही है कि ये नियम पहली बार लागू हुए हैं, जबकि ऐसा नहीं है। वर्ष 2020 में जारी बुलेटिन संख्या-20 का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा बुलेटिन में कोई नया प्रावधान नहीं जोड़ा गया है। विस्तारित प्रश्न न हों और पांच साल से अधिक पुरानी जानकारी संभवतः नहीं मांगी जाए ये सभी नियम पहले से ही लागू हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि 2020 के बाद अब 2026 में ही इन नियमों पर आपत्ति क्यों जताई जा रही है, जबकि जूली उस समय की सरकार में कैबिनेट मंत्री थे। 90 से 95 फीसदी सवालों के जवाब समय पर मिल रहे वासुदेव देवनानी ने कहा कि जवाबदेही बढ़ाने के लिए उनके कार्यकाल में लगातार मॉनिटरिंग की गई है, जिसका नतीजा यह है कि अब 90 से 95 फ़ीसदी सवालों के जवाब समय पर मिल रहे हैं जो पहले नहीं होता था। पिछली विधानसभा में पर्ची व्यवस्था बंद कर दी गई थी। जिसे उन्होंने अध्यक्ष बनने के बाद फिर शुरू किया। उनका मकसद लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करना है न किसी पर पाबंदी लगाना है ‘तुच्छ’ शब्द पर भी सफाई विपक्ष की ओर से ‘तुच्छ’ शब्द पर जताई गई आपत्ति पर देवनानी ने कहा कि यह शब्द लोकसभा की व्यवस्था से लिया गया है। पिछले चार सत्रों में न तो इस पर कोई आपत्ति आई और न ही कोई चर्चा हुई। ऐसे में सवाल यह है कि क्या पहले बुलेटिन पढ़े ही नहीं गए या अब राजनीतिक आधार पर बयान दिए जा रहे हैं।

झारखंड विधानसभा के 18 से बजट सत्र के आज से विधायक पूछ सकेंगे सवाल

रांची. झारखंड विधानसभा का पंचम (बजट) सत्र 18 फरवरी से 19 मार्च तक आयोजित किया जाएगा। राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद विधानसभा सचिवालय ने सत्र का औपबंधिक कार्यक्रम जारी कर दिया है। इस संबंध में सभी विधायकों को सूचना भेज दी गई है। विधानसभा सदस्य शुक्रवार से ही सदन में अपने-अपने प्रश्न दर्ज करा सकेंगे, जिससे सत्र की तैयारी औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। सत्र के पहले दिन 18 फरवरी को राज्यपाल विधानसभा सत्र को संबोधित करेंगे। इसी दिन शोक प्रकाश भी प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद सरकार और विपक्ष के लिए सत्र की कार्यवाही क्रमशः आगे बढ़ेगी। हेमंत सोरेन सरकार 24 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026-27 का आम बजट विधानसभा में पेश करेगी, जिसे इस सत्र का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव 19 फरवरी को प्रश्नकाल के बाद राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया जाएगा। इस प्रस्ताव पर सदन में वाद-विवाद होगा, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों अपनी-अपनी बात रखेंगे। 20 फरवरी को धन्यवाद प्रस्ताव पर सरकार का उत्तर दिया जाएगा। इसके बाद मतदान कराया जाएगा। इसी दिन वित्तीय वर्ष 2025-26 की तृतीय अनुपूरक व्यय विवरणी भी सदन के पटल पर रखी जाएगी। 21 और 22 फरवरी को विधानसभा की कार्यवाही नहीं होगी। 23 फरवरी को तृतीय अनुपूरक व्यय विवरणी पर विस्तृत चर्चा, मतदान और संबंधित विनियोग विधेयक का उपस्थापन एवं पारण किया जाएगा। 25 फरवरी से बजट पर सामान्य वाद-विवाद की शुरुआत होगी, जिसमें विभिन्न दलों के विधायक सरकार की वित्तीय नीतियों पर अपनी राय रखेंगे। 26 और 27 फरवरी को अनुदान मांगों पर चर्चा 26 और 27 फरवरी को अनुदान मांगों पर चर्चा और मतदान प्रस्तावित है। इसके बाद 28 फरवरी से आठ मार्च तक होली और अन्य पर्व-त्योहारों को लेकर अवकाश रहेगा। नौ मार्च से 13 मार्च तक अलग-अलग तिथियों में प्रश्नकाल के बाद वित्तीय वर्ष 2026-27 के आय-व्ययक की अनुदान मांगों पर वाद-विवाद, सरकार का उत्तर और मतदान कराया जाएगा। 14 और 15 मार्च को पुनः अवकाश रहेगा। सत्र के अंतिम चरण में 16 और 18 मार्च को अनुदान मांगों पर चर्चा के साथ-साथ वित्तीय वर्ष 2026-27 के विनियोग विधेयक सदन में लाए जाएंगे। इसके बाद विभिन्न राजकीय विधेयकों और अन्य शासकीय कार्यों पर विचार किया जाएगा। सत्र के अंतिम दिन 19 मार्च को गैर-सरकारी संकल्प प्रस्तुत किए जाएंगे।

झारखंड विधानसभा का बजट सत्र 18 फरवरी से 19 मार्च तक, कैबिनेट सचिव वंदना डाडेल ने साझा की जानकारी

रांची मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई झारखंड कैबिनेट की बैठक में कुल 30 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट की प्रमुख घोषणाओं में पलामू में आरओबी के लिए 114 करोड़ रुपये को मंजूरी दी गयी है। वहीं, झारखंड विधानसभा का बजट सत्र 18 फरवरी से 19 मार्च तक चलेगा। बोकारो के जैनामोड से फुसरो पथ के लिए 157 करोड़ की मंजूरी मिली है। गोड्डा के सैदापुर बियर योजना के लिए भी राशि को मंजूरी मिली है।