samacharsecretary.com

8 करोड़ की अफीम खेती मामले में बड़ी कार्रवाई, भाजपा नेता के भाई की दुकान तोड़ी गई

 दुर्ग छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए समोदा गांव में बुलडोजर चलाया. इस अभियान के दौरान उस दुकान को ध्वस्त कर दिया गया, जिसे अधिकारियों ने सरकारी जमीन पर बना अवैध निर्माण बताया है. यह दुकान उस व्यक्ति की थी, जिसके भाई को हाल ही में अफीम की खेती के मामले में गिरफ्तार किया गया है. प्रशासन की इस कार्रवाई ने इलाके में काफी चर्चा पैदा कर दी है. जैसे ही बुलडोजर मौके पर पहुंचा, बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां इकट्ठा हो गए और पूरी कार्रवाई को देखने लगे. इस पूरे मामले का संबंध भाजपा किसान मोर्चा के नेता विजय ताम्रकार से जुड़ा बताया जा रहा है, जिन्हें कुछ दिन पहले पुलिस ने अफीम की खेती के आरोप में गिरफ्तार किया था। मक्के के खेत में मिली करोड़ों की अफीम जानकारी के मुताबिक 7 मार्च को पुलिस और नारकोटिक्स से जुड़ी एजेंसियों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक खेत में छापा मारा था. जांच के दौरान मक्के की फसल के बीच अफीम के पौधे पाए गए. जांच में सामने आया कि खेत में बड़े पैमाने पर अफीम की खेती की जा रही थी. अधिकारियों के अनुसार बरामद फसल की अनुमानित कीमत करीब 8 करोड़ रुपये आंकी गई. इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने भाजपा किसान मोर्चा से जुड़े नेता विजय ताम्रकार को दो अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के बाद इस मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा कर दी। भाई की दुकान पर चला बुलडोजर इसी घटनाक्रम के बीच प्रशासन ने समोदा गांव में एक और कार्रवाई की. अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तार नेता के भाई बृजेश ताम्रकार गांव में करीब 32 डिसमिल सरकारी जमीन पर दुकान चलाते थे. जिला प्रशासन को लंबे समय से इस जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायतें मिल रही थीं. जांच के बाद पाया गया कि यह दुकान सरकारी भूमि पर बनाई गई है. इसके बाद प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने का निर्णय लिया और मंगलवार को बुलडोजर की मदद से इस निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया. कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम मौके पर मौजूद रही. इस अभियान का नेतृत्व अतिरिक्त तहसीलदार ने किया. उन्होंने बताया कि प्रशासन ने सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद ही यह कदम उठाया है. अवैध निर्माण को हटाने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल किया गया और कुछ ही समय में पूरी संरचना को गिरा दिया गया. अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई अतिक्रमण हटाने के अभियान का हिस्सा थी और इसका उद्देश्य सरकारी जमीन को मुक्त कराना था। पहले ही जारी हो चुका था बेदखली आदेश प्रशासन के मुताबिक इस मामले में स्थानीय अदालत पहले ही बेदखली का आदेश जारी कर चुकी थी. इसके बावजूद लंबे समय तक कब्जा नहीं हटाया गया. गांव के लोगों और ग्राम प्रधान ने कई बार प्रशासन को लिखित शिकायत देकर बताया था कि सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण किया गया है. इन शिकायतों के आधार पर जांच की गई और अंततः अदालत से बेदखली वारंट जारी होने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई को अंजाम दिया। बुलडोजर कार्रवाई देखने जुटे ग्रामीण मंगलवार को जब प्रशासन की टीम समोदा गांव पहुंची, तो वहां बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया. जैसे ही बुलडोजर ने अवैध निर्माण को गिराना शुरू किया, गांव के लोग आसपास इकट्ठा होने लगे. कई लोग पूरे घटनाक्रम को देखने के लिए मौके पर मौजूद रहे. हालांकि प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए थे, जिससे कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति पैदा नहीं हुई. अधिकारियों का कहना है कि जिले में सरकारी जमीन पर कब्जे के मामलों को लेकर प्रशासन गंभीर है. राजस्व विभाग के अधिकारियों के मुताबिक कई जगहों पर अवैध कब्जों की शिकायतें मिल रही हैं और उन्हें हटाने के लिए चरणबद्ध तरीके से अभियान चलाया जा रहा है. प्रशासन का कहना है कि जहां भी सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण मिलेगा, वहां इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी। विपक्ष ने उठाए सवाल इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं. विपक्षी दल कांग्रेस ने अफीम की खेती के मामले को लेकर राज्य सरकार की आलोचना की है. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर अफीम की खेती होना प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है. उन्होंने मामले की गहन जांच की मांग भी की है. हालांकि सरकार की ओर से इस पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है। कानून व्यवस्था पर प्रशासन का जोर प्रशासन का कहना है कि अवैध गतिविधियों और सरकारी जमीन पर कब्जे के मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में सरकारी भूमि की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है. इसी के तहत जहां भी अवैध कब्जे की शिकायत मिलेगी, वहां जांच कर कार्रवाई की जाएगी. समोदा गांव में हुई यह कार्रवाई इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है. एक तरफ अफीम की करोड़ों की खेती का खुलासा और दूसरी तरफ उससे जुड़े व्यक्ति के परिवार की अवैध दुकान पर बुलडोजर चलने की घटना ने लोगों का ध्यान खींचा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की यह कार्रवाई यह संदेश देती है कि सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकते हैं. प्रशासन के अधिकारियों ने साफ किया है कि यह कार्रवाई केवल एक मामले तक सीमित नहीं है. जिले में जहां-जहां सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायतें हैं, वहां जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी. अधिकारियों के मुताबिक आने वाले दिनों में भी अतिक्रमण हटाने का अभियान जारी रहेगा और अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे. इस बीच पुलिस अफीम की खेती से जुड़े मामले की भी जांच आगे बढ़ा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अवैध गतिविधि में और कौन-कौन लोग शामिल थे।

चिचोली बस स्टैंड पर बैतूल में सरकारी बुलडोजर की तैयारी, 20 अतिक्रमणकारियों को 7 दिन की मोहलत

बैतूल बैतूल जिले के चिचोली में नगर परिषद प्रशासन ने बस स्टैंड क्षेत्र की शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। नवनिर्मित बस स्टैंड के आसपास सरकारी जमीन पर कब्जा जमाए 20 अतिक्रमणकारियों को अंतिम नोटिस जारी किया गया है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी सैयद आरिफ हुसैन ने बताया कि नोटिस जारी होने के बाद अतिक्रमणकारियों को सात दिन का समय दिया गया है। उन्हें इस अवधि में स्वयं अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए हैं। यदि तय समय सीमा में कब्जा नहीं हटाया गया, तो नगर परिषद द्वारा बलपूर्वक कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाया जाएगा। इस कार्रवाई में आने वाला पूरा खर्च भी संबंधित अतिक्रमणकारियों से ही वसूला जाएगा। नगर परिषद के अनुसार, इससे पहले मार्च, जून और अक्टूबर 2025 में भी अतिक्रमण हटाने के लिए पत्र जारी कर चेतावनी दी गई थी। हालांकि, अतिक्रमणकारियों ने इन निर्देशों को गंभीरता से नहीं लिया। इसके बाद अब मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 223 के तहत यह अंतिम नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन ने इस कार्रवाई को लेकर पूरी तैयारी कर ली है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कलेक्टर बैतूल, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बैतूल, तहसीलदार चिचोली और थाना प्रभारी चिचोली को भी लिखित रूप से सूचित कर आवश्यक सहयोग मांगा गया है।

भीलवाड़ा सर्राफा बाजार में 100 साल में पहली बार बड़ी गरजे बुलडोज़र

भीलवाड़ा. भीलवाड़ा शहर के सबसे पुराने और तंग रास्तों वाले सर्राफा बाजार में सोमवार को नगर निगम का 'पीला पंजा' खौफ की तरह गरजा। करीब सौ साल के इतिहास में यह पहला मौका था, जब इस व्यस्ततम बाजार में बुलडोजर की गर्जना सुनाई दी। इस कार्रवाई से व्यापारियों में हड़कंप मच गया। वहीं, सालों से अतिक्रमण की मार झेल रहे आमजन ने राहत की सांस ली। वहीं, नगर निगम ने बाजार क्षेत्र और आवासीय क्षेत्र में सालों से दबी नालियों को भी अतिक्रमण एवं पक्के कब्जों से मुक्ति दिलाई। निगम की कार्रवाई से दहशत में आए सर्राफा व अन्य कारोबारी स्वयं दुकानों व प्रतिष्ठानों के बाहर से अतिक्रमण हटाने में जुट गए। लोग व व्यापारी भी कटर, हथौड़ा, गेती व फावड़ा, संबल लेकर खुद के अतिक्रमण को हटाने के साथ ही प्रशासन के हटाने गिरे मलबे को समटने में जुट गए। बड़ा मंदिर से लेकर सांगानेरी गेट क्षेत्र के लोग तो अतिक्रमण का दस्ता पहुंचने से पहले ही स्वयं कब्जे हटाने में जुट गए। विरोध के बावजूद नहीं थमा 'पीला पंजा' क्षेत्र के बड़े बुजुर्गों का कहना है कि सर्राफा बाजार में पहली बार अतिक्रमण हटाने की इतनी बड़ी कार्रवाई हुई। उन्होंने खुशी भी जाहिर की कि इस कार्रवाई से पुराना भीलवाड़ा के इस सर्राफा बाजार में आवागमन सहज हो सकेगा। दूसरी ओर कई व्यापारियों ने निगम की कार्रवाई का विरोध भी किया, लेकिन पीला पंजा नहीं रुका। निगम की कार्रवाई से क्षेत्र में आवाजाही प्रभावित रही। पांसल चौराहा क्षेत्र से हटाया अतिक्रमण शहर में पुर रोड के पांसल चौराहा क्षेत्र में नगर निगम के दस्ते ने सड़कें के दोनों तरफ दुकानों के बाहर से होर्डिग्स व बैनर हटाए, दुकानों के टीन शेड भी खोल ले गए। केबिन व फर्नीचरों की भी जब्ती की गई। शिकायतों के बाद लिया गया बड़ा एक्शन नगर निगम आयुक्त हेमाराम चौधरी ने बताया कि सर्राफा बाजार की अतिक्रमण़ से सिकुड़ती राह को लेकर कई शिकायतें आमजन की तरफ से आ चुकी थीं। अतिक्रमण हटाने को लेकर क्षेत्र के लोगों को पूर्व में कई बार सूचित किया जा चुका। जिला कलक्टर जसमीत सिंह संधू के निर्देश पर शहर में प्रमुख बाजारों को अतिक्रमण मुक्त किए जाने के अभियान के तहत सोमवार को भी सर्राफा बाजार में प्रभावी कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि भीमगंज थाना से लेकर सर्राफा बाजार होते हुए पुराना भीलवाड़ा के शहीद चौक क्षेत्र से होते हुए सांगानेरी गेट चौराहा तक क्षेत्र के अतिक्रमण हटाए जाएंगे। प्रशासन का सराहनीय कदम सर्राफा एसोसिएशन के पदाधिकारी महेश सोनी ने बताया कि सर्राफा बाजार में सोमवार को हुई प्रशासनिक कार्रवाई स्वागत योग्य है। बाजार की सड़कों को कब्जे से मुक्त करने एवं सड़कों को चौड़ा किए जाने की जरूरत भी थी। शहर में नेहरू रोड को चौड़ा किए जाने के दौरान भी सर्राफा बाजार की सड़कों के चौड़ीकरण को लेकर भी कार्ययोजना बनी थी।

जयपुर में ड्रग्स माफिया के दो मंजिला अवैध मकान पर चला बुलडोजर

जयपुर. जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने ड्रग्स माफिया के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम बगराना में अवैध रूप से बने दो मंजिला मकान को ध्वस्त कर दिया। यह निर्माण जेडीए स्वामित्व की नाले की भूमि पर किया गया था। सोमवार सुबह जेडीए की प्रवर्तन शाखा की टीम भारी पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंची और जेसीबी की मदद से अवैध ढांचे को गिरा दिया। प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार, संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। मीरा सांसी, विजेंद्र उर्फ विजय सांसी, लक्की उर्फ राहुल सांसी, महेंद्र सांसी और विक्की सांसू के विरुद्ध मादक पदार्थों की तस्करी सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज हैं। इन सभी के खिलाफ कानोता थाना में कुल 23 मामले दर्ज हैं। जेडीए अधिकारियों का कहना है कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे और आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा। स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर में अवैध निर्माण और माफिया गतिविधियों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बरेली में मस्जिद पर बुलडोजर का एक्शन, कोर्ट के आदेश से अवैध निर्माण ध्वस्त, भारी पुलिस तैनात

 बरेली उत्तर प्रदेश के बरेली में अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन की सख्ती लगातार जारी है. इसी क्रम में भोजीपुरा इलाके के पिपरिया गांव में अवैध तरीके से बनी मस्जिद पर बुलडोजर कार्रवाई की गई. अधिकारियों का कहना है कि यह मस्जिद ग्राम समाज की जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा कर बनाई गई थी. अदालत में लंबे समय तक सुनवाई हुई, अब अदालत के आदेश पर प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की है. भोजीपुरा गांव में जिला प्रशासन की टीम भारी पुलिस बल और बुलडोजरों के साथ पहुंची. सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच मस्जिद का निर्माण हटाने का कार्य शुरू हुआ. करीब 300 वर्ग गज में यह निर्माण था. लंबे समय से इसे लेकर विवाद चल रहा था, जिसके बाद मामला कोर्ट पहुंचा. प्रशासन का कहना है कि निर्माण को अवैध श्रेणी में मानते हुए हटाया जा रहा है. ग्राम समाज के गाटा संख्या पर बनी मस्जिद का विवाद पहले तहसीलदार कोर्ट में चला, जहां से मस्जिद के पक्ष में कोर्ट में पेश होने वाले लोगों के खिलाफ आदेश आया. आदेश में यह साफ हुआ कि यह सरकारी ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा करके अवैध तरीके से अस्थाई निर्माण हुआ. इसके बाद मुस्लिम पक्ष सिविल कोर्ट पहुंचा. वहां भी तहसीलदार कोर्ट के फैसले पर मोहर लगी. इसके बाद कई नोटिस दिए गए. नोटिस के बाद भी जब निर्माण नहीं हटाया गया तो प्रशासन ने भारी पुलिस फोर्स, वरिष्ठ अधिकारियों, थाना भोजीपुरा की पुलिस, थाना अध्यक्ष, एसडीएम सदर व एएसपी की मौजूदगी में निर्माण ध्वस्त कर दिया गया. एसडीएम सदर प्रमोद कुमार ने कहा कि इस अस्थाई मस्जिद में स्थानीय ग्रामीण नमाज पढ़ते थे. उन्हीं के द्वारा कोर्ट में केस दायर किया गया. विरोध में फैसला आने के बाद मस्जिद को गिरा दिया गया. एसडीएम ने बताया कि जिस भूमि पर मस्जिद बनी थी, वह राजस्व अभिलेखों में बंजर (श्रेणी 5) और सरकारी भूमि के रूप में दर्ज थी. गाटा संख्या 1474 वाली इस जमीन पर अवैध निर्माण हुआ था. इस मामले में कानूनी लड़ाई साल 2008 से चल रही थी. तहसीलदार कोर्ट ने पहले ही बेदखली के आदेश जारी कर दिए थे. पक्षकार इस मामले को लेकर सिविल कोर्ट भी गए, लेकिन वहां से भी उनका केस खारिज हो गया. अदालत से राहत न मिलने के बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की. बेदखली की प्रक्रिया में जुर्माने का भी प्रावधान होता है, जिसे पक्षकारों ने पहले ही जमा कर दिया था. सिविल कोर्ट में मामला लंबित होने के कारण कार्रवाई रुकी हुई थी, जो अब आदेश आने के बाद पूरी की गई.

अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई! पांढुर्णा में तहसीलदार और SDM ने खुद लिया जिम्मा

पांढुर्णा  शहर में अवैध निर्माण पर प्रशासन एक्शन ले रहा है। अवैध लेआउट और अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अवैध कॉलोनियों पर बुलडोजर चला दिया। कलेक्टर के निर्देश पर वरुड मार्ग, अमरावती रोड और वानखड़े सभागृह के पीछे विकसित किए जा रहे अवैध लेआउट को जेसीबी और ट्रैक्टर की मदद से ध्वस्त किया गया। कार्रवाई के दौरान कॉलोनियों की सड़कें, बाउंड्री वॉल, बिजली के खंभे और अन्य निर्माण तोड़े गए। उपजाऊ जमीन पर काटे जा रहे थे प्लॉट प्रशासनिक जांच में सामने आया कि अमरावती रोड स्थित उपजाऊ कृषि भूमि को अवैध रूप से प्लॉटिंग में बदलकर बेचा जा रहा था। सौसर निवासी प्रदीप नेहारे पर बिना शासकीय अनुमति सड़क निर्माण कर लेआउट विकसित करने के आरोप हैं। शिकायत मिलने के बाद राजस्व विभाग ने जांच की और नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। एसडीएम ने संभाली जेसीबी की कमान कार्रवाई के दौरान एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली, जब एसडीएम अलका इक्का ने खुद जेसीबी मशीन चलाकर अवैध निर्माण ढहाया। तहसीलदार विनय प्रकाश ठाकुर ने भी ट्रैक्टर चलाकर मौके पर पड़ी निर्माण सामग्री जब्त करवाई और उसे प्रशासनिक वाहन में भरवाया। इसी अभियान के तहत गुरु नानक वार्ड में संजय भांगे द्वारा बनाई गई अवैध बाउंड्री वॉल को भी तोड़ा गया। माप-जोख में यह निर्माण अतिक्रमण की श्रेणी में पाया गया था। आगे भी जारी रहेगा अभियान अधिकारियों ने साफ किया कि शहर में अवैध लेआउट के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। संतोषी माता वार्ड, नागपुर रोड, भोपाल रोड और अमरावती रोड सहित अन्य इलाकों में बने अवैध कॉलोनियों पर भी चरणबद्ध तरीके से सख्त कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान नगर पालिका की टीम, राजस्व अमला और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। प्रशासन की सख्ती से अवैध प्लॉटिंग करने वालों में हड़कंप की स्थिति है।

झारखंड में 50 करोड़ की सरकारी जमीन पर गरजा बुलडोजर

धनबाद. धनबाद में सरकारी जमीन पर कब्जा करने वाले भू माफिया की हिम्मत इतनी बढ़ी हुई है कि दिन के उजाले में बिनोद बिहारी चौक पर सरकारी जमीन पर अवैध रूप से दस पक्की दुकानें खड़ी कर दीं। लगभग 50 करोड़ रुपए की इस सरकारी जमीन पर कब्जे का खेल पिछले एक महीने से चल रहा था। डीसी को सूचना मिलने पर धनबाद अंचल कार्यालय की टीम ने धनबाद थाने की टीम के साथ मिलकर सभी दस अवैध दुकानों को तोड़ दिया। डीसी आदित्य रंजन के निर्देश पर एवं एसडीओ लोकेश बारंगे के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन ने अभियान चलाकर आठ लेन रोड के बिनोद बिहारी महतो चौक को अतिक्रमण से मुक्त कराया। इस दौरान कार्यपालक दंडाधिकारी नारायण राम तथा धनबाद सीओ रामप्रवेश कुमार ने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करके बनाई गई दुकानें, अस्थाई निर्माण तथा पक्के निर्माण को हटाकर सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया। जिला प्रशासन के इस अभियान से आसपास अतिक्रमण करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है। विरोध करने पहुंची महिला को हिरासत में लिया: जिस समय दुकानों को तोड़ा जा रहा था, उसी समय एक महिला वहां पहुंचकर हंगामा करने लगी। महिला ने इसे अपनी जमीन बताकर हंगामा करना शुरू कर दिया। मौके पर मौजूद महिला पुलिस की टीम ने उसे हिरासत में लेकर धनबाद थाने के हवाले कर दिया। देर शाम उसे थाने से छोड़ा गया। जिला प्रशासन को सूचना मिली है कि किसी ने इस जमीन को बेचा भी है। इसकी जांच होने के बाद ही पूरा मामले सामने आएगा। सरकारी जमीन पर अवैध रूप से लिया बिजली कनेक्शन : अभियान के दौरान यह भी उजागर हुआ कि सरकारी जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा करने वालों ने बिजली कनेक्शन भी ले रखा था। इसकी भी जांच की जाएगी। मौके से करीब 50 बोरी सीमेंट, स्टोन चिप्स सहित कुछ अन्य निर्माण सामग्री भी जप्त की गई है। डीसी ने सभी सीओ को अपने-अपने अंचल में ऐसा अभियान चलाकर सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने का निर्देश दिया है। विशेषकर अंचल के प्रमुख स्थान तथा उन स्थानों पर, जिसके कारण हमेशा ट्रैफिक जाम होता है। ट्राफिक जाम के कारण अक्सर स्कूली वाहन, एम्बुलेंस सहित जिले की बड़ी आबादी प्रभावित होती है। इस मामले की जानकारी देते हुए धनबाद के कलेक्टर आदित्य रंजन ने बताया कि बिनोद बिहारी चौक के समीप सरकारी जमीन पर कब्जे करने की शिकायत जिला प्रशासन को मिली थी। कई बार लोगों को उस सरकारी जमीन को खाली कर देने की सूचना भी दी गई थी। नोटिस के बाद भी किसी अवैध कब्जाधारी ने अतिक्रमण नहीं हटाया। जिसके बाद आज यह कार्रवाई की गई।

जहां हुई थी पत्थरबाजी, वहीं पर चला बुलडोजर, जयपुर के चौमूं में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई

 चौमूं जयपुर के चौमूं कस्बे में शुक्रवार सुबह प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई शुरू की. यह कार्रवाई उसी इलाके में हो रही है, जहां कुछ दिन पहले अतिक्रमण हटाने गई पुलिस टीम पर हिंसक भीड़ ने पथराव किया था. प्रशासन का कहना है कि सड़क पर अवैध रूप से लगाए गए लोहे के रेलिंग और अन्य ढांचे यातायात में बाधा बन रहे थे, जिन्हें हटाना जरूरी था. बड़ी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर तैनात हैं ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके.  प्रशासन का दावा है कि यह कार्रवाई पूरी तरह कानून के तहत और न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप की जा रही है. बता दें कि जयपुर से करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित चौमूं में दिसंबर 2025 के अंतिम सप्ताह में कलंदरी मस्जिद के पास बस स्टैंड क्षेत्र में लंबे समय से पड़े बड़े पत्थरों और लोहे की रेलिंग को हटाने की कोशिश की गई, जो सड़क पर अतिक्रमण माने जा रहे थे. इनसे ट्रैफिक जाम की समस्या वर्षों से बनी हुई थी. 25 दिसंबर की रात को मस्जिद समिति और नगर निगम के बीच बातचीत हुई, जिसमें पत्थर हटाने पर सहमति बनी.  अतिक्रमण हटाने पर सहमति के बावजूद पथराव लेकिन 26 दिसंबर की सुबह पुलिस ने जब बुलडोजर से रेलिंग हटाने की कार्रवाई शुरू की, तो तो स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया. देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए. भीड़ ने पुलिस पर पत्थरबाजी की, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए. हालात बेकाबू होने पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया. स्थिति तनावपूर्ण होने पर इंटरनेट सेवाएं निलंबित करनी पड़ीं, जो बाद में बहाल हुईं.  दो दर्जन के खिलाफ हुई थी नामजद एफआईआर कानून-व्यवस्था की स्थिति न उत्पन्न हो इसके लिए क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया और फ्लैग मार्च निकाला गया. हिंसक भीड़ द्वारा पथराव करने के मामले में पुलिस ने 110 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया, जबकि दो दर्जन के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई. प्रशासन ने 29 दिसंबर को इलाके में 4 अवैध निर्माणों और 20 अवैध बूचड़खानों पर नोटिस चस्पा किए, जिसमें तीन दिन की मोहलत दी गई थी कि सीढ़ियां, रैंप, प्लेटफॉर्म आदि सार्वजनिक भूमि से हटा लें, वरना बुलडोजर चलाया जाएगा.  24 पत्थरबाजों के घरों पर भी चस्पा हुआ था नोटिस पुलिस पर पत्थरबाजी में शामिल 24 आरोपियों के घरों पर भी नोटिस चस्पा कर तीन दिन में जवाब मांगा गया था. इसकी मियाद 31 दिसंबर को पूरी हो गई. संबंधित लोगों ने न नोटिस का जवाब दिया और न ही अपना अवैध अतिक्रमण हटाया, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन ने चिन्हित अवैध निर्माणों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई शुरू की. स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना पर्याप्त नोटिस दिए उनके ढांचे गिराए जा रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है. वहीं प्रशासन का पक्ष है कि अतिक्रमण हटाने को लेकर पहले भी कई बार चेतावनी दी जा चुकी थी, लेकिन इसके बावजूद अवैध कब्जे नहीं हटाए गए.

बरेली में कार्रवाई का बिगुल, IMC प्रवक्ता कार्यालय समेत 74 दुकानों पर ताला, बुलडोजर चलाने की धमकी

बरेली  बरेली में जुमे की नमाज के बाद हुए बवाल को लेकर नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए धर्मस्थल के पास स्थित आईएमसी के राष्ट्रीय महासचिव व प्रवक्ता डॉ. नफीस के ऑफिस और 74 दुकानों को सील कर दिया है। ये सभी निर्माण नजूल की जमीन और नाले के ऊपर किए गए हैं, जिसके चलते ध्वस्तीकरण की तैयारी चल रही है। बुलडोजर ऐक्शन हो सकता है। सिविल लाइंस में नावल्टी चौराहे के पास स्थित धर्मस्थल के पास एक ही इमारत में आईएमसी प्रवक्ता डॉ. नफीस का ऑफिस और 74 दुकानें बनी हुई हैं। वक्फ संपत्ति बताकर डॉ. नफीस ही इन दुकानों से किराया वसूलता था, जो बवाल के मुख्य आरोपियों में भी शामिल है। निगम के मुताबिक यह सभी निर्माण नजूल की जमीन और नाले पर अतिक्रमण कर किए गए हैं। कई बार दुकानदारों को नोटिस भी दिए जा चुके हैं। इसी कड़ी में सोमवार दोपहर अपर नगर आयुक्त शशिभूषण राय टीम के साथ मौके पर पहुंचे। मजिस्ट्रेट, पुलिस की मौजूदगी में निगम अफसरों ने सभी दुकानें खाली करा लीं और उन्हें सील कर दिया गया। साथ ही, डॉ. नफीस का ऑफिस भी टीम ने सील कर दिया। नदीम सहित 29 जेल गए बवाल को लेकर पांच थानों में दर्ज कराए गए दस मुकदमों में पुलिस ने सोमवार को आईएमसी के पूर्व जिलाध्यक्ष बिहारीपुर निवासी नदीम खां समेत 29 उपद्रवियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इनमें से 15 आरोपी बारादरी पुलिस व 14 आरोपी कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किए थे। लूटे वायरलेस से नदीम जान रहा था पुलिस मूवमेंट नदीम खां की निशानदेही पर पुलिस ने लूटा गया वायरलेस हैंडसेट बरामद किया है। बवाल के दौरान इस हैंडसेट से वह पुलिस की गतिविधियों और फोर्स के मूवमेंट पर नजर रख रहा था। शिकारपुर चौधरी निवासी उपद्रवी जफरुद्दीन के कब्जे से तमंचा-कारतूस बरामद हुआ है। नदीम सहित 29 जेल गए बवाल को लेकर पांच थानों में दर्ज कराए गए दस मुकदमों में पुलिस ने सोमवार को आईएमसी के पूर्व जिलाध्यक्ष बिहारीपुर निवासी नदीम खां समेत 29 उपद्रवियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इनमें से 15 आरोपी बारादरी पुलिस व 14 आरोपी कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किए थे।

मोहन सरकार की सख्ती, भोपाल में मछली परिवार की कोठी पर चलेगा बुलडोजर

भोपाल प्रदेश की राजधानी भोपाल में मछली परिवार की अवैध संपत्तियों को ध्वस्त किया जा रहा है. जिनके सदस्यों पर 'लव जिहाद' और ड्रग सिंडिकेट चलाने के आरोप लगे हैं.राजधानी भोपाल में लव जिहाद और छात्र-छात्राओं को ड्रग्स सप्लाई करने के मामले में घिरे रसूखदार मछली परिवार पर कार्रवाई का सिलसिला जारी है। गुरुवार को मछली परिवार का रसूख कही जाने वाली तीन मंजिला कोठी को जमींदोज करने भारी पुलिस बल के साथ प्रशाशन के अधिकारी पहुंचे। स्थानीय लोगों ने मछली परिवार के साथ मिलकर भारी हंगामा किया, स्थिति तनाव की बनी हुई है। करीब छह हजार वर्ग फीट में तीन मंजिला कोठी का निर्माण तीन दशक पहले किया गया था। अतिक्रमण मुक्त कराई गई जमीन की कीमत 10 करोड़ रुपये बताई जा रही है। विवाद को देखते हुए यहां सुबह से ही बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।  मोहन सरकार के निर्देश पर आज कोकता हथाईखेड़ा में जिला प्रशासन और पुलिस बल मौके पर पहुंच चुका है. मछली परिवार की अवैध संपत्तियों को ध्वस्त करने की कार्रवाई की जा रही है, जिनके सदस्यों पर लव जिहाद और ड्रग सिंडिकेट के गंभीर आरोप हैं. इससे  कुछ दिन पहले मछली परिवार के अवैध रूप से बने फार्म हाउस को ध्वस्त किया गया था और अब मछली परिवार की एक प्रमुख संपत्ति को कड़ी सुरक्षा के बीच जमींदोज किया जा रहा है.  सुप्रीम कोर्ट ने एक गाइडलाइन जारी की थी। इसके तहत रिहायशी इलाकों में बिना पूर्व सूचना के कार्रवाई नहीं की जा सकती है। इस गाइडलाइन को देखते हुए प्रशासन ने कार्रवाई को कुछ दिनों के लिए रोक दिया था। साथ ही प्रशासन ने सारिक मछली और उसके भाइयों को कोठी खाली करने के लिए नोटिस जारी किया था। बताया जा रहा है कि मछली परिवार सुनवाई के दौरान कोठी और जमीन से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके पहले आरोपियों के कोकता में बने कारखाना, मदरसा, फार्म हाउस, मुर्गी फार्म, वेयर हाउस को जमींदोज करने की कार्रवाई की गई थी। उस समय सौ करोड़ रुपये जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया था, जो प्रदेश की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। सुबह तक कार्रवाई को रखा गोपनीय जानकारी अनुसार कागजों में पूरी तरह पुख्ता होने के बाद गुरुवार को कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया। इसके पहले बुधवार देर रात तक अफसरों के बीच बैठकें हुईं। इस दौरान अवैध निर्माणों को तोड़ने की रणनीति तैयार की गई। इसे पूरी तरह गोपनीय रखा गया। गुरुवार को कोठी पर एक्शन के लिए कोकता पुलिस चौकी पर तीनों ही विभागों का अमले को बुलाया गया। यहां से मौके पर टीम के पहुंचते ही कार्रवाई शुरू की गई। इस दौरान अफसरों के मोबाइल की घंटियां बराबर बजती रहीं। खबर लिखे जाने तक निर्माणों को ढहाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई थी। कोठी से था मछली परिवार का रसूख   बताया जा रहा है कि मछली परिवार का यहां खासा दबदबा है। सरकारी जमीन होने के बाद भी यहां मनचाहा निर्माण किया गया। करीब छह हजार वर्ग फीट जमीन पर बनी तीन मंजिला कोठी इस परिवार की शान थी। यहां नेता से लेकर अफसरों तक का आना-जाना था। कोठी से ही परिवार पूरी गतिविधियां संचालित करता था। इन लोगों ने रेस्टोरेंट, शॉपिंग काम्प्लेक्स, मदरसा, शादी हॉल, मैरिज गार्डन, फार्म हाउस सहित कई अन्य निर्माण कर लिए थे। फार्म हाउस में बड़ी-बड़ी पार्टियां आयोजित होती थीं, जिसमें बड़ी-बड़ी हस्तियां भी शिरकत करती थीं। इस परिवार का रसूख इतना था कि कभी इनके इन अवैध निर्माणों की जांच तक नहीं हुई। लव जिहाद और ड्रग्स का मामला सामने आने के बाद एक-एक कर इनके द्वारा खड़ी की गई इमारतों को जमींदोज कर दिया गया। साथ ही तीन-चार दशकों से चला आ रहा रसूख भी मिट्टी में मिल गया। अभी तक मछली की इन प्रॉपर्टी पर हुई कार्रवाई     शकील अहमद पिता शरीफ अहमद का फार्म हाउस अनंतपुरा कोकता     सारिक पिता शरीफ अहमद का वेयर हाउस 40000 वर्ग फिट अनंतपुरा कोकता     शकील अहमद पिता शरीफ अहमद का सुमन फार्म शासकीय भूमि पर अनंतपुरा कोकता     इरशाद अहमद पिता सरफराज मोहम्मद खान द्वारा कारखाना शासकीय भूमि अनंतपुरा कोकता     अता उल रहमान पिता मुफ्ती रईस अहमद खान द्वारा शासकीय भूमि पर अवैध मदरसा का निर्माण।     सारिक अहमद उर्फ मछली, सोहेल अहमद, शफीक अहमद की शासकीय जमीन पर बनी तीन मंजिला कोठी। मछली परिवार का साम्राज्य ध्वस्त. ड्रग्स केस में शाहवर मछली और उसके भतीजे यासीन को क्राइम ब्रांच ने गैमन मॉल के पास से घेराबंदी कर गिरफ्तार किया था. तलाशी में उनके पास से तीन ग्राम एमडी ड्रग, एक देशी पिस्टल बरामद हुई थी. आरोपी राजस्थान से भी ड्रग लाते थे. सड़क के रास्ते नशे का सामान लाया जाता था. इसके बाद भोपाल के अलग-अलग पब और लाउंज में पुराने और भरोसेमंद फिक्स कस्टमरों तक ड्रग्स पहुंचाई जाती थी. सूबे के मुखिया मोहन यादव ने 'लव जिहाद' और ड्रग्स माफिया को लेकर पिछले दिनों बड़ा बयान दिया था. कहा था कि महिलाओं पर कुदृष्टि डालने वाले, ड्रग माफिया और लव जिहादियों को किसी भी स्थिति में नहीं छोड़ा जाएगा. लव जिहाद हो या ड्रग माफिया, इनके माध्यम से जो भी आपराधिक गतिविधियां की जा रही हैं, उन पर सख्त कार्रवाई करते हुए शिकंजा कसा जा रहा है. सीएम ने कहा कि राज्य सरकार किसी अपराधी को छोड़ने वाली नहीं है. सबको एक-एक कर ठिकाने लगाएंगे. सभी प्रकार के अपराधों पर अंकुश लगाते हुए बहन-बेटियों को हर संभव सुरक्षा प्रदान करने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है.