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बजट का बड़ा दांव: गुजरात को 29 गुना ज्यादा फंड, 2027 में दौड़ेगी बुलेट ट्रेन

अहमदाबाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के गृह राज्य गुजरात को केंद्रीय बजट में रेल इंफ्रा को मजबूत करने के लिए 29 गुना अधिक धनराशि मिली है। भारतीय रेलवे में रिकॉर्ड आवंटन से विकास को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। गुजरात के रेल बजट में 17,366 करोड़ का ऐतिहासिक आवंटन मिला है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव पहले मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन के दौड़ने की तारीख का पहले ही ऐलान कर चुके हैं। गुजरात में 15 अगस्त, 2027 को पहली बुलेट ट्रेन चलेगी। 2027 गुजरात के लिए चुनावी साल है। इसी वर्ष के अंत में गुजरात में विधानसभा चुनाव भी होंगे। गुजरात को मिले 17,366 करोड़ रेलवे ने बजट में मिली 29 गुना धनराशि कहां पर खर्च की जाएगी। इसकी जानकारी साझा की है। यह धनरशि मोटे तौर पर सुरक्षा, बुलेट ट्रेन और आधुनिक स्टेशनों से गुजरात में रेल परिवहन का नया युग लेने जाने पर खर्च की जाएगी। रेलवे के अनुसार गुजरात को कुल 17,366 करोड़ रुपये आवंटित हुए हैं।यह धनराशि साल 2009–14 के मुकाबले 29 गुना है। तब गुजरात के लिए औसत वार्षिक रेल बजट आवंटन 589 करोड़ रुपये था, जो अब 2026–27 में बढ़कर 17,366 करोड़ रुपये हो गया है। रेलवे के अनुसार गुजरात में वर्तमान में 1,28,748 करोड़ रुपये की लागत से रेलवे अवसंरचना परियोजनाएं प्रगति पर हैं। इनमें नई रेल लाइनों का निर्माण, स्टेशनों का पुनर्विकास तथा प्रमुख सुरक्षा उन्नयन शामिल हैं। रेल नेटवर्क मजबूत करने पर फोकस पश्चिम रेलवे के अनुसार डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के अंतर्गत पश्चिमी फ्रेट कॉरिडोर दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात और पंजाब को जोड़ता है। सूरत में पूर्वी और पश्चिमी फ्रेट कॉरिडोर को जोड़ा जाएगा तथा वहां एक महत्वपूर्ण जंक्शन विकसित किया जाएगा। यह पूर्व–पश्चिम कॉरिडोर गुजरात के पश्चिमी तट के बंदरगाहों को देश के विभिन्न राज्यों से जोड़ेगा। इसके माध्यम से मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश को भी बेहतर कनेक्टिविटी प्राप्त होगी। 100 फीसदी इलेक्ट्रीफिकेशन गुजरात ने 100% रेल विद्युतीकरण का लक्ष्य हासिल कर लिया है। राज्य में 87 स्टेशनों पर निर्माण कार्य जारी है। मुंबई अहमदाबाद बुलेट ट्रेन (हाई स्पीड रेल) परियोजना तीव्र गति से प्रगति कर रही है। दूसरी सुरंग की ब्रेकथ्रू प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण होगी तथा व्यावसायिक संचालन अगले वर्ष प्रारंभ करने का लक्ष्य निर्धारित है। इसके अलावा अमृत स्टेशन योजना के तहत गुजरात के 87 रेलवे स्टेशनों को 6,058 करोड़ रुपये की लागत से व्यापक पुनर्विकास हेतु चिन्हित किया गया है। इनमें से 19 स्टेशनों- सामाख्याली, डाकोर, हापा, जाम जोधपुर, मोरबी, ओखा, पालीताना और पोरबंदर सहित का पुनर्विकास कार्य पूर्ण हो चुका है। इससे यात्री सुविधाओं और स्टेशनों की सौंदर्यात्मक गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अभी दौड़ रही 6 वंदे भारत एक्सप्रेस गुजरात में अभी 6 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें चल रही हैं। गुजरात के पास अभी 1 अमृत भारत एक्सप्रेस और एक नमो भारत एक्सप्रेस ट्रेन है। गुजरात में 2014 के बाद से गुजरात के रेलवे नेटवर्क का तीव्र विस्तार हुआ है। लगभग 2,900 किलोमीटर नई रेलवे लाइनें बिछाई गई हैं, जो कई यूरोपीय देशों के कुल रेल नेटवर्क से अधिक है। राज्य में 4,005 किलोमीटर रेल मार्गों का 100% विद्युतीकरण पूर्ण हो चुका है, जिससे हरित और ऊर्जा-कुशल संचालन सुनिश्चित हुआ है। 1,177 फ्लाईओवर का निर्माण रेलवे के अनुसार इस सब के अलावा लेवल क्रॉसिंग समाप्त करने के उद्देश्य से 1,177 फ्लाईओवर और अंडरपास बनाए गए हैं, जिससे सुरक्षा में वृद्धि और सड़क-रेल यातायात में सुगमता आई है। रेल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए भारतीय रेलवे गुजरात में स्वदेशी ‘कवच’ ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम लागू कर रहा है। स्वीकृत 1,842 रूट किलोमीटर में से 96 रूट किलोमीटर पर ‘कवच’ स्थापित किया जा चुका है, जबकि 1,674 रूट किलोमीटर पर कार्य प्रगति पर है। यह रेल सुरक्षा मानकों में महत्वपूर्ण उन्नति को दर्शाता है।

15 अगस्त 2027 से भारत में शुरू होगी पहली बुलेट ट्रेन, सूरत–वापी से होगी शुरुआत

 सूरत देश की बहुप्रतिक्षित बुलेट ट्रेन को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को इसके बारे में संकेत दिया था. उन्होंने कहा था कि, 15 अगस्त, 2027 को पहली बुलेट ट्रेन मिलने की संभावना है.  भारत में बुलेट ट्रेन का सपना अब साकार होने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। नए साल के मौके पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने देशवासियों को बड़ी सौगात देते हुए बताया कि 15 अगस्त 2027 से देश में पहली बुलेट ट्रेन दौड़ने लगेगी। रेल मंत्री ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि अगले स्वतंत्रता दिवस के लिए लोग अभी से बुलेट ट्रेन की यात्रा का मन बना सकते हैं। पहले चरण में यह हाई-स्पीड ट्रेन सूरत से वापी के बीच लगभग 100 किलोमीटर के हिस्से में चलाई जाएगी। अहमदाबाद से मुंबई के बीच प्रस्तावित देश की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना अहमदाबाद से मुंबई के बीच प्रस्तावित है। इसके पूरा होने के बाद दोनों महानगरों के बीच 508 किलोमीटर की दूरी मात्र 2 घंटे 17 मिनट में तय की जा सकेगी। फिलहाल इस महत्वाकांक्षी परियोजना का करीब 55 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। नवंबर 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सूरत में परियोजना की प्रगति की समीक्षा भी की थी। पूरे रूट में से 352 किलोमीटर गुजरात और दादरा-नगर हवेली में जबकि 156 किलोमीटर महाराष्ट्र में आता है। यह परियोजना नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) द्वारा जापान के सहयोग से तैयार की जा रही है। जापान के तकनीक पर आधारित होगी यह ट्रेन जापान की प्रसिद्ध शिंकानसेन तकनीक पर आधारित होगी, जिसकी अधिकतम गति 320 किमी प्रति घंटा होगी। पूरे मार्ग पर कुल 12 स्टेशन होंगे, जिनमें अहमदाबाद, वडोदरा, भरूच, सूरत, वापी, ठाणे और मुंबई शामिल हैं। परियोजना का लगभग 85 प्रतिशत हिस्सा एलिवेटेड ट्रैक पर है, जिसमें से 326 किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है। दुनिया में हाई-स्पीड ट्रेनों की बात करें तो चीन के पास सबसे बड़ा नेटवर्क है, जबकि जापान ने 1964 में सबसे पहले बुलेट ट्रेन शुरू की थी। फ्रांस, जर्मनी, स्पेन, इटली, दक्षिण कोरिया और ताइवान भी इस क्षेत्र में आगे हैं। अमेरिका, इंडोनेशिया और मोरक्को में भी हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं पर काम चल रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि, बुलेट ट्रेनें 2027 तक पटरी पर आ जाएंगी. इसका पहला सेक्शन सूरत से बिलिमोरा तक चालू किया जाएगा. दूसरा सेक्शन वापी से सूरत, फिर वापी से अहमदाबाद, फिर ठाणे से अहमदाबाद और आखिर में मुंबई से अहमदाबाद में शुरू होगा. बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के बारे में बताते हुए वैष्णव ने आगे कहा कि, पोल लगाने के लिए एक नई तरह की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है, जिसमें पोल ​​को ज़मीन से उठाकर वायडक्ट तक ले जाया जाता है. यह टेक्नोलॉजी भारत में डेवलप की गई है. अब जापान भी अपने प्रोजेक्ट्स में इसका इस्तेमाल करेगा. केंद्रीय मंत्री ने ट्रैक सिस्टम की नई टेक्नोलॉजी के बारे में आगे बताया कि, उन्हें J-Slab के लिए एक बहुत अच्छा इनोवेशन मिला है. यह वह स्ट्रक्चर है जिस पर ट्रैक बिछाया जाता है. वैष्णव ने कहा कि, यह स्लैब फैक्ट्री में तैयार किया जाता है, साइट पर लाया जाता है, और फिर मशीनों का इस्तेमाल करके एक-एक करके बिछाया जाता है. बुलेट ट्रेन के 12 स्टेशन हैं, महाराष्ट्र में मुंबई, थाने, विरार और बोइसर. गुजरात में वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आनंद, अहमदाबाद और साबरमती. हालांकि, साबरमती और मुंबई टर्मिनल स्टेशन हैं. मुंबई स्टेशन BKC (बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स) में है, और तीन डिपो बनाए गए हैं. महाराष्ट्र में दूसरी टनल का निर्माण पालघर जिले की सबसे लंबी सुरंगों में से एक, 1.5 किलोमीटर की पहाड़ी सुरंग, विरार और बोइसर बुलेट ट्रेन स्टेशनों के बीच है. ठाणे और BKC के बीच पहली 5 किलोमीटर की अंडरग्राउंड सुरंग पिछले साल सितंबर में पूरी हुई थी. प्रोजेक्ट की कुल लंबाई प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 508 किलोमीटर और टनल की लंबाई 27.4 किलोमीटर है. इसमें से 21 किलोमीटर अंडरग्राउंड टनल और 6.4 किलोमीटर सरफेस टनल है. कुल 8 माउंटेन टनल हैं. जिसमें से 7 महाराष्ट्र में 6.05 किलोमटर और एक गुजरात में 350 मीटर टनल है. ट्रांसपोर्टेशन लैंडस्केप घनी आबादी वाले शहरों, ऊबड़-खाबड़ इलाकों और सुरक्षित वाइल्डलाइफ़ सैंक्चुअरी से अपना रास्ता बनाते हुए, मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट देश में अब तक की सबसे मुश्किल इंजीनियरिंग चुनौतियों का सामना कर रहा है. फिर भी, हर माइलस्टोन हासिल करने के साथ, हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर असलियत के करीब आता जा रहा है, एक बार पूरा होने के बाद, यह प्रोजेक्ट भारत के ट्रांसपोर्टेशन लैंडस्केप में एक बड़ा बदलाव लाने वाला अध्याय होगा. पूरे कॉरिडोर में कंस्ट्रक्शन का काम तेजी पकड़ रहा है. जियोटेक्निकल जांच पूरी होने वाली है, रणनीतिक तौर पर ज़रूरी पहाड़ी सुरंगों पर काम शुरू हो गया है, और लगभग 11 किलोमीटर तक पियर बनाने के लिए ओपन फाउंडेशन का काम पूरा हो चुका है. नॉइज बैरियर जैसे-जैसे कॉरिडोर बन रहा है, इसके रास्ते में रहने वाले समुदायों पर भी ध्यान दिया जा रहा है. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आगे कहा कि, ट्रेन के चलने से होने वाले शोर को कम करने के लिए, हाई-स्पीड रेल कॉर्पोरेशन ने वायडक्ट के दोनों तरफ नॉइज बैरियर लगाना शुरू कर दिया है. उन्होंने कहा कि, शिंकानसेन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके, इन नॉइज बैरियर में खास तौर पर इंजीनियर्ड कंक्रीट पैनल होते हैं जो आवाज को सोखने और मोड़ने के लिए डिजाइन किए गए हैं. हर पैनल रेल लेवल से दो मीटर ऊपर उठता है और एक मीटर चौड़ा होता है, जो एलिवेटेड कॉरिडोर के साथ एक लगातार अकूस्टिक शील्ड बनाता है. एक बार लग जाने पर, इन बैरियर से ट्रेनों और सपोर्टिंग सिविल स्ट्रक्चर दोनों से होने वाले ऑपरेशनल शोर में काफी कमी आने की उम्मीद है, जिससे आस-पास के निवासियों के लिए शांत माहौल पक्का करने में मदद मिलेगी. गुवाहाटी–कोलकाता के बीच चलेगी स्लीपर वंदे भारत रेल मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि देश की पहली स्लीपर वंदे भारत ट्रेन का ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। यह ट्रेन 18–19 जनवरी से गुवाहाटी और कोलकाता (हावड़ा) के बीच शुरू की जा सकती है। ट्रायल के दौरान 16 कोच वाली इस ट्रेन ने 182 किमी प्रति घंटे की रफ्तार हासिल की। जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र … Read more

वंदे भारत स्लीपर और बुलेट ट्रेन का इंतजार खत्म, गुवाहाटी-कोलकाता होगा पहला रूट, अश्विनी वैष्णव ने किया एलान

नई दिल्ली   भारतीय रेलवे के इतिहास में जल्द ही एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को यह जानकारी दी। रेल मंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि 15 अगस्त 2027 को देश को पहली बुलेट ट्रेन मिल जाएगी। अश्विनी वैष्णव ने मजाकिया लहजे में कहा कि आप अभी से बुलेट ट्रेन की टिकट खरीद लीजिए, अगले साल बुलेट ट्रेन भी आ जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि परियोजना को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए सरकार पूरी गंभीरता से काम कर रही है। रेल मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की पूरी टेस्टिंग और सर्टिफिकेशन पूरा हो गया है। इसका पहला रूट गुवाहाटी-कोलकाता प्रस्तावित है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आने वाले दिनों में इस रूट पर पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। यह रेलवे के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है। वैष्णव ने आगे कहा कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन यात्रियों को लंबी दूरी की रात की यात्राओं पर वर्ल्ड-क्लास सुविधाएं, सुरक्षा और एक आधुनिक यात्रा का अनुभव प्रदान करेगी। पिछले साल नवंबर में ही प्रधानमंत्री मोदी ने अपने गुजरात दौरे के दौरान मुंबई-अहमदाबाद हाईस्पीड रेल कॉरिडोर की प्रगति का भी जायजा लिया था। इसके लिए पीएम मोदी सूरत बुलेट ट्रेन स्टेशन पर पहुंचे थे, जहां उन्होंने काम में लगे इंजीनियरों और कर्मचारियों से बातचीत भी की थी। रात के सफर में मिलेगी वर्ल्ड-क्लास सुविधा रेल मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन लंबी दूरी की रात की यात्राओं के लिए डिजाइन की गई है। यह ट्रेन यात्रियों को विश्व स्तरीय सुविधाएं, बेहतर सुरक्षा और एक आधुनिक यात्रा का अनुभव प्रदान करेगी। इसे भारतीय रेलवे के लिए एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है, जो प्रीमियम यात्रा को और सुगम बनाएगी। 15 अगस्त 2027 को चलेगी पहली बुलेट ट्रेन वंदे भारत के साथ-साथ रेल मंत्री ने देश की पहली बुलेट ट्रेन को लेकर भी बड़ी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि 15 अगस्त 2027 को भारत को अपनी पहली बुलेट ट्रेन मिल जाएगी। वैष्णव ने मजाकिया अंदाज में कहा, "आप अभी से बुलेट ट्रेन की टिकट खरीद लीजिए, अगले साल बुलेट ट्रेन भी आ जाएगी।" उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार इस प्रोजेक्ट को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए पूरी गंभीरता से जुटी हुई है। पीएम मोदी ने लिया तैयारियों का जायजा प्रोजेक्ट की प्रगति को लेकर रेल मंत्री ने बताया कि पिछले साल नवंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद गुजरात दौरे के दौरान मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का निरीक्षण किया था। पीएम मोदी सूरत बुलेट ट्रेन स्टेशन पहुंचे थे, जहां उन्होंने काम की बारीकी से जांच की और वहां मौजूद इंजीनियरों व कर्मचारियों का उत्साहवर्धन किया। प्रधानमंत्री ने इस दौरान कर्मचारियों से बातचीत करते हुए कहा था कि यह प्रोजेक्ट न केवल गुजरात बल्कि पूरे देश के गर्व का विषय है। यह हाई-स्पीड ट्रेन परियोजना भारत के ट्रांसपोर्ट सिस्टम को आधुनिक बनाने में एक क्रांतिकारी कदम साबित होगी, जिससे यात्रियों को तेज और सुविधाजनक सफर का लाभ मिलेगा।  इससे जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें पीएम मोदी सूरत स्टेशन पर काम की बारीकी से जांच करते हुए नजर आए। इस दौरान उन्होंने इंजीनियरों और कर्मचारियों से बातचीत की। उन्होंने पूछा कि काम में किसी तरह की परेशानी तो नहीं आ रही है और प्रोजेक्ट को सफल बनाने के लिए किस तरह से काम किए जा रहे हैं? इस दौरान कर्मचारियों ने बताया कि हर स्तर पर पूरी मेहनत और बारीकी के साथ काम किया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी कर्मचारियों की मेहनत की सराहना की और कहा कि यह प्रोजेक्ट न सिर्फ गुजरात बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। हाई-स्पीड ट्रेन परियोजना देश के ट्रांसपोर्ट सिस्टम को आधुनिक बनाने में एक अहम कदम है और इससे यात्रियों को तेज और सुविधाजनक सफर मिलेगा।

मुंबई से अहमदाबाद तक 2 घंटे का सफर, देश की पहली बुलेट ट्रेन कब शुरू होगी?

अहमदाबाद  रेल मंत्री अश्विनी वैष्‍णव ने बुलेट ट्रेन प्रोजेक्‍ट पर एक बड़ा अपडेट दिया है.  केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गुजरात के सूरत और बिलिमोरा के बीच भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना का 50 किलोमीटर का हिस्सा 2027 में शुरू हो जाएगा और 2029 तक मुंबई और अहमदाबाद के बीच का पूरा खंड चालू कर दिया जाएगा. यानी कि 2029 तक भारत में पहली बुलेट ट्रेन चलनी शुरू हो जाएगी.  रेल मंत्री ने कहा कि चालू होने के बाद, बुलेट ट्रेन मुंबई और अहमदाबाद के बीच की दूरी केवल दो घंटे सात मिनट में तय होगी. उन्होंने कहा कि भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना बहुत अच्छी तरह से आगे बढ़ रही है. यह जानकारी उन्‍होंने सूरत रेलवे स्‍टेशन के निरीक्षण के दौरान कही. उन्‍होंने यहां पर स्‍टेशन कार्य के अलावा, ट्रैक तैयार होने का कार्य और टर्नआउट इंस्‍टॉलेशन की भी जांच की.  2029 तक देश में दौड़ने लगेगी पहली बुलेट ट्रेन  रेल मंत्री ने कहा कि पहली बुलेट ट्रेन प्रोजेक्‍ट तेजी से चल रहा है. सूरत और बिलिमोरा के बीच परियोजना का पहला 50 किलोमीटर का खंड 2027 तक शुरू हो जाएगा. हम इसकी तैयारी कर रहे हैं. 2028 तक, पूरा ठाणे-अहमदाबाद खंड चालू हो जाएगा और 2029 तक पूरा मुंबई-अहमदाबाद खंड चालू हो जाएगा. वैष्णव ने बताया कि मुख्य लाइन की गति क्षमता 320 किमी प्रति घंटा और लूप लाइन की 80 किमी प्रति घंटा है.  नए टेक्‍नोलॉजी का इस्‍तेमाल रेल मंत्री ने कहा कि ट्रेनों की सुरक्षित और कुशल आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि यह ट्रेनों की एक बहुत ही जटिल आवाजाही है, इसलिए अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है. यहां कई वाइब्रेट सिस्‍टम इंस्‍टॉल किए गए हैं, जब भी ट्रेन 320 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी, तो यूटिलिटी केबल वाइब्रेट को खत्‍म कर देगा और ट्रेन स्‍मूथ चलेगी.  पटरियों के लिए खास सिस्‍टम इंस्‍टॉलेशन  उन्होंने आगे कहा कि पटरियों के भीतर भी, किसी भी वाइब्रेशन को कंट्रोल करने के लिए कई सिस्‍टम तैयार किए गए हैं. इनपर कुछ खास तरह की सुविधाएं जोड़ी गई हैं, ताकि तेज हवा या अचानक भूकंप आने पर भी ट्रेन पूरी तरह स्थिर रहे. वैष्णव ने कहा कि सूरत स्टेशन का पूरा भारी काम पूरा हो चुका है और ट्रैक लिंक के साथ-साथ फिनिशिंग और यूटिलिटी कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं.  बुलेट ट्रेन शुरू होने से विकास की रफ्तार भी बढ़ेगी उन्होंने कहा कि आज, बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत सूरत स्टेशन पर पहला टर्नआउट स्थापित किया गया है. टर्नआउट वह स्थान होता है जहां पटरी या तो जुड़ती है या अलग होती है. यहां कई नई तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है, उदाहरण के लिए, ये रोलर बेयरिंग जिन पर पटरियां चलेंगी. यह भी एक बिल्कुल नई तकनीक है, जिसका हम इस्तेमाल कर रहे हैं.  वैष्णव ने कहा कि महत्वाकांक्षी बुलेट ट्रेन परियोजना मुंबई से अहमदाबाद तक सभी प्रमुख शहरों की अर्थव्यवस्थाओं को एक कर देगी और जापान की तरह विकास को गति देगी, जब पहली बुलेट ट्रेन शुरू हुई थी. उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि नए प्रोजेक्‍ट पर जल्द ही काम शुरू हो जाएगा.

भारत में जल्द दौड़ेगी सुपरफास्ट ट्रेन, दिल्ली- पटना का सफर सिर्फ ढाई घंटे में

नई दिल्ली भारत में इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर को दुरुस्‍त करने पर लगातार काम चल रहा है. खासकर रेल और रोड प्रोजेक्‍ट्स पर लाखों करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है. मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्‍ट उनमें से एक है. इसका काम तेजी से चल रहा है और आनेवाले कुछ महीनों में देश की पहली बुलेट ट्रेन पटरियों पर दौड़ सकती है. इस बीच, हाईस्‍पीड ट्रेन को लेकर एक और बड़ी खबर सामने आई है. सबकुछ ठीक-ठाक रहा तो भारत में नेक्‍स्‍ट जेनरेशन बुलेट ट्रेन का प्रोडक्‍शन शुरू हो सकता है. भारत इस बाबत जापान के साथ करार कर सकता है. बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापान की यात्रा पर हैं और इस दौरान दोनों देशों के बीच ई-10 शिंकानसेन बुलेट ट्रेन (E10 Shinkansen Bullet Train) की भारत में मैन्‍यूफैक्‍चरिंग पर समझौता होने की उम्‍मीद है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत और जापान जल्द ही मिलकर अगली पीढ़ी की ई-10 शिंकानसेन बुलेट ट्रेन का निर्माण कर सकते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो दिवसीय जापान यात्रा के दौरान इसका औपचारिक ऐलान किया जा सकता है. मामले से जुड़े लोगों ने बताया कि दोनों देशों के बीच इस साझेदारी पर सैद्धांतिक सहमति बन चुकी है. ई-10 शिंकानसेन को जापान की ALFA-X से विकसित किया गया है और इसे भारतीय परिस्थितियों के हिसाब से विशेष रूप से तैयार किया जाएगा. यह पहल भारत-जापान के बीच पहले से चल रहे अहमदाबाद-मुंबई हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट को और मजबूती देगी. यह प्रोजेक्ट कुल 508 किलोमीटर लंबा है और इसका पहला 50 किलोमीटर का खंड 2027 तक गुजरात में शुरू होने की उम्मीद है, जबकि पूरा प्रोजेक्ट 2029 तक पूरा होगा. 400 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार ‘हिन्‍दुस्‍तान टाइम्‍स’ की रिपोर्ट के अनुसार, यह साझेदारी लगभग चार दशक पहले शुरू हुई मारुति-सुजुकी जॉइंट वेंचर की तरह ऐतिहासिक साबित हो सकती है. फर्क सिर्फ इतना है कि इस प्रोजेक्ट का पैमाना और रणनीतिक महत्व कहीं ज्यादा है. पीएम मोदी की पहल और जापान से उनकी गहरी दोस्ती का नतीजा है कि बुलेट ट्रेनें अब भारत में ही बनने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है. ई-10 शिंकानसेन की अधिकतम रफ्तार 400 किलोमीटर प्रति घंटा होगी, जबकि भारत के लिए पहले ई-5 शिंकानसेन (320 किमी/घंटा) का विकल्प तय था. पीएम मोदी की विशेष दिलचस्पी और जापानी नेतृत्व से उनके घनिष्ठ संबंधों के चलते भारत को नवीनतम तकनीक का लाभ मिलने जा रहा है. दुनिया की सबसे सुरक्षित ट्रेन इस प्रोजेक्ट से न केवल भारत की तेज़ी से बढ़ती परिवहन ज़रूरतों को पूरा किया जाएगा, बल्कि यहां बनी ट्रेनों की आपूर्ति अन्‍य देशों को भी की जा सकती है. भारत की किफायती मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और जापान की विश्वस्तरीय तकनीक और गुणवत्ता इसे एक्सीलेंस प्रोजेक्ट बना सकता है. पीएम मोदी अपने जापानी समकक्ष शिगेरू इशिबा के साथ वार्षिक शिखर सम्मेलन और बिज़नेस फोरम में शामिल होंगे. अगले दिन दोनों प्रधानमंत्री शिंकानसेन से यात्रा कर सेनदाई जाएंगे, जहां वे एक सेमीकंडक्टर फैक्ट्री का दौरा करेंगे और जापानी प्रांतों के गवर्नरों से मुलाकात करेंगे. जापानी पक्ष का मानना है कि भारत में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क बनाते समय सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी. गौरतलब है कि 1964 में शुरू होने के बाद से शिंकानसेन का सुरक्षा रिकॉर्ड बेहतरीन रहा है. अभी तक किसी यात्री की ट्रेन हादसे में जान नहीं गई है.

बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में आई रफ्तार, मुंबई-अहमदाबाद यात्रा होगी महज 2 घंटे की

मुंबई  देश में पहली बुलेट ट्रेन (Bullet Train In India) चलाने की तैयारियां जोरों पर हैं और इससे जुड़े तमाम काम तेजी से पूरे किए जा रहे हैं. मुंबई-अहमदाबाद के बीच चलने वाली इस पहली बुलेट ट्रेन (Mumbai Ahmedabad Bullet Train) को लेकर अब एक बड़ा अपडेट सामने आया है. जी हां, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ने रविवार को कहा कि, 'भारत की पहली बुलेट ट्रेन सेवा बहुत जल्द शुरू होगी और इससे मुंबई और अहमदाबाद के बीच यात्रा का समय करीब दो घंटेरह जाएगा.'  जल्द शुरू होने वाली है बुलेट ट्रेन केंद्रीय रेलवे मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ने रविवार को गुजरात के भावनगर टर्मिनस से अयोध्या एक्सप्रेस, रीवा-पुणे एक्सप्रेस और जबलपुर-रायपुर एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई और इस कार्यक्रम के दौरान संबोधित करते हुए Bullet Train को लेकर ये बड़ा अपडेट दिया है. उन्होंने कहा कि बुलेट ट्रेन से मुंबई से अहमदाबाद के बीच की दूरी महज 2 घंटे और 7 मिनट में पूरी होगी. इस बीच इसकी शुरुआत को लेकर टाइमलाइन के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि यह बहुत जल्दी चालू होने वाली है और इसे लेकर तेजी के साथ काम चल रहा है. बता दें कि रेलवे मिनिस्ट्री (Ministry Of Railway) की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर (अब X) पर लगातार Bullet Train Project को लेकर युद्धस्तर पर जारी काम के बारे में अपडेट शेयर किया जाता रहता है. बीते दिनों ही एक पोस्ट में रेलवे की ओर से बताया गया था कि मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर (MAHSR Corridor) पर एक बड़े निरंतर सुरंग खंड का काम सफलता पूर्वक पूरा कर लिया गया है, जो उस 21 किलोमीटर की सुरंग का एक हिस्सा है, जिससे होकर मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन गुजरेगी.  अमृत भारत में  Vande Bharat के फीचर कार्यक्रम के दौरान रेल मंत्री ने कहा कि अमृत भारत ट्रेन (Amrit Bharat Train) नई चालू हुई है और अभी करीब 8 गाड़ियां ऐसी चलाई जा चुकी हैं. उन्होंने कहा कि अमृत भारत गाड़ी में वंदे भारत जैसे फीचर हैं, लेकिन ये एकदम कम किराये की गाड़ी, एकदम कम टिकट वाली ट्रेन है. उनके मुताबिक, पोरबंदर-राजकोट नई डेली ट्रेन जल्दी चालू होगी. राणावाव स्टेशन पर नई कोच मेंटिनेंस फैसिलिटी, सरदिया-वासजालिया नई लाइन, फिर भद्रकाली गेट, पोरबंदर शहर में नया फ्लाईओवर, भावनगर में 2 नए गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल और एक नया पोर्ट बनने वाला है.  वंदे भारत स्लीपर भी जल्द  इसके साथ ही अश्विनी वैष्णव ने कहा कि रेलवे का सेफ्टी पर बहुत फोकस है, साफ-सफाई पर विशेष ध्यान है. उन्होंने कहा कि Indian Railway का हर तरीके से विकास हो, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) का ऐसा प्रयास है. इसके साथ ही एक और बड़ा अपडेट जारी करते हुए उन्होंने बताया कि बहुत जल्द ही वंदे भारत स्लीपर (Vande Bharat Sleeper Train) भी आने वाली है.  11 साल में रेलवे में बड़ा परिवर्तन रेल मंत्री ने पीएम नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में भारतीय रेलवे में हुए बदलावों के बारे में बात करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का रेलवे के साथ एक भावनात्मक जुड़ाव है. उनका ध्यान हमेशा इस बात पर रहता है कि रेलवे को कैसे विकसित करें, कैसे नई टेक्नोलॉजी लाएं और इसका कैसे विस्तार करें. अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, बीते 11 वर्षों में रेलवे में बहुत नए काम चालू किए गए हैं और बड़ा परिवर्तन देखने को मिला है. फिलहाल, 1300 स्टेशनों का नवनिर्माण किया जा रहा है, जो आज की तारीख में दुनिया में स्टेशन के नवनिर्माण का सबसे बड़ा काम है. इसके अलावा 11 वर्षों में 34000 किमी नए रेलवे ट्रैक बनाए गए हैं, डेली करीब 12 किमी नए ट्रैक बनते हैं, जोकि इतिहास में कभी नहीं हुआ.

बुलेट ट्रेन कब होगी तैयार? रेल मंत्री ने दिया टाइमलाइन का अपडेट

नई दिल्ली रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को कहा कि वापी और साबरमती के बीच बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के गुजरात वाले हिस्से का काम दिसंबर, 2027 तक पूरा करने की योजना है और महाराष्ट्र से साबरमती सेक्शन तक पूरी परियोजना दिसंबर, 2029 तक पूरी होने की उम्मीद है। उन्होंने बुधवार को लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। वैष्णव ने बताया कि मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल (MAHSR) परियोजना (508 किलोमीटर) जापान से तकनीकी और वित्तीय सहायता के साथ निर्माणाधीन है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना गुजरात, महाराष्ट्र और दादरा एवं नगर हवेली से होकर गुजरेगी और इसके मुंबई, ठाणे, विरार, बोईसर, वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आणंद, अहमदाबाद और साबरमती में 12 स्टेशनों पर ठहराव की योजना है। गुजरात वाला हिस्सा दिसंबर, 2027 तक होगा पूरा वैष्णव ने बताया, ‘‘वापी और साबरमती के बीच कॉरिडोर का गुजरात वाला हिस्सा दिसंबर, 2027 तक पूरा होने की योजना है। पूरी परियोजना (महाराष्ट्र से साबरमती खंड) दिसंबर, 2029 तक पूरी होने की उम्मीद है।’’ प्रोजेक्ट की कुल अनुमानित लागत लगभग 1.08 लाख करोड़ रुपये मंत्री ने कहा कि परियोजना की कुल अनुमानित लागत लगभग 1,08,000 करोड़ रुपये है, जिसमें से जापान अंतरराष्ट्रीय सहयोग एजेंसी 81 प्रतिशत यानी 88,000 करोड़ रुपये का वित्तपोषण कर रही है और शेष 19 प्रतिशत यानी 20,000 करोड़ रुपये रेल मंत्रालय (50 प्रतिशत) और महाराष्ट्र (25 प्रतिशत) तथा गुजरात (25 प्रतिशत) सरकारों के अंशदान के माध्यम से वित्त पोषित किए जाएंगे।