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इजरायली पीएम नेतन्याहू ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित को स्वतंत्रता दिवस पर मुख्य अतिथि के रूप में बुलाया

 यरुशलम  दुबई से इजरायल जा रही 'फ्लाईदुबई' फ्लाइट में हुए जानलेवा हमले को अपनी बहादुरी और सूझबूझ से टालने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर की चारों तरफ तारीफ हो रही है। इस बहादुरी से प्रभावित होकर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित को 'दुनिया का हीरो' बताया है। साथ ही उन्हें और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इजरायल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मशाल जलाने के लिए आमंत्रित किया है। बता दें कि इससे पहले इजरायली पीएम ने शनिवार को अस्पताल में भर्ती 38 वर्षीय कैप्टन स्मित से फोन पर बात की और उनका हालचाल जाना। जानिए कॉकपिट की खौफनाक कहानी? बुधवार को फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 174 यात्रियों को लेकर इजरायल जा रही थी। विमान में ओमान का नागरिक हमम अल-हम्मामी को-पायलट के तौर पर मौजूद था। कैप्टन स्मित ने सुनाई पूरी कहानी कैप्टन स्मित ने नेतन्याहू को बातचीत के दौरान बताया कि हमले से ठीक पहले को-पायलट ने दुआ करने की इच्छा जताई थी। सम्मानस्वरूप कैप्टन स्मित ने सामने की तरफ देखना शुरू कर दिया और को-पायलट दुआ करने लगा। कैप्टन ने बताया कि करीब 4-5 मिनट बाद अचानक उनके सिर के पिछले हिस्से पर जोर का प्रहार हुआ। पहले कैप्टन को लगा कि विमान में कोई बहुत बड़ी तकनीकी खराबी आ गई है, लेकिन जब लगातार वार होने लगे तब उन्हें समझ आया कि हमला विमान पर नहीं, बल्कि कॉकपिट के अंदर उनके अपने साथी द्वारा किया जा रहा है। को-पायलट ने कॉकपिट में रखे इमरजेंसी 'क्रैश एक्स' से उन पर हमला किया था। कैप्टन स्मित ने दिखाया था गजब का संयम इस हमले के बीच भी कैप्टन स्मित ने गजब का संयम दिखाया। विमान का आपातकालीन सिग्नल एक्टिवेट किया गया और विमान ने 34,000 फीट की ऊंचाई से अचानक 17,000 फीट से ज्यादा की तेजी से नीचे उतरते हुए सऊदी अरब में इमरजेंसी लैंडिंग की। इस दौरान विमान का रडर भी क्षतिग्रस्त हो गया था, लेकिन यात्रियों की जान बच गई।  

कैप्टन स्मित मच्छर को मिलेगा ₹1 करोड़ का इनाम, फार्मा कंपनी ने कहा- ‘आप हमारे असली हीरो

नई दिल्ली देश की एक बड़ी दवा निर्माता कंपनी ने कैप्‍टन स्मित मच्‍छर को 10000000 रुपये का इनाम देने का ऐलान किया है. फर्मा कंपनी ने कैप्‍टन स्मित मच्‍छर को असली हीरो बताया है. फ्लाईदुबई की फ्लाइट 174 यात्रियों के साथ इजरायल जा रही थी. विमान जब ऊंचे आसमान में था, तब को-पायलट ने कैप्‍टन मच्‍छर पर जानलेवा हमला कर दिया. प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी को-पायलट 9/11 की तर्ज पर विमान को इजरायल में क्रैश कराना चाहता था. लेकिन आरोपी के मंसूबे के बीच भारतीय पायलट और विमान के कैप्‍टन स्मित मच्‍छर आ गए. जानलेवा हमला होने के बाद भी उन्‍होंने हिम्‍मत नहीं हारी और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया. इसके बाद विमान में सवार यात्रियों और क्रू-मेंबर के अन्‍य सदस्‍यों ने आरोपी को-पायलट को अपने कब्‍जे ले लिया।  फार्मा कंपनी मैनकाइंड ने कैप्‍टन स्मित मच्‍छर की बहादुरी को सलाम करते हुए एक करोड़ रुपये के इनाम का ऐलान किया है. कंपनी ने अपने बयान में कहा कि आप हमारे समय के असली हीरो हैं. कंपनी ने कहा, ‘आपने पूरी दुनिया के सामने जिस साहस, शौर्य और जिम्‍मेदारी का परिचय दिया है, उसे देखते हुए एक भारतीय के तौर पर हमें अत्‍यंत गर्व हो रहा है. यही वजह है कि मैनकाइंड फार्मा ने आपको और आपके परिवार को एक करोड़ रुपये का योगदान करने का फैसला लिया है।  पीएम मोदी ने खुद की बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्लाईदुबई के पायलट कैप्टन स्मित मच्छर से फोन पर बात कर उनके साहस और सूझबूझ की सराहना की. पीएम मोदी ने शुक्रवार को उनसे बातचीत के दौरान बताया कि देशभर में उनकी लंबी उम्र और जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना हो रही है. उन्होंने कहा कि कैप्टन स्मित ने गंभीर चोटों के बावजूद यात्रियों की जान बचाने के लिए जो फ़ैसला लिया, उस पर पूरे देश को गर्व है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘पूरा देश आपके लिए प्रार्थना कर रहा है. महामृत्युंजय का जाप सब जगह चल रहा है. आपकी हिम्मत, धैर्य और सूझबूझ ने इतने लोगों की जान बचाई. आपने दिखाया कि भारतीय जान लेने वाले नहीं, जान बचाने वाले लोग हैं।  जांच में चौंकाने वाले खुलासे यूएई की सरकारी समाचार एजेंसी डब्ल्यूएएम के मुताबिक़, संयुक्त अरब अमीरात के प्रॉसिक्युटर जनरल ने शनिवार को कहा कि फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 के को-पायलट ने उड़ान के दौरान आतंकवादी हमला करने की कोशिश की थी. प्रॉसिक्युटर जनरल ने कहा कि को-पायलट ने कॉकपिट के अंदर क्रैश ऐक्स से पायलट पर हमला किया और विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की कोशिश की. क्रैश ऐक्स आम तौर पर कॉकपिट में रखा जाता है और दुर्घटना जैसी आपात स्थितियों में इसका इस्तेमाल किया जाता है. उन्होंने कहा कि घटना की परिस्थितियों, हमले के मक़सद और इससे जुड़े किसी भी संबंध का पता लगाने के लिए जांच जारी है. इसके साथ ही फिजिकल और डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।