samacharsecretary.com

युद्ध के बीच ChatGPT पर नाराज़गी, 300% तक बढ़ा अनइंस्टॉलेशन रेट

वाशिंगटन अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान पर हमला कर रहे हैं और ईरान भी जवाबी कार्रवाई कर रहा है. इस दौरान अमेरिका AI कंपनियां भी चर्चा में हैं. इसमें Anthropic और OpenAI की काफी चर्चा की गई है. इस दौरान OpenAI ने जल्दबाजी में पेंटागन के साथ पार्टनरशिप कर ली लेकिन लोगों ने सोशल मीडिया पर कंपनी की काफी आलोचना की. इसके बाद ओपनएआई के चैटजीपीटी ऐप को लोगों ने अनइंस्टॉल करना शुरू किया, जिसका आंकड़ा 300 परसेंट तक पहुंच गया. इसके बाद OpenAI के सीईओ ने गलती को सुधारा। अमेरिकी AI कंपनी और चैटजीपीटी मेकर OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने माना है कि अमेरिका डिफेंस डिपार्टमेंट के साथ पार्टनरशिप करने में थोड़ा समय लेना चाहिए था. OpenAI ने पेंटागन के साथ शुरुआती डील ऐसे समय कि जब  Anthropic का कॉन्ट्रैक्सट खत्म हुआ. इसके बाद सोशल मीडिया पर ओपनएआई को विरोध का सामना करना पड़ा। ChatGPT ऐप किया अनइंस्टॉल  लोगों ने ओपनएआई का विरोध तो किया, साथ ही उसके ChatGPT ऐप को अनइंस्टॉल करना शुरू किया. सेंसर टावर के मुताबिक, 28 फरवरी को ChatGPT के अनइंस्टॉल दिन-प्रतिदिन के आधार पर 295% तक बढ़ चुके थे. वहीं दूसरी ओर Anthropic के Claude चैटबॉट के डाउनलोड्स की संख्या 51 परसेंट तक बढ़ी. साथ ही Claude अमेरिका में Apple App Store पर नंबर 1 स्थान तक पहुंच गया।  ऑल्टमैन ने किया X पर पोस्ट  सैम ऑल्टमैन ने X प्लेटफॉर्म (पुराना नाम Twitter) पर पोस्ट किया और बताया है कि ओपनएआई ने अब पेंटागन के साथ अपने कॉन्ट्रैक्ट को अपडेट कर दिया है. कंपनी अपने प्रिन्सिपल को क्लीयर कर दिया है।  उन्होंने आगे बताया है कि पेंटागन के साथ जल्दी करने का मकसद था कि अमेरिकी रक्षा विभाग और एआई इंडस्ट्री के बीच तनाव और न बढ़े. Anthropic का पेंटागन के साथ कॉन्ट्रैक्ट इसलिए खत्म हो गया था. ऑल्टमैन ने माना कि पूरी स्थिति अंत में मौकापरस्ती और अव्यवस्थित लगने लगी. ऑल्टमैन ने कहा कि वह इस अनुभव को भविष्य के फैसलों पर ध्यान रखेंगे। कैटी पेरी ने भी जताया विरोध  पॉप स्टार कैटी पेरी ने भी X प्लेटफॉर्म पर Claude के स्क्रीनशॉट के साथ दिल वाले इमोजी के साथ शेयर किया. कैटी पेरी के इस पोस्ट से पता चलता है कि वह पेंटागन की मांगों को ठुकराने वाले Anthropic के फैसले को सपोर्ट कर रही हैं।  ओपनएआई ने क्या बदलाव किए? सैम ऑल्टमैन ने एक इन्टरनल मेमो भी शेयर किया है. मेमो में बताया है कि ओपनएआई के सिस्टम का यूज अमेरिकी नागरिक पर बड़े पैमाने पर  घरेलू निगरानी में नहीं किया जा सकता है. यह प्रतिबंध अमेरिकी संविधान के National Security Act 1947 के चौथे संशोधन और FISA Act 1978 जैसे कानूनों पर बेस्ड है।    

ऑनलाइन स्कैम से डर खत्म! ChatGPT को बनाएं पर्सनल सिक्योरिटी गार्ड, जानें पूरा सेटअप तरीका

नई दिल्ली तमाम उपलब्ध AI चैटबॉट्स में ChatGPT का इस्तेमाल भारतीय सबसे ज्यादा करते हैं। हालांकि कम ही जानते हैं कि वे ChatGPT का इस्तेमाल अपने और फोन के सिक्योरिटी गार्ड के रूप में भी कर सकते हैं। बशर्ते इसके लिए जरूरी सेटअप करना आता हो। दरअसल आप ChatGPT में ही Malwarebytes के फीचर्स का फायदा उठा सकते हैं। ऐसे में यह बिना किसी एक्स्ट्रा ऐप के आपके फोन में मौजूद फर्जी लिंक और स्कैम मैसेज को खुद पहचानकर निकाल सकता है। दरअसल कुछ समय पहले ही ChatGPT ने कुछ ऐप्स का खुद में इंटीग्रेशन किया था। ऐसे में उन ऐप्स के फीचर्स का लाभ आप ChatGPT से ही उठा सकते थे। इसी की वजह से अब आप ChatGPT के जरिए किसी भी संदिग्ध मैसेज या स्पैम गतिविधि का पता लगा सकते हैं। क्या है Malwarebytes? Malwarebytes एक डिवाइस प्रोटेक्शन सॉफ्टवेयर है, जो कि 20 साल से पुराना ऐप है और इंफेक्टेड डिवाइसेज को क्लीन करने और यूजर्स को संभावित स्पैम से अलर्ट करने के मामले में सबसे भरोसेमंद समझा जाता है। इसका इस्तेमाल अब आप अलग से इसके ऐप या सॉफ्टवेयर को इंस्टॉल किए बिना ही, सीधा ChatGPT के जरिए कर सकते हैं। ChatGPT में Malwarebytes को कैसे सेटअप करें? ChatGPT में इस फीचर का इस्तेमाल करने के लिए आपको:     पहले ChatGPT अकाउंट में लॉग इन करें।     अब सेटिंग्स में ऐप्स पर टैप करें।     यहां ऐप स्टोर पर Malwarebytes को सर्च करें।     ऐप मिल जाए, तो Connect पर क्लिक करें।     इंटीग्रेट होने पर आप स्कैम और लिंक चेक रन कर सकते हैं। ChatGPT से कैसे स्कैन करवाएं फोन? ChatGPT से अपना फोन या कोई और डिवाइस स्कैन करवाने के लिए तीन तरीके अपना सकते हैं।     पहला तरीका: @malwarebytes लिखें और उसे निर्देश दें, जैसे कि @malwarebytes, is this email a scam?     दूसरा तरीका: ChatGPT में लिखें कि Malwarebytes, is this a scam? और इसके बाद उस टेक्स्ट, लिंक या फोन नंबर को पेस्ट कर दें, जिस पर आपको शक हो।     तीसरा तरीका: आप + बटन पर क्लिक करके ड्रॉप-डाउन मेन्यू से Malwarebytes को चुनकर स्कैन रन करें।

खौफनाक मामला: रैपिडो ड्राइवर ने किया रेप, AI ने ही पुलिस तक पहुंचाई सूचना

इंदौर   इंदौर शहर से डराने वाली खबर सामने आई है। रावजी बाजार थाना क्षेत्र में एक किशोरी के साथ दुष्कर्म मामले का खुलासा हुआ है। आरोप है कि एक रैपिडो चालक ने बातों के जाल में फंसाकर किशोरी को अपने कमरे पर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद पीड़ता ने सूझबूझ दिखाते हुए मोबाइल पर चैट जीपीटी के माध्यम से चाइल्ड हेल्पलाइन और थाने का नंबर निकाला और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी अंकित नागर (22) निवासी राजगढ़ को गिरफ्तार कर लिया है। बातों के जाल में फंसाया, फिर ले गया रूम पर रविवार को किशोरी सामान खरीदने निकली थी। रैपिडो चालक अंकित से उसकी बातचीत हुई। अंकित ने उसे झांसा दिया कि उसे भी अपने भांजे के लिए कपड़े खरीदने हैं। दोनों के साथ में खरीदारी करने के बाद किशोरी ने पैसे खत्म होने की बात कही तो आरोपी झांसे में लेकर उसे नेहरू नगर स्थित अपने कमरे पर ले गया। चैट जीपीटी से मांगी मदद वारदात के बाद आरोपी पीड़िता को उसके घर के बाहर छोड़कर फरार हो गया। हैरानी की बात यह है कि वहां से थाना कुछ कदम दूर है, लेकिन घबराहट में पीड़ता सीधे थाने नहीं गई। उसने अपने मोबाइल पर 'चैट जीपीटी' का उपयोग किया और चाइल्ड हेल्प लाइन के नंबर निकाले। सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई और किशोरी को समझा-बुझाकर थाने लाया गया। 8 दिन पहले ही शुरू किया था काम थाना प्रभारी के मुताबिक, आरोपी अंकित नागर (22) मूलत: राजगढ़ का रहने वाला है और इंदौर में पढ़ाई के साथ रैपिडो चलाता है। पूछताछ में बताया कि 8 दिन पहले ही उसने रैपिडो का काम शुरू किया है। अब रैपिडो कंपनी को नोटिस जारी किया है। जांच की जा रही है कि आरोपी का पुलिस वेरिफिकेशन करवाया गया था या नहीं। मामले में आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और बलात्कार की गंभीर धाराओं में एफआइआर दर्ज की है। बयानों के उलझन में जांच जारी शुरुआती पूछताछ में पीड़ता और आरोपी के बयानों में कुछ विरोधाभास भी सामने आए हैं। थाना प्रभारी के मुताबिक, घटनाक्रम की कडिय़ों को जोड़ा जा रहा है। महिला पुलिस की मौजूदगी में पीडि़ता के बयान दर्ज किए हैं, जिसमें उसने बलात्कार की पुष्टि की है। चूंकि मामला किशोरी से जुड़ा है, इसलिए पुलिस इसे अत्यंत संवेदनशीलता और गंभीरता से ले रही है।

ChatGPT का नया ट्रांसलेट फीचर लॉन्च: जरूरत के हिसाब से अनुवाद, गूगल ट्रांसलेशन को देगा टक्कर?

 नई दिल्ली OpenAI ने एक और नया टूल लॉन्‍च कर दिया है जो बहुत से लोगों के लिए बेहतर साबित हो सकता है। ChatGPT Translate नाम से आए टूल का मुख्‍य काम अनुवाद करना है, लेकिन इस टूल की सबसे खास बात है कि यह जरूरत देखकर अनुवाद करता है। उदाहरण के लिए आप किसी आर्टिकल को बिजनेस के लिए फॉर्मल ट्रांसलेट करवा सकते हैं जबकि बच्‍चों के लिए उसे और आसान भाषा में तैयार कराया जा सकता है। चैटजीपीटी ट्रांसलेट अभी लगभग 50 भाषाओं में अनुवाद कर सकता है। इसमें हिंदी समेत तमाम भारतीय भाषाएं शामिल हैं। गूगल ट्रांसलेट जैसा इंटरफेस चैटजीपीटी ट्रांसलेट का इंटरफेस, गूगल ट्रासंलेट जैसा ही है। इसमें दो बॉक्‍स हैं। एक बॉक्‍स में कंटेंट डालना होगा। दूसरे बॉक्‍स में आप भाषा का चुनाव करेंगे, जिसमें आपको ट्रांसलेशन चाहिए। वैसे तो चैटजीपीटी में पहले से ट्रांसलेशन की सुविधा मिल रही थी, लेकिन अब इसे एक अलग प्रोडक्‍ट के तौर पर ले आया गया है। यह वेबसाइट और मोबाइल दोनों पर काम करेगा। एनबीटी टेक ने जब इस टूल को टेस्‍ट किया तो यह वेब ब्राउजर पर काम कर रहा था। ओपनएआई ने इस टूल के बारे में ज्‍यादा जानकारी नहीं दी है। यह भी नहीं बताया है कि उसने इसमें कौन सा मॉडल इस्‍तेमाल किया है। इन भारतीय भाषाओं में सपोर्ट चैटजीपीटी ट्रांसलेट अभी हिंदी, मराठी, पंजाबी, गुजराती, तम‍िल, तेलेगु, ऊर्दू जैसी प्रमुख भारतीय भाषाओं को सपोर्ट कर रहा है। यानी यह लगभग सभी प्रमुख भारतीय भाषाओं में अनुवाद की सुविधा दे रहा है। ChatGPT ट्रांसलेट VS Google ट्रासंलेट ChatGPT ट्रांसलेट में टेक्‍स्‍ट, इमेज और वॉइस ट्रांसलेशन की सुविधा देने की बात कही गई है। हालांकि खबर लिखे जाने तक हमें इमेज ट्रांसलेशन काम करता हुआ नहीं दिखा। यह फीचर अगले कुछ दिनों में आ सकते हैं। अच्‍छी बात यह है कि ट्रांसलेशन को अपने मुताबिक बदला जा सकता है। गूगल ट्रांसलेशन में एक बार जो ट्रांसलेट हो जाता है, वह बदला नहीं जाता। चैटजीपीटी ट्रांसलेशन में आप एआई से यह कह सकते हैं कि उसे किस अंदाज में बदले। यह फीचर भविष्‍य की ओर इशारा करता है जिसका मुख्‍य मकसद किसी बात को सिर्फ अनुवाद की शक्‍ल में पेश ना करके उसे आसान और समझने वाली बातचीत में बदलना है।

ऐप स्टोर में ChatGPT: जानें कैसे बुक करें घर और ऑर्डर करें राशन

नई दिल्ली सैम ऑल्टमैन की कंपनी OpenAI ने ChatGPT के लिए अपना नया ऐप स्टोर लॉन्च किया है। अब यूजर्स चैट के दौरान ही Adobe, Canva और गूगल ड्राइव जैसे ऐप का सीधे इस्तेमाल कर सकेंगे। हाल ही में Adobe के फोटोशॉप और एक्रोबेट जैसे फीचर्स जोड़े थे, जिसके बाद ऐप डायरेक्टरी के लाइव होने की चर्चा शुरू हो गई थी। ऐप स्टोर का फायदा होगा कि आप चैट करते-करते सिर्फ जानकारी ही नहीं लेंगे, बल्कि ऐप के फंक्शन के साथ अपनी प्रोडक्टिविटी को और बढ़ा सकेंगे। कंपनी का कहना है कि अगर आपको घर की तलाश है तो अब आप चैट के दौरान ही अपार्टमेंट सर्च कर सकते हैं। अगर किराने का सामान ऑर्डर करना है तो बातचीत करते हुए सीधे ग्रॉसरी ऑर्डर की जा सकती है। वहीं, ऑफिस के काम के लिए किसी रफ आउटलाइन को सीधे स्लाइड डेक या प्रेजेंटेशन में बदला जा सकता है। इस ऐप स्टोर पर जो ऐप हैं, वह आपके मोबाइल या कंप्यूटर पर इंस्टॉल नहीं होंगे, बल्कि Connect बटन पर क्लिक करके उन्हें सिर्फ ऑथराइजेशन (अनुमति) देनी होगी। फिलहाल ऐप को फीचर्ड, लाइफस्टाइल और प्रोडक्टिविटी जैसे 3 हिस्सों में बांटा गया है। कैसे कर सकते हैं इस्तेमाल     वेब पर ChatGPT यूज करते हैं तो chatgpt.com/apps पर जाएं।     जिस ऐप को यूज करना चाहते हैं उससे Connect बटन दबाकर कनेक्ट करें।     अगर ChatGPT का मोबाइल ऐप चला रहे हैं तो ऐप के लेफ्ट साइडबार में प्रोफाइल के अंदर Apps का ऑप्शन दिखेगा।     यहां Browse Apps में जाकर अपने जरूरत के ऐप से कनेक्ट करें।     इसके बाद उस ऐप से Chat करने का ऑप्शन दिखने लगेगा। एक बार कनेक्ट होने के बाद चैटिंग बार में बस @ लगाकर ऐप का नाम लिखकर इस्तेमाल कर सकते हैं। पुराने फीचर्स में भी किया बदलाव OpenAI अब एक ऐसे फीचर पर भी काम कर रहा है जिससे बातचीत के हिसाब से ChatGPT खुद ही सही ऐप का सुझाव देगा। इसके साथ ही कंपनी ने पुराने कनेक्टर्स के नाम भी बदल दिए हैं। अब गूगल ड्राइव या ड्रॉपबॉक्स जैसे फीचर्स को Apps with file search या Apps with sync के नाम से जाना जाएगा। प्राइवेसी और डेटा का भी रखा ध्यान सुरक्षा के लिहाज से कंपनी ने स्पष्ट किया है कि ये ऐप ChatGPT के मेमोरी फीचर का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा, अगर सेटिंग्स में AI मॉडल को बेहतर बनाने वाला विकल्प चुना है, तो आपकी जानकारी का इस्तेमाल भविष्य के मॉडल्स को ट्रेनिंग देने के लिए भी किया जा सकता है।

AI ने किया धोखा! किम कार्दशियन लॉ एग्जाम में फेल, ChatGPT को ठहराया जिम्मेदार

AI (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस) का क्रेज समय-समय के साथ-साथ बढ़ता जा रहा है। ऑफिस के काम करने से लेकर पढ़ाई करने तक, कई कामों में यह काफी उपयोगी है। हालांकि, रियलिटी स्टार किम कार्दशियन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर एक ऐसा खुलासा किया है, जो लोगों को हैरान कर रहा है। उन्होंने बताया कि कैसे ChatGPT ने उन्हें लॉ की पढ़ाई के दौरान टेस्ट में फेल करवाया। किम कार्दशियन ने 'वैनिटी फेयर' के एक नए वीडियो में इसका खुलासा किया है। इस वीडियो में वे एक लाइ डिटेक्टर टेस्ट दे रही थीं। सिंगर और एक्ट्रेस टेयाना टेलर ने किम से AI के बारे में पूछा कि क्या वह इसे दोस्त मानती हैं? तो इसका जबाव देते हुए किम ने कहा कि नहीं। उन्होंने इसका कारण भी बताया। जानते हैं कि आखिर किम ने ऐसा क्यों कहा और किस तरह AI ने उन्हें टेस्ट में फेल कराया। लीगल सलाह के लिए चैटजीपीटी का करती हैं इस्तेमाल किम ने बताया है कि वह लीगल सलाह के लिए OpenAI के चैटबॉट ChatGPT का इस्तेमाल करती हैं। वह अकसर कानूनी सवालों की तस्वीरें खींचकर ChatGPT पर अपलोड करती हैं। हालांकि, इसके बाद भी चैटजीपीटी उनका भरोसेमंद स्टडी पार्टनर साबित नहीं हुआ। किम ने कहा कि वह हमेशा गलत होता है। इसकी वजह से वह बार-बार टेस्ट में फेल हुईं। उन्होंने यह भी बताया है कि फिर उन्हें गुस्सा आता है और वह उस पर चिल्लाकर कहती हैं कि तुमने मुझे फेल करवाया, तुमने ऐसा क्यों किया? चैटबॉट से करती हैं बहस, जैसे कोई इंसान हो किम ने मजाकिया अंदाज में बताया कि वह कभी-कभी चैटबॉट से ऐसे बहस करती हैं जैसे वह कोई इंसान हो। किम के अनुसार, चैटबॉट जवाब देता है और यह तुम्हें सिर्फ अपनी अंतरात्मा पर भरोसा करना सिखा रहा है। तुम्हें जवाब पहले से ही पता था। मालूम हो कि किम कार्दशियन और टेयाना टेलर दोनों अपने नए Hulu लीगल ड्रामा ऑल फेयर का प्रमोशन कर रही हैं, जिसका प्रीमियर इसी हफ्ते हुआ है। एआई लोगों को कहीं न कहीं कर रहा निराश किम के इस एक्सपीरियंस से पता चल रह है कि जनरेटिव AI टूल्स का इस्तेमाल करते समय लोगों को किस तरह की हंसी और निराशा दोनों का सामना करना पड़ता है। ChatGPT जैसे चैटबॉट भले ही बहुत समझदार लगें, लेकिन वे असल में दी गई जानकारी को समझते नहीं हैं।

यूज़र्स के लिए बड़ा बदलाव – ChatGPT से नहीं मिल पाएगी मेडिकल, वित्तीय या कानूनी सलाह

नई दिल्ली एआई चैटवाट अपने उपयोग कर्ताओं को मेडिकल, वित्तीय और कानून से संबंधित सलाह नहीं देगा।चैट जीपीटी की पेरेंट कंपनी ने मुकदमे बाजी और जिम्मेदारी से बचने के लिए,भारत के प्लेटफार्म पर यह कदम उठाया है। कंपनी का कहना है, यह कदम चैट जीपीटी का उपयोग करने वाले उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा और उनकी कानूनी जिम्मेदारी से बचने के लिए यह निर्णय लिया है। वर्तमान निर्णय के पश्चात अब चैटवाट मुकदमे से बचने के लिए कानूनी जानकारी, निवेश इत्यादि से संबंधित  तथा स्वास्थ्य से संबंधित दावों के बारे में सुझाव और सलाह की जिम्मेदारी नहीं लेगा। कंपनी को डर है,  जिस तरह की जानकारी चैट जीपीटी द्वारा दी जाती है।भारत में उस जानकारी को लेकर मुकदमेबाजी का शिकार होना पड़ सकता है। जिसके कारण कंपनी ने जिम्मेदारी से हटा लिया है। अब उपयोगकर्ता अपने स्तर पर निर्णय करेगा, उसे वह जानकारी सही लगती है, या गलत है। अब क्या बदल जाएगा? नए नियमों के बाद ChatGPT यूजर्स को दवाओं के नाम, उनकी मात्रा, मुकदमे की टेंपलेट, कानूनी रणनीति और निवेश से जुड़ी सलाह नहीं देगा. अब यह केवल जनरल प्रिंसिपल, बेसिक मैकेनिज्म की जानकारी और लोगों को डॉक्टर, वकीलों और वित्तीय सलाहकारों जैसे प्रोफेशनल्स से कंसल्टेशन करने की सलाह देगा.  29 अक्टूबर से ChatGPT ने इलाज, कानूनी मुद्दों और पैसों के बारे में सलाह देना बंद कर दिया है। यह बॉट अब आधिकारिक तौर पर एक एजुकेशनल टूलहै, न कि एक सलाहकार और नई शर्तें इसे स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं। नए नियमों के तहत, अब चैटजीपीटी न ही आप लोगों को दवा का नाम या खुराक का सुझाव देगा, न ही कानूनी रणनीति बनाने में मदद करेगा और न ही निवेश संबंधी खरीद और बिक्री की सलाह देगा। क्यों किया जा रहा है यह बदलाव? पिछले कुछ समय से कई ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जब लोग ChatGPT से मिली सलाह का पालन कर खुद को नुकसान पहुंचा चुके हैं. अगस्त में एक ऐसा ही मामला सामने आया था, जब एक 60 वर्षीय बुजुर्ग ने ChatGPT से सलाह लेकर नमक की जगह सोडियम ब्रोमाइड खाना शुरू कर दिया था. इससे उसे मानसिक समस्याएं होने लगीं, जिसके बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया. इसी तरह एक और मामले में अमेरिका के एक 37 वर्षीय व्यक्ति को खाना निगलने में समस्या हो रही थी. उसने ChatGPT से इस बारे में पूछा तो चैटबॉट ने बताया कि कैंसर के कारण ऐसा होना बहुत मुश्किल है. वह व्यक्ति इससे संतुष्ट हो गया और उसने समय पर डॉक्टर से संपर्क नहीं किया. बाद में जब कैंसर चौथी स्टेज पर पहुंच गया, तब जाकर वह डॉक्टर के पास पहुंचा.

बड़ी खबर! ChatGPT का महंगा प्लान अब फ्री में, आज से शुरू ऑफर — बचाएं ₹4788

आज से ChatGPT का प्रीमियम प्लान फ्री! यूज़र्स को मिलेगा ₹4788 की बचत का मौका बड़ी खबर! ChatGPT का महंगा प्लान अब फ्री में, आज से शुरू ऑफर — बचाएं ₹4788 ChatGPT यूज़र्स के लिए खुशखबरी — आज से फ्री मिलेगा पेड प्लान, जानें कैसे करें ₹4788 की सेविंग मुंबई  भारत में AI का यूज तेजी से बढ़ रहा है और अब कंपनियां इसमें और तेजी लाने का कोशिश कर रही हैं. ChatGPT मेकर OpenAI एक बड़ा ऐलान कर चुकी है. कंपनी ने बेंगलुरू में आयोजित एक इवेंट में बताया है कि 4 नवंबर यानी आज  से सभी को 399 रुपये का प्लान अब मुफ्त में एक्सेस करने को मिलेगा. सभी भारतीय यूजर्स को पूरे एक साल के लिए ये एक्सेस मुफ्त में मिलेगा. डेवडे एक्सचेंज इवेंट के दिन कंपनी बेंगलुरु में ये ऐलान कर चुकी है और बता चुकी कि सभी भारतीयों को पूरे एक साल तक ChatGPT GO का एक्सेस मुफ्त में मिलेगा. भारत चैटजीपीटी का दूसरा सबसे बड़ा बाजार है. फ्री में मिलेगा रहा है 17 हजार का परप्लेक्सिटी कंपनी का यह ऐलान ऐसे समय सामने आया है, जब कुछ सप्ताह पहले Perplexity AI का प्रो सब्सक्रिप्शन सभी एयरटेल यूजर्स को मुफ्त में मिलता है. इसके एनुअल प्लान की कीमत 17 हजार रुपये है.  ChatGPT GO इस साल की शुरुआत में हुआ लॉन्च  ChatGPT GO प्लान को कंपनी ने इस साल की शुरुआत में लॉन्च किया था और भारत में यह प्लान अगस्त में लॉन्च हुआ है. यह एक ऐसा प्लान है, जिसकी मदद से कंपनी अपने यूजर्स को कम कीमत में प्रीमियम फीचर्स का एक्सेस देना चाहती है.  ChatGPT GO के फीचर्स  ChatGPT GO प्लान के तहत सबसे एडवांस्ड AI मॉडल, GPT 5 का सपोर्ट, ज्यादा मैसेज लिमिट और डेली ज्यादा इमेज तैयार कर सकेंगे. साथ ही बड़ी पाइलों और इमेज को अपलोड कर सकेंगे और उनके कंटेंट की समरी को जनरेट कर सकेंगे.      एडवांस्ड मॉडल एक्सेस (GPT‑5) : चैटजीपीटी गो प्लान के तहत यूजर्स आसानी से एडवांस्ड मॉडल का एक्सेस कर सकेंगे. इसके तहत ट्रांसलेशन में बेहतर रिजल्ट नजर आएंगे.  साथ ही टेक्नोलॉजी या रिसर्च आदि में इसका यूज किया जा सकेगा.      मैसेज, इमेज और अपलोड लिमिट में होगा इजाफा : ChatGPT Go के प्लान के तहत यूजर्स को फ्री वर्जन की तुलना में करीब 10× अधिक मैसेज का एक्सेस करने को मिलता है. साथ ही वे ज्यादा मैसेज कर सकेंगे और ज्यादा इमेज अपलोड कर सकेंगे.  चैटजीपीटी के हेड निक टर्ली ने किया ऐलान    ओपन AI के वाइस प्रेसिडेंट और चैटजीपीटी के हेड निक टर्ली ने इवेंट के दौरान इस मुफ्त सर्विस का ऐलान किया था. साथ ही एडवांस्ड फीचर्स का एक्सेस सभी भारतीय यूजर्स को एक्सेस करने को मिलेगा. इसके लिए यूजर्स को चैटजीपीटी में लॉगइन करके एक्सेस करने होगा.  

OpenAI का नया कदम: ChatGPT में जोड़ा जाएगा ‘एडल्ट मोड’ फीचर

नई दिल्ली ChatGPT मेकर OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने अपने प्लेटफॉर्म की पॉलिसी में बड़े बदलाव का ऐलान कर दिया है. अब कुछ यूजर्स को एडल्ट कंटेंट तक का एक्सेस मिलेगा. हालांकि इसे कम उम्र के यूजर्स एक्सेस नहीं कर सकेंगे.  सैम ऑल्टमैन ने  पोस्ट करके कहा, दिसंबर में हम पूरी तरह से उम्र को लेकर नियम लागू करेंगे और एडल्ट यूजर्स को एडल्ट की तरह सर्विस का एक्सेस देंगे. इसके बाद वेरिफाइड एडल्ट्स को एडल्ट जैसे कंटेंट तक पहुंच दी जाएगी. हालांकि अभी तक कंपनी ने ये क्लियर नहीं किया गया है कि एडल्ट कंटेंट के एक्सेस के रूप में कौन-कौन सी परमिशन दी जाएंगी. बताते चलें कि यह बदलाव OpenAI के सबसे बड़े बदलावों में से एक है.  यूजर्स की जरूरत या राइवल्स का प्रेशर  दरअसल, मार्केट में Elon Musk का Grok AI और कई प्लेटफॉर्म यूजर्स को एडल्ट कंटेंट तक का एक्सेस दे रहे हैं, जिसको लेकर कई बार विवाद भी खड़ा हुआ है. इसके बावजूद उन कंपनियों ने अपनी पॉलिसी में कोई बदलाव नहीं किया. अब ऐसे में यह कहना मुश्किल है कि OpenAI यूजर्स को क्या वाकई इस मोड की जरूरत है या फिर कंपनी अपने राइवल्स से आगे निकलने के लिए ये एक्सेस दे रही है.  सैम ऑल्टमैन ने मौजूदा पॉलिसी को लेकर कही ये बात  सैम ऑल्टमैन ने बताया कि ChatGPT के मौजूदा वर्जन को ऐसे तैयार किया था, जिससे वह यूजर्स के मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान ना पहुंचाए. इसके लिए यूजर्स को कई तरह के कंटेंट से दूर रखा गया, जिसकी वजह से उन यूजर्स को भी नुकसान हुआ है जो मानसिक रूप से मजबूत हैं.  सैम ऑल्टमैन ने कहा कि अब हमारे पास नए टूल्स हैं, जिनकी मदद से हम कुछ मामलों में सुरक्षा को फॉलो करते हुए नियमों में ढील दे सकेंगे. यहां न्यू टूल्स से मतलब पैरेंटल कंट्रोल्स से हो सकता है. कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म  टीएनजर्स वर्जन के लिए अलग से पॉलिसी और फीचर्स को सीमित कर रहे हैं, जिसमें कुछ कंट्रोल्स उनके पैरेंट्स के पास होता है. अब चैटजीपीटी में भी पेरेंट्ल कंट्रोल जैसा एक्सेस दिया जा सकता है, हालांकि आने वाले दिनों में इसको लेकर और भी जानकारी सामने आएंगी.

AI से होगा भुगतान: ChatGPT में जल्द ही जुड़ने जा रहा है UPI और ई-कॉमर्स फीचर

ChatGPT का यूज अभी तक आपने अपने कुछ सवाल पूछने या फिर फोटो बनाने के लिए किया होगा। क्या आप जानते हैं कि आगे आने वाले समय में OpenAI के एआई चैटबॉट चैटजीपीटी के जरिए ई-कॉमर्स वेबसाइट पर पेमेंट भी किया जा सकेगा। जी हां, बता दें कि ओपनएआई, भारत की नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) और फिनटेक कंपनी रेजरपे ने एक साथ मिलकर एक पायलट प्रोग्राम शुरू किया है। इस पॉलेट प्रोग्रेम में चैटजीपीटी (ChatGPT) जैसे AI चैटबॉट से सीधे यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के जरिए पेमेंट किया जा सकेगा। यह भारत के रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम को AI चैटबॉट से जोड़ने का पहला बड़ा कदम है। ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2025 में NPCI की नई पहल इसके अलावा, ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2025 में NPCI ने कई नई पहलें पेश की हैं। इनमें AI बेस्ड UPI हेल्प भी शामिल है। NPCI ने UPI के जरिए IoT पेमेंट की भी घोषणा की। इसका मतलब है कि कार, वियरेबल डिवाइस और स्मार्ट टीवी जैसे कनेक्टेड डिवाइस से भी UPI पेमेंट हो सकेगा। एआई का क्षेत्र आगे चलकर कितना एडवांस होने वाला है, इसका पता इस खबर से चलता है। हर महीने होते हैं 20 अरब से ज्यादा ट्रांजैक्शन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि UPI भारत का सबसे बड़ा डिजिटल पेमेंट सिस्टम है। हर महीने 20 अरब से ज्यादा ट्रांजैक्शन इसके जरिए होते हैं। बता दें कि अभी यह सुविधा शुरुआती फेज में है। अगर यह पॉयल प्रोजेक्ट सफल होता है तो ऑनलाइन कॉमर्स में AI टूल्स का इस्तेमाल बढ़ सकता है। यह सर्विस सिर्फ कुछ चुनिंदा यूजर्स और प्लेटफॉर्म्स के लिए पायलट स्टेज में है। शुरू हो गया पायलट प्रोजेक्ट ChatGPT में UPI पेमेंट की सर्विस देने का मकसद चैट इंटरफेस के अंदर ही पूरी खरीदारी करने की सुविधा देना है। कंपनी ने यह घोषणा 9 अक्टूबर, 2025 को की है। कंपनियों ने एक ज्वाइंट स्टेटमेंट में बताया है कि इस पायलट प्रोग्राम में ओपनएआई यह देखेगा कि AI एजेंट कैसे UPI का इस्तेमाल करके सेफ, भरोसेमंद और यूजर कंट्रोल्ड तरीके से अपने आप ट्रांजैक्शन कर सकते हैं। अभी टेस्टिंग फेज में है सुविधा यह पहल अभी टेस्टिंग फेज में है और कंपनी अभी यह देखेगी कि AI पावर्ड पेमेंट को अलग-अलग सेक्टरों में कैसे बढ़ाया जा सकता है। चैटजीपीटी से ही ऑर्डर कर पाएंगे बिग बास्केट का सामान इस पायलट प्रोग्रेम के तहत यूजर्स चैटजीपीटी से सीधे बिगबास्केट से सामान ऑर्डर कर सकेंगे। फिलहाल, एक्सिस बैंक और एयरटेल पेमेंट्स बैंकिंग पार्टनर को इस पायलट प्रोग्राम में शामिल किया गया है। देखना है कि एडवांस्ड AI को UPI के साथ कैसे जोड़ सकते हैं ओपनएआई में इंटरनेशनल स्ट्रैटेजी के मैनेजिंग डायरेक्टर ओलिवर जे ने कहा है कि वे NPCI के साथ काम करने और यह पता लगाने के लिए उत्साहित हैं कि वे एडवांस्ड AI को UPI के साथ कैसे जोड़ सकते हैं। इससे हम आसान और सुरक्षित कॉमर्स के एक नए युग की शुरुआत कर सकते हैं।