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खौफनाक मामला: रैपिडो ड्राइवर ने किया रेप, AI ने ही पुलिस तक पहुंचाई सूचना

इंदौर   इंदौर शहर से डराने वाली खबर सामने आई है। रावजी बाजार थाना क्षेत्र में एक किशोरी के साथ दुष्कर्म मामले का खुलासा हुआ है। आरोप है कि एक रैपिडो चालक ने बातों के जाल में फंसाकर किशोरी को अपने कमरे पर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद पीड़ता ने सूझबूझ दिखाते हुए मोबाइल पर चैट जीपीटी के माध्यम से चाइल्ड हेल्पलाइन और थाने का नंबर निकाला और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी अंकित नागर (22) निवासी राजगढ़ को गिरफ्तार कर लिया है। बातों के जाल में फंसाया, फिर ले गया रूम पर रविवार को किशोरी सामान खरीदने निकली थी। रैपिडो चालक अंकित से उसकी बातचीत हुई। अंकित ने उसे झांसा दिया कि उसे भी अपने भांजे के लिए कपड़े खरीदने हैं। दोनों के साथ में खरीदारी करने के बाद किशोरी ने पैसे खत्म होने की बात कही तो आरोपी झांसे में लेकर उसे नेहरू नगर स्थित अपने कमरे पर ले गया। चैट जीपीटी से मांगी मदद वारदात के बाद आरोपी पीड़िता को उसके घर के बाहर छोड़कर फरार हो गया। हैरानी की बात यह है कि वहां से थाना कुछ कदम दूर है, लेकिन घबराहट में पीड़ता सीधे थाने नहीं गई। उसने अपने मोबाइल पर 'चैट जीपीटी' का उपयोग किया और चाइल्ड हेल्प लाइन के नंबर निकाले। सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई और किशोरी को समझा-बुझाकर थाने लाया गया। 8 दिन पहले ही शुरू किया था काम थाना प्रभारी के मुताबिक, आरोपी अंकित नागर (22) मूलत: राजगढ़ का रहने वाला है और इंदौर में पढ़ाई के साथ रैपिडो चलाता है। पूछताछ में बताया कि 8 दिन पहले ही उसने रैपिडो का काम शुरू किया है। अब रैपिडो कंपनी को नोटिस जारी किया है। जांच की जा रही है कि आरोपी का पुलिस वेरिफिकेशन करवाया गया था या नहीं। मामले में आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और बलात्कार की गंभीर धाराओं में एफआइआर दर्ज की है। बयानों के उलझन में जांच जारी शुरुआती पूछताछ में पीड़ता और आरोपी के बयानों में कुछ विरोधाभास भी सामने आए हैं। थाना प्रभारी के मुताबिक, घटनाक्रम की कडिय़ों को जोड़ा जा रहा है। महिला पुलिस की मौजूदगी में पीडि़ता के बयान दर्ज किए हैं, जिसमें उसने बलात्कार की पुष्टि की है। चूंकि मामला किशोरी से जुड़ा है, इसलिए पुलिस इसे अत्यंत संवेदनशीलता और गंभीरता से ले रही है।

ChatGPT का नया ट्रांसलेट फीचर लॉन्च: जरूरत के हिसाब से अनुवाद, गूगल ट्रांसलेशन को देगा टक्कर?

 नई दिल्ली OpenAI ने एक और नया टूल लॉन्‍च कर दिया है जो बहुत से लोगों के लिए बेहतर साबित हो सकता है। ChatGPT Translate नाम से आए टूल का मुख्‍य काम अनुवाद करना है, लेकिन इस टूल की सबसे खास बात है कि यह जरूरत देखकर अनुवाद करता है। उदाहरण के लिए आप किसी आर्टिकल को बिजनेस के लिए फॉर्मल ट्रांसलेट करवा सकते हैं जबकि बच्‍चों के लिए उसे और आसान भाषा में तैयार कराया जा सकता है। चैटजीपीटी ट्रांसलेट अभी लगभग 50 भाषाओं में अनुवाद कर सकता है। इसमें हिंदी समेत तमाम भारतीय भाषाएं शामिल हैं। गूगल ट्रांसलेट जैसा इंटरफेस चैटजीपीटी ट्रांसलेट का इंटरफेस, गूगल ट्रासंलेट जैसा ही है। इसमें दो बॉक्‍स हैं। एक बॉक्‍स में कंटेंट डालना होगा। दूसरे बॉक्‍स में आप भाषा का चुनाव करेंगे, जिसमें आपको ट्रांसलेशन चाहिए। वैसे तो चैटजीपीटी में पहले से ट्रांसलेशन की सुविधा मिल रही थी, लेकिन अब इसे एक अलग प्रोडक्‍ट के तौर पर ले आया गया है। यह वेबसाइट और मोबाइल दोनों पर काम करेगा। एनबीटी टेक ने जब इस टूल को टेस्‍ट किया तो यह वेब ब्राउजर पर काम कर रहा था। ओपनएआई ने इस टूल के बारे में ज्‍यादा जानकारी नहीं दी है। यह भी नहीं बताया है कि उसने इसमें कौन सा मॉडल इस्‍तेमाल किया है। इन भारतीय भाषाओं में सपोर्ट चैटजीपीटी ट्रांसलेट अभी हिंदी, मराठी, पंजाबी, गुजराती, तम‍िल, तेलेगु, ऊर्दू जैसी प्रमुख भारतीय भाषाओं को सपोर्ट कर रहा है। यानी यह लगभग सभी प्रमुख भारतीय भाषाओं में अनुवाद की सुविधा दे रहा है। ChatGPT ट्रांसलेट VS Google ट्रासंलेट ChatGPT ट्रांसलेट में टेक्‍स्‍ट, इमेज और वॉइस ट्रांसलेशन की सुविधा देने की बात कही गई है। हालांकि खबर लिखे जाने तक हमें इमेज ट्रांसलेशन काम करता हुआ नहीं दिखा। यह फीचर अगले कुछ दिनों में आ सकते हैं। अच्‍छी बात यह है कि ट्रांसलेशन को अपने मुताबिक बदला जा सकता है। गूगल ट्रांसलेशन में एक बार जो ट्रांसलेट हो जाता है, वह बदला नहीं जाता। चैटजीपीटी ट्रांसलेशन में आप एआई से यह कह सकते हैं कि उसे किस अंदाज में बदले। यह फीचर भविष्‍य की ओर इशारा करता है जिसका मुख्‍य मकसद किसी बात को सिर्फ अनुवाद की शक्‍ल में पेश ना करके उसे आसान और समझने वाली बातचीत में बदलना है।

ऐप स्टोर में ChatGPT: जानें कैसे बुक करें घर और ऑर्डर करें राशन

नई दिल्ली सैम ऑल्टमैन की कंपनी OpenAI ने ChatGPT के लिए अपना नया ऐप स्टोर लॉन्च किया है। अब यूजर्स चैट के दौरान ही Adobe, Canva और गूगल ड्राइव जैसे ऐप का सीधे इस्तेमाल कर सकेंगे। हाल ही में Adobe के फोटोशॉप और एक्रोबेट जैसे फीचर्स जोड़े थे, जिसके बाद ऐप डायरेक्टरी के लाइव होने की चर्चा शुरू हो गई थी। ऐप स्टोर का फायदा होगा कि आप चैट करते-करते सिर्फ जानकारी ही नहीं लेंगे, बल्कि ऐप के फंक्शन के साथ अपनी प्रोडक्टिविटी को और बढ़ा सकेंगे। कंपनी का कहना है कि अगर आपको घर की तलाश है तो अब आप चैट के दौरान ही अपार्टमेंट सर्च कर सकते हैं। अगर किराने का सामान ऑर्डर करना है तो बातचीत करते हुए सीधे ग्रॉसरी ऑर्डर की जा सकती है। वहीं, ऑफिस के काम के लिए किसी रफ आउटलाइन को सीधे स्लाइड डेक या प्रेजेंटेशन में बदला जा सकता है। इस ऐप स्टोर पर जो ऐप हैं, वह आपके मोबाइल या कंप्यूटर पर इंस्टॉल नहीं होंगे, बल्कि Connect बटन पर क्लिक करके उन्हें सिर्फ ऑथराइजेशन (अनुमति) देनी होगी। फिलहाल ऐप को फीचर्ड, लाइफस्टाइल और प्रोडक्टिविटी जैसे 3 हिस्सों में बांटा गया है। कैसे कर सकते हैं इस्तेमाल     वेब पर ChatGPT यूज करते हैं तो chatgpt.com/apps पर जाएं।     जिस ऐप को यूज करना चाहते हैं उससे Connect बटन दबाकर कनेक्ट करें।     अगर ChatGPT का मोबाइल ऐप चला रहे हैं तो ऐप के लेफ्ट साइडबार में प्रोफाइल के अंदर Apps का ऑप्शन दिखेगा।     यहां Browse Apps में जाकर अपने जरूरत के ऐप से कनेक्ट करें।     इसके बाद उस ऐप से Chat करने का ऑप्शन दिखने लगेगा। एक बार कनेक्ट होने के बाद चैटिंग बार में बस @ लगाकर ऐप का नाम लिखकर इस्तेमाल कर सकते हैं। पुराने फीचर्स में भी किया बदलाव OpenAI अब एक ऐसे फीचर पर भी काम कर रहा है जिससे बातचीत के हिसाब से ChatGPT खुद ही सही ऐप का सुझाव देगा। इसके साथ ही कंपनी ने पुराने कनेक्टर्स के नाम भी बदल दिए हैं। अब गूगल ड्राइव या ड्रॉपबॉक्स जैसे फीचर्स को Apps with file search या Apps with sync के नाम से जाना जाएगा। प्राइवेसी और डेटा का भी रखा ध्यान सुरक्षा के लिहाज से कंपनी ने स्पष्ट किया है कि ये ऐप ChatGPT के मेमोरी फीचर का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा, अगर सेटिंग्स में AI मॉडल को बेहतर बनाने वाला विकल्प चुना है, तो आपकी जानकारी का इस्तेमाल भविष्य के मॉडल्स को ट्रेनिंग देने के लिए भी किया जा सकता है।

AI ने किया धोखा! किम कार्दशियन लॉ एग्जाम में फेल, ChatGPT को ठहराया जिम्मेदार

AI (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस) का क्रेज समय-समय के साथ-साथ बढ़ता जा रहा है। ऑफिस के काम करने से लेकर पढ़ाई करने तक, कई कामों में यह काफी उपयोगी है। हालांकि, रियलिटी स्टार किम कार्दशियन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर एक ऐसा खुलासा किया है, जो लोगों को हैरान कर रहा है। उन्होंने बताया कि कैसे ChatGPT ने उन्हें लॉ की पढ़ाई के दौरान टेस्ट में फेल करवाया। किम कार्दशियन ने 'वैनिटी फेयर' के एक नए वीडियो में इसका खुलासा किया है। इस वीडियो में वे एक लाइ डिटेक्टर टेस्ट दे रही थीं। सिंगर और एक्ट्रेस टेयाना टेलर ने किम से AI के बारे में पूछा कि क्या वह इसे दोस्त मानती हैं? तो इसका जबाव देते हुए किम ने कहा कि नहीं। उन्होंने इसका कारण भी बताया। जानते हैं कि आखिर किम ने ऐसा क्यों कहा और किस तरह AI ने उन्हें टेस्ट में फेल कराया। लीगल सलाह के लिए चैटजीपीटी का करती हैं इस्तेमाल किम ने बताया है कि वह लीगल सलाह के लिए OpenAI के चैटबॉट ChatGPT का इस्तेमाल करती हैं। वह अकसर कानूनी सवालों की तस्वीरें खींचकर ChatGPT पर अपलोड करती हैं। हालांकि, इसके बाद भी चैटजीपीटी उनका भरोसेमंद स्टडी पार्टनर साबित नहीं हुआ। किम ने कहा कि वह हमेशा गलत होता है। इसकी वजह से वह बार-बार टेस्ट में फेल हुईं। उन्होंने यह भी बताया है कि फिर उन्हें गुस्सा आता है और वह उस पर चिल्लाकर कहती हैं कि तुमने मुझे फेल करवाया, तुमने ऐसा क्यों किया? चैटबॉट से करती हैं बहस, जैसे कोई इंसान हो किम ने मजाकिया अंदाज में बताया कि वह कभी-कभी चैटबॉट से ऐसे बहस करती हैं जैसे वह कोई इंसान हो। किम के अनुसार, चैटबॉट जवाब देता है और यह तुम्हें सिर्फ अपनी अंतरात्मा पर भरोसा करना सिखा रहा है। तुम्हें जवाब पहले से ही पता था। मालूम हो कि किम कार्दशियन और टेयाना टेलर दोनों अपने नए Hulu लीगल ड्रामा ऑल फेयर का प्रमोशन कर रही हैं, जिसका प्रीमियर इसी हफ्ते हुआ है। एआई लोगों को कहीं न कहीं कर रहा निराश किम के इस एक्सपीरियंस से पता चल रह है कि जनरेटिव AI टूल्स का इस्तेमाल करते समय लोगों को किस तरह की हंसी और निराशा दोनों का सामना करना पड़ता है। ChatGPT जैसे चैटबॉट भले ही बहुत समझदार लगें, लेकिन वे असल में दी गई जानकारी को समझते नहीं हैं।

यूज़र्स के लिए बड़ा बदलाव – ChatGPT से नहीं मिल पाएगी मेडिकल, वित्तीय या कानूनी सलाह

नई दिल्ली एआई चैटवाट अपने उपयोग कर्ताओं को मेडिकल, वित्तीय और कानून से संबंधित सलाह नहीं देगा।चैट जीपीटी की पेरेंट कंपनी ने मुकदमे बाजी और जिम्मेदारी से बचने के लिए,भारत के प्लेटफार्म पर यह कदम उठाया है। कंपनी का कहना है, यह कदम चैट जीपीटी का उपयोग करने वाले उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा और उनकी कानूनी जिम्मेदारी से बचने के लिए यह निर्णय लिया है। वर्तमान निर्णय के पश्चात अब चैटवाट मुकदमे से बचने के लिए कानूनी जानकारी, निवेश इत्यादि से संबंधित  तथा स्वास्थ्य से संबंधित दावों के बारे में सुझाव और सलाह की जिम्मेदारी नहीं लेगा। कंपनी को डर है,  जिस तरह की जानकारी चैट जीपीटी द्वारा दी जाती है।भारत में उस जानकारी को लेकर मुकदमेबाजी का शिकार होना पड़ सकता है। जिसके कारण कंपनी ने जिम्मेदारी से हटा लिया है। अब उपयोगकर्ता अपने स्तर पर निर्णय करेगा, उसे वह जानकारी सही लगती है, या गलत है। अब क्या बदल जाएगा? नए नियमों के बाद ChatGPT यूजर्स को दवाओं के नाम, उनकी मात्रा, मुकदमे की टेंपलेट, कानूनी रणनीति और निवेश से जुड़ी सलाह नहीं देगा. अब यह केवल जनरल प्रिंसिपल, बेसिक मैकेनिज्म की जानकारी और लोगों को डॉक्टर, वकीलों और वित्तीय सलाहकारों जैसे प्रोफेशनल्स से कंसल्टेशन करने की सलाह देगा.  29 अक्टूबर से ChatGPT ने इलाज, कानूनी मुद्दों और पैसों के बारे में सलाह देना बंद कर दिया है। यह बॉट अब आधिकारिक तौर पर एक एजुकेशनल टूलहै, न कि एक सलाहकार और नई शर्तें इसे स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं। नए नियमों के तहत, अब चैटजीपीटी न ही आप लोगों को दवा का नाम या खुराक का सुझाव देगा, न ही कानूनी रणनीति बनाने में मदद करेगा और न ही निवेश संबंधी खरीद और बिक्री की सलाह देगा। क्यों किया जा रहा है यह बदलाव? पिछले कुछ समय से कई ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जब लोग ChatGPT से मिली सलाह का पालन कर खुद को नुकसान पहुंचा चुके हैं. अगस्त में एक ऐसा ही मामला सामने आया था, जब एक 60 वर्षीय बुजुर्ग ने ChatGPT से सलाह लेकर नमक की जगह सोडियम ब्रोमाइड खाना शुरू कर दिया था. इससे उसे मानसिक समस्याएं होने लगीं, जिसके बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया. इसी तरह एक और मामले में अमेरिका के एक 37 वर्षीय व्यक्ति को खाना निगलने में समस्या हो रही थी. उसने ChatGPT से इस बारे में पूछा तो चैटबॉट ने बताया कि कैंसर के कारण ऐसा होना बहुत मुश्किल है. वह व्यक्ति इससे संतुष्ट हो गया और उसने समय पर डॉक्टर से संपर्क नहीं किया. बाद में जब कैंसर चौथी स्टेज पर पहुंच गया, तब जाकर वह डॉक्टर के पास पहुंचा.

बड़ी खबर! ChatGPT का महंगा प्लान अब फ्री में, आज से शुरू ऑफर — बचाएं ₹4788

आज से ChatGPT का प्रीमियम प्लान फ्री! यूज़र्स को मिलेगा ₹4788 की बचत का मौका बड़ी खबर! ChatGPT का महंगा प्लान अब फ्री में, आज से शुरू ऑफर — बचाएं ₹4788 ChatGPT यूज़र्स के लिए खुशखबरी — आज से फ्री मिलेगा पेड प्लान, जानें कैसे करें ₹4788 की सेविंग मुंबई  भारत में AI का यूज तेजी से बढ़ रहा है और अब कंपनियां इसमें और तेजी लाने का कोशिश कर रही हैं. ChatGPT मेकर OpenAI एक बड़ा ऐलान कर चुकी है. कंपनी ने बेंगलुरू में आयोजित एक इवेंट में बताया है कि 4 नवंबर यानी आज  से सभी को 399 रुपये का प्लान अब मुफ्त में एक्सेस करने को मिलेगा. सभी भारतीय यूजर्स को पूरे एक साल के लिए ये एक्सेस मुफ्त में मिलेगा. डेवडे एक्सचेंज इवेंट के दिन कंपनी बेंगलुरु में ये ऐलान कर चुकी है और बता चुकी कि सभी भारतीयों को पूरे एक साल तक ChatGPT GO का एक्सेस मुफ्त में मिलेगा. भारत चैटजीपीटी का दूसरा सबसे बड़ा बाजार है. फ्री में मिलेगा रहा है 17 हजार का परप्लेक्सिटी कंपनी का यह ऐलान ऐसे समय सामने आया है, जब कुछ सप्ताह पहले Perplexity AI का प्रो सब्सक्रिप्शन सभी एयरटेल यूजर्स को मुफ्त में मिलता है. इसके एनुअल प्लान की कीमत 17 हजार रुपये है.  ChatGPT GO इस साल की शुरुआत में हुआ लॉन्च  ChatGPT GO प्लान को कंपनी ने इस साल की शुरुआत में लॉन्च किया था और भारत में यह प्लान अगस्त में लॉन्च हुआ है. यह एक ऐसा प्लान है, जिसकी मदद से कंपनी अपने यूजर्स को कम कीमत में प्रीमियम फीचर्स का एक्सेस देना चाहती है.  ChatGPT GO के फीचर्स  ChatGPT GO प्लान के तहत सबसे एडवांस्ड AI मॉडल, GPT 5 का सपोर्ट, ज्यादा मैसेज लिमिट और डेली ज्यादा इमेज तैयार कर सकेंगे. साथ ही बड़ी पाइलों और इमेज को अपलोड कर सकेंगे और उनके कंटेंट की समरी को जनरेट कर सकेंगे.      एडवांस्ड मॉडल एक्सेस (GPT‑5) : चैटजीपीटी गो प्लान के तहत यूजर्स आसानी से एडवांस्ड मॉडल का एक्सेस कर सकेंगे. इसके तहत ट्रांसलेशन में बेहतर रिजल्ट नजर आएंगे.  साथ ही टेक्नोलॉजी या रिसर्च आदि में इसका यूज किया जा सकेगा.      मैसेज, इमेज और अपलोड लिमिट में होगा इजाफा : ChatGPT Go के प्लान के तहत यूजर्स को फ्री वर्जन की तुलना में करीब 10× अधिक मैसेज का एक्सेस करने को मिलता है. साथ ही वे ज्यादा मैसेज कर सकेंगे और ज्यादा इमेज अपलोड कर सकेंगे.  चैटजीपीटी के हेड निक टर्ली ने किया ऐलान    ओपन AI के वाइस प्रेसिडेंट और चैटजीपीटी के हेड निक टर्ली ने इवेंट के दौरान इस मुफ्त सर्विस का ऐलान किया था. साथ ही एडवांस्ड फीचर्स का एक्सेस सभी भारतीय यूजर्स को एक्सेस करने को मिलेगा. इसके लिए यूजर्स को चैटजीपीटी में लॉगइन करके एक्सेस करने होगा.  

OpenAI का नया कदम: ChatGPT में जोड़ा जाएगा ‘एडल्ट मोड’ फीचर

नई दिल्ली ChatGPT मेकर OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने अपने प्लेटफॉर्म की पॉलिसी में बड़े बदलाव का ऐलान कर दिया है. अब कुछ यूजर्स को एडल्ट कंटेंट तक का एक्सेस मिलेगा. हालांकि इसे कम उम्र के यूजर्स एक्सेस नहीं कर सकेंगे.  सैम ऑल्टमैन ने  पोस्ट करके कहा, दिसंबर में हम पूरी तरह से उम्र को लेकर नियम लागू करेंगे और एडल्ट यूजर्स को एडल्ट की तरह सर्विस का एक्सेस देंगे. इसके बाद वेरिफाइड एडल्ट्स को एडल्ट जैसे कंटेंट तक पहुंच दी जाएगी. हालांकि अभी तक कंपनी ने ये क्लियर नहीं किया गया है कि एडल्ट कंटेंट के एक्सेस के रूप में कौन-कौन सी परमिशन दी जाएंगी. बताते चलें कि यह बदलाव OpenAI के सबसे बड़े बदलावों में से एक है.  यूजर्स की जरूरत या राइवल्स का प्रेशर  दरअसल, मार्केट में Elon Musk का Grok AI और कई प्लेटफॉर्म यूजर्स को एडल्ट कंटेंट तक का एक्सेस दे रहे हैं, जिसको लेकर कई बार विवाद भी खड़ा हुआ है. इसके बावजूद उन कंपनियों ने अपनी पॉलिसी में कोई बदलाव नहीं किया. अब ऐसे में यह कहना मुश्किल है कि OpenAI यूजर्स को क्या वाकई इस मोड की जरूरत है या फिर कंपनी अपने राइवल्स से आगे निकलने के लिए ये एक्सेस दे रही है.  सैम ऑल्टमैन ने मौजूदा पॉलिसी को लेकर कही ये बात  सैम ऑल्टमैन ने बताया कि ChatGPT के मौजूदा वर्जन को ऐसे तैयार किया था, जिससे वह यूजर्स के मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान ना पहुंचाए. इसके लिए यूजर्स को कई तरह के कंटेंट से दूर रखा गया, जिसकी वजह से उन यूजर्स को भी नुकसान हुआ है जो मानसिक रूप से मजबूत हैं.  सैम ऑल्टमैन ने कहा कि अब हमारे पास नए टूल्स हैं, जिनकी मदद से हम कुछ मामलों में सुरक्षा को फॉलो करते हुए नियमों में ढील दे सकेंगे. यहां न्यू टूल्स से मतलब पैरेंटल कंट्रोल्स से हो सकता है. कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म  टीएनजर्स वर्जन के लिए अलग से पॉलिसी और फीचर्स को सीमित कर रहे हैं, जिसमें कुछ कंट्रोल्स उनके पैरेंट्स के पास होता है. अब चैटजीपीटी में भी पेरेंट्ल कंट्रोल जैसा एक्सेस दिया जा सकता है, हालांकि आने वाले दिनों में इसको लेकर और भी जानकारी सामने आएंगी.

AI से होगा भुगतान: ChatGPT में जल्द ही जुड़ने जा रहा है UPI और ई-कॉमर्स फीचर

ChatGPT का यूज अभी तक आपने अपने कुछ सवाल पूछने या फिर फोटो बनाने के लिए किया होगा। क्या आप जानते हैं कि आगे आने वाले समय में OpenAI के एआई चैटबॉट चैटजीपीटी के जरिए ई-कॉमर्स वेबसाइट पर पेमेंट भी किया जा सकेगा। जी हां, बता दें कि ओपनएआई, भारत की नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) और फिनटेक कंपनी रेजरपे ने एक साथ मिलकर एक पायलट प्रोग्राम शुरू किया है। इस पॉलेट प्रोग्रेम में चैटजीपीटी (ChatGPT) जैसे AI चैटबॉट से सीधे यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के जरिए पेमेंट किया जा सकेगा। यह भारत के रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम को AI चैटबॉट से जोड़ने का पहला बड़ा कदम है। ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2025 में NPCI की नई पहल इसके अलावा, ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2025 में NPCI ने कई नई पहलें पेश की हैं। इनमें AI बेस्ड UPI हेल्प भी शामिल है। NPCI ने UPI के जरिए IoT पेमेंट की भी घोषणा की। इसका मतलब है कि कार, वियरेबल डिवाइस और स्मार्ट टीवी जैसे कनेक्टेड डिवाइस से भी UPI पेमेंट हो सकेगा। एआई का क्षेत्र आगे चलकर कितना एडवांस होने वाला है, इसका पता इस खबर से चलता है। हर महीने होते हैं 20 अरब से ज्यादा ट्रांजैक्शन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि UPI भारत का सबसे बड़ा डिजिटल पेमेंट सिस्टम है। हर महीने 20 अरब से ज्यादा ट्रांजैक्शन इसके जरिए होते हैं। बता दें कि अभी यह सुविधा शुरुआती फेज में है। अगर यह पॉयल प्रोजेक्ट सफल होता है तो ऑनलाइन कॉमर्स में AI टूल्स का इस्तेमाल बढ़ सकता है। यह सर्विस सिर्फ कुछ चुनिंदा यूजर्स और प्लेटफॉर्म्स के लिए पायलट स्टेज में है। शुरू हो गया पायलट प्रोजेक्ट ChatGPT में UPI पेमेंट की सर्विस देने का मकसद चैट इंटरफेस के अंदर ही पूरी खरीदारी करने की सुविधा देना है। कंपनी ने यह घोषणा 9 अक्टूबर, 2025 को की है। कंपनियों ने एक ज्वाइंट स्टेटमेंट में बताया है कि इस पायलट प्रोग्राम में ओपनएआई यह देखेगा कि AI एजेंट कैसे UPI का इस्तेमाल करके सेफ, भरोसेमंद और यूजर कंट्रोल्ड तरीके से अपने आप ट्रांजैक्शन कर सकते हैं। अभी टेस्टिंग फेज में है सुविधा यह पहल अभी टेस्टिंग फेज में है और कंपनी अभी यह देखेगी कि AI पावर्ड पेमेंट को अलग-अलग सेक्टरों में कैसे बढ़ाया जा सकता है। चैटजीपीटी से ही ऑर्डर कर पाएंगे बिग बास्केट का सामान इस पायलट प्रोग्रेम के तहत यूजर्स चैटजीपीटी से सीधे बिगबास्केट से सामान ऑर्डर कर सकेंगे। फिलहाल, एक्सिस बैंक और एयरटेल पेमेंट्स बैंकिंग पार्टनर को इस पायलट प्रोग्राम में शामिल किया गया है। देखना है कि एडवांस्ड AI को UPI के साथ कैसे जोड़ सकते हैं ओपनएआई में इंटरनेशनल स्ट्रैटेजी के मैनेजिंग डायरेक्टर ओलिवर जे ने कहा है कि वे NPCI के साथ काम करने और यह पता लगाने के लिए उत्साहित हैं कि वे एडवांस्ड AI को UPI के साथ कैसे जोड़ सकते हैं। इससे हम आसान और सुरक्षित कॉमर्स के एक नए युग की शुरुआत कर सकते हैं।

OpenAI का नया कदम – Sora ऐप से प्रतिस्पर्धा में आएगा Instagram और TikTok

नई दिल्ली ChatGPT मेकर OpenAI ने हाल ही में Sora ऐप लॉन्च किया है. आपको बता दें कि Sora कंपनी के जेनेरेशन मॉडल का नाम है. कंपनी ने अब इसे स्टैंडअलोन ऐप के तौर पर पेश कर दिया है जिसे इंस्टाग्राम और टिकटॉक का राइवल माना जा रहा है.  Sora ऐप लॉन्च होने के कुछ समय के बाद ही ऐपल ऐप स्टोर पर तीन नंबर का ऐप बन गया है. हाल ही में कंपनी ने Sora 2 मॉडल भी लॉन्च किया है. ये कंपनी का अब तक का सबसे पावरफुल वीडियो जेनेरेट करने वाला मॉडल है.  TikTok जैसा शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म है Sora App  OpenAI ने Sora ऐप को शॉर्ट वीडियो के लिए ख़ास तौर पर डिज़ाइन किया है. यहां यूजर्स AI जेनेरेटेड वीडियोज शेयर कर पाएंगे. यानी यहां सिर्फ AI जेनेरेटेड कॉन्टेंट देखने को मिलेंगे. इसे डीपफेक वीडियोज भी कहा जा सकता है.  Sora App पर यूजर्स नैचुरल लैंग्वेज में प्रॉम्प्ट डाल कर शॉर्ट वीडियोज तैयार कर पाएंगे. इसके लिए यूजर्स को कैमरा या एडिटिंग स्किल्स की भी ज़रूरत नहीं है.  अमेरिकी ऐपल ऐप स्टोर पर TikTok और Instagram के बाद Sora ऐप आ चुका है. इस ऐप मे Cameos फीचर दिया गया है जो सबसे ज्यादा पॉपुलर हो रहा है. इसके ज़रिए यूजर्स Sora 2 यूज़ करते हुए AI वीडियोज जेनेरेट करा पाएंगे. यूजर्स अपनी वीडियो डाल कर भी उसे AI वीडियोज में ट्रांसफॉर्म कर पाएंगे.  Deepfake वीडियोज को किया जा रहा नॉर्मलाइज  कुछ साल पहले तक Deepfake वीडियोज जुर्म माने जाते थे, लेकिन AI वीडियो जेनेरेटर आ जाने के बाद से ये नॉर्मल हो गए हैं. यानी किसी की फोटो या वीडियो को लेकर आप कुछ भी करा सकते हैं. देखने में ये असली जैसा ही लगता है और कई बार लोग धोखा खा जाते हैं.  जेनेरेटिव AI आने के बाद से सोशल मीडिया पर AI जेनेरेटेड वीडियोज की भरमार है. AI वीडियोज पर व्यूज भी काफी आ रहे हैं और लोग इसे पसंद भी कर रहे हैं. शायद इसलिए ही OpenAI को लग रहा है कि AI जेनेरेटेड वीडियो प्लेटफॉर्म को सोशल मीडिया की शक्ल दे दी जाए. ठीक ऐसा ही कंपनी ने Sora App लॉन्च करके किया है.  मिसयूज़ का खतरा  Sora App पर आप किसी की भी तस्वीर या वीडियो लेकर जैसे चाहें वैसा बनवा सकते हैं. देखने में ये असली जैसा ही लगता है. क्योंकि इसमें Open AI का वीडियो जेनेरेशन मॉडल Sora 2 यूज़ हो रहा है जो असली जैसे दिखने वाले AI वीडियोज बना रहा है. यानी लोगों की तस्वीरें यहां मिसयूज़ भी की जा सकती हैं.  हालांकि कंपनी ने दावा किया है कि Sora App में सेफ्टी मेजर्स पर काम किया गया है. जैसे यहां सेक्सुअल कॉन्टेंट नहीं बनाए जा सकते हैं. वॉयलेंस से जुड़े प्रॉम्प्ट को भी ब्लॉक किया जाएगा. हालांकि रेस्ट्रिक्शन को भी लोग अलग तरह से प्रॉम्प्ट दे कर बाइपास कर ले रहे हैं.  Meta ने हाल ही में लॉन्च किया है Vibe  दरअसल Meta ने हाल ही में AI ऑनली फ़ीड लॉन्च किया है. इसे कंपनी ने Vibe का नाम दिया है. यहां भी यूजर्स को सिर्फ AI जेनेरेटेड शॉर्ट वीडियोज दिखेंगे. OpenAI का नया Sora ऐप Meta के Vibe को भी टक्कर देगा.  फ़िलहाल Sora App अमेरिका में इन्वाइट ऑनली है. यानी इसे इन्वाइट के ज़रिए ही यूज़ किया जा सकता है. भारत में फ़िलहाल ये ऐप लॉन्च नहीं हुआ है. मुमकिन है कंपनी इसकी टेस्टिंग कुछ समय तक अमेरिकी मार्केट में ही करेगी. इसके बाद इसे दूसरे देशों में लॉन्च किया जा सकता है.

ChatGPT चैट हिस्ट्री हटाने का आसान तरीका, प्राइवेसी रखें पूरी सुरक्षित

नई दिल्ली ChatGPT और Google Gemini जैसे AI टूल्स लोगों की लाइफ का पार्ट बनते जा रहे हैं. धीरे धीरे लोग अपने सर्च क्वेरीज के लिए गूगल सर्च के बजाए AI टूल्स की तरफ़ जा रहे हैं. जो सवाल आप गूगल से भी नहीं पूछते थे वो AI से पूछ रहे हैं.  सवाल पूछने का मतलब ये है कि आप उस AI टूल को अपनी पर्सनल डिटेल्स दे रहे हैं. बहरहाल, ये डिबेट तो चलती रहेगी कि आपका पर्सनल डेटा ChatGPT और Gemini जैसे टूल्स के पास कितना सेफ है. लेकिन अभी आपको ये बताता हूं कि आप चैट जीपीटी से चैट हिस्ट्री और डेटा कैसे क्लियर कर सकते हैं. डेटा सर्वर से डिलीट कैसे कराएं ये आपको बाद में बताएंगे.  किसी भी AI टूल से आप से आप कॉन्वर्सेशन स्टार्ट करते हैं तो एक लॉग बन जाता है. अमूमन ये लेफ्ट साइड में होता है. ChatGPT, Gemini और Grok जैसे टूल्स में लॉगइन करने के बाद होम पेज ओपन होता है और लेफ्ट साइड में एक पैनल खुलता है. यहां आपकी कॉन्वर्सेशन हिस्ट्री होती है.  कॉन्वर्सेशन हिस्ट्री डिलीट करने के लिए आपको थ्री डॉट को सेलेक्ट करना है. यहां पर रिनेम और डिलीट का ऑप्शन दिखेगा जहां से आप हिस्ट्री क्लियर कर सकते हैं.  ChatGPT से ऐसे करें हिस्ट्री डिलीट  — स्मार्टफ़ोन पर ChatGPT ओपन करें और मेन्यू आइकॉन पर टैप करें.  — यहां सबसे नीचे आपको अपना प्रोफ़ाइल आइकॉन दिखेगा यानी आपका नाम — यहां टैप करना है.  — एक लिस्ट खुलेगी जहां Data Controls दिखेगा. इस मेन्यू में जा कर आप Clear Chat History सेलेक्ट कर सकते हैं.  Chat Export कैसे करें? ChatGPT आपको अपने चैट्स को एक्सपोर्ट करने का भी ऑप्शन देता है. डेटा कंट्रोल्स ऑप्शन में ही आपको और भी कई ऑप्शन्स दिखेंगे. यहां बॉटम में Export Data का ऑप्शन मिलता है. Export Data कन्फर्म करते ही आपकी पूरी चैट जीपीटी की हिस्ट्री आपकी ईमेल आईडी पर एक्सपोर्ट हो जाएगी.   इसी तरह ChatGPT की वेबसाइट पर लॉगइन करके भी आप अपनी चैट हिस्ट्री डिलीट कर सकते हैं. लॉगइन के बाद सेटिंग्स में जाना है Data Controls सर्च करें. यहां आपको डिलीट ऑल चैट्स का ऑप्शन दिखेगा जिसे सेलेक्ट करके ChatGPT से अपनी चैट हिस्ट्री डिलीट कर सकते हैं.