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मध्यप्रदेश की धरती पर स्वागत है निवेशकों का : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

कम्पनी मध्यप्रदेश में करेगी 950 करोड़ रूपए का निवेश पदाधिकारियों ने कहा – हम सरकार की निवेश प्रोत्साहन योजना का लेंगे भरपूर लाभ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की पुण्यधरा पर सभी निवेशकों का हृदय से स्वागत है। निवेशकों को सरकार अपनी योजनाओं का लाभ देने के साथ इकाई या कारखाना स्थापित करने में सहयोग भी करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में निवेशकों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह के नेतृत्व में टोपान स्पेशलिटी फिल्म्स प्राईवेट लिमिटेड कम्पनी (जापानी समूह द्वारा अधिगृहित) के भारतीय एवं जापानी पदाधिकारियों ने सौजन्य भेंट की। इस कंपनी का मुख्यालय जापान एवं पंजाब में है। यह समूह करीब 950 करोड़ रुपए की लागत से धार जिले के पीथमपुर के औद्योगिक प्रक्षेत्र के सेक्टर-7 में करीब 71,200 टन सालाना क्षमता की बीओपीपी एवं सीपीटी फिल्म निर्माण इकाई स्थापित करना चाहता है। यह शत-प्रतिशत विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) के रूप में होगा। इसी सिलसिले में निवेश की अग्रिम कार्यवाही के संबंध में मुख्यमंत्री डॉ. यादव से कम्पनी पदाधिकारियों द्वारा विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर कम्पनी के सीएफओ एवं होल टाईम डायरेक्टर श्री अमित जैन, कमर्शियल हेड श्री रितेश तिरखा, मैनेजिंग एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्री हिरोशी सुजुकी, जनरल मैनेजर श्री तासुकु सेना, सेक्टर स्टाफ श्री तोमोहिरो कोमा एवं टेक्निकल एडवाईजर श्री तोशीयुकी माकी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मध्यप्रदेश में निवेश की अपनी प्रतिबद्धता दर्शाते हुए पदाधिकारियों ने बताया कि कम्पनी द्वारा मध्यप्रदेश पहली बार निवेश किया जा रहा है। कम्पनी मध्यप्रदेश की निवेश प्रोत्साहन योजना के अन्तर्गत उपलब्ध निवेश प्रोत्साहन को अधिक से अधिक प्राप्त करना चाहती है। कम्पनी पदाधिकारियों ने बताया कि वर्ष 1988 में टोपान समूह की स्थापना एक भारतीय कंपनी के रूप में हुई थी, जिसे आगे चलकर जापानी समूह द्वारा अधिग्रहित किया गया। कंपनी मुख्य रूप से पैकेजिंग फिल्म, लेबल फिल्म, ग्राफिक लेमिनेशन फिल्म के निर्माण का कार्य करती है। इकाई की पंजाब स्थित विनिर्माण इकाई लगभग 45 एकड़ में स्थापित है। इस समूह का वैश्विक टर्नओवर एक लाख 25 हजार करोड़ रूपये (14 बिलियन यू.एस. डॉलर) है। समूह का भारत में टर्नओवर 1500 करोड़ रूपये है। कम्पनी का भारत में सिंगल लोकेशन प्लान्ट पंजाब में है। मध्यप्रदेश में इकाई की स्थापना के लिए औद्योगिक प्रक्षेत्र पीथमपुर सेक्टर-7 में 14 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई है, जिसका प्राथमिक अवलोकन इकाई के प्रतिनिधियों द्वारा किया जा चुका है।  

कृषि मंत्री कंषाना बोले— मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों के हित और कल्याण के लिए पूरी तरह संकल्पित

मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसान हित और उनके कल्याण के लिए संकल्पित : कृषि मंत्री श्री कंषाना भावांतर योजना में 8 नवंबर को 4033 रुपए प्रति क्विंटल मॉडल रेट जारी भोपाल  किसान कल्याण और कृषि विकास मंत्रीएदल सिंह कंषाना ने कहा है कि  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव किसान हित और उनके कल्याण के लिए संकल्पित है। उन्होंने प्रदेश के अन्नदाताओं की सोयाबीन उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का पूर्ण लाभ दिलाने के लिए भावांतर योजना लागू की है। साथ ही किसान हितैषी अनेक योजनाएं भी संचालित की जा रही हैं। किसानों को किसी तरह का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। कृषि मंत्री  कंषाना ने कहा कि भावांतर योजना 2025 अंतर्गत  सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए 8 नवंबर को 4033 रुपए प्रति क्विंटल  का मॉडल रेट जारी किया गया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए जारी किया गया है, जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। उक्त मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी। भावान्तर योजना को लेकर किसानों में उत्साह कृषि मंत्री  कंषाना ने कहा कि भावान्तर योजना को लेकर किसानों में भारी उत्साह मंडियों में देखा जा रहा है। योजनांतर्गत 9 लाख 36 हजार 352 कृषकों द्वारा पंजीयन कराया गया है। योजना प्रारंभ से प्रदेश की 243 मंडियो एवं उप मंडियो में 1 लाख 44 हजार 180 किसानों द्वारा 24 लाख 67 हजार 100 क्विंटल सोयाबीन विक्रय किया गया। भावान्तर योजना अंतर्गत सर्वाधिक सोयाबीन की आवक कृषि उपज मंडी समिति गंजबासौदा, देवास, उज्जैन, इंदौर तथा आगर में रही। समस्त मंडियों में विपणन की कार्यवाही सुचारू रूप से संपादित की जा रही है। किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री  एदल सिंह कंषाना ने कहा कि राज्य सरकार किसान हितैषी है। प्रदेश के अन्नदाताओं को उपज के न्यूनतम समर्थन मूल्य का पूरा लाभ दिलाने के लिए सोयाबीन उत्पादक किसानों को अतिरिक्त 1300 रूपए प्रति क्विंटल दिए जाएंगे। आगामी 13 नवंबर को सोयाबीन उत्पादक किसानों को इसका लाभ वितरित किया जाएगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में कल्याणकारी योजनाओं और विकासमूलक कार्यक्रमों का क्रियान्वयन करते हुए राज्य सरकार सशक्त भारत-सशक्त मध्यप्रदेश के पथ पर अग्रसर है। 

भोपाल में शुरू होगा ड्रोन तकनीक एक्सपो-2025, मुख्यमंत्री डॉ. यादव देंगे स्टार्टअप्स को नई उड़ान

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् के मुख्य सभागृह में "ड्रोन तकनीक कार्यशाला एवं एक्सपो-2025” का 11:45 बजे शुभारंभ करेंगे। कार्यशाला का आयोजन मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद्, मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम एवं आई. आई. टी, इंदौर द्वारा किया जा रहा है। मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित यह दो दिवसीय कार्यशाला एवं एक्सपो राज्य में ड्रोन तकनीक के विकास, उपयोग और नवाचारको को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। ड्रोन टेक वर्कशॉप एवं एक्सपो-2025 का मुख्य उद्देश्य राज्य में ड्रोन तकनीक की समझ, उपयोगिता और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देना है। कार्यशाला से युवाओं, शोधकर्ताओं, स्टार्टअप्स, उद्योगों और नीति निर्माताओं को एक साझा मंच मिलेगा जिससे ड्रोन तकनीक के व्यावहारिक, सामाजिक और औद्योगिक उपयोग को बढ़ावा दिया जा सकेगा। कार्यक्रम में ड्रोन प्रदर्शनी एवं हैंड्स ऑन वर्कशॉप आयोजित की जाएगी। एक्सपो में राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय विशेषज्ञों के प्रेरक व्याख्यान, ड्रोन उड़ान के लाइव डेमो एवं टेक्निकल शोकेस, इनोवेशन चैलेंज एवं प्रतियोगिताएँ,सहभागी संस्थाओं, विद्यार्थियों को डिजिटल सहभागिता प्रमाण पत्र वितरण किया जायेगा। कार्यशाला में विज्ञान एवं प्रौद्योगिक के अपर मुख्य सचिव श्री संजय दुबे, मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार श्रीराम तिवारी, स्कूल ऑफ प्लानिंग एण्ड आर्किटेक्चर के निदेशक डॉ. कैलासा राव, म.प्र. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी उपस्थित रहेंगे।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- विकास के हर क्षेत्र आगे बढ़ रहा जनजातीय समुदाय

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार जनजातीय समुदाय की समृद्धि के लिए संकल्पित है। सरकार के रणनीतिक प्रयासों से विकास के हर क्षेत्र में जनजातीय समुदाय आगे बढ़ रहा है। जनजातीय कल्याण की योजनाओं के लिए बजट बढ़ाकर 47 हजार 295 करोड़ किया गया है जो पिछले वर्ष से 6,491 करोड़ रूपये ज्यादा है। सरकार के सतत् प्रयासों से मध्यप्रदेश आज जनजातीय कल्याण के क्षेत्र में देश का अग्रणी प्रदेश बनकर उभर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय समुदायों को आर्थिक विकास के भरपूर अवसर दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 'सबका साथ-सबका विकास' दर्शन अपनाते हुए जनजातीय समुदायों योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विशेष रूप से पिछ़डी और कमजोर जनजातियों (पीवीटीजी) के समग्र विकास और कल्याण के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने कई ऐतिहासिक प्रयास और नवाचार किए हैं। जनजातीय समुदाय के जीवन स्तर को गुणवत्तापूर्ण बनाने और देशज संस्कृति को संरक्षित रखने के लिए समर्पित प्रयास किए गए हैं। परिणामस्वरूप जनजातीय समुदाय को न केवल अपने अधिकार मिले हैं, बल्कि संस्कृति की भी रक्षा हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षा के लोकव्यापीकरण के जरिए जनजातीय युवाओं को चयन प्रतिस्पर्धाओं में भाग लेने के अवसर दिए जा रहे हैं। उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए आजीविका के नए-नए विकल्प और जरूरी साधन भी दिए जा रहे हैं। आदि संस्कृति को आजीविका से जोड़ने की पहल की गई है। जनजातीय समुदायों के जन, जल, जंगल, जमीन और वन्यप्राणियों की नैसर्गिक सुरक्षा के अधिकार से लेकर वन अधिकार पत्र और इनकी आजीविका, शिक्षा, स्वास्थ्य, सांस्कृतिक संरक्षण के लिए भी सरकार ने व्यापक दृष्टिकोण अपनाया है। पेसा नियमों से सशक्त हुई ग्राम सभाएं मध्यप्रदेश में पेसा नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन से जनजातीय ग्राम सभाओं को अपने जैविक संसाधनों, भूमि, जल, वन और पारम्परिक व्यवस्थाओं पर अधिकार प्राप्त हुए हैं। अब ग्राम सभाएं विकास योजनाओं में निर्णायक भूमिका निभा रही हैं, जिससे जनजातीय अंचलों में स्वशासन की दिशा में एक सशक्त आधार स्थापित हुआ है। वे अपने गांवों की विकास योजनाएं खुद बना रही हैं। तेंदूपत्ता संग्राहकों का बढ़ा पारिश्रमिक जनजातीय समुदाय की आजीविका से जुड़े लाखों तेंदूपत्ता संग्राहकों का पारिश्रमिक बढ़ाकर अब 4,000 रुपये प्रति मानक बोरी कर दिया गया है। इस निर्णय से संग्राहकों की आय बढ़ी है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है। तेंदू पत्ता व्यापार बढ़ने से उन्हें लाभ हुआ है। ‘पीएम जनमन’ और ‘धरती आबा’ योजनाओं से विकास को गति प्रदेश में प्रधानमंत्री जन-मन एवं धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष जैसी योजनाओं के अंतर्गत 68 करोड़ 30 लाख रुपये से अधिक लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया है। साथ ही, जनजातीय अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ कराने के लिये 21 जिलों में 66 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स (एमएमयू) प्रारंभ की गई हैं। सिकलसेल उन्मूलन मिशन का विस्तार मध्यप्रदेश में सिकलसेल हीमोग्लोबिनोपैथी मिशन सभी 89 जनजातीय विकासखंडों में लागू किया गया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कर-कमलों से प्रदेश में हाल ही में एक करोड़वां सिकल सेल स्क्रीनिंग एवं काउंसिलिंग कार्ड वितरण का ऐतिहासिक क्षण भी दर्ज हुआ है। शिक्षा एवं छात्रवृत्ति में उल्लेखनीय कार्य जनजातीय वर्ग के सभी विद्यार्थियों की शिक्षा के प्रोत्साहन के लिए इन्हें छात्रवृत्ति देने की अवधि साल में 10 माह से बढ़ाकर अब पूरे 12 माह कर दी गई है। उनके छात्रावासों को सुविधा संपन्न बनाया गया है।जनजातीय वीर नायकों की शौर्य कथाएं और गौरवगाथाएं स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल की गई हैं। भगवान बिरसा मुंडा जी की जीवनी अब विद्यालयीन शिक्षा के पाठ्यक्रम का हिस्सा बनेगी। प्रदेश के सभी जनजातीय कन्या आवासीय शिक्षा परिसरों को अब ‘माता शबरी कन्या शिक्षा परिसर’ नाम दिया गया है। यह जनजातियों को सम्मान देने का एक अनूठा उदाहरण है। आंगनवाड़ी भवन निर्माण में म.प्र. अव्वल ‘पीएम जन-मन कार्यक्रम’ अंतर्गत आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण में मध्यप्रदेश देश में पहले स्थान पर रहा है। इस योजना से विशेष पिछड़ी जनजातियों (बैगा, भारिया, सहरिया) को अत्यधिक लाभ मिला है। इससे पीवीटीजी परिवारों, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण और प्रारंभिक शिक्षा में उत्तरोत्तर सुधार देखा जा रहा है। सांस्कृतिक गौरव की पुनर्स्थापना राज्य सरकार द्वारा जनजातीय गौरव और पहचान को सम्मान देने के लिए अलीराजपुर जिले का नाम परिवर्तित कर अब ‘आलीराजपुर’ कर दिया गया है। यह निर्णय जनजातीय वर्ग की अस्मिता के सम्मान और इनके सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक है।  

महिला सशक्तिकरण की मिसाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश बना राष्ट्रीय मॉडल

नारी शक्ति से आत्मनिर्भर भारत का संकल्प साकार कर रहा है मध्यप्रदेश गांव से लेकर ग्लोबल मंच तक उभर रहीं महिलाएं भोपाल  जब किसी राज्य का नेतृत्व केवल योजनाएं नहीं बनाता, बल्कि स्वयं जनभावनाओं के साथ जुड़कर उन्हें सशक्त करता है, तब एक नई क्रांति जन्म लेती है। मध्यप्रदेश में महिला सशक्तिकरण की यही क्रांति मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में आकार ले रही है। एक ओर जहां राज्य की महिलाएं आर्थिक, सामाजिक और डिजिटल रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं, वहीं दूसरी ओर मध्यप्रदेश पूरे देश के लिए “महिला सशक्तिकरण मॉडल” के रूप में उभर कर सामने आया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का स्पष्ट मानना है कि जब तक नारी सक्षम नहीं होगी, समाज समृद्ध नहीं हो सकता। यही सोच आज प्रदेश की नीतियों, योजनाओं और जमीनी बदलावों में साफ नजर आती है। उन्होंने ग्रामीण स्व-सहायता समूहों से लेकर शहरी महिला उद्यमिता, सुरक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा तक, बहुआयामी हस्तक्षेपों के जरिए महिलाओं को सशक्त बनाने की मजबूत आधारशिला रखी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की नेतृत्व क्षमता, दूरदर्शी सोच और समाज के हर वर्ग को जोड़ने की रणनीति ने यह सिद्ध कर दिया है कि अगर संकल्प मजबूत हो, तो परिवर्तन संभव है। आज मध्यप्रदेश की महिलाएं घरेलू भूमिकाओं से निकलकर उद्यम, प्रशासन, शिक्षा, और नवाचार के हर क्षेत्र में आगे आ रही हैं। ‘लाड़ली बहना’ से आत्मनिर्भरता की ओर कदम मध्यप्रदेश में ‘लाड़ली बहना योजना’ सबसे प्रभावशाली पहल बन चुकी है। इस योजना के तहत अब तक 1.26 करोड़ महिलाओं को प्रतिमाह 1551.86 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे उनके खातों में ट्रांसफर की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लाड़ली बहनों को भाई दूज से 1500 रुपये की राशि देने का निर्णय लिया है। अब तक 43 हज़ार 376 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है, जिससे महिलाएं आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने के साथ-साथ डिजिटल लेन-देन में दक्ष बन रही हैं। ‘लखपति दीदी’ से बदली गांव की तस्वीर मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा शुरू की गई ‘लखपति दीदी योजना’ के अंतर्गत प्रदेश की 1 लाख से अधिक महिलाएं प्रति वर्ष ₹1 लाख से अधिक की आय अर्जित कर रही हैं। लक्ष्य है कि 5 लाख से अधिक स्व-सहायता समूहों के माध्यम से 62 लाख महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाए। ये महिलाएं अब लघु उद्योग, कृषि, हस्तशिल्प और सेवा क्षेत्र में नए अवसर सृजित कर रही हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता में महिला केंद्रित योजनाएं राज्य की लोकप्रिय ‘लाड़ली लक्ष्मी योजना’ के तहत 2024-25 में 2.73 लाख बालिकाओं का पंजीकरण किया गया और 223 करोड़ रुपये की छात्रवृत्तियाँ वितरित की गईं। अब तक इस योजना से 50 लाख से अधिक बेटियाँ लाभान्वित हो चुकी हैं।  स्वच्छता क्षेत्र में, किशोरियों के लिए 19 लाख से अधिक सैनिटेशन किट्स वितरित की गईं और 57 करोड़ रुपये की सहायता दी गई, जिसे यूनिसेफ ने भी सराहा है। महिला सुरक्षा बनी प्राथमिकता राज्य में महिला हेल्पलाइन 181, 112 आपात सेवा, महिला पुलिस थाने, साइबर हेल्पलाइन, और महिला आरक्षी भर्ती जैसे कदमों ने महिला सुरक्षा की दिशा में ठोस बदलाव लाए हैं। अब तक 1.5 लाख से अधिक महिलाओं को समय पर सहायता प्रदान की जा चुकी है। राजनीतिक और प्रशासनिक प्रतिनिधित्व में बढ़त राज्य सरकार ने सरकारी सेवाओं में 35% और स्थानीय निकायों में 50% आरक्षण देकर महिलाओं को निर्णयात्मक भूमिकाओं में आगे बढ़ाया है। वर्ष 2025-26 के जेंडर बजट में 19,021 करोड़ रुपये की वृद्धि की गई है और महिला कल्याण पर कुल 1.21 लाख करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है। देवी अहिल्या नारी सशक्तिकरण मिशन: परंपरा से भविष्य की दिशा लोकमाता अहिल्या बाई होल्कर की 300वीं जयंती पर आरंभ देवी अहिल्या नारी सशक्तिकरण मिशन महिलाओं को स्टार्टअप, निवेश, और कौशल विकास से जोड़ रहा है। अब तक 8.10 करोड़ रुपये के निवेश पत्र वितरित किए जा चुके हैं। उद्यमिता को मिली उड़ान एमएसएमई क्षेत्र में 850 से अधिक इकाइयों को 275 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है, जिससे महिला उद्यमिता को मजबूत आधार मिला है। रेडीमेड गारमेंट उद्योग में कार्यरत महिलाओं को प्रतिमाह ₹5000 की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। मध्यप्रदेश अब केवल भूगोलिक दृष्टि से देश के हृदय में नहीं है, बल्कि महिला सशक्तिकरण की धड़कन भी यहीं से तेज़ हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में यह राज्य आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में “नारी शक्ति” को केंद्र में रखते हुए नई इबारत लिख रहा है — जो आने वाले वर्षों में राष्ट्रीय नहीं, वैश्विक मॉडल बन सकता है।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- भिलाला समाज ने जगाई सामाजिक चेतना

जनजातियों का समग्र कल्याण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने धार में भिलाला समाज समागम में की सहभागिता भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जनजातीय वर्ग का समग्र कल्याण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमारी कोशिश है कि जनजातीय वर्ग का कोई भी व्यक्ति शासन की योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि भिलाला समाज एक साहसी और संस्कारित समाज है, जिसने मां नर्मदा के आशीर्वाद से नशामुक्ति और मृत्युभोज जैसी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने का संकल्प लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नशा नाश की जड़ है, जो कई पीढ़ियों को बर्बाद कर देता है। समाज की कुरीतियों को खत्म करने का प्रयास एक सामाजिक क्रांति का संकेत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को धार के किला मैदान में जय ओमकार आदिवासी भिलाला समाज संगठन द्वारा आयोजित 12वें प्रांतीय वार्षिक सामाजिक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम शुभारंभ किया। सम्मेलन के तहत भिलाला समाज द्वारा युवक-युवती वैवाहिक परिचय सम्मेलन, रोजगार पंजीयन शिविर, स्वास्थ्य परीक्षण शिविर, नशामुक्ति जागरूकता शिविर, कैरियर मार्गदर्शन शिविर सहित सामाजिक कुरीतियों के निवारण के लिए जागरुकता शिविर भी आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीथमपुर थाना (बगदून) के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण भी किया। जनजातीय नायकों का सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने धार जिले की भिलाला समाज की जुझारू महिला नेत्री को केंद्रीय मंत्रिमंडल में स्थान देकर समाज का गौरव बढ़ाया है। राज्य सरकार ने अलीराजपुर का नाम परिवर्तन कर आलीराजपुर कर दिया है। क्रांतिसूर्य टंट्या मामा के नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना और महाराजा शंकर शाह व कुंवर रघुनाथ शाह की जयंती को भव्य रूप से मनाकर हमारी सरकार ने जनजातीय नायकों और परम्पराओं को सम्मान दिया है। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज का राष्ट्ररक्षा और स्वतंत्रता संग्राम में अतुलनीय योगदान रहा है। भगोरिया के उल्लास को हमने राज्यस्तरीय पर्व का दर्जा देकर जनजातीय लोक परंपराओं को सम्मानित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रत्येक समाज को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है। खेती, पशुपालन, मत्स्य पालन और उद्योग के क्षेत्र में तेज़ी से विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि हम सब भारत माता के लाल हैं, ऐसे में भेदभाव का कोई स्थान नहीं है। राज्य सरकार ने समाज के वंचित वर्ग को आरक्षण का लाभ दिया है। हमारी सरकार ने सबको विकास की मुख्यधारा में जोड़ने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भिलाला समुदाय की सामाजिक एकता और आत्मनिर्भरता आज समाज के दूसरे वर्गों को विकास की दिशा में नई प्रेरणा दे रही है। समाज की विभिन्न मांगों के संबंध में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भिलाला समाज को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए हम कोई कसर बाकी नहीं रखेंगे। मांगों की पूर्ति के लिए जितना अधिक हो सकेगा वो बेहतर से बेहतर तरीके से करेंगे। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें युवाओं, किसानों और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि आज ही प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के माध्यम से देशभर के किसानों को बड़ी सौगात मिली है। धार लोकसभा सांसद श्री गजेंद्र सिंह पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार जनजातीय समाज के समग्र विकास के लिए ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि वक्फ संशोधन अधिनियम के बाद जनजातीय वर्ग के भाइयों-बहनों की जमीन सुरक्षित हुई है, जिससे समाज को बड़ी राहत मिली है। भिलाला समाज ने इस निर्णय का समर्थन करते हुए सरकार के प्रति आभार जताया है। उन्होंने बताया कि खरगोन और बड़वानी जिले में भिलाला समाज के सामुदायिक भवनों का निर्माण राज्य सरकार की आर्थिक सहायता से किया जा रहा है। कार्यक्रम में अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान, श्री देवेंद्र पटेल, पूर्व सांसद श्री छतर सिंह दरबार, समाज के सभी विधायक एवं अन्य निर्वाचित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे। कार्यक्रम के आरंभ में जय ओमकार आदिवासी भिलाला समाज संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष श्री बीएस जामोद ने सम्मेलन की रूपरेखा और भावी गतिविधियों पर प्रकाश डाला।  

रोजगारपरक उद्योग लगाने पर सरकार करेगी हर संभव मदद: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

नवम्बर में बनारस में होगी इंडस्ट्रियल समिट भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि औद्योगिक निवेश से विन्ध्य एवं त्योंथर को विकास की नई गति मिलेगी। उद्योगपति रोजगारपरक उद्योग लगायें सरकार उनकी हर संभव मदद करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बनारस से आये उद्यमियों के आग्रह पर घोषणा की कि नवम्बर माह में काशी विश्वनाथ की नगरी में इंडस्ट्रियल समिट का आयोजन होगा। बनारस के उद्यमियों ने भी विन्ध्य क्षेत्र में एक हजार करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीवा जिले के चाकघाट में उद्यमियों से वन-टू-वन चर्चा के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प के अनुरूप हम स्वदेशी के मूलमंत्र को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। आप सभी उद्यमी अपने उद्योग स्थापित करने के लिये आगे आयें, राज्य शासन द्वारा आपको हर संभव मदद दी जायेगी। उन्होंने कहा कि औद्योगिक निवेश में मध्यप्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है और आने वाले वर्षों में हम देश में उच्चतम स्तर पर होंगे। उन्होंने उद्यमियों को पराली से संबंधित व फूड प्रोसेसिंग से संबंधित उद्यम के साथ अन्य क्षेत्र में भी उद्योग स्थापना के लिये आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रीवा जिले में मऊगंज व त्योंथर विधानसभा क्षेत्रों में पर्याप्त भूमि की उपलब्धता है। औद्योगिक क्षेत्र विकास की योजना बनाई गई है। उन्होंने कहा कि यदि उद्यमी स्वयं अपने पूंजी निवेश से परिसर बनाकर उद्योग स्थापित करते हैं तो उन्हें हम पूरी सुविधा व मदद देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने त्योंथर में कम्प्रेस्ड बायोगैस प्लांट के भूमिपूजन की बधाई दी और अपेक्षा की कि इससे स्थानीय लोगों को लाभ मिलेगा। पराली की समस्या से निजात मिलेगी तथा जैविक विकास को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के जन्म-दिवस के अवसर पर 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक सेवा पखवाड़ा मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री अपने जन्म-दिवस पर मध्यप्रदेश में उपस्थित रहे और उन्होंने पीएम मित्र पार्क के माध्यम से इंडस्ट्रियल क्षेत्र को सौगात दी, जो रोजगार उपलब्धता में मील का पत्थर साबित होगा। बनारस रामनगर में उद्योगपति करेंगे एक हजार करोड़ का निवेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्यमियों को प्रदेश में निवेश के लिये आमंत्रित किया। बनारस रामनगर के 17 उद्योगपतियों और प्रतिनिधियों ने कहा कि रीवा जिले में एक हजार करोड़ का निवेश करेंगे। उद्यमियों के वन-टू-वन चर्चा में रामनगर उद्योग एसोशियेसन ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अंगवस्त्रम व काशी विश्वनाथ मंदिर की प्रतिकृति भेंट की। डी.एस. मिश्रा अध्यक्ष रामनगर उद्योग संघ वाराणसी, राकेश जायसवाल, दिलीप सिंह अध्यक्ष म.प्र. चावल संघ तथा सूक्ष्म एवं लघु उद्यम योजनान्तर्गत उद्यमी अमित गौतम ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से संवाद किया। उद्यमियों ने कहा कि प्रदेश की आकर्षक उद्योग नीति से उत्साहित होकर हम प्रदेश में निवेश करेंगे और यह क्षेत्र उद्योग के क्षेत्र में ऊंची उड़ान भरेगा। सांसद श्री जनार्दन मिश्रा, विधायक त्योंथर श्री सिद्धार्थ तिवारी, पूर्व महापौर श्री वीरेन्द्र गुप्ता, डॉ. अजय सिंह, पूर्व सांसद श्री देवराज सिंह, कमिश्नर श्री बीएस जामोद सहित बड़ी संख्या में बनारस, प्रयागराज, मिर्जापुर और रीवा से आये उद्यमी शामिल हुए।

पीएम मित्रा पार्क से मध्यप्रदेश बनेगा देश की कॉटन कैपिटल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जैविक कपास उत्पादन में मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में है। देश में जितना जैविक कपास उत्पादन होता है उसमें मध्यप्रदेश का योगदान लगभग 40 प्रतिशत है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा धार जिले में प्रथम पीएम मित्रा पार्क के शिलान्यास से मध्यप्रदेश देश की कॉटन कैपिटल बन जायेगा। कपास उत्पादक किसानों का सीधा संपर्क अंतर्राष्ट्रीय बाजार से हो जायेगा। पीएम मित्रा पार्क किसानों की मेहनत को वैश्विक पहचान दिलाने वाला ऐतिहासिक क्षण होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसे प्रदेश के औद्योगिक भविष्य की आधारशिला और किसानों के लिए नई संभावनाओं का द्वार बताया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की दूरदृष्ट‍ि से किसानों की उपज खेतों से सीधे वैश्विक बाजार तक पहुँच जायेगी। इसमें मध्यप्रदेश की कपास उत्पादक धरती सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी। इस पार्क से कपास उत्पादक किसानों की समृद्धि के नये द्वार खुलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मानना है कि पीएम मित्रा पार्क किसानों, श्रमिकों, महिलाओं और युवाओं का जीवन बदलने वाली औदयोगिक परियोजना है। कपास उत्पादक किसान अब सीधे कपास आधारित उद्योगों से जुड़ जायेंगे, जिससे मध्यप्रदेश का कपास केवल फसल न रहकर प्रदेश की औद्योगिक पहचान बनेगा। मध्यप्रदेश कपास उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। प्रदेश के मालवा अंचल के जिलों में सबसे ज्यादा कपास उत्पादन होता है। इनमें प्रमुख रूप से इंदौर, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, खरगौन, बड़वानी, खण्डवा और बुरहानपुर शामिल हैं। पिछले तीन वर्षों में कपास उत्पादन की स्थ‍िति अच्छी रही है। वर्ष 2022-23 में 8.78 लाख मीट्रिक टन, 2023-24 में 6.30 लाख मीट्र‍िक टन और 2024-25 में 5.60 लाख मीट्र‍िक टन कपास उत्पादन हुआ।‍ इसके अतिरिक्त प्रदेश के अन्य जिलों में भी कपास की अच्छी फसल ली जाती है। देश में ऑर्गेनिक कॉटन उत्पादन में मध्यप्रदेश प्रसिद्ध‍ि पा चुका है। यही वजह है कि वस्त्र उद्योग के लिए मध्यप्रदेश सबसे उपयुक्त राज्य साबित हुआ है। इसी पृष्ठभूमि के आधार पर धार को पीएम मित्रा पार्क की स्थापना के लिए चुना गया है। सर्व-सुविधायुक्त होगा पीएम मित्रा पार्क करीब 2,158 एकड़ में विकसित हो रहा पार्क विश्व स्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित है। यहां 20 MLD का कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट, 10 MVA का सौर ऊर्जा संयंत्र, पानी और बिजली की पुख्ता आपूर्ति, आधुनिक सड़कें और 81 प्लग-एंड-प्ले यूनिट्स जैसी व्यवस्थाएँ विकसित की जा रही हैं। श्रमिकों और महिला कर्मचारियों के लिए आवास और सामाजिक सुविधाएं इसे केवल औद्योगिक क्षेत्र नहीं, बल्कि आदर्श औद्योगिक नगर का रूप देती हैं। निवेशकों ने जताया भरोसा निवेशकों ने भी भरोसा जताते हुए पीएम मित्रा पार्क में अब तक 27 हजार 109 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव दिये हैं। यह निवेश उद्योगों की स्थापना के साथ स्थानीय लोगों के लिए नए रोजगार का मार्ग प्रशस्त करेगा। वस्त्र क्षेत्र के बड़े संगठनों और उद्योग समूहों ने यहां निवेश करने की इच्छा जताई है। इससे न केवल प्रदेश को औद्योगिक लाभ मिलेगा, बल्कि निर्यात भी बढ़ेगा। धार से तैयार वस्त्र और परिधान अब सीधे ग्लोबल मार्केट में पहुंचेंगे। जल्दी ही मध्यप्रदेश की पहचान अब टेक्सटाइल हब के रूप में होने लगेगी। प्रधानमंत्री के विजन पर केन्द्रित है पार्क की थीम प्रधानमंत्री श्री मोदी के विज़न के अनुरूप यह पार्क “फार्म से फाइबर, फैक्ट्री से फैशन और विदेश” की संपूर्ण वैल्यू चैन बनायेगा। किसानों से प्राप्त कच्चा कपास उद्योगों में धागा बनेगा, वहीं से वस्त्र और परिधान तैयार होंगे और यही उत्पाद विदेशों तक जाएंगे। इस तरह पूरी वैल्यू चैन एक ही स्थान पर पूरी होगी। यही इस पार्क की विशिष्टता होगी और अन्य पार्कों में आदर्श बनायेगी। पीएम मित्रा पार्क से लगभग 3 लाख रोजगार सृजित होंगे। इसमें एक लाख प्रत्यक्ष और दो लाख अप्रत्यक्ष रोजगार शामिल होंगे। कपास आधारित उद्योगों के विस्तार से किसानों को उनकी फसल का दोगुना मूल्य मिलेगा। यह अवसर केवल रोजगार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि गांव-गांव तक आर्थिक गतिविधियों को गति देगा और स्थानीय बाजारों से लेकर निर्यात तक नई संभावनाएँ पैदा करेगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- भारतीय न्याय व्यवस्था का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय न्याय व्यवस्था का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। सम्राट विक्रमादित्य भारतीय न्याय व्यवस्था के महान पुरोधा थे, जिनके निर्णयों की मिसाल आज भी दी जाती है। न्याय के क्षेत्र में उनकी पहचान विश्व स्तर पर अद्वितीय थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को इंदौर में विश्व हिंदू परिषद विधि प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित अखिल भारतीय बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत के अनेक कानूनों में समयानुकूल बदलाव किए गए हैं, जो समय की आवश्यकता भी थे। न्याय व्यवस्था में मन की पवित्रता और पंचों का निष्पक्ष निर्णय ही असली न्याय है। उन्होंने कहा कि हमें अपनी भारतीय संस्कृति और न्याय परंपरा पर गर्व है और न्यायालयों के निर्णयों का सबको समान रूप से पालन करना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश में कोलाहल नियंत्रण अधिनियम का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है। साथ ही खुले में मांस विक्रय पर प्रतिबंध लगाया गया है और उसका भी सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कानून सबके लिए समान है और उसके साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लव जिहाद के विषय में स्पष्ट कहा कि यह धार्मिक स्वतंत्रता और व्यक्ति की गरिमा के विरुद्ध है। प्रदेश में लव जिहाद करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा और उनके विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि न्याय और कानून व्यवस्था में किसी भी प्रकार का भेदभाव न हो। समाज के प्रत्येक वर्ग को समान न्याय मिले और जनता को यह विश्वास रहे कि मध्यप्रदेश में कानून सर्वोपरि है। कार्यक्रम को स्वामी श्री जितेंद्रानंद जी महाराज ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर केंद्रीय विधि और न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री अर्जुन राम मेघवाल, परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष श्री आलोक जी, संयुक्त महामंत्री डॉ. सुरेंद्र जैन, राष्ट्रीय संयोजक विधि प्रकोष्ठ डॉ. अभिषेक अत्रे एवं विधि प्रकोष्ठ के संरक्षक न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) श्री व्ही.एस. कोकजे विशेष रूप मौजूद थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- सबके साथ, सबके विकास के लिए सबके प्रयासों एवं सबको विश्वास में लेकर बढ़ रहे हैं आगे

प्रदेश के सभी पर्यटन स्थलों तक हेलीकॉप्टर से पहुंचाएंगे पर्यटकों को कानून-व्यवस्था हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता, असामाजिक तत्वों का करेंगे सफाया भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज मध्यप्रदेश कई मामलों में देश में अव्वल है। प्रदेश को और आगे ले जाना है। हमारी सरकार खेती-किसानी, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण और नए-नए उद्योग धंधों की स्थापना के जरिए प्रदेश के युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए संकल्पबद्ध हैं। हमारी सरकार सबके साथ और सहयोग से सबके विकास के लिए साझा प्रयासों एवं सबको पूरे विश्वास में लेकर विकास की दिशा में आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को भोपाल में मीडिया ग्रुप द्वारा आयोजित 'इमर्जिंग बिजनेस कॉन्क्लेव (भोपाल चैप्टर)' में मीडिया संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस कान्क्लेव में मध्यप्रदेश की विशेषताओं के बारे में विस्तार से चर्चाकर प्रदेश के नवनिर्माण एवं बेहतरी के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों और आगामी कार्ययोजना की जानकारी भी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया संवाद में कहा कि हम प्रदेश के किसानों की जिंदगी बेहतर बनाना चाहते हैं। इसीलिए कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन से दुग्ध उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण, आधुनिक खेती के प्रोत्साहन और किसानों को सम्मान निधि देकर उनके जीवन में स्वावलंबन लाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगभग रोजाना नए-नए उद्योग धंधों की स्थापना हो रही है। इससे हमारे युवाओं को रेाजगार भी मिलेगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था भी सुदृढ़ होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि धार जिले में देश के पहले पीएम मित्रा पार्क का भूमिपूजन होना है। इससे पहले बुधवार, 3 सितम्बर को नई दिल्ली में पीएम मित्रा पार्क में निवेश के लिए इच्छुक निवेशकों के साथ मीटिंग एवं वन-टू-वन चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन सहित मेडिकल टूरिज्म के साथ फारेस्ट और वाइल्ड लाइफ टूरिज्म की ओर स्पेशल फोकस किया जा रहा हैं। प्रदेश के 13 प्रमुख तीर्थस्थानों में स्थायी प्रकार के निर्माण कार्यों एवं नियमित प्रबंधन कर इनका विकास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि श्रीमहाकाल लोक के निर्माण के बाद उज्जैन में तेजी से टूरिज्म बढ़ा है। वर्ष 2024 में करीब 7 करोड़ से अधिक श्रद्धालु उज्जैन आए। इसी से प्रेरणा लेकर हमारी सरकार अब प्रदेश के सभी पर्यटन स्थलों में पर्यटकों को हेलीकाप्टर के जरिए पहुंचाने का प्रबंध कर रही है। बहुत जल्द हम प्रदेश में इसकी शुरूआत करने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का दिल है। मध्यप्रदेश की देश में केंद्रीय स्थिति का हम समुचित लाभ उठाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में भरपूर लैंड बैंक, सरप्लस बिजली और मजबूत अधोसंरचना है। मध्यप्रदेश निवेशकों के लिए अनुकूल है। प्रदेश में बड़ी मात्रा में निवेश लाने के लिए हमने कई अप्रासंगिक कानून बदले हैं। उद्योग लगाने के लिए शासकीय अनुमतियां भी कम से कम कर दी हैं। हम निवेशकों के हित में 18 नई औद्योगिक नीतियां भी लागू की गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में मजबूत कानून व्यवस्था हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। असामाजिक और गुंडा तत्वों के लिए प्रदेश में कोई स्थान नहीं है। कानून को अपने हाथ में लेने वाले ऐसे तत्वों का प्रदेश से सफाया कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम राज्य की बेहतरी के लिए नए फैसले लेने में पीछे नहीं हटेंगे। लोकलुभावन वादों की जगह हम जनहित के निर्णयों पर तेजी से आगे बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया संवाद कार्यक्रम में एक निजी संस्थान द्वारा चलाए जा रहे हाईजीन प्रोग्राम के पोस्टर्स का विमोचन किया और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले समाजसेवियों को सम्मानित भी किया। कार्यक्रम में सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े, मीडिया समूह के राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक पदाधिकारी/प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।