samacharsecretary.com

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का रतलामवासियों ने अभूतपूर्व सौगात के लिए किया अभिनंदन

रतलाम का सौभाग्य, बगैर मांगे मिली मेट्रोपोलिटिन रीजन में शामिल होने की सौगात : मंत्री काश्यप भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सेंव, सोना और साड़ी के लिए रतलाम की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति है। इनसे रतलाम की अपनी विशिष्ट पहचान बनी है। रतलाम स्वाभिमानी और पुरूषार्थी लोगों की नगरी है। यहां के लोग काम के आधार पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाते हैं। इसका सबसे अच्छा उदाहरण सूक्ष्म,लघु, एवं मध्यम, उद्यम मंत्री श्री चैतन्य काश्यप हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रतलाम को इंदौर मेट्रोपोलिटिन रीजन में शामिल करने के लिए रतलाम वासियों के द्वारा संवाद भवन (मुख्यमंत्री निवास) में आयोजित अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह को संबोधित करते हुए एमएसएमई मंत्री श्री काश्यप ने कहा कि बगैर मांग के रतलाम को मेट्रोपोलिटिन रीजन में शामिल किया जाना रतलाम वासियों के लिए सौगात की बात है। रतलाम के प्रभारी मंत्री डॉ. विजय शाह ने कहा कि हमारे मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सपने को साकार करने वाले मुख्यमंत्री हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रतलाम में औद्योगिक विकास की सभी संभावनाएं पहले से ही असीमित हैं। इन संभावनाओं को साकार करने के लिए रतलाम को मेट्रोपोलिटिन क्षेत्र में शामिल किया गया है। नागदा और खाचरौद पहले ही शामिल कर लिए गए, ऐसी स्थिति में असीमित संभावनाओं से परिपूर्ण रतलाम को भी शामिल करना ही था। अब इंदौर, उज्जैन के साथ रतलाम के शामिल हो जाने से मेट्रोपोलिटिन रीजन का विकास ट्रिपल इंजन की समन्वित शक्ति से होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रतलाम वासियों का अभिनंदन के लिए आभार मानते हुए कहा कि मुख्यमंत्री निवास प्रदेश की जनता का ही घर है। एमएसएमई मंत्री श्री काश्यप ने कहा कि मध्यप्रदेश का विगत दो वर्षों में अभूतपूर्व विकास हुआ है। मेट्रोपॉलिटिन रीजन का विजन मुख्यमंत्री की विकास के प्रति अद्वितीय ललक की परिणीति है। वर्ष 2025 में भोपाल में आयोजत ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, विभिन्न संभागों में आयोजित रीजनल इन्डस्ट्रीयल कॉन्क्लेव और मेट्रोपोलिटिन रीजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मध्यप्रदेश के विकास के प्रति व्यापक दृष्टिकोण को प्रदर्शित करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का संवाद भवन में रतलाम के संयुक्त व्यापारी संघ, सराफा एसोसिएशन, खेल संगठन, ग्रेन मर्चेंट संघ, बार एसोसिएशन, मेडिकल एसोसिएशन सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने अभिनंदन किया। समारोह में जिला अध्यक्ष श्री प्रदीप उपाध्याय, महापौर रतलाम नगर निगम श्री प्रह्लाद पटेल, नगर निगम अध्यक्ष श्रीमती मनीषा शर्मा सहित अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रमुख बिंदु     रतलाम स्वाभिमानी और पुरूषार्थी लोगों की नगरी है।     यहां के लोग काम के आधार पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाते हैं।     बगैर मांग के रतलाम को मेट्रोपोलिटिन रीजन में शामिल किया जाना रतलाम वासियों के लिए सौगात की बात है।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सपने को साकार करने वाले मुख्यमंत्री हैं।     रतलाम में औद्योगिक विकास की संभावनाएं असीमित हैं।     इंदौर, उज्जैन के साथ रतलाम के शामिल हो जाने से मेट्रोपोलिटिन रीजन का विकास ट्रिपल इंजन की समन्वित शक्ति से होगा।     मुख्यमंत्री निवास प्रदेश की जनता का ही घर है।     मेट्रोपॉलिटिन रीजन का विजन मुख्यमंत्री की विकास के प्रति अद्वितीय ललक की परिणीति है।  

पुलिस के बारे में जनसामान्य की धारणा बदलने और पुलिस के जनता से बेहतर संवाद के लिए विशेष पहल की आवश्यकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की धरती से नक्सलवाद को उखाड़ फेंकने के लिए पुलिस फोर्स को बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस मोर्चे पर अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि 17 दिसंबर के विधानसभा के विशेष सत्र में भी पुलिस फोर्स की सराहना हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नक्सलवाद से प्रभावित रहे क्षेत्रों में विकास और जनकल्याण की गतिविधियां इस प्रकार संचालित की जाएं, ताकि नक्सलवाद पुनः अंकुरित ना हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पुलिस मुख्यालय में पुलिस महानिदेशक-महा निरीक्षक सम्मेलन वर्ष 2025 को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अपने प्रभार के क्षेत्रों में आकस्मिक निरीक्षण जैसी गतिविधियां तत्काल आरंभ करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के पुलिस मुख्यालय आगमन पर उन्हें गार्ड आफ ऑनर दिया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सलामी गारद का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना तथा वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वागत किया। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव गृह श्री शिवशेखर शुक्ला, तथा वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में आरंभ हुई कान्फ्रेंस में पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना ने बताया कि यह कान्फ्रेंस, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में "विकसित भारत: सुरक्षा आयाम" विषय पर रायपुर में हुऐ पुलिस महानिदेशक- महानिरीक्षकों के अखिल भारतीय सम्मेलन के निर्देश और क्रियात्मक बिंदुओं के प्रदेश में क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए आयोजित की गई है। उन्होंने बताया कि अखिल भारतीय सम्मेलन में आंतरिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था, पुलिस आधुनिकीकरण, महिला सुरक्षा, पुलिस थाना परिसरों के पुनर्विकास, सिंहस्थ-2028 और साइबर इनीशिएटिव्स, पुलिसिंग में तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग, नवीन कानूनों के प्रचार- प्रसार, कम्युनिटी पुलिसिंग, आपदा प्रबंधन में पुलिस की भूमिका, नशा-मुक्ति के लिए किए जा रहे प्रयासों, टूरिस्ट पुलिसिंग, फॉरेंसिक साइंस, साइबर अपराधों की रोकथाम और सड़क सुरक्षा आदि विषयों पर राज्य शासन से अपेक्षाओं के संबंध में विचार-विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान युग में सोशल मीडिया अत्यंत शक्तिशाली साधन होने के साथ-साथ गंभीर चुनौती बनकर उभरा है। इसके दुरुपयोग से अफवाह, अपराध और भ्रम फैलाने की संभवनाएं भी बढ़ी हैं। इसलिए आवश्यक है कि हम सोशल मीडिया की शक्ति का सकारात्मक और रचनात्मक सामग्री के उपयोग करें। किसी भी भ्रामक या उकसाऊ सामग्री को समय रहते पहनाकर उस पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करना आज की आवश्यकता है। इसके साथ ही सोशल मीडिया के युग में पुलिस से त्वरित सहायता की अपेक्षा भी जनसामान्य में बढ़ी है। इन अपेक्षाओं और भावनाओं के अनुरूप पीड़ित को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए पुलिस बल को तकनीकी रूप से दक्ष और साधन संपन्न होना होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस के बारे में जनसामान्य की धारणा बदलने और पुलिस के जनता से बेहतर संवाद के लिए विशेष पहल करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि पुलिस अपनी उपलब्धियों और सकारात्मक गतिविधियों के संबंध में जनप्रतिनिधियों और जनसामन्य से जानकारियां साझा करें। पुलिस अधिकारी बेहतर संवाद के लिए मीडिया के माध्यम से सक्रिय रहें। पुलिस की छवि मदद करने वाली हो, हमारा प्रयास हो कि लोग पुलिस को भय नहीं विश्वास की नजरों से देखें। पुलिस से अपराधियों में भय हो लेकिन आमजन में भरोसे और सुरक्षा की भावना विकसित हो। इस विश्वास को बनाये रखना ही हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। सामुदायिक पुलिसिंग गतिविधियों को प्रोत्साहित करते हुए महिला सुरक्षा और बच्चों की सुरक्षा के लिए समाज में वातावरण बनाना आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को अपनी भाषा और व्यवहार के प्रति सजग-सतर्क रहने की सलाह दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस में नवाचार करने और सामाजिक सरोकार से गतिविधियां संचालित करने वालों को प्रोत्साहित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी के लिए पुलिस को जागरूकता और तकनीक दोनों पर कार्य करना होगा। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में ब्लैक स्पॉट की पहचान कर विशेष रणनीति बनाई जाए। संवेदनशील मार्गों पर नियमित पेट्रोलिंग, गति नियंत्रण, शराब पीकर वाहन चलाने पर सख्त निगरानी तथा यातायात नियमों के पालन को सुनिश्चित करने से दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है। उन्होंने सड़क दुर्घटना में घालय व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वालों के लिए लागू राहवीर योजना की जानकारी का विस्तार करने की आश्यकता बताई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ड्रायवरों के आँखों के परीक्षण के लिए विशेष शिविर आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि 108 एम्बुलेंस के ड्रायवरों का निजी अस्पतालों से गठजोड़ विकसित नहीं हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महिला सुरक्षा राज्य सरकार और पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। जिन क्षेत्रों में महिलाओं के विरूद्ध अपराधों की संभावना अधिक रहती है वहां विशेष निगरानी, नियमित गश्त और त्वरित कार्यवाही की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। प्रदेश में नशे के विरुद्ध वातावरण बनाने के उद्देश्य से ही धार्मिक शहरों में शराब बंदी लागू की गई है। इन शहरों में अन्य तरीकों से शराब बेचने वालों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जाए। शराब के अलावा दवा या अन्य रासायनिक पदार्थों के नशे की गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बरदाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस की विभिन्न गतिविधियों और विशेषज्ञताओं पर प्रशिक्षण की व्यवस्था एक ही कैम्पस में सुनिश्चित की जाए। बैठक में घनी आबादी वाले, कानून व्यवस्था की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों के विकास के लिए नगरीय प्रशासन विभाग से मिलकर कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन, बुरहानपुर सहित प्रदेश के कई शहरों में लोगों ने स्वप्रेरणा और सामुदायिक सहभागीता से अतिक्रमण हटाकर विकास गतिविधियों के क्रियान्वयन को सुगम बनाया है। ऐसे उदाहरणों को अन्य शहरों के लोगों से भी साझा किया जाए, इससे विकास गतिविधियों के संचालन के लिए सकारात्मक वातावरण बनाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छत्तीसगढ़ के बस्तर ओलम्पिक के समान प्रदेश में भी जनजातीय संस्कृति और परम्परा के अनुरूप सामाजिक सांस्कृतिक गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए। कॉन्फ्रेंस में आतंकवाद विरोधी दस्ते, कानून व्यवस्था, वामपंथी उग्रवाद, पुलिस आधुनिकीकरण, महिला सुरक्षा, सिंहस्थ 2028, साइबर सुरक्षा, पुलिस में तकनीक और आर्टीफिशियल उपयोग तथा फौरेंसिक गतिविधियों पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रस्तुतिकरण दिए गए … Read more

समृद्ध मध्यप्रदेश विजन@2047 आठ प्रमुख बिंदुओं पर होगा केंद्रित

सुखद, संपन्न मध्यप्रदेश की कल्पना को बिना भेदभाव के खुला दृष्टिकोण रखकर करेंगे साकार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव समृद्ध मध्यप्रदेश विजन@2047 आठ प्रमुख बिंदुओं पर होगा केंद्रित केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित डेडलाइन के पहले किया नक्सलवाद पर प्रभावी नियंत्रण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिया समृद्ध मध्यप्रदेश विजन 2047 पर केंद्रित संबोधन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सुखद और सम्पन्न मध्यप्रदेश की कल्पना को बिना भेदभाव के खुले दृष्टिकोण के साथ कार्य करते हुए साकार किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को मध्यप्रदेश विधान सभा के विशेष सत्र के समापन अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि पक्ष और विपक्ष के साथ नागरिकों के सुझावों और सहयोग के आधार पर प्रदेश के समग्र  विकास के लिए कार्य होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत @2047 के विजन के अनुसार मध्यप्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों में क्रियान्वयन किया जाएगा। मध्यप्रदेश, प्रधानमंत्री मोदी के विजन को क्रियान्वित करने के लिए 8 प्रमुख विषयों पर तैयार किए गए दृष्टि-पत्र पर कार्य करेगा। दृष्टि-पत्र के इन 8 विषयों में 300 बिंदु निर्धारित किए गए हैं। आठ प्रमुख विषयों में सतत औद्योगिक विकास, अगली पीढ़ी की उन्नत कृषि, सेवाओं के क्षेत्र में विकास, विश्व स्तरीय शिक्षा और कौशल विकास, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य और पोषण, शहरी और ग्रामीण बुनियादी ढांचा, सुशासन और सुगम नागरिक सेवा और नवीन वित्त पोषण और निवेश शामिल है।  इसके पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सदन में अपने संबोधन में प्रदेश में गत 2 वर्ष में अर्जित उपलब्धियों का भी विस्तार से उल्लेख किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्य रूप से राज्य के नागरिकों की समृद्धि के लिए कृषि, महिला सशक्तिकरण, वन्य-प्राणी संरक्षण, सांस्कृतिक अभ्युदय, शासकीय विभागों में पदों पर नियुक्तियां, नक्सलवाद पर केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित डेडलाइन के पूर्व  नियंत्रण की प्रभावी कार्यवाही , शहरी विकास, ग्रामीण विकास, ऊर्जा उत्पादन, सड़कों के निर्माण, स्वास्थ्य क्षेत्र में नई सुविधाओं, जनजातीय नायकों के सम्मान, मजरों-टोलों तक बिजली पहुंचाने, अन्तर्राज्यीय नदी जोड़ो परियोनाओं के संबंध में विस्तार से जनकारी दी।      

लोकतंत्र के प्रति प्रतिबद्धता और भविष्य के प्रति साझा उत्तरदायित्व के संकल्प का परिचायक है विशेष सत्र : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश का विधान सभा सदन सत्ता का नहीं जनता के विश्वास का मंदिर रहा है हमारी सरकार ने बीमारू राज्य की छवि से निकालकर प्रदेश को विकासशील और संभावनाओं से परिपूर्ण राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जनता के कष्ट कम कर उनके जीवन में खुशियों की बाहर लाना हमारी सरकार का प्रयास हम ऐसा प्रदेश बनाएंगे जहां चारों ओर हरियाली और उद्योग- धंधों का जाल होगा,जहां बेरोजगारी और गरीबी नहीं होगी, सभी सुखी और संपन्न होंगे हमारा संकल्प पूर्ण होगा, क्योंकि हमारे नेता, नीति और नियत सभी स्पष्ट हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा के विशेष सत्र में प्रदेश को आत्मनिर्भर, विकसित और समृद्ध बनाने के संकल्प पर चर्चा का रखा प्रस्ताव मध्यप्रदेश विधानसभा के 70 वर्ष की यात्रा पूर्ण होने पर हुआ एक दिवसीय विशेष सत्र भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश विधानसभा के 70 वर्ष की गौरवशाली यात्रा पूर्ण होने के उपलक्ष में आयोजित एक दिवसीय विशेष सत्र में विधानसभा के सभी सदस्यों का स्वागत अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर, विकसित और समृद्ध बनाने के संकल्प पर विशेष सत्र में चर्चा का प्रस्ताव रखते हुए कहा कि विधानसभा का विशेष सत्र सभी के लिए सौभाग्य का विषय है। लोक कल्याणकारी राज्य के निर्माण के पथ पर अग्रसर व्यवस्था के लिए यह सत्र विशेष महत्व का है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल को प्रणाम करते हुए कहा कि यह विशेष सत्र केवल औपचारिकता नहीं अपितु लोकतंत्र के प्रति प्रतिबद्धता और भविष्य के प्रति साझा उत्तरदायित्व के संकल्प का परिचायक है। यह सत्र मध्यप्रदेश को सुखद, समृद्ध, सांस्कृतिक रूप से गौरवशाली और आत्मनिर्भर बनाने के अपने संकल्प को दोहराने का अवसर है। विधानसभा की 70 साल की यात्रा हमारी लोकतांत्रिक यात्रा का प्रमाण है, यह सदन सत्ता का नहीं जनता के विश्वास का मंदिर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने हाल ही में दो वर्ष पूर्ण किए हैं। इस अवधि में लिए गए दूरगामी निर्णय आने वाले समय में माइलस्टोन के रूप में जाने जाएंगे। यह निर्णय निश्चित ही जनता के जीवन में बदलाव का माध्यम बनेंगे। जनता के कष्ट कम कर उनके जीवन में खुशियों की बाहर लाना हमारी सरकार का प्रयास रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश वर्षों तक बीमारू राज्य के रूप में पहचाना जाता रहा। हमारी पार्टी की सरकारों ने बीमारू की छवि से निकालकर प्रदेश को विकासशील और संभावनाओं से परिपूर्ण राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। राज्य सरकार ने पिछले 2 वर्षों में विकास के हर क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। हमें पूरा विश्वास है कि जल्द ही हम लोग राज्य को विकसित राज्य की सूची में आगे ले जाएंगे। हम ऐसा प्रदेश बनाएंगे जहां चारों ओर हरियाली होगी, उद्योग- धंधों का जाल होगा,जहां बेरोजगारी और गरीबी नहीं होगी, सभी सुखी और संपन्न होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा यह संकल्प पूर्ण होगा, क्योंकि हमारे नेता, नीति और नियत सभी स्पष्ट हैं। हम पूरे आत्मविश्वास के साथ विकसित आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश बनाकर ही दम लेंगे, इसके लिए हम मेहनत की पराकाष्ठा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में हमने 11 दिसंबर को नक्सलवाद के लाल सलाम को आखिरी सलाम किया है। उन्होंने कहा कि यह विधानसभा के लिए भी गौरव का विषय है, क्योंकि वर्ष 1999 में कांग्रेस पक्ष के एक मंत्री की नक्सलियों द्वारा निर्मम हत्या कर लोकतंत्र को चुनौती दी गई थी। लाल सलाम को आखरी सलाम कर इस सदन ने वही बदला चुकता किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नक्सलवाद के साथ ही आतंकवाद और उग्रवाद से जुड़े मॉडलों को ध्वस्त किया गया है। भारतीय मुजाहिदीन, आईएसआईएस समर्थक समूह़ टेरर फंडिंग, चरस नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मनी लॉन्ड्रिंग जांच में 1300 संदिग्ध खातों से 2000 करोड़ रुपए के अवैध लेनदेन का खुलासा किया गया। अवैध हथियार फैक्ट्री ध्वस्त कर 1900 से अधिक बैरल/शटर नलियां तथा हथियार बनाने की सामग्री सहित अवैध हथियार बरामद किए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में दो मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र विकसित करने की योजना है। हमारे शहरों की स्थिति लगातार बेहतर हो रही है। शहरी विकास के क्षेत्र में दूरगामी दृष्टि से निर्णय लिए जा रहे हैं। राजधानी के स्वरूप पर गहन विचार-विमर्श हो रहा है। मालवा के साथ-साथ मध्य भारत- चंबल क्षेत्र और महाकौशल में भी सुव्यवस्थित विकास हो, इस उद्देश्य से कार्य योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। प्रारंभिक रूप से इंदौर और भोपाल को मेट्रोपोलिटन क्षेत्र के लिए प्राथमिकता पर लिया गया है। वर्ष 2026 में ग्वालियर और जबलपुर को भी मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य आरंभ होगा। हम सुव्यवस्थित शहरीकरण की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्राम विकास के क्षेत्र में भी गत दो वर्ष में गांव की समृद्धि, आत्मनिर्भरता और सुव्यवस्थित विकास के लिए कार्य किए गए। हर ग्राम पंचायत में पीएम किसान समृद्धि केंद्र की स्थापना का निर्णय लिया गया है। प्रत्येक विकासखंड में एक गांव को वृंदावन ग्राम बनाया जा रहा है।  

पक्ष-विपक्ष मिलकर विकसित मध्यप्रदेश के साझा संकल्प और भविष्य की दिशा तय करेंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा आगमन पर की राज्यपाल  मंगुभाई पटेल की अगवानी विधानसभा की ऐतिहासिक यात्रा तथा विकास और सेवा के दो वर्ष पर केंद्रित प्रदर्शनी का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा के विशेष सत्र आयोजन पर विधानसभा अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष को बधाई भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश विधानसभा के स्थापना दिवस के अवसर पर विशेष सत्र के माध्यम से अतीत की गौरवशाली संसदीय लोकतांत्रिक परंपराओं की स्मृतियां जीवंत हो रही हैं। इस विशेष सत्र में पक्ष-विपक्ष मिलकर वर्ष 1956 से लेकर अब तक की विधानसभा की यात्रा का पुनरावलोकन करने के साथ-साथ विकसित भारत@2047 और विकसित मध्यप्रदेश के साझा संकल्प और भविष्य की दिशा तय करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश विधानसभा के 70 वर्ष की गौरवशाली यात्रा पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र के अवसर पर विधानसभा परिसर में लगाई गई एक दिवसीय प्रदर्शनी के शुभारंभ अवसर पर मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विशेष सत्र के आयोजन के लिए विधानसभा अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष एवं विधानसभा सदस्यों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल के विधानसभा आगमन पर उनकी अगवानी की। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल, विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंगर ने विधानसभा परिसर में "मध्यप्रदेश विधानसभा के 1956 से 2025 तक इतिहास के पल" और "मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का अभ्युदय मध्यप्रदेश विकास और सेवा के दो वर्ष" विषय पर लगी प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। इस अवसर पर अन्य वरिष्ठ मंत्री और विधायकगण भी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि विकसित, आत्मनिर्भर समृद्ध मध्यप्रदेश के निर्माण को समर्पित विशेष विधानसभा के विशेष सत्र के अवसर पर विधानसभा परिसर में लगाई गई प्रदर्शनी में विधानसभा के 70 वर्षों की ऐतिहासिक यात्रा को दर्शाती दुर्लभ तस्वीरें और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं तथा विकास कार्यों को प्रदर्शित किया गया।  

अंतर्राष्ट्रीय वन मेले का आयोजन आज से 23 दिसम्बर तक

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लाल परेड ग्राउण्ड, भोपाल में बुधवार 17 दिसम्बर को शाम 5 बजे अंतर्राष्ट्रीय वन मेले का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव "लघु वनोपज हमारी शान'' गान का विमोचन एवं एम.एफ.पी.-पार्क के 'लोगो' के अनावरण के साथ ही एम.एफ.पी.-पार्क द्वारा निर्मित वेलनेस किट का विमोचन भी करेंगे। अंतर्राष्ट्रीय वन मेला कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण, सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग, उच्च शिक्षा, आयुष एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार, वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री श्री दिलीप अहिरवार, अपर मुख्य सचिव एवं प्रशासक मध्यप्रदेश राज्य लघु वनोपज श्री अशोक बर्णवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री व्ही.एन. अम्बाडे और प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश राज्य लघु वनोपज डॉ. समीता राजौरा उपस्थित रहेंगे। वन विभाग एवं मध्यप्रदेश राज्य लघु वनोपज (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ मर्यादित के संयुक्त तत्वावधान में 'समृद्ध वन खुशहाल जन' थीम पर अंतर्राष्ट्रीय वन मेले का आयोजन 17 से 23 दिसम्बर तक किया जा रहा है। मेले में 17 दिसम्बर को पारम्परिक नृत्य डिण्डोरी, 18 दिसम्बर को स्टार्ट-अप कॉन्क्लेव, परम्परागत वैद्य‍कार्यशाला, छात्र-छात्राओं द्वारा सोलो गायन एवं समूह गायन, योगा-शो, कथक नृत्य की प्रस्तुति, बॉयो-डायवर्सिटी बोर्ड द्वारा नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता और ऑर्केस्ट्रा सम्राट म्यूजिकल ग्रुप, 19 दिसम्बर को छात्र-छात्राओं द्वारा फैंसी ड्रेस/सोलो एक्टिंग, ध्रुपद गायन, कबीर वाणी, ऑर्केस्ट्रा (जे.के. म्यूजिकल ग्रुप) और विरासत सूफी की म्यूजिकल प्रस्तुति, 20 दिसम्बर को छात्र-छात्राओं द्वारा चित्रकला, बुंदेली गायन, राजस्थानी लोक नृत्य, ऑर्केस्ट्रा (सरगम म्यूजिकल ग्रुप), मानसरोवर कॉलेज द्वारा फ्लैश मॉब और एक शाम वन विभाग के नाम (फॉरेस्ट मेलोडी) द्वारा सरगम म्यूजिकल ग्रुप, 21 दिसम्बर को छात्र-छात्राओं द्वारा सोलो डांस एवं समूह डांस, कठपुतली-शो, पंजाबी भांगड़ा की प्रस्तुति और ऑर्केस्ट्रा (हंस धवानी म्यूजिकल), 22 दिसम्बर को छात्र-छात्राओं द्वारा इंस्ट्रूमेंटल प्रस्तुति, लोक प्रस्तुति, पारम्परिक चिकित्सकों, डॉक्टरों और फील्ड अधिकारियों के साथ परिचर्चा, बॉयो-डायवर्सिर्टी बोर्ड द्वारा नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता (फाइनल) और ऑर्केस्ट्रा (चित्रांश म्यूजिक) एवं विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम और 23 दिसम्बर को मेला समापन समारोह, पुरस्कार वितरण, पारम्परिक नृत्य झाबुआ और ऑर्केस्ट्रा आयुष म्यूजिकल ग्रुप के कार्यक्रम होंगे।  

मध्यप्रदेश को गढ़ने वाले सच्चे सेवक हैं श्रमिक, विकास की बुनियाद उनकी मेहनत: सीएम डॉ. यादव

श्रमिक मध्यप्रदेश को गढ़ने वाले सच्चे सेवक, इनकी मेहनत ही विकास की है बुनियाद : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सरकार हर परिस्थिति में श्रमिकों के साथ प्रदेश के 7227 श्रमिक हितग्राहियों को दिया 160 करोड़ रुपए का संबल मुख्यमंत्री ने अनुग्रह सहायता राशि श्रमिकों के बैंक खाते में की अंतरित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार हर उस जरूरतमंद तक योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है, जो इसके वास्तविक हकदार हैं। हमारी सरकार गरीब, लाचार, श्रमिक, निराश्रित और जरूरतमंद नागरिकों को स्नेह, अपनत्व, स्वावलंबन और आर्थिक सहायता का संबल देती रहेगी। प्रदेश की जनता के सुख-दुख में सरकार हमेशा साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रालय में मुख्यमंत्री जनकल्याण (सम्बल 2.0) योजना के तहत सहायता राशि वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के 55 जिलों के 7227 सम्बल हितग्राहियों के बैंक खाते में 160 करोड़ रुपए की अनुग्रह सहायता राशि अंतरित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस योजना के प्रारंभ वर्ष 2018 से लेकर अब तक 7.76 लाख प्रकरणों में 7383 करोड़ रुपए की सहायता राशि जरूरतमंद हितग्राहियों को दी जा चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संबल योजना श्रमिकों के कठिन समय की सच्ची साथी है। सरकार हर परिस्थिति में श्रमिकों के साथ खड़ी है। संबल योजना सिर्फ़ आर्थिक सहायता का जरिया ही नहीं, यह सरकार और श्रमिकों के बीच आपसी भरोसे का रिश्ता भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समय के साथ श्रम के स्वरूप भी बदले हैं। हमारी सरकार ने गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को असंगठित श्रमिक का दर्जा दिया है। एक मार्च 2024 से इन्हें भी संबल योजना के दायरे में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि अब तक 1400 से अधिक गिग वर्कर्स पंजीकृत किए गए हैं। गरीबों और श्रमिकों के स्वास्थ्य की चिंता करते हुए हमने संबल हितग्राहियों को आयुष्मान भारत योजना से भी जोड़ दिया है। इससे उन्हें भी 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज मिल रहा है। साथ ही 25 लाख से अधिक नए ई-श्रमिक परिवारों को राशन पात्रता देकर उन्हें भी निःशुल्क राशन का लाभ दिया गया है। गर्भवती बहनों के लिए भी सरकार बेहद संवेदनशील है। गर्भावस्था के दौरान उन्हें काम पर न जाना पड़े और उन्हें पोषण की कमी न हो, इसी उद्देश्य से ऐसी बहनों को 16 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब पत्थर तोड़ने वाले, ईंट बनाने वाले, पापड़ अचार बनाने वाले, खाना बनाने वाले, घरों में काम करने वाले मजदूर या तेंदूपत्ता बीनने वाले सभी श्रमिक और उनके परिवार इस योजना से जुड़कर आर्थिक मदद पा रहे हैं। साथ ही प्रदेश की कुशल श्रम शक्ति को सहकारिता के माध्यम से आगे बढ़ाने के लिए हमने "श्रमणा" जैसी योजनाएं भी शुरू की हैं, जिससे श्रमिक वर्ग आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार हर गरीब और श्रमिक वर्ग के साथ हर कदम पर खड़ी है। कोई भी श्रमिक परिवार खुद को असहाय न समझे। श्रमिक भाई सरकार की सभी सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का भरपूर लाभ उठायें। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में कठिनाई कभी बताकर नहीं आती। ऐसी स्थिति में जमा-पूंजी (पैसा) ही हमें संबल देता है। राज्य सरकार सभी श्रमिक परिवारों के हर मुश्किल वक्त में साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि संबल योजना सभी को एक माला की तरह साथ जोड़कर रखती है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल कार्यक्रम में अमरकंटक से वर्चुअल शामिल होकर कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में आज संबल योजना के अंतर्गत 7वीं बार हितग्राही परिवारों को राशि अंतरित की जा रही है। संबल योजना के अंतर्गत अब तक 1.83 करोड़ से अधिक श्रमिकों ने पंजीयन कराया है, जबकि संबल 2.0 में 43 लाख लोगों ने पंजीयन किया है। राज्य सरकार ने पूर्व की सरकार का बैकलॉग भी खत्म कर दिया है। उन्होंने कहा कि अब श्रम विभाग इस स्थिति में आ चुका है कि किसी भी संबल प्रकरण में हम मात्र 60 दिन के अंदर हितग्राही को भुगतान कर सकते हैं। यही हमारी दो साल की बड़ी उपलब्धि है। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) नीरज मंडलोई, सचिव मुख्यमंत्री आलोक सिंह, सचिव श्रम रघुराज एम.आर., सचिव म.प्र. असंगठित शहरी एवं ग्रामीण कर्मकार कल्याण मंडल बंसत कुर्रे सहित अधिकारी उपस्थित थे। जिलों से जनप्रतिनिधि एवं संबल हितग्रहियों ने वीसी के माध्यम से कार्यक्रम में शिरकत की। उल्लेखनीय है कि सम्बल योजना श्रमिक एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए एक सुरक्षा कवच के रूप में उभरी है। योजना के तहत महिला श्रमिकों को प्रसूति सहायता के रूप में 16 हजार रुपए दिए जाते हैं, वहीं श्रमिकों के बच्चों की उच्च शिक्षा का पूरा शिक्षण शुल्क भी राज्य सरकार वहन करती है। सामाजिक सुरक्षा को मजबूती देने वाली इस योजना ने लाखों परिवारों की जिंदगी में भरोसे की रोशनी जगाई है। संबल योजना के सभी पंजीकृत हितग्राही 5 लाख रुपए तक का निःशुल्क इलाज भी प्राप्त कर रहे हैं। यह योजना आज आर्थिक सहायता का माध्यम होने के साथ श्रमिक परिवारों के लिए सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का भरोसा भी बन चुकी है। मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजना से भुगतान पाने वाले हितग्राही क्रं संचालित योजनाएं दी जाने वाली सहायता राशि (प्रति प्रकरण रूपए में) हितग्राहियों की संख्या 1. अनुग्रह सहायता (सामान्य मृत्यु पर) दो लाख 6390 2. अनुग्रह सहायता (दुर्घटना मृत्यु पर) 4 लाख 790 3. अनुग्रह सहायता (आंशिक स्थायी अपंगता) एक लाख 34 4. अनुग्रह सहायता (स्थायी अपंगता होने पर) दो लाख 13 महायोग 7,227    

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में हो रहा है सांस्कृतिक अभ्युदय

भारतीय शास्त्रीय संगीत के शिखर पुरुष थे तानसेन मूर्धन्य संगीतज्ञ पं. राजा काले और पं. तरुण भट्टाचार्य तानसेन अलंकरण से हुए विभूषित  साधना परमार्थिक संस्थान समिति मण्डलेश्वर एवं रागायन संगीत समिति ग्वालियर को मिला राजा मानसिंह तोमर सम्मान भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में सांस्कृतिक अभ्युदय हो रहा है। आज दुनिया भारत की ओर देख रही है और प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत शनै:-शनै: अपनी अद्वितीय छाप छोड़ता जा रहा है। राज्य सरकार कला-संस्कृति को संरक्षित करते हुए विकास के पथ पर निरंतर अग्रसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअली भारतीय शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में देश के सर्वाधिक प्रतिष्ठित महोत्सव “तानसेन संगीत समारोह” का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तानसेन संगीत समारोह प्रदेश का उल्लेखनीय और प्रतिष्ठित समारोह है। संगीत सम्राट तानसेन की सुर और तान ने ग्वालियर को दुनिया में अलग पहचान दिलवाई है। तानसेन भारतीय शास्त्रीय संगीत के शिखर पुरुष थे। संगीत सम्राट तानसेन ने गुरु स्वामी हरिदास जी के सानिध्य में संगीत की बारीकियां सीखकर नए आयाम दिए हैं। उनकी तान सुनकर लोग मंत्रमुग्ध हो जाते थे। तानसेन की ख्याति ऐसी थी कि अकबर ने उन्हें अपने नवरत्नों में शामिल किया है। वैदिक काल से शास्त्रीय संगीत हमारे जीवन और संस्कृति का हिस्सा है और सामवेद इसका साक्षी है। इसके पहले अपर मुख्य सचिव संस्कृति एवं पर्यटन श्री शिव शेखर शुक्ला ने तानसेन समारोह के महत्व को बताते हुए रूपरेखा की जानकारी दी। सभी सम्मानित कलाकारों को दी बधाई तानसेन समारोह के शुभारंभ के साथ राष्ट्रीय तानसेन अलंकरण एवं राजा मानसिंह तोमर सम्मान समारोह का आयोजन भी हुआ। इसमें प्रख्यात शास्त्रीय गायक पं. राजा काले मुम्बई को वर्ष 2024 एवं सुविख्यात संतूर वादक पं. तरुण भट्टाचार्य को वर्ष 2025 के तानसेन अलंकरण से विभूषित किया गया। इसी तरह मण्डलेश्वर की साधना परमार्थिक संस्थान समिति को वर्ष 2024 एवं ग्वालियर की रागायन संगीत समिति को वर्ष 2025 का राजा मानसिंह तोमर सम्मान से अलंकृत किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी सम्मानित विभूतियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।   उल्लेखनीय है कि ग्वालियर में 15 दिसम्बर से 19 दिसम्बर तक “तानसेन समारोह” आयोजित हो रहा है। जाहिर है ग्वालियर की फिज़ाएँ अगले पाँच दिनों तक सुर, ताल व राग की बारिश में सराबोर रहेंगी। शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में देश और दुनियाँ के सर्वाधिक प्रतिष्ठित महोत्सव " तानसेन समारोह " में इस बार अलग ही रंग भरे गए हैं। राज्य शासन के संस्कृति विभाग की उस्ताद अलाउद्दीन खाँ संगीत एवं कला अकादमी व मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद द्वारा जिला प्रशासन व नगर निगम के सहयोग से हर साल तानसेन संगीत समारोह का आयोजन किया जा रहा है। मुख्य समारोह में 10 संगीत सभाएँ होंगी तानसेन संगीत समारोह में इस साल 10 संगीत सभाएं होंगी। पहली सभा सोमवार को सायंकाल को तानसेन समाधि परिसर में बनाए गए भव्य मंच पर सजी। इसके बाद हर दिन यहीं पर प्रातः एवं सायंकालीन सभाएं होंगी। समारोह के तहत 18 दिसम्बर को प्रात:काल 10 बजे से दो संगीत सभायें समानांतर रूप से सजेंगी। यह सभायें तानसेन समाधि स्थल के मुख्य मंच व मुरैना जिले के सुप्रसिद्ध बटेश्वर मंदिर परिसर में संगीत सभा सजेगी। समारोह के आखिरी दिन 19 दिसंबर को प्रातःकालीन सभा संगीत शिरोमणि तानसेन की जन्मस्थली बेहट में और इस साल के समारोह की अंतिम संगीत सभा सायंकाल गूजरी महल परिसर में सजेगी। ग्वालियर में आयोजित कार्यक्रम में संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री श्री धर्मेंद्र लोधी, विधायक श्री मोहन ठाकुर, विधायक श्री सुरेश राजे, महापौर श्रीमती शोभा सिकरवार, संचालक संस्कृति श्री एनपी नामदेव सहित बड़ी संख्या में कला प्रेमी उपस्थित थे। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में समग्र औद्योगिक विकास की ओर बढ़ता मध्यप्रदेश

पी.एम. मित्र पार्क में 89 परिवारों के पुनर्वास का पहला चरण, 24 परिवारों को सौंपे पक्के घर भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में औद्योगिक परियोजनाओं को केवल निवेश के रूप में नहीं, बल्कि समाज के समग्र विकास से जोड़कर आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी सोच के साथ धार जिले के ग्राम भैंसोला में विकसित हो रहा देश का पहला पी.एम. मित्र पार्क में विस्थापित परिवारों के पुनर्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। पी.एम. मित्र पार्क की भूमि पर निवासरत कुल 89 परिवारों के पुनर्वास के लिए एम.पी.आई.डी.सी. द्वारा समीप ही सुव्यवस्थित आवासीय कॉलोनी विकसित की जा रही है। इस पुनर्वास योजना के प्रथम चरण में 24 परिवारों को पक्के मकान बनाकर सौंपे गए और विधि-विधान के साथ उनका गृह प्रवेश कराया गया। शेष परिवारों को भी चरणबद्ध रूप से आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रदेश सरकार की नीति के अनुसार औद्योगिक विकास करते हुए हर परिवार का ख्याल रखा जायेगा। इसी नीति के तहत पी.एम. मित्र पार्क के लिए प्रभावित परिवारों को केवल आवास ही नहीं बल्कि बेहतर जीवन उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया गया है। 89 पक्के मकान, 140 भूखण्ड और पूर्ण आधारभूत सुविधाएँ पी.एम. मित्र पार्क के लिए विकसित की जा रही पुनर्वास कॉलोनी में कुल 89 टू बी.एच.के. पक्के मकान तथा 140 विकसित भूखण्ड शामिल हैं। कॉलोनी में बिजली, नल से जल, सड़क, नाली और एस.टी.पी. जैसी सभी आवश्यक सुविधाओं के साथ आंगनवाड़ी केंद्र, प्राथमिक विद्यालय, पार्क और सामुदायिक भवन विकसित किए गए हैं। सुरक्षा की दृष्टि से पूरे परिसर को बाउंड्रीवॉल से कवर किया गया है। 13.48 करोड़ रु. की पुनर्वास योजना, अप्रैल 2026 तक पूर्ण यह संपूर्ण पुनर्वास परियोजना लगभग 13.48 करोड़ रु. की लागत से विकसित की जा रही है। प्रत्येक मकान की लागत लगभग 6 लाख रु. है। परियोजना को अप्रैल 2026 तक पूरा कर शेष सभी हितग्राहियों को चरणबद्ध रूप से मकान सौंपे जाएंगे। विकसित किए गए 140 भूखण्ड भविष्य में अन्य विस्थापन कार्यों के लिए उपयोग में लाए जाएंगे। देश के पहले पी.एम. मित्र पार्क में उद्योग स्थापना और पुनर्वास का यह संतुलित मॉडल यह दर्शाता है कि प्रदेश सरकार के लिए औद्योगिक प्रगति के साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी समान रूप से महत्वपूर्ण है। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर को दी विकास की अनेक सौगातें

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में रविवार को ब्रिलियेंट कन्वेशन सेंटर में इंदौर के विकास को नई गति देने के लिये महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विकास की अनेक सौगाते दीं। अधोसंरचनात्मक विकास को नई गति देने के लिये कई अहम निर्णय भी बैठक में हुये। इस मैराथन बैठक में इंदौर और उसके विस्तृत मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के भविष्य को ध्यान में रखते हुए कई बड़े निर्णय लिए गए। बैठक में जनप्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों और विशेषज्ञों ने सहभागी होकर शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर, यातायात, उद्योग, शिक्षा, मेट्रोपॉलिटीनरिजन, पूर्व एवं पश्चिमी बायपास, इकॉनामिक कारिडोर, स्थानीय परिवहन, आईटी, पर्यटन और मास्टर प्लान से जुड़े विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह बैठक इंदौर के विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी परियोजनाएँ धरातल पर उतरेंगी और इंदौर आने वाले वर्षों में देश के अग्रणी महानगरों में शामिल होगा। भूमिगत होगा मेट्रो का प्रमुख हिस्सा-राज्य सरकार देगी 800–900 करोड़ रुपए बैठक में मेट्रो परियोजना के रूट निर्धारण पर विस्तृत चर्चा की गई। बताया गया कि मूल प्रस्ताव संशोधित होने के बाद भी समस्याएँ बनी रहीं, इसलिए सुझाव आया कि मेट्रो के मुख्य हिस्से को पूरी तरह भूमिगत किया जाए। मुख्य हिस्से को भूमिगत करने के लिये निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि राज्य सरकार इसके लिए लगभग 900 करोड़ रुपये का भार वहन करेगी। उन्होंने कहा कि यह निर्णय इंदौर के भविष्य को देखते हुए लिया गया है ताकि मेट्रो का अधिकतम लाभ जनता को मिले और यातायात प्रबंधन बेहतर हो। एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण शीघ्र प्रारंभ होगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एलिवेटेड कॉरिडोर की यह परियोजना इंदौर शहर के यातायात के लिये अतिमहत्वपूर्ण है। इसका निर्माण शीघ्र प्रारंभ किया जाये। एलिवेटेड कॉरिडोर के जंक्शन, रोटरी, लंबाई आदि पर शीघ्र तकनीकी व जनप्रतिनिधियों की बैठक कर अंतिम डिज़ाइन तय करें। बैठक में बीआरटीएस हटने के बाद शहर में नए वैज्ञानिक ट्रैफिक सर्वे के आधार पर एकीकृत ट्रैफिक प्लान तैयार करने का निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि यह परियोजना आने वाले 25–50 वर्षों तक इंदौर की ट्रैफिक समस्या का स्थायी समाधान देगी। इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र का होगा विस्तार—14,000 वर्ग किमी में जुड़ेगा पूरा मालवा बैठक में इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र को भविष्य की दृष्टि से विस्तारित करने का निर्णय लिया गया। भविष्य को ध्यान में रखते हुए  इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में उज्जैन, देवास, धार, रतलाम, नागदा, बदनावर और शाजापुर–मक्सी क्षेत्रों के साथ जोड़कर लगभग 14,000 वर्ग किलोमीटर का मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र विकसित करने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि इस क्षेत्र में पाँच से अधिक बड़े रेलवे जंक्शन,एक अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट,उज्जैन और रतलाम के भविष्य के एयरपोर्ट,दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेस-वे,दिल्ली–मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर,इंदौर–मनमाड़ रेल लाइन इन्हें आधार बनाकर इंदौर को देश का बड़ा व्यापार–उद्योग–पर्यटन हब बनाने की योजना है। स्टार्टअप पार्क और अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर—इंदौर को देंगे नई आर्थिक पहचान बैठक में एमआर-10 के पास अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टार्टअप पार्क और कन्वेंशन सेंटर की स्थापना का निर्णय लिया गया। बताया गया कि भारत सरकार भी इस प्रोजेक्ट को बढ़ावा देने को तैयार है। यह इंदौर को मध्य भारत का सबसे बड़ा इनोवेशन सेंटर बनाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कन्वेंशन सेंटर को नई दिल्ली के भारत भवन के तर्ज पर विकसित किया जाये। बताया गया कि कन्वेंशन सेंटर की लागत 550 से 600 करोड़ के लगभग है। इसे तीन वर्ष में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। इसका संचालन पीपीपी के माध्यम से किया जाना प्रस्तावित है। इसकी इंडोर क्षमता 5 हजार और आउट डोर क्षमता 10 हजार रहेगी। हुकुमचंद मिल परियोजना बनेगी देश के लिये मॉडल बैठक में बताया गया कि हुकुमचंद मिल परियोजना का क्रियान्वयन जल्द प्रारंभ होगा। इस मिल की भूमि का पंजीयन मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड के नाम पर हो गया है। भूमि हस्तांतरित कर दी गयी है। सम्पूर्ण 17.5 हेक्टेयर भूमि के विकास के लिये डीपीआर तैयार हो गयी है। निविदा की कार्यवाही प्रचलित है। आगामी तीन वर्षों में कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस भूमि का ऐसा विकास किया जाये,जो देश के लिये मॉडल हो। इसमें देश की शीर्षस्थ नियोजकों की मदद ली जाये। बड़े निवेशकों को भी निवेश के लिये प्रोत्साहित किया जाये। पीडब्ल्यूडी की 12 हेक्टेयर भूमि का  होगा रिडेंसिफिकेशन बैठक में पलासिया स्थित पीडब्ल्यूडी की 12 हेक्टेयर भूमि के पुर्नघनत्वीकरण (Redevelopment) के लिए निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने  इसके प्लान में विशेष रूप से ग्रीनरी, हवा की गुणवत्ता और खुले स्थानों को संरक्षित करने पर जोर दिया। स्मार्ट इंदौर—आईटी, सीसीटीवी, फ्यूचर-रेडी सिस्टम बैठक में इंदौर शहर को फ्यूचर रेडी बनाने के लिए निर्णय लिये गये। इसके तहत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्मार्ट सीसीटीवी नेटवर्क स्थापना,उन्नत आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने,ई-बस प्रोजेक्ट संचालित करने,स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम लागू करने आदि पर तेज़ी से कार्य करने के निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि  जनसहभागिता आधारित सीसीटीवी नेटवर्क स्थापित किया जायेगा। इसके तहत 13690 स्थान चिन्हित किये गये हैं, जहाँ लगभग 60 हजार कैमरों की स्थापना की जायेगी। इसकी एकीकृत कन्ट्रोल रूम के माध्यम से मॉनिटरिंग होगी। बैठक में बताया गया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी सीसीटीवी निगरानी नेटवर्क स्थापित किये जायेंगे। बैठक में बताया गया कि पीएम ई-बस सेवा का संचालन होगा। इसके तहत 270 ई-बसें चलायी जायेंगी। यह बसें आगामी मार्च माह से शहर में चलना शुरू हो जायेंगी। इससे सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। स्लम-फ्री इंदौर और आवास योजना शहर की झुग्गी बस्तियों के पूर्ण पुनर्वास के लिए उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना से जोड़कर स्थायी आवास देने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में बताया गया कि इसके तहत आगामी तीन वर्षों में डेढ़ लाख घर बनाये जायेंगे। इसके लिये वर्तमान में 10 स्थानों के लिये डीपीआर तैयार की जा रही है। एस्ट्रोटर्फ ग्राउंड और नए खेल मैदान होंगे विकसित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर खेलों की राजधानी है। इंदौर में खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएँ मुहैया करायी जायेंगी। इसके लिये कोई कसर नहीं छोड़ी जायेगी। उन्होंने कहा कि इंदौर में एस्ट्रोटर्फ मैदान, नए खेल मैदान और आधुनिक स्पोर्ट्स सुविधाएँ विकसित की जाएंगी। यह शहर को खेल महाकुंभ और राष्ट्रीय टूर्नामेंटों का केंद्र बनाएगा विश्वविद्यालय बनेंगे … Read more