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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल में ड्रोन टेक वर्कशॉप एक्सपो 2025 को किया संबोधित

कृषि कार्य हो, आपदा की स्थिति हो या पुलिस प्रशासन के लिए मॉनीटरिंग की आवश्यकता सभी जगह ड्रोन तकनीक उपयोगी राज्य सरकार विकास-नवाचार और आत्मनिर्भरता के सशक्त वाहक के रूप में ड्रोन तकनीक का उपयोग करने के पथ पर अग्रसर ड्रोन पर केन्द्रित प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन किया भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विज्ञान एवं तकनीकी क्षेत्र की सहायता से प्रदेश में विकास के हर संभव प्रयास जारी हैं। प्रदेश सरकार ने अपनी नई ड्रोन पॉलिसी भी तैयार की है। हमें दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है। भारतीय समाज नई तकनीक और नवाचारों को शीघ्रता से आत्मसात करने में कभी पीछे नहीं रहा है। ड्रोन, विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव है। ड्रोन कृषि कार्यों में आज अन्नदाता की मदद कर रहा है। इससे खेतों में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव आसान हुआ है। ड्रोन तकनीक से देश के दुश्मनों का खात्मा भी हो रहा है। अब तो शादियां भी ड्रोन के बिना पूरी नहीं होती हैं। हमारे वैज्ञानिक वाइस कमांड कंट्रोल की सहायता से ड्रोन को ज्यादा आधुनिक बने रहे हैं। दुनिया ने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से भारतीय ड्रोन तकनीक की ताकत देखी है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में ड्रोन टेक्नोलॉजी के माध्यम से भारत ने दुश्मन को उसके घर में घुसकर मारा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ड्रोन तकनीक कार्यशाला एवं एक्सपो 2025 का विज्ञान भवन- नेहरू नगर में दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर लगाई गई प्रदर्शनी और वर्कशॉप का शुभारंभ कर अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं, स्टार्टअप और औद्योगिक संस्थानों द्वारा लगाए गए स्टॉल्स पर पहुंचकर ड्रोन तकनीक के शैक्षणिक, औद्योगिक और कृषि क्षेत्र में उपयोग के संबंध में जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ड्रोन टेक एक्सपो वर्कशॉप का आयोजन भारत की तकनीकी क्रांति का प्रतीक है। किसान भाइयों के लिए ड्रोन वरदान बन गया है। आपदा कीस्थिति हो या पुलिस प्रशासन के लिए मॉनीटरिंग की आवश्यकता ड्रोन तकनीक ने जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में जिस प्रकार से बदलाव किया है वह अभूतपूर्व है। राज्य सरकार विकास-नवाचार और आत्मनिर्भरता के सशक्त वाहक के रूप में ड्रोन तकनीक का उपयोग करने के पथ पर अग्रसर है। मध्यप्रदेश विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा परिषद के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी ने कहा कि मध्यप्रदेश के 70वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में ड्रोन टेक वर्कशॉप एक्सपो-2025 आयोजित की गई है। इसमें ड्रोन तकनीक के प्रशिक्षण के लिए प्रदेशभर के 4 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। कार्यशाला में विशेषज्ञों द्वारा उन्हें स्वरोजगार एवं तकनीक आधारित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की जाएगी। विज्ञान एवं तकनीकी नवाचारों के माध्यम से मध्यप्रदेश विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा परिषद मध्यप्रदेश के विकास के लिए हर स्तर पर सहयोग प्रदान करने के लिए तत्पर है। स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर भोपाल के निदेशक श्री कैलाशा राव ने कहा कि आज ड्रोन तकनीक अधोसंरचना विकास कार्यों को मूर्तरूप देने में अहम भूमिका निभा रही है। उज्जैन सहित प्रदेश के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थलों के मानचित्र तैयार करने में यह तकनीक उपयोगी सिद्ध हुई है। ड्रोन तकनीक पर आधारित यह कार्यशाला युवाओं में वैज्ञानिक सोच विकसित करने और जनसामान्य को ड्रोन तकनीक के विविध उपयोगों की जानकारी देने में सहायक सिद्ध होगी। अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा श्री संजय दुबे ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विविध गतिविधियां जारी हैं। प्रदेश के युवाओं को आगे बढ़ने के अनेक अवसर प्राप्त हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ड्रोन टेक्नोलॉजी के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। ड्रोन अब केवल रक्षा या निगरानी का साधन नहीं रहे बल्कि कृषि, भू-सर्वेक्षण, पर्यावरण संरक्षण, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाएँ, परिवहन, उद्योग एवं मीडिया जैसे अनेक क्षेत्रों में उपयोगी साबित हो रहे हैं। भारत सरकार की “ड्रोन नीति 2021” तथा “मेक इन इंडिया” अभियान के अनुरूप राज्य स्तर पर भी ड्रोन तकनीक को नवाचार, स्टार्टअप और रोजगार के नए अवसरों के रूप में विकसित किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि ड्रोन टेक वर्कशॉप एवं एक्सपो 2025 का मुख्य उद्देश्य राज्य में ड्रोन तकनीक की समझ, उपयोगिता और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देना है। इस कार्यक्रम से युवाओं, शोधकर्ताओं, स्टार्टअप्स, उद्योगों और नीति निर्माताओं को एक साझा मंच मिलेगा, जिससे ड्रोन तकनीक के व्यावहारिक, सामाजिक और औद्योगिक उपयोग को बढ़ावा दिया जा सकेगा। कार्यक्रम में ड्रोन प्रदर्शनी एवं हैंड्स ऑन वर्कशॉप आयोजित की गई। साथ ही राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय विशेषज्ञों के प्रेरक व्याख्यान, ड्रोन उड़ान के लाइव डेमो एवं टेक्निकल शोकेस, इनोवेशन चैलेंज एवं प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। कार्यक्रम में मनासा विधायक श्री अनिरुद्ध माधव मारू, मुख्यमंत्री डॉ. यादव के संस्कृति सलाहकार श्री राम तिवारी तथा विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं के विद्यार्थी, विषय-विशेषज्ञ, शोधकर्ता और ड्रोन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नवाचार करने वाले युवा तथा उद्यमी उपस्थित थे।  

टीकमगढ़ में चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना के साथ ही जिला चिकित्सालय की क्षमता का भी हुआ है उन्नयन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश ने भारत में पहली बार पीपीपी मोड पर (सार्वजनिक-निजी सहभागिता) चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना की पहल की है। धार, पन्ना, कटनी और बैतूल में पीपीपी मोड पर चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना की जा रही है। द्वितीय चरण में 9 जिलों क्रमश: टीकमगढ़, भिंड, मुरैना, खरगोन, अशोकनगर, गुना, बालाघाट, सीधी और शाजापुर में चिकित्सा महाविद्यालय स्थापित करने की कार्यवाही जारी है। प्रदेश में रोगियों को उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं में वृद्धि के उद्देश्य से टीकमगढ़, नीमच, सिंगरौली, श्योपुर और डिंडौरी में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत निर्मित अतिरिक्त बिस्तरों के संचालन के लिए 810 नवीन पदों के नियोजन की स्वीकृति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, टीकमगढ़ में चिकित्सा सुविधा के विस्तार के लिए उनका आभार मानने मुख्यमंत्री निवास आए युवाओं को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को गजमाला पहनाकर तथा स्मृति चिन्ह व गदा भेंटकर सम्मान किया गया। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ला तथा राज्यमंत्री श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल इस अवसर पर उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जिला चिकित्सालय टीकमगढ़ की क्षमता बढ़ाते हुए 300 बिस्तर से 500 बिस्तर में उन्नयन तथा इनके संचालन के लिए 160 नवीन पदों के नियोजन की स्वीकृति प्रदान की गई है। गत वर्ष टीकमगढ़ जिला चिकित्सालय में 16 करोड़ रूपए की लागत से अतिरिक्त 100 बिस्तरीय नवीन भवन का निर्माण किया गया है। टीकमगढ़ अस्पताल में अब विशेषज्ञ ओ.पी.डी, आपातकालीन सेवायें, परिवार कल्याण सेवायें, लैब, रेडियोलॉजी, ट्रामा केयर, कीमोथैरेपी, डायलिसिस, गहन नवजात देखभाल इकाई आदि सुविधाओं के साथ प्रसव पूर्व जांच, टीकाकरण, हाईरिस्क प्रेगनेंसी की पहचान और प्रबंधन, सुरक्षित प्रसव और परिवार कल्याण संबंधी परामर्श व सुविधा उपलब्ध होगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले – माँ नर्मदा में मगरमच्छ को पुनर्स्थापित करने का संकल्प हो रहा पूर्ण

पुण्य सलिला माँ नर्मदा के वाहन मगरमच्छ को माँ नर्मदा में बसाने का पूर्ण हो रहा है संकल्प : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 30 अक्टूबर गुरुवार को माँ नर्मदा के जल में छोड़े जाएंगे मगरमच्छ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार पुण्य सलिला माँ नर्मदा के वाहन मगरमच्छ को माँ नर्मदा में बसाने का अपना संकल्प पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। मगरमच्छों के आवास के लिए नर्मदा जी की धारा अत्यंत अनुकूल है। गुरुवार 30 अक्टूबर को माँ नर्मदा के जल में मगरमच्छों को छोड़ा जाएगा। राज्य सरकार सभी प्रकार के जीवों के संरक्षण के लिए संकल्पित है। प्रदेश में वन्य जीवों के साथ ही घड़ियाल, मगरमच्छ जैसे सभी प्रकार के जलीय जीवों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष चंबल नदी में घड़ियाल छोड़े गए थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह जानकारी अटल पथ पर मीडिया से चर्चा के दौरान दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सभी प्रकार के वन्यजीवों के संरक्षण का अभियान चल रहा है। भारतीय संस्कृति में मनुष्य एवं वन्य जीव परस्पर एक-दूसरे पर निर्भर हैं। मां नर्मदा जी का वाहन निर्मल जल में अठखेलियां करता दिखाई देगा। नर्मदा जी में मगरमच्छों को छोड़ते समय इस बात का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा कि इस जलीय जीव को ऐसे स्थान पर छोड़ा जाए, जहां लोगों को इससे खतरा न हो। मगरमच्छ की मौजूदगी मां नर्मदा के लिए शुभ होगी और यह जल की धारा को सशक्त बनाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 30 अक्टूबर को खण्डवा जिले के नर्मदानगर प्रवास पर रहेंगे।  

मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव विद्यार्थियों के खातों में गुरूवार को अंतरित करेंगे 300 करोड़ रूपये की छात्रवृत्ति

 52 लाख से अधिक विद्यार्थियों को पहुँचेगा फायदा भोपाल मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरूवार 30 अक्‍टूबर को 52 लाख से अधिक विद्यार्थियों के बैंक खातों में समेकित छात्रवृत्ति योजना की 300 करोड़ रूपये से अधिक की राशि सिंगल क्लिक से अंतरित करेंगे। यह कार्यक्रम दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन के सभागार में आयोजित होगा। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह और जनजातीय कल्याण मंत्री कुँवर विजय शाह भी मौजूद रहेंगे। इस अवसर पर मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव विद्यार्थियों और जन-समुदाय को वर्चुअली संबोधित करेंगे। कार्यक्रम का सजीव प्रसारण सभी जिलों के समस्त विद्यालयों में भी होगा। कार्यक्रम में समेकित छात्रवृत्ति योजना के पात्र विद्यार्थी जिला अथवा विकासखण्ड के विद्यालयों के समेकित छात्रवृत्ति कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे। जिला एवं विकासखण्ड स्तर पर होने वाले कार्यक्रमों में विधायक और जन-प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है। उल्‍लेखनीय है कि समग्र सामाजिक सुरक्षा मिशन में समेकित छात्रवृत्ति योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी स्कूल शिक्षा विभाग को सौंपी गई है। इस योजना के तहत 6 विभागों स्कूल शिक्षा, अनुसूचित जाति कल्याण, जनजातीय कल्याण, विमुक्त, घुमक्कड़ और अर्द्ध घुमक्कड़, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण और सामाजिक न्याय विभाग की 20 प्रकार की छात्रवृतियों की राशि प्रदान की जाती है। समेकित छात्रवृत्ति योजना में प्रदेश के शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के कक्षा-1 से 12 तक अध्ययनरत पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति की राशि एजुकेशन पोर्टल 3.0 के माध्यम से स्वीकृत की गई है। मुख्‍यमंत्री द्वारा अंतरित की जाने वाली राशि में स्कूल शिक्षा विभाग की 7 प्रकार की छात्रवृत्ति जैसे सामान्य निर्धन वर्ग छात्रवृत्ति, सुदामा प्री-मेट्रिक, स्वामी विवेकानन्द पोस्ट मेट्रिक, सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारियों के बच्चों की छात्रवृत्ति, पितृहीन कन्याओं की छात्रवृत्ति, इकलोती बेटी की शिक्षा विकास छात्रवृत्ति की राशि भी शामिल है। लोक शिक्षण संचालनालय ने जारी किये निर्देश लोक शिक्षण संचालनालय ने समेकित छात्रवृत्ति-2025 के संबंध में समस्त जिला शिक्षा अधिकारी एवं जनजातीय कार्य विभाग के सहायक आयुक्तों को निर्देश जारी किये हैं। निर्देश में जिला स्तर पर होने वाले कार्यक्रम में विद्यार्थियों और स्थानीय जन-प्रतिनिधियों को शामिल किये जाने के संबंध में निर्देश दिये गये हैं।  

साइबर अपराध से बचाव के लिए सबसे बड़ा हथियार जागरूकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

साइबर अपराध से लड़ाई पुलिस के साथ पूरे समाज की है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव साइबर अपराध से बचाव के लिए सबसे बड़ा हथियार जागरूकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव रन फॉर साइबर अवेयरनेस ने डिजिटल युग की सबसे जरूरी पहल को दिया जनआंदोलन का रूप : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रन फॉर साइबर अवेयरनेस को झंडी दिखाकर किया रवाना अटल पथ स्थित प्लेटिनम प्लाजा पर हुआ कार्यक्रम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'रन फॉर साइबर अवेयरनेस' जागरूकता अभियान के आयोजन के लिए मध्यप्रदेश पुलिस सहित सभी प्रतिभागियों और सहयोगियों को बधाई देते हुए कहा कि साइबर अपराध से लड़ाई केवल पुलिस की नहीं, पूरे समाज की है। तकनीक और कानून अपने स्थान पर हैं, पर सबसे बड़ा हथियार जागरूकता है। जब नागरिक जागरूक होगा, तभी राष्ट्र सुरक्षित होगा। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम ने डिजिटल युग की सबसे जरूरी पहल को जन-आंदोलन का रूप दिया है। हम जिस रफ्तार से डिजिटल रूप से मजबूत हुए हैं उसी रफ्तार से नई परेशानियां और खतरे सिर उठाने लगे हैं। जिस तकनीक ने हमें जोड़ा है उसी तकनीक ने अपराधियों को नए हथियार भी दिए हैं और आज ठगी के नए-नए तरीके आ गए हैं। डिजिटल अरेस्ट, फेक प्रोफाइल, हैकिंग, डेटा ब्रीचिंग, ऑनलाइन फ्रॉड, ओटीपी फॉड, ऑनलाइन शॉपिंग धोखाधड़ी और फेक इन्वेस्टमेंट लिंक जैसे अपराध बढ़ते जा रहे हैं। ये हमारे समाज के हर वर्ग को प्रभावित कर रहे हैं। 'रन फॉर साइबर अवेयरनेस' डिजिटल युग में नागरिक सुरक्षा का कर्तव्य निभा रही है। साइबर सिपाही, जिम्मेदारी, सुरक्षा और जागरूकता की दौड़ के लिए एकजुट हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा साइबर सुरक्षा और जागरूकता के लिए आयोजित रन फॉर साइबर अवेयरनेस के प्रतिभागियों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रन के लिए एकत्र प्रतिभागियों को अटल पथ स्थित प्लेटिनम प्लाजा से झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रन अटल पथ से एपेक्स बैंक तिराहा होते हुए टी.टी. नगर स्टेडियम पर पूर्ण हुई। इस अवसर पर विधायक भगवानदास सबनानी, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कार्यक्रम स्थल पहुंचने पर पुलिस बैंड की धुन के साथ सलामी दी गई। पुलिस महानिदेशक तथा अन्य पुलिस अधिकारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पुष्प गुच्छ भेंटकर स्वागत किया और स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर करें कॉल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जब डिजिटल इंडिया का सपना देखा था तब उन्होंने भारत को तकनीकी रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने की परिकल्पना की थी। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत डिजिटल क्रांति का अग्रदूत बना है। डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन सेवाएं, ई-गवर्नेंस ये सब आज सबके जीवन का हिस्सा बन चुके हैं। मध्यप्रदेश ने भी पंचायत से लेकर सचिवालय तक हर स्तर पर डिजिटल सेवाएं पहुंचाने का काम किया है। बैंकिंग से लेकर शिक्षा तक और रोजगार से लेकर शासन तक हर प्रक्रिया अब ऑनलाइन है। आज के समय में साइबर अपराधी कभी स्वयं को पुलिस अधिकारी बताकर, कभी बैंक मैनेजर बनकर, तो कभी किसी सरकारी एजेंसी का नाम लेकर लोगों को ठग रहे हैं। जब किसी परिवार की मेहनत की कमाई पलभर में लुट जाती है, जब किसी विद्यार्थी का भविष्य ठगी में फंस जाता है, तो यह पूरे समाज के लिए पीड़ा का विषय बन जाता है। यदि किसी के साथ साइबर ठगी हो जाए तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट दर्ज करें। देरी करने से पीड़ित के पैसे वापस मिलने की संभावना कम हो जाती है इसलिए त्वरित कार्रवाई ही बचाव है। जैसे हमने स्वच्छता को अपनी संस्कृति बनाया है, वैसे ही हमें साइबर स्वच्छता को भी अपनी संस्कृति बनाना होगा। डिजिटल युग का संविधान और सुरक्षित नागरिक का संस्कार है, स्टॉप थिंक एंड देन टेक एक्शन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि साइबर अपराध की सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने हमें एक बहुत सार्थक मंत्र दिया है, स्टॉप थिंक, एंड देन टेक एक्शन। यानी रूको, सोचो और फिर कोई कदम उठाओ। जब कोई अनजान कॉल आए तो रूकिए। कोई आकर्षक लिंक दिखे तो सोचिए और जब निश्चित हो जाए कि यह सही है तभी क्लिक कीजिए। यही डिजिटल युग का संविधान है, यही सुरक्षित नागरिक का संस्कार है। साइबर अपराध पैसों के साथ विश्वास, चरित्र और पहचान की भी क्षति पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कहा कि आज साइबर अपराध हमारे देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ता अपराध बन चुका है। आने वाले वर्षों में साइबर क्राइम अन्य सभी अपराधों को पीछे छोड़कर सबसे अधिक संख्या में उभर कर आने वाला अपराध है। यह केवल पैसों की हानि नहीं, बल्कि विश्वास, चरित्र और पहचान की भी क्षति है। कई बार मेहनत और ज्ञान की चोरी भी डिजिटल माध्यमों से हो रही है। किसी की रिसर्च, डिजाइन, विचार या फोटो को बिना अनुमति के इस्तेमाल किया जाना भी साइबर अपराध है। सुरक्षित रहना अब दरवाजा बंद करने के साथ स्क्रीन लॉक करना भी पुलिस महानिदेशक मकवाना ने कहा कि आज की इस दौड़ का उद्देश्य केवल दौड़ना नहीं बल्कि सोचना और जागरूक होना भी है कि कैसे हम अपनी डिजिटल पहचान सुरक्षित रखें, कैसे हम अपने पासवर्ड-ओटीपी और निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें और कैसे हम डिजिटल सुरक्षा को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। मध्यप्रदेश पुलिस लगातार साइबर जागरूकता के लिए अभियान चला रही है। विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं पंचायत व शहरों तक हर नागरिक यह समझ सके कि हमें यह याद रखना होगा कि एक जागरूक नागरिक ही सबसे बड़ी सुरक्षा दीवार है। पुलिस महानिदेशक मकवाना ने उपस्थित प्रतिभागियों से साइबर अपराध के प्रति जागरूक रहने, लोगों को जागरूक करने और समाज को साइबर अपराध से बचाने में योगदान देने का संकल्प लेने का आहवान किया। उल्लेखनीय है कि अक्टूबर माह को साइबर जागरूकता माह के रूप में मनाया जा रहा है। संपूर्ण प्रदेश में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए कार्यशालाएं, व्याख्यान, स्कूल-कॉलेजों में सत्र और सोशल मीडिया अभियान कैंपेन चलाए गए। अभियान के अंतर्गत ही साइबर जागरूकता रन 2025 का आयोजन किया गया। रन में पुलिस अधिकारी- कर्मचारी, विद्यार्थी, स्वयंसेवी संस्थाओं के सदस्य शामिल हुए। … Read more

दो वर्ष में अर्जित विशेष उपलब्धियां दिखेंगी विकास प्रदर्शनी में: मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव

राजधानी भोपाल सहित जिलों में भी होंगे कार्यक्रम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रिपरिषद की बैठक प्रारंभ होने के पहले मंत्रीगण को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के स्थापना दिवस पर राजधानी और जिलों में विशेष कार्यक्रम होंगे। प्रदेश में गत 2 वर्ष में अर्जित महत्वपूर्ण उपलब्धियों की जानकारी विकास प्रदर्शनी के माध्यम से दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि लाल परेड ग्राउंड और रवीन्द्र भवन परिसर इन कार्यक्रमों के केंद्र होंगे। एक नवंबर को रवीन्द्र भवन में जहां 2 वर्ष में निवेश संवर्धन सहित अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धियां प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदर्शित की जाएंगी वहां ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्राप्त निवेश से अर्जित उपलब्धियों की जानकारी भी प्रदर्शित की जाएगी। इस अवसर पर डिजिटल सेवाओं, मध्यप्रदेश ई-सेवा और इन्वेस्ट एमपी 3.0 पोर्टल का लोकार्पण होगा। उद्योग एवं रोजगार वर्ष 2025 के तहत हुए कार्यों का प्रस्तुतिकरण किया जाएगा। वर्ष 2026 के लिए आगामी वर्ष की थीम की घोषणा भी की जाएगी। समृद्ध मध्यप्रदेश@ 2047 दृष्टि पत्र का विमोचन भी होगा। यह दृष्टिपत्र सुखद मध्यप्रदेश, संपन्न मध्यप्रदेश और सांस्कृतिक मध्यप्रदेश की परिकल्पना पर आधारित है। लाल परेड मैदान भोपाल में महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य का मंथन एवं प्रसिद्ध पार्श्वगायक श्री जुवैन नोटियाल का गायन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि यह दृष्टि पत्र मिशन "ज्ञान" अर्थात गरीब, युवा ,अन्नदाता और नारी सहित प्रदेश के सर्वांगीण विकास पर केन्द्रित है। अंगदान से मिल रहा लोगों को नया जीवन, देहदान करने वालों को गार्ड ऑफ ऑनर मुख्यमंत्री डॉ यादव ने जानकारी दी कि मध्यप्रदेश में अंगदान और देहदान की भावना विकसित हो रही है। हाल ही में भोपाल के एक ऑटो चालक श्री गणेश की दो किडनियां और दिल तीन लोगों को प्रत्यारोपित किया गया। साथ ही उनके कार्निया से भी दो लोगों को रोशनी मिलेगी। ऑटो ड्राइवर के परिवार का यह योगदान सराहनीय है। इस भावना को प्रोत्साहित करने के लिए अंगदान करने वाले व्यक्तियों के अंतिम संस्कार में गार्ड ऑफ ऑनर दिया जा रहा है। हाल ही में उज्जैन के श्री किशन सिंह भाटिया के परिवार और अन्य कई परिवारों द्वारा देहदान की पहल की गई है जो समाज के लिए प्रेरक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण से आग्रह किया कि अपने प्रभार के जिलों में देहदान की भावना के प्रचार प्रसार में सहयोग करें ताकि अपने किसी परिजन की मृत्यु के बाद दिवंगत व्यक्ति के अंग अन्य जरूरतमंद लोगों को प्रत्यारोपित करने की प्रेरणा मिलेगी। जीवनकाल में ही अंगदान या देहदान के संकल्प को सार्वजनिक कर ऐसे दान के माध्यम से व्यक्ति जीवन के बाद भी परिवार सहित समाज में याद रखा जाता है। भगवान बिरसा मुंडा जयंती पर मनाएंगे जनजातीय गौरव दिवस मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जानकारी दी कि आगामी 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस भव्य रूप से मनाया जाएगा। धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150 वीं जयंती के समापन पर प्रदेश में एक से 15 नवंबर तक राजधानी से ग्राम पंचायत तक विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन होगा। स्वतंत्रता के संघर्ष में भगवान बिरसा मुंडा के योगदान पर शिक्षण संस्थानों में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन भी किया जाएगा। 

प्रकृति के प्रति आस्था ही हमें जीवन का सच्चा अर्थ सिखाती है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भारतीय संस्कृति ने सदैव प्रकृति के साथ सामन्जस्य से जीने की परम्परा अपनाई पर्यावरण संरक्षण जीवन शैली का हिस्सा बनना चाहिए भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रकृति के प्रति आस्था ही हमें जीवन का सच्चा अर्थ सिखाती है। भारतीय संस्कृति ने सदैव प्रकृति के साथ सामन्जस्य से जीने की परम्परा अपनाई है। दुनिया के कई देश प्रकृति का दोहन कर रहे हैं पर भारत ने सदियों से प्रकृति का पोषण किया है। उपभोग प्रधान जीवन शैली वर्तमान के जलवायु संकट को बढ़ाती है जबकि उपयोग से पहले संरक्षण की समझ और भोग से पहले योग का संतुलन ही भारतीय संस्कृति का सार है। भोपाल प्रकृति और प्रगति का अनूठा संगम है। प्राकृतिक सुंदरता और जैव-विविधता सहेजे इस सुंदर शहर में जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण को लेकर कार्यशाला का आयोजन शहर की विशेषता के अनुरूप है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पर्यावरण और जीवन शैली-जलवायु परिवर्तन और सतत विकास वैचारिक संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य नीति आयोग, मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद और ऐप्‍को के संयुक्त तत्वावधान में मानव संग्रहालय में आयोजित संगोष्ठी का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। नर्मदा समग्र, सिकोईडिकोन, पैरवी और राष्ट्रीय मानव संग्रहालय, कार्यक्रम के सह आयोजक हैं। जलवायु परिवर्तन के समाधान में राज्यों की भूमिका पर विचार विमर्श और व्यक्ति-समाज एवं सरकारों की सहभागिता से सतत विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य है। उल्लेखनीय है कि जल, जंगल, जमीन, जैव विविधता और मानव जीवन के पहलुओं को प्रभावित कर रहे जलवायु संकट पर ब्राजील में नवंबर 2025 में संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन होगा। वैचारिक संगोष्ठी में प्राप्त सुझाव और विचार, ब्राजील के सम्मेलन में साझा किए जाएंगे। मध्यप्रदेश, इस चर्चा को आरंभ करने वाला भारत का पहला राज्य है। लिविंग द राइट वे की थीम पर आधारित संगोष्ठी में पर्यावरण और जीवन शैली, जलवायु और सतत विकास के बीच संबंधों का सुदृढ़ीकरण और सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में राज्यों की भूमिका जैसे विषयों पर विचार विमर्श हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण जीवन शैली का हिस्सा बनना चाहिए। राज्य सरकार प्रदेश में ग्रीन कव्हरेज बढ़ाने, वेटलैंड संरक्षण, जलस्रोतों के पुनर्जीवन और हरित उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण गतिविधियां संचालित हो रही हैं। प्रदेश के 32 लाख किसानों को सोलर पम्प उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य प्रगति पर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज की यह संगोष्ठी मानवता के अस्तित्व, धरती के संतुलन और आने वाली पीढ़ियों से जुड़ा है। हमें स्थानीय सोच को वैश्विक समाधान से जोड़ने और विकास तथा पर्यावरण के बीच संतुलन बनाते हुए आगे बढ़ने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, सामाजिक संगठन, जनप्रतिनिधि, शासकीय अधिकारी और संचार माध्यमों से जुड़े प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव: कर्मचारियों के सहयोग के बिना सरकार की सफलता अधूरी

सरकार की सफलता कर्मचारियों के सहयोग के बिना संभव नहीं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के सच्चे कर्मयोगी हैं कर्मचारी कर्मचारियों के कल्याण के लिए राज्य सरकार सदैव तत्पर वेतन विसंगति, ग्रेड पे और पदनाम परिवर्तन के लिए नया आयोग बनाया जाएगा यूपीएससी की तर्ज पर एक परीक्षा कराई जाएगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव का दीपावली मिलन समारोह में कर्मचारियों को संबोधन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सरकार की सफलता कर्मचारियों के सहयोग के बिना संभव नहीं है। प्रदेश के विकास में अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। शासकीय कर्मचारियों के चेहरे की खुशी ही हमारे विकास का आधार है। कर्मचारी प्रदेश के सच्चे कर्मयोगी हैं जो प्रत्येक जनकल्याणकारी योजना को जमीन पर उतारने में अहम भूमिका निभाते हैं। राज्य सरकार कर्मचारियों के हितों के लिए हर कदम पर साथ खड़ी है। कर्मचारियों के कल्याण के कार्यों के लिए राज्य सरकार सदैव तत्पर है। राज्य शासन ने 1 जनवरी 2005 को या उसके बाद नियुक्त कर्मचारियों के लिए एकीकृत पेंशन योजना लागू करने के लिए समिति गठित करने का निर्णय लिया है, इससे पेंशन की विसंगतियों को दूर करने में मदद मिलेगी। राज्य सरकार सभी वर्गों का समान रूप से ध्यान रख रही है। विभिन्न कर्मचारी संवर्गों की वेतन विसंगति, ग्रेड पे, पदनाम परिवर्तन के लिए सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारियों को सम्मलित कर नया आयोग बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जन सामान्य के कार्यो का त्वरित रूप से निराकरण और अपने कर्त्तव्यों के प्रति प्रतिबद्धता, शासकीय अधिकारियों, कर्मचारियों का दायित्व है। शासन-प्रशासन परस्पर सहयोग से प्रदेश को तेज गति से सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ाने के लिए सक्रिय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य कर्मचारी संघ द्वारा मंत्रालय स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क में आयोजित दीपावली मिलन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दीपावली मिलन समारोह के अयोजन पर प्रसन्न्ता व्यक्त की। नई भर्ती आरंभ कर 2 लाख नए पद सृजित किए जाएंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखते हुए राज्य सरकार ने 9 साल से लंबित हाउस रेंट अलाउंस का निराकरण कराया है। सरकार की मंशा है कि सभी पात्र अधिकारी-कर्मचारियों के प्रमोशन हों लेकिन प्रकरण अभी कोर्ट में लंबित है। हमें विश्वास है कि प्रदेश के लगभग 4 लाख अधिकारी-कर्मचारियों को जल्द ही पदोन्नति का लाभ मिलेगा। साथ ही नई भर्ती आरंभ कर 2 लाख नए पद भी सृजित किए जाएंगे। यूपीएससी की तर्ज पर एक परीक्षा कराई जाएगी, जिससे अलग-अलग पदों को भरने के लिए कई परीक्षाएं न कराना पड़े। पुलिस भर्ती में तेजी लाने के लिए पुलिस भर्ती बोर्ड बनाया जा रहा है। पुलिस विभाग में 20 हजार पद भरे जाएंगे। भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। आंगनबाड़ी पर्यवेक्षकों के 476 नए पद स्वीकृत किए गए हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाओं के 19,504 नए पदों पर पहली बार डिजिटल पद्धति से भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जा रही हैं। कर्मचारियों के हित में जल्द ही निर्णय लेगी राज्य सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के समान राज्य कर्मचारियों को भी 55 प्रतिशत महंगाई भत्ते का लाभ दिया है और एरियर का भुगतान भी 5 समान किस्तों में जून से अक्टूबर 2025 तक कर्मचारियों को किया जा चुका है। जल्द ही राज्य सरकार के दो साल पूरे होने जा रहे हैं कर्मचारियों के हित में हर संभव निर्णय लिए जाएंगे। अब तक कर्मचारियों को स्मार्ट सिटी परियोजना के 366 आवास आवंटित किए जा चुके हैं। नए 300 से अधिक आवास भी बनकर तैयार हैं जल्द ही इन्हें सिंगल क्लिक के माध्यम से अधिकारियों-कर्मचारियों को आवंटित किया जाएगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को भी जीवन ज्योति बीमा और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का लाभ देने की स्वीकृति दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छठ पर्व की बधाई और मंगलकामनाएं भी दीं। कार्यक्रम में विधायक भगवानदास सबनानी, भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश अध्यक्ष संजय सिंह, मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत वास्तव,प्रदेश महामंत्री जितेंद्र सिंह सहित विभिन्न कर्मचारियों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

CM डॉ. यादव बोले – मार्ग चौड़ीकरण में सहयोग करने वाले पात्र नागरिकों को मिलेगा आवास योजना का लाभ

स्वप्रेरणा से मार्ग चौड़ीकरण के लिए स्वत: निर्माण हटाने वाले पात्र नागरिकों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केडी गेट से निकास चौराहा मार्ग चौड़ीकरण कार्य का निरीक्षण किया उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंहस्थ-2028 के दृष्टिगत उज्जैन के केडी गेट से निकास चौराहा मार्ग के प्रगतिरत चौड़ीकरण कार्य का खजूरवाली मस्जिद के समीप मंगलवार को निरीक्षण किया। स्वप्रेरणा से विकास के लिए नागरिकों द्वारा मार्ग चौड़ीकरण के लिए अपने घरों के कुछ हिस्से को हटाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागरिकों द्वारा प्रस्तुत अनुपम उदाहरण पर प्रसन्नता व्यक्त कर नागरिकों का अभिनन्दन किया। उन्होंने कहा कि मार्ग चौड़ीकरण से शहर के इस पुराने बाजार को पुनः नई दिशा मिलेगी और व्यापार बढ़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां नागरिकों से चर्चा कर उनकी कुशलक्षेम जानी और सिंहस्थ कार्यों की व्यवस्थाओं की चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निरीक्षण के दौरान कलेक्टर  रौशन कुमार सिंह को निर्देश दिए कि शहर के विकास के लिए स्वप्रेरणा से मार्ग चौड़ीकरण के लिए मकान तोड़ने का कार्य करने वाले पात्र नागरिकों को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत लाभ प्रदान किया जाए। कार्य तीव्र गति से हो और नागरिकों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाएं। निरीक्षण के दौरान विधायक  अनिल जैन कालूहेड़ा,  संजय अग्रवाल,  रवि सोलंकी आदि उपस्थित रहें।  

माता और बहनों का त्याग ही हमारे देश को अखंडता और अनेकता में एकता के सूत्र में पिरोता है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सरलता, निश्चलता, क्षमता और योग्यता के बल पर संपूर्ण भारत में बिहारवासीयों ने बनाई अपनी पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव माता और बहनों का त्याग ही हमारे देश को "अखंडता" और "अनेकता में एकता" के सूत्र में पिरोता है बिहार भारत की दिशा तय करता है, बिहार पर परमात्मा का है विशेष आशीर्वाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन के विक्रम सरोवर पर छठ पूजन में हुए सम्मिलित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्वांचल और पूर्वोत्तर के अद्भुत छठ महापर्व की प्रदेशवासियों को मंगलकामनाएं और बधाइयां देते हुए कहा कि छठ मैया का महापर्व वैज्ञानिक पद्धति आधारित होकर सूर्य और जल की उपासना का पर्व है। भगवान सूर्यनारायरण सम्पूर्ण सृष्टि को ऊर्जा देकर सृष्टि का संचालन करते है, वही जल से ही जीवन की उत्पत्ति हुई है। छट व्रत हमें आत्म नियंत्रण, संयम और आत्मबल प्रदान करता है। अस्त और उदय होते हुए सूर्य का पूजन करने वाले इस पर्व की बात ही निराली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय स्थित विक्रम सरोवर पर मंगलवार को आयोजित छठ पूजन में शामिल होने के बाद श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा की बिहार भारत की दिशा तय करता है। बिहार पर परमात्मा का विशेष आशीर्वाद है। बिहार बुद्ध और महावीर की भूमि भी है, जिन्होंने अपने ज्ञान से देश ही नहीं संपूर्ण दुनिया को दिशा प्रदान है। सबसे ज्यादा आईएएस, आईपीएस किसी राज्य से निकलते हैं तो वह बिहार है। सरलता, निश्चलता, क्षमता और योग्यता के बल पर संपूर्ण भारत में बिहारवासी अपनी पहचान बनाते है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा की मध्यप्रदेश से बिहार का संबंध आदिकाल से रहा है। मध्यप्रदेश को नदियों का मायका कहा गया है। शिप्रा मैया का जल बिहार तक चंबल मैया, यमुना मैया और गंगा मैया के माध्यम से पहुंचता है। अमरकंटक से निकली सोन नदी गंगा मैया के माध्यम से बिहार पहुंचकर वहां समृद्धि फैलाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा की माताओं और बहनों द्वारा देश , प्रदेश और परिवार की समृद्धि के लिए छठी मैया का व्रत रखा जाता है। माताओं और बहनों का त्याग कुटुंब और परिवार की एकता को कायम रखता है। हमारी संस्कृति मातृ शक्ति आधारित संस्कृति है, हमारे देश को "भारत माता" माना गया है। माताएं और बहनें अपने परिवार में सभी कष्ट सहकर भी पूरे परिवार की सेवा कर मंगल की कामना करती है। माताएं और बहने सबसे बड़ी योद्धा होती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत की एकता में सभी पर्व और त्यौहार महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। माता और बहनों का त्याग ही हमारे देश को "अखंडता" और "अनेकता में एकता" के सूत्र में पिरोता है। कुटुंब परंपरा का यह पर्व लाखों सालों से चलता आया है। छठ मैया का यह पर्व माता सीता से भी जुड़ता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में भव्य राम मंदिर बना है। वही सीतामढ़ी में भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 800 करोड़ की लागत से भव्य मंदिर बनाया जा रहा है। माता सीता का जीवन संपूर्ण भारत के लिए प्रेरणा स्त्रोत है वो राजकुमारी होकर भी वन में गई। राम राज्य की अवधारणा भी माता सीता के संकल्प से पूर्ण हुई। उज्जैन स्थित विक्रम सरोवर पर मिथिला घाट निर्माण की दी सौगात मुख्यमंत्री डॉ. यादव विक्रम सरोवर पर छठ पूजन किया और श्रद्धालुओं से चर्चा कर छठ महापर्व की मंगलकामनाएं दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा की विक्रम सरोवर सम्राट विक्रमादित्य के शौर्य का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विक्रम सरोवर पर मिथिला घाट के निर्माण की घोषणा की। कार्यक्रम में विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।