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मुख्यमंत्री ने गांधी-शास्त्री जयंती पर इंदौर में किया सेवा पखवाड़े का समापन

इंदौर स्वच्छता के साथ अन्य क्षेत्रों में भी तेजी से आगे बढ़े : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने गांधी-शास्त्री जयंती पर इंदौर में किया सेवा पखवाड़े का समापन मुख्यमंत्री ने नागरिकों से स्वदेशी वस्तुओं की खरीदी का किया आह्वान इंदौर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इंदौर जो भी करता है, वह सबसे अलग और अनूठा होता है। इंदौर स्वच्छता के साथ अन्य क्षेत्रों में भी तेजी से आगे बढ़े और इंदौर का परचम देश-दुनिया में मजबूती के साथ फैलाये। इंदौर मेट्रोपोलिटन सिटी में भी आगे बढ़ने के साथ अब वह मेट्रो सिटी बन चुका है। इंदौर अब स्वच्छता का महागुरू बनकर, अब वह अन्य शहरों को भी साफ-सफाई और स्वच्छता की प्रेरणा का संदेश दे रहा है। इंदौर ने इस बार देपालपुर नगर को भी स्वच्छ करने का संकल्प लिया है, जिसमें इंदौर को निश्चित ही सफलता मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को नेहरू पार्क में स्वच्छ भारत दिवस पर कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री  लाल बहादुर शास्त्री की जन्म जयंति है। साथ ही आज विश्व के सबसे बडे़ संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूरे हो चुके है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी को विजयादशमी की बधाई देते हुए उपस्थित नागरिकों से भारत माता की जय और महात्मा गांधी की जय के उद्घोष लगवाये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की दूरदृष्टिता के कारण पूरा देश स्वच्छता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ता जा रहा है। मध्यप्रदेश का सौभाग्य है कि गत 17 सितम्बर को प्रधानमंत्री  मोदी ने अपना जन्म दिवस बदनावर में पीएम मित्र पार्क का शुभारंभ करके मनाया। इस पार्क के बन जाने के बाद कपास उत्पादकों का जीवन बेहतर होगा और लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 17 सितम्बर को प्रधानमंत्री  मोदी का जन्म दिवस से सेवा पखवाड़े की शुरूआत हुई थी, जिसका समापन इंदौर में गांधी-शास्त्री जयंती पर सफलतापूर्वक हुआ। सेवा पखवाड़े के तहत इंदौर नगर निगम ने स्वच्छता के क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम किये। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आकाश में रंगीन गुब्बारे छोड़े। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश खादी ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा लगाई गई स्वदेशी उत्पादों की प्रदर्शनी से अपने लिए खादी के दो टॉवेल खरीदे और नागरिकों से भी स्वदेशी उत्पाद खरीदने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगर निगम इंदौर की स्व-सहायता समूह की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे स्वदेशी उत्पादों की अधिक से अधिक खरीदी कर राष्ट्र को विकसित बनाने में अपना सहयोग दें। महापौर  पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रेरणा से इंदौर नहर निगम स्वच्छता की दिशा विविध प्रकार के कार्य कर रहा है। कार्यक्रम में सांसद  शंकर लालवानी, विधायक मती मालिनी गौड़,  रमेश मेंदोला,  गोलू शुक्ला, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, कलेक्टर  शिवम वर्मा, निगमायुक्त  दिलीप कुमार यादव, स्मार्ट सिटी सीईओ  अर्थ जैन, जन-प्रतिनिधि एवं नागरिक उपस्थित रहे। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास में किया शस्त्र पूजन शक्ति स्वरूपा मां काली की पूजा अर्चना और वाहनों की विधि-विधान से की पूजा

मुख्यमंत्री निवास में पदस्थ सुरक्षा स्टॉफ सहित अधिकारी-कर्मचारी हुए शामिल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी विजयादशमी पर्व की मंगलकामनाएं भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विजयादशमी पर्व के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पारंपरिक वस्त्र धोती कुर्ता धारण कर, शक्ति स्वरूपा मां काली की विधि-विधान से पूजा अर्चना की तथा मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ में आहुति दी। उन्होंने शक्ति-साहस और विजय के प्रतीक के रूप में शस्त्रों का पूजन किया तथा मुख्यमंत्री सुरक्षा के मुख्य सुरक्षा अधिकारी श्री समीर यादव का तिलक किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास के वाहनों की पूजन भी की। मुख्यमंत्री सुरक्षा के अधिकारी-कर्मचारियों सहित मुख्यमंत्री निवास में पदस्थ समस्त अधिकारियों और स्टाफ शस्त्र पूजन में सहभागी बने। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी को प्रसाद स्वरूप मिष्ठान खिलाकर दशहरे की मंगलकामनाएं और बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूजा अर्चना के बाद प्रदेशवासियों के लिए संदेश दिया। उन्होंने प्रभु श्रीराम तथा महिषासुर मर्दिनी मां जगदम्बा का स्मरण करते हुए कहा कि यह महापर्व अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है। इस अवसर पर यही कामना है कि सब पर प्रभु कृपा बनी रहे और हमसे सदैव सभी का मंगल ही मंगल हो। शस्त्र पूजा के लिए समत्व भवन में हुई विशेष साज-सज्जा समत्व भवन में शस्त्र पूजा के लिए विशेष व्यवस्था की गई। पूजा स्थल पर लगे बैकड्राप पर प्रभु श्रीराम की धनुर्धर मुद्रा व भयाक्रांत रावण के चित्र और ''या देवी सर्व भूतेषू मातृ रूपेण संस्थिता-नमस्तस्यै-नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:'' मंत्र के माध्यम से शक्ति के स्वरूप की आरधना का अंकन किया गया था। "शस्त्रेण रक्षिते राष्ट्रे-शास्त्र चिंता प्रवर्तते" अर्थात शस्त्र से रक्षित राष्ट्र ही शास्त्र चिंतन के माध्यम से समृद्धि के मार्ग पर आगे बढ़ सकता है, की पंक्ति शस्त्र पूजा का महत्व अभिव्यक्त कर रही थी। पुलिस द्वारा उपयोग किए जाने वाले अत्याधुनिक शस्त्र पूजन के लिए रखे गए थे। मुख्यमंत्री निवास में हुई शस्त्र पूजा में विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय श्री नीरज मंडलोई, आयुक्त जनसंपर्क श्री दीपक सक्सेना एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की

अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस पर शांति और सहिष्णुता की सामर्थ्य के प्रति किया सम्मान प्रकट भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूज्य बापू 'राष्ट्रपिता' महात्मा गाँधी जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज हम उस युगपुरुष का स्मरण कर रहे हैं, जिन्होंने अपने सत्य, अहिंसा और करुणा के मंत्र से न केवल भारत वर्ष की चेतना जगाई, बल्कि सम्पूर्ण विश्व को मानवता का नया मार्ग दिखाया। महात्मा गांधी के स्वदेशी, स्वराज, स्वावलंबन और स्वच्छता के विचार वर्तमान में भी प्रेरणा-पुंज हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस' पर शांति और सहिष्णुता की सामर्थ्य के प्रति सम्मान प्रकट किया। उल्लेखनीय है कि शांति और अहिंसा के वैश्विक प्रतीत महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर शांति और सहिष्णुता की सामर्थ्य को सम्मान देने के उद्देश्य से अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाई जाती है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय लाल बहादुर शास्त्री का किया स्मरण

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'जय जवान-जय किसान' के उद्घोषक, महान राष्ट्रभक्त, शुचिता, सरलता व दृढ़ता के प्रतिमान, 'भारत रत्न' से सम्मानित पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शास्त्री जी ने अपने कार्यों से जो मूल्य एवं आदर्श स्थापित किए हैं, वे हर पीढ़ी को देश और समाज की सेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे। उनके कुशल और बुलंद नेतृत्व को देश सदा याद रखेगा।  

आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं ने प्राकृतिक पेंट बनाकर की अनूठी पहल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

पर्यावरण-संरक्षण और आर्थिक सशक्तिकरण की मिसाल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 'लोकल फॉर वोकल' के मंत्र और महिला सशक्तिकरण संकल्प को प्रदेश की महिलाओं ने सार्थक कर दिखाया है। ग्वालियर की आजीविका मिशन से जुड़ीं महिलाओं ने बडी, पापड़, अगरबत्ती और अचार से भी आगे बढ़कर अब गोबर से प्राकृतिक पेंट निर्माण की अनूठी पहल कर महिला सशक्तिकरण का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है। गोबर से प्राकृतिक पेंट ग्वालियर जिले के भितरवार विकासखंड की खेड़ापति स्व-सहायता समूह की सक्रिय सदस्यों ने एकजुट होकर गोबर से प्राकृतिक पेंट बनाने का कार्य प्रारंभ किया। उनके द्वारा किए गए नवाचार को न केवल सराहा गया, बल्कि उन्हें आर्थिक संबल भी मिला। उनका यह कार्य पर्यावरण-संरक्षण की दिशा में भी एक अनुकरणीय पहल है। आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं ने प्राकृतिक पेंट बनाकर एक अनोखी और सफल पहल की है। इस पहल से महिलाओं को न केवल अतिरिक्त आय का साधन मिला है बल्कि पर्यावरण-संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान हुआ है। यह पेंट गोबर से बनाया जाता है। इसमें किसी भी प्रकार के हानिकारक केमिकल का उपयोग नहीं होता। इस कारण यह स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए पूरी तरह सुरक्षित है और दीवारों को आकर्षक रंग भी प्रदान करता है। साथ ही मात्र 4 घंटे में दीवार पर लगा ये पेंट सूख भी जाता है। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने समूह की महिलाओं को इस कार्य के लिए प्रेरित कर तकनीकी प्रशिक्षण एवं विपणन (मार्केटिंग) में भी आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया। जिले के भितरवार ब्लॉक के ग्राम करहिया में गठित खेड़ापति स्व-सहायता समूह के सक्रिय सदस्यों ने आजीविका मिशन के माध्यम से आत्मनिर्भर की सच्ची मिसाल पेश की है। प्राकृतिक पेंट का उत्पादन स्थानीय स्तर पर रोजगार के साथ पर्यावरण-अनुकूल विकल्प साबित हो रहा है। और समूह की महिला सदस्य आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। समूह की सदस्य श्रीमती संध्या कहती हैं कि हम पहले केवल घर तक सीमित थे, लेकिन अब अपने हाथों से बने पेंट को बेचकर अच्छा मुनाफा प्राप्त कर रहे हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई और घर के खर्च में मदद मिल रही है। प्राकृतिक पेंट बनाने की ट्रेनिंग से हमें नया हुनर मिला है। लोग हमारे पेंट की सराहना कर रहे हैं, जिससे हमें आगे और काम करने की प्रेरणा मिलती है। प्रशासन अब इस उत्पाद को सरकारी कार्यालयों एवं संस्थानों में भी उपयोग हेतु बढ़ावा देने की दिशा में कदम उठा रहा है। यह पहल आने वाले दिनों में प्रदेश और देश के लिए प्रेरणा बनेगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्याओं को तिलक लगाकर, चुन्नी ओढ़ाकर स्नेह पूर्वक कराया भोज

मुख्यमंत्री निवास में हुआ कन्या पूजन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शारदीय नवरात्र की महानवमी पर बुधवार को मुख्यमंत्री निवास में कन्या-पूजन कर भोजन कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्याओं का तिलक कर पांव पखारे। उन्होंने कन्याओं को चुनरी ओढ़ाकर आरती की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्याओं से संवाद कर उन्हें दुलार भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्या-पूजन के बाद कन्याओं को स्वयं अपने हाथों से भोजन परोसा और बड़े मनुहार से कन्याओं की रूचि के अनुरूप खीर, पूरी और मिष्ठान भी खिलाये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्या भोज के बाद सभी कन्याओं को उपहार देकर उनका शुभाशीष लिया।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिले जर्मनी जाने वाले ग्राम विचारपुर के 5 फुटबॉल खिलाड़ी

मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देकर भेंट की फुटबॉल किट भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर शहडोल जिले के मिनी ब्राजील के रूप में विख्यात ग्राम विचारपुर के 5 फुटबॉल खिलाड़ियों ने सौजन्य भेंट की। ये 5 फुटबॉल खिलाड़ी खेल एवं युवा कल्याण विभाग के माध्यम से अपनी महिला प्रशिक्षक के साथ जर्मनी के प्रतिष्ठित फुटबॉल क्लब एफसी FC Ingolstadt 04 वर्ल्ड क्लास प्रशिक्षण के लिए जर्मनी जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी खिलाड़ियों को बधाई देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह देश और प्रदेश के लिए कुछ कर दिखाने का मौका है। इस स्वर्णिम अवसर का भरपूर लाभ उठाएं। मुख्यमंत्री ने सभी खिलाड़ियों को फुटबॉल किट भेंट की। उल्लेखनीय है कि प्रशिक्षक सुश्री लक्ष्मी सहीस के नेतृत्व में कुमारी सानिया कुण्डे (14 वर्ष), कुमारी सुहानी कोल (15 वर्ष), प्रीतम कुमार (14 वर्ष), वीरेन्द्र बैगा (16 वर्ष) और श्री मनीष घसिया (16 वर्ष) प्रशिक्षण लेने जर्मनी जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से फुटबॉल खिलाड़ियों की भेंट के दौरान प्रमुख सचिव खेल एवं युवा कल्याण श्री मनीष सिंह, संचालक खेल श्री राकेश कुमार गुप्ता सहित खेल विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विजयादशमी की दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को विजयादशमी की बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और हमें सत्य, न्याय और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपने जीवन में भी बुराई को दूर कर अच्छाइयां अपनाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस पर्व के अवसर पर प्रदेश में शांति और सौहार्द्र तथा प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, की कामना की।  

अमरकंटक ताप विद्युत गृह ने शक्ति पर्व में दिखाई ताकत, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की प्रशंसा

69 वर्ष के इतिहास में पहली बार 365 दिन लगातार विद्युत उत्पादन करने का बना रिकार्ड भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश ऊर्जा उत्पादन में नई-नई उपलब्धियां अर्जित कर रहा है। नवरात्रि के शक्ति पर्व में म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी के अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई की 210 मेगावाट यूनिट ने पूरे एक वर्ष 365 दिन निर्बाध रूप से विद्युत उत्पादन कर इतिहास रच दिया है। मध्यप्रदेश के पुनर्गठन के 69 वर्ष के कार्यकाल में ऐसी उपलब्धि हासिल करना अपने-आप में ऐतिहासिक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस उपलब्धि के लिये ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर, सभी वरिष्ठ अधिकारियों और अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई के अभियंताओं और कार्मिकों को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिये बधाई दी है। मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई के अभियंताओं व तकनीकी कार्मिकों की कड़ी मेहनत, प्रतिबद्धता, समर्पण व शक्ति ने आज वह कमाल कर दिखाया जिसकी कल्पना मध्यप्रदेश के पुनर्गठन के बाद 69 वर्ष के इतिहास में नहीं की गई थी। अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई की 210 मेगावाट क्षमता की यूनिट ने जैसे ही सतत् विद्युत उत्पादन करते हुए गत रात्रिठीक 12 बजे प्रविष्ट हुई वैसे ही पूरी यूनिट के अभियंता व तकनीकी कार्मिक खुशी से झूम उठे। चचाई की इस यूनिट ने तत्कालीन मध्यप्रदेश विद्युत मण्डल व मध्यप्रदेश राज्य विद्युत मण्डल और मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के 69 वर्ष के इतिहास में ऐसी प्रथम ताप विद्युत उत्पादन यूनिट होने का तमगा हासिल किया, जिसने लगातार व निर्बाध रूप से 365 दिन यानी कि एक वर्ष तक विद्युत उत्पादन किया है। यह यूनिट 1 अक्टूबर 2024 से लगातार विद्युत उत्पादन कर रही है। इस यूनिट के लगातार एक वर्ष तक निर्बाध रूप से विद्युत उत्पादन करने से यह धारणा भी खंडित हुई कि मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी की ताप विद्युत यूनिट ऐसा शानदार प्रदर्शन कर ही नहीं सकती।  ऐतिहासिक उपलब्धि गौरव की बात : ऊर्जा मंत्री  तोमर ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि यह उपलब्धि हासिल करना अत्यंत गौरव की बात है। इससे राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी की राष्ट्रीय स्तर पर श्रेष्ठता सिद्ध हुई और सकारात्मक छवि बनी है। उन्होंने अपर मुख्य सचिव ऊर्जा  नीरज मंडलोई, कंपनी के एमडी सहित सभी अभियंताओं और सहयोगी स्टाफ को बधाई दी है। 95.43 फीसदी का शानदार पीएलएफ अमरकंटक की 210 मेगावाट की यूनिट ने जिस समय 365 दिन सतत् विद्युत उत्पादन करने का रिकार्ड बनाया तब इसने 95.43 प्रतिशत का शानदार प्लांट लोड फेक्टर, 98.26 फीसदी प्लांट उपलब्धता फेक्टर (पीएएफ) और 9.15 प्रतिशत ऑक्जलरी कंजम्पशन की उपलब्धि हासिल की। ऑपरेशन व मेंटेनेंस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका किसी यूनिट का लगातार एक वर्ष तक लगातार व निर्बाध रूप से विद्युत उत्पादन करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था। लेकिन अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई की इस सफलता के पीछे ऑपरेशन और मेंटेनेंस टीमों की भूमिका महत्वपूर्ण रही। दोनों टीमों ने समय पर गुणवत्तापूर्ण कार्य निष्पादन कर इस उपलब्धि को हासिल किया। पेशेवर नजरिया व विशेषज्ञता का प्रमाण है यह सफलता मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने कहा कि यूनिट के संचालन की जटिलताओं को इतनी कुशलता से प्रबंधन करना अमरकंटक ताप विद्युत गृह के पेशेवर नजरिया व विशेषज्ञता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि पावर जनरेटिंग कंपनी के अभियंता व तकनीकी कार्मिक न केवल अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं, बल्कि कंपनी के उत्कृष्टता मानकों को बनाए रखने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं।  

क्षेत्र की समृद्धि में बड़ा योगदान, मोहनपुरा-कुंडालिया सिंचाई परियोजना पर CM का बयान

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि किसानों की समृद्धि के लिए हर खेत तक पानी पहुंचाने के लिए प्रदेश के राजगढ़ जिले की 'मोहनपुरा-कुंडालिया सिंचाई परियोजना' क्षेत्र की समृद्घि और किसानों की खुशहाली का आधार बन रही है। इस अनूठी परियोजना से जहां हर खेत में पानी पहुंच रहा है, वहीं उद्योगों को पानी मिलने और पेयजल की उपलब्धता ने नए निवेश के साथ रोजगार के अवसर बढ़ाए हैं। इससे आम-जीवन सुखमय हो रहा है। "प्रेशराइज्ड पाइप नेटवर्क" पर आधारित विश्व की अनूठी परियोजना यह परियोजना "प्रेशराइज्ड पाइप नेटवर्क" प्रणाली पर आधारित विश्व की अनूठी सिंचाई परियोजना है, जो मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की 'पर ड्रॉप, मोर क्रॉप' की अवधारणा को पूरा कर रही है। न केवल भारत के विभिन्न राज्यों से अपितु विदेशों के प्रतिनिधि दल भी आकर इसका अध्ययन कर रहे हैं। परियोजना को जल-संसाधन प्रबंधन के लिए भारत सरकार का प्रतिष्ठित 'सीबीआईपी' पुरस्कार भी मिल चुका है। प्रधानमंत्री की 'पर ड्रॉप मोर क्रॉप' की अवधारणा हुई फलीभूत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 'पर ड्रॉप, मोर क्रॉप' की अवधारणा दी. उनकी इस अवधारणा पर कार्य करते हुए हमारे इंजीनियर्स ने सिंचाई की अति आधुनिक तकनीकी "प्रेशराइज्ड पाइप नेटवर्क" पर काम करना प्रारंभ किया और उसका सुपरिणाम है 'मोहनपुरा कुंडलिया सिंचाई परियोजना'। इस सिंचाई परियोजना के माध्यम से न केवल 80% पानी बांध से किसानों के खेतों तक पहुंचता है, अपितु ऊंचे खेतों पर भी पानी आसानी से पहुंच जाता है. इसमें लगा 'स्काडा' (SCADA) आधारित ऑटोमेशन यह तय करता है कि फसलों की आवश्यकता के अनुसार किस क्षेत्र में कितना पानी पहुंचाना है। यह विश्व की अपनी तरह की अनूठी परियोजना है और आधुनिक युग की आवश्यकता भी, जब पानी की एक-एक बूंद का उपयोग आवश्यक है। नेवज नदी पर मोहनपुरा बांध और कालीसिंध नदी पर कुंडालिया बांध बनाकर शुरू की गई इस परियोजना से भूमिगत पाइप से सीधे खेत तक दबाव के साथ पहुंचाती है और ऊंचाई वाले खेत में भी पानी आसानी से पहुंचता है। इसके सेंसर और ऑटोमेशन से पानी का वितरण नियंत्रित होता है। यह क्रांतिकारी सोच थी, जिसने सूखाग्रस्त राजगढ़ जिले की किस्मत बदल दी। परियोजना के अंतर्गत 26 हजार किमी लंबी भूमिगत पाइपलाइन बिछाई गई है, इतनी लंबी प्रेशराइज्ड पाइप लाइन भारत में ही नहीं अपितु पूरे विश्व में एक मिसाल है। इसे जोड़ने के लिए 20 बड़े पंपिंग स्टेशन बनाए गए हैं, जो पानी को दबाव के साथ पाइप लाइन में भेजते हैं और पानी ऊंचे-नीचे खेतों तक आसानी से पहुंचता है। हर आउटलैट से लगभग एक से सवा हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होती है। 'स्काडा' आधारित ऑटोमेशन सिस्टम द्वारा पूरी प्रणाली को कंप्यूटर और सेंसर्स से जोड़ा गया है, जिससे कंट्रोल रूम से तय किया जा सकता है कि किस क्षेत्र को कितना पानी पहुंचाना है। केन्द्रीकृत पंपिंग प्रणाली से हर साल लगभग 69 मिलियन यूनिट बिजली की बचत होती है। इसकी एक और विशेषता यह है कि इसमें 'ला-रा' नैटवर्क का इस्तेमाल किया गया है, जिसमें लगभग 1.5 लाख सेंसर्स और कंट्रोलर एक साथ जोड़े गए हैं, जो सौर ऊर्जा से चलते हैं। पंपिंग स्टेशर्न में लगे 'वैरिएबल फ्रीकवैन्सी ड्राइव्ज' फसलों की जरूरत और मौसम के अनुसार पानी का दबाव और मात्रा तय करते हैं। यह अत्यधिक आधुनिक सिंचाई प्रणाली आज पूरे विश्व के लिए पानी के इष्टतम उपयोग का अनूठा उदाहरण बन गई है।