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अयोध्या को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी और सस्टेनेबल सिटी के रूप में विकसित करने का लक्ष्य : मुख्यमंत्री

अयोध्या का विकास भव्यता, आस्था और आधुनिकता का संतुलित मॉडल बने अयोध्या विज़न 2047 के तहत आध्यात्मिक नगरी, ज्ञान नगरी, उत्सव नगरी और हरित नगरी के रूप में होगी पहचान वर्ष 2031 तक 24 लाख और 2047 तक 35 लाख की आबादी को ध्यान में रखकर सुनियोजित टाउनशिप, सड़कों और नागरिक सुविधाओं की योजना तैयार अयोध्या में 8,594 करोड़ रुपये के निवेश से 159 परियोजनाएं क्रियान्वित होने को तैयार मुख्यमंत्री का निर्देश, हर परियोजना पर्यावरणीय दृष्टि से सस्टेनेबल हो, सरयू नदी तट और हरित पट्टियों का संरक्षण सुनिश्चित किया जाए मुख्यमंत्री का निर्देश मिश्रित और औद्योगिक भूमि का दायरा बढ़ाएं सीवरेज ट्रीटमेंट और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए नवाचारों को बढ़ावा देने और यथासंभव देसी मॉडल अपनाने पर जोर, पंचकोसी और 14 कोसी परिक्रमा मार्ग पर भी विविध गतिविधियों के लिए भूमि आरक्षित करने के निर्देश यातायात और आतिथ्य क्षेत्र के आधुनिकीकरण से तीर्थयात्रियों व पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी; बस-ट्रक अड्डों और पार्किंग का विकास होगा अनियोजित प्लाटिंग और बसावट पर रोक के निर्देश, बोले मुख्यमंत्री, सभी विकास कार्य योजना और नियमों के अनुरूप हों लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अयोध्या महायोजना 2031 से संबंधित प्रस्तावों की समीक्षा करते हुए कहा कि अयोध्या का विकास भव्यता, आस्था और आधुनिकता तीनों का समन्वित रूप होना चाहिए। उन्होंने कहा कि महायोजना का लक्ष्य अयोध्या को सुनियोजित, सुव्यवस्थित और सतत (सस्टेनेबल) विकास के साथ विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करना है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि विकास कार्यों में अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान, धार्मिक गरिमा और पर्यावरणीय संतुलन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। महायोजना के बिंदुओं पर विभागीय अधिकारियों से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या विज़न 2047 के अंतर्गत अयोध्या को ग्लोबल आध्यात्मिक नगरी, ज्ञान नगरी, उत्सव नगरी, तीर्थ अनुकूल अवसंरचना, विविधीकृत पर्यटन, ऐतिहासिक सर्किट व हेरिटेज वॉक, हरित एवं सौर ऊर्जा आधारित नगरी  के रूप में आधुनिक सुविधाओं के साथ प्रस्तुत किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महायोजना अयोध्या के सुनियोजित, सुव्यवस्थित और सस्टेनेबल विकास की आधारशिला बनेगी। बैठक में बताया गया कि अयोध्या महायोजना 2031 का उद्देश्य शहर को ग्लोबल स्पिरिचुअल एवं टूरिज़्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करना है। योजना के तहत अयोध्या विकास क्षेत्र को 18 जोनों में विभाजित कर संतुलित भूमि उपयोग सुनिश्चित किया गया है। प्रस्तावित 23.94 लाख की अनुमानित जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए 52.56 प्रतिशत भूमि आवासीय, 5.11 प्रतिशत वाणिज्यिक, 4.65 प्रतिशत औद्योगिक, 10.28 प्रतिशत सार्वजनिक उपयोग, 12.20 प्रतिशत परिवहन एवं 14.31 प्रतिशत हरित एवं खुले क्षेत्र के लिए नियोजित की गई है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मिश्रित तथा औद्योगिक भूमि को बढ़ाया जाए, इसी प्रकार, पंचकोसी और 14 कोसी परिक्रमा मार्ग पर भी विविध गतिविधियों के लिए भूमि आरक्षित की जाए। बैठक में बताया गया कि वर्तमान में अयोध्या की जनसंख्या लगभग 11 लाख है, जो 2031 तक लगभग 24 लाख और 2047 तक 35 लाख तक पहुंचने का अनुमान है। इसे ध्यान में रखते हुए नए आवासीय टाउनशिप, भव्य प्रवेश द्वार, बहुस्तरीय पार्किंग, 84 कोसी परिक्रमा मार्ग, ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस मार्ग, रिंग रोड, एयरपोर्ट, टेंपल म्यूज़ियम, सौर ऊर्जा संयंत्र, होटल व आधुनिक नागरिक सुविधाएं महायोजना का हिस्सा हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सभी परियोजनाएं अयोध्या को स्मार्ट, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाएंगी। बैठक में बताया गया कि अयोध्या विकास क्षेत्र में 159 निवेश परियोजनाएं स्वीकृत हैं, जिनमें 8 हजार 594 करोड़ रुपये का निवेश होने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या का सड़क, रेल और वायु मार्ग से उत्कृष्ट संपर्क है। यातायात और आतिथ्य क्षेत्र (हॉस्पिटैलिटी सेक्टर) के आधुनिकीकरण से तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधा मिलेगी। आवश्यकता है कि लखनऊ, प्रयागराज, गोण्डा और अम्बेडकर नगर मार्ग की ओर बस और ट्रक अड्डों सहित पार्किंग का विकास किया जाए। मुख्यमंत्री ने महायोजना अंतर्गत  सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए भी भूमि आरक्षित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीवरेज ट्रीटमेंट और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए नवाचारों को बढ़ावा दें और यथासंभव देसी मॉडल को अपनाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या का विकास न केवल धार्मिक पर्यटन बल्कि आर्थिक, सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से भी प्रेरक उदाहरण बने। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर परियोजना पर्यावरणीय दृष्टि से सस्टेनेबल हो तथा नदी सरयू के तटों और हरित पट्टियों का संरक्षण सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या आज केवल एक शहर नहीं, बल्कि भारत की आत्मा का प्रतीक है। इसे ऐसे विकसित किया जाए कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए आस्था, सौंदर्य और समृद्धि का संगम बने। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल के समय में अयोध्या में हो रहे बहुमुखी विकास को देखते हुए अनियोजित प्लाटिंग, बसावट भी देखने को मिल रही हैं। इसे रोका जाना चाहिए। जो कुछ भी हो योजना के अनुरूप और नियमों के अनुकूल होना चाहिए।

प्रदेश के कई जनपदों से समस्या लेकर आए फरियादी, मुख्यमंत्री ने सभी से की मुलाकात

समस्या लेकर आये लोगों से मिले मुख्यमंत्री, बोले- आपकी सेवा ही सरकार की प्राथमिकता प्रदेश के कई जनपदों से समस्या लेकर आए फरियादी, मुख्यमंत्री ने सभी से की मुलाकात  पुलिस, आर्थिक सहायता, जमीनी विवाद, पारिवारिक मामलों से जुड़ी शिकायतें भी आईं मुख्यमंत्री ने निश्चित समयावधि में निस्तारण का दिया निर्देश  महिला कलाकार ने सांस्कृतिक मंच दिलाने की रखी मांग, मुख्यमंत्री बोले- पंजीकृत व स्थानीय कलाकारों को मिले अधिक से अधिक मौका  लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपावली के उपरांत सोमवार को फिर 'जनता दर्शन' किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के कई जनपदों से आये हर पीड़ित से मुलाकात की, उनके पास पहुंचकर समस्या सुनी, फिर अफसरों को निर्देश दिया कि निश्चित समयावधि में उचित निस्तारण कराएं। पीड़ितों से फीडबैक भी लें। इस दौरान लगभग 50 से अधिक पीड़ितों ने अपनी समस्या से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। फरियादियों से मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि आपकी सेवा ही सरकार की प्राथमिकता है। धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रहेगा अधूरा 'जनता दर्शन' के दौरान मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि सरकारी जमीनों पर कब्जा किया गया है। इस पर मुख्यमंत्री ने इसकी जांच कर तत्काल कब्जा हटवाने के निर्देश दिए। वहीं एक पीड़ित ने इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग की। इस पर मुख्यमंत्री ने अस्पताल से एस्टिमेट बनवाने को कहा। उन्होंने कहा कि धन के अभाव में किसी पीड़ित का इलाज अधूरी नहीं रहेगा। सरकार हर जरूरतमंद के इलाज की व्यवस्था के लिए खड़ी है।   सर! मैं कलाकार हूँ, मुझे कार्यक्रम दिलवा दीजिये 'जनता दर्शन' में एक महिला कलाकार भी पहुंचीं। उन्होंने मुख्यमंत्री से बताया कि वे लोकगीत कलाकार हैं। उन्हें सांस्कृतिक कार्यक्रम करना है। मंच दिला दीजिये। इस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल उन्हें कार्यक्रम दिलाने का आदेश दिया। मुख्यमंत्री बोले कि सरकार हर जनपद में लोककलाओं को प्राथमिकता दे रही है। हर जगह अनेक आयोजन भी कराए जाते हैं। इसमें पंजीकृत व अधिक से अधिक स्थानीय कलाकारों को मौका मिले।    पुलिस, पारिवारिक मामले भी आए इस दौरान पुलिस से जुड़े मामले भी आये। कई लोगों ने पारिवारिक मामले को लेकर भी मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी शिकायत रखी। पुलिस से जुड़े मामलों पर मुख्यमंत्री ने इसे दिखवाने और पीड़ितों की समस्या के समाधान कराने का निर्देश दिया।   

गाजियाबाद में यशोदा मेडिसिटी के लोकार्पण समारोह में सम्मिलित हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

  एक ही छत के नीचे 5000 से अधिक लोगों को एक साथ मिलेगा रोजगारः मुख्यमंत्री हर नागरिक को उत्तम स्वास्थ्य सुविधा दिलाना डबल इंजन सरकार का लक्ष्यः योगी आदित्यनाथ कहा – यह केवल अस्पताल नहीं, बल्कि वर्ल्ड क्लास हेल्थकेयर की नई परिभाषा है गाजियाबाद, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को गाजियाबाद में यशोदा मेडिसिटी के लोकार्पण समारोह में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। हेल्थकेयर सेक्टर में निवेश, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण सुविधाओं की दिशा में राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि गाजियाबाद में स्थापित यशोदा मेडिसिटी इसका सशक्त उदाहरण है। यह केवल एक अस्पताल नहीं, बल्कि वर्ल्ड क्लास हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर की नई परिभाषा है। उन्होंने कहा कि इस संस्थान के माध्यम से न केवल एनसीआर बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के नागरिकों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं एक ही छत के नीचे प्राप्त होंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों को अब दिल्ली में महंगे इलाज के लिए भटकने की जरूरत नहीं, क्योंकि गाजियाबाद में ही वर्ल्ड क्लास हेल्थकेयर उपलब्ध हो गया है। इनवेस्टमेंट भी और रोजगार का माध्यम भी उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में जब उत्तर प्रदेश में थर्ड ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी आयोजित हुई थी, उस समय डॉक्टर पीएन अरोड़ा ने इन्वेस्ट यूपी के साथ एमओयू किया था कि गाजियाबाद में यशोदा मेडिसिटी के नाम से अत्याधुनिक अस्पताल का निर्माण करेंगे। इसमें सभी प्रकार की सुपर स्पेशलिटी सुविधाएं होंगी और विशेष रूप से कैंसर की अत्याधुनिक सुविधा भी, जिसके लिए पहले लोगों को विदेश जाना पड़ता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि तब यह विश्वास नहीं होता था कि इतनी जल्दी यह संभव होगा, लेकिन डॉक्टर पी.एन. अरोड़ा, डॉक्टर उपासना अरोड़ा और उनकी पूरी टीम ने मात्र तीन वर्षों में इसे साकार कर दिखाया। यह इन्वेस्टमेंट भी है और 5000 से अधिक लोगों के लिए रोजगार का माध्यम भी। इस अस्पताल में डॉक्टर, पैरामेडिक्स, नर्सिंग स्टाफ और अन्य हेल्थकेयर से जुड़े 5000 से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन वर्षों में यह जो काम हुआ है वह उत्तर प्रदेश के बदलते निवेश माहौल और मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर की शक्ति को दर्शाता है। प्रदेश में स्थापित हुए 42 नए मेडिकल कॉलेज मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने पिछले 11 वर्षों में हेल्थ सेक्टर में ऐतिहासिक सुधार किए हैं। उत्तर प्रदेश ने भी इस दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। राज्य में अब तक 42 नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि दो एम्स (गोरखपुर और रायबरेली) सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार का लक्ष्य है कि हर नागरिक को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा मिले और हेल्थकेयर में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा विकसित हो। योगी आदित्यनाथ ने भारतीय दर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय मनीषा कहती है कि“शरीरं माध्यमं खलु धर्मसाधनम्” यानी जीवन के सभी उद्देश्यों की पूर्ति एक स्वस्थ शरीर से ही संभव है। उन्होंने कहा कि यशोदा मेडिसिटी इसी भावना को मूर्त रूप देती है। यहां कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जो अब तक केवल विकसित देशों में ही मिलती थीं। प्रदेश और एनसीआर के नागरिकों के लिए हेल्थकेयर को मिली नई दिशा मुख्यमंत्री ने डॉक्टर पी.एन. अरोड़ा, डॉक्टर उपासना अरोड़ा और उनकी पूरी टीम को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने उत्तर प्रदेश और एनसीआर के नागरिकों के लिए हेल्थकेयर की नई दिशा तय की है।  उन्होंने कहा कि डॉ. अरोड़ा का व्यवहार, सेवा भावना और प्रतिबद्धता उन्हें विशिष्ट बनाती है। वे हर जरूरतमंद का इलाज सुनिश्चित करते हैं, चाहे आर्थिक स्थिति कुछ भी हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि यशोदा मेडिसिटी जैसे प्रोजेक्ट न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार कर रहे हैं, बल्कि रोजगार और विश्वास का नया अध्याय भी लिख रहे हैं। यह अस्पताल उत्तर प्रदेश की उस नई सोच का प्रतीक है, जो स्वास्थ्य, निवेश और सेवा को एक सूत्र में जोड़ती है। राष्ट्रपति जी का जीवन देश के लिए प्रेरणा मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का प्रदेश सरकार की ओर से स्वागत करते हुए कहा कि राष्ट्रपति जी का मार्गदर्शन हम सबके लिए एक प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति जी ने शून्य से शिखर तक की यात्रा कैसे की जाती है, यह अपने विराट व्यक्तित्व और कृतित्व से देश की 140 करोड़ आबादी, विशेषकर आधी आबादी के सामने प्रेरणा का स्रोत बनकर दिखाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छठ जैसे पर्व की पूर्व संध्या पर आयोजित इस पावन अवसर पर वे राष्ट्रपति जी का अभिनंदन करते हैं। उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का भी स्वागत करते हुए कहा कि वे उत्तर प्रदेश के विकास से संबंधित हर मुद्दे पर सहज भाव से मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। इस अवसर पर महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल, यशोदा मेडिसिटी के अध्यक्ष और एमडी डॉ. पीएन अरोड़ा और डॉ उपासना अरोड़ा उपस्थित रहीं।

यशोदा मेडिसिटी के उद्घाटन अवसर पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया कार्यक्रम को संबोधित

उत्तम स्वास्थ्य पहले गरीब के लिए चिंता का विषय था, आज यह अधिकार के रूप में उसके दरवाजे तक पहुंच रहा : रक्षा मंत्री 2014 में देश में 387 मेडिकल कॉलेज थे, आज 800 हो गये हैं, एमबीबीएस सीटें केवल 50 हजार थीं, आज यह 1 लाख 20 हजार से ज्यादा हो चुकी हैं : राजनाथ सिंह दक्षिण एशिया में रोबोटिक्स सर्जरी प्रशिक्षण केंद्र के रूप में पहचानी जाएगी यशोदा मेडिसिटी : राजनाथ सिंह गाजियाबाद, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को यहां आयोजित यशोदा मेडिसिटी के उद्घाटन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि हम उस भारत की ओर बढ़ रहे हैं जिसका सपना हमारे पूर्वजों ने देखा था, जो शक्तिशाली और स्वस्थ हो। हमारा हर कदम, हर नीति, हर प्रयास देश के गरीब, वंचित और ग्रामीण जनमानस को समर्पित है। हम मानते हैं कि जब भारत का हर नागरिक स्वस्थ होगा तभी भारत सशक्त होगा। हमें 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करना है। इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए राष्ट्र के नागरिकों का स्वास्थ्य उत्तम होना बहुत जरूरी है। मेडिकल ट्रेनिंग और टेक्निकल रिसर्च को मिलेगी नई दिशा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यशोदा मेडिसिटी के लिए गौरव की बात है कि इसे दक्षिण एशिया में रोबोटिक्स सर्जरी प्रशिक्षण केंद्र के रूप में मान्यता मिली है। यह उपलब्धि निश्चित रूप से मेडिकल ट्रेनिंग और टेक्निकल रिसर्च को नई दिशा देगी। उन्होंने कहा कि हम जब भी किसी सफल इंसान की कहानी पढ़ते हैं, आपको यही देखने को मिलेगा कि हर बड़ी यात्रा की शुरुआत किसी न किसी बड़ी व्यक्तिगत पीड़ा से निकलती है। यशोदा मेडिसिटी के चेयरमैन डॉ पीएन अरोड़ा ने 1986 में अपनी माता को कैंसर की वजह से मृत्युशैया पर देखा, उनकी इसी पीड़ा ने यशोदा मेडिसिटी को जन्म दिया। आज यह अस्पताल समाज के अंतिम व्यक्ति के लिए विश्वास का प्रतीक बनकर उभरी है। सरकार एक संरक्षक के रूप में बुजुर्गों के साथ खड़ी है राजनाथ सिंह ने कहा कि यशोदा मेडिसिटी ने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का उत्तरदायित्वपूर्ण निर्वाह किया है। ठीक उसी प्रकार हम भी समाज के अंतिम व्यक्ति के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की स्वास्थ्य व्यवस्था ने नया रूप लिया है। पहले जहां यह गरीब के लिए चिंता का कारण होता था, वही आज उसके अधिकार के रूप में उसके दरवाजे तक पहुंच रहा है। हमने यह सुनिश्चित किया है कि भारत का कोई गरीब किसी भी बीमारी के कारण अपने जीवन की उम्मीद न खोए। इसके लिए आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत देश के 10 करोड़ परिवारों को हर वर्ष पांच लाख रूपए के स्वास्थ्य बीमा का कवच प्रदान किया गया है। अब 70 वर्ष से ऊपर के सभी वरिष्ठ नागरिकों को इस योजना में शामिल किया गया है। ताकि जीवन के उस पड़ाव में जब देखभाल की सबसे अधिक आवश्यकता होती है तब सरकार एक संरक्षक के रूप में उसके साथ खड़ी रहे। जेनरिक मेडिसिन से गांव-गांव में लोग हो रहे लाभान्वित रक्षा मंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों के माध्यम से आम जनता को अत्यंत किफायती दर पर जेनरिक मेडिसिन उपलब्ध कराई जा रही हैं। आज गांव गांव में लोग इन केंद्रों से लाभान्वित हो रहे हैं। इसके साथ ही हमने एक मजबूत स्वास्थ्य इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करने पर विशेष बल दिया है। 2014 में देश में 387 मेडिकल कॉलेज थे वही आज बढ़कर 800 पहुंच चुकी है। 2014 में एमबीबीएस की सीटें केवल 50 हजार हुआ करती थीं, आज यह 1 लाख 20 हजार से ज्यादा हो चुकी हैं। 22 नये एम्स की स्थापना का निर्णय लिया गया। इसमें से 12 पूरी क्षमता के साथ कार्यरत हैं, बाकियों का निर्माण पूरी तेजी पर हैं। जब ये सभी संस्थान पूरी तरह से कार्यरत होंगी तो हमारा हेल्थ नेटवर्क और मजबूत होगा। दक्षिण एशिया में नवाचार की नई परिभाषा गढ़ेगी यशोदा मेडिसिटी अंत में उन्होंने यह कहकर अपनी खुशी जाहिर की कि, यशोदा समूह इस क्षेत्र में सकारात्मक प्रयास कर रहा है। उन्होंने उम्मीद व्यक्त की कि यह संस्था आने वाले समय में न केवल भारत बल्कि दक्षिण एशिया में नवाचार की नई परिभाषा गढ़ेगी। रक्षामंत्री ने राष्ट्रपति का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने यहां आकर यहां के चिकित्सक और कर्मचारियों के मन में नई ऊर्जा का संचार किया है। राजनाथ सिंह ने यशोदा मेडिसिटी के चेयरमैन और एमडी डॉ पीएन अरोड़ा, सीईओ डॉ उपासना अरोड़ा और उनकी टीम को बधाई दी। इससे पूर्व राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने यशोदा मेडिसिटी का भव्य उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति कार्यक्रम में मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में “जीरो पावर्टी अभियान” को एक मिशन के रूप में संचालित करने का लिया है संकल्प

लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में “जीरो पावर्टी अभियान” को एक मिशन के रूप में संचालित करने का संकल्प लिया है। उनके विजन का लक्ष्य स्पष्ट है—राज्य के हर गरीब परिवार को सरकारी योजनाओं का सम्पूर्ण लाभ दिलाना, ताकि कोई भी परिवार बुनियादी सुविधाओं से वंचित न रहे। इसके तहत पहले चरण में जहां सात प्रमुख योजनाओं (राशन कार्ड, दिव्यांग पेंशन, विधवा पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री आवास योजना और आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना) के माध्यम से चिन्हित परिवारों को आच्छादित करने का लक्ष्य रखा गया था, वहीं अब दूसरा चरण और अधिक व्यापक होने जा रहा है। अभियान के दूसरे चरण में अब प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन, जलजीवन मिशन, विद्युत कनेक्शन, शिक्षा तथा मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इन योजनाओं का उद्देश्य प्रत्येक गरीब परिवार को ऊर्जा, स्वच्छता, शिक्षा और सम्मानजनक जीवन की बुनियादी सुविधाएं प्रदान करना है। हर गरीब को सम्मानजनक जीवन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि “जीरो पावर्टी” केवल योजना न रहे, बल्कि एक सामाजिक संकल्प बन जाए। उनका स्पष्ट संदेश है कि यह अभियान न सिर्फ लाभ पहुंचाने का प्रयास है, बल्कि “गरीबी के चक्र को स्थायी रूप से तोड़ने” का एक मॉडल है, जो उत्तर प्रदेश को गरीबीमुक्त प्रदेश बनाने की दिशा में क्रांतिकारी कदम साबित होगा। यह अभियान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस “योगी मॉडल ऑफ डेवलपमेंट” की मिसाल है, जिसमें विकास केवल आंकड़ों में नहीं, बल्कि हर गरीब परिवार के जीवन में दिखता है। जहां प्रधानमंत्री मोदी का “सबका साथ, सबका विकास” नारा है, वहीं मुख्यमंत्री योगी का विजन उसे धरातल पर “जीरो पावर्टी” के रूप में साकार कर रहा है। योजनाओं का मिलेगा लाभ तो जीवन होगा खुशहाल दूसरे चरण में अटल आवासीय योजना भी अभियान का अहम हिस्सा है। इसके तहत निराश्रित बच्चों को सुरक्षित आवासीय शिक्षा से जोड़ा जा रहा है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। वहीं मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत कमजोर वर्ग की बालिकाओं को उनके विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायता दी जाएगी। इसी तरह, मुख्यमंत्री का निर्देश है कि सभी अनाथ बच्चों को बाल सेवा योजना में नामांकित किया जाए, जिससे उन्हें योजना का लाभ मिल सके। परिवार के सभी बच्चों का स्कूल में नामांकन सुनिश्चित हो और यदि नामांकन न हुआ हो तो तत्काल कराया जाए। साथ ही, सभी पात्र परिवारों को उज्ज्वला कनेक्शन दिए जाने पर भी जोर है, ताकि घरेलू महिलाएं सेफ कुकिंग फ्यूल का उपयोग सुनिश्चित कर सकें। वहीं, एसबीएम ग्रामीण के तहत सभी हाउसहोल्ड में सैनिटरी टॉयलेट्स की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है। जलजीवन मिशन के अंतर्गत सभी घरों में स्वच्छ पेयजल और इलेक्ट्रिसिटी कनेक्शन योजना के अंतर्गत समस्त पात्रों को रेगुलर इलेक्ट्रिसिटी प्रदान करने का लक्ष्य है। गरीबी की पहचान और समग्र सुधार जीरो पावर्टी के तहत चिन्हीकरण में उन परिवारों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है जिनके पास कृषि भूमि नहीं है, पक्का मकान नहीं है, या जिनके सदस्य वृद्ध, निराश्रित, अनाथ अथवा दिव्यांग हैं। साथ ही शिक्षा और रोजगार के अवसरों से वंचित युवाओं को भी प्राथमिकता दी जा रही है। यह मॉडल “डेमोग्रॉफी, असेट ओनरशिप और एजूकेशन एंड एंप्लॉयबिलिटी” के तीन स्तंभों पर आधारित है, जो गरीबी के मूल कारणों को दूर करने की दिशा में ठोस कदम है। मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश है कि जिला, ब्लॉक और ग्राम स्तर के सभी अधिकारी इस अभियान को अपनी जिम्मेदारी समझें और 100% कवरेज सुनिश्चित करें।

सीएम योगी के निर्देशन में ब्रह्मोस फैसिलिटी भटगांव के 30 एकड़ में विकसित की गई ग्रीन बेल्ट

ब्रह्मोस के एरिया में लगाए जा चुके 20 हजार पौधे रक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री ने रोपा रुद्राक्ष का एक-एक पौधा लखनऊ, सिर्फ अपनी ही नहीं, बल्कि मित्र देशों के साथ खड़ा होकर उनकी रक्षा में सहयोगी भारत पर्यावरण से भी 'शौर्य' की नई गाथा लिखेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वन विभाग ने ब्रह्मोस फैसिलिटी भटगांव के 30 एकड़ में ग्रीन बेल्ट विकसित किया है। शनिवार को यहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी पौधरोपण किया। सीएम योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में वन-पर्यावरण की इस पहल की रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सराहना की। मुख्यमंत्री व रक्षा मंत्री ने रोपा रुद्राक्ष  एक पेड़ मां के नाम- 2.0 के तहत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक-एक रुद्राक्ष का पौधा भी रोपा। दोनों नेताओं ने 'शौर्य वन' का अवलोकन किया और यहां लगाए गए पौधरोपण की तारीफ की। मुख्यमंत्री ने इसका स्वरूप और वृहद करने का निर्देश दिया। ब्रह्मोस फैसिलिटी भटगांव के 30 एकड़ में विकसित की गई ग्रीन बेल्ट लखनऊ के प्रभागीय वनाधिकारी सितांशु पांडेय ने बताया कि उत्तर प्रदेश के वन विभाग की तरफ से ब्रह्मोस फैसिलिटी भटगांव के 30 एकड़ में ग्रीन बेल्ट विकसित की गई है। ब्रह्मोस एरिया में शौर्य वन की स्थापना करते हुए 20 हजार पौधे लगाए जा चुके हैं। जमीन मिलने पर यहां और पौधरोपण भी किया जाएगा। 'शौर्य वन' भी लिखेगा सेना के साहस की कहानी श्री पांडेय ने बताया कि ब्रह्मोस फैसिलिटी भटगांव में शौर्य वन स्थापित किया गया है। इसे शौर्य नाम देने के पीछे का उद्देश्य ब्रह्मोस और ऑपरेशन सिंदूर के जरिये भारतीय सेना के शौर्य की कहानी को प्रदर्शित करना है। एक नजर *- ब्रह्मोस फैसिलिटी भटगांव: पौधरोपण -* कुल पौधरोपण: अब तक 20 हजार -* आम: लगभग 3-4 हजार पौधे -* नीम: लगभग 2 से 3 हजार पौधे -* आंवला: लगभग 2 से 3 हजार पौधे *मौलश्री, अमरूद, अर्जुन, शीशम – कुल लगभग 6-7 हजार पौधे इसके अलावा चारों तरफ से बांस के पौधे लगाकर इसे नया स्वरूप व सुरक्षित किया जा रहा है। यहां की लैंड स्केपिंग काफी आकर्षित है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपावली के अवसर पर साजिश रचने वालों दी चेतावनी

कहाः पिछले आठ वर्षों में प्रदेश में सभी त्योहार शांति, सौहार्द और उमंग के साथ मनाए गए  यह सरकार जो जिस भाषा में समझेगा, उसी भाषा में जवाब देना जानती हैः सीएम  मुख्यमंत्री ने उज्ज्वला योजना के 1.86 करोड़ लाभार्थियों को दी दीपावली की सौगात पात्र गरीब एवं वंचित परिवार की महिलाओं को गैस सिलेंडर रिफिल सब्सिडी का किया वितरण  सीएम योगी ने कहा- गरीबों के चेहरे पर मुस्कान लाना ही सरकार का संकल्प उज्ज्वला योजना ने नारी गरिमा को सम्मान दिया, घर-घर में स्वास्थ्य और सुविधा का उजाला फैलायाः सीएम योगी  मुख्यमंत्री की अपील, दीपावली पर स्वदेशी उत्पाद ही अपनाएं, गरीबों की मदद करें   लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लोकभवन में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैस सिलेंडर रिफिल सब्सिडी का वितरण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि दीपावली के पहले यह प्रदेश के गरीब परिवारों के लिए एक बड़ा उपहार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहारों का उद्देश्य यही है कि हम अकेले नहीं, बल्कि सामूहिक रूप से इस उत्साह का हिस्सा बनें। 2021 में राज्य सरकार ने तय किया था कि वर्ष में दो बार होली और दीपावली के अवसर पर उज्ज्वला योजना के सभी लाभार्थियों को मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर दिए जाएंगे। इसी क्रम में आज प्रदेश के 1.86 करोड़ परिवारों को यह सौगात दी जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले आठ वर्षों में प्रदेश में सभी त्योहार, होली, दीपावली, ईद, क्रिसमस, गुरु पर्व, जन्माष्टमी या रामनवमी  पूरी शांति, सौहार्द और उमंग के साथ मनाए गए हैं। अब वह सरकार नहीं है जो दंगाइयों के सामने घुटने टेक दे। यह सरकार जो जिस भाषा में समझेगा, उसी भाषा में जवाब देना जानती है। उत्साह और उमंग के त्योहार में यदि किसी ने व्यवधान डाला तो जेल की सलाखें उसका इंतजार कर रही हैं।  पहली बार बिना भेदभाव के गरीबों तक पहुंची योजनाएं  मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी लोककल्याणकारी सरकार का दायित्व होता है कि वह शासन की योजनाओं का लाभ ईमानदारी से उन गरीबों, वंचितों और दलितों तक पहुंचाए, जो इसके पात्र हैं। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार गरीबों को बिना भेदभाव के योजनाओं का लाभ तब मिलना शुरू हुआ जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बने। 2014 के पहले गैस कनेक्शन लेना भी एक संघर्ष था, लेकिन मोदी जी ने 11 करोड़ गरीब परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन दिलाए। अकेले उत्तर प्रदेश के 1.86 करोड़ परिवारों को इसका लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि पहले गरीब लकड़ी, कोयले या उपलों में खाना पकाते थे जिससे परिवार बीमार पड़ते थे। आज उज्ज्वला योजना ने नारी गरिमा को सम्मान दिया है और घर-घर में स्वास्थ्य और सुविधा का उजाला फैलाया है। 2017 से पहले सैफई परिवार के बाहर किसी की सोच नहीं थी मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 के पहले प्रदेश में परिवार से ऊपर कोई सोच नहीं थी। सैफई परिवार के अलावा किसी और की चिंता नहीं होती थी। चाचा-भतीजा और महाभारत के किरदारों की राजनीति में गरीबों की योजनाएं लूट ली जाती थीं। नौकरियों में डकैती, विकास के पैसे में छीना-झपटी होती थी और त्योहार भी दंगों की भेंट चढ़ जाते थे। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार आने के बाद अब प्रदेश को परिवार मानकर काम हो रहा है। किसी की जाति नहीं पूछी जाती, किसी से भेदभाव नहीं होता। सबका साथ, सबका विकास, यही हमारा मंत्र है। बेटियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया तो यमराज टिकट काटेंगे मुख्यमंत्री योगी ने सख्त लहजे में कहा कि सरकार की नीति स्पष्ट है। अगर किसी ने बेटी की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया, तो अगले चौराहे पर यमराज टिकट काटने के लिए खड़ा होगा। यदि किसी को यमराज से टिकट कटवाना हो तो वह किसी राह चलती बेटी के साथ छेड़खानी करके देख ले। यह हमारी वचनबद्धता है कि हर बेटी, हर व्यापारी, हर राहगीर को सुरक्षा देंगे। जो भी रंग में भंग डालने की कोशिश करेगा, जेल की सलाखें उसका इंतजार कर रही हैं। स्वदेशी अपनाएं, स्थानीय कारीगरों की समृद्धि में ही देश का विकास है मुख्यमंत्री ने दीपावली पर ‘स्वदेशी’ को बढ़ावा देने की अपील करते हुए कहा कि दीपावली पर हर परिवार कुछ न कुछ खरीदता है। जो भी खरीदे, वह स्वदेशी हो। हमारे कारीगर, हस्तशिल्पी, स्थानीय उद्यमी जो भी बनाएं, वही खरीदें। हमारे घर में जो दीपक जले, वह हमारे ही कुम्हार द्वारा बना हो। लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां हमारे कारीगरों की बनाई हों, विदेश से नहीं। उन्होंने कहा कि जब यह पैसा स्थानीय कारीगरों, श्रमिकों और हस्तशिल्पियों तक पहुंचेगा, तभी समृद्धि देश तक पहुंचेगी और भारत विकसित बनेगा। गरीबों की सहायता करें, तभी पर्व का आनंद सार्थक होगा मुख्यमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय और आचार्य शंकराचार्य के उदाहरण का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस घर में गरीबों के प्रति संवेदना नहीं होती, वहां ईश्वर का वास नहीं होता। हमें हर त्योहार पर किसी एक गरीब, बेसहारा या जरूरतमंद बच्चे की मदद करनी चाहिए। तभी त्योहारों की खुशी और भी अर्थपूर्ण हो जाएगी। इस अवसर पर वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, पूर्व उप मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद डॉ दिनेश शर्मा, सांसद संजय सेठ, बृजलाल, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक डॉ नीरज बोरा समेत अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण मौजूद रहे।  इन महिलाओं के खाते में सीएम ने मंच से अंतरित की सब्सिडी  सोनी रीता निशा चौहान सबीना सईदा बानो सारिका यादव पार्वती बीना कुमारी रेशमा खान

प्रदेश के कई जनपदों से आये आमजन की समस्या से सोमवार सुबह रूबरू हुए मुख्यमंत्री

जन-जन की सेवा, सुरक्षा और सम्मान ही सरकार का ध्येय: मुख्यमंत्री प्रदेश के कई जनपदों से आये आमजन की समस्या से सोमवार सुबह रूबरू हुए मुख्यमंत्री  पुलिस, आर्थिक सहायता, जमीनी विवाद समेत अन्य प्रकरण लेकर पहुंचे पीड़ित हर पीड़ित से मिले सीएम योगी, समस्या सुन निश्चित समयावधि में निस्तारण का दिया निर्देश  बुलंदशहर से आये सीआरपीएफ जवान ने बताई पीड़ा, सीएम योगी ने समाधान का दिया निर्देश   लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हर सोमवार की भांति इस बार भी 'जनता दर्शन' किया। प्रदेश के कई जनपदों से आये पीड़ितों की समस्या मुख्यमंत्री ने स्वयं सुनी, फिर अफसरों को निर्देश दिया कि निश्चित समयावधि में समाधान कराएं और पीड़ित से फीडबैक भी लें। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन-जन की सेवा, सुरक्षा और सम्मान ही सरकार का ध्येय है। सरकार पहले दिन से ही निरंतर इसी धारणा के साथ कार्य कर रही है।  आप निश्चिंत होकर ड्यूटी कीजिये, समाधान सरकार पर छोड़ दीजिए  सोमवार सुबह 'जनता दर्शन' में प्रदेश के 50 से अधिक पीड़ित पहुंचे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सभी के पास गए, उनका प्रार्थना पत्र लिया और अफसरों को तत्काल उचित निराकरण का निर्देश दिया। 'जनता दर्शन' में लोग पुलिस, बिजली, आर्थिक सहायता, जमीनी विवाद आदि की समस्या को लेकर पहुंचे। वहीं बुलंदशहर निवासी सीआरपीएफ जवान  जमीन विवाद से जुड़ी समस्या लेकर पहुंचे। इस पर मुख्यमंत्री ने उनसे कहा कि आप निश्चिंत होकर ड्यूटी कीजिये, समाधान सरकार पर छोड़ दीजिए। जांच कराएंगे और प्रकरण में न्यायोचित कार्रवाई भी करेंगे।    मुख्यमंत्री ने नन्हे-मुन्नों को दी चॉकलेट  मुख्यमंत्री ने 'जनता दर्शन' में फरियादियों के साथ आए बच्चों का हालचाल जाना। नन्हे-मुन्नों के सिर पर हाथ फेर दुलार किया और अपनत्व का अहसास कराया। सीएम योगी ने सभी बच्चों को चॉकलेट-टॉफी दी। उन्होंने बच्चों से कहा कि खूब पढ़ो-जमकर खेलो और माता-पिता का नाम रोशन करो।    

योगी सरकार के आईजीआरएस पोर्टल से जन शिकायतों के निस्तारण में आई तेजी, पीड़ितों को मिल रहा त्वरित न्याय

जनशिकायतों के निस्तारण में देवीपाटन मंडल अव्वल, मीरजापुर मंडल ने हासिल किया दूसरा स्थान    योगी सरकार के आईजीआरएस पोर्टल से जन शिकायतों के निस्तारण में आई तेजी, पीड़ितों को मिल रहा त्वरित न्याय  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मॉनीटरिंग से शिकायतों का समयबद्ध हो रहा निस्तारण  आईजीआरएस की सितंबर माह की रिपोर्ट में जनमानस की शिकायतों के निस्तारण में देवीपाटन मंडल ने प्राप्त किया पहला स्थान  – रिपोर्ट में मीरजापुर दूसरे तो बस्ती मंडल है तीसरे स्थान पर, शिकायतों के निस्तारण के बाद मंडलायुक्त ले रहे फीडबैक  – मंडलायुक्तों की मॉनीटरिंग, विभागीय आख्या की जांच और शिकायकर्ता के फीडबैक से समस्या के समाधान में आ रही तेजी लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निगरानी से जन शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया में अभूतपूर्व तेजी आई है। योगी सरकार के आईजीआरएस पोर्टल से शिकायतों के समाधान में न केवल पारदर्शिता आई है, बल्कि पीड़ितों को त्वरित न्याय भी मिल रहा है। योगी सरकार ने अपने कार्यकाल में प्रशासनिक सुधारों और तकनीकी उपायों को अपनाकर शिकायतों के निस्तारण को सुनिश्चित किया है। वहीं, आईजीआरएस की सितंबर माह की रिपोर्ट में देवीपाटन मंडल ने जन शिकायतों के निस्तारण में बाजी मारी है और प्रदेश में एक बार फिर पहला स्थान प्राप्त किया है। इसी तरह प्रदेशभर में मीरजापुर मंडल ने दूसरा और बस्ती मंडल ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है। बता दें कि अगस्त माह की आईजीआरएस रिपोर्ट में भी देवीपाटन जनशिकायतों के निस्तारण में पहले स्थान पर था। हर माह रेंडम पांच शिकायतकर्ता से दवीपाटन मंडलायुक्त खुद लेते हैं निस्तारण का फीडबैक देवीपाटन मंडलायुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप जनशिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जा रहा है। इसके लिए देवीपाटन मंडल के जिलों क्रमश: श्रावस्ती, बहराइच, गोंडा और बलरामपुर में जनशिकायतों के पारदर्शी और त्वरित समाधान के लिए कई बिंदुओं पर लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिलों में जनशिकायतों की निस्तारण की रिपोर्ट की लगातार मॉनीटरिंग की जाती है। मंडलायुक्त ने बताया कि वह खुद मंडल के सभी जिलों के जनशिकायतों के निस्तारण के पहलुओं की मॉनीटरिंग करते हैं। इसके साथ ही रेंडम पांच शिकायतकर्ता से मंडलायुक्त कार्यालय से फीडबैक लिया जाता है ताकि यह पता चल सके कि पीड़ित की शिकायत पर वास्तविकता में एक्शन लिया गया है या फिर रिपोर्ट ही लगायी गयी है। इसके साथ ही हर माह जनशिकायतों के मामलों की विभागीय आख्या की जांच की जाती है। यही वजह है कि देवीपाटन मंडल ने जन शिकायतों के निस्तारण में प्रदेश भर में एक बार फिर पहला स्थान प्राप्त किया है। मंडलायुक्त ने बताया कि सितंबर माह की आईजीआरएस रिपोर्ट में दवीपाटन मंडल को पूर्णांक 120 में से 104 अंक प्राप्त हुए हैं और सफलता दर 86.67 प्रतिशत है।    मीरजापुर मंडल ने दूसरा तो बस्ती मंडल ने तीसरा स्थान प्राप्त किया योगी सरकार द्वारा लांच आईजीआरएस (एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली) पोर्टल नागरिकों की शिकायतों के समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर कई सुधारों के बाद यह अत्यधिक प्रभावी साबित हुआ है। आईजीआरएस की सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार मीरजापुर मंडल ने जन शिकायतों के निस्तारण में प्रदेशभर में दूसरा प्राप्त किया है। मीरजापुर मंडलायुक्त ने बताया कि सितंबर माह की आईजीआरएस रिपोर्ट में मीरजापुर मंडल को पूर्णांक 120 में से 98 अंक प्राप्त हुए हैं और सफलता दर 81.67 प्रतिशत है। पिछले माह भी आईजीआरएस की अगस्त माह की रिपोर्ट में मीरजापुर मंडल दूसरे स्थान पर था। इसी तरह बस्ती मंडल ने जनशिकायतों के निस्तारण में पूरे प्रदेश में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। बस्ती मंडलायुक्त ने बताया कि सितंबर माह की आईजीआरएस रिपोर्ट में बस्ती मंडल को पूर्णांक 120 में से 97 अंक प्राप्त हुए हैं और सफलता दर 80.83 प्रतिशत है। इसके साथ ही टॉप फाइव मंडल में अलीगढ़ मंडल ने चौथा और वाराणसी मंडल ने पांचवां स्थान प्राप्त किया है। इन मंडलों ने शिकायतों के निस्तारण में समय की बचत और पीड़ितों से फीडबैक लेकर सुधार की प्रक्रिया को तेज किया है। इससे यह सुनिश्चित हुआ कि कोई भी शिकायत अनसुलझी न रहे और समाधान की प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और समयबद्ध हो। साथ ही अधिकारियों के फील्ड विज़िट्स ने इस प्रक्रिया को और भी प्रभावी बना दिया है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण व सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया दक्षिण के तीन संतों की मूर्तियों का अनावरण

  योगी आदित्यनाथ ने कहा अयोध्या बन रही सांस्कृतिक पुनर्जागरण की केंद्रस्थली  त्यागराज, पुरंदर दास और अरुणाचल कवि की मूर्तियों से अयोध्या में बसा कर्नाटक का संगीत भाव अयोध्या, उत्तर और दक्षिण भारत की सांस्कृतिक एकता का अद्भुत संगम बुधवार को अयोध्या की पावन भूमि पर देखने को मिला। दो दिवसीय दौरे पर पहुंचीं केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ मिलकर दक्षिण भारत के तीन महान संगीत संतों त्यागराज स्वामीगल, पुरंदर दास और अरुणाचल कवि की मूर्तियों का बृहस्पति कुंड में भव्य अनावरण किया। भक्ति और संगीत की मधुर लहरों में डूबा बृहस्पति कुंड टेढ़ी बाजार स्थित बृहस्पति कुंड का वातावरण उस समय भक्तिरस और संगीत की पवित्र भावना से सरोबार हो उठा जब केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री ने दक्षिण भारतीय परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना कर अनावरण समारोह की शुरुआत की। इस दौरान सीतारमण के माता-पिता भी मौजूद रहे, जिससे यह पल और भी भावनात्मक हो गया। अयोध्या की परंपरा में हुआ भव्य स्वागत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय वित्त मंत्री का पुष्पगुच्छ भेंट कर पारंपरिक अयोध्या शैली में स्वागत किया। उन्होंने कहा कि बृहस्पति कुंड केवल एक ऐतिहासिक स्थल नहीं, बल्कि सांस्कृतिक समरसता का प्रतीक है, जहां उत्तर भारत की श्रद्धा और दक्षिण भारत की भक्ति का संगम होता है। तीनों संतों के योगदान को किया नमन केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि अयोध्या केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक आत्मा का प्रतीक है। उन्होंने तीनों संतों के योगदान को नमन करते हुए कहा कि त्यागराज स्वामीगल, पुरंदर दास और अरुणाचल कवि ने भारतीय शास्त्रीय संगीत और भक्ति परंपरा को विश्व पटल पर स्थापित किया। उनके काव्य और रचनाओं ने समाज को प्रेम, भक्ति और एकता के सूत्र में पिरोया। कर्नाटक और अयोध्या के सांस्कृतिक रिश्ते को मिला नया आयाम सीतारमण ने बृहस्पति कुंड की भव्यता और शांति देखकर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अयोध्या और कर्नाटक के सांस्कृतिक संबंध सदियों पुराने हैं। आज इन संतों की मूर्तियों के अनावरण के माध्यम से भारत की उत्तर-दक्षिण परंपरा एक सूत्र में बंधी है। सीएम योगी ने बोल अयोध्या बन रही सांस्कृतिक पुनर्जागरण की धुरी इस अवसर पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्रीराम की नगरी अयोध्या अब केवल आध्यात्मिक ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण की केंद्रस्थली बन रही है। उन्होंने कहा कि निर्मला सीतारमण का यह दौरा भारत की सांस्कृतिक एकता और समरसता का सशक्त प्रतीक है। बृहस्पति कुंड की शांति में खोए सीएम योगी, मंत्रियों संग पत्थर की बेंच पर लिया सौंदर्य का आनंद बृहस्पति कुंड परिसर में स्थापित सुंदर पत्थर की बेंचों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह कुछ देर के लिए विराम लेते हुए बैठे। शांत सरोवर, मधुर वातावरण और सुव्यवस्थित परिसर को निहारते हुए तीनों जनप्रतिनिधियों ने उस पल में अयोध्या की सौंदर्य व सांस्कृतिक गरिमा का आनंद अनुभव किया। मुख्यमंत्री ने बेंचों की कलात्मक बनावट और परिसर के सौंदर्यीकरण की सराहना करते हुए कहा कि बृहस्पति कुंड अब श्रद्धा और सौंदर्य का आदर्श संगम बन चुका है।