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गुरुग्राम स्वच्छता में अव्वल, मुख्यमंत्री ने जनता की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया

चंडीगढ़  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गुरुग्राम को स्वच्छता रैंकिंग में नंबर वन बनाया जाएगा और यह लक्ष्य प्रशासनिक प्रबंधन के साथ-साथ जनभागीदारी से ही संभव होगा। ‘मेरा गुरुग्राम-स्वच्छ गुरुग्राम’ थीम के अंतर्गत नागरिकों को स्वच्छ और शुद्ध वातावरण बनाने की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया गया। बृहस्पतिवार सुबह मुख्यमंत्री ने सोहना चौक और सेक्टर-52 में हरियाणा सिटी स्वच्छता अभियान के तहत आयोजित मेगा स्वच्छता अभियान में स्वयं भाग लेकर जनता को स्वच्छता का संदेश दिया। इस अवसर पर गुरुग्राम से विधायक मुकेश शर्मा, सोहना विधायक तेजपाल तंवर, गुरुग्राम की मेयर राजरानी, जीएमडीए के सीईओ श्यामल मिश्रा, मंडलायुक्त आरसी बिधान, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार राजीव जेटली सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने स्वयं झाड़ू लगाकर क्षेत्र की सफाई की और स्वच्छता मित्रों के साथ मिलकर लोगों को प्रेरित किया कि वे स्वच्छता को जीवनशैली का हिस्सा बनाएं।   स्वच्छता जीवन का हिस्सा बनाकर सुखद वातावरण बनाएं:  मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता स्वस्थ जीवन की नींव है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को इसे अपनी दिनचर्या का स्थायी हिस्सा बनाना होगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि हरियाणा सरकार ‘मेरा गुरुग्राम-स्वच्छ गुरुग्राम’ के विजन को साकार करने के लिए हर संभव सहयोग देगी। उन्होंने कहा कि मानसून समाप्त होते ही गुरुग्राम जिले में विकास कार्यों की गति तेज की जाएगी ताकि लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिल सके। 11 सप्ताह तक चलने वाले विशेष अभियान के अंतर्गत शहरी क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण और उन्नयन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। शहरों की स्वच्छता रैंकिंग तय की जाएगी और गुरुग्राम इसमें अग्रणी स्थान प्राप्त करेगा। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में स्वच्छता बनी जन आंदोलन मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अक्तूबर, 2014 को शुरू किया था। आज यह उनके दूरदर्शी नेतृत्व में पूरे देश में जन आंदोलन का रूप ले चुका है। स्वच्छता केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में 17 सितम्बर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस से सेवा पखवाड़ा मनाया जाएगा, जो 2 अक्तूबर तक चलेगा। इसके दौरान स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, स्वास्थ्य शिविर और खेल जागरूकता कार्यक्रम जैसे आयोजन किए जाएंगे ताकि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सके। मुख्यमंत्री ने विभिन्न धार्मिक व सामाजिक संगठनों, रेज़िडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों और व्यापारी संगठनों का भी धन्यवाद किया जिन्होंने ‘मेरा गुरुग्राम -स्वच्छ गुरुग्राम’ अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई। गुरुग्राम को सुंदर और स्वच्छ बनाने का अभियान निरंतर चलेगा:  विधायक मुकेश शर्मा विधायक मुकेश शर्मा ने कहा कि गुरुग्राम को स्वच्छ और सुंदर बनाने का यह अभियान केवल एक दिन या सप्ताह तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे निरंतर जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह प्रयास किसी भी स्थिति में रुकने नहीं दिया जाएगा और आने वाले दिनों में और अधिक जोश, ऊर्जा और ठोस रणनीति के साथ आगे बढ़ेगा। उन्होंने नागरिकों से सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया और कहा कि केवल सरकारी प्रयासों से यह लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता, बल्कि हर नागरिक को योगदान देना होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्वच्छता केवल सफाई अभियान नहीं है, बल्कि यह हमारी सोच और जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बनना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने ग्राम राजौधा में किया सांदीपनि विद्यालय के नवीन भवन का लोकार्पण

नये महाविद्यालय भवन का भूमिपूजन भी किया महाराजा मानसिंह तोमर के नाम से जाना जाएगा महाविद्यालय भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी अन्नदाताओं (किसानों) को सम्मान और सुविधा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द 20 लाख से अधिक किसानों को सोलर पावर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे उन्हें बिजली बिल की समस्या से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को मुरैना जिले के ग्राम राजौधा में आयोजित लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कहा कि प्रदेश के किसानों को केंद्र सरकार और राज्य सरकार की ओर से 6-6 हजार रुपए, इस प्रकार कुल 12 हजार रुपए सम्मान निधि दी जा रही है। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार प्रदेश की सभी लाड़ली बहनों को दीपावली के बाद भाईदूज से हर माह 1500 की राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिक्षा के क्षेत्र में सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश के बेटे-बेटियां खूब पढ़ें-लिखें, इसके लिए सरकार सभी इंतजाम कर रही है। बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप, होनहार विद्यार्थियों को स्कूटी, साथ ही साइकिल और गणवेश भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश का सर्वांगीण विकास ही हमारा लक्ष्य है। प्रदेश का कोई भी अंचल विकास से वंचित नहीं रहने दिया जायेगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 52 करोड़ 59 लाख्र रुपए से अधिक लागत के विकास कार्यों को लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इसमें 37.67 करोड़ की लागत से नवनिर्मित सांदीपनि विद्यालय भवन का लोकार्पण और 14.92 करोड़ की लागत के नये शासकीय महाविद्यालय भवन का भूमिपूजन शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा करते हुए कहा कि यह नया महाविद्यालय भवन महाराजा मानसिंह तोमर के नाम से जाना जाएगा। उन्होंने कहा कि जल्द ही इस महाविद्यालय में सभी जरूरी पाठ्यक्रम एवं संकाय प्रारंभ किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज राधाष्टमी है। इस शुभ प्रसंग के अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण के गुरु सांदीपनि के नाम से विद्यालय भवन का लोकार्पण सरकार के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने बताया कि हाल ही में समीपवर्ती श्योपुर जिले को मेडिकल कॉलेज की सौगात दी गई है और मुरैना भी विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश बदल रहा है। मुरैना की धरती से श्री नरेंद्र सिंह तोमर जैसे बड़े राजनेता निकले हैं। प्रदेश के कई जिले आगे बढ़ गए, लेकिन चंबल के जिले पिछड़ गए। कांग्रेस की सरकारों ने डाकुओं को बढ़ावा दिया और युवाओं का भविष्य खराब कर दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश को धार्मिक पर्यटन का केंद्र बनाया जा रहा है। शहर-शहर में सांदीपनि विद्यालय खोले जा रहे हैं। ऐसे ही सांदीपनि आश्रम में श्रीकृ्ष्ण ने वेद, शास्त्रों और विद्याओं का ज्ञान प्राप्त किया था। भगवान श्रीकृष्ण ने कंस को मारकर संदेश दिया कि सत्ता अत्याचार के लिए नहीं, बल्कि जनकल्याण का माध्यम होती है। विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की विकास के प्रति ललक, समाज के हर वर्ग के लिए संवेदनशीलता और संकल्प से विकास की गंगा गांव-गांव तक पहुंच रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ही इस गांव में महाविद्यालय खोलने की घोषणा की थी। फिलहाल इस महाविद्यालय का संचालन गांव के स्कूल भवन से हो रहा है। महाविद्यालय में वर्तमान में बीए संकाय में 240 से अधिक बालिकाएं अध्ययनरत हैं। नए भवन में बीएससी और बीकॉम संकाय भी प्रारंभ होंगे, जिससे क्षेत्र की महाविद्यालय में पढ़ने की आकांक्षी 500 से अधिक छात्राओं को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह सांदीपनि विद्यालय 27 करोड़ की लागत से बनकर तैयार हुआ है। बड़े से बड़े विद्यालयों में भी सांदीपनि जैसी सुविधाएं नहीं मिलेंगी। पहले किसी गांव में विद्यालय बनता था तो कक्ष कम और विद्यार्थी अधिक होते थे। तब जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया जाता था कि एक कक्ष और बन जाए, इसकी घोषणा हो जाए। राज्य सरकार ने सांदीपनि विद्यालयों के माध्यम से किसान और गरीबों के बच्चों को सौगात दी है। राजौधा में महाविद्यालय भवन का भी शिलान्यास हो रहा है। यहां महाविद्यालय की शुरुआत होने से विद्यार्थियों में बेहद हर्ष व्याप्त है। पोरासा में अस्पताल खुलने से नागरिकों को चिकित्सा सुविधाएं भी मिली हैं। सांसद श्री शिवमंगल सिंह तोमर ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश में विकसित विद्यालयों की श्रृंखला से चंबल अंचल के विद्यार्थियों को श्रेष्ठ शिक्षा का अवसर मिल रहा है। यह विद्यालय निश्चित रूप से क्षेत्र और प्रदेश का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करेगा। उन्होंने कहा कि चंबल की धरती पर महाराज श्री लोचनदास, महाराज श्री रामदास, श्री बालकदास, श्री माखनदासजी और ऋषिजी का जन्म हुआ। सांसद श्री सिंह ने मुरैना जिले को ढेरों सौगातें देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार जताया। कार्यक्रम में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला, जनप्रतिनिधि, अधिकारी, छात्र-छात्राएँ एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे। ग्राम ओरेठी में आसमानी माता मंदिर में किया पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुरैना प्रवास के दौरान तहसील पोरसा के ग्राम ओरेठी स्थित प्रसिद्ध आसमानी माता मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की।  

सिंहस्थ : 2028 के लिए घाट निर्माण, शिप्रा शुद्धिकरण, बैराज निर्माण कार्यों की भी हुई समीक्षा

आने वाले 3 वर्ष में सिंचाई क्षेत्र का विस्तार 100 लाख हेक्टेयर तक करें भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों की समृद्धि के साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन के लिए सिंचाई क्षेत्र का निरंतर विस्तार आवश्यक है। इसके लिए जल संसाधन विभाग और सभी संबंधित एजेंसियां तेजी से कार्य करें। वर्तमान में शासकीय स्रोतों से प्रदेश में सिंचाई प्रतिशत 52 लाख हेक्टेयर से अधिक हो चुका है। इसे शीघ्र ही दोगुना करने का लक्ष्य ध्यान में रखकर कार्य किया जाए जिससे आने वाले 3 वर्ष में प्रदेश में 100 लाख हेक्टेयर में सिंचाई क्षेत्र का विस्तार हो जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि के साथ ही उद्योग क्षेत्र में पानी देने, पेयजल प्रबंध और ऊर्जा उत्पादन में जल का उपयोग जल संसाधन विभाग के स्रोतों से हो रहा है। सिंचाई के 100 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में लक्ष्य के अनुसार जल संसाधनों के समुचित उपयोग को पूरी प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को जल संसाधन विभाग की समीक्षा के दौरान विभिन्न परियोजनाओं से बढ़ रहे सिंचाई क्षेत्र की जानकारी भी प्राप्त की। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने किए हैं लाभकारी प्रावधान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अंतर्राज्यीय नदी जोड़ो परियोजनाओं जैसे केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना, संशोधित पार्वती-काली-सिंध चंबल लिंक परियोजना को अति उपयोगी बताते हुए कहा कि इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से प्रदेश के लगभग आधे जिलों की तस्वीर बदल जाएगी। राज्य के अंदर भी नदी जोड़ो परियोजनाओं के क्रियान्वयन की दिशा में कार्य प्रारंभ कर लाभ प्राप्त किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नदियों को जोड़ने का स्वप्न भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल ने देखा जिसे प्रधानमंत्री श्री मोदी साकार कर हैं। वर्तमान में भारत सरकार द्वारा ऐसी परियोजनाओं के लिए 90% राशि देने का लाभकारी प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी की मंशा के अनुसार राज्यों की ऐसी पहल को प्रोत्साहित किया जा रहा है। नदी जोड़ो परियोजनाओं के कार्य जैसे-जैसे क्रियान्वित होंगे, सिंचित क्षेत्र बढ़ेगा, साथ ही खुशहाली भी बढ़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल संसाधन विभाग की ओर से राज्य के अंदर नदी जोड़ो प्रकल्पों की संभावनाओं का सर्वेक्षण और अध्ययन कर प्रतिवेदन तैयार किया जाए। केन्द्र सरकार को ऐसे प्रस्ताव भेजकर स्वीकृति प्राप्त की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की सिंहस्थ : 2028 के कार्यों की समीक्षा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान शिप्रा शुद्धिकरण, नदी एवं जल निकायों के विकास और घाट निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की। बैठक के दौरान बताया गया कि वर्तमान में शिप्रा पर लगभग 30 किलोमीटर लंबाई में घाट निर्माण का कार्य हो रहा है, यह सभी कार्य वर्ष 2027 में पूर्ण करने का लक्ष्य है। घाटों के निर्माण से सिंहस्थ के दौरान एक दिन में लगभग 5 करोड़ श्रद्धालु स्नान का पुण्य प्राप्त कर सकेंगे। शिप्रा नदी पर बैराज निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। सिंचाई क्षेत्र में हुई है उल्लेखनीय वृद्धि बैठक में बताया गया कि रबी 2023-24 में प्रदेश में सिंचित रकबा 44.56 लाख हेक्टेयर था जो रबी 2025-26 में बढ़कर 52.06 हो गया है। इस तरह बीते डेढ़ वर्ष में प्रदेश के सिंचाई क्षेत्र में 7.50 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है। इसमें जल संसाधन विभाग द्वारा 2.39 और नर्मदा घाटी विकास विभाग 5.11 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षेत्र बढ़ाने में सफलता प्राप्त की गई है। बताया गया कि प्रदेश में आगामी पांच वर्ष में 200 करोड़ से अधिक लागत की 38 सिंचाई परियोजनाएं पूरी हो जाएंगी, जिसके फलस्वरूप 17 लाख 33 हजार 791 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षेत्र का विस्तार होगा। इस वर्ष 2 लाख हेक्टेयर से अधिक सिंचाई क्षेत्र बढ़ेगा, जो मोहनपुरा बांयीतट परियोजना जिला राजगढ़, चंदेरी सूक्ष्म सिंचाई परियोजना जिला अशोकनगर, पंचमनगर सिंचाई परियोजना जिला दमोह एवं सागर, त्योंथर बहाव योजना जिला रीवा और घोघरी मध्यम परियोजना जिला बैतूल के माध्यम से संभव होगा। बैठक में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव जल संसाधन एवं नर्मदा घाटी विकास डॉ. राजेश राजौरा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री के निर्णय से युवाओं में खासा उत्साह, आगामी वर्ष से पुलिस में भर्तियां करेगा पुलिस भर्ती बोर्ड

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था और सिंहस्थ-2028 के दृष्टिगत आगामी 3 वर्षों में पुलिस विभाग में 22500 पदों पर भर्ती की जाएगी। अभी तक पुलिस विभाग में भर्तियां कर्मचारी चयन मंडल द्वारा होती हैं। पुलिस को जल्द से जल्द मानव संसाधन उपलब्ध कराने के लिए अब मध्यप्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड' का गठन किया जाएगा और यही बोर्ड पुलिस की भर्तियां करेगा। इससे पुलिस भर्ती में तेजी, पारदर्शिता और परफेक्शन आएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की घोषणा से युवाओं में खासा उत्साह है और वे इसके लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. ने कहा कि वर्ष 2025 के लिए पुलिस में स्वीकृत पदों की भर्ती 'मध्य प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड' की ओर से 'कर्मचारी चयन मंडल' करेगा। वर्ष 2026 से ये भर्तियां 'पुलिस भर्ती बोर्ड' द्वारा ही की जाएंगी। प्रतिवर्ष पुलिस के रिक्त 7500 पदों पर भर्ती की जाएगी और इस प्रकार आगामी 3 वर्ष में पुलिस विभाग के सभी रिक्त 22,500 पद भर दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गृह विभाग से जुड़ी सभी सेवाओं के आधुनिकीकरण एवं भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए शीघ्र ही गृह एवं वित्त विभाग की संयुक्त बैठक कर सभी लंबित मामलों का समुचित समाधान कर लिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस, जेल और नगर सेवा एवं सुरक्षा तीनों विभागों के शहीदों की विधवाओं और बच्चों के लिए स्नातक स्तर के सभी पाठ्यक्रमों में विभिन्न प्राथमिकता श्रेणियां में एक अतिरिक्त सीट पर आरक्षण दिये जाने की घोषणा भी की है। वीवीआइपी ड्यूटी में तैनात सुरक्षा कर्मचारियों सहित उप पुलिस अधीक्षक और इससे उच्च अधिकारियों को भी पात्रता अनुसार निर्धारित विशेष भत्ता एवं जोखिम भत्ता दिये जाने का निर्णण भी लिया गया है। पुलिस विभाग को दी जा रही इन सहुलियतों से विभाग की कार्यप्रणाली में सक्रियता आयेगी और अधिकारी एवं कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, जिससे प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत होगी और आमजन को सुरक्षा कवच मिलेगा।

SC सर्टिफिकेट की नई गाइडलाइन, अन्य धर्मों के प्रमाण पत्र होंगे रद्द

मुंबई  महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को कहा कि अगर हिंदू, बौद्ध और सिख धर्म के अलावा किसी अन्य धर्म के व्यक्ति ने अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र हासिल किया है, तो उसे रद्द कर दिया जाएगा। फडणवीस ने विधान परिषद में कहा कि अगर किसी व्यक्ति ने सरकारी नौकरियों जैसे आरक्षण का लाभ हासिल किया है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी व्यक्ति ने अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्र का इस्तेमाल करके चुनाव जीता है, तो उसका चुनाव रद्द कर दिया जाएगा। फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार बलपूर्वक या धोखे से किए जा रहे धर्मांतरण से संबंधित मामलों से निपटने के लिए कड़े प्रावधान लाने पर विचार कर रही है और इस संबंध में जल्द ही निर्णय लिया जाएगा। फडणवीस ने विधान परिषद में एक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर जवाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार ने ऐसे मामलों से निपटने के संबंध में सिफारिशें देने के लिए पुलिस महानिदेशक की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया था और उसने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। उन्होंने कहा कि सरकार अध्ययन करेगी और आवश्यक बदलाव कर ऐसे प्रावधान लाएगी, जिससे बलपूर्वक या धोखे से धर्मांतरण पर लगाम लगे। मुख्यमंत्री ने कहा, 'ऐसे मामलों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत कार्रवाई की जा सकती है। लेकिन कड़े प्रावधानों का सुझाव देने के लिए एक पैनल का गठन किया गया है। राज्य सरकार ऐसे मामलों से निपटने के लिए कड़े प्रावधान लाने की मंशा रखती है और हम जल्द ही इस पर फैसला लेंगे।' गृह राज्य मंत्री पंकज भोयर ने सोमवार को कहा था कि राज्य विधानसभा के शीतकालीन सत्र में धर्मांतरण विरोधी कानून लाया जाएगा और यह अन्य राज्यों के समान कानूनों से ज्यादा सख्त होगा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता अमित गोरखे ने दावा किया कि ‘पहचान छिपाने वाले ईसाई’ धार्मिक स्वतंत्रता का दुरुपयोग कर रहे हैं और लोग अनुसूचित जाति श्रेणी के तहत आरक्षण का लाभ उठाते हैं लेकिन दूसरे धर्मों को मानते हैं। उन्होंने कहा कि ऊपरी तौर पर ये लोग अनुसूचित जाति से होते हैं और सरकारी नौकरियों में आरक्षण का लाभ उठाते हैं, चुनावों के दौरान इसका इस्तेमाल करते हैं लेकिन गुप्त रूप से अलग धर्म का पालन करते हैं। भाजपा नेता और विधान परिषद की निर्दलीय सदस्य चित्रा वाघ ने कहा कि ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां पति ने अपना धर्म छिपाकर धोखे से शादी की। उन्होंने सांगली का एक मामला बताया जहां एक महिला की शादी ऐसे परिवार में कर दी गई, जो गुप्त रूप से ईसाई धर्म का पालन करता था। चित्रा ने यह भी दावा किया कि महिला को प्रताड़ित किया गया और उसे अपना धर्म बदलने के लिए मजबूर किया गया, जिस वजह से सात महीने की गर्भवती महिला ने आत्महत्या कर ली। फडणवीस ने कहा कि कोई भी व्यक्ति अपने धर्म का पालन कर सकता है और अपनी इच्छा से धर्म परिवर्तन कर सकता है लेकिन अगर उन्हें मजबूर किया जाता है, धोखा दिया जाता है या किसी भी तरह का प्रलोभन दिया जाता है तो कानून इसकी अनुमति नहीं देता।