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रंग पंचमी के अवसर पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने महाकालेश्वर को अर्पित की दंडवत श्रद्धा

उज्जैन  रंग पंचमी पर्व के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे। जहां उन्होंने बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। सीएम ने गर्भगृह में जलाभिषेक व दुग्धाभिषेक कर पूजन-अर्चन की। दंडवत होकर बाबा महाकाल को प्रणाम किया। वहीं उन्होंने परंपरागत महाकाल की गेर का ध्वज पूजन भी किया। दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव 8 मार्च से उज्जैन प्रवास पर है। सीएम डॉ यादव कल शाम उज्जैन पहुंचे और कई आयोजनों में शामिल हुए। आज रविवार सुबह मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे। पुजारी, पुरोहित आचार्यत्व में विधि-विधान से पूजन किया। बाबा महाकाल का जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक किया और प्रदेश की सुख, समृद्धि की कामना की। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ यादव ने रंगपंचमी पर्व पर परंपरागत रूप से निकलने वाली श्री वीरभद्र ध्वज चल समारोह के ध्वज का पूजन किया। फिर सीएम ने शस्त्रों का पूजन कर शस्त्र संचालन-प्रदर्शन भी किया। रंगपंचमी पर्व पर आज शाम श्री वीरभद्र चल समारोह बड़े ही हर्षोल्लास के साथ निकलता है। जिसमें बैंड-बाजे, हाथी, घोड़े, रथ के साथ ही रंगबिरंगी रोशनी से नहाए विभिन्न मनमोहक धार्मिक झांकियां भी निकलती है।

जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा, सीएम मोहन यादव ने प्रदेश में हर नागरिक को गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने पर जोर

भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में जल जीवन मिशन की बुधवार को समीक्षा बैठक में कहा कि प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि जल स्रोतों में किसी भी स्थिति में सीवरेज का दूषित जल न मिले और इसके लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन को दिसंबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है, लेकिन मध्यप्रदेश इस मिशन को मार्च 2027 तक पूरा कर देश में मिसाल पेश करेगा। मिशन के संचालन और संधारण के लिए मजबूत व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, ताकि जल आपूर्ति कभी प्रभावित न हो। उन्होंने यह भी कहा कि जल जीवन मिशन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सरपंच और महिला समूहों को राज्य, संभाग, जिला और ग्राम स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। पिछले दस वर्षों में जल संकट का सामना करने वाले गांवों की रिपोर्ट तैयार कर उन क्षेत्रों में जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जल वितरण का समय पानी की उपलब्धता के अनुसार निर्धारित किया जाएगा। मिशन के प्रभाव का विश्लेषण अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के माध्यम से कराया जाएगा। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अब तक 80 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल जल कनेक्शन मिल चुके हैं और मिशन की कुल प्रगति 72.54 प्रतिशत है। वर्ष 2024-25 में 8.19 लाख कनेक्शन का लक्ष्य पूरा किया गया और 2025-26 में अब तक 5.50 लाख कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। प्रदेश बोरवेल दुर्घटना रोकने वाला पहला राज्य बन गया है और “स्वच्छ जल से सुरक्षा अभियान” में प्रदेश को देश में प्रथम स्थान मिला है। एकल नल जल योजनाओं में 93 प्रतिशत प्रगति हो चुकी है। डिजिटल मॉनिटरिंग, NABL मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाएं और सौर-ऊर्जा परियोजनाओं के माध्यम से जल जीवन मिशन को तकनीकी और ऊर्जा सुरक्षा के साथ संचालित किया जा रहा है। बैठक में बताया कि आगामी तीन वर्षों में ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक घर तक सुरक्षित नल जल पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। नए ग्राम, स्कूल, आंगनवाड़ी और स्वास्थ्य केंद्रों में जल सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इस योजना के पूरा होने से मध्यप्रदेश जल प्रदाय व्यवस्था में देश में अग्रणी राज्य बन सकेगा।  

9.36 लाख किसानों ने किया पंजीयन, मध्य प्रदेश में भावांतर योजना से सोयाबीन की बड़ी खरीद

भोपाल  मध्य प्रदेश के किसानों के लिए अच्छी खबर है। भावांतर योजना के तहत 24 अक्टूबर से प्रदेश की सभी मंडियों में सोयाबीन की खरीदी शुरू हो गई है, जो 15 जनवरी 2026 तक चलेगी।  अभी तक 14 हजार 727 किसानों से 25 हजार 999 टन सोयाबीन खरीदी गई है।प्रदेश में सोयाबीन की बिक्री के लिए लागू की गई भावांतर योजना में 9 लाख 36 हजार 352 किसानों ने पंजीयन कराया है। सोयाबीन के लिए एमएसपी प्रति क्विंटल 5328 रुपए घोषित की गई है। खास बात ये है कि किसान पहले की भांति मंडियों में सोयाबीन का विक्रय करेगा। योजना के तहत सोयाबीन उत्पादक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य और बाजार भाव के बीच का अंतर सरकार द्वारा दिया जाएगा।फसल बिक्री के 15 दिन के भीतर भावमें अंतर की राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में अंतरित कर दी जाएगी। अबतक 14 हजार 727 किसानों से 25 हजार 999 टन सोयाबीन की खरीदी प्रदेश में भावांतर योजना के तहत 27 अक्टूबर को 7 हजार 981 किसानों से 14 हजार 214 टन सोयाबीन की खरीदी हुई। कृषि उपज मंडी उज्जैन में सर्वाधिक 529, देवास में 512, ताल में 486, इंदौर में 455, खातेगांव में 425, बैरसिया में 396, आगर में 376, सागर में 368, आष्टा में 339 और शाजापुर में 335 टन सोयाबीन की खरीदी हुई। प्रदेश में सोयाबीन की बुवाई का रकवा वर्तमान में 53.20 लाख हेक्टेयर है। इस वर्ष 55.54 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन का उत्पादन हुआ है। सोयाबीन खरीदी के प्रथम मॉडल भाव की घोषणा 7 नवंबर 2025 को की जाएगी। 9.36 लाख सोयाबीन उत्पादक किसानों ने कराया है पंजीयन सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए लागू की भावान्तर योजना के तहत 3 से 17 अक्टूबर तक शुरू हुए रजिस्ट्रेशन में 9.36 लाख किसानों ने पंजीयन करवाया है। प्रदेश में सात जिले उज्जैन, राजगढ़, शाजापुर, देवास, सीहोर, विदिशा और सागर ऐसे हैं जहां 50-50 हजार से अधिक किसानों ने पंजीयन करवाया है। इसी तरह 21 जिलों से 10-10 हजार से अधिक किसानों ने पंजीयन करवाया है। प्रदेश में 24 अक्टूबर से 15 जनवरी 2026 तक सोयाबीन की विक्रय अवधि रहेगी। अगर एमएसपी से कम कीमत पर सोयाबीन बिकता है तो किसानों के घाटे की भरपाई भावान्तर योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा की जाएगी। फसल के विक्रय मूल्य और न्यूनतम समर्थन मूल्य MSP के अन्तर की राशि सीधे राज्य सरकार देगी। सीएम ने अधिकारियों को दिए है ये निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए है कि किसानों के हित में भावांतर योजना प्रारंभ की गई है, प्रदेश में तीन गुना से अधिक पंजीयन योजना में हुए हैं। जिलों में किसानों को मंडियों और उपमंडियों में सोयाबीन विक्रय के लिए आवश्यक तैयारियां पूर्ण की जाएं।ई-उपार्जन पोर्टल के माध्यम से किसानों के पंजीकृत बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भावांतर राशि का भुगतान निर्धारित अवधि में किया जाए।भुगतान के संबंध में किसान को एसएमएस के माध्यम से सूचना दी जाए। ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन के बाद मंडी पोर्टल में ई-मंडी पोर्टल पर सभी कार्य इलेक्ट्रानिक माध्यम से किए गए हैं। प्रवेश गेट और प्रांगण की सीसीटीवी मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक मंडी में हेल्प डेक्स भी बनाई गई है। कृषि मंत्री ने दी ये जानकारी कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना ने बताया कि कृषि विभाग द्वारा केन्द्र सरकार को 26 लाख 49 हजार मीट्रिक टन का प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे भारत सरकार द्वारा यथावत स्वीकृत करने की सहमति व्यक्त की  है। जब मण्डियों एवं बाजारों में किसानों को उनकी फसल का मूल्य न्यूनतम समर्थन मूल्य से ना मिले ये सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने भावांतर योजना लागू की है। इस वर्ष खरीफ-2025 में सोयाबीन का मण्डी भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम है इसलिये किसानों को होने वाले नुकसान से बचाने के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा प्रदेश में भावांतर योजना लागू की गई, ताकि किसानों को किसी प्रकार की हानि न हो और उन्हें उपज का वाजिब दाम प्राप्त हो सके। प्रदेश में सोयाबीन में भावांतर योजनांतर्गत किसानों का पंजीयन 3 से 17 अक्टूबर तक किया गया है, जिसमें 9 लाख 36 हजार कृषकों ने पंजीयन कराया। पंजीकृत किसानों की भूमि का रकबा 22 लाख 64 हजार हेक्टेयर है।

कांग्रेस पर बरसे सीएम मोहन यादव, बोले- जनता नहीं भूली पुराने कुकर्म, खाद संकट पर भी दी सफाई

भोपाल  भारत के पड़ोसी देश नेपाल में तख्तापलट के बाद हो रही हिंसा ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है, भारत भी बारीकी और गंभीरता से स्थिति पर नजर बनाये हुए है लेकिन भारत की कुछ विपक्षी पार्टियाँ इस मुद्दे पर भी सियासत कर रही हैं, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, आरजेडी, शिवसेना उद्धव गुट के नेता भारत में नेपाल जैसे हालात की संभावना जता रहे हैं, इन संभावनाओं पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने पलटवार किया है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियों को करारा जवाब दिया है, मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कांग्रेस अपनी जमीन ढूंढने का प्रयास कर रही है लेकिन नाकाम रहने वाली कांग्रेस के कुशासन को सब जान चुके हैं। कांग्रेस की बातों से जनता भ्रमित होने वाली नहीं  भारत में नेपाल जैसे हालात की संभावना वाले बयान पर जवाब देते हुए सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा – बिल्ली के भाग्य से छींका नहीं टूटने वाला, कांग्रेस के कुकर्मों को जनता जानती है, इसलिए कांग्रेस की इन बातों से भारत की जनता भ्रमित होने वाली नहीं है। BJP को मिल रहे समर्थन से कांग्रेस परेशान  मध्य प्रदेश में किसानों को खाद के संकट पर कांग्रेस के आरोप का जवाब देते हुए सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा कि ये कांग्रेस की हताशा और निराशा है, उन्होंने कहा कि जिस कांग्रेस ने किसानों को सिंचाई के लिए बिजली नहीं दी, पानी नहीं दिया, जिनकी सरकार ने बंटाधार किया वो आज भाजपा सरकार को मिल रहे किसानों के समर्थन से परेशान है।

CM यादव फोरम में उपस्थिति उद्योगपतियों को मध्य प्रदेश में विभिन्न सेक्टर्स में निवेश के अवसरों पर विस्तृत जानकारी देंगे

भोपाल  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की विदेश यात्रा का दूसरा चरण 16 से 19 तक होगा जिसमें वे स्पेन में रहेंगे, दुबई यात्रा की सफलता के बाद अब वे स्पेन में निवेशकों को मध्य प्रदेश में इन्वेस्ट करने के लिए आमंत्रित करेंगे, इस दौरान कई सेशन होंगे जिसमें अलग अलग सेक्टर के निवेशकों से मुख्यमंत्री चर्चा करेंगे, मुख्यमंत्री दुबई से रवाना होकर देर रात स्पेन की राजधानी मैड्रिड पहुंचेंगे। “इन्वेस्ट इन मध्य प्रदेश” बिजनेस फोरम में करेंगे निवेशकों से संवाद  मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव 16 से 19 जुलाई 2025 तक स्पेन के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे। स्पेन प्रवास के दौरान वे मैड्रिड में आयोजित “इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश” बिजनेस फोरम को संबोधित करेंगे और उद्योग, पर्यटन, खेल, संस्कृति तथा फिल्म निर्माण से जुड़े विषयों पर उच्चस्तरीय बैठकों में भाग लेंगे। ऐसा रहेगा पहले दिन 16 जुलाई का शेड्यूल      स्पेन प्रवास के पहले दिन 16 जुलाई की शुरूआत मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भारत के राजदूत दिनेश के पटनायक शिष्टाचार भेंट करेंगे। इसके बाद वे “इन्वेस्ट इन मध्य प्रदेश” बिजनेस फोरम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस सेशन में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पर्यटन, औद्योगिक नीति एवं निवेश, आईटी और अधोसंरचना सेक्टर पर प्रेजेन्टेशन होगा।     बिजनेस फोरम की शुरुआत मध्य प्रदेश शासन के सचिव एवं मुख्यमंत्री के सचिव इलैयाराजा टी के स्वागत भाषण से होगी। स्पेन-इंडिया काउंसिल फाउंडेशन के अध्यक्ष जुआन इग्नासियो एंत्रेकानालेस भी फोरम को संबोधित करेंगे। नेचर बायोफूड्स के सीईओ रोहन ग्रोवर द्वारा अनुभव साझा किये जाएंगे।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव फोरम में उपस्थिति उद्योगपतियों को मध्य प्रदेश में विभिन्न सेक्टर्स में निवेश के अवसरों पर विस्तृत जानकारी देंगे। नेटवर्किंग लंच में मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्पेन के प्रमुख उद्योगपतियों एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों से संवाद करेंगे।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव खेल सेक्टर में विख्यात स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर डिज़ाइन एवं कंसल्टिंग फर्म ‘पॉपुलस’ के प्रजेंटेशन में भाग लेंगे। यह प्रजेंटेशन श्री जोर्ज बेटनकौर द्वारा दिया जाएगा। जिसमें मध्यप्रदेश में आधुनिक खेल अधोसंरचना विकास पर चर्चा की जाएगी।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव से बाद में स्पेन फिल्म आयोग के अध्यक्ष मुलाकात करेंगे, जिसमें मध्यप्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की फिल्म शूटिंग और सहयोग पर चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्राडो म्यूज़ियम का भ्रमण भी करेंगे।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्पेन में बसे भारतीय व्यापार समुदाय के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे और मैड्रिड में आयोजित विशेष रात्रि भोज में भाग लेंगे।