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चुनावी रण में CM हेमंत की कमान, असम में रहकर साधेंगे वोटरों को

रांची झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के अध्यक्ष हेमंत सोरेन असम विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर सीधे चुनावी अभियान की कमान संभालेंगे। वे 28 मार्च से असम में रहकर पार्टी के प्रमुख नेताओं के साथ विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाएं करेंगे। पार्टी का लक्ष्य स्थानीय मुद्दों, आदिवासी अस्मिता और क्षेत्रीय अधिकारों को प्रमुख चुनावी एजेंडा बनाना है। झामुमो ने अपने सभी स्टार प्रचारकों को निर्देश दिया है कि वे 27 मार्च तक असम पहुंच जाएं और चुनावी अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएं। पार्टी की असम में सक्रियता केवल चुनावी उपस्थिति तक सीमित नहीं है। झामुमो राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत करना चाहती है और खासकर पूर्वोत्तर के आदिवासी बहुल इलाकों में अपनी पकड़ बनाने की कोशिश कर रही है। झारखंड मॉडल, जिसमें स्थानीय संसाधनों पर अधिकार, भूमि संरक्षण और सामाजिक न्याय शामिल हैं, असम में भी प्रचारित किया जाएगा। पार्टी अब केवल झारखंड तक सीमित नहीं रहना चाहती पार्टी महासचिव विनोद पांडेय पहले से ही असम में रहकर चुनावी रणनीति को अंतिम रूप दे रहे हैं। उनका काम स्थानीय संगठन को सक्रिय करना, बूथ स्तर तक नेटवर्क तैयार करना और उम्मीदवारों के पक्ष में माहौल बनाना है। झामुमो ने भारत निर्वाचन आयोग को 20 स्टार प्रचारकों की सूची भी सौंप दी है। इस सूची में हेमंत सोरेन के अलावा डॉ. सरफराज अहमद, सुप्रियो भट्टाचार्य, जोबा मांझी, अभिषेक प्रसाद, पंकज मिश्रा, दीपक बिरुवा, विजय हांसदा और अन्य नेता शामिल हैं। असम में झामुमो की यह सक्रियता संकेत देती है कि पार्टी अब केवल झारखंड तक सीमित नहीं रहना चाहती। हेमंत सोरेन का सीधा नेतृत्व इस अभियान को और मजबूत बनाता है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि झामुमो का यह प्रयास चुनावी नतीजों पर कितना असर डालता है और पार्टी के लिए नए राजनीतिक अवसर खोलता है या नहीं।  

CM हेमंत ने नेमरा गांव में बाहा पूजा का निरीक्षण किया, तालाब और विकास कार्यों का लिया हाल

रांची  झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने पैतृक गांव नेमरा (गोला प्रखंड, रामगढ़ जिले) में बाहा पूजा के अवसर पर विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों के साथ तालाब का दौरा किया और जल संरक्षण व सफाई से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा की। तालाबों का संरक्षण जरूरी मुख्यमंत्री ने कहा कि तालाबों का संरक्षण ग्रामीण जीवन और पर्यावरण के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों को काम में गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए। इस मौके पर उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और अंचल अधिकारी समेत कई विभागीय अधिकारी मौजूद थे। तालाब निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री सामुदायिक भवन पहुंचे, जहां उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में बाहा पूजा के आयोजन, सुरक्षा, यातायात और अतिथियों के ठहरने की व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई। उन्होंने निर्देश दिए कि पूजा के दौरान ग्रामीणों को किसी भी तरह की असुविधा न हो। पूर्व विधायक और अन्य अतिथियों का आगमन बाहा पूजा में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री एक दिन पहले बुधवार शाम को नेमरा पहुंचे थे। इस दौरान पूर्व विधायक सीता सोरेन भी कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने गांव पहुंचीं। मुख्यमंत्री की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है और सामुदायिक भवन में अतिथियों के बैठने की व्यवस्था की गई है। ट्रैफिक व्यवस्था बीएसएनएल टावर के पास नियंत्रित की जा रही है ताकि आवागमन सुचारू रहे। गांव में उत्साह का माहौल बाहा पूजा के अवसर पर नेमरा गांव में उत्साह और खुशी का माहौल है। प्रशासनिक तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्थाओं के बीच पारंपरिक समारोह को शांतिपूर्ण और भव्य बनाने के लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं।  

JPSC उम्मीदवारों के लिए खुशखबरी: विधानसभा में CM हेमंत ने घोषित की नई कटऑफ डेट

रांची झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन शनिवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सदन में जेपीएससी अभ्यर्थियों को बड़ी राहत देने की घोषणा की जबकि हाथियों के आतंक से मौत पर मुआवजा की राशि बढ़ाने और पीड़ित परिवारों को तुरंत राहत पहुंचाने के लिए एसओपी बनाने का संकेत भी दिया। मुख्यमंत्री सोरेन ने सदन में घोषणा की कि झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन (जेपीएससी) के अभ्यर्थियों के लिए कटऑफ डेट अब 1 अगस्त 2022 निर्धारित की गई है। पहले कटऑफ डेट 2026 निर्धारित था। मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद हजारों ऐसे अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिलेगा, जो पूर्व निर्धारित तिथि के कारण पात्रता से वंचित हो रहे थे। हालांकि, छात्र संगठन अगस्त 2018 को कटऑफ डेट बनाने की मांग कर रहे थे। वहीं झारखंड में हाथियों के हमलों से होने वाली मौत और नुकसान को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लेने के संकेत दिए हैं। सोरेन ने विधानसभा में कांग्रेस विधायक रामेश्वर उरांव के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए कहा कि सरकार इस मुद्दे को लेकर गंभीर है और एक समेकित एसओपी तैयार की जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि फिलहाल झारखंड में हाथी के हमले में मौत होने पर 4 लाख रुपये मुआवजा देने का प्रावधान है। हालांकि, अन्य राज्यों में यह राशि 4 लाख से लेकर 50 लाख रुपये तक है। सरकार असम, ओडिशा और अन्य राज्यों की व्यवस्था का अध्ययन कर रही है और जल्द ही मुआवजा राशि बढ़ाने पर निर्णय लिया जाएगा। अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी सोरेन ने कहा कि नई एसओपी में यह प्रावधान किया जाएगा कि घटना के 10 दिनों के भीतर पीड़ित परिवार को मुआवजा राशि का भुगतान सुनिश्चित हो। इसके साथ ही लकड़बग्घा, तेंदुआ और सांप जैसे अन्य वन्यजीवों के हमलों से होने वाली मौतों को भी एसओपी में शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यदि खनन क्षेत्रों में अवैध खनन के कारण हाथियों का आतंक बढ़ रहा है, तो उस पर भी सरकार की नजर है और अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले विधायक तिवारी महतो ने मांडू क्षेत्र में भारी मशीनों से अवैध खनन का आरोप लगाया था। इस पर प्रभारी मंत्री सुदिव्य सोनू ने कहा कि सरकार को इस संबंध में कोई आधिकारिक सूचना नहीं है, लेकिन शिकायत मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।  

सीएम हेमंत ने बांटे नियुक्तियाँ: हजारों युवाओं के सपनों को मिली उड़ान

रांची सीएम हेमंत सोरेन ने आज यानी शुक्रवार को मोरहाबादी मैदान में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में हजारों युवक-युवतियों को सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र बांटा। इससे युवाओं में खुशी की लहर है। इस दौरान सीएम हेमंत ने कहा कि झारखंड वासियों की अपनी सरकार का एक साल पूरा हो रहा है। आज इसी ऐतिहासिक अवसर पर झारखण्ड के हमारे हजारों नौजवानों को सरकारी नौकरी की सौगात दी जा रही है। इस अवसर पर सभी को हार्दिक बधाई, शुभकामनाएं और जोहार। इसके अलावा सीएम हेमंत ने सोशल मीडिया पर भी बधाई दी है। सीएम हेमंत ने पोस्ट कर लिखा, जोहार! आज झारखंड की अबुआ सरकार के दूसरे कार्यकाल का एक वर्ष पूर्ण हुआ। इस एक वर्ष में आपकी उम्मीदों और वादों को पूरा करने हेतु सरकार ने लगातार समर्पित भाव से काम किया है। सीएम हेमंत ने आगे लिखा कि राज्य की हर बहन के सशक्तिकरण के लिए सम्मान राशि हर माह सीधे उनके खातों में बिना रुके भेजी जा रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। साथ ही सामाजिक सुरक्षा, युवाओं के भविष्य और रोजगार को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। झारखण्ड की जनता के भरोसे पर खरा उतरने और झारखंड को विकसित राज्य बनाने के लिए आपकी सरकार निरंतर प्रतिबद्ध है।  

‘आपकी सरकार–आपके द्वार’ की शुरुआत आज , मुख्यमंत्री हेमंत करेंगे कार्यक्रम का शुभारंभ

रांची आज से झारखंड में 'आपकी सरकार-आपके द्वार' कार्यक्रम की शुरुआत हो रही है जो कि 15 दिसंबर तक चलेगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पलामू से ‘आपकी सरकार-आपके द्वार’ कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे। इसके चलते रांची जिले के सभी 305 पंचायतों और नगर निगम क्षेत्र के 53 वार्डों में कल से शिविर लगने शुरू हो जाएंगे। यहां आम जनता की समस्याओं को सुना और निपटाया जाएगा। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी रांची, मंजूनाथ भजंत्री के निर्देश पर प्रत्येक पंचायत स्तर पर शिविरों का आयोजन योजनाबद्ध तरीके से किया जाएगा। इसमें सरकारी योजनाओं से संबंधित आवेदन लिए जाएंगे और पात्र लाभुकों को सीधे लाभ पहुंचाने की कोशिश होगी। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी रांची, मंजूनाथ भजंत्री संबंधित सभी पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि अधिक से अधिक लोगों को इस कार्यक्रम से जोड़ें और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। उपायुक्त ने कहा कि पंचायत और गांव स्तर पर शिकायतों के त्वरित निष्पादन और योजनाओं से नए लाभुकों को जोड़ना प्रशासन की प्राथमिकता है। उपायुक्त ने रांची जिले के सभी लोगों से अपील की है कि वे अपने नजदीकी शिविरों में पहुंचे और आवश्यक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, वोटर आईडी, बैंक पासबुक या अन्य पहचान पत्र आदि साथ लेकर आएं, ताकि उन्हें योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके। साथ ही नोडल अधिकारियों को प्रतिदिन अपने-अपने केंद्रों पर उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। आज इन पंचायतों और वार्डों में होगा शिविर चतरा पंचायत-अनगड़ा, खुखरा पंचायत -बेड़ो, कांची पंचायत-बुण्डू, छापर पंचायत-बुढ़मू, पंडरी पंचायत-चान्हो, गड़गांव पंचायत-ईटकी, उरुगुटू एवं उपरकोनकी-कांके, हुल्सु पंचायत-लापुंग, बंझीला पंचायत-मांडर, नारो पंचायत-नगड़ी, हरदाग पंचायत-नामकुम, जयडीहा पंचायत-ओरमांझी, राहे पंचायत-राहे, तारुप पंचायत-रातू, हलमाद पंचायत-सिल्ली, बारेन्दा पंचायत-सोनाहातू, अमलेशा पंचायत-तमाड़, वार्ड-1 (सीएमपीडीआई स्कूल के सामने), वार्ड-2 (एदलहातू जोगो पहाड़)

छठ महापर्व की शुरुआत, CM हेमंत ने साझा की शुभकामनाएं

रांची  छठ पूजा एक प्रमुख भारतीय त्योहार है जिसे खासतौर पर बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, नेपाल, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल में मनाया जाता है। छठ पूजा की शुरुआत आज नहाय-खाय के साथ हो चुकी है और इसका समापन सूर्यदेव को सुबह अर्घ्य देने के साथ होगा। छठ पूजा का समापन मंगलवार, 28 अक्टूबर 2025 को प्रातः कालीन अर्घ्य के साथ होगा। वहीं, सीएम हेमंत सोरेन ने छठ पर्व की शुभकामनाएं दी हैं। सीएम हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "आज नहाय-खाय के पावन अनुष्ठान के साथ लोक आस्था और सूर्य उपासना के महापर्व छठ पूजा का शुभारंभ हो रहा है। यह महापर्व हमारे जीवन में शुद्धता, श्रद्धा, संयम, समर्पण, संकल्प, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक एकता का अद्भुत संदेश देता है। छठी मईया एवं भगवान भास्कर से यही प्रार्थना है कि सभी व्रतियों और परिवारजनों को उत्तम स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद दें। यह पर्व हमारे राज्य और देश में खुशहाली, सद्भाव और नई ऊर्जा का संचार करे। जय छठी मईया!! जय भगवान भास्कर!!  

पर्यटन प्रेमियों के लिए खुशखबरी: झारखंड में टाइगर सफारी की तैयारी शुरू

रांची झारखंड अपनी पहली ‘टाइगर सफारी' परियोजना शुरू करने की तैयारी कर रहा है और यह राज्य के वन्यजीव पर्यटन तथा वन्यजीव संरक्षण प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रस्तावित ‘टाइगर सफारी' परियोजना की विस्तृत प्रस्तुति की शुक्रवार शाम रांची स्थित अपने सरकारी आवास में समीक्षा की। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पलामू बाघ अभयारण्य के बाहर स्थित लातेहार जिले के पुटुवागढ़ क्षेत्र में विकसित करने का प्रस्ताव है।  

झारखंड CM हेमंत का विपक्ष को करारा संदेश: घाटशिला में दी सीधी चुनौती

घाटशिला मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन घाटशिला विधानसभा क्षेत्र से झामुमो प्रत्याशी सोमेश सोरेन के नामांकन में शामिल हुए। नामांकन के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने घाटशिला के सर्कस मैदान में आयोजित चुनावी सभा को संबोधित किया। इस दौरान हेमंत सोरेन ने दिवंगत रामदास सोरेन को याद भी किया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने घाटशिला विधानसभा क्षेत्र की जनता से आह्वान किया है कि इस बार वे ऐसा वोट करें कि विरोधी दल का जमानत जब्त हो जाए। उनका खाता भी खुलने नहीं पाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें जानकारी मिल रही है कि घाटशिला में विभिन्न राज्यों से आए एक दर्जन मुख्यमंत्री डेरा डाले हुए हैं, लेकिन वे दो दर्जन भी मुख्यमंत्री लाएं, झारखंड का यह मुख्यमंत्री उन पर भारी पड़ेगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष के लोग आग का गोला छोड़ने वाले हैं, लेकिन वह गोले का छक्का छुड़ाने के लिए तैयार हैं। ऐसा छक्का छुड़ाएंगे कि जहां से गोला आएगा, वहां से भी दूर चला जाएगा। इस बार ध्यान देना है, वोट नहीं बंटने देना है मुख्यमंत्री ने कहा कि क्या संयोग था कि गुरुजी के निधन के कुछ ही दिनों बाद रामदास दा भी उनके साथ चले गए। दोनों का निधन दिल्ली में हुआ। कहीं न कहीं कोई ताकत थी जिसने ऐसी परिस्थिति पैदा की। हेमंत सोरेन ने कहा कि पिछली बार घाटशिला की जनता ने झामुमो प्रत्याशी रामदास सोरेन को रिकार्ड मतों से विजयी दिलाई थी। 22 हजार मतों से उन्हें जिताया था। इस बार ध्यान देना है, वोट नहीं बंटने देना है।

युवाओं का भविष्य दांव पर, बाबूलाल मरांडी ने CM हेमंत पर साधा निशाना

रांची झारखंड प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कफ सिरप मामले को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर सीधा हमला बोला है। मरांडी ने आरोप लगाया कि सीआईडी ने पिछले साल धनबाद के बरवाअड्डा से बरामद हुए फेंसिडिल सिरप मामले को टेकओवर करने के बावजूद 14 महीने में एक भी गिरफ्तारी नहीं की। मरांडी ने सवाल उठाया कि जब सबको पता है कि प्रतिबंधित सिरप का इस्तेमाल नशे के लिए होता है, तो आखिर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? मरांडी ने कहा कि यह प्रशासन की नाकामी ही नहीं, बल्कि युवाओं और बच्चों को जानलेवा नशे के हवाले करने जैसा अपराध है। मरांडी ने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पैसों की अंधी दौड़ में युवाओं का भविष्य दांव पर लगा रहे हैं। मरांडी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर लिखा – हेमंत सोरेन जेएमएम जी, हमने बार-बार आपको बताया है, चेतावनी भी दी है कि आपके प्रशासन में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हो चुकी हैं। आपका सीआईडी विभाग क्या गुल खिला रहा है, इस विषय में भी कई बार आपको अवगत करा चुके हैं। गत वर्ष गुजरात पुलिस की सूचना के बाद धनबाद के बरवाअड्डा में पुलिस द्वारा प्रतिबंधित कफ सिरप (फैंसीडिल) का जखीरा जब्त किया गया था। यह जानते हुए भी कि इसका इस्तेमाल नशे के लिए होता है, इसे धड़ल्ले से बेचा जा रहा था। सीआईडी ने मामले को टेकओवर किया, लेकिन 14 महीने बीत जाने के बाद भी किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की। हेमंत जी, क्या हम इतने लालची हो गए हैं कि बच्चों को भी नहीं छोड़ेंगे? इस जानलेवा नशे को हमारी युवा पीढ़ी और बच्चों को बेचने की हिम्मत कैसे हुई? पैसों की अंधी भूख ने आपकी जबान पर जो ताला लगाया है, उसे खोलिए क्योंकि हमारे बच्चों का भविष्य दांव पर लगा है। मुख्यमंत्री जी, अब हवा हवाई बातें छोड़ ठोस कार्रवाई करिए मरांडी ने आगे कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री के साथ-साथ गृह मंत्रालय का दायित्व भी आपके पास है, लेकिन एक ओर एसीबी तय समय के भीतर चार्जशीट दाखिल नहीं कर रही है। इसी तरह भ्रष्टाचार और आपराधिक मामलों की जांच पड़ताल में सीआईडी की कार्यशैली संदिग्ध रही है। चाहे पेपर लीक प्रकरण के आरोपियों को बचाना हो, नशे के कारोबारियों को संरक्षण देना हो या जमीन का घोटाला करना होज् सीआईडी सदैव इन गैरकानूनी गतिविधियों में संलिप्त पाई जाती रही है। यही वजह है कि आम जनता के साथ-साथ अब माननीय न्यायालय भी सीआईडी की कार्रवाई की विश्वसनीयता पर संदेह करता है। मरांडी ने लिखा कि मुख्यमंत्री जी, अब हवा हवाई बातें छोड़ ठोस कार्रवाई करिए। पिछले एक साल में सीआईडी द्वारा की गई रंगदारी और भ्रष्टाचार की सभी गतिविधियों की सार्वजनिक जाँच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।

रावण दहन समारोह: HEC धुर्वा में होगी भव्य उत्सव, सीएम हेमंत समेत कई दिग्गज शामिल

रांची झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं विजयादशमी रावण दहन समिति के मुख्य संरक्षक आलोक कुमार दुबे ने बताया कि इस वर्ष भी परंपरा के अनुसार 2 अक्टूबर को शालीमार बाजार, एचईसी धुर्वा में भव्य विजयादशमी रावण दहन समारोह आयोजित होगा। यह समारोह 1968 से निरंतर चल रहा है और झारखंड एवं रांची का सबसे पुराना रावण दहन मंच है, जिसमें हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। इस महत्वपूर्ण आयोजन में रावण, कुम्भकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन कर असत्य, अहंकार एवं अन्याय पर सत्य और धर्म की विजय का संदेश दिया जाता है। दूबे ने बताया कि यह आयोजन धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि रावण दहन समारोह में आयोजित आतिशबाजी और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन की भव्यता को और बढ़ा देते हैं। समिति के अध्यक्ष संजीत यादव और पदाधिकारियों ने झारखंड सरकार की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पा नेहा तिर्की एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी से मुलाकात कर उन्हें रावण दहन समारोह में आमंत्रित किया। दोनों मंत्रियों ने कार्यक्रम में शामिल होने की सहमति दी है। इसके अलावा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, मंत्री दीपिका पांडे सिंह और लोहरदगा विधायक डॉ. रामेश्वर उरांव सहित कई विशिष्ट अतिथियों को भी समारोह में आमंत्रित किया जा रहा है। दूबे ने जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से सुरक्षा व्यवस्था और अग्निशमन सुविधाओं को पूर्ण रूप से सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। उन्होंने बताया कि हालांकि बारिश का मौसम आयोजकों के लिए चुनौतीपूर्ण है, लेकिन प्रशासन और समिति के संयुक्त प्रयास से इस बार का रावण दहन समारोह और भी भव्य रूप से आयोजित होगा। सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति की ओर से 28 सितंबर को डोरंडा छप्पन सेट में मां दुर्गा का पट खोलने का पावन कार्य और पूजा पंडाल का उद्घाटन भी किया जाएगा। यह आयोजन भी श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना में भाग लेने के लिए आमंत्रित करता है। दूबे ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे परिवार सहित इस पवित्र अवसर पर शामिल होकर विजयादशमी के धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक संदेश को मजबूत करें। उन्होंने कहा कि यह त्यौहार असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक है और इससे समाज में एकता और सछ्वावना बढ़ती है।