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पंजाब में महिलाओं के लिए बड़ी सौगात: CM मान ने ₹1500 देने का किया ऐलान

जलालाबाद/फाजिल्का. भगवंत सिंह मान ने रविवार को जलालाबाद पहुंचकर विकास परियोजनाओं की शुरुआत के साथ-साथ विपक्ष पर तीखा हमला बोला। अनाज मंडी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि जलालाबाद लंबे समय तक ऐसे नेताओं के हाथ में रहा, जिनके पास सत्ता और ताकत थी, लेकिन इसके बावजूद क्षेत्र का अपेक्षित विकास नहीं हो सका। मुख्यमंत्री ने बिना नाम लिए सुखबीर सिंह बादल और उनकी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि जलालाबाद को केवल वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों तक लोगों की बुनियादी जरूरतों और विकास कार्यों को नजरअंदाज किया गया, जिसके कारण क्षेत्र पिछड़ता चला गया। विपक्ष के पास कोई ठोस योजना नहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में विपक्ष के पास पंजाब के लिए कोई ठोस योजना या दिशा नहीं है। उन्होंने कहा कि अब विपक्षी दल केवल एक मौका देने की बात कर रहे हैं, लेकिन उनके पास न कोई स्पष्ट योजना है और न ही विकास का खाका। उन्होंने कांग्रेस पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि पार्टी के भीतर ही मुख्यमंत्री पद के कई दावेदार हैं, जिससे उनकी स्थिति स्पष्ट नजर आती है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि अप्रैल महीने से महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह राशि एक हजार से पंद्रह सौ रुपये के बीच होगी, जिससे महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद मिलेगी। असंभव कामों को पूरा किया गया मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि जिन कामों को पहले असंभव बताया जाता था, उन्हें अब पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले कहा जाता था कि मुफ्त बिजली देना संभव नहीं है, लेकिन सरकार ने यह सुविधा लागू कर दी। इसी तरह गांव-गांव तक पानी पहुंचाने का काम भी किया गया है। उन्होंने रोजगार के मुद्दे पर भी विपक्ष को घेरते हुए कहा कि सरकार ने अब तक 65,264 युवाओं को पारदर्शी तरीके से रोजगार दिया है। उन्होंने कहा कि यह सब बिना किसी सिफारिश या भ्रष्टाचार के किया गया है, जिससे युवाओं का भरोसा सरकार पर बढ़ा है। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य पंजाब को विकास की नई दिशा देना है और आने वाले समय में भी इसी तरह जनहित के फैसले लिए जाते रहेंगे।

पंजाब को मिलेगी विकास की रफ्तार: मुख्यमंत्री मान करेंगे 508 करोड़ के प्रोजेक्ट्स लॉन्च

फाजिल्का/जलालाबाद. पंजाब के जलालाबाद क्षेत्र में आज विकास की बड़ी पहल होने जा रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान कुछ ही देर में जलालाबाद की अनाज मंडी पहुंचेंगे, जहां वह करीब 508 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे। इस कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और सुबह से ही लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई है। सरकारी जानकारी के अनुसार, इन परियोजनाओं में लगभग 300 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण और 350 किलोमीटर पुराने मार्गों की मरम्मत शामिल है। इससे क्षेत्र की यातायात व्यवस्था मजबूत होगी और ग्रामीण व शहरी इलाकों के बीच संपर्क बेहतर बनेगा। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए प्रशासन ने शनिवार से ही तैयारियां तेज कर दी थीं। अब अनाज मंडी को पूरी तरह कार्यक्रम के अनुरूप तैयार कर लिया गया है। मंच, टेंट, बैठने की व्यवस्था, ध्वनि व्यवस्था और बैरिकेडिंग समेत सभी प्रबंध पूरे कर लिए गए हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अलग-अलग खंड बनाए गए हैं, ताकि कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सके। अधिकारियों से सुरक्षा व इंतजामों का लिया जायदा डिप्टी कमिश्नर अमरप्रीत कौर संधू ने अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। उनके साथ अतिरिक्त उपायुक्त डाॅ. मनदीप कौर और उपमंडल अधिकारी कंवरजीत सिंह भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया और सुरक्षा से जुड़े इंतजामों की समीक्षा की। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस ने पूरे क्षेत्र को कड़ी निगरानी में ले लिया है। अनाज मंडी की ओर आने वाले सभी रास्तों पर नाके लगाए गए हैं और हर आने-जाने वाले व्यक्ति की जांच की जा रही है। प्रवेश द्वारों पर धातु जांच उपकरण लगाए गए हैं, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। पैकेज इलाके के लिए बड़ी सौगात स्थानीय विधायक जगदीप कंबोज गोल्डी के अनुसार, यह पैकेज जलालाबाद के लिए अब तक की सबसे बड़ी सौगातों में से एक है। मुख्यमंत्री के पहुंचते ही कई परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया जाएगा, जिसके बाद वह लोगों को संबोधित भी करेंगे। सुबह से ही अनाज मंडी में लोगों की आवाजाही बढ़ती जा रही है और हर कोई मुख्यमंत्री के आगमन का इंतजार कर रहा है। कार्यक्रम को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह और उम्मीद का माहौल बना हुआ है।

पंजाब में CM मान ने मंत्री लालजीत सिंह को कैबिनेट से हटाया

चंडीगढ़ पंजाब के कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने शनिवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर अपना इस्तीफा दे दिया. तरन तारन के पट्टी से विधायक भुल्लर को अमृतसर में वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के एक ज़िला प्रबंधक की कथित आत्महत्या के मामले में इस्तीफा देने को कहा गया था. फिलहाल उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है।  भुल्लर के इस्तीफे पर CMO का भी बयान आया है. पंजाब CMO का कहना है कि एक विवादित वीडियो के सामने आने के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को इस मामले की निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए हैं. इस मामले में मुख्यमंत्री ने कहा है कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था वीडियो हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया था. जिसमें प्रबंधक गगनदीप सिंह रंधावा को यह कहते हुए सुना गया कि उन्होंने कोई ज़हरीला पदार्थ खा लिया है. साथ ही रंधावा ने परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर का भी नाम लिया था. इससे पहले शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने आरोप लगाया था कि रंधावा ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली।  मजीठिया ने यह भी आरोप लगाया कि रंधावा ने अपनी मौत से पहले भुल्लर का नाम लिया था. ऐसे में पूरे मामले की जांच होनी चाहिए और जो भी तथ्य हैं, वो सामने आने चाहिए. इस वीडियो के सामने आने बाद से ही पंजाब में मान सरकार की किरकिरी हो रही थी. साथ ही राज्य की विपक्षी पार्टियों ने सरकार को घेरना भी शुरू कर दिया था। 

किसानों पर प्रयोग से बचें: CM मान बोले—पहले खुद जांचें, फिर खेतों में लागू करें

लुधियाना. लुधियाना में आयोजित किसान मेले के दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कृषि वैज्ञानिकों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि किसान को प्रयोगशाला न बनाया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी नई किस्म या तकनीक को किसानों तक पहुंचाने से पहले उसका पूरी तरह परीक्षण किया जाना चाहिए। यह बात उन्होंने पंजाब कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान बार-बार यह शिकायत करते हैं कि उनकी खेती पर सीधे प्रयोग किए जाते हैं, जिससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने वैज्ञानिकों से आग्रह किया कि पहले खुद परीक्षण करें और परिणाम सामने आने के बाद ही किसानों को नई तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित करें। अब जिम्मेदारी होगी तय मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए बताया कि कुछ किसानों ने विश्वविद्यालय से बीज लेकर बोए, लेकिन उनकी फसल में कीट लग गया और पूरी फसल खराब हो गई। जब किसान शिकायत लेकर पहुंचे तो जवाब मिला कि विश्वविद्यालय की फसल भी प्रभावित हुई है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे बहाने अब नहीं चलेंगे और जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि खेती के तरीके तेजी से बदल रहे हैं और अब आधुनिक तकनीक के साथ खेती को जोड़ने की जरूरत है। सरकार खेती को उन्नत बनाने के लिए नई तकनीकों को अपनाने पर जोर दे रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है, जिससे खेती के काम आसान होंगे और उत्पादन में सुधार आएगा। कृषि विश्वविद्यालय का ढांचा मजबूत किया जाएगा – मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पंजाब कृषि विश्वविद्यालय का ढांचा और मजबूत किया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार आवश्यक धन उपलब्ध कराएगी। उन्होंने विश्वविद्यालय को किसानों के लिए ज्ञान का केंद्र बताते हुए कहा कि यहां से नई किस्म के बीज, खेती के तरीके और दवाइयों की जानकारी मिलती है, जिसका लाभ अब किसान घर बैठे भी ले सकते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि पंजाब का किसान नई तकनीक को अपनाकर एक बार फिर देश में अग्रणी भूमिका निभाएगा।

उद्योग से बनेगा ‘रंगला पंजाब’: नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी लॉन्च, CM मान ने कहा—उद्यमी भी हैं अन्नदाता

लुधियाना (पंजाब)  मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को लुधियाना में पंजाब की नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी लॉन्च की। इस दौरान उन्होंने उद्योगपतियों के साथ बैठक कर सरकार की योजनाओं और उद्योगों को दिए जाने वाले प्रोत्साहनों की जानकारी दी। सीएम मान ने कहा कि पंजाब को रंगला बनाने के लिए इंडस्ट्री का विकास जरूरी है और पंजाब को नंबर वन बनाए बिना देश विश्व गुरु नहीं बन सकता। सीएम बोले कि इस नीति के जरिए इंडस्ट्री को सरकार ने रनवे मुहैया करा दिया है अब उड़ान भरने की बारी उद्योग जगत की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार उद्योगपतियों से हिस्सा मांगने या “लाल थैली” लेने वाली नहीं है। सरकार की एक ही इच्छा है कि उद्योगों का कारोबार बढ़े और पंजाब के युवाओं को रोजगार मिले।  मान ने उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए कहा कि उद्योग और कारोबार की वजह से हजारों परिवारों के चूल्हे जलते हैं और इस लिहाज से उद्यमी भी अन्नदाता हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आज सरकार उद्योगों को यह पॉलिसी दे रही है और जल्द ही महिलाओं के लिए भी बड़ा तोहफा दिया जाएगा। सीएम मान ने कहा कि सरकार उद्योगपतियों को अपना साझेदार मानती है। उन्होंने कहा कि अगर कोई उद्योगपति तीन यूनिट लगाने की अनुमति मांगता है तो सरकार पांच यूनिट लगाने की अनुमति देने को भी तैयार है, बशर्ते कि वह पंजाब के युवाओं को रोजगार दे। उन्होंने बताया कि यह पॉलिसी उद्यमियों के सुझावों के आधार पर तैयार की गई है और इसमें करीब 78 प्रतिशत सुझावों को शामिल किया गया है। इससे पहले उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि यह देश की सबसे बेहतर इंडस्ट्रियल पॉलिसी में से एक है। उन्होंने बताया कि इसे मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल की अगुवाई में तैयार किया गया है।   अरोड़ा ने कहा कि पॉलिसी को तैयार करने के लिए 24 कमेटियां बनाई गई थीं, जिनमें विभागीय अधिकारियों, पंजाब डेवलपमेंट कमिशन और उद्योग प्रतिनिधियों की राय ली गई। पॉलिसी तैयार करने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी इस्तेमाल किया गया। उन्होंने बताया कि कुल सुझावों में से 77 प्रतिशत को स्वीकार किया गया, जबकि एक प्रतिशत सुझाव केंद्र सरकार से संबंधित थे और शेष पर भी चर्चा की गई।   निवेश और रोजगार पर मिलेंगे विशेष प्रोत्साहन     नई पॉलिसी के तहत रोजगार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई प्रोत्साहन दिए गए हैं।     25 करोड़ रुपये निवेश और 50 कर्मचारियों वाली इकाइयों को थ्रेसहोल्ड कैटेगरी में शामिल किया जाएगा।     पंजाब में पहली बार कैपिटल सब्सिडी दी जाएगी।     जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (जेडएलडी) पर 100 प्रतिशत छूट मिलेगी।     उद्योगों के मॉर्डनाइजेशन और विस्तार पर भी सब्सिडी दी जाएगी।     इंसेंटिव पैकेज के लिए 15 साल का समय दिया जाएगा।     रोजगार देने पर प्रति कर्मचारी 3000 रुपये प्रति माह का इंसेंटिव मिलेगा     आईटी सेक्टर के लिए यह इंसेंटिव 5000 रुपये प्रति कर्मचारी प्रति माह होगा।     नई पॉलिसी के तहत महिलाओं को रात में भी काम करने की अनुमति दी जाएगी, हालांकि इसके लिए उनकी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना उद्योगों की जिम्मेदारी होगी।     सरकार ने सीमावर्ती जिलों में उद्योग लगाने को बढ़ावा देने के लिए 25 प्रतिशत अतिरिक्त इंसेंटिव देने की घोषणा की है। सभी विभागों को एक प्लेटफॉर्म पर लाया गया सीएम मान ने कहा कि उद्योगों से जुड़े विभागों को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाकर व्यवस्था को सरल बनाया गया है। बिजली, उद्योग और स्थानीय निकाय विभागों को आपस में जोड़ा गया है, जिससे उद्योगों के काम तेजी से होंगे। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके पास विकास का कोई विजन नहीं है। उन्होंने कहा कि केवल मोटरसाइकिल टैक्स फ्री करने जैसे वादे करना कोई विजन नहीं है।

मिडिल ईस्ट में फंसे पंजाबियों के लिए मान की केंद्र से सुरक्षित वापसी की अपील

चंडीगढ. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मध्य पूर्व के कुछ हिस्सों में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों के मद्देनजऱ वहां फंसे पंजाबियों की सहायता के लिए 24 घंटे कार्यरत हेल्पलाइन जारी करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार फंसे हुए लोगों की सुरक्षित और शीघ्र वापसी सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार के साथ लगातार संपर्क में है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है और प्रभावित लोगों की हर संभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध है। पीड़ित परिवारों को पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, 'अरब देशों में उत्पन्न तनावपूर्ण हालात के कारण अनेक पंजाबी गंभीर कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। यदि किसी व्यक्ति या उसके परिवार का सदस्य वहां फंसा हुआ है, तो वे तुरंत जारी हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें। राज्य सरकार उनकी सहायता के लिए पूरी तरह तत्पर है।' 27×7 हेल्पलाइन जारी उन्होंने बताया कि इस उद्देश्य के लिए एक समर्पित हेल्पलाइन और कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जो 24×7 कार्यरत रहेगा। प्राप्त सूचनाओं को तुरंत संबंधित विभागों और भारत सरकार तक पहुंचाया जाएगा, ताकि राहत और निकासी की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके। सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा, 'हम फंसे हुए लोगों को जल्द से जल्द हर आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए वचनबद्ध हैं। किसी भी परिवार को घबराने की आवश्यकता नहीं है- पंजाब सरकार इस कठिन समय में उनके साथ मजबूती से खड़ी है।' खाड़ी देशों में फंसे युवाओं, कामगारों और विद्यार्थियों के परिवारों के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस संकट की घड़ी में उनके कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और हर स्तर पर सहयोग सुनिश्चित करेगी। 'भारतीय नागरिकों को वापस लाया जाए' मुख्यमंत्री ने भारत सरकार से अपील की कि वह मध्य पूर्व में उत्पन्न हालात को देखते हुए फंसे पंजाबियों तथा अन्य भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाए। उन्होंने आशा व्यक्त की कि केंद्र सरकार आवश्यक कूटनीतिक और प्रशासनिक प्रयासों के माध्यम से युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में फंसे सभी लोगों की शीघ्र सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करेगी।

CM मान बोले- ‘दशकों तक पंजाब के बच्चों को जानबूझकर अनपढ़ रखा’

मानसा. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि शिअद और कांग्रेस ने अपने दशकों के शासन के दौरान जानबूझकर पंजाब के बच्चों को अनपढ़ रखा, जबकि राजनीतिक परिवार फलते-फूलते रहे। इन पार्टियों को लोगों की तरक्की की नहीं, बल्कि अपने बेटा-बेटी व रिश्तेदारों के लिए सत्ता हासिल करने की चिंता थी। सरदूलगढ़ के गांव साहनेवाली में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आइटीआइ) का नींवपत्थर रखने के बाद संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संस्थान हर वर्ष 240 विद्यार्थियों को हुनरमंद बनाएगा। मान ने कहा कि भाजपा दलबदलुओं पर निर्भर है। अकाली दल और कांग्रेस पुराने इंजन वह अन्य पार्टियों के नेताओं की मदद से पंजाब में चुनाव जीतने का सपना देख रही है, लेकिन यह सपना ही रह जाएगा। सीएम ने कहा, आप सरकार पंजाब के विकास के लिए अरविंद केजरीवाल के नए इंजन पर चल रही है, जबकि भाजपा, अकाली दल और कांग्रेस के इंजन पुराने हो चुके हैं और सूबे को आगे बढ़ाने के सक्षम नहीं हैं।

सीएम मान और नायब सैनी की मुलाकात में SYL मुद्दे पर निकला समाधान?

चंडीगढ़. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को चंडीगढ़ में लंबे समय से लंबित सतलुज-यमुना लिंक (SYL) नहर मुद्दे पर चर्चा करने के लिए मुलाकात की। दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच यह बैठक अभी भी जारी है। बैठक एक होटल में शुरू हुई, जिसमें दोनों सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। SYL नहर का मुद्दा पिछले कई सालों से दोनों राज्यों के बीच विवाद का कारण बना हुआ है। सीएम सैनी ने क्या कहा? बैठक के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। अगली बैठक में दोनों राज्यों के सिंचाई विभाग के अधिकारी बैठक करके सार्थक समाधान की तरफ पहुंचेंगे। इसके बाद आखिर में दोनों मुख्यमंत्री बैठकर समाधान निकालेंगे। मीटिंग के बाद मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि आज की बैठक एक सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई है। पंजाब गुरुओं की धरती है, उनकी शिक्षाएं आज भी हमारे लिए अनमोल रतन है। गुरु नानक देव ने पवन को गुरु, पानी को पिता, और धरती को माता कहा था  गुरुओं की वाणी आज भी हमारा मार्गदर्शन कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मीटिंग बहुत ही अच्छे माहौल में हुई। जब बातचीत अच्छे माहौल में होती है तो परिणाम भी सार्थक आते हैं।  भगवंत मान का भी आई सकारात्मक प्रतिक्रिया बैठक के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच बैठक बड़े सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई। लेकिन पानी को लेकर कोई फैसला नहीं हो सका। मीटिंग के बाद सीएम भगवंत मान ने कहा कि इस मसले का हल होना चाहिए यह बहुत लंबे समय से चल रहा है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों के उलझाए इस मुद्दे को हल नई पीढ़ी करने की कोशिश कर रही है। हालांकि, एक सवाल के जवाब में मान ने कहा कि जब तक पानी का मसला हल नहीं होता। तब तक नहर बनाने का कोई मतलब नहीं बनता। आखिर नहर से पानी ही लेकर जाना है, कोई जूस तो डालना नहीं है। इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, पंजाब के जल स्रोत मंत्री बिरेंदर गोयल ओर दोनों राज्यों के अधिकारी भी शामिल थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मुद्दा पुराना है, बल्कि लटक रहा है। गुरुओं की वाणी हमारा मार्गदर्शन कर रही है। हरियाणा हमारा कोई दुश्मन नहीं है वह भाई है। आज पानी पूरी दुनिया का मसाला बनता जा रहा है । जल संरक्षण के उपाय भी करने होंगे दोनों पक्ष सार्थक समाधान के पक्ष में है। दोनों राज्यों के अधिकारी मिलकर इस मसले पर जरूरत के आधार पर बैठकर करेंगे, जिस तरीके से पुराने बुजुर्ग आपस में बैठकर समाधान करते थे, हम भी वैसा ही करेंगे। हालांकि, यह झगड़ा हमारे बुजुर्गों की ही देन है। लेकिन अब सत्ता में नई नहीं पीढ़ी आ गई है सार्थक समाधान की उम्मीद कर सकते हैं। हम चाहते हैं कि किसी का भी हक ना कोई ना मारे। क्या है SYL मुद्दा? SYL नहर का मुद्दा पिछले कई सालों से दोनों राज्यों के बीच विवाद की जड़ बना हुआ है। पिछले मई में, सुप्रीम कोर्ट ने दोनों राज्यों को दशकों पुराने विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान निकालने के लिए केंद्र के साथ सहयोग करने का निर्देश दिया था। हाल ही में एक सुनवाई में, शीर्ष अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख अप्रैल में तय की थी। SYL नहर की कल्पना रावी और ब्यास नदियों के पानी को दोनों राज्यों के बीच प्रभावी ढंग से बांटने के लिए की गई थी। इस प्रोजेक्ट में 214 किलोमीटर लंबी नहर बनाने की योजना है, जिसमें से 122 किलोमीटर का हिस्सा पंजाब में और बाकी 92 किलोमीटर हरियाणा में बनाया जाना था।

सीएम मान ने की शिक्षा को बढ़ावा, अजनाला में उच्च शिक्षा के नए अवसर, बिक्रौर कॉलेज का शुभारंभ

अमृतसर/अजनाला पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के अमृतसर दौरे का आज (19 जनवरी 2026) दूसरा दिन है। इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सीमावर्ती क्षेत्र अजनाला के निवासियों को विकास का एक बड़ा उपहार देने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री अजनाला की दाना मंडी में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान सरकारी डिग्री कॉलेज, बिक्रौर की आधारशिला रखेंगे। दशकों पुरानी मांग होगी पूरी अजनाला और इसके आसपास के सीमावर्ती गांवों के लोग लंबे समय से क्षेत्र में एक सरकारी उच्च शिक्षा संस्थान की मांग कर रहे थे। अब तक युवाओं को ग्रेजुएशन और अन्य उच्च शिक्षा के लिए अमृतसर या अन्य दूर-दराज के शहरों का रुख करना पड़ता था। इस कॉलेज के बनने से न केवल समय और पैसे की बचत होगी, बल्कि ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्र भी अपने घर के पास बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। दाना मंडी में विशाल जनसभा, सुरक्षा के कड़े इंतजाम मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर अजनाला की दाना मंडी में व्यापक तैयारियां की गई हैं। यहाँ एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया है, जिसमें अजनाला के अलावा आसपास के दर्जनों गांवों से हजारों लोगों के जुटने की उम्मीद है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने मुख्यमंत्री की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर पुख्ता इंतजाम किए हैं। विकास की नई इबारत लिखेगा 'बिक्रौर' कॉलेज मुख्यमंत्री भगवंत मान इस अवसर पर जनसभा को संबोधित भी करेंगे। उम्मीद जताई जा रही है कि वे शिक्षा के साथ-साथ सीमावर्ती क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) और रोजगार को लेकर कुछ और बड़ी घोषणाएं कर सकते हैं। सरकार का मानना है कि यह कॉलेज इस उपेक्षित क्षेत्र के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा। सरकार का विजन : मुख्यमंत्री मान ने पहले भी कई मंचों से स्पष्ट किया है कि 'आप' सरकार का मुख्य फोकस शिक्षा और स्वास्थ्य है। अजनाला के इस कॉलेज का शिलान्यास उसी विजन का हिस्सा है, ताकि पंजाब के अंतिम छोर पर बैठे छात्र को भी आधुनिक शिक्षा मिल सके।

मुख्यमंत्री मान ने मजीठा में 23 सड़कों का किया उद्घाटन

मजीठा. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मजीठा दौरे के दौरान शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल और वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में हुई बेअदबी की घटनाओं के लिए दोनों नेता और उनका परिवार सीधे तौर पर जिम्मेदार रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि “यह वही परिवार है जिसने जलियांवाला बाग नरसंहार के बाद अंग्रेजों को खाना खिलाया था और आज भी पंजाब की भावनाओं से खिलवाड़ कर रहा है।” दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने मजीठा विधानसभा क्षेत्र में 23 नई ग्रामीण लिंक सड़कों का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार ग्रामीण ढांचे को मजबूत करने पर जोर दे रही है। इस दौरान उन्होंने घोषणा की कि जल्द ही मजीठा के समीप स्थित बिकरौर गांव में एक नया कॉलेज स्थापित किया जाएगा, जिससे स्थानीय युवाओं को उच्च शिक्षा की बेहतर सुविधा मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर राजनीतिक मुद्दों को हवा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि पंजाब को अनावश्यक राजनीतिक लड़ाइयों में न घसीटा जाए। उन्होंने कहा कि दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण जैसे वास्तविक मुद्दों पर चर्चा की जानी चाहिए तथा किसानों पर बेबुनियाद आरोप लगाने की राजनीति से बचना चाहिए। मुख्यमंत्री को घेरने पहुंचे किसान उधर, किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी अपनी लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री से मुलाकात करना चाहती थी और इस सिलसिले में मजीठा में उनका घेराव करने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे शांतिपूर्वक मुख्यमंत्री तक अपनी आवाज पहुंचाना चाहते थे। लेकिन पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्हें काफिले के समीप जाने से रोक दिया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को निर्धारित बैरिकेडिंग पॉइंट्स पर रोककर स्थिति को नियंत्रण में रखा। हालांकि कुछ स्थानों पर किसानों और पुलिस के बीच हल्की नोकझोंक भी देखने को मिली, लेकिन हालात को जल्द ही सामान्य कर लिया गया।