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नौरादेही में बसेंगे चीते: रानी दुर्गावती अभयारण्य बनेगा देश का तीसरा चीता होम, सीएम डॉ. यादव का ऐलान

भारतीय क्रिकेट टीम ने बढ़ाया देश का मान मंत्रि-परिषद् की बैठक से पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंत्रीगण से चर्चा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नौरादेही का रानी दुर्गावती अभयारण्य चीतों का तीसरा घर बनने जा रहा है। जल्द ही वहाँ भी चीते छोड़े जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि टी-20 क्रिकेट वर्ल्ड कप जीतकर भारतीय क्रिकेट टीम ने एक बार फिर सफलता का परचम लहराया है। खेलने वाले कुल 20 देश, 55 मैच और विजेता- भारत, यह आंकड़े बताते हैं कि भारतीय क्रिकेट टीम ने दृढ़ संकल्प, साहस और पराक्रम से यह उपलब्धि हासिल की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे खिलाड़ियों ने पूरे विश्व में देश का मान-सम्मान बढ़ाया है। मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश सरकार और पूरी मंत्रि-परिषद् की ओर से भारतीय क्रिकेट टीम को बधाई और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रि-परिषद् की बैठक से पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संघ लोक सेवा आयोग-2026 के हालिया घोषित रिजल्ट में मध्यप्रदेश के 2 होनहार अभ्यर्थियों द्वारा टॉप टेन अभ्यर्थियों की मेरिट लिस्ट में स्थान प्राप्त करने पर दोनों ही अभ्यर्थियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष प्रदेश के कई विद्यार्थियों का यूपीएससी की परीक्षा में आईएएस, आईपीएस, आईआरएस इत्यादि कई पदों पर चयन हुआ है। हमारे विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में चयनित होकर प्रदेश का नाम रौशन कर रहे हैं। रानी दुर्गावती अभयारण्य (नौरादेही) में भी छोड़ेंगे चीते मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में चीते तेजी से फल-फूल रहे हैं। हाल ही में 5 नये शावकों की आमद से चीतों का परिवार और भी समृद्ध हुआ है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार करीब 2 महीने बाद रानी दुर्गावती अभयारण्य (नौरादेही) में भी चीते छोड़ने जा रही है। इससे मध्यप्रदेश में चीतों के 3 घर तैयार हो जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम मगर/घड़ियाल और कछुए भी विभिन्न जल क्षेत्रों में मुक्त करेंगे, ताकि हमारी जैव सम्पदा और भी समृद्ध हो सके। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री को भायी मध्यप्रदेश की जल संचय पहल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण से कहा कि मध्यप्रदेश में जल संचयन के लिए चलाए गए जल गंगा संवर्धन अभियान की केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सीआर पाटिल द्वारा सराहना की गई है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने 5 मार्च को हुई वीडियो काँफ्रेंसिंग में कहा था कि मध्यप्रदेश सामुदायिक सहभागिता से जल संरक्षण और सतत् जल प्रबंधन देश के सामने श्रेष्ठ उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। मध्यप्रदेश में 250 से अधिक नदियां हैं। मध्यप्रदेश बांधों की संख्या के मामले में देश में दूसरे स्थान पर है। उन्होंने कहा था कि जल संचयन के प्रोत्साहन के लिए भारत सरकार भी जल इस दिशा में जनभागीदारी से ऐसा ही कदम बढ़ाने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को बताया कि केंद्र से मिली सराहना हमारी जल संचय नीति की सफलता का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के प्रथम चरण में 2.79 लाख से अधिक जल संग्रहण संरचनाओं का निर्माण कर महत्वपूर्ण योगदान दिया गया। दूसरे चरण में भी मध्यप्रदेश में 72 हजार 647 जल संग्रहण संरचनाओं के निर्माण कार्य पूरे कर लिए गए हैं और 64 हजार 395 जल संरचना निर्माण कार्य फिलहाल प्रगति पर हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में इस साल 19 मार्च 2026 से जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण से कहा कि वे भी अपने-अपने क्षेत्रों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग के काम बढ़ाएं। डिजिटल पंजीयन में मध्यप्रदेश ने रचा इतिहास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में दस्तावेजों के डिजिटल पंजीयन का काम शुरू हो गया है। मध्यप्रदेश में प्रति वर्ष करीब 16 लाख से अधिक दस्तावेजों का पंजीयन किया जाता है। यह एक बड़ा काम है पर हम इसे समय-सीमा में ही पूरा करेंगे। उन्होंने बताया कि संपदा 2.0 प्रणाली से दस्तावेजों का पूर्णत: पेपरलेस ई- पंजीयन शुरु कर दिया है। यह व्यवस्था नागरिकों को त्वरित सेवाएं देने के साथ-साथ प्रशासन में पारदर्शिता और सुगमता सुनिश्चित करेगी। संपदा प्रणाली से ई-पंजीयन और ई-स्टाम्पिंग की सुविधा प्रदान कर पूरी प्रक्रिया को इलेक्ट्रॉनिक बनाया गया है। इस प्रणाली में कोई भी व्यक्ति कहीं से भी ई-स्टॉम्प तैयार कर सकता है। यह व्यवस्था लागू करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है। गेहूं उपार्जन 2026 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को बताया कि मध्यप्रदेश सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं उपार्जन पर 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देने जा रही है। साथ ही दलहन उत्पादन को प्रोत्साहन के लिए उड़द की खरीद पर भी 600 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देने जा रही है। उड़द की खरीद पर बोनस देने के मामले में मध्यप्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य बन गया है, जिसने यह कदम उठाया है। उन्होंने बताया कि गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन की अवधि 10 मार्च 2026 रखी गई थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों को समय पर भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पचमढ़ी को बनाएंगे बेस्ट इन्वायरमेंटल मॉडल मुख्यमंत्री ने बताया कि पचमढ़ी को जर्मनी की एक अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण संस्था द्वारा ग्रीन डेस्टिनेशन के रूप में प्रमाणित किया गया है। यह मध्यप्रदेश में पर्यटन क्षेत्र के विकास के लिए हो रहे प्रयासों का प्रतिफल है। उन्होंने कहा कि पचमढ़ी देश का ऐसा पहला स्थल है, जिसे इस तरह का प्रमाणन मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम पचमढ़ी को देश के अनुकरणीय और बेस्ट इन्वायरमेंटल मॉडल के रूप में विकसित करेंगे। खाड़ी देशों में वर्तमान स्थिति के मद्देनजर हेल्पलाइन/कंट्रोल रूम स्थापित मिडिल ईस्ट (खाड़ी देशों) में उपजी विषम परिस्थितियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खाड़ी देशों में रह रहे मध्यप्रदेश के निवासियों की सहायता के लिए मध्यप्रदेश भवन नई दिल्ली में एवं भोपाल के वल्लभ भवन (मंत्रालय) में 24×7 हेल्पलाइन/कंट्रोल रूम की स्थापना कर दी गई है। मध्यप्रदेश के निवासी जो खाड़ी देशों में अध्ययन, नौकरी, व्यवसाय, पर्यटन, इत्यादि के लिए गए मध्यप्रदेश के निवासी वर्तमान परिस्थतियों में किसी प्रकार की सहायता की अपेक्षा करते हों तो वे कंट्रोल रूम से संपर्क कर सकते हैं। मध्यप्रदेश के लोगों की सकुशल स्वदेश वापसी सुनिश्चित करने के लिए हम सभी … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनगणना 2027 के प्रथम चरण के राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सम्मेलन को किया संबोधित

जनगणना प्रशासनिक प्रक्रिया के साथ-साथ भविष्य की दिशा तय करने का है अभियान प्रधानमंत्री मोदी ने लिया डिजिटल जनगणना कराने का ऐतिहासिक फैसला कलेक्टर-कमिश्नर्स समय-सीमा में पूर्ण करें जनगणना कार्य जनगणना में मजरों-टोलों का भी किया जाए आंकलन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जनगणना देश की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण डाटा प्रक्रिया है। जनगणना के आधार पर सरकार की योजनाएं बनती हैं, संसाधनों का वितरण तय होता है और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की रणनीति तैयार होती है। आज भारत विश्व का सर्वाधिक आबादी वाला राष्ट्र है। यह जनगणना केवल राष्ट्रीय नहीं बल्कि वैश्विक महत्व की भी है। जनगणना का कार्य केवल प्रशासनिक प्रक्रिया तक सीमित नहीं है बल्कि यह भारत के भविष्य की दिशा तय करने वाला सबसे व्यापक और निर्णायक अभियान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनगणना-2027 के प्रथम चरण के लिए आयोजित राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में दीप प्रज्ज्वलित कर सम्मेलन का शुभारंभ किया। राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सम्मेलन में जनगणना-2027 की प्रक्रिया पर केंद्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सत्र में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, रजिस्ट्रॉर जनरल तथा जनगणना आयुक्त श्री मृत्युंजय कुमार नारायण, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) श्री नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव गृह श्री शिवशेखर शुक्ला उपस्थित थे। सम्मेलन में प्रदेश के सभी संभागायुक्त, कलेक्टर्स, नगर निगम आयुक्त तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारी सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने डिजिटल जनगणना कराने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। देश में आखिरी बार वर्ष 1931 में सामाजिक स्तर की जनगणना की गई थी। उन्होंने जनगणना की प्रक्रिया में गांवों, मजरों-टोलों के साथ-साथ बेचिराग गांवों की स्थिति के आंकलन की व्यवस्था करने की भी आवश्यकता बताई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सड़क, अस्पताल, स्कूल एवं अन्य कार्यों की योजनाएं जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ही बनाई जाती हैं। जनगणना केवल संख्या गिनने की प्रक्रिया नहीं है, यह राज्य की संवेदनशीलता, प्रशासन की विश्वसनीयता, प्रतिबद्धता और शासन की पारदर्शिता की परीक्षा है। प्रदेश के अलग-अलग अंचलों की चुनौतियां भिन्न हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष रणनीति अपनाते हुए समयबद्ध रूप से जनगणना की जिम्मेदारियों का निर्वहन किया जाए। इस पूरी प्रक्रिया की सफलता का केन्द्र मैदानी प्रशासनिक अधिकारी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर्स और कमिश्नर्स से जनगणना कार्य को रणनीतिक नेतृत्व प्रदान करते हुए जनगणना के सभी उद्देश्यों की समय सीमा में पूर्ति करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मेलन में उपस्थित प्रदेश के सभी कमिश्नर-कलेक्टरों से कहा कि मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से प्रारंभ होकर 6 मार्च तक चलेगा। उन्होंने आगामी महाशिवरात्रि और होली जैसे त्यौहारों के दृष्टिगत शांति समितियों के साथ बैठक कर अन्य आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कानून व्यवस्था दुरुस्त रखने में जन भावनाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। नागरिकों के स्वास्थ्य की दृष्टि से मिलावटी मिठाई, रंगों में मिलावट एवं अन्य खाद्य पदार्थों की जांच के लिए विशेष प्रबंध किए जाएं। होली के त्यौहार में सामाजिक समरसता सुनिश्चित हो। प्रदेश में जल संरचनाओं के निर्माण में मुआवजे के प्रकरणों का निराकरण संवेदनशीलता के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि हमें विकास के साथ-साथ जनभावनाओं का ध्यान भी रखना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भावांतर योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए सभी अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि विकसित भारत जी-रामजी योजना के क्रियान्वयन के लिए बेहतर प्रबंध किए जाएं। राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में घोषित किया है। किसानों से जुड़ी सभी योजनाओं और कार्यों के लिए उचित प्रबंध किए जाएं। ग्रीष्मकालीन फसलों में राज्य सरकार उड़द और मूंगफली के उत्पादन को प्रोत्साहित करने की योजना बना रही है। मक्का की फसलों से भी किसान लाभान्वित हो रहे हैं। नरवाई जलाने की घटनाओं को शून्य करने में विभिन्न जिले स्वस्थ प्रतिस्पर्धा रखें। प्रदेश में दलहन-तिलहन उत्पादन को बढ़ाने के लिए कार्य किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खनिज, पंजीयन, आबकारी के अंतर्गत राजस्व संग्रहण लक्ष्यों को प्राप्त करना सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने कहा कि चुनाव और जनगणना को प्रशासनिक व्यवस्था का सबसे कठिन कार्य माना जाता है। देश में हर 10 साल में जनगणना होती है। प्रशासनिक अधिकारियों के लिए जनगणना, अपनी प्रबंधन दक्षता को सिद्ध करने और अपने अनुभवों का समृद्ध करने का श्रेष्ठ अवसर है। इस बार तकनीक के बेहतर उपयोग से जनगणना के आंकड़े डिजिटल व्यवस्था के परिणामस्वरूप जल्दी आएंगे। मध्यप्रदेश विविधता से समृद्ध राज्य है। यहां करीब 1 लाख 27 हजार मजरे-टोले हैं, अगर मकानों की गणना के पत्रक में एक कॉलम मजरे टोले का रखा जाए, तो इससे राज्य सरकार को भविष्य की योजनाएं बनाने में मदद मिलेगी। जीआईएस सिस्टम से महत्वपूर्ण जानकारियां मिलेंगी। अगर आंकड़े सही तरीके से फीड किए जाएंगे तो जनगणना का परिणाम बेहतर मिलेगा। यह नागरिकों की भी जिम्मेदारी है कि वे अपनी सही जानकारियां फील्ड अधिकारियों को उपलब्ध कराएं। 

शिक्षा में तकनीकी क्रांति: CM मोहन ने घोषणा की 200 नए सांदीपनि विद्यालयों की शुरुआत, AI-Coding पर फोकस

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि युग बदले, सदियां बदलीं पर शिक्षकों का सम्मान कभी कम नहीं हुआ। शिक्षक उस दीपक के समान होते हैं, जो खुद जलकर दूसरों के जीवन को आलोकित करते हैं। शिक्षकगण सदैव सम्मानित थे, हैं और आगे भी रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश के शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि इनके सद्प्रयासों से ही प्रदेश के शासकीय स्कूलों का परीक्षा परिणाम ऐतिहासिक रूप से बेहतर से और बेहतर हुए हैं। बच्चों के प्रवेश, शाला नामांकन दर में भी रिकार्ड वृद्धि हुई है। साथ ही प्रदेश में बच्चों की ड्राप-आउट दर भी शून्य हो गई है। इसमें शिक्षकों का योगदान अतुलनीय है, वंदनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय के प्रांगण में मध्यप्रदेश शिक्षक संघ द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश स्तरीय शैक्षिक गुणवत्ता शिक्षक सम्मेलन में कहा कि हमारे सांदीपनि विद्यालय और पीएमश्री विद्यालय शिक्षा की गुणवत्ता के नए-नए मानक स्थापित कर रहे हैं।  उन्होंने कहा कि सांदीपनि विद्यालयों की सफलता से हम सब अभिभूत हैं। इसलिए प्रदेश में इसी सत्र से 200 नए सांदीपनि विद्यालय खोले जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नई शिक्षा नीति-2020 को लागू करने में मध्यप्रदेश देश के पहले राज्यों में हैं। हम अपनी आने वाली पीढ़ी के लिए ए.आई., कोडिंग और कौशल आधारित शिक्षा की दिशा में भी तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। इसमें शिक्षकों का बहुमूल्य योगदान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों के हित में सरकार ने कोई कमी नहीं रखी है। आगे भी जो कुछ हित लाभ बचा है, वह भी जल्द ही देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित करने के साथ एवं सरस्वती पूजन कर सम्मेलन का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय की छात्राओं ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में अनेक शिक्षक हितैषी निर्णयों के लिए संघ द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय अभिनंदन किया गया। सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान कर लिया आशीर्वाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेवानिवृत्त व्याख्याता कोकिला सेन, बद्री प्रसाद तिवारी, बृजमोहन आचार्य, देवकृष्ण व्यास, किशनलाल नाकड़ा को सम्मानित किया। कोकिला सेन ने उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को भौतिक शास्त्र की शिक्षा दी थी। मुख्यमंत्री ने अपनी गुरु का सम्मान कर उनके चरण छूकर उनका आशीर्वाद लिया। इसी तरह बद्री प्रसाद तिवारी ने नरसिंहपुर में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह को स्कूल में पढ़ाया था।  कैलेंडर, डायरी और पुस्तिका का किया विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुभाष स्कूल में मध्यप्रदेश शिक्षक संघ की विकास यात्रा पर केन्द्रित प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश शिक्षक संघ के वार्षिक कैलेंडर, 'हमारा विद्यालय-हमारा तीर्थ' नामक पुस्तिका, टेबल कैलेंडर एवं डायरी का भी विमोचन किया।  हर काल में शिक्षकों के मार्गदर्शन में युवा बने महान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे मन के भावों से शिक्षा पद्धति और शिक्षकों से जुड़े हुए हैं। यह सम्मेलन भाव विभोर कर देने वाला है। एक शिक्षक हमारे अंदर विद्मान प्रतिभाओं को निखारने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व में अपनी एक नई पहचान बना रहा है। हर युग में गुरु और शिक्षकों ने अपने शिष्यों के माध्यम से ही समाज को उसके सभी प्रश्नों/समस्याओं के उत्तर दिलवाए हैं। उन्होंने कहा कि हर काल में मध्यप्रदेश की धरती सौभाग्यशाली रही है। हमारा संबंध भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण से भी जुड़ता है। झाबुआ से निकलकर एक बालक चंद्रशेखर आजाद बनता है। मध्यप्रदेश की धरती पर सम्राट विक्रमादित्य और राजा भोज ने शासन किया। हर काल में युवाओं ने अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन में बड़ी-बड़ी भूमिकाएं अदा की हैं।  विकसित भारत का लक्ष्य पाने में प्रदेश की भूमिका महत्वपूर्ण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार का एक अर्थ 'सहकार' भी होता है। यह परस्पर सामंजस्य से ही संभव है। सरकार के लक्ष्य उच्चतम होने चाहिए। उसके समाज के सभी प्रश्नों और समस्याओं के समाधान की मंशा और ऐसा सामर्थ्य भी होना चाहिए। चुनी हुई सरकार हर वर्ग के कल्याण का ध्यान रखती है। विकसित भारत का लक्ष्य पाने में मध्यप्रदेश अपनी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। देश के प्रधानमंत्री, राज्य के मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री भी शासकीय विद्यालयों से ही पढ़कर यहां तक पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के 22 हजार से अधिक शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण बड़ी सरलता से हुआ है।  कुलपति को कुलगुरू का दिया नाम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नई शिक्षा नीति को सफलतापूर्वक लागू करने में मध्यप्रदेश देश के पांच राज्यों में से एक है। मध्यप्रदेश भारत के सबसे कम बेरोजगारी दर वाले तीन राज्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भव्य सांदीपनि विद्यालय बन रहे हैं। हमारी सरकार ने शिक्षकों को महंगाई भत्ते का भी लाभ दिया है। करीब डेढ़ लाख शिक्षक इससे लाभान्वित हुए हैं। प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति को हमने कुलगुरु का नया नाम दिया है। हमारी सरकार गुरूजनों के सम्मान में कोई कसर नहीं छोड़ रही। 

दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में पर्यटन क्षेत्र में निवेश पर केंद्रित सत्र को संबोधित करेंगे मुख्यमंत्री

भोपाल देश का हृदय प्रदेश मध्यप्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में नए आत्मविश्वास, नई ऊर्जा और दूरदर्शी दृष्टिकोण के साथ वैश्विक स्तर पर अपनी सशक्त पहचान बना चुका है। प्रदेश, प्रकृति की अनुपम सुंदरता, समृद्ध ऐतिहासिक विरासत, गहन आध्यात्मिक आस्था और विविध वन्य जीवों का अद्भुत संगम है। इन्हीं विशेषताओं और निवेश संभावनाओं को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 21 जनवरी को दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में पर्यटन क्षेत्र में निवेश पर केंद्रित सत्र को संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के “विकास भी, विरासत भी” के दूरदर्शी दृष्टिकोण से प्रेरित होकर मध्यप्रदेश ने पर्यटन को समावेशी और सतत विकास के सशक्त माध्यम के रूप में विकसित किया है। इसके परिणामस्वरूप हाल के वर्षों में प्रदेश में 13.30 करोड़ से अधिक पर्यटकों का आगमन दर्ज किया गया है, जो मध्यप्रदेश के प्रति बढ़ते राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय विश्वास को दर्शाता है। आध्यात्मिक पर्यटन मध्यप्रदेश की प्रमुख पहचान के रूप में स्थापित हुआ है। उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में 6.5 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं का आगमन हो चुका है। इसके साथ ही खजुराहो, सांची, ओरछा, महेश्वर, अमरकंटक और चित्रकूट जैसे ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल देश-विदेश के पर्यटकों के प्रमुख आकर्षण केंद्र बने हुए हैं। राज्य सरकार द्वारा पर्यटन नीति-2025 एवं फिल्म पर्यटन नीति-2025 के माध्यम से निवेश प्रोत्साहन, रोजगार सृजन और सतत पर्यटन विकास को नई दिशा दी गई है। फिल्म पर्यटन नीति-2025 के अंतर्गत मध्यप्रदेश राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय फिल्म निर्माण के लिए एक पसंदीदा डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है, जिससे स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। ग्रामीण पर्यटन को सशक्त बनाने के उद्देश्य से प्रदेश के 81 गांवों में 370 से अधिक होमस्टे विकसित किए गए हैं, जिन्हें 1000 तक विस्तारित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ स्थानीय समुदायों को प्रत्यक्ष आय और रोजगार उपलब्ध करा रही है। पर्यटन अवसंरचना को मजबूत करने के लिए पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा के अंतर्गत भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, ग्वालियर, रीवा, सिंगरौली और खजुराहो को हवाई संपर्क से जोड़ा गया है। साथ ही पीएमश्री पर्यटन हेली सेवा के माध्यम से पर्यटकों को तेज़, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। “बेस्ट टूरिज्म स्टेट ऑफ द ईयर” सहित 18 राष्ट्रीय पुरस्कार, यूनेस्को की टेंटेटिव लिस्ट में प्रदेश के 4 धरोहर स्थलों का शामिल होना और देश की 69 यूनेस्को धरोहरों में से 15 का मध्यप्रदेश में स्थित होना प्रदेश की वैश्विक पर्यटन क्षमता और प्रतिष्ठा को सुदृढ़ करता है। मध्यप्रदेश आज पर्यटन, परंपरा और प्रगति के संगम के साथ वैश्विक निवेशकों और पर्यटकों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डिंडौरी जिला प्रशासन को दी बधाई

हीमोग्लोबिन परीक्षण में एशिया बुक और इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड्स में स्थान बनाया भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में जनजातीय बहुल डिंडौरी जिले में नए कीर्तिमान को स्थापित करने पर प्रसन्नता व्यक्त की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एशिया बुक ऑफ रिकार्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड्स में स्थान बनाने की उपलब्धि के लिए डिंडौरी जिला प्रशासन और डिंडौरी के निवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डिंडौरी जिले ने "बेटी बचाओ -बेटी पढ़ाओ" के अंतर्गत "सुगढ़ टूरी- आज स्वस्थ, कल सशक्त" अभियान के माध्यम से एक ही दिन में जनजातीय बहुल क्षेत्र में 48 हजार से अधिक बालिकाओं और महिलाओं का हीमोग्लोबिन परीक्षण कर "एशिया बुक ऑफ रिकार्डस और इंडिया बुक ऑफ रिकार्डस" में स्थान प्राप्त किया है। इस पहल ने प्रदेश को गौरवान्वित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए डिंडौरी जिला प्रशासन की टीम बधाई की पात्र है। यह अभियान महिला स्वास्थ्य, पोषण और सशक्तिकरण के प्रति मध्यप्रदेश की दृढ़ प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है।  

सोशल मीडिया की अपील रंग लाई, सीएम मोहन यादव ने दिव्यांग युवक को दिलाया स्टेडियम में मैच देखने का मौका

भोपाल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बार फिर साबित किया है कि वे जनता के दिलों पर क्यों राज करते हैं। उनका मन जनता की एक आवाज पर पसीज जाता है। दरअसल, एक दिव्यांग ने प्रदेश के मुखिया से जब ये कहा कि उन्हें भारत-न्यूजीलैंड के बीच इंदौर में हो रहे मैच को मैदान से लाइव देखना है, लेकिन टिकट का इंतजाम नहीं हो पा रहा, तो ये सुनते ही सीएम डॉ. यादव ने बिना कोई देर किए उनके लिए टिकट का प्रबंध कर दिया। दिव्यांग ने ये अपील वीडियो के जरिये की थी। इच्छा पूरी होने के बाद दिव्यांग ने सीएम डॉ. यादव को धन्यवाद भी दिया। गौरतलब है कि, भारत-न्यूजीलैंड मैच लाइव देखने की अपील उज्जैन के बड़नगर तहसील के गांव बमनापानी के दिव्यांग अभिषेक सोनी ने की। उन्होंने इस अपील का वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर डाल दिया। इस बात की जानकारी जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को लगी तो उन्होंने दिव्यांग की इच्छा पूरी करने में एक पल नहीं लगाया।   कई बार पेश की मानवता की मिसाल बता दें, जब से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश की बागडोर संभाली है, तब से उन्होंने कई बार मानवता की मिसाल पेश की है। उन्होंने एक आम आदमी की तरह जनता से व्यवहार किया है। सीएम डॉ. यादव कभी यूपीआई पेमेंट कर आम खरीदे देखे जा सकते हैं, तो कहीं भी जनता के साथ चाय पीते देखे जा सकते हैं। एक बार वे भुट्टा खरीदने बाजार में उतर गए और बच्चे को दुलार किया। इस वाक्ये की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं। इसी तरह एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री आवास किसी मेरा आवास नहीं, बल्कि जनता का आवास है।

मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप समिट: सीएम डॉ. यादव ने उद्यमियों से सीधा संवाद किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि युवाओं के विचारों और सपनों के अनुरूप व्यापार-व्यवसाय को गति देने के लिए राज्य सरकार सहयोग करने को सदैव तत्पर है। प्रदेश की स्टार्ट-अप नीति में सभी आवश्यकताओं और परिस्थितियों के अनुरूप व्यवस्थाएं की गई हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत @ 2047 की संकल्पना को साकार करने के लिए राज्य में सभी व्यवस्थाएं तदनुसार क्रियान्वित की जा रही हैं। प्रदेश के युवा अपनी पहल और नवाचार से देश ही नहीं विदेशों में भी अपना नाम और स्थान बना रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप शिखर सम्मेलन के प्रतिभागियों से रविंद्र भवन के प्रतिकक्ष में राउंड टेबल मीटिंग में यह विचार व्यक्त किए। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य काश्यप तथा मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन साथ थे। अविष्कार कैपिटल के श्री विनित राय, इंश्योरेंस देखो के अंकित अग्रवाल, आईवीकैप वैंचर्स की सुश्री अंजू गुप्ता, मेडीदेवा टेक्नोलॉजी के डॉ. विशेष कासलीवाल, बेटी इनोवेटिव की संस्थापके सुश्री पूजा दुबे पांडे, आदि ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अपने स्टार्ट-अप के संबंध में अवगत कराया।  

मुख्यमंत्री ने ई-विकास, वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान प्रणाली ऐप का किया शुभारंभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के किसानों के लिए वर्ष 2026 नई उम्मीदों और नए अवसरों का वर्ष होगा। किसान हमारे अन्नदाता हैं, जो अपने परिश्रम से देश और समाज का उदर-पोषण करते हैं। किसानों को आत्मनिर्भर बनाकर उनकी समृद्धि सुनिश्चित करना ही सरकार का एकमात्र ध्येय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को भोपाल के जंबूरी मैदान में आयोजित विशाल किसान सम्मेलन में वर्ष 2026 को “कृषक कल्याण वर्ष” के रूप में मनाने की अधिकृत घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी। आधुनिक तकनीक, उन्नत बीज, सिंचाई, भंडारण और बाजार तक बेहतर पहुंच के माध्यम से खेती को लाभ का व्यवसाय बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कृषि केवल आजीविका का एक साधन ही नहीं, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। कृषि क्षेत्र के सशक्तिकरण में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान सम्मेलन के दौरान ई-विकास, वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति सामधान प्रणाली (विकास पोर्टल) का शुभारंभ किया। कृषक कल्याण वर्ष 2026 में किसानों की आमदनी बढ़ाने सहित इनकी बेहतरी और खुशहाली के लिए किए जाने वाले प्रयासों के संबंध में एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। किसान सम्मेलन में सरकार की विभिन्न योजनाओं, नवाचारों और भावी कार्ययोजना की जानकारी भी किसानों को दी गई। पूरा साल किसानों के कल्याण के लिए समर्पित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने पूरा साल किसानों के कल्याण के लिए समर्पित किया है। हमारी सरकार खेतों से निकलने वाली पराली से भी किसानों आय बढ़ाने का प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर्ष व्यक्त्करते हुए कहा कि हमारा मध्यप्रदेश देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जहां बीते सालों के प्रयासों से खेती का रकबा ढाई लाख हेक्टेयर तक बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) नदी लिंक एवं केन-बेतवा नदी लिंक राष्ट्रीय परियोजना सहित ताप्ती ग्राउंड वाटर रिचार्ज मेगा परियोजना से प्रदेश के 25 जिलों में 16 लाख हेक्टेयर से अधिक अतिरिक्त कृषि रकबा सिंचित हो जाएगा। किसानों के हित में हमने जा कहा, वह करके दिखाया मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों के हित में हमने जो कहा, वह करके दिखाया है। प्रदेश में श्रीअन्न उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए डिण्डोरी जिले में मध्यप्रदेश राज्य श्रीअन्न अनुसंधान केंद्र की स्थापना की जाएगी। इससे श्रीअन्न का उत्पादन और पोषण सुरक्षा को नई ऊंचाई मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्वालियर में सरसों अनुसंधान और उज्जैन में चना अनुसंधान केंद्र स्थापित किए जा रहा हैं। इन केंद्रों के जरिए इन फसलों की गुणवत्ता और पैदावार बढ़ाने पर विशेष बल दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम प्रदेश के 30 लाख से अधिक किसानों को अगले तीन साल में सोलर पावर पम्प देंगे। हर साल 10 लाख किसानों को सोलर पम्प देकर इन्हें अन्नदाता से आत्मनिर्भर ऊर्जादाता बनाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई क्षेत्र का रकबा निरंतर बढ़ रहा है। अभी 65 लाख हेक्टेयर है, इसे बढ़ाकर वर्ष 2028-29 तक 100 लाख हेक्टेयर तक लेकर जाएंगे। किसानों को लौटाएंगे उनका वैभव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान कल्याण वर्ष में सरकार प्रदेश के किसानों के समग्र कल्याण के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी। सालभर विभिन्न गतिविधियों के आयोजन के जरिए सरकार के 16 से अधिक विभाग/मंत्रालय आपसी समन्वय से किसानों को उनका वैभव लौटाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सोयाबीन के बाद अब सरसों की फसल को भी हम भावांतर योजना के दायरे में लेकर आएंगे। उन्होंने कहा कि कृषि आधारित उद्योगों के विकास में किसानों की भागीदारी बढ़ाई जाएगी। ऐसे उद्योग लगाने वालों को सरकार सब्सिडी देगी। प्रदेश में बीज परीक्षण कार्य से जुड़ी सभी प्रयोगशालाओं को और अधिक सशक्त कर सभी मंडियों का भी आधुनिकीकरण किया जाएगा। रिक्त पदों पर भर्ती कर कृषि तंत्र को करेंगे मजबूत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विभागीय अमले की तेज भर्ती के लिए भी हमारी सरकार प्रयासरत है। कृषि विभाग और राज्य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड में सभी श्रेणी के रिक्त पदों की जल्द से जल्द पूर्ति कर प्रदेश में कृषि तंत्र को और भी मजबूत बनाया जाएगा। सरकार माइक्रो इरिगेशन सिस्टम का दायरा बढ़ाने की ओर भी अग्रसर है। किसानों को होने वाली फसल नुकसानी का अब आधुनिक तकनीक से सर्वे कराया जाएगा। इससे किसानों को मुआवजे की राशि जल्द से जल्द मिल सकेगी। किसानों की बेहतरी और खुशहाली के लिए हर सभी कदम उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए जीरो प्रतिशत ब्याज दर से ऋण प्रदाय योजना आगे भी जारी रहेगी। किसानों को मिलेगा उनकी उपज और परिश्रम का बेहतर मूल्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि कृषक कल्याण वर्ष के दौरान कृषि आधारित उद्योगों के विकास के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए जाएंगे, ताकि किसानों को उनकी उपज एवं परिश्रम का बेहतर मूल्य मिल सके और गांवों में ही रोजगार के नए अवसर पैदा हों। इसके साथ ही प्रदेशभर में कृषि उत्सव और किसान मेलों का आयोजन कर किसानों को आधुनिक खेती के गुर सिखाए जाएंगे। प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने के साथ खेती-किसानी में नवाचारों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खेतों में पसीना बहाने वाले किसान राष्ट्रसेवा का सर्वोच्च उदाहरण हैं। ऐसे में किसानों की सेवा, संबल और समृद्धि में सहयोग करना सरकार का कर्तव्य और धर्म है। उन्होंने प्रदेश के सभी किसानों से आह्वान करते हुए कहा कि वे नई तकनीकों को अपनाएं, बदलते समय के साथ कदम मिलाकर चलें और खेती को आधुनिक बनाएं। किसान कल्याण वर्ष का भव्य शुभारंभ कर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी अन्नदाताओं को भरोसा दिलाया कि किसानों की सुख-समृद्धि में ही सरकार का सुख है। हर कदम पर, हर जरूरत के वक्त सरकार किसानों के साथ खड़ी है। अन्नदाता मध्यप्रदेश के माथे का तिलक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अन्नदाता मध्यप्रदेश के माथे का तिलक हैं, जिसका तिलक खेत की मिट्टी है, वही मध्यप्रदेश का किसान है। उन्होंने कहा कि किसानों का पसीना प्रदेश की पहचान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष के शुभारम्भ के साथ हमआत्मनिर्भर और समृद्ध किसान, उन्नत कृषि और मूल्य श्रंखला आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था … Read more

पीएम जनमन योजना की निरंतरता के लिए 795 करोड़ 45 लाख रुपये की स्वीकृति

ग्रामीण सड़कों का नवीनीकरण एवं उन्नयन के लिए 10 हजार 196 करोड़ 42 लाख रुपये की स्वीकृति सिंचाई परियोजनाओं को नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड के माध्यम से वित्त पोषित करने की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ.यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा बुरहानपुर जिले की खकनार तहसील की झिरमिटी मध्यम सिंचाई परियोजना लागत 922 करोड़ 91 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गयी है। परियोजना से खकनार तहसील के 42 ग्रामों की 17 हजार 700 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई उपलब्ध होगी, जिससे 11 हजार 800 कृषक परिवार लाभांवित होंगे। मंत्रि-परिषद द्वारा बुरहानपुर जिले की नेपानगर तहसील की नावथा वृहद सिंचाई परियोजना लागत 1,676 करोड़ 6 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इस परियोजना से खकनार तहसील के 90 ग्रामों की 34 हजार 100 हैक्टेयर भूमि में सिंचाई उपलब्ध होगी और 22 हजार 600 कृषक परिवारों को लाभ मिलना अनुमानित है। पीएम जनमन योजना की निरंतरता की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम जनमन) योजना की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2028 तक निरंतरता की स्वीकृति प्रदान की गई। योजना में अनुमानित व्यय 795 करोड़ 45 लाख रुपये होगा। इसके तहत 1,039 किमी सड़क का निर्माण एवं 112 पुल निर्माण किया जायेगा। यह योजना 22 जिलों में निवासकरने वाली 3 विशेष जनजाति बैगा, भारिया एवं सहरिया के लिए लागू है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की निरंतरता की स्वीकृति मंत्रि- परिषद ‌द्वारा मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतरता की स्वीकृति प्रदान की गई। योजनांतर्गत अनुमानित व्यय 17,196 करोड़ 21 लाख रुपये होगा। इसके तहत 20 हजार किमी सड़क और 1200 पुल का निर्माण किया जायेगा। ग्रामीण सड़कों का नवीनीकरण एवं उन्नयन की स्वीकृति मंत्रि- परिषद द्वारा मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना अंतर्गत निर्मित सड़कों का नवीनीकरण एवं उन्नयन के लिए 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता की स्वीकृति प्रदान की गई। योजनांतर्गत अनुमानित व्यय 10 हजार 196 करोड़ 42 लाख रुपये है। योजना में 88 हजार 517 किमी मार्गों का नवीनीकरण एवं उन्नयन किया जाएगा। सिंचाई परियोजनाओं को नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड के माध्यम से वित्त पोषित करने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ‌द्वारा नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के अंतर्गत सिंचाई परियोजनाओं को त्वरित क्रियान्वयन के लिए नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड के माध्यम से वित्त पोषित करने की स्वीकृति प्रदान की गयी। स्वीकृति अनुसार नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा आरंभ की गई वे परियोजनाएँ जिनका निर्माण कार्य नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड द्वारा वित्तीय व्यवस्था कर पूर्ण कराया जा रहा हैं। उसका सम्पूर्ण स्वामित्व नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड का होगा। इन परियोजनाओं में राज्य शासन द्वारा बजट प्रावधान के माध्यम से व्यय की गई राशि के समतुल्य अंश पूजी कंपनी द्वारा राज्य शासन को जारी किए जाएंगे। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर प्राप्त राजस्व, कंपनी की आय के रूप में ग्रहण किया जाएगा। कंपनी द्वारा वर्तमान में 2 परियोजनाएं वित्त पोषित की जा रही है, जिसमें नर्मदा क्षिप्रा बहुउद्‌देशीय परियोजना लागत 2,489 करोड़ 65 लाख रुपये और बदनावर माइक्रो लिफ्ट इरिगेशन परियोजना लागत 1,520 करोड़ 92 लाख रूपये शामिल है। बैठक में मंत्रि-परिषद के सदस्यों और उनके भारसाधक सचिवों को ई-कैबिनेट के लिए टैबलेट प्रदान किये गये एवं प्रशिक्षण दिया गया।  

स्टार्टअप्स, इनोवेटर्स एवं उद्योग प्रतिनिधियों से करेंगे संवाद

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज जयपुर प्रदर्शनी एवं सम्मेलन केंद्र (जेईसीसी) में आयोजित राजस्थान डिजीफेस्ट-टीआईई ग्लोबल समिट-2026 में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे, जो उभरते और उच्च विकास वाले क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करते हुए राज्य के प्रौद्योगिकी एवं निवेश संबंधी दृष्टिकोण को प्रस्तुत करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश प्राथमिकता प्राप्त प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में अवसरों की विस्तृत रूपरेखा वैश्विक निवेशकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ साझा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इनोवेशन एक्सपो का भ्रमण करेंगे और मध्यप्रदेश पवेलियन का दौरा कर स्टार्टअप्स, इनोवेटर्स एवं उद्योग प्रतिनिधियों से संवाद भी करेंगे। इसके अलावा मुख्यमंत्री डॉ. यादव सीईओ, निवेशकों और वैश्विक उद्योग प्रतिनिधियों के साथ व्यक्तिगत बैठक कर मध्यप्रदेश में रणनीतिक निवेश के अवसरों एवं दीर्घकालिक सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा करेंगे। टीआईई ग्लोबल समिट-2026 में मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग सिल्वर स्टेट पार्टनर के रूप में सशक्त भागीदारी कर रहा है। यह भागीदारी गत 27 नवंबर 2025 को आयोजित एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 के दौरान द इंडस एंटरप्रेन्योर्स (टीआईई) राजस्थान के साथ हस्ताक्षरित समझौते के अनुरूप है। समिट में मध्यप्रदेश अपनी नवस्थापित एवं प्रगतिशील नीतिगत व्यवस्था का प्रभावी प्रदर्शन करेगा। ये नीतियां राज्य को अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकी, डिजिटल नवाचार और  उच्च-मूल्य वाले रोजगार सृजन के लिए पसंदीदा गंतव्य बनाने और भारत के टियर-2 शहरों के प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप हैं।