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मुख्यमंत्री ने ई-विकास, वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान प्रणाली ऐप का किया शुभारंभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के किसानों के लिए वर्ष 2026 नई उम्मीदों और नए अवसरों का वर्ष होगा। किसान हमारे अन्नदाता हैं, जो अपने परिश्रम से देश और समाज का उदर-पोषण करते हैं। किसानों को आत्मनिर्भर बनाकर उनकी समृद्धि सुनिश्चित करना ही सरकार का एकमात्र ध्येय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को भोपाल के जंबूरी मैदान में आयोजित विशाल किसान सम्मेलन में वर्ष 2026 को “कृषक कल्याण वर्ष” के रूप में मनाने की अधिकृत घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी। आधुनिक तकनीक, उन्नत बीज, सिंचाई, भंडारण और बाजार तक बेहतर पहुंच के माध्यम से खेती को लाभ का व्यवसाय बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कृषि केवल आजीविका का एक साधन ही नहीं, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। कृषि क्षेत्र के सशक्तिकरण में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान सम्मेलन के दौरान ई-विकास, वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति सामधान प्रणाली (विकास पोर्टल) का शुभारंभ किया। कृषक कल्याण वर्ष 2026 में किसानों की आमदनी बढ़ाने सहित इनकी बेहतरी और खुशहाली के लिए किए जाने वाले प्रयासों के संबंध में एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। किसान सम्मेलन में सरकार की विभिन्न योजनाओं, नवाचारों और भावी कार्ययोजना की जानकारी भी किसानों को दी गई। पूरा साल किसानों के कल्याण के लिए समर्पित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने पूरा साल किसानों के कल्याण के लिए समर्पित किया है। हमारी सरकार खेतों से निकलने वाली पराली से भी किसानों आय बढ़ाने का प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर्ष व्यक्त्करते हुए कहा कि हमारा मध्यप्रदेश देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जहां बीते सालों के प्रयासों से खेती का रकबा ढाई लाख हेक्टेयर तक बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) नदी लिंक एवं केन-बेतवा नदी लिंक राष्ट्रीय परियोजना सहित ताप्ती ग्राउंड वाटर रिचार्ज मेगा परियोजना से प्रदेश के 25 जिलों में 16 लाख हेक्टेयर से अधिक अतिरिक्त कृषि रकबा सिंचित हो जाएगा। किसानों के हित में हमने जा कहा, वह करके दिखाया मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों के हित में हमने जो कहा, वह करके दिखाया है। प्रदेश में श्रीअन्न उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए डिण्डोरी जिले में मध्यप्रदेश राज्य श्रीअन्न अनुसंधान केंद्र की स्थापना की जाएगी। इससे श्रीअन्न का उत्पादन और पोषण सुरक्षा को नई ऊंचाई मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्वालियर में सरसों अनुसंधान और उज्जैन में चना अनुसंधान केंद्र स्थापित किए जा रहा हैं। इन केंद्रों के जरिए इन फसलों की गुणवत्ता और पैदावार बढ़ाने पर विशेष बल दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम प्रदेश के 30 लाख से अधिक किसानों को अगले तीन साल में सोलर पावर पम्प देंगे। हर साल 10 लाख किसानों को सोलर पम्प देकर इन्हें अन्नदाता से आत्मनिर्भर ऊर्जादाता बनाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई क्षेत्र का रकबा निरंतर बढ़ रहा है। अभी 65 लाख हेक्टेयर है, इसे बढ़ाकर वर्ष 2028-29 तक 100 लाख हेक्टेयर तक लेकर जाएंगे। किसानों को लौटाएंगे उनका वैभव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान कल्याण वर्ष में सरकार प्रदेश के किसानों के समग्र कल्याण के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी। सालभर विभिन्न गतिविधियों के आयोजन के जरिए सरकार के 16 से अधिक विभाग/मंत्रालय आपसी समन्वय से किसानों को उनका वैभव लौटाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सोयाबीन के बाद अब सरसों की फसल को भी हम भावांतर योजना के दायरे में लेकर आएंगे। उन्होंने कहा कि कृषि आधारित उद्योगों के विकास में किसानों की भागीदारी बढ़ाई जाएगी। ऐसे उद्योग लगाने वालों को सरकार सब्सिडी देगी। प्रदेश में बीज परीक्षण कार्य से जुड़ी सभी प्रयोगशालाओं को और अधिक सशक्त कर सभी मंडियों का भी आधुनिकीकरण किया जाएगा। रिक्त पदों पर भर्ती कर कृषि तंत्र को करेंगे मजबूत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विभागीय अमले की तेज भर्ती के लिए भी हमारी सरकार प्रयासरत है। कृषि विभाग और राज्य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड में सभी श्रेणी के रिक्त पदों की जल्द से जल्द पूर्ति कर प्रदेश में कृषि तंत्र को और भी मजबूत बनाया जाएगा। सरकार माइक्रो इरिगेशन सिस्टम का दायरा बढ़ाने की ओर भी अग्रसर है। किसानों को होने वाली फसल नुकसानी का अब आधुनिक तकनीक से सर्वे कराया जाएगा। इससे किसानों को मुआवजे की राशि जल्द से जल्द मिल सकेगी। किसानों की बेहतरी और खुशहाली के लिए हर सभी कदम उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए जीरो प्रतिशत ब्याज दर से ऋण प्रदाय योजना आगे भी जारी रहेगी। किसानों को मिलेगा उनकी उपज और परिश्रम का बेहतर मूल्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि कृषक कल्याण वर्ष के दौरान कृषि आधारित उद्योगों के विकास के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए जाएंगे, ताकि किसानों को उनकी उपज एवं परिश्रम का बेहतर मूल्य मिल सके और गांवों में ही रोजगार के नए अवसर पैदा हों। इसके साथ ही प्रदेशभर में कृषि उत्सव और किसान मेलों का आयोजन कर किसानों को आधुनिक खेती के गुर सिखाए जाएंगे। प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने के साथ खेती-किसानी में नवाचारों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खेतों में पसीना बहाने वाले किसान राष्ट्रसेवा का सर्वोच्च उदाहरण हैं। ऐसे में किसानों की सेवा, संबल और समृद्धि में सहयोग करना सरकार का कर्तव्य और धर्म है। उन्होंने प्रदेश के सभी किसानों से आह्वान करते हुए कहा कि वे नई तकनीकों को अपनाएं, बदलते समय के साथ कदम मिलाकर चलें और खेती को आधुनिक बनाएं। किसान कल्याण वर्ष का भव्य शुभारंभ कर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी अन्नदाताओं को भरोसा दिलाया कि किसानों की सुख-समृद्धि में ही सरकार का सुख है। हर कदम पर, हर जरूरत के वक्त सरकार किसानों के साथ खड़ी है। अन्नदाता मध्यप्रदेश के माथे का तिलक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अन्नदाता मध्यप्रदेश के माथे का तिलक हैं, जिसका तिलक खेत की मिट्टी है, वही मध्यप्रदेश का किसान है। उन्होंने कहा कि किसानों का पसीना प्रदेश की पहचान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष के शुभारम्भ के साथ हमआत्मनिर्भर और समृद्ध किसान, उन्नत कृषि और मूल्य श्रंखला आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था … Read more

पीएम जनमन योजना की निरंतरता के लिए 795 करोड़ 45 लाख रुपये की स्वीकृति

ग्रामीण सड़कों का नवीनीकरण एवं उन्नयन के लिए 10 हजार 196 करोड़ 42 लाख रुपये की स्वीकृति सिंचाई परियोजनाओं को नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड के माध्यम से वित्त पोषित करने की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ.यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा बुरहानपुर जिले की खकनार तहसील की झिरमिटी मध्यम सिंचाई परियोजना लागत 922 करोड़ 91 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गयी है। परियोजना से खकनार तहसील के 42 ग्रामों की 17 हजार 700 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई उपलब्ध होगी, जिससे 11 हजार 800 कृषक परिवार लाभांवित होंगे। मंत्रि-परिषद द्वारा बुरहानपुर जिले की नेपानगर तहसील की नावथा वृहद सिंचाई परियोजना लागत 1,676 करोड़ 6 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इस परियोजना से खकनार तहसील के 90 ग्रामों की 34 हजार 100 हैक्टेयर भूमि में सिंचाई उपलब्ध होगी और 22 हजार 600 कृषक परिवारों को लाभ मिलना अनुमानित है। पीएम जनमन योजना की निरंतरता की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम जनमन) योजना की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2028 तक निरंतरता की स्वीकृति प्रदान की गई। योजना में अनुमानित व्यय 795 करोड़ 45 लाख रुपये होगा। इसके तहत 1,039 किमी सड़क का निर्माण एवं 112 पुल निर्माण किया जायेगा। यह योजना 22 जिलों में निवासकरने वाली 3 विशेष जनजाति बैगा, भारिया एवं सहरिया के लिए लागू है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की निरंतरता की स्वीकृति मंत्रि- परिषद ‌द्वारा मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतरता की स्वीकृति प्रदान की गई। योजनांतर्गत अनुमानित व्यय 17,196 करोड़ 21 लाख रुपये होगा। इसके तहत 20 हजार किमी सड़क और 1200 पुल का निर्माण किया जायेगा। ग्रामीण सड़कों का नवीनीकरण एवं उन्नयन की स्वीकृति मंत्रि- परिषद द्वारा मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना अंतर्गत निर्मित सड़कों का नवीनीकरण एवं उन्नयन के लिए 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता की स्वीकृति प्रदान की गई। योजनांतर्गत अनुमानित व्यय 10 हजार 196 करोड़ 42 लाख रुपये है। योजना में 88 हजार 517 किमी मार्गों का नवीनीकरण एवं उन्नयन किया जाएगा। सिंचाई परियोजनाओं को नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड के माध्यम से वित्त पोषित करने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ‌द्वारा नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के अंतर्गत सिंचाई परियोजनाओं को त्वरित क्रियान्वयन के लिए नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड के माध्यम से वित्त पोषित करने की स्वीकृति प्रदान की गयी। स्वीकृति अनुसार नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा आरंभ की गई वे परियोजनाएँ जिनका निर्माण कार्य नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड द्वारा वित्तीय व्यवस्था कर पूर्ण कराया जा रहा हैं। उसका सम्पूर्ण स्वामित्व नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड का होगा। इन परियोजनाओं में राज्य शासन द्वारा बजट प्रावधान के माध्यम से व्यय की गई राशि के समतुल्य अंश पूजी कंपनी द्वारा राज्य शासन को जारी किए जाएंगे। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर प्राप्त राजस्व, कंपनी की आय के रूप में ग्रहण किया जाएगा। कंपनी द्वारा वर्तमान में 2 परियोजनाएं वित्त पोषित की जा रही है, जिसमें नर्मदा क्षिप्रा बहुउद्‌देशीय परियोजना लागत 2,489 करोड़ 65 लाख रुपये और बदनावर माइक्रो लिफ्ट इरिगेशन परियोजना लागत 1,520 करोड़ 92 लाख रूपये शामिल है। बैठक में मंत्रि-परिषद के सदस्यों और उनके भारसाधक सचिवों को ई-कैबिनेट के लिए टैबलेट प्रदान किये गये एवं प्रशिक्षण दिया गया।  

स्टार्टअप्स, इनोवेटर्स एवं उद्योग प्रतिनिधियों से करेंगे संवाद

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज जयपुर प्रदर्शनी एवं सम्मेलन केंद्र (जेईसीसी) में आयोजित राजस्थान डिजीफेस्ट-टीआईई ग्लोबल समिट-2026 में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे, जो उभरते और उच्च विकास वाले क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करते हुए राज्य के प्रौद्योगिकी एवं निवेश संबंधी दृष्टिकोण को प्रस्तुत करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश प्राथमिकता प्राप्त प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में अवसरों की विस्तृत रूपरेखा वैश्विक निवेशकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ साझा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इनोवेशन एक्सपो का भ्रमण करेंगे और मध्यप्रदेश पवेलियन का दौरा कर स्टार्टअप्स, इनोवेटर्स एवं उद्योग प्रतिनिधियों से संवाद भी करेंगे। इसके अलावा मुख्यमंत्री डॉ. यादव सीईओ, निवेशकों और वैश्विक उद्योग प्रतिनिधियों के साथ व्यक्तिगत बैठक कर मध्यप्रदेश में रणनीतिक निवेश के अवसरों एवं दीर्घकालिक सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा करेंगे। टीआईई ग्लोबल समिट-2026 में मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग सिल्वर स्टेट पार्टनर के रूप में सशक्त भागीदारी कर रहा है। यह भागीदारी गत 27 नवंबर 2025 को आयोजित एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 के दौरान द इंडस एंटरप्रेन्योर्स (टीआईई) राजस्थान के साथ हस्ताक्षरित समझौते के अनुरूप है। समिट में मध्यप्रदेश अपनी नवस्थापित एवं प्रगतिशील नीतिगत व्यवस्था का प्रभावी प्रदर्शन करेगा। ये नीतियां राज्य को अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकी, डिजिटल नवाचार और  उच्च-मूल्य वाले रोजगार सृजन के लिए पसंदीदा गंतव्य बनाने और भारत के टियर-2 शहरों के प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप हैं।

CM मोहन का सामूहिक विवाह पर बयान: 251 नवदंपतियों को आशीर्वाद देते हुए कहा- पारिवारिक बोझ घटता है

इंदौर  इंदौर के सांवेर क्षेत्र स्थित क्षिप्रा की बूढ़ी बरलाई में आयोजित 251 जोड़ों के सामूहिक विवाह सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी 251 नवदंपतियों को आशीर्वाद प्रदान किया और उनके सुखद, समृद्ध वैवाहिक जीवन की कामना की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सामूहिक विवाह जैसे आयोजन समाज को एकजुट करने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से परिवारों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम होता है और सभी वर्गों को समान अवसर मिलता है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में अपने पुत्र के सामूहिक विवाह समारोह का भी उल्लेख किया और बताया कि उन्होंने स्वयं इस परंपरा को अपनाकर समाज को सकारात्मक संदेश देने का प्रयास किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सामूहिक विवाह समारोह न केवल सादगी और संस्कारों को बढ़ावा देते हैं, बल्कि सामाजिक कुरीतियों को दूर करने में भी सहायक होते हैं। उन्होंने आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज के लिए प्रेरणादायी हैं और भविष्य में भी इन्हें प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। इस अनूठे आयोजन में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन और स्थानीय लोग मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान उल्लास और उत्सव का माहौल बना रहा, जहां नवविवाहित जोड़ों को समाज और सरकार दोनों का सहयोग व आशीर्वाद मिला। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने साहिबजादों की शहादत को किया नमन

सिख वीरों के बलिदान की गाथाओं को शामिल किया जायेगा शैक्षणिक पाठ्यक्रम में भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रथम गुरु गुरुनानक देव से लेकर 10वें गुरु तक सिख धर्म के सभी गुरु महाराज और उनके परिवारों ने देश की रक्षा के लिए कुर्बानियां दीं। भारतीय इतिहास में सिख वीरों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वीर बाल दिवस, 10वें सिख गुरु, गुरु गोविंद सिंह के छोटे बेटों की असाधारण वीरता और शहादत की याद दिलाता है। साहिबजादा फतेह सिंह और जोरावर सिंह की शहादत पर हर वर्ष वीर बाल दिवस मनाने की शुरुआत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने की। बहुत छोटी उम्र में साहिबजादों ने अन्याय के सामने झुकने से इनकार कर दिया और धर्म व सच्चाई की रक्षा के लिए महान साहस दिखाया। उनका जीवन हमें सिखाता है कि सच्चाई, हिम्मत और आत्मसम्मान सबसे बड़ी ताकत हैं। आज का दिन भारतीय युवाओं को वीरता, ईमानदारी और दृढ़ता के मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित करता है। सच्चाई और धर्म की रक्षा के लिए वीर साहिबजादों के बलिदान को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता है। राज्य सरकार गुरु गोविंद सिंह और सिख वीरों के बलिदान की गाथाओं को शैक्षणिक पाठ्यक्रम में शामिल करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरु गोविंद सिंह के साहिबजादों की शहादत को समर्पित वीर बाल दिवस पर गुरुद्वारा हमीदिया रोड पहुंच कर माथा टेका तथा संगत को संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुद्वारे में मौजूद बच्चों के साथ बैठकर कीर्तन का श्रवण किया और बच्चों को दुलार भी किया। गुरुद्वारा हमीदिया रोड के आयोजन में संपूर्ण व्यवस्थाओं का संचालन बच्चों ने किया। गुरुद्वारे में बच्चों द्वारा कीर्तन दरबार का संचालन किया गया और चित्र प्रदर्शनी भी लगाई गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल में गुरु नानक देव के प्रकाश पर्व के आयोजन के लिए राज्य सरकार द्वारा सहयोग प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रथम गुरु नानक देव जी की उज्जैन यात्रा और उज्जैन स्थित गुरुद्वारा इमली साहब का उल्लेख करते हुए कहा कि सिख गुरुओं ने सदैव मानवता का मार्ग दिखाया है, उनके आदर्श हमारे लिए प्रेरणा के केंद्र रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने "वीर बालक दिवस" पर पार्टी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचकर दशम गुरु साहिब श्री गुरु गोविंदसिंह के साहिबजादों के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। संत सिपाहियों द्वारा अखाड़ा गत्तका प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेशाध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि देश की आजादी में सिख वीरों ने कुर्बानियां दी हैं। वीर बाल दिवस के माध्यम से युवा पीढ़ी को धर्म और देश की रक्षा के लिए प्रेरणा मिलती है। भारत वीर साहिबजादों के बलिदान को सदैव याद रखेगा। अरेरा कॉलोनी गुरुद्वारा कमेटी के अध्यक्ष श्री पजिंदर सिंह ने ऐतिहासिक रूप से धर्म संस्कृति की रक्षा में सिख वीरों द्वारा दिए गए योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि सिख धर्म गुरुओं ने मुगलों का मुकाबला करने के लिए सिख वीरों की फौज बनाई। गुरु गोबिंद सिंह ने खालसा पंथ की शुरुआत की। नामधारी सिखों ने गौमाता की रक्षा के लिए अंग्रेजों से संघर्ष किया। आजाद हिंद फौज की स्थापना में भी खालसा पंथ ने अहम भूमिका निभाई थी। इस अवसर पर सांसद भोपाल श्री आलोक शर्मा, प्रदेशाध्यक्ष तथा वरिष्ठ विधायक श्री हेमंत खंडेलवाल, विधायक श्री भगवानदास सबनानी, जिलाध्यक्ष श्री रवीन्द्र यती, वरिष्ठ समाजसेवी सुश्री नेहा बग्गा सहित समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की कुटीर और ग्रामोद्योग विभाग की समीक्षा

प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा महत्वपूर्ण अतिथियों को भेंट के रूप में दिया जा रहा है प्रदेश का महेश्वरी स्टोल प्रदेश के हैण्डलूम और हस्तशिल्प उत्पादों की सोशल मीडिया पर उपस्थिति बढ़ाएं मां अहिल्यादेवी को समर्पित 52 डिजाइन की साड़ियों का संग्रह होगा विकसित – महेश्वर के किले पर उकरे गए डिजाइन बनेंगे आधार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हैण्डलूम और हस्तशिल्प से जुड़ी गतिविधियां महिलाओं की दक्षता और क्षमता का सदुपयोग करते हुए उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में सहायक हैं। इन गतिविधियों से स्व-सहायता समूहों औरलाड़ली बहनों को जोड़ते हुए मृगनयनी तथा कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग के अन्य ब्राण्ड के विक्रय केन्द्रों का विस्तार जिला स्तर तक किया जाए। इन ब्राण्डों की फ्रेंचाइजी भी निजी उद्यमियों और समूहों को प्रदान की जाए। लाड़ली बहनों को लूम तथा चरखे उपलब्ध कराकर उत्पादन आरंभ करने के लिए चयनित जिलों में पॉयलेट प्रोजेक्ट लिए जाएं। इस गतिविधि में निजी पहल को भी प्रोत्साहित किया जाए। प्रदेश के हैण्डलूम और हस्तशिल्प की सोशल मीडिया के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मार्केट में प्रस्तुति दर्ज कराई जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग की 2 वर्ष की उपलब्धियों तथा आगामी 3 वर्ष की कार्य योजना के संबंध में शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास में आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल, अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव श्री के.सी. गुप्ता सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बैठक से पहले 'एक जिला-एक उत्पाद' (ओडीओपी) के उत्पाद भेंट किए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हस्तशिल्प और हैण्डलूम से जुड़े विभाग के ब्राण्ड- मृगनयनी, विंध्या वैली, कबीरा और प्राकृत के उत्पाद मध्यप्रदेश पर्यटन की इकाइयों और प्रदेश के प्रमुख धार्मिक केन्द्रों तथा लोकों में विक्रय के लिए आकर्षक रूप से प्रदर्शित किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने साड़ी पहनने की गौरवशाली परम्परा को प्रोत्साहित करने के लिए इंदौर में हुए साड़ी वॉकथान जैसे आयोजन प्रदेश के अन्य शहरों में करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रेशम उत्पादन गतिविधियों का प्रदेश के अन्य जिलों में विस्तार करने तथा इस गतिविधि में निजी भागीदारी को प्रोत्साहित करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न प्रकार के उत्पादों के जीआई टैग प्राप्त की जानकारी का संकलन एकीकृत रूप से किया जाए। बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री कार्यालय में अतिथियों को भेंट करने के लिए प्रदेश के हेरिटेज महेश्वरी स्टोल का चयन किया गया है। विभाग द्वारा यह स्टोल विशेष रूप से गोंड पेंटिंग और बेलमेटल से सुसज्जित लकड़ी के बॉक्स में प्रदाय किए जा रहे हैं। इन स्टोल की मांग विदेशी दूतावासों से भी प्राप्त हुई है। बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशानुसार माँ अहिल्यादेवी की 300वीं जयंती के उपलक्ष में महेश्वर के किले पर उकरे गए डिजाइन के अनुसार मां अहिल्यादेवी को समर्पित 52 डिजाइन की साड़ियां तैयार कराई जा रही हैं। रेशम समृद्धि योजना का विस्तार प्रदेश के सभी जिलों में किया जा रहा है। बैठक में बताया गया कि इंदौर में 7 मार्च को आयोजित साड़ी वॉकथान में 27 हजार महिलाओं द्वारा भागीदारी की गई। कुनो चीता अभ्यारण्य में विक्रय के लिए प्रदेश की 35 से अधिक क्रॉफ्ट पर चीता थीम पर नए गिफ्ट आयटम बनाए जा रहे हैं। बैठक में विगत दो वर्ष की उपलब्धियों के संबंध में बताया गया कि –     प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में 2568 ग्रामोद्योग इकाइयों को स्वीकृति प्रदान की गई। कुल 63 करोड़ रूपए अनुदान राशि वितरित की गई तथा बैंकों से 252 करोड़ रूपए का ऋण स्वीकृत कराया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत 6300 नवीन रोजगार सृजित हुए।     कौशल उन्नयन विकास कार्यक्रम में 1710 लोगों को प्रशिक्षण तथा 1197 का प्लेसमेंट कराया गया।     विभाग द्वारा 10 करोड़ रूपए की सामग्री का उत्पादन किया गया तथा एम्पोरियम से 23 करोड़ रूपए की सामग्री का विक्रय हुआ।     भोपाल में जवाहर चौक और भोपाल हाट में नवीन एम्पोरियम आरंभ किए गए।     जिला स्तर पर 49 और राज्य स्तर पर 30 प्रदर्शनियों के साथ ही नई दिल्ली, मुम्बई, रांची, कलकत्ता और छत्तीसगढ़ में प्रदर्शनियां लगाई गईं।     डिजिटल मीडिया के माध्यम से आउटरिच का लगातार विस्तार किया जा रहा है। आगामी तीन वर्ष की कार्ययोजना     ग्वालियर तेलघानी केन्द्र का उन्नयन कर, वहां उत्पादन बढ़ाना।     उज्जैन, देवास, सागर, महेश्वर और बुरहानपुर में स्फूर्ति योजना में खादी वस्त्र उत्पादन, प्रोसेस कार्य, चर्म सामग्री निर्माण का विस्तार करना।     भोपाल में बुटिक एवं ब्लॉक प्रिंट, जरी-जरदोजी, सिलाई और माटीकला पर केन्द्रित सामान्य सुविधा केन्द्र की स्थापना।     बुनकरों के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफार्म उपलब्ध कराना।     एक हजार बुनकरों को डिजाईन विकास, मार्केट लिंकेज आदि में सहायता।     1700 बुनकरों को प्रशिक्षण तथा 800 बुनकरों को उन्नत उपकरण उपलब्ध कराना।     प्रदेश के भीतर और बाहर प्रमुख महानगरों में 270 मेलों/प्रदर्शनियों का आयोजन कर बुनकरों और शिल्पियों को मार्केट उपलब्ध कराना।     खादी वस्त्र उत्पादन क्षमता को दुगना करना।     देवास के ग्राम बालगढ़ में 15 करोड़ की लागत से पोनी प्लांट की स्थापना।     जबलपुर में खादी ग्रामोद्योग एम्पोरियम का नवीनीकरण।  

सीएम की घोषणा: होम गार्ड जवानों को मिलेगा स्थायी आवास, स्थापना दिवस पर परेड की सलामी ली

भोपाल  मध्य प्रदेश में होम गार्ड्स और नागरिक सुरक्षा संगठन का 79वां स्थापना दिवस इस बार राज्य स्तरीय आयोजन के रूप में मनाया गया। भोपाल स्थित होम गार्ड मुख्यालय में हुए समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। यहां उन्होंने परेड का निरीक्षण किया, सलामी ली और बल की भूमिका को राज्य के लिए अनमोल बताया। पूरी टुकड़ी का किया निरक्षण मुख्यमंत्री परेड निरीक्षण वाहन से ग्राउंड पर पहुंचे और पूरी टुकड़ी का निरीक्षण किया। इसके बाद होम गार्ड्स की टीम ने उन्हें सलामी देकर सम्मान प्रकट किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि होम गार्ड ऐसा अनुशासित समूह है जो हर चुनौती और हर स्थिति में सबसे आगे खड़ा मिलता है। उन्होंने जवानों के साहस को राज्य की ताकत बताते हुए कहा कि यह बल हमेशा अपने कर्तव्यों को निष्ठा और समर्पण के साथ निभाता है। मुख्यमंत्री ने होम गार्ड परेड निरीक्षण वाहन से परेड का निरीक्षण किया, जिसके बाद होम गार्ड परेड टीम ने उन्हें सलामी दी। मुख्यमंत्री ने जवानों के साहस और अनुशासन की सराहना की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाेम गार्डस के लिए स्थायी आवास देने की घोषणा की। इसके अलावा, अदम्य साहसिक कार्य सम्मान पुरस्कार देने की बात भी कही। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि होम गार्ड एक ऐसा अनुशासित समूह है जो हर परिस्थिति में अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करता है। उन्होंने कहा कि “हर प्रस्तुति में, हर चुनौती में, सबसे आगे खड़े रहने वाला यह होम गार्ड का समूह है”। होमगार्ड के लिए की कई अहम घोषणाएं  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने होमगार्ड के जवानों के लिए कई अहम घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ 2028 के लिए 5 हजार होमगार्ड जवानों की भर्ती की जाएगी। बेगा, सहरिया और भारिया समुदायों की बटालियन बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने 10 टीमों को अदम्य साहस पुरस्कार देने की घोषणा की। प्रत्येक टीम को 51-51 हजार रुपये की राशि दी जाएगी और यह पुरस्कार हर साल प्रदान किया जाएगा।  मुख्यमंत्री ने अनुकंपा अनुदान राशि बढ़ाने की घोषणा की ताकि होमगार्ड के परिवारों को अधिक सहायता मिल सके। हर देवालय में होमगार्ड सुरक्षा प्रदान करेंगे, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित माहौल मिल सके। होमगार्ड के जवानों के लिए स्थायी आवास बनाने की योजना की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने होमगार्ड के दो महीने के सेवा बाध्यकाल को समाप्त करने की भी घोषणा की। अदम्य साहस पुरस्कार और श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वालों का सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्थापना दिवस के अवसर पर अदम्य साहस सम्मान देने की घोषणा की और विभिन्न जिलों से आए उन अधिकारियों और जवानों को सम्मानित किया जिन्होंने पिछले वर्ष बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि हर साल इस पुरस्कार को नियमित रूप से दिया जाएगा ताकि उत्कृष्ट कार्य करने वाले जवानों का उत्साह बढ़े। रेस्क्यू टीमों को प्रोत्साहन राशि मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2014 में NDRF के गठन के बाद से रेस्क्यू बलों ने हमेशा उत्कृष्ट काम किया है। उन्होंने कहा कि इंदौर में NDRF और SDRF के जवानों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है जिसका बड़ा उपयोग आगामी सिंहस्थ (Simhastha) में होगा। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने 10 रेस्क्यू टीमों को 51 हजार रुपए पुरस्कार देने की घोषणा की। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले साल होम गार्ड जवानों ने 5 हजार से ज्यादा लोगों की जान बचाई, इसलिए उनकी भूमिका जलदूतों के समान मानी जाती है। स्थायी आवास निर्माण का सीधा आदेश समारोह की सबसे अहम घोषणा होम गार्ड जवानों के लिए स्थायी आवास निर्माण से जुड़ी रही। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर जवान को सुरक्षित और स्थायी घर उपलब्ध कराने की दिशा में तुरंत काम शुरू करेगी। उन्होंने दो महीने के सेवा बाध्यकाल की अनिवार्यता समाप्त करने की भी घोषणा की। नई भर्ती का ऐलान मुख्यमंत्री ने बताया कि उज्जैन सिंहस्थ के लिए 5 हजार नए होम गार्ड भर्ती किए जाएंगे। इसके साथ ही बेगा, सहरिया और भारिया समुदाय के लिए विशेष बटालियन बनाने की भी घोषणा की गई। उन्होंने अनुकंपा अनुदान राशि बढ़ाने और प्रदेश के हर देवालय में होम गार्ड जवानों के लिए प्रार्थना आयोजित करने की बात भी कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि होम गार्ड पुलिस से न कम है और न अलग। जहां जरूरत पड़ती है, वहां यह बल तुरंत मौजूद होकर जिम्मेदारी निभाता है। 10 रेस्क्यू टीमों को 51 हजार रुपए का पुरस्कार मुख्यमंत्री ने बताया कि 2014 में NDRF का गठन हुआ था और तब से इस बल ने उत्कृष्ट तरीके से अपना कर्तव्य निभाया है। उन्होंने जानकारी दी कि इंदौर में NDRF और SDRF के जवानों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसका उपयोग आगामी उज्जैन सिंहस्थ में किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 10 रेस्क्यू टीमों को 51 हजार रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा। आवास सुविधाओं की आवश्यकता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने होम गार्ड जवानों के लिए स्थायी आवास निर्माण के आदेश भी दिए। उन्होंने कहा कि सरकार सुनिश्चित करेगी कि हर होम गार्ड को सुरक्षित और स्थायी आवास उपलब्ध कराया जाए।

सीएम मोहन ने बनाया ऐसा माहौल कि उद्योगपतियों को हर चीज की गारंटी, MP में निवेश को लेकर उत्साह

भोपाल दुनिया के उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश रास आ रहा है। वे प्रदेश में करोड़ों रुपये का निवेश और हजारों लोगों को रोजगार देने के लिए तैयार हैं। इन निवेशकों को दूसरे राज्यों से भी उद्योग स्थापित करने के लिए निमंत्रण हैं, लेकिन वे व्यापार के लिए मध्यप्रदेश को ही चुन रहे हैं। दरअसल, उद्योगपतियों-इंवेस्टर को राज्य के मुखिया डॉ. मोहन यादव का व्यवहार बेहद पसंद आ रहा है। उनका व्यवहार देख बिजनेसमैन को अपने बिजनेस और सुरक्षा की गारंटी नजर आ रही है। इसलिए वे देश के दिल को प्राथमिकता दे रहे हैं। कुछ इंवेस्टर के उद्योगों का तो कुछ ही महीनों में भूमि-पूजन से लोकार्पण भी होने जा रहा है। इन सब बातों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का कहना है कि इससे राज्य के विकास की गति का पता चलता है। प्रदेश की नई उद्योग नीति पूरे देश में मॉडल बनकर उभरेगी।     गौरतलब है कि, देश-प्रदेश के उद्योगपति मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रशंसा करते नहीं थक रहे। इसी कड़ी में जैस्कन ग्रुप के चेयरमैन समीर गुप्ता ने भी बड़ी बात कही। एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि देश का विकास जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हो रहा है, ठीक उसी तरह मध्यप्रदेश का विकास मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हो रहा है। मक्सी में निवेश करने का केवल एक ही कारण है वह है मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का स्वभाव और स्नेह। गुप्ता ने कहा कि जिस तरह उन्होंने हमारा स्वागत किया, वह अद्भुत है।  8 हजार करोड़ का निवेश समीर गुप्ता ने कहा कि हमें अन्य राज्यों से भी निमंत्रण थे, लेकिन हमने निवेश के लिए मक्सी का ही चयन किया। हम तीन साल में यहां 8 हजार करोड़ का निवेश करने वाले हैं। मुझे यह घोषणा करने में प्रसन्नता हो रही है कि हमारे निवेश का पहला चरण 15 जुलाई 2026 में पूरा हो जाएगा। मैं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से निवेदन करूंगा कि वे उस वक्त भी समय निकालकर उसका उद्घाटन करने आएं।  तेजी से विकास कर रहा प्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि  समीर गुप्ता का वक्तव्य यह बता रहा है कि आज भूमि-पूजन हुआ और जुलाई में लोकार्पण हो जाएगा। सात महीने के अंदर जिस कारखाने का भूमि-पूजन होकर लोकार्पण हो जाए तो इससे राज्य के विकास की गति का पता चलता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व देश विकसित होने की ओर बढ़ रहा है। क्या है मध्यप्रदेश की उद्योग नीति  सरकार ने इसी साल औद्योगिक संवर्धन नीति-2025 को स्वीकृति दी। इसका उदेश्य प्रदेश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने और राज्य की वर्तमान जीडीपी को 2.9 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर वर्ष 2030 तक लगभग 6 लाख करोड़ रुपये करने में उद्योगों का योगदान बढ़ाना है। निवेशकों को एक समग्र औद्योगिक ईको सिस्टम प्रदान करने के लिए विश्व स्तरीय औद्योगिक अधोसंरचना का विकास करना, एनवायरनमेंटली सस्टेनेबल इंडस्ट्रियल ग्रोथ और संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देना, राज्य में रोजगार के अवसरों को बढ़ाना, विशेष रूप से रोजगार-गहन क्षेत्रों पर जोर देते हुए अगले पांच वर्षों में लगभग 20 लाख नए रोजगार के अवसर सृजित करना,निवेशक सुविधा में सुधार करना और राज्य में व्यापार करने की प्रक्रिया को सरल बनाना और प्रदेश की योजनाओं को उद्योगों की आवश्यकताओं के साथ संरेखित कर भविष्य के लिए प्रशिक्षित कार्यबल तैयार करना है।

महेंद्र नागर निष्कासित, CM मोहन का स्पष्ट संदेश: किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा

गुना   मध्य प्रदेश की भाजपा हाईकमान ने गुना किसान हत्या के आरोपी महेंद्र नागर को बीजेपी से निष्कासित कर दिया गया है। ग्राम गणेशपुरा के बूथ अध्यक्ष रहे महेंद्र नागर समेत 13 ज्ञात और एक अज्ञात आरोपी के विरुद्ध फतेहगढ़ थाने में हत्या का मामला दर्ज हुआ है। आरोप है कि 6 बीघा जमीन को लेकर हुए विवाद में आरोपियों ने पड़ोसी रामस्वरुप की हत्या कर दी। महेंद्र नागर का इलाके में दबदबा था। मामला सामने आने के बाद एसपी अंकित सोनी के निर्देश पर बनी पुलिस की टीमों ने एक आरोपी को हिरासत में ले लिया है। बाकी आरोपी भी पुलिस के रडार पर हैं, जिनकी भी जल्दी ही गिरफ्तारी होने की बात सूत्र बता रहे हैं। CM मोहन बोले- किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा मामले में सीएम मोहन ने संज्ञान लेते हुए पुलिस और प्रशासन को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जमीनी विवाद से शुरू हुआ था मामला यह पूरा विवाद गुना जिले के गणेशपुरा गांव का है, जहां नागर समाज के दो पक्षों में जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। यह विवाद हिंसक झड़प में बदल गया और 40 वर्षीय किसान रामस्वरूप नागर की थार गाड़ी से कुचलकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में 14 नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या, षड्यंत्र और अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

श्रद्धा और आस्था का सैलाब: चित्रकूट दीपावली मेले में पहले दिन लाखों की भीड़, CM मोहन आज करेंगे परिक्रमा

चित्रकूट दीपावली में आस्था और भक्ति से सराबोर चित्रकूट में पांच दिवसीय दीपावली मेले का शुभारंभ हो गया है। पहले ही दिन लगभग आठ लाख से अधिक श्रद्धालु मां मंदाकिनी के तटों पर उमड़े और श्रीकामदगिरि की परिक्रमा की। अनुमान है कि अगले पांच दिनों में 50 लाख से अधिक श्रद्धालु धर्मनगरी पहुंचकर राजाधिराज मत्यगजेंद्र का जलाभिषेक करेंगे और दीपदान भी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को चित्रकूट पहुंचेंगे और कामदगिरि परिक्रमा करेंगे। उनके आगमन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किए हैं। मंदाकिनी तट पर दीपों की जगमगाहट कई दशकों बाद चित्रकूट को इस तरह भव्य रूप में सजाया गया है। मंदाकिनी नदी के दोनों तटों को अत्याधुनिक लाइटिंग और विजुअल डिस्प्ले से सजाया गया है। पूरा क्षेत्र दीपमालाओं की आभा में नहाया नजर आ रहा है। श्रद्धालुओं के लिए परिक्रमा पथ पर साफ-सफाई, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था की विशेष सुविधाएं दी गई हैं। मेला क्षेत्र को 11 जोन में बांटा गया चित्रकूट मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए पूरे मेला क्षेत्र को 11 जोन में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन में कार्यपालिक मजिस्ट्रेट और सुरक्षा बल तैनात हैं। एएसपी (ग्रामीण) प्रेमलाल कुर्वे के अनुसार, मेले में 1500 से अधिक पुलिसकर्मी ड्यूटी पर लगाए गए हैं। कमांड सेंटर से निगरानी इस बार मेले की सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए पहली बार कमांड सेंटर बनाया गया है। कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस और एसपी हंसराज सिंह ने विकास प्राधिकरण स्थित इस सेंटर से सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भीड़ प्रबंधन की समीक्षा की। इस दौरान अपर कलेक्टर विकास सिंह भी मौजूद रहे, जिनकी उपस्थिति में कड़ी निगरानी के साथ मेले का संचालन किया जा रहा है।   'अभी आठ लाख ले अधिक भक्त आ चुके हैं' अपर कलेक्टर विकास सिंह ने बताया कि पहले दिन चित्रकूट में आठ लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं। उन्होंने परिक्रमा कर भगवान कामतानाथ के दर्शन किए और घाट पर स्नान भी किया। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु सभी आवश्यक इंतजाम किए हैं।    मेले में ऑटो-वाहनों का किराया तय, वसूली पर कार्रवाई चित्रकूट मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिला प्रशासन ने ऑटो और अन्य वाहनों के किराए तय किए हैं। एआरटीओ रामप्रकाश सिंह ने बताया कि रेलवे स्टेशन कर्वी से रामघाट तक किराया 20 रुपये, सीतापुर तक 15 रुपये, बेड़ी पुलिया तक 10 रुपये, हनुमान धारा मार्ग से रामघाट तक 30 रुपये और सती अनुसूइया-गुप्त गोदावरी होकर लौटने तक 90 रुपये निर्धारित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि स्टेशन से रामघाट तक ऑटो बुक कराने पर 200 रुपये किराया लगेगा। एआरटीओ ने चेतावनी दी है कि तय दर से अधिक किराया वसूलने वाले चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।