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भारतीय संस्कृति में एकल शोध नहीं, समग्र कल्याण आधारित है शोध की परंपरा

संस्थान द्वारा प्रकाशित 7 पुस्तकों का किया गया विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय शोधार्थी समागम (नेशनल रिसर्चर्स मीट) में की सहभागिता भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि शोध अकादमिक गतिविधि मात्र नहीं, यह समाज और राष्ट्र की दिशा बदलने वाली शक्ति है। कोई भी शोध इतना उच्च कोटि का होना चाहिए जो हम सबकी सोच को एक नई दृष्टि, नई दिशा भी दे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी शोधार्थियों से आह्वान किया कि वे देश के विकास के लिए अपनी जिज्ञासा और रुचि के अनुसंधान क्षेत्रों में निर्भीक होकर आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि जैसे आवश्यकता आविष्कार की जननी है, वैसे ही शोध विज्ञान और सभी वैज्ञानिक पद्धतियों का जनक है। मानवीय प्रज्ञा में जब वैज्ञानिक ज्ञान का समावेश हो जाता है, तब वह ‘प्रज्ञान’ का रूप ले लेती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को मप्र विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् के विज्ञान भवन में श्री दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान द्वारा आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय शोधार्थी समागम (नेशनल रिसर्चर्स मीट) 2026 को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विज्ञान के विकास में ही देश का समग्र विकास निहित है। मध्यप्रदेश को शोध और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शोध समाज के विकास का आधार है और इसे आधुनिक, परिष्कृत तथा परिमार्जित दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शोधार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे परंपरागत धारणाओं तक सीमित न रहें, बल्कि नवीन विचारों और वैज्ञानिक दृष्टि के साथ ऐसे शोध प्रस्तुत करें, जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शोध सिर्फ़ एक शैक्षणिक आवश्यकता नहीं, सामाजिक परिवर्तन और विकास का सशक्त माध्यम भी है। दुनिया के ज्ञान पर पश्चिम का प्रभाव पड़ा है। भारतीय संस्कृति भी इससे प्रभावित हुई। हमारी संस्कृति में एकल शोध की परंपरा कभी नहीं रही। शोध समाज आधारित होना चाहिए, जिसमें राष्ट्र के कल्याण की बात कही जाए। दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान राष्ट्रीय शोधार्थी समागम के माध्यम से देश के शोधार्थियों को नई दिशा प्रदान कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने "Mahakal: The master of time" वेबसाइट का शुभारंभ, महाकाल ब्रोशर सहित मैपकास्ट द्वारा आयोजित होने वाले "41वें मध्यप्रदेश युवा वैज्ञानिक सम्मेलन एवं विज्ञान उत्सव" के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान द्वारा अनुसंधान परक लेखन पर आधारित सात पुस्तकों का भी विमोचन भी किया। राष्ट्रीय शोधार्थी समागम में देशभर से आए शोधार्थियों, शिक्षाविदों और विशेषज्ञों की सहभागिता रही। आगामी 14 फरवरी तक चलने वाले इस समागम में शोध, विज्ञान और नवाचार के विविध आयामों पर विमर्श होगा। पूज्य आचार्य श्री मिथलेशनन्दिनीशरण महाराज ने कहा कि मध्यप्रदेश ने महाकाल की प्रतिष्ठा से विश्व को अवगत कराया है। हम दुनिया को सर्वस्व दे रहे हैं, क्योंकि हमारे पास महाकाल हैं। शोधार्थी एक प्रकार से बोधार्थी भी हैं, जो शोध हमें बोध तक न ले जाए, वो व्यर्थ है। मनुष्य का ज्ञान चिंतन आधारित है, न कि डाटा आधारित। डाटा का विश्लेषण करना तो मशीनों का काम है। हम पश्चिमी देशों से क्यों डरते हैं। पश्चिम की केवल आलोचना करने से कुछ नहीं होने वाला। हमें समग्र रूप से सभी दिशाओं में सोचते हुए शोध करना है। हमारे शोध को भारतीय संस्कृति और चरित्र मूलक होना चाहिए, प्रतिक्रिया पराणय न हो। कोई भी नया विचार नवाचार नहीं होता है। परंपराओं को अंगीकार करते हुए नया काम करना ही नवाचार है। वरिष्ठ लेखक एवं चिंतक श्री सुरेश सोनी ने बीज वक्तव्य में कहा कि भारत के भौगोलिक स्वरूप में वेद आधारित सांस्कृतिक परिदृश्य नजर आता है। भारत के पुनरोत्थान के लिए पं. दीनदयाल उपाध्याय ने कहा था कि इसमें विदेशी मूल्यों का प्रकटीकरण नहीं होना चाहिए। भारत में पिछले 150 से 200 सालों में यूरोप आधारित अकादमिक शिक्षा व्यवस्थाएं लागू की गईं। अब हमारे शोधार्थी कला, संस्कृति, न्याय, अर्थव्यवस्था जैसे अन्य विषयों पर भारतीय शिक्षा पद्धति आधारित शोध पर कार्य करें। इसमें भारतीय समग्रता को भी ध्यान में रखा जाए। अभी हमारी चिकित्सा पद्धति भौतिक है। आयुर्वेद शास्त्र में महर्षि चरक कहते हैं कि किसी पदार्थ के 5 स्तर- स्थूल, स्वरूप, सूक्ष्म, अवयव और अर्थत्व होते हैं। भारतीय दृष्टि के आधार पर हमें अध्ययन करना है और पूर्व की व्यवस्थाओं को वर्तमान मे कैसे नवाचारों के साथ उसे उपयोग करें। शोध करते समय इसी पर ध्यान देना है। भारतीय समाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद के अध्यक्ष और भगवान बिरसा मुंडा जनजातीय विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. मधुकर एस पड़वी ने कहा कि भारत के पुनरोत्थान के लिए हमारी सभ्यता और ज्ञान की पुन: प्रतिष्ठा करने की आवश्यकता है। हम अपने शोध कार्यों में किसी दूसरे देश की दृष्टि का अनुसरण न करें और स्वदेशी दृष्टि को अपनाएंगे। अनुसंधान व्यक्तिगत न होकर सहयोगात्मक होना चाहिए। उच्च शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान ने इस तीन दिवसीय राष्ट्रीय शोधार्थी समागम में देशभर के शोधार्थी शामिल हुए हैं। यह आयोजन राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में भारत केंद्रित परंपरा, संस्कृति और विरासत के शोध को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत @2047 का संकल्प लिया गया है। भारत केंद्रित शोध और शिक्षा के माध्यम से हम पुन: विश्व गुरू बनेंगे।  

अपनी ही सरकार को घेरना पड़ा भारी! प्रतिमा बागरी को CM यादव ने दिलाई मंत्री पद की याद

भोपाल भाई के गांजा रखने के मामले में पकड़े जाने से चर्चा में आईं मध्य प्रदेश की नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने अपनी ही सरकार के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए। अपने क्षेत्र में खराब सड़क निर्माण की पोल सार्वजनिक रूप से खोल कर भले ही वह जनहित का हवाला दे रही हों लेकिन जो दिख रहा है, मामला वैसा नहीं है। ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई प्रतिमा बागरी की इस सक्रियता की वजह घटिया सड़क निर्माण नहीं बल्कि जिले में पदस्थ पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों से नाराजगी है। यह एक तरह से दबाव बनाने की राजनीति रही। दरअसल, प्रतिमा बागरी कुछ इंजीनियरों को सतना जिले से हटवाना चाहती हैं, उनकी मांग नहीं सुनी गई इसलिए उन्होंने इस घटिया सड़क का मुद्दा सार्वजनिक कर दिया जबकि इस मामले में सड़क निर्माण गुणवत्ताहीन पाए जाने पर ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई पहले ही आरंभ की जा चुकी है।   सरकार को कठघरे में खड़ा करना मुख्यमंत्री ने उन्हें बुलाकर चेतावनी भी दी, तब प्रतिमा ने यह तक कहा कि मेरे कहने के बाद भी वहां के कार्यपालन अधिकारी को हटाया नहीं जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सरकार में हो, यह भूलना नहीं चाहिए। यह पहला मामला नहीं है। विधायक और मंत्री जनहित के नाम पर उनकी न सुने जाने पर इस तरह सरकार को कठघरे में खड़ा करते रहते हैं। पहले भी भिंड से विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह सार्वजनिक रूप से कलेक्टर से भिड़ चुके हैं। पार्टी की ओर से कड़ी कार्रवाई की मांग ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जहां नेता भले पार्टी को सर्वोपरि बताएं लेकिन खुद की अहमियत साबित करने के लिए वे व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर देते हैं। पार्टी कड़ी कार्रवाई नहीं करती इसलिए दोहराव भी होता रहता है। बता दें, कुछ दिन पहले प्रतिमा बागरी ने मझगवां के पोड़ी-मनकहरी मार्ग का निरीक्षण किया था। उन्होंने पैर से ही गिट्टी-डामर हटाकर निर्माण कार्य को गुणवत्ताहीन बता दिया। 'आप मंत्री हैं और ऐसा आचरण ठीक नहीं…' – सीएम मोहन यादव इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिससे विपक्ष को सरकार पर हमला करने का अवसर मिल गया। सोमवार को कैबिनेट की बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रतिमा बागरी को अपने कक्ष में बुला लिया। इसके पहले वे इस सड़क से संबंधित पूरी जानकारी ले चुके थे। मुख्यमंत्री ने बताया कि आपने जिस सड़क की बात उठाई, उस पर तो विभाग पहले ही कार्रवाई कर चुका है। आप मंत्री हैं और ऐसा आचरण ठीक नहीं है। पहले भी कई विधायकों के साथ जुड़ा विवाद इसी साल अप्रैल माह में इंदौर-3 के भाजपा विधायक गोलू शुक्ला के पुत्र रुद्राक्ष शुक्ला ने साथियों के साथ देवास की माता टेकरी पर हंगामा किया था। आधी रात को मंदिर के पट खुलवाने का पुजारी पर दबाव बनाया। कुछ माह पहले हाटपीपल्या से भाजपा विधायक मनोज चौधरी के भतीजे डॉ. निखिल चौधरी ने भोपाल रोड स्थित टोल नाके पर तोड़फोड़ की थी। देवास से भाजपा विधायक गायत्री राजे पवार के पुत्र विक्रम सिंह पवार वाहनों के काफिले के साथ श्री महाकाल महालोक में घुस गए थे।

सीएम यादव का निर्णय: नगरीय क्षेत्र विकास योजना के लिए 500 करोड़ रुपये अतिरिक्त स्वीकृत

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को विधानसभा के समिति कक्ष में मंत्रि-परिषद की बैठक हुई। बैठक में नगरीय क्षेत्र के विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण योजनाओं पर निर्णय लिए गए। सरकार ने मुख्यमंत्री नगरीय क्षेत्र अधोसंरचना निर्माण योजना को वर्ष 2026-27 तक जारी रखने का फैसला किया है। इसके लिए अतिरिक्त 500 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। अब 9 करोड़ 45 लाख रुपये अतिरिक्त खर्च करने की अनुमति प्रदान की योजना के अंतर्गत अब तक 1,070 करोड़ रुपये की 1,062 परियोजनाएं स्वीकृत की जा चुकी हैं। इनमें 325 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, 407 कार्य प्रगतिरत हैं और 330 परियोजनाएं डीपीआर स्वीकृति या निविदा प्रक्रिया में हैं। इस योजना के तहत पेयजल, सफाई व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, सड़क और नाली निर्माण, श्मशान घाट, सामुदायिक भवन, रैन बसेरा और खेल मैदान जैसे विकास कार्य किए जाते हैं। बैठक में मध्यप्रदेश ग्रामीण संपर्कता बाह्य वित पोषित योजना के अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए भी मंजूरी दी गई। पहले से स्वीकृत 12 करोड़ 32 लाख रुपये के अलावा अब 9 करोड़ 45 लाख रुपये अतिरिक्त खर्च करने की अनुमति प्रदान की गई है। उम्मीदवारों को नई शर्तों के साथ नियुक्ति देने का निर्णय इसके अलावा राज्य सेवा परीक्षा 2022 में परिवहन उप निरीक्षक पद के लिए चयनित 29 में से 25 उम्मीदवारों को नई शर्तों के साथ नियुक्ति देने का निर्णय लिया गया है। इन उम्मीदवारों को दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि में एक वर्षीय कंप्यूटर डिप्लोमा और ड्राइविंग लाइसेंस के दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। यदि कोई उम्मीदवार परिवीक्षा अवधि में यह दस्तावेज प्रस्तुत करने में असफल रहता है, तो उसकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी जाएंगी। 

भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती गरिमामय रूप से मनाई जायेगी, कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव होंगे शामिल

जबलपुर में होगा मुख्य कार्यक्रम जिला स्तर के कार्यक्रमों के लिए अतिथि हुए तय भोपाल  धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती गरिमामय रूप से मनाई जायेगी। जनजातीय गौरव दिवस का राज्य स्तरीय कार्यक्रम 15 नवम्बर को जबलपुर में होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह और लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह शामिल होंगे। जिला स्तर के कार्यक्रमों में विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ग्वालियर, उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल रीवा में, नगरीय विकास, आवास एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय धार, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेलभिण्ड, राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मासीहोर, परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंहनरसिंहपुर, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती सम्पतिया उइके मण्डला, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट इंदौर, किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री एदल सिंह कंषानामुरैना, महिला बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया झाबुआ, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिहं राजपूत सागर, खेल, युवा कल्याण एवं सहकारिता मंत्री श्री विश्वास सारंग रायसेन, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण एवं उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह शाजापुर, अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहानअलीराजपुर, ऊर्जा श्री प्रद्युम्न सिंह तोमरमंत्री शिवपुरी, नवीन एवं नवकरणीय मंत्री ऊर्जा श्री राकेश शुक्लाअशोक नगर, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य काश्यपरतलाम, उच्च शिक्षा, आयुष, तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार आगर-मालवा, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण,विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु कल्याण स्वतंत्र प्रभार श्रीमती कृष्णा गौरभोपाल, संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास और धर्मस्व स्वतंत्र प्रभार श्री धर्मेद्र भाव सिंह लोधीदमोह, कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री स्वतंत्र प्रभार श्री दिलीप जायसवालअनूपपुर, कौशल विकास एवं रोजगार स्वतंत्र प्रभार मंत्री श्री गौतम टेटवालउज्जैन, पशुपालन एवं डेयरी स्वतंत्र प्रभार मंत्री श्री लखन सिंह पटेलविदिशा, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास स्वतंत्र प्रभार मंत्री श्री नारायण सिंह पंवारराजगढ़ राज्यमंत्री लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याणश्री नरेन्द्र शिवाजी पटेलबैतूल, राज्यमंत्री नगरीय विकास एवं आवास श्रीमती प्रतिमा बागरीसतना, राज्यमंत्री वनएवं पर्यावरण श्री दिलीप अहिरवारछतरपुर एवंराज्यमंत्री पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्रीमती राधा सिंहसिगरौली में उपस्थित होंगी। सांसद श्री वी.डी. शर्मा कटनी, सांसद श्रीमती हिमाद्री सिंह शहडोल, सांसद श्रीमती संध्या राय दतिया, सांसद श्री ज्ञानेश्वर पाटिल खण्डवा, सांसद श्रीमती भारती पारधी बालाघाट, सांसद श्री गजेन्द्र सिंह पटेल खरगौन, सांसद डॉ. राजेश मिश्रा सीधी, सांसद श्री जनार्दन मिश्रा मऊगंज, सांसद श्री विवेक 'बंटी' साहू छिन्दवाड़ा, सांसद श्री फग्गन सिंह कुलस्ते सिवनी, सांसद श्री शिवमंगल सिंह तोमर श्योपुर, सांसद श्री सुधीर गुप्ता नीमच, सांसद श्री दर्शन सिंह चौधरी नर्मदापुरम, सांसद श्री बंशीलाल गुर्जर मंदसौर, सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी बड़वानी एवं सांसद श्रीमती माया नरोलिया पांढुर्णा में उपस्थित रहेंगी। साथ ही विधायक श्रीमती अर्चना चिटनीस बुरहानपुर, विधायक श्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह पन्ना, विधायक सुश्री मीना सिंह मांडवे उमरिया, विधायक श्री हरिशंकर खटीक टीकमगढ़, विधायक श्री ओमप्रकाश ध्रुवे डिंडौरी, विधायक श्री श्रीकांत चतुर्वेदी मैहर, विधायक श्री पन्नालाल शाक्य गुना, विधायक श्रीमती गायत्रीराजे पंवार देवास, विधायक श्री अनिल जैन निवाड़ी एवं जिला पंचायत अध्यक्ष श्री गजेन्द्र शाह हरदा में उपस्थित रहेंगे।  

मुख्यमंत्री ने 1.33 लाख से अधिक किसानों के खातों में 233 करोड़ रुपए भावांतर राशि अंतरित की

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भावांतर भुगतान, अन्नदाता के उत्थान का पर्याय है। अन्नदाता को दी गई एमएसपी की गारंटी की पूर्ति करते हुए सोयाबीन भावांतर योजना में 1 लाख 33 हजार किसानों के खाते में 233 करोड रुपए की राशि अंतरित की गई है। यह इस बात का प्रमाण है कि हमने जो कहा उसे कर दिखाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश में अनेक किसान हितैषी योजनाएं संचालित की जा रही है। मध्यप्रदेश किसानों को उपज का उचित लाभ दिलवाने के लिए भावान्तर योजना लागू करने वाला देश का पहला राज्य है। पिछले साल सोयाबीन का भाव 4800 रुपए था, इस बार किसानों को 500 रुपए प्रति क्विंटल का लाभ देकर 5300 रुपए से अधिक कीमत पर सोयाबीन खरीदा जा रहा है। भावान्तर योजना के लिए प्रदेश में 9 लाख से अधिक किसानों ने सोयाबीन बेचने के लिए पंजीयन किया। आज 1.33 लाख किसानों के खाते में राशि भेजी गई है। हमारी सरकार ने योजना की शुरुआत करने के 15 दिन में ही किसानों से किया वादा पूरा किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को देवास से प्रदेश के 1.33 लाख सोयाबीन उत्पादक किसानों को भावान्तर योजना के अंतर्गत 233 करोड़ रुपए की राशि अंतरित करने के बाद विशाल जनसभा को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ कर कन्या-पूजन भी किया। वंदे मातरम के गान ने वातावरण को देशभक्ति की भावना का संचार किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देवास जिले के सर्वांगीण विकास के लिए 183.25 करोड़ लागत के विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। साथ ही हितग्राहियों को जैविक खेती, कृषि यंत्र एवं पीएमएफएमई सहित विभिन्न योजनाओं में हितलाभ वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि यंत्रों एवं जैविक खेती को प्रोत्साहित करने वाली प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन किया। 220 से अधिक मुख्य और 80 उप मंडियों में की जा रही खरीदी : सारी प्रक्रिया ई-मंडी पोर्टल पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में वर्ष-2026 को कृषि आधारित उद्योग वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि भावांतर योजना पंजीकृत किसान 15 जनवरी तक अपनी सोयाबीन मंडियों में बेच सकेंगे। पूरे प्रदेश में 220 से अधिक मुख्य मंडियों और 80 उप मंडियों में खरीदी की जा रही है। रेट पारदर्शी तरीके से तय हो रहे हैं, सारी प्रक्रिया ई-मंडी पोर्टल पर है, किसान का डाटा अपने आप दिख रहा है, पैसा सीधे ऑनलाइन खाते में पहुंचने की व्यवस्था की गई है और हर कदम पर रियल टाइम एंट्री और सीसीटीवी से निगरानी की जा रही है। किसानों की सुविधा के लिए भावांतर कॉल सेंटर भी स्थापित किया गया है। भावांतर योजना लागू होने से फसल बेचने में किसानों को होने वाली कई परेशानियां दूर हो गई हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक दिसंबर को गीता जयंती भी पूरी भव्यता के साथ मनाई जाएगी। प्रदेश के नगरों में गीता भवन बनाए जा रहे हैं। साथ ही प्रत्येक विकासखंड में वृंदावन ग्राम बनाए जाएंगे। नरवाई की समस्या के निदान के लिए लगाए जा रहे हैं कम्प्रेस्ट बायो गैस प्लांट मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे लिए धरती पुत्र किसान और सीमा पर जवान, दोनों समान सम्मान का भाव रखते हैं। धरती पुत्र किसानों से देश की विशेष पहचान बनी है। किसानों की समृद्धि के लिए राज्य सरकार खेती के साथ-साथ गोपालन को भी प्रोत्साहित कर रही है। किसान प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए पंजीयन कराएं और 4 हजार रुपए प्रति एकड़ अनुदान का लाभ उठाएं। प्रदेश में दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना शुरू की गई है। योजना में अगर कोई किसान 40 लाख रूपए लागत का डेयरी व्यवसाय शुरू करता है तो राज्य सरकार की ओर से 10 लाख रुपए की सब्सिडी दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों के लिए नरवाई की समस्या खत्म करने की दिशा में कदम उठाते हुए प्रदेश में कम्प्रेस्ड बायोगैस प्लांट का शुभारंभ किया गया है। बहनों का आर्थिक सशक्तिकरण सनातन संस्कृति का गौरव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार 12 नवम्बर को लाड़ली बहनों को जारी बढ़ी हुई राशि का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की बहनों और किसानों को लगातार सौगातें मिल रही हैं। बहनों का आर्थिक सशक्तिकरण सनातन संस्कृति का गौरव है। भारत दुनिया का एक मात्र देश है, जो मातृ सत्ता को स्वीकार करता है। उन्होंने कहा कि जहां देवियों का वास है, वही देवास है। उन्होंने देवास स्थित नोट प्रेस का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां के नोट दुनिया में भारत का मान बढ़ाते हैं। भले ही नोट अर्थव्यवस्था को गति देते हों, लेकिन सोयाबीन, कपास और गेहूं का उत्पादन देश की अर्थव्यवस्था को आधार प्रदान करता है। कृषि उत्पादन में मध्यप्रदेश का योगदान देश में महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार ने मोटे अनाज 'श्रीअन्न' पर दिया बोनस मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने मोटा अनाज 'श्रीअन्न' खरीदने के लिए मंडला, बालाघाट, जबलपुर सहित 11 जिलों के लिए किसानों को कोदो-कुटकी पर 1000 रुपए प्रति क्विंटल बोनस दिया है। धान और गेहूं उत्पादक किसानों को भी बोनस का लाभ मिला है, चरणबद्ध रूप से गेहूं की कीमतें बढ़ाई जा रही है। संकल्प पत्र में किये वादे को पूरा करते हुए लाड़ली बहना योजना में बहनों के लिए भी राशि बढ़ाकर 1500 रुपए कर दी गई है। किसानों को सोलर पंप लगाने के लिए अनुदान का लाभ दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब प्रत्येक 7 दिन में प्रदेशवासियों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत राशि अंतरित की जाएगी। प्रदेश में औद्योगीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार को पिछले दिनों भारत सरकार की ओर से 4 पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। देवास जिले में भावान्तर योजना के लिए सबसे अधिक हुआ पंजीयन कृषि मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना ने कहा कि मध्यप्रदेश किसानों के लिए भावान्तर योजना संचालित करने वाला देश का इकलौता राज्य है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने का कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य में किसान हितैषी सरकार है। मुख्यमंत्री का किसान मोर्चा और नागरिकों ने किया स्वागत मुख्यमंत्री डॉ. यादव के देवास पहुँचने पर … Read more

MSME सम्मेलन में सीएम मोहन यादव का बड़ा ऐलान, ₹200 करोड़ अनुदान और भूमि आवंटन पत्र वितरित होंगे

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज होटल ताज फ्रंट में आयोजित एमएसएमई सम्मेलन में शामिल होंगे। वे यहां एमएसएमई विकास नीति के तहत प्रदेश के 48 जिलों की 700 से अधिक एमएसएमई इकाइयों को सिंगल क्लिक के माध्यम से 200 करोड़ से अधिक की अनुदान राशि अंतरित करेंगे। यह सम्मेलन प्रदेश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम क्षेत्र के विकास और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप और उद्योग नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह भी मौजूद रहेंगे। 200 करोड़ की अनुदान राशि और 1 करोड़ का स्टार्टअप सहयोग सीएम डॉ. मोहन यादव एमएसएमई सम्मेलन के दौरान एमएसएमई विकास नीति के अंतर्गत प्रदेश के 48 जिलों की 700 से अधिक इकाइयों को सिंगल क्लिक के माध्यम से 200 करोड़ से अधिक की अनुदान राशि अंतरित करेंगे। साथ ही, स्टार्टअप नीति 2025 के अंतर्गत 80 से अधिक स्टार्टअप्स को 1 करोड़ से अधिक की सहायता राशि भी प्रदान की जाएगी। सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री 200 से अधिक औद्योगिक भूखंडों के आवंटन के लिए आशय पत्र वितरित करेंगे। इसके साथ मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत सेवा पखवाड़ा अभियान के अंतर्गत 350 से अधिक हितग्राहियों को ऋण उपलब्ध कराया गया है, जिसमें से 100 से अधिक हितग्राहियों को इस कार्यक्रम में हितलाभ वितरण भी किया जाएगा। नवीन औद्योगिक क्षेत्रों का शिलान्यास सम्मेलन में मुख्यमंत्री मोहन यादव 113.78 करोड़ की लागत से बनने वाले तीन नवीन औद्योगिक क्षेत्रों का वर्चुअल शिलान्यास करेंगे। यहां स्टार्टअप और निर्यात प्रोत्साहन पर दो विशेष सत्र रखे गए हैं। मुख्यमंत्री बालाघाट और टीकमगढ़ के उद्यमियों व उद्योग संघों से वर्चुअल माध्यम से संवाद भी करेंगे। एमओयू साइन होगा सम्मेलन में एमएसएमई विभाग और ओएनडीसी (Open Network for Digital Commerce) के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होंगे। इसके अलावा 7.57 करोड़ की लागत से बनने वाले तीन नवीन कार्यालय भवनों का शिलान्यास भी किया जाएगा। विभाग की एमएसएमई और स्टार्टअप गतिविधियों के अंतर्गत उद्यमियों और स्टार्टअप प्रतिनिधियों द्वारा अपने अनुभव और सफलताएं भी साझा की जाएंगी

मुख्यमंत्री मोहन यादव का बयान: अवैध लाउडस्पीकरों पर कार्रवाई और मांस बिक्री पर कड़े नियम लागू

इंदौर   मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की अखिल भारतीय बैठक में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नए कानूनों को लागू करने में तेजी से काम कर रही है और कानून का पालन सभी के लिए अनिवार्य है। लाउडस्पीकर और मांस की बिक्री पर सख्त सरकार मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, "सरकार बनते ही हमने लाउडस्पीकर के शोर को नियंत्रित किया। आप अपने धर्म का पालन करें, इसमें कोई रोक नहीं है, लेकिन कानून का पालन तो सबको करना पड़ेगा।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनकी सरकार ने प्रदेश भर में 60,000 से अधिक अवैध लाउडस्पीकर हटाने का काम किया है। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि राज्य में मांस बेचने वालों को खाद्य सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा। उन्होंने कहा, "इस राज्य के अंदर मछली-मांस सबके ठिकाने लगाए गए हैं, अपनी सरकार के माध्यम से। कानून सबके लिए बराबर है।" विहिप की बैठक और अन्य कार्यक्रमों में शिरकत यह बैठक शहर के एक निजी गार्डन में आयोजित की गई, जिसमें विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ पदाधिकारी और अन्य नेता शामिल हुए। विहिप की बैठक के बाद, मुख्यमंत्री डॉ. यादव दलाल बाग पहुंचे और श्री जैन श्वेताम्बर मालवा महासंघ के 14वें अधिवेशन एवं श्रीसंघ मिलन समारोह में भी शामिल हुए। इन कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद मुख्यमंत्री भोपाल के लिए रवाना होंगे।  

दिल्ली में सीएम यादव की उद्योगपतियों से बैठक, फोकस टेक्सटाइल सेक्टर

भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज तीन सितंबर को दिल्ली में होने वाले "इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन पीएम मित्रा पार्क" के इंटरैक्टिव सेशन में शामिल होंगे। इस अवसर पर केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह भी मौजूद रहेंगे। इंटरैक्टिव सेशन में टेक्सटाइल सेक्टर के निवेशकों और नीति-निर्माताओं की मौजूदगी में मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों पर विचार-विमर्श होगा। केन्द्रीय मंत्री सिंह भारत के टेक्सटाइल सेक्टर की बढ़ती वैश्विक भूमिका और पीएम मित्रा पार्क की अहमियत पर अपने विचार रखेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव निवेशकों के साथ वन-टू-वन मीटिंग कर राज्य में उपलब्ध अधोसंरचना, नीतिगत सहयोग और नए अवसरों की जानकारी देंगे। साथ ही टेक्सटाइल हब के रूप में पहचान बना रहे मध्य प्रदेश की विशेषताओं से निवेशकों को अवगत कराएंगे। मुख्यमंत्री द्वारा यह भी बताया जाएगा कि कैसे पीएम मित्रा पार्क प्रदेश की औद्योगिक तस्वीर को बदलने वाला साबित होगा और रोजगार के नए अवसर सृजित करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव निवेशकों और उद्योगपतियों के साथ टेक्सटाइल क्षेत्र में निवेश संबंधी प्रस्तावों और संभावनाओं पर भी संवाद करेंगे। इंटरैक्टिव सेशन में वस्त्र मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी केंद्रीय योजनाओं और टेक्सटाइल क्षेत्र में बढ़ते वैश्विक अवसरों पर जानकारी देंगे। मध्य प्रदेश के उद्योग विभाग और टेक्सटाइल विभाग के अधिकारियों द्वारा निवेशकों को मध्यप्रदेश में उपलब्ध संसाधनों, क्लस्टर आधारित विकास और विशेष पैकेज का प्रेजेंटेशन दिया जाएगा। केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय की सचिव नीलम शमी राव और वस्त्र मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव रोहित कंसल भी अपने विचार साझा कर टेक्सटाइल उद्योग में नई संभावनाओं और केंद्र सरकार की नीतियों की जानकारी देंगे। मध्यप्रदेश के प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेन्द्र सिंह टेक्सटाइल सेक्टर में मध्य प्रदेश की नीतिगत पहल, निवेश प्रोत्साहन योजनाओं और औद्योगिक परिदृश्य की विस्तृत जानकारी देंगे। उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश में प्रस्तावित पीएम मित्रा पार्क आधुनिक टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए वर्ल्ड क्लास सुविधाओं से युक्त एकीकृत हब के रूप में विकसित किया गया है। यह पार्क कपड़ा उद्योग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के साथ-साथ बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार सृजन का आधार बनेगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा विक्रमादित्य वैदिक घड़ी स्थापित करने पर कैबिनेट के सदस्यों ने माना आभार

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा मुख्यमंत्री निवास में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी स्थापित किए जाने पर मंत्रि-परिषद के सदस्यों ने शॉल और पुष्प-गुच्छ भेंट कर आभार व्यक्त किया। मंत्रियों ने कहा कि यह पहल भारतीय परंपरा, वैदिक गणना और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को नई पीढ़ी तक पहुंचाने वाली है, जो प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करेगी। विक्रमादित्य वैदिक घड़ी भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक तकनीक का अद्भुत संगम है। यह घड़ी केवल समय बताने तक सीमित नहीं है, बल्कि सूर्योदय, सूर्यास्त, राहुकाल, अभिजीत मुहूर्त और चंद्रमा की स्थिति जैसी जानकारी भी उपलब्ध कराती है। इसमें वैदिक समय के साथ-साथ भारतीय मानक समय और ग्रीनविच मानक समय का तुलनात्मक अध्ययन भी संभव है। इस अनूठी घड़ी के साथ मोबाइल एप भी तैयार किया गया है, जो 189 से अधिक भाषाओं में उपलब्ध है और विश्वभर के 7000 से अधिक स्थानों के लिए समय व पंचांग की जानकारी देता है। मंत्रियों ने कहा कि उज्जैन की वैदिक और सांस्कृतिक परंपरा से प्रेरित यह घड़ी मुख्यमंत्री निवास में स्थापित होना गर्व की बात है। यह पहल प्रदेश की गौरवशाली धरोहर को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने के साथ युवाओं को वैदिक विज्ञान और गणना प्रणाली से जोड़ने में सहायक सिद्ध होगी। इस अवसर पर परिवहन, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत, अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान, ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास और धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल, पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री नारायण सिंह पवार सहित अन्य मंत्री शामिल थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- कटनी माइनिंग कॉन्क्लेव में मिले 56,414 करोड़ के निवेश प्रस्ताव

कॉन्क्लेव में हुए 3 एमओयू प्रदेश के लिये होंगे महत्वपूर्ण माइनिंग से है कटनी की पहचान विकास में किसान और जवान की तरह उद्योगपति का भी है योगदान हमारी संस्कृति शोषण की नहीं दोहन की है, जिओ और जीने दो प्रदेश में हैं उद्योग हितैषी नीतियां, उद्योग अनुरूप वातावरण उद्योगपति निवेश का बड़े से बड़ा सपना देखें, मध्यप्रदेश सरकार है उनके साथ प्रदेश में मेजर और माइनर मिनरल्स के साथ ही क्रिटिकल मिनरल्स भी क्षेत्रवार इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव के बाद अब हो रही है सेक्टरवाइज कॉन्क्लेव प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश को बनाएंगे नंबर वन राज्य मानवता से जीने का नाम ही है राम राज्य भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि खनिज संसाधनों के मामले में मध्यप्रदेश कभी किसी से पीछे नहीं रहा है। अब नई परिस्थितियों और संभावनाओं के अनुरूप हम मध्यप्रदेश को देश के माइनिंग स्टेट के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश का यही सही समय है। आप मध्यप्रदेश में अपना उद्योग लगाईए, बड़े सपने देखिए, इन्हें पूरा करने में हम आपकी हर संभव मदद करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों से अपील की कि दिल खोलकर मध्यप्रदेश में बेहिचक निवेश कीजिए, हम आपको निराश नहीं होने देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कटनी में आज हुई कॉन्क्लेव में मिले निवेश प्रस्ताव यह दर्शाते है कि देश के विभिन्न अंचलों के उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश आकर्षित कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को कटनी में आयोजित मध्यप्रदेश माइनिंग कॉन्क्लेव 2.0 में खनन क्षेत्र के उद्योगपतियों और खनन उद्योग लगाने के इच्छुक निवेशकों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर्ष जताते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में खनिजों की खोज और खनन क्षेत्र में नई संभावनाओं को एक्सप्लोर करने की दिशा में यह आयोजन बहुत सफल रहा है। कटनी कॉन्क्लेव से सरकार को आठ माइनिंग कम्पनियों द्वारा 56 हजार 414 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। ये निवेश प्रस्ताव हमें और बेहतर करने की नई ऊर्जा देकर उत्साहित भी करते हैं। उन्होंने बताया कि राज्य शासन ने क्रिटिकल मिनरल की खोज, प्रसंस्करण और संवर्धन के लिए कोल इंडिया लिमिटेड के साथ एमओयू किया। शासन ने खनन क्षेत्र में आर्टिफियल इंटेलीजेन्स, आईओटी, ब्लॉक चेन, रिमोट सेंसिंग के उपयोग के मद्देनजर धनबाद की टेक्समिन आईएसएम के साथ भी एमओयू किया। इसी तरह खनिज अन्वेषण अनुसंधान के लिए राज्य शासन ने भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, भोपाल के साथ भी एमओयू साइन किए गए हैं। यह एमओयू मध्यप्रदेश के खनिज क्षेत्र को ऊँचाइयां प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि हमारे धर्म में तांबे का महत्व सोने-चांदी से अधिक है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एक विजनरी लीडर हैं। उन्होंने हर वर्ग की जरूरतों को पूरा करते हुए गुजरात में विकास का जो मॉडल खड़ा किया, आज हम सभी उससे परिचित हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गो माता हमें दूध उपलब्ध कराती है और बच्चे को भी पिलाती है। भारतीय संस्कृति की धारा दोहन की है, शोषण की नहीं। दुनिया के बड़े-बड़े देश अपना माल खपाने के लिए चालाकी का रास्ता अपना रहे हैं। आज हमारे उद्योगपति आगे बढ़ रहे हैं। उद्योगपति अपने साथ दूसरों को भी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराते हैं। आइए मध्यप्रदेश से जुड़िए, यहां पर्याप्त लैंड बैंक, बिजली, पानी है। प्रदेश में शीघ्र ही एयर कार्गो की सुविधा भी मिलेगी और दो मेट्रोपोलिटन सिटी भी बनने जा रहे है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि कटनी में खनिज का भंडार है। अब तो क्रिटिकल मिनरल्स भी मिल रहे हैं। पन्ना में हीरे मिलते हैं तो कटनी में भी सोना मिल सकता है। राज्य सरकार ने सभी सेक्टर्स के विकास के लिए पारदर्शी नीतियां लागू की हैं। पहले इंडस्ट्री कॉन्क्लेव कीं, अब सेक्टर आधारित कॉन्क्लेव कर रहे हैं। आगामी 27 अगस्त को उज्जैन में स्प्रिरीचुअल कॉन्क्लेव हो रही है और ग्वालियर में भी 31 अगस्त को टूरिज्म कॉन्क्लेव होगी। राज्य सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रही है। जब भारत 2047 तक विकसित देश बनेगा तो प्रदेश की परिस्थितियां भी  बदल जाएगी। राज्य सरकार ने युवाओं के प्रशिक्षण के लिये कई योजनाएं बनाई हैं। कटनी को 25 अगस्त को बड़ी सौगात मिलने वाली है। प्रदेश में पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेजों के साथ अस्पताल शुरू किए जा रहे हैं। राज्य सरकार मेडिकल कॉलेज खोलने पर 1 रुपए में 25 एकड़ जमीन देगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष 25 अगस्त को 4 मेडिकल कॉलेजों के लिए एमओयू होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश में ईज ऑफ डूइंग के लिए 29 तरह की अनुमतियों को कम करके मात्र 10 कर दिया गया है। प्रदेश सरकार ने श्रम कानून में बदलाव करते हुए महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम करने की अनुमति दी है। प्रदेश सरकार की नीतियों से आज दूसरे राज्य भी सीख ले रहे हैं। मध्यप्रदेश देश का नंबर-1 राज्य बने, इसके लिए तेज गति से कार्य हो रहे हैं।  इनके बीच हुए एमओयू कॉन्क्लेव में राज्य शासन ने क्रिटिकल मिनरल की खोज , प्रसंस्करण और संवर्धन के लिए कोल इंडिया लिमिटेड के साथ एमओयू किया। डॉ. चंद्र शेखर सिंह एचओडी क्रिटिकल मिलरल्स, श्री बिरांची दास डायरेक्टर एचआरएसएसईएल, श्री फ्रैंक नोबेल ए डायरेक्टर एंड जीडीएम एमपी स्टेट माइनिंग कॉरपोरेशन और प्रमुख सचिव श्री उमाकांत उमराव ने एमओयू का आदान-प्रदान किया। यह समझौता दुनिया की सबसे बड़ी खनन कंपनी और राज्य खनन अन्वेषण एजेंसियों के माध्यम से मध्यप्रदेश को क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां देगा। खनन क्षेत्र में आर्टिफियल इंटेलीजेन्स, आईओटी, ब्लॉक चेन, रिमोट सेंसिंग के उपयोग के मद्देनजर धनबाद की टेक्समिन आईएसएम के साथ और खनिज अन्वेषण अनुसंधान के लिए भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, भोपाल के साथ भी एमओयू साइन हुआ। कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन मीटिंग भी की।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उघोगपतियों से किया वर्चुअल संवाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉन्क्लेव में श्री राजीव मुंद्रा (कोलकाता) , श्री जेपी अग्रवाल (श्रीलंका), श्री विवेक भाटिया (दिल्ली), श्री वी.साईंराम (कोचीन), श्री थॉमस चेरियन (हैदराबाद) से उनकी निवेश योजनाओं एवं अनुभव को लेकर वर्चुअल संवाद किया। उद्योगपतियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार मानते हुए कहा कि … Read more