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प्रदेश में कार्यरत 96 लाख एमएसएमई यूनिट्स 3 करोड़ से अधिक युवाओं को रोजगार प्रदान कर रही हैं : मुख्यमंत्री

लखनऊ, राज्यपाल के अभिभाषण पर विधान परिषद में धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा में हिस्सा लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले नौ वर्षों में एमएसएमई, स्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश की स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण थी, जहां एमएसएमई क्षेत्र मृतप्राय सा हो चुका था और निराशा का माहौल था। लेकिन हमारी सरकार ने ओडीओपी और ओडीओसी योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के परंपरागत उत्पादों को नई पहचान दी है। वर्तमान में एमएसएमई सेक्टर में प्रदेश के 3 करोड़ से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है। स्वास्थ्य और फार्मा क्षेत्र में भी प्रदेश ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। आज उत्तर प्रदेश आत्मनिर्भरता और विकास के नए अध्याय लिख रहा है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि ओडीओपी योजना के माध्यम से प्रदेश के प्रत्येक जनपद के विशिष्ट उत्पादों की ब्रांडिंग, डिजाइन, टेक्नोलॉजी और मार्केटिंग में सुधार किया गया है। प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने का सकारात्मक परिणाम यह है कि प्रदेश का निर्यात, जो वर्ष 2017 में मात्र 84 हजार करोड़ रुपये के आसपास था, लगभग दोगुना बढ़कर आज 1.86 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है, जिसमें ओडीओपी योजना के हस्तशिल्प और परंपरागत उत्पादों का हिस्सा करीब 50 प्रतिशत है। योजना से 3.16 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। वर्तमान में प्रदेश के 77 से अधिक उत्पादों को जीआई टैग मिल चुका है, जो वैश्विक बाजार में उनकी गुणवत्ता की गारंटी देते हैं। प्रदेश में करीब 96 लाख एमएसएमई यूनिट्स कार्यरत हैं, जो 3 करोड़ से अधिक युवाओं को रोजगार प्रदान कर रही हैं। पीएम विश्वकर्मा योजना और अन्य कार्यक्रमों से हस्तशिल्पियों और कारीगरों को सम्मान और सहायता मिल रही है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हाल ही में उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर हमारी सरकार ने वन डिस्ट्रिक्ट वन कुज़ीन कार्यक्रम शुरू किया है, जिससे प्रत्येक जनपद के एक विशेष व्यंजन को ब्रांड के रूप में स्थापित किया जाएगा। यह प्रधानमंत्री के लोकल टू ग्लोबल मॉडल का जीवंत उदाहरण है, जो यूपी को नई पहचान देगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले जहां प्रदेश के युवा हताश थे, आज वे आत्मनिर्भरता और प्रगति की कहानी लिख रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव आया है। वर्ष 2017 से पहले कई जनपदों में स्वास्थ्य की बुनियादी सुविधाएं नहीं थीं और एक जिला एक माफिया जैसी स्थिति थी। अब यूपी में वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज की दिशा में तेज प्रगति हुई है। रायबरेली और गोरखपुर में एम्स संचालित हो रहे हैं। हर जनपद में अब आईसीयू, डिजिटल एक्स-रे, ब्लड बैंक, डायलिसिस, ऑक्सीजन प्लांट और वेंटिलेटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। 2017 से पहले 40 से अधिक जनपदों में आईसीयू नहीं था। 108 और 102 एंबुलेंस सेवाओं के रिस्पांस टाइम में सुधार किया गया है। टेलीमेडिसिन से दूरदराज के गांवों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच रही हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जीनोमिक्स, टेलीमेडिसिन और मेडटेक को बढ़ावा देकर भविष्योन्मुखी स्वास्थ्य इकोसिस्टम विकसित किया जा रहा है। इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारी, जो 2017 से पहले हर साल 1200-1500 बच्चों की मौत का कारण बनती थी, अब लगभग समाप्त हो चुकी है। 2024 में शून्य मौतें दर्ज हुईं और मामले बहुत कम हो गए। डबल इंजन सरकार ने माफिया के साथ-साथ इन बीमारियों और उनके कारकों को भी नियंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में भी यूपी में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। ललितपुर में फार्मा पार्क का निर्माण तेजी से चल रहा है, जिसमें बल्क ड्रग यूनिट्स शामिल हैं। वहीं ग्रेटर नोएडा में 350 एकड़ का मेडिकल डिवाइस पार्क विकसित किया जा रहा है। लखनऊ में हाल ही में फार्मा कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया, जहां देश के दिग्गज फार्मा निवेशकों ने यूपी की बदलती तस्वीर की सराहना की। उन्होंने कॉन्क्लेव में एक बड़े फार्मा उद्यमी के अनुभव के बारे में कहा कि कैसे उन्हें अपने भतीजे के अपहरण के कारण रातों-रात अपनी जन्मभूमि मेरठ छोड़कर जाना पड़ा था। लेकिन 2017 के बाद प्रदेश में जिस तरह से निवेश का माहौल बदला है, देश के बड़े निवेशक यूपी में निवेश करने को उत्सुक हैं। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश में केवल शहरों और उद्योगों का ही विकास नहीं हुआ है, बल्कि प्रदेश की घुमंतू जातियों और जनजातीय समुदायों जैसे वनटांगिया, मुसहर, थारू, कोल, बुक्सा आदि को जमीन के पट्टे, आवास और बुनियादी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा, कौशल, स्वरोजगार, स्वास्थ्य और नेतृत्व में भागीदारी बढ़ी है। प्रदेश की महिलाओं की सुरक्षा से समृद्धि और सशक्तिकरण से उत्कृष्टता तक की यात्रा जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने 2017 के बाद से सुरक्षा, विकास और आत्मनिर्भरता के नए अध्याय लिखे हैं। जहां पहले अंधकार था, आज प्रगति और उम्मीद की रोशनी है। यह बदलाव लोकल उत्पादों की वैश्विक बाजार तक पहुंच से लेकर स्वास्थ्य सुविधाओं और रोजगार सृजन तक हर क्षेत्र में दिखाई दे रहा है।

उत्तर प्रदेश को बड़ी सौगात: जेवर एयरपोर्ट इस दिन से होगा शुरू, PM मोदी दिखा सकते हैं हरी झंडी

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन इस महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए जाने की संभावना है। इसके शुरू होने के बाद यह उत्तर प्रदेश का पांचवां अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बन जाएगा। सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि एयरपोर्ट तैयार है और एयरोड्रम लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री द्वारा इस महीने एयरपोर्ट का उद्घाटन कर किया जाएगा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट एक ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट है, जिसे गौतमबुद्ध नगर जिले के जेवर क्षेत्र में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत विकसित किया जा रहा है। लगभग 1,300 हेक्टेयर में फैले इस प्रोजेक्ट के पहले चरण का संचालन शुरू में सितंबर 2024 में शुरू होने वाला था और यह कई डेडलाइन चूक चुका है। निवेश व रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे बता दें कि उत्तर प्रदेश में जल्द ही सबसे अधिक 21 हवाई अड्डों वाला प्रदेश बनने की राह पर है। लखनऊ, वाराणसी, अयोध्या जैसे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों के बाद अब जेवर का नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी शीघ्र चालू होने वाला है। जेवर एयरपोर्ट के शुभारंभ से उत्तर प्रदेश एयर कार्गो हब के रूप में उभरेगा और निवेश व रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। जेवर एयरपोर्ट से पश्चिमी यूपी की अर्थव्यवस्था को मिलेगी रफ्तार जेवर एयरपोर्ट न सिर्फ दिल्ली-एनसीआर की वैश्विक कनेक्टिविटी को नई दिशा देगा, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नई गति देने के लिए तैयार है। यह एयरपोर्ट नेट-जीरो उत्सर्जन के लक्ष्य पर काम करने वाला अत्याधुनिक एयरपोर्ट होगा, जिसमें स्विस दक्षता और भारतीय आतिथ्य का बेहतरीन मिश्रण देखने को मिलेगा। प्रारंभिक चरण में 1.2 करोड़ यात्रियों की वार्षिक क्षमता वाला यह एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए एक आर्थिक हब का काम करेगा। यह एयरपोर्ट न केवल बुनियादी सुविधाओं को नई ऊंचाई देगा, बल्कि पश्चिमी यूपी के युवाओं के लिए रोजगार और संभावनाओं के अनगिनत द्वार खोलेगा।  

जनता दर्शन में सीएम योगी आदित्यनाथ ने सुनीं 200 लोगों की समस्याएं

गोरखपुर,  सोमवार देर शाम गोरखपुर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में रात्रि प्रवास करने के बाद मंगलवार सुबह जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात की। उन्होंने समस्या लेकर आए लोगों की बात ध्यान से सुनी, उनके प्रार्थना पत्र को पढ़ा। फिर आत्मीयता से बोले, ‘घबराइए मत, समस्या का समाधान कराया जाएगा।’ जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर पीड़ित व्यक्ति की समस्या पर संवेदनशीलता से ध्यान दें और उसका त्वरित, गुणवत्तापूर्ण व पारदर्शी निराकरण कराएं। मंगलवार सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन में आयोजित जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनका समाधान करने के निर्देश दिए। कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक मुख्यमंत्री खुद चलकर पहुंचे। अपनेपन के भाव में ‘कहां से आए हैं, क्या बात है’, कहते हुए एक-एक कर सबकी समस्याएं सुनीं। भरोसा दिया कि सभी की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कराएंगे। किसी को भी परेशान होने या घबराने की आवश्यकता नहीं है। प्रार्थना पत्रों को उन्होंने अधिकारियों को हस्तगत करते हुए निर्देश दिया कि हर समस्या का निस्तारण समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिप्रद होना चाहिए। कुछ लोगों द्वारा जमीन कब्जाने की शिकायत पर उन्होंने कठोर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए। गंभीर बीमारियों में इलाज के लिए मिलेगी भरपूर आर्थिक मदद हर बार की तरह जनता दर्शन में कई लोग गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने उनसे कहा कि इलाज में धन की कमी बाधक नहीं होगी, सरकार भरपूर आर्थिक मदद देगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इलाज के लिए अस्पताल के इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द पूर्ण कराकर शासन में भेजें। मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से इलाज के लिए पर्याप्त राशि दी जाएगी। जनता दर्शन में परिजनों के साथ आए बच्चों को सीएम योगी आदित्यनाथ ने खूब प्यार दुलार किया। उन्हें स्कूल जाने व पढ़ने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने बच्चों को मिष्ठान्न भी दिए। गोशाला में सीएम योगी ने की गोसेवा गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान मंगलवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिनचर्या परंपरागत रही। गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन करने तथा अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की प्रतिमा समक्ष शीश झुकाने के बाद वह मंदिर परिसर के भ्रमण पर निकले। उन्होंने मंदिर की गोशाला में पहुंचकर गोसेवा की। गोशाला में सीएम योगी ने गोवंशों का नाम लेकर पुकारा। पास आने पर उन्हें खूब दुलारा और अपने हाथों से रोटी-गुड़ खिलाया। मंदिर की गोशाला में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पहुंचने पर एक मोर भी उनके पास आ जाता है। मुख्यमंत्री इस मोर को 'पुंज' नाम से पुकारते हैं। उन्होंने मोर पर भी अपना स्नेह लुटाया। अपने हाथों से रोटी के छोटे टुकड़े कर मोर को खिलाए।

नितिन नबीन में दिखती है नई पीढ़ी की ऊर्जा: मुख्यमंत्री योगी

मथुरा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन संग प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ सुनी। वृंदावन के अक्षयपात्र में आयोजित कार्यक्रम में दोनों नेता सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री ने पहली बार यूपी के दौरे पर पहुंचे भाजपा अध्यक्ष का ब्रज की धरा पर स्वागत-अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने राधे-राधे, वृंदावन बिहारी लाल, राधा रानी, यमुना मैया, हर-हर महादेव, जय श्रीराम, भारत माता की जय, और वंदे मातरम की गूंज के साथ आध्यात्मिक व राष्ट्रवादी चेतना का संचार करते हुए अपने संबोधन की शुरुआत की। सीएम योगी ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन युवा ऊर्जा के प्रतीक हैं। बिहार विधानसभा में पांचवीं बार विधायक के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। संगठन के विभिन्न पदों का निर्वहन करने के उपरांत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भाजपा ने नितिन नबीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में नया दायित्व दिया है। इस दायित्व के पश्चात योगेश्वर श्रीकृष्ण की पावन धरा पर उनका प्रथम आगमन आह्लादकारी क्षण है। सीएम योगी ने कहा कि ब्रज प्राचीन काल से तीर्थ भूमि रही है। मथुरा, वृंदावन, बरसाना, गोकुल, गोवर्धन, नंदगांव, बलदेव तीर्थ हजारों वर्षों से सनातन धर्मावलंबियों के लिए प्रेरणा हैं। यहां के रज-रज, कण-कण में श्रीकृष्ण, राधा रानी और हजारों वर्षों की विरासत का अंश श्रद्धालु आज भी ढूंढते हैं। उसके साथ तारतम्य स्थापित करने का प्रयास करते हैं। अंत्योदय के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय की पावन जन्मभूमि भी मथुरा में पड़ती है। प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से ब्रज भूमि भारत की आध्यात्मिक व सांस्कृतिक विरासत के साथ ही विकास के नित नए प्रतिमान स्थापित करते हुए बढ़ रही है। सीएम योगी ने कहा कि यूपी अब ‘बीमारू’ नहीं, बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था का ब्रेकथ्रू बनकर संबल बन रहा है। पांच साल से अधिक समय से यूपी रेवेन्यू सरप्लस स्टेट के रूप में है। डबल इंजन सरकार डबल स्पीड के साथ बड़े-बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर के कार्यों को धरातल पर उतारती है। हर नागरिक को सुरक्षा का अहसास कराती है। गरीब कल्याणकारी योजनाओं के साथ बिना भेदभाव वंचित, नौजवान, किसान, महिलाओं समेत हर तबके को वरीयता के आधार पर शासन की योजना का लाभ दे रही है। डबल इंजन सरकार के माध्यम से यूपी में विकास की योजनाओं को बिना भेदभाव गांव से शहर तक, प्रत्येक जगह प्रभावी ढंग से लागू करने का कार्य देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी का नौजवान अब पहचान के लिए मोहताज नहीं है। देश में अब वह कहीं भी जाकर गर्व से कह सकता है कि मैं यूपी का नागरिक हूं। एक समय था, जब यूपी के सामने पहचान का संकट खड़ा किया गया था, लोग यहां की विरासत को कोसते थे, हमें अपमानित करते थे, बीमारू राज्य होने के कारण हमारे बारे में लोगों का दृष्टिकोण भिन्न था, लेकिन यूपी अब बीमारू नहीं है। देश के विकास के अभियान में जुड़कर यहां के युवा, किसान व आधी आबादी भी कार्य कर रही है। यह भाजपा के प्रति आमजन के विश्वास का प्रतीक है। सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन, प्रेरणा व नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने पिछले 9 वर्ष में विकास के नए प्रतिमान स्थापित किए हैं। सीएम योगी ने विश्वास जताया कि इस गति को और तेजी से बढ़ाने के लिए यूपी का एक-एक कार्यकर्ता प्राणप्रण से जुटकर वर्तमान व भावी भविष्य के निर्माण में योगदान देगा।

उत्तर प्रदेश से बढ़ेगी मेडिकल टेक्नोलॉजी की दौड़, मुख्यमंत्री योगी का बड़ा ऐलान

लखनऊ यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को राजधानी लखनऊ में यूपी हेल्थटेक कॉन्क्लेव 1.0 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सिर्फ 25 करोड़ की आबादी वाला राज्य ही नहीं, बल्कि देश व पड़ोसी राज्यों की स्वास्थ्य आवश्यकताओं की पूर्ति का सबसे बड़ा केंद्र भी है। प्रदेश को मेडिकल टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर इनोवेशन और फार्मा मैन्युफैक्चरिंग का राष्ट्रीय तथा वैश्विक हब बनाने की दिशा में सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में पिछले पौने नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन किया है, जिसके परिणाम आज ज़मीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े हेल्थकेयर कंज्यूमर मार्केट के रूप में 35 करोड़ से अधिक लोगों की स्वास्थ्य आवश्यकताओं का भार वहन करता है। उन्होंने कहा कि पिछले पौने नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने स्वास्थ्य क्षेत्र में वह परिवर्तन किया है, जिसकी कल्पना पहले संभव नहीं थी। वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में सरकारी और निजी क्षेत्र को मिलाकर कुल 40 मेडिकल कॉलेज थे। आज प्रदेश में 81 मेडिकल कॉलेज पूरी तरह क्रियाशील हैं। इसके अतिरिक्त दो एम्स, 100 से अधिक जिला अस्पताल, सैकड़ों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स की एक मजबूत श्रृंखला खड़ी की गई है, जिससे दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों तक निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच रही हैं। सरकार का उद्देश्य केवल भवन खड़े करना नहीं था, बल्कि एक ऐसी व्यवस्था तैयार करना था, जिसमें अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति को भी सम्मानजनक व गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लागू होने से पहले किसी गरीब परिवार में यदि कोई गंभीर रूप से बीमार हो जाता था, तो पूरा परिवार भय और आर्थिक संकट में घिर जाता था। इलाज अधूरा छूट जाता था, क्योंकि न सरकार का सहयोग होता था और न ही संसाधन। आज उत्तर प्रदेश में 5.5 करोड़ परिवारों को आयुष्मान गोल्डन कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से प्रति परिवार ₹5 लाख तक की निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। जो पात्र परिवार किसी कारणवश आयुष्मान योजना में शामिल नहीं हो सके, उन्हें मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के माध्यम से कवर किया गया है। आयुष्मान कार्ड एक अतिरिक्त सुरक्षा कवच है। प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों, सीएचसी, पीएचसी तथा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स में सभी नागरिकों को बिना किसी भेदभाव के निःशुल्क इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए सुधारों के परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश ने मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को नियंत्रित करने में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। संस्थागत प्रसव अब राष्ट्रीय औसत के समकक्ष पहुंच चुका है। कई जनपद ऐसे हैं, जहां ट्यूबरक्लोसिस (टीबी) को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया गया है। एक समय उत्तर प्रदेश वेक्टर जनित रोगों की चपेट में रहता था। मानसून आते ही इंसेफेलाइटिस, डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया व कालाजार जैसी बीमारियां विकराल रूप ले लेती थीं। इंसेफेलाइटिस के कारण पिछले 40 वर्षों में उत्तर प्रदेश में लगभग 50 हजार मासूम बच्चों की मृत्यु हुई थी। वर्ष 2017 में सरकार ने इसके खिलाफ निर्णायक अभियान शुरू किया। समय पर पहचान, स्थानीय स्तर पर इलाज और जवाबदेही तय करने की व्यवस्था लागू की गई। मात्र दो वर्षों के भीतर इस बीमारी को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया गया और आज उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस से ज़ीरो डेथ दर्ज की जा रही है। डेंगू, मलेरिया, कालाजार और चिकनगुनिया पर भी प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब अगला लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘ईज़ ऑफ लिविंग’ विजन को साकार करना है। इसके लिए टेक्नोलॉजी का अधिकतम उपयोग आवश्यक है। स्क्रीनिंग की प्रक्रिया गांव स्तर से शुरू होनी चाहिए, ताकि मरीज को अनावश्यक रूप से 40-50 किलोमीटर दूर न जाना पड़े। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर ही यह तय हो जाए कि मरीज को किस स्तर की चिकित्सा की आवश्यकता है। टेली कंसल्टेशन, टेलीमेडिसिन और एआई आधारित स्क्रीनिंग से यह संभव है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में मेडिकल डिवाइस पार्क और ललितपुर में बल्क ड्रग फार्मा पार्क का विकास युद्धस्तर पर किया जा रहा है। इसका उद्देश्य केवल आत्मनिर्भर भारत नहीं, बल्कि 'मेक इन इंडिया' से 'मेक फॉर द वर्ल्ड' की दिशा में आगे बढ़ना है। कोविड काल ने यह सिखाया कि संकट के समय दुनिया अपनी मोनोपोली दिखाती है। ऐसे में देश व प्रदेश को स्वास्थ्य और मेडिकल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना ही होगा। मुख्यमंत्री ने तक्षशिला विश्वविद्यालय और वैद्य जीवक की कथा का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय मनीषा हमेशा यह मानती रही है कि “नास्ति मूलमनौषधम्” यानि कोई भी वनस्पति ऐसी नहीं, जिसमें औषधीय गुण न हों। उसी तरह “अयोग्य: पुरुषो नास्ति” यानि कोई व्यक्ति अयोग्य नहीं होता, आवश्यकता केवल सही योजक की होती है। आज सरकार की नीतियां वही योग्य योजक हैं, जो युवाओं, स्टार्टअप्स व इनोवेटर्स को अवसर प्रदान कर रही हैं।

निर्माणाधीन गोरखपुर-पिपराइच फोरलेन मार्ग का सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया निरीक्षण

  गोरखपुर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर-पिपराइच फोरलेन मार्ग का स्थलीय निरीक्षण कर अधिकारियों को निर्देशित किया कि गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए निर्माण कार्य में तेजी लाएं ताकि तय समयसीमा में यह मार्ग जनता को समर्पित कर दिया जाए। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने खजांची चौराहा फ्लाईओवर, जंगल कौड़िया-जगदीशपुर रिंग रोड के निर्माण की प्रगति की भी जानकारी ली और जरूरी दिशानिर्देश दिए। विकास कार्यों का जायजा लेने के क्रम में सीएम योगी बुधवार अपराह्न गोरखपुर-पिपराइच फोरलेन मार्ग के विकास भारती स्कूल मोड के आगे पहुंचे। यहां उन्होंने सड़क परियोजना के ले आउट, ड्राइंग मैप का अवलोकन करने के साथ कार्य प्रगति की जानकारी ली। 19.485 किमी लंबाई वाले गोरखपुर-पिपराइच फोरलेन मार्ग का निर्माण 942.44 करोड़ रुपये की लागत से कराया जा रहा है। कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड तीन ने 11 फरवरी 2025 को कार्य प्रारंभ किया था। निर्माण 31 अगस्त 2026 तक पूर्ण किया जाना लक्षित है। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माण में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। साथ ही कार्य में तेजी लाते हुए इसे अगस्त 2026 तक पूर्ण किया जाना भी सुनिश्चित हो। मुख्यमंत्री ने फोरलेन सड़क पर पानी की लेवलिंग जांचने के भी निर्देश दिए ताकि सड़क पर जलजमाव की कोई समस्या न रहे। जंगल कौड़िया-जगदीशपुर रिंग रोड का भी काम देखा सीएम ने गोरखपुर-पिपराइच फोरलेन का निर्माण कार्य देखने के दौरान मुख्यमंत्री ने जंगल-कौड़िया रिंग रोड के कार्यों का भी अवलोकन और निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण में और तेजी लाते हुए इस रिंग रोड को सितंबर माह तक पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि इस रोड पर बिशुनपुर अंडरपास की चौड़ाई को भी परख लिया जाए। चौड़ाई इतनी होनी चाहिए कि जनता को कोई दिक्कत न हो। जल्द पूरा करें खजांची बाजार फ्लाईओवर का निर्माण निरीक्षण की श्रृंखला में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खजांची चौराहे पर 96.50 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे फ्लाईओवर का भी जायजा लिया। फ्लाईओवर के पास रुककर उन्होंने निर्माण की अब तक की प्रगति जानी और ड्राइंग मैप को भी देखा। इस फ्लाई ओवर का निर्माण 99 प्रतिशत से अधिक पूर्ण हो गया है। कार्यदायी संस्था की तरफ से बताया गया कि करीब तीन दिन का ही काम शेष है। इस पर सीएम योगी ने जल्द से जल्द फ्लाईओवर का निर्माण शत प्रतिशत पूर्ण करने के निर्देश दिए।  मुख्यमंत्री द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान महापौर डॉ मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक महेंद्रपाल सिंह, विपिन सिंह, एमएलसी एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ धर्मेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी भी उपस्थित रहे।

भारत की अंतरिक्ष उड़ान को नई ऊंचाई: LVM3-M6 लॉन्च पर CM योगी ने दी बधाई

लखनऊ भारत ने अंतरिक्ष क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। LVM3-M6 की सफल उड़ान के साथ भारत की धरती से अब तक का सबसे भारी उपग्रह अपने निर्धारित कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित किया गया। इसी बीच सीएम योगी आदित्यनाथ ने देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सफलता आत्मनिर्भर भारत की भावना का सशक्त प्रतीक है। प्रौद्योगिकी में भारत का बढ़ते वैश्विक कद सीएम योगी ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि भारत के लिए गर्व का क्षण है। इसरो की पूरी टीम को हार्दिक बधाई। LVM3-M6 के सफल प्रक्षेपण पर, ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 उपग्रह को निम्न पृथ्वी कक्षा में तैनात किया गया। ऐतिहासिक मिशन अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में भारत के बढ़ते वैश्विक कद को दर्शाता है। पीएम नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और निरंतर मार्गदर्शन द्वारा सक्षम है। इसरो देश को लगातार प्रेरित कर रहा है और दुनिया के लिए एक भरोसेमंद अंतरिक्ष भागीदार के रूप में भारत की भूमिका को मजबूत कर रहा है। यह सफलता न केवल ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि भारत को वैश्विक वाणिज्यिक प्रक्षेपण बाजार में एक विश्वसनीय शक्ति के रूप में भी स्थापित करती है।

बाबू बनारसी दास विश्वविद्यालय लखनऊ के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

समाधान की तरफ जाएंगे तो सफलता अवश्य प्राप्त होगीः सीएम योगी सीएम ने एआई पर दिया जोर, युवाओं से बोले- वह आपके द्वारा संचालित हो, आप उसके द्वारा संचालित न हों बीबीडी एकेडमी में भी स्केल व स्किल का बेहतरीन समन्वयः मुख्यमंत्री   टेक्नोलॉजी के साथ ही युवाओं को संस्कारों से भी जोड़ें संस्थानः सीएम योगी   लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बाबू बनारसी दास विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में युवाओं को ‘शिक्षक’ के रूप में रास्ता दिखाया। उन्होंने युवाओं को हमेशा प्रयास करते रहने की सीख दी। कहा कि प्रयास करने से सब कुछ हो सकता है। जीवन में सफलता के दो ही मार्ग हैं। समाधान की तरफ जाएंगे तो सफलता प्राप्त होगी। समस्या को बार-बार गिनाते रहेंगे तो सफल नहीं हो सकते। समस्या की बजाय समाधान पर ध्यान दीजिए। सभी लोग मिलकर जब सामूहिक रूप से प्रयास करेंगे तो समाधान मिलेगा। जीवन में सदा नया सीखने का अवसर प्राप्त होता है। अलग-अलग सेक्टरों में हमें नए अवसरों को ढूंढने का प्रयास करना चाहिए। कोई भी व्यक्ति अयोग्य नहीं है, बल्कि योग्य योजक चाहिए। संस्थान, बॉस, आचार्य, अभिभावक और व्यक्ति भावी पीढ़ी के लिए योजक बन सकते हैं। जीवन में धैर्य, संतुलन खोए बिना अडिग होकर आगे बढ़ेंगे तो सफलता कदम चूमेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीक्षांत समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री बाबू बनारसी दास, विश्वविद्यालय के रचनाकार पूर्व केंद्रीय मंत्री अखिलेश दास गुप्ता को भी याद किया। सीएम योगी ने 2011 में विश्वविद्यालय बनने के बाद से यहां के एकेडमिक एक्टिविटीज व खेल की तारीफ की। जब हमने दुनिया का अनुसरण शुरू किया तो हमारी ताकत भी कम होती गई सीएम योगी ने कहा कि यह केवल दीक्षांत समारोह नहीं है बल्कि इंडियाज ट्रांसफॉर्मिंग जनरेशन का एक उदाहरण भी है। जो विद्यार्थी उपाधि प्राप्त करते हुए आगे बढ़ रहे हैं, आने वाले समय में उनके विजनरी लीडरशिप में देश-प्रदेश नई गति प्राप्त करेगा। सीएम योगी ने भारत की प्राचीन गुरुकुल प्रणाली के समावर्तन समारोह और उसके परिवर्तित रूप दीक्षांत समारोह की भी व्याख्या की। उन्होंने कहा कि हम जो करते थे, दुनिया उसका अनुसरण करती थी। जब हमने दुनिया का अनुसरण शुरू किया तो हमारी ताकत भी कम होती गई। सीएम योगी ने कहा कि बाबू बनारसी दास के संघर्षों, आजादी के लिए स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के रूप में उनके योगदान और स्वतंत्र भारत में उत्तर प्रदेश कैसा बनना चाहिए, इस पर उनके प्रयास की भी चर्चा की। बोले-उप्र के मुख्यमंत्री के रूप में हम जिन भी वर्तमान कार्ययोजनाओं को बढ़ाने में सफल होते हैं, उनमें कहीं न कहीं भाव इन्हीं विभूतियों के छिपे होते हैं। जो इन्होंने उस समय यूपी के बारे में सोचा था, हमें उत्तर प्रदेश में उन्हें मूर्त रूप प्रदान करने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। कृतज्ञता का भाव सदैव मन में होना चाहिए। पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ने लगाई लंबी छलांग सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ने लंबी छलांग लगाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेलो इंडिया खेलो के माध्यम से 2014 में एक अभियान चलाया। फिट इंडिया मूवमेंट, सांसद खेलकूद प्रतिस्पर्धा के माध्यम से खेलकूद के प्रति भाव पैदा करने की नई प्रेरणा प्रदान की। आज खेल दिनचर्या का हिस्सा बनता जा रहा है। किसी एकेडमिक संस्था में खेल भी महत्वपूर्ण हिस्सा हो और उसके पास भव्य स्टेडियम, बैडमिंटन एकेडमी हो, यह बीबीडी की बड़ी उपलब्धि है। 10 कदम आगे की सोच लेकर चलेंगे, तब दुनिया अनुगमन करेगी सीएम योगी ने कहाकि यह केवल रूटीन की डिग्री प्रदान करने वाला संस्थान नहीं है। इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के नए हब के रूप में बीबीडी को स्थापित करने के लिए नया प्रयास प्रारंभ हुआ है। दुनिया तकनीक को तेजी से अपना रही है। दुनिया जहां जा रही है, हम उससे 10 कदम आगे की सोच लेकर चलेंगे, तब दुनिया हमारा अनुगमन करने को मजबूर होगी। 11 वर्ष में भारत की विकास यात्रा का जिक्र करते हुए सीएम ने कहाकि इसे देख दुनिया भी उसके पीछे चलने के लिए खुद को मजबूर करती है। सीएम योगी ने 2014 के पहले व बाद में देश के प्रति आई धारणा का जिक्र किया। बोले कि लोगों की हताशा व निराशा को आशा व उत्साह में भरने का कार्य 2014 के बाद देखने को मिला। मोदी जी ने स्केल को स्किल में बदलने का कार्य किया सीएम योगी ने कहा कि भारत ने हर क्षेत्र में नई छलांग लगाई है। छोटे-छोटे प्रयोग कर भारत ने बताया कि इसके परिणाम क्या हो सकते हैं। मोदी जी ने कहा कि हर गरीब का बैंक अकाउंट होना चाहिए तो नकारात्मक लोग नकारात्मक स्वर बोलने लगे। जिन्हें कुछ नहीं करना होता है, वे सकारात्मक कदम का विरोध करते हैं। कोई चिंता किए बिना मोदी जी ने जीरो बैलेंस पर गरीबों के बैंक अकाउंट खुलवाए, जिससे डीबीटी के माध्यम से बिना किसी कट के शासन की योजनाओं की राशि सीधे गरीबों के खाते में जा रही है। इससे देश में 50 करोड़ परिवार जुड़ता दिखाई दे रहा है। यह भ्रष्टाचार पर बड़ा प्रहार है। सब कुछ डिजिटल पेमेंट के साथ जुड़ गया है। कभी राजीव गांधी ने कहा था कि हम एक रुपये भेजते हैं, गरीब के पास 15 पैसे जाते हैं पर आज डिजिटल इंडिया मिशन है। जब दुनिया की सुपर पावर भी कोरोना के साए में थी, तब भारत कोविड प्रबंधन के साथ ही 2020 में नेशनल एजूकेशन पॉलिसी को लांच कर रहा था। सीएम ने कई योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि युवा की आकांक्षाओं को पंख लगाने की दृष्टि से मोदी जी ने स्केल को स्किल में बदलने का कार्य किया। बीबीडी एकेडमी में भी स्केल व स्किल का बेहतरीन समन्वय सीएम योगी ने कहा कि भारत सबसे युवा राष्ट्र है। यहां 56 फीसदी आबादी कामकाजी है। उनके सपनों को उड़ान देने के लिए संस्थानों को तैयार होना है। लखनऊ में बीबीडी एकेडमी में भी स्केल व स्किल का बेहतरीन समन्वय दिखता है। हमें उस दिशा में आगे कार्य करना होगा। सीएम ने हर क्षेत्र में एआई की उपयोगिता पर जोर देते हुए कहा कि यह आज की आवश्यकता है, लेकिन वह आपके द्वारा संचालित हो, आप उसके द्वारा न संचालित हो। रोबोटिक में भारत ने लंबी छलांग … Read more

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपीआईटीएस (तृतीय संस्करण) के उद्घाटन समारोह को किया संबोधित

अंत्योदय को राष्ट्रोदय में बदलने का विशिष्ट अवसर है यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शोः सीएम योगी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपीआईटीएस (तृतीय संस्करण) के उद्घाटन समारोह को किया संबोधित  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंत्योदय के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय की पावन जयंती पर उनकी स्मृतियों को किया नमन   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म लागू करने के उपरांत यूपी में प्रथम आगमन पर प्रधानमंत्री मोदी का किया स्वागत  दूसरे देशों पर निर्भरता को कम करना और स्वदेशी साधनों का बेहतर उपयोग ही प्रधानमंत्री का आह्वानः सीएम योगी  बोले सीएम- चार दिन में ही मार्केट में आई नई जीवंतता, गरीब, श्रमिक, व्यापारी, किसान समेत हर तबके को मिला जीवनदान  एक वर्ष से भी कम समय में 90 हजार से अधिक युवा ले चुके सीएम युवा उद्यमी स्कीम का लाभ: मुख्यमंत्री  ग्रेटर नोएडा/लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस 2025) के मंच पर अंत्योदय के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय की पावन जयंती पर उन्हें याद किया। बोले कि उन्होंने अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति के बारे में 70 वर्ष पहले नया चिंतन दिया था। उन्होंने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो अंत्योदय को राष्ट्रोदय में बदलने का विशिष्ट अवसर है। यह अवसर केवल ट्रेड शो का नहीं, बल्कि वर्तमान आर्थिक चुनौतियों का सामना करने के साथ ही आत्मनिर्भर भारत के स्वदेशी मॉडल व मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड के पीएम मोदी के विजन का स्वरूप भी है। यूपीआईटीएस के तीसरे संस्करण में 80 देशों के साढ़े पांच सौ से अधिक बायर्स भी हिस्सा ले रहे हैं। यूपी के सभी 75 जनपदों से 2250 से अधिक एग्जीबिटर्स सहभागी बने हैं। ब्रांड यूपी के उत्सव की चर्चा कर योगी ने कहा कि पिछले आठ-साढ़े आठ वर्ष में आई औद्योगिक क्रांति, परंपरागत उद्यम को फिर से दिया गया जीवनदान यूपी की समृद्ध- सांस्कृतिक विरासत तथा सामाजिक विविधता को ट्रेड शो प्रतिबिंबित कर रहा है। इसके जरिए यूपी को देश व दुनिया के सामने शोकेस करने का बेहतरीन प्लेटफॉर्म प्राप्त हुआ है।  नए भारत के नए यूपी व विकसित भारत के विकसित यूपी को बढ़ाने में कारगर साबित होगा आयोजन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (तृतीय संस्करण) के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया। उन्होंने फिरोजाबाद के शिल्पियों द्वारा बनाई गई मां दुर्गा की प्रतिमा प्रधानमंत्री को भेंट की। सीएम ने पार्टनर कंट्री के रूप में रूस के साथ ही यूपीआईटीएस में आए 532 से अधिक फॉरेन बायर्स का भी स्वागत किया। सीएम ने कहा कि यह आयोजन नए भारत के नए यूपी व विकसित भारत के विकसित यूपी को बढ़ाने में कारगर साबित होगा।   दीपावली का बेहतरीन उपहार देने के लिए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के प्रति जताया आभार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेक्स्ट जनरेशन जीएसटी रिफॉर्म लागू करने के उपरांत यूपी में प्रथम आगमन पर प्रधानमंत्री का स्वागत किया। गरीब, किसान, महिला, युवा, मध्यम, व्यापारी, लघु एवं कुटीर उद्योग सहित सभी वर्ग व समुदायों को दीपावली का बेहतरीन उपहार देने के लिए उन्होंने यूपी वासियों की तरफ से पीएम का आभार जताया। सीएम ने कहा कि अपैरल व टेक्सटाइल, लेदर उत्पाद, हस्तशिल्प व कॉरपेट्स में यूपी देश में शीर्ष पर है। बदलते वैश्विक आर्थिक परिवेश की चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करने के लिए प्रधानमंत्री जी ने जीएसटी रिफॉर्म्स के माध्यम से बहुत ही महत्वपूर्ण व क्रांतिकारी कदम उठाया है।  चार दिन में ही मार्केट में आई नई जीवंतता सीएम योगी ने कहा कि जुलाई 2017 में वन नेशन, वन टैक्स लागू हुआ था। टैक्स के अलग-अलग चार स्लैब थे, लेकिन नए सुधार के अंदर अब दो स्लैब ही जीएसटी रिफॉर्म के माध्यम से दिखेंगे। इसमें अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। पिछले चार दिनों के अंदर हम लोगों ने अहसास किया है कि मार्केट में नई जीवंतता आई है। उपभोक्ता का बाजार की तरफ तेजी से रूख हुआ है। गरीब, श्रमिक, व्यापाारी, किसान हर तबके को जीवनदान मिला है। इससे व्यापक पैमाने पर रोजगार सृजन के साथ-साथ यूपी जैसे राज्य के लिए ओडीओपी सेक्टर के उद्यमियों को नया जीवनदान प्राप्त हुआ है।  एक वर्ष से भी कम समय में 90 हजार से अधिक युवा ले चुके सीएम युवा उद्यमी स्कीम का लाभ  मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम ने 10 वर्ष पहले कहा था कि भारत के युवा को अब जॉब सीकर नहीं,  बल्कि जॉब क्रिएटर बनना होगा। पीएम स्टार्टअप, पीएम स्टैंडअप योजना,  पीएम इंटर्नशिप समेत अनेक योजनाओं ने बैकबोन का कार्य किया है। यूपी में हम लोगों ने सीएम युवा उद्यमी योजना के माध्यम से युवाओं को नया उद्यमी बनने की तरफ कदम उठाया है। 24 जनवरी 2025 को यूपी स्थापना दिवस पर यह स्कीम लागू हुई थी। एक वर्ष से भी कम समय में अब तक 90 हजार से अधिक युवा इस स्कीम का लाभ ले चुके हैं।  हुनरमंद कारीगर व हस्तशिल्पी के उत्थान के लिए अत्यंत संवेदनशील हैं पीएम   सीएम योगी ने कहा कि उद्यम पंक्ति में खड़े अंतिम हुनरमंद कारीगर व हस्तशिल्पी के उत्थान के लिए पीएम अत्यंत संवेदनशील हैं। परंपरागत कारीगरों व हस्तशिल्पियों को पीएम विश्वकर्मा योजना उपहार में दी गई है। राज्य सरकार की ओर से संचालित ओडीओपी के साथ ही विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के माध्यम से चार लाख से अधिक हस्तशिल्पियों व कारीगरों को ट्रेनिंग देकर, वोकल फॉर लोकल मंत्र को स्वदेशी का संकल्प देकर हुनरमंद कारीगरों को नया बाजार उपलब्ध कराने का प्लेटफॉर्म बना है।   77 जीआई उत्पाद के साथ यूपी देश का शीर्ष कैपिटल बना, 75 नए उत्पादों के लिए करने जा रहे आवेदन मुख्यमंत्री ने कहा कि 77 जीआई उत्पाद के साथ यूपी देश का शीर्ष जीआई कैपिटल बना है। 75 नए उत्पादों को जीआई टैग प्राप्त हो, इसके लिए इस वर्ष आवेदन करने जा रहे हैं। धरोहर के रूप में मौजूद प्रदेश में हजारों वर्ष की विरासत को इसके माध्यम से सजाने, संवारने व संरक्षण करने का कार्य करने जा रहे हैं। यहां भी 60 से अधिक जीआई टैग के स्टाल देखने को मिलेंगे। यूपीआईटीएस में स्टार्टअप, ओडीओपी, उभरते एक्सपोर्टर्स, महिला, नए उद्यमी, हस्तशिल्पी, आईटी-इलेक्ट्रॉनिक्स, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, कौशल विकास, महिला स्वयंसेवी समूह, वन व पर्यावरण विभाग के उत्पाद व प्रयास भी प्रस्तुत किए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कर कमलों से फरवरी 2023 में यूपी ग्लोबल … Read more

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो से पहले 19 सितंबर को ग्रेटर नोएडा में सीएम योगी की समीक्षा बैठक

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आगामी 19 सितंबर को ग्रेटर नोएडा दौरे पर आएंगे। वह इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित होने जा रहे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2025 की तैयारियों का समीक्षा बैठक के माध्यम से निरीक्षण करेंगे। बैठक में प्रदेश के सभी विभागों के प्रमुख सचिव, स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस अधिकारी और संबंधित विभागों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। 25 सितंबर से शुरू होगा ट्रेड शो इंडिया एक्सपो सेंटर में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित होने वाला यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2025 प्रदेश का एक प्रमुख आर्थिक, औद्योगिक और व्यापारिक आयोजन है। इस बार यह ट्रेड शो अपने तीसरे संस्करण में प्रवेश कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस भव्य आयोजन का उद्घाटन कर सकते हैं। अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है लेकिन आयोजन की तैयारियां पीएम के संभावित आगमन को ध्यान में रखते हुए की जा रही हैं। यदि प्रधानमंत्री का दौरा तय होता है तो मुख्यमंत्री 24 सितंबर को दोबारा ग्रेटर नोएडा आएंगे। 1500 से अधिक पुलिसकर्मियों पर रहेगी सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बेहद चाक-चैबंद रखी जाएगी। सूत्रों के अनुसार 1500 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। सुरक्षा बलों में डीसीपी, एडीसीपी, एसीपी, निरीक्षक, उपनिरीक्षक और कांस्टेबल शामिल होंगे। 7 कंपनियां भी सुरक्षा ड्यूटी में लगाई जाएंगी। प्रधानमंत्री के हेलीकॉप्टर से आने की संभावना है, लेकिन सड़क मार्ग से आने के विकल्प को लेकर भी तैयारियां पूरी कर ली गई है।   सरकार और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद प्रदेश सरकार और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण, नोएडा प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण साथ ही जिला प्रशासन इस बड़े आयोजन को सफल बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। ट्रेड शो के दौरान देश-विदेश के हजारों उद्यमी, निवेशक और कारोबारी प्रतिनिधि ग्रेटर नोएडा आएंगे जिसके लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही है।