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‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश विजन-2047’ पर आयोजित कार्यशाला में बोले सीएम योगी

आज प्रदेश के हर सेक्टर में दिख रहा विकास : मुख्यमंत्री विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के लिए पीएम मोदी के पंच प्रण से जुड़ना होगा : मुख्यमंत्री गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2047 तक विकसित भारत बनाने की संकल्पना के अनुरूप प्रदेश ‘विकसित उतर प्रदेश विजन 2047’ पर काम कर रही है। इसमें सरकार द्वारा निर्धारित 12 सेक्टर्स में से किसी भी क्षेत्र में अपने सुझाव देकर राज्य का हर व्यक्ति यूपी को विकसित बनाने में योजक की भूमिका निभा सकता है। उन्होंने आह्वान किया कि हर व्यक्ति सरकार द्वारा जारी ‘विकसित उतर प्रदेश विजन 2047’ के क्यूआर कोड को मोबाइल में स्कैन कर अपने सुझाव अवश्य दे। सीएम योगी रविवार को महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर एमजीयूजी के ऑडिटोरियम में ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश विजन-2047’ पर आयोजित कार्यशाला को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की ओर से आयोजित इस कार्यशाला में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की पूर्व और वर्तमान दशा का विस्तार से उल्लेख किया और भावी दशा के लिए एक रोडमैप सबके सामने रखा। सीएम ने कहा कि आजादी मिलने के बाद 1947 के देश की अर्थव्यवस्था में उत्तर प्रदेश का योगदान 14 प्रतिशत था। इसके बाद इसमें लगातार गिरावट आती गई। 2017 में उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद इसमें सुधार आना शुरू हुआ। मुख्यमंत्री ने बताया कि 2017 तक उत्तर प्रदेश की जीडीपी 12 लाख 36 हजार करोड़ रुपये थी। इस वर्ष के अंत तक सरकार इसे 36 लाख करोड़ रुपये पर पहुंचाने जा रही है। यानी नौ सालों में तीन गुने की वृद्धि। इसी तरह राज्य में प्रति व्यक्ति आय भी नौ सालों में 45000 रुपये से बढ़कर 1 लाख 20000 रुपये पर पहुंच रही है। आज प्रदेश में हरेक सेक्टर में विकास देखने को मिल रहा है। सीएम योगी ने कहा कि आजादी की 75वीं वर्षगांठ ‘अमृत महोत्सव’ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक देश को विकसित बनाने के लिए जो पंच प्रण दिए हैं, हम सभी को उसके साथ आगे बढ़ना होगा। हमें उन पंच प्रणों, गुलामी की मानसिकता को सर्वथा समाप्त करना, विरासत का सम्मान करना, सेना, अर्धसेना और यूनिफॉर्मधारी जवानों का सम्मान व उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करना, जाति, क्षेत्र या किसी भी तरह के वाद से मुक्त होकर समतामूलक समाज के लिए एकता के सूत्र में बंधना और नागरिक कर्तव्यों का पालन करना अपने दिनचर्या का हिस्सा बनाना होगा। विकसित भारत के लिए यूपी ने उठाई आवाज मुख्यमंत्री ने पितृ विसर्जन के पावन पर्व पर आजादी दिलाने वाले देश के पूर्वजों को याद करते हुए कहा कि देश के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वालों का सपना था कि भारत दुनिया की एक ताकत बने। पितृ विसर्जन पर विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प के लिए आयोजित यह कार्यशाला पूर्वजों के प्रति सबसे बड़ी श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि पीएम के आह्वान के तीन साल बाद जब किसी और जगह से आवाज नहीं आई तो विकसित भारत के लिए आवाज उठाने की शुरुआत यूपी ने की। बताया कि अगस्त माह में विकसित उत्तर प्रदेश के लिए एक विजन बनाने को विधानसभा और विधान परिषद में लगातार 24 घण्टे चर्चा हुई। इस चर्चा ने उस धारणा को बदल दिया है जिसमें कहा जाता था कि विधायिका में काम नहीं होता है। और, उस चर्चा के बाद अब आमजन से सुझाव लेकर कार्ययोजना बनाने की तैयारी की जा रही है। प्रदेशभर में इस तरह की चर्चा के कार्यक्रम को आगे बढ़ाने हेतु यूपी में तीन सौ से अधिक बुद्धिजीवियों जिसमें सेवानिवृत्त आईएएस, कुलपति, शिक्षक, चिकित्सकों, उद्यमियों की सहभागिता है, को प्रदेश के सभी जिलो में भेजा जा रहा है। ये बुद्धिजीवी प्रदेश के विभिन्न अकादमिक संस्थाओं में जाकर विकसित उत्तर प्रदेश के विजन पर छात्रों व अन्य लोगों से चर्चा कर रहे है। अब तक प्रदेश के 110 से अधिक अकादमिक संस्थाओं में भ्रमण कर ये बुद्धजीवी छात्रों से, जनता से संवाद कर चुके हैं। ये अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों के बहुमूल्य विचारों को भी आमंत्रित कर रहे है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विचार कभी मरता नहीं है। यदि विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश का विचार सामने आया है तो मूर्त रूप अवश्य लेगा। इसी विश्वास के साथ आज हम सब आगे बढ़ रहे हैं।  पीएम मोदी द्वारा दिए संकल्पों को दिनचर्या का हिस्सा बनाना होगा मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी ने विकसित भारत के लिए पंच प्रण के साथ 9 संकल्प की भी बात की थी। ये संकल्प बहुत छोटे हैं और हमारी दिनचर्या के हिस्से के रूप में भी हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जल संरक्षण के लिए संकल्प की बात की है। एक संकल्प पर्यावरण संरक्षण है जिसमें एक पेड़ मां के नाम पर लगाना शामिल है। प्रधानमंत्री ने तीसरा संकल्प स्वच्छता का दिया। स्वच्छता न होने के कारण ही पूर्वी यूपी में इंसेफेलाइटिस बीमारी फैलती थी। आज यह क्षेत्र गंदगी मुक्त हुआ तो यहां इंसेफेलाइटिस भी समाप्त हुआ। बताया कि 1977 से 2017 तक 50 हजार बच्चों की मौत इंसेफेलाइटिस से हुई थी। 2017 के बाद सरकार के प्रयासों के बाद इसे समाप्त करने में सफलता पाई गयी। आज इंसेफेलाइटिस से कोई मौत नही होती। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भरता का संकल्प हमें दिया है। इसके लिए हमें स्वदेशी मॉडल को अपनाना होगा। समय व मांग के अनुरूप हमें उसके मॉडल में परिवर्तन करना होगा। हमें वोकल फार लोकल की दिशा में आगे बढ़ना होगा।  भारत में आध्यात्मिक पर्यटन के सभी केंद्र मुख्यमंत्री ने कहा कि पांचवें संकल्प के रूप में प्रधानमंत्री ने देश दर्शन का दिया है। हमारे यहां 4 धाम, 51 शक्ति पीठ, 12 ज्योर्तिलिंग आदि आध्यात्मिक पर्यटन के सभी केंद्र हैं। हेरिटेज टूरिज्म की दृष्टि से भी भारत सम्पन्न है। भारत ने आक्रान्ताओं के खिलाफ एक लम्बी लड़ाई लड़ी है। टूरिज्म के लिए हम विदेश क्यों जाएं, जब हमारे पास इतना वैभवपूर्ण टूरिज्म क्षेत्र है। इससे हमारा पैसा भी अपने देश में खर्च होगा। पीएम के संकल्पों को याद दिलाते हुए सीएम योगी ने कहा कि हमें प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना चाहिए। रासायनिक उर्वरको से कैंसर जैसे अनेक रोग होते है। मधुमेह के रोगियों की संख्या भारत में लगातार बढ़ रही है। प्राकृतिक खेती … Read more

मिशन शक्ति का शुभारंभ: योगी सरकार ने त्योहारों में सुरक्षा कड़ा करने का लिया निर्णय

लखनऊ  सीएम योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ के लोकभवन में मिशन शक्ति के पांचवें चरण का शुभारंभ किया। इस मौके पर नवस्थापित मिशन शक्ति केंद्रों का उद्घाटन, मिशन शक्ति केंद्रों से संबंधित SOP की पुस्तिकाओं का विमोचन भी किया गया। सीएम विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद कार्यक्रम में भी शामिल हुए। सीएम योगी ने कहा कि मिशन शक्ति के इस अभियान नारी सुरक्षा, नारी सम्मान और नारी स्वावलंबन के साथ जोड़ा गया है। आज इसके परिणाम हम सबके सामने हैं। यूपी पुलिस में आजादी के बाद से 2017 तक महिला कार्मिकों की संख्या मात्र 10 हजार थी। 2017 के बाद से अब तक जो भर्ती हुई है उसके चलते यूपी पुलिस में आज 44 हजार से अधिक महिला कार्मिक हैं। हर भर्ती में 20 प्रतिशत महिलाओं की भर्ती अनिवार्य रूप से करनी है। उधर, आने वाले दिनों पर पड़ने वाले त्योहारों के मद्देनजर पुलिस-प्रशासन अलर्ट पर है। कल यानी शुक्रवार 19 सितम्बर 2025 को सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक उच्चस्तरीय बैठक में आदेश दिया था कि आगामी पर्व-त्योहार पर लोगों की सुरक्षा, सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाए। माहौल खराब करने वाले अराजक तत्वों के साथ पुलिस कठोरता से निपटे। इसके बाद शनिवार को प्रदेश के कई जिलों में त्योहारों को लेकर पुलिस की तैयारी नजर आई। अयोध्या में एसएसपी गौरव ग्रोवर ने बताया एएनआई से बातचीत में बताया कि आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए आयोजित किए जाने वाले सभी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। अधिकारियों को दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं। कांस्टेबल से लेकर सभी अधिकारी, सभी जगह का निरीक्षण कर रहे हैं। आयोजन समितियों के साथ विस्तृत बैठकें की गई हैं। त्योहारों को उत्साह के साथ सुरक्षित रूप से मनाने के लिए सभी व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

जीएसटी रिफॉर्म मूलरूप से हर एक भारतीय पर से टैक्स का बोझ कम करने के लिए है- मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कहा- Next-Gen GST Reform नीतिगत समायोजन के साथ ही मोदी सरकार के एक दशक के अथक, स्थिर और दूरदर्शी आर्थिक प्रबंधन की परिणति है  जीएसटी रिफॉर्म को लेकर अभियान को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी विधायकों और मंत्रियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से की बैठक – व्यापारियों से लेकर ग्राहकों तक पहुंचेंगे जनप्रतिनिधि, बताएंगे स्वदेशी उत्पाद और जीएसटी रिफॉर्म के फायदें  – जीएसटी रिफॉर्म से किसान से लेकर व्यापारी, विद्यार्थी और महिलाओं को होगा सीधा फायदा, हर वर्ग को बताएं रिफॉर्म से होने वाले फायदें – ‘घटी जीएसटी, मिला उपहार, धन्यवाद मोदी सरकार’ के स्लोगन के साथ ग्राहकों और व्यापारिक संगठनों से करें मुलाकात – हर प्रतिष्ठानों पर लगेगा ‘गर्व से कहो यह स्वदेशी है’ का पोस्टर, आत्मनिर्भर व विकसित भारत में स्वदेशी उत्पादों से होने वाले लाभ को बताएं  लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश सरकार में शामिल एनडीए के सभी विधायकों और मंत्रियों के साथ बैठक कर ‘जीएसटी रिफॉर्म जागरूकता अभियान’ के पहले चरण (22 सितंबर से 29 सितंबर 2025) की रूपरेखा प्रस्तुत की। इस अभियान का उद्देश्य जीएसटी में किए गए सुधारों को व्यापक रूप से जन-जन तक पहुंचाना और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों को इसे प्रभावी ढंग से लागू करने का निर्देश दिया, ताकि त्योहारी सीजन में व्यापारियों, दुकानदारों और आम जनता को इसका पूरा लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान का नेतृत्व सभी जनप्रतिनिधियों द्वारा उनके इलाके में हर रोज अलग-अलग स्थानों पर होगा। मुख्यमंत्री खुद इस अभियान में शामिल होंगे। साथ ही दोनों उपमुख्यमंत्री भी इस अभियान लगातार सात दिन आगे बढ़ाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सांसद, मंत्री, विधायक, एमएलसी और पार्षद अपने-अपने क्षेत्रों में रोजाना 1-2 घंटे बाजारों में सक्रिय भागीदारी निभाएंगे। जिलों में प्रभारी मंत्री स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद कर उन्हें अभियान से जोड़ेंगे, ताकि यह पहल हर स्तर पर प्रभावी हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान के तहत जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रतिदिन अलग-अलग बाजारों का दौरा किया जाएगा। दुकानदारों को गुलाब का फूल भेंट कर धन्यवाद दें। उन्होंने कहा कि दुकानदारों को बताएं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी लंबे समय से चली आ रही मांग के अनुसार जीएसटी रिफॉर्म लागू किया है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि दुकानों पर ‘गर्व से कहो यह स्वदेशी है’ का पोस्टर लगाएं। साथ ही, दुकानदारों से आग्रह करें कि वे अपने यहाँ स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दें, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिले। अभियान के दौरान यह संदेश दें कि स्वदेशी केवल एक नारा नहीं, बल्कि भारत के श्रम, हुनर और परिश्रम की पहचान है। स्थानीय और भारतीय उत्पादों को अपनाने से ही आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत का सपना साकार होगा। दुकानदारों और ग्राहकों को प्रेरित करें कि वे गर्व के साथ स्वदेशी सामान का उपयोग करें, जिससे देश की आर्थिक प्रगति को गति मिले। त्योहारों की खरीदारी के मौके पर ग्राहकों से संवाद कर उन्हें बताएं कि जीएसटी रिफॉर्म से आम जनता को सीधा लाभ मिल रहा है, जिससे सस्ता सामान उपलब्ध हो रहा है। ग्राहकों को भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके साथ ही, ग्राहकों के छोटे-छोटे वीडियो बनाए जाएंगे, जिसमें वे सस्ते सामान मिलने पर प्रधानमंत्री को धन्यवाद देंगे। ये वीडियो अभियान के सकारात्मक प्रभाव को उजागर करेंगे। सभी जनप्रतिनिधि दुकानदारों और ग्राहकों को सरल भाषा में समझाएंगे कि जीएसटी रिफॉर्म ने व्यापार को आसान बनाया है, जनता को सस्ता सामान उपलब्ध कराया है और स्वदेशी उत्पादों के प्रयोग से भारत आत्मनिर्भर और सशक्त राष्ट्र बनेगा। हर स्तर पर जागरूकता फैलाने का प्रयास होगा, ताकि यह सुधार व्यापारी और उपभोक्ता दोनों के लिए लाभकारी सिद्ध हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी प्रभारी मंत्री अपने प्रभार वाले जनपदों में जाएं और वहां के स्थानीय निकायों और व्यापरिक संगठनों, किसानों और आम जनता से मुलाकात कर उन्हें इसका फायदा बताएं। इसे एक साथ पूरे प्रदेश में लागू करें। स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी इसमें शामिल करें। उन्होंने कहा कि जीएसटी रिफॉर्म से वस्तुएं सस्ती होंगी, लोगों की क्रय शक्ति बढ़ेगी, इससे निवेश आएगा और रोजगार का सृजन होगा। आम लोगों को इसके बारे में जागरूक करना जरूरी है। त्योहारों में खरीदारी करने वाले लोगों से भी संवाद करें।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी जनप्रतिनिधियों से सक्रिय सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि यह अभियान न केवल आर्थिक प्रगति को बढ़ावा देगा, बल्कि स्वदेशी को बढ़ावा देकर आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता के सहयोग से ही ये सुधार अपने लक्ष्य तक पहुंचेंगे। इससे विकसित और आत्मनिर्भर भारत का संकल्प पूरा हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों से उनके अगले सात दिन के कार्यक्रम की रूपरेखा भेजने और उसे तत्परता से लागू करने का निर्देश दिया।

मारीच की तरह छिपा था आरोपी, गोली लगते ही शूटर ने दिया एनकाउंटर: CM योगी

लखनऊ   यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बरेली में अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर पर हुई गोलीबारी के मामले में एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार एक शूटर की तुलना राक्षस 'मारीच' से की। लखनऊ के लोक भवन में एक समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा, 'आपने कल देखा कि महिला संबंधी अपराध में शामिल एक अपराधी दूसरे राज्य से यूपी आया था। वह संभवतः 'मारीच' (वेश बदलने में माहिर राक्षस) की तरह घुसा था। लेकिन जब यूपी पुलिस की गोली उसे लगी, तो वह चिल्ला रहा था कि वह गलती से उत्तर प्रदेश में घुस आया और अब कभी ऐसा दुस्साहस नहीं करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा, हर उस अपराधी को राज्य से बाहर जाना ही करना होगा जो महिला सुरक्षा को नुकसान पहुंचाएगा, जो उनके सम्मान और आत्मनिर्भरता में बाधा बनने की कोशिश करेगा। बरेली पुलिस के अनुसार, फिल्म अभिनेत्री दिशा पाटनी के बरेली स्थित पैतृक घर पर गोलीबारी करने वाले पांच शूटरों में से एक आरोपी रामनिवास को उसके साथी अनिल के साथ शुक्रवार को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अनुराग आर्य ने बताया कि मुठभेड़ बरेली में हुई, जिसमें आरोपी रामनिवास के पैर में गोली लगी। घटना के वायरल वीडियो में रामनिवास हाथ जोड़कर जमीन पर लेटा हुआ दिख रहा है और कह रहा है, बाबा के यूपी में कभी नहीं आएंगे साहब। पुलिस ने आरोपी के पास से .32 बोर की पिस्तौल, चार कारतूस और चार खोखे बरामद किए। आर्य ने बताया कि पूछताछ में रामनिवास ने गोलीबारी में अपनी संलिप्तता स्वीकार की और यह भी बताया कि वह घटना के बाद से फरार था।  

बेटियों का सशक्तिकरण: CM योगी बोले, अब वे खुद तय करती हैं अपना भविष्य

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लोकभवन सभागार में नारी की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए समर्पित महत्वाकांक्षी अभियान ‘मिशन शक्ति-5.0’ का भव्य शुभारंभ किया। इस दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि पहले बेटियां सुरक्षित नहीं थीं, लेकिन आज वे खुद अपने रास्ते बना रही हैं। उन्होंने कहा कि नारी सम्मान उनकी प्राथमिकता है, यही वजह है कि 2017 के बाद से प्रदेश में महिलाओं की स्थिति में अभूतपूर्व परिवर्तन आया है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीयत साफ होती है तो योजनाएं खुद अपना रास्ता बना लेती हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी 1,647 थानों में नवस्थापित मिशन शक्ति केंद्रों का बटन दबाकर उद्घाटन किया। साथ ही, मिशन शक्ति केंद्रों की एसओपी पुस्तिकाओं, बुकलेट और ‘सशक्त नारी, समृद्ध प्रदेश’ फोल्डर का विमोचन भी किया। इस दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जनपदों के अधिकारीगण और मंत्रीगण इस ऐतिहासिक पल से जुड़े रहे। सीएम योगी ने कार्यक्रम को संबोधन करते हुए कहा कि मिशन शक्ति के पांचवें चरण का शुभारंभ करते हुए उन्हें गर्व और प्रसन्नता हो रही है। पांच साल पहले, 2020 में इस अभियान की शुरुआत के समय लोग संशय में थे कि क्या होगा, कैसे होगा, इसकी थीम क्या होगी? लेकिन मिशन शक्ति को नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन से जोड़कर इसे नारी गरिमा के अनुरूप ढाला गया। आज इसके सकारात्मक परिणाम सबके सामने हैं। उन्होंने बताया कि इस अभियान ने नारी को सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन का मार्ग दिखाया है, जिसे तेजी से आगे बढ़ाया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद से 2017 तक पुलिस में महिला कार्मिकों की संख्या महज 10,000 थी, लेकिन 2017 से अब तक यह संख्या 44,000 से अधिक हो गई है। हर भर्ती में 20 प्रतिशत महिलाओं को अनिवार्य रूप से शामिल किया जा रहा है और उनकी समय पर ट्रेनिंग सुनिश्चित की जा रही है। हाल ही में संपन्न 60,200 पुलिस कार्मिकों की भर्ती में 12 हजार से अधिक महिलाएं शामिल हुई हैं, जो वर्तमान में ट्रेनिंग ले रही हैं। सीएम योगी ने कहा कि यह ‘मिशन रोजगार’ और बिना भेदभाव के नौजवानों को जोड़ने का परिणाम है कि 2017 से पहले जो ट्रेनिंग क्षमता महज 3,000 थी, उसे बढ़ाकर अब 60,000 से अधिक कर दिया गया है। सीएम योगी ने कहा कि शिक्षा और अन्य विभागों में भी महिला भर्ती को बढ़ावा दिया गया। 2017 से पहले ट्रेनिंग की कमी एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन अब उत्तर प्रदेश में ही 60,200 से अधिक पुलिसकर्मियों की ट्रेनिंग संभव हो रही है। इसके अलावा, बेसिक शिक्षा परिषद के 1.60 करोड़ से अधिक बच्चे पढ़ रहे हैं, जबकि 2017 से पहले 70-75 फीसद बेटियां नंगे पांव और पुराने कपड़ों में स्कूल जाती थीं। एक मार्मिक घटना का जिक्र करते हुए सीएम ने बताया कि बुंदेलखंड दौरे के दौरान उन्होंने एक बच्ची से बात की, जिसने कहा, “मेरे भाई के लिए जूते आए, लेकिन मुझे नहीं, क्योंकि मैं बेटी हूं।” इस घटना ने उन्हें प्रेरित किया और अब हर बच्चे के लिए दो यूनिफॉर्म, बैग, किताबें, जूते, मोजे और स्वेटर की व्यवस्था की गई, जिसकी लागत 1,200 रुपये प्रति बच्चे है। सीएम योगी ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना की चर्चा करते हुए कहा कि बेटी के जन्म से स्नातक तक 25,000 रुपये का पैकेज दिया जाता है। जन्म पर 5,000 रुपये, एक वर्ष पर 2,000 रुपये (टीकाकरण के बाद), पहली और छठी कक्षा में 3,000-3,000 रुपये, नौवीं में 5,000 रुपये और 12वीं पास करने पर 7,000 रुपये दिए जाते हैं। इस योजना से 26 लाख से अधिक बेटियां सीधें लाभान्वित हो रही हैं। इसके अलावा, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में हर बेटी को 1 लाख रुपये की सहायता दी जा रही है, जो पहले चेहरा देखकर दी जाती थी, अब बिना भेदभाव के उपलब्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मातृ वंदना, फिट इंडिया मूवमेंट, स्वच्छ भारत मिशन (12 करोड़ शौचालय) और उज्ज्वला योजना (10 करोड़ कनेक्शन) से महिलाओं को चूल्हे के धुएं से मुक्ति मिली है, महिला स्वस्थ होगी तो परिवार सशक्त होगा। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत (50 करोड़ लाभार्थी) और 80 करोड़ को मुफ्त राशन जैसी योजनाओं को नारी गरिमा से जोड़ा। उन्होंने कहा कि परिवार में बीमारी के समय नारी अपना आभूषण तक गिरवी रखती है, इसलिए ये योजनाएं उसके सम्मान से जुड़ी हैं। उत्तर प्रदेश ने 3 करोड़ ग्रामीण भू-अभिलेख में 1 करोड़ से अधिक महिलाओं के नाम किए और 60 लाख गरीबों को आवास उपलब्ध कराए गए। सीएम योगी ने कहा कि कोरोना काल में शुरू की गई बैंकिंग कॉरेस्पॉन्डेंस सखी योजना से 40,000 से अधिक महिलाएं हजारों करोड़ का लेन-देन कर रही हैं और मुनाफा कमा रही हैं। पोषाहार मिशन में पहले ठेकेदारों की धांधली थी, लेकिन अब 204 टेक होम राशन प्लांट से 60,000 महिलाएं 8,000 रुपये प्रति माह कमा रही हैं और 2 करोड़ बहनें लाभान्वित हो रही हैं। सीएम योगी ने कहा कि साफ नीयत से योजनाएं अपना रास्ता बनाती हैं। सीएम योगी ने महिला सुरक्षा पर जोर देते हुए कहा कि 1 जनवरी 2024 से अगर सिर्फ 2024-25 तक के मामले देखें तो 9,513 मामलों में 12,271 अपराधियों को दंडित किया गया, 12 को मृत्युदंड, 987 को आजीवन कारावास, 3,455 को 10 साल से अधिक और 817 को 10 साल से कम सजा दिलाई गई। सीएम योगी ने बरेली की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि बाहरी अपराधियों ने महिला सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की कार्रवाई से वह चिल्लाया, “गलती से उत्तर प्रदेश आ गया, आगे नहीं करूंगा।” यह अपराधियों के लिए चेतावनी है।  

सीएम योगी ने गाजियाबाद में किया ‘भारतवर्ष की स्वर्णाभा नरेन्द्र मोदी’ पुस्तक का विमोचन

गाजियाबाद में युवाओं से सीएम योगी का आह्वान- एआई और उभरती हुई टेक्नोलॉजी को अपनाएं 'विकसित भारत-विकसित यूपी' थीम पर आयोजित हुआ कार्यक्रम अब गंदगी और गैंगेस्टर नहीं, गाजियाबाद की पहचान शिक्षा और उद्योग से जुड़ चुकी है : मुख्यमंत्री  अफवाह फैलाकर गौतमबुद्ध नगर को बना दिया गया था लूट का अड्डा : योगी आदित्यनाथ वित्तीय वर्ष 2025-26 में ही यूपी को बनाएंगे 36 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था : मुख्यमंत्री गाजियाबाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को गाजियाबाद में पूर्व सांसद रमेश चंद्र तोमर द्वारा लिखित पुस्तक 'भारतवर्ष की स्वर्णाभा नरेन्द्र मोदी' का विमोचन किया। इस मौके पर उन्होंने 'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' के संकल्प को आगे बढ़ाने और युवाओं को तकनीक से जुड़ने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लिखना एक साधना है और यह पुस्तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अब तक की उपलब्धियों को संजोने वाली प्रेरणादायी कृति है। उन्होंने सुझाव दिया कि इसे विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और पुस्तकालयों में रखा जाए ताकि नई पीढ़ी प्रेरणा ले सके। वहीं उन्होंने युवाओं से एआई और उभरती हुई तकनीकी ज्ञान को अपनाने का आह्वान किया।  सीएम ने दोहराया विकसित भारत और यूपी का संकल्प योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और जल्द ही तीसरे स्थान पर पहुंचने वाला है। उत्तर प्रदेश भी तेजी से विकास की ओर अग्रसर है। 2017 से पहले यूपी को बीमारू राज्य कहा जाता था, लेकिन आज यह देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। 2016-17 में यूपी की जीडीपी ₹12.75 लाख करोड़ थी, जिसे 2025-26 में ही ₹36 लाख करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य है। टेक्नोलॉजी और एआई पर जोर सीएम योगी ने युवाओं से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल टेक्नोलॉजी को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी रोजगार छीनती नहीं बल्कि नए अवसर पैदा करती है। जिस तरह कंप्यूटर आने पर नई संभावनाएं बनीं, उसी तरह एआई भी कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में नई दिशा देगा। किसान यदि तकनीक अपनाएंगे तो उनकी उत्पादकता तीन गुना तक बढ़ सकती है। लोगों ने कहा आगरा के सर्किट हाउस में भूत है, मगर मैं वहां भी रात में रुका… मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले गाजियाबाद की पहचान 'गंदगी और गैंगेस्टर' से जुड़ी थी। गौतमबुद्ध नगर को अफवाह फैलाकर 'लूट का अड्डा' बना दिया गया था। कहा जाता था कि कोई मुख्यमंत्री यहां नहीं आ सकता, आएगा तो कुर्सी चली जाएगी। यही हाल बिजनौर और आगरा के लिए भी बना दी गई थी। डर और अफवाहें फैला दी गई थीं। उन्होंने कहा, ''मैं बिजनौर में रात में रुका, आगरा के कथित 'भूतिया' सर्किट हाउस में ठहरा और नोएडा भी गया। इसके बावजूद जनता ने दोबारा आशीर्वाद देकर मुझे मुख्यमंत्री बनाया।" अफवाहें फैलाने वालों की सच्चाई जनता के सामने आनी जरूरी थी। आज गाजियाबाद शिक्षा और उद्योग का केंद्र बन चुका है। युवाओं से किया आह्वान सीएम योगी ने कहा कि यूपी का युवा, किसान, नारी शक्ति और उद्यमी हमारी ताकत हैं। उन्होंने सभी से समर्थ यूपी पोर्टल पर अपने सुझाव अवश्य देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हर जिले से तीन श्रेष्ठ सुझावों को जनपद स्तर पर और पांच श्रेष्ठ सुझावों को प्रदेश स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।  गुलामी की मानसिकता छोड़ने का दिया संदेश मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के 'पंच प्रण' की चर्चा करते हुए कहा कि भारतीयों को गुलामी की मानसिकता से बाहर निकलना होगा और अपनी भारतीयता पर गर्व करना होगा। उन्होंने शेर और सियार की कहानी सुनाते हुए कहा कि हम भारतीयों को अपनी दहाड़ पहचाननी चाहिए, विदेशी को श्रेष्ठ मानने की मानसिकता छोड़नी चाहिए। सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले यूपी के युवा बाहर अपनी पहचान छिपाते थे, जबकि आज गर्व से कहते हैं कि वे यूपी से हैं। उन्होंने दावा किया कि आने वाले वर्षों में यूपी देश की नंबर वन अर्थव्यवस्था बनेगा। इस अवसर पर प्रदेश सरकार में मंत्री सुनील कुमार शर्मा, नरेन्द्र कश्यप, सांसद अतुल गर्ग, राजकुमार सांगवान, नारायण गिरी जी महाराज, बीजेपी क्षेत्रीय अध्यक्ष सत्येन्द्र सिसोदिया, महापौर सुनीता दयाल, जिला पंचायत अध्यक्ष ममता त्यागी, विधायकण संजीव शर्मा,अजीत पाल त्यागी, नंद किशोर गुर्जर, धर्मेश तोमर, धर्मेन्द्र भारद्वाज, महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल, जिलाध्यक्ष जयंत पाल, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष मानसिंह गोस्वामी, संयोजक और पुस्तक के लेखक पूर्व सांसद रमेश चंद्र तोमर, पूर्व सांसद अनिल अग्रवाल सहित गाजियाबाद के प्रबुद्धजन और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। 

मुख्यमंत्री ने की यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो की तैयारियों की समीक्षा, दिए आवश्यक दिशा निर्देश

पीएम मोदी के आगमन से पूर्व मुख्यमंत्री ने आयोजन स्थल का भी किया स्थलीय निरीक्षण  सीएम योगी बोले- वोकल फॉर लोकल और मेक इन इंडिया अभियानों को मिलेगा बढ़ावा  यूपीआईटीएस 2025 में ओडीओपी स्टॉल्स और युवाओं की हो भागीदारीः सीएम  युवाओं को प्रत्यक्ष अनुभव और उद्यमिता के अवसर प्रदान करने का महत्वपूर्ण मंच होगा ट्रेड शोः मुख्यमंत्री   सीएम ने खादी व ग्रामोद्योग को प्रोत्साहित करने और विदेशी बायर्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने के भी निर्देश  लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट सभागार में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ आगामी उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय ट्रेड शो (UPITS-2025) की तैयारियों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आयोजन की तैयारी, सुरक्षा, व्यवस्थापन और प्रतिभागियों की सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह आयोजन प्रदेश की समृद्ध परंपरा, हुनर और उत्पादों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने के साथ-साथ वोकल फॉर लोकल और मेक इन इंडिया अभियानों को बढ़ावा देगा। उन्होंने सभी जिलों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने, ODOP स्टॉल्स और शैक्षणिक संस्थानों में व्यापक ब्रांडिंग पर जोर दिया। इसके अलावा युवाओं को प्रत्यक्ष अनुभव और उद्यमिता के अवसर प्रदान करने, खादी व ग्रामोद्योग को प्रोत्साहित करने और विदेशी बायर्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। सभी जिलों की होगी सक्रिय सहभागिता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए कि आगामी यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS-2025) में प्रदेश के प्रत्येक जिले की सक्रिय और प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित की जाए। प्रत्येक जिले के वन डिस्टिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) से जुड़े उत्पादों के लिए विशेष स्टॉल स्थापित किए जाएंगे, ताकि स्थानीय हस्तशिल्प, खाद्य, हस्तकला और उद्योग संबंधी उत्पादों को वैश्विक खरीदारों और निवेशकों के सामने प्रदर्शित किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह केवल प्रदर्शनी नहीं होगी, बल्कि यूपी की विविधता, सांस्कृतिक विरासत और व्यावसायिक प्रतिभा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर होगी। इसके माध्यम से स्थानीय उत्पादकों और उद्यमियों को नई संभावनाओं, व्यापारिक नेटवर्क और निवेश के अवसर प्राप्त होंगे, जिससे प्रदेश के विकास और युवाओं के रोजगार सृजन में भी मदद मिलेगी। शैक्षणिक संस्थानों में हो व्यापक ब्रांडिंग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस-2025) की पहचान को मजबूत करने के लिए प्रदेश के सभी जिलों और शैक्षणिक संस्थानों में इसकी व्यापक ब्रांडिंग और प्रचार-प्रसार किया जाए। इसका उद्देश्य युवाओं और छात्रों को आयोजन के महत्व से अवगत कराना और उन्हें सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना है। इसके तहत कॉलेज, यूनिवर्सिटी और अन्य शैक्षणिक संस्थान अपने कैंपस में यूपीआईटीएस के पोस्टर, डिजिटल डिस्प्ले और इवेंट जानकारी साझा करेंगे, ताकि छात्र, फैकल्टी और स्थानीय समुदाय सीधे इस आयोजन से जुड़ सकें और युवाओं में उद्यमिता तथा नवाचार के प्रति जागरूकता बढ़े। सीएम योगी ने गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को आयोजन से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे युवाओं को प्रत्यक्ष अनुभव और रोजगार/उद्यमिता के अवसर मिलेंगे। फैशन शो में खादी और ग्रामोद्योग को बढ़ावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो  के अंतर्गत आयोजित होने वाले फैशन शो में देशभर की फिल्म सिटी से जुड़े विशेषज्ञों को भी शामिल किया जाए। इसका उद्देश्य खादी, हैंडीक्राफ्ट और ग्रामोद्योग से जुड़े उत्पादों को व्यापक दृश्यता और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस माध्यम से न केवल उत्तर प्रदेश की हस्तकला और पारंपरिक उद्योग को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि युवा डिजाइनर्स और स्थानीय कारीगर भी नए अवसरों और बाज़ार तक पहुंच बनाने में सक्षम होंगे। फैशन शो में खादी और ग्रामोद्योग के उत्पादों को पेश करने के लिए विशेष कैटवॉक और प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी, जिससे इन उत्पादों की गुणवत्ता और सौंदर्य का प्रभाव वैश्विक स्तर पर दिखाया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि इस पहल से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और युवाओं को उद्यमिता, नवाचार और रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। वृद्धजन और आगंतुकों को मिले बेहतर सुविधा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए कि आयोजन में प्रतिभाग करने वाले वृद्धजनों और वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए जाएं। इसके तहत नासा पार्किंग स्थल से शटल सेवा उपलब्ध कराई जाएं, ताकि उन्हें सहज और आरामदायक तरीके से आयोजन स्थल तक पहुंचने में मदद मिल सके। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सुरक्षा और संचालन की पूर्ण जिम्मेदारी सुनिश्चित की जाए। किसी भी ई-रिक्शा या वाहन का संचालन नाबालिग चालक द्वारा न किया जाए। इसके अलावा, आगंतुकों के लिए सुरक्षा, मार्गदर्शन और सुविधा संबंधी निर्देश भी स्पष्ट किए जाएं, ताकि सभी प्रतिभागियों को सुरक्षित, व्यवस्थित और स्वागतपूर्ण अनुभव प्राप्त हो। सीएम ने विदेशी बायर्स और मेहमानों की सुरक्षा, आवास, परिवहन और संपूर्ण रहन-सहन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि विदेशी मेहमानों को सहज, सुरक्षित और स्वागतपूर्ण अनुभव मिलना चाहिए ताकि उत्तर प्रदेश की छवि मजबूत हो। बैठक में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री राकेश सचान, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी समेत अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण मौजूद रहे। अपर मुख्य सचिव, एमएसएमई विभाग आलोक कुमार ने पावर प्रजेंटेशन के माध्यम से मुख्यमंत्री को अब तक की तैयारियों से अवगत कराया। सीएम योगी ने यूपीआईटीएस के आयोजन स्थल का किया स्थलीय निरीक्षण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 25 से 29 सितंबर के बीच ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित होने वाले यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस 2025) की तैयारियों का जायजा लेने के लिए शुक्रवार को स्थलीय निरीक्षण भी किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस आयोजन का शुभारंभ करेंगे। इसको देखते हुए  मुख्यमंत्री ने पूरे आयोजन स्थल का दौरा किया और अधिकारियों से तैयारियों के विषय में जानकारी ली और आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए। इस दौरान अपर मुख्य सचिव एमएसएमई आलोक कुमार ने उन्हें पूरे आयोजन स्थल और वीआईपी मूवमेंट की जानकारी दी। डीएम मेधा रूपम ने भी आयोजन स्थल पर व्यवस्थाओं और सुविधाओं का पूरा ब्यौरा दिया। वहीं पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने उन्हें सुरक्षा व्यवस्था से अवगत कराया। मुख्यमंत्री जी ने ई कार्ट में बैठकर पूरे आयोजन स्थल को देखा। इस दौरान उनके साथ सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री राकेश सचान, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी और अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

नारी सशक्तिकरण गोरक्षपीठ की परंपरा, बतौर सीएम, योगी ने मिशन शक्ति के जरिए इसे दिया विस्तार

शारदीय नवरात्र के पहले दिन शुरू होगा मिशन शक्ति का पांचवा चरण लखनऊ नारी सशक्तिकरण गोरखपुर स्थित गोरक्षपीठ की परंपरा रही है। पीठ के शैक्षिक प्रकल्प, "महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद" से जुड़े महिलाओं के स्कूल, कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज और हॉस्टल इसके प्रमाण हैं। इन संस्थाओं में शिक्षा के साथ इनमें पढ़ने वाली लड़कियों को उनके हुनर निखारने की भी ट्रेनिंग दी जाती है। उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के बाद पीठ की परंपरा को अपने पद एवं जवाबदेही के अनुसार योगी ने नियोजित तरीके से मिशनरी भाव से नारी सशक्तिकरण, स्वावलंबन और सुरक्षा पर फोकस किया। मिशन शक्ति शुरू करने का मकसद भी यही था।  पांच साल पूर्व शक्तिपीठ देवीपाटन से शारदीय नवरात्र में शुरुआत कर योगी ने दिया था बड़ा संदेश पांच साल पहले शारदीय नवरात्र में ही बलराम जिले में स्थित शक्तिपीठ देवीपाटन से इसकी (मिशन शक्ति) शुरुआत कर योगी ने अपनी प्रतिबद्धता के बारे में बड़ा संदेश दिया था। तबसे नारी सशक्तिकरण, स्वावलंबन एवं सुरक्षा का ये संकल्प लगातार जारी है। इसी क्रम में नवरात्र के पहले दिन 22 सितंबर 2025 को इसके पांचवे चरण की शुरुआत होने जा रही है। पीठ की प्रतिबद्धता के मुताबिक योगी-1.0 के शुरुआत में ही महिलाओं में सुरक्षा का भाव जगाने के लिए मुख्यमंत्री की पहल पर एंटी रोमियो स्क्वाड का गठन हुआ था। बाद में क्रमशः कई योजनाओं में इसे शामिल किया गया। और, अंततः सबका समन्वय कर मिशन शक्ति के जरिए इसे नियोजित एवं विस्तृत रूप दिया गया। नतीजतन शुरुआत में पिछली सरकारों की अराजकता के कारण सर्वाधिक फोकस महिलाओं की सुरक्षा पर था। पर बाद में इसमें सुरक्षा के साथ, सशक्तिकरण एवं स्वावलंबन भी शामिल हो गया। इन सारी योजनाओं के नतीजे भी जमीन पर दिख रहे हैं। दरअसल मुख्यमंत्री का यह काम अपनी परंपरा, संस्कृति, संस्कार एवं इतिहास का सम्मान है। महिलाओं का सम्मान भारत की परंपरा उल्लेखनीय है कि भारतीय सभ्यता और संस्कृति जितनी ही प्राचीन है अपने देश में नारियों को सम्मान देने की परंपरा। डबल इंजन (मोदी और योगी) की सरकार इसी परंपरा को लगातार आगे बढ़ा रही है। मिशन शक्ति के अलावा महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों का सशक्तिकरण, निराश्रित महिला पेंशन की पात्रता के लिए उम्र की सीमा खत्म करने के साथ धनराशि में वृद्धि, कन्या सुमंगला योजना, किसान सखी, बैंक सखी जैसी योजनाएं इसका प्रमाण हैं।  गोरक्षपीठ और नारी सशक्तिकरण  मालूम हो कि योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री के साथ गोरखपुर स्थित गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर भी हैं। उस पीठ के लिए नारी सदैव से शक्ति स्वरूपा और पूजनीय रही है। साल के दोनों नवरात्र के दौरान पीठ में इसका जीवंत स्वरूप भी दिखता है। रोज की खास पूजा के बाद नवरात्र के अंतिम दिन कन्या पूजन से इसका समापन होता है। खुद पीठाधीश्वर के रूप में मुख्यमंत्री कन्यायों का पांव पखारते हैं। उनको भोजन कराते हैं और दक्षिणा देकर विदा करते हैं। यह खुद में नारियों के प्रति सम्मान का एक बहुत बड़ा संदेश है। शिक्षा और स्वावलंबन पर जोर इसके अलावा महिलाओं की शिक्षा और स्वालंबन पर भी पीठ का खासा फोकस रहा है। पीठ  की ओर से संचालित शैक्षिक प्रकल्प महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद कई दशकों से आधी आबादी के शैक्षिक पुनर्जागरण और आर्थिक स्वावलंबन का अलग-अलग तरीकों से पूरे पूर्वांचल में अलख जगा रहा है। शिक्षा परिषद के शिक्षण संस्थाओं में से कई में बालिकाओं के लिए सह शिक्षा (को-एजुकेशन) की व्यवस्था है। आठ ऐसे शिक्षण संस्थान हैं जो विशेष तौर पर बालिकाओं की शिक्षा और उनके स्वावलंबन के लिए ही समर्पित हैं।  महाराणा प्रताप बालिका इंटर कॉलेज, महाराणा प्रताप महिला पीजी कॉलेज, महाराणा प्रताप टेलरिंग कॉलेज, दिग्विजयनाथ बालिका पूर्व माध्यमिक विद्यालय, महाराणा प्रताप मीराबाई महिला छात्रावास, दिग्विजयनाथ महिला छात्रावास, गुरु श्रीगोरक्षनाथ स्कूल ऑफ नर्सिंग, योगिराज बाबा गम्भीरनाथ निशुल्क सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण केंद्र जैसे संस्थानों से प्रतिवर्ष हजारों बालिकाएं अपने जीवन पथ पर ससम्मान आगे बढ़ रही हैं।

UPITS 2025 मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना ‘सीएम युवा’ का पवेलियन होगा आकर्षण का केंद्र

प्रदेश के युवाओं को उद्यमिता की ओर आकर्षित करेगा यूपीआईटीएस 2025 मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना 'सीएम युवा' का पवेलियन होगा आकर्षण का केंद्र   27 सितंबर को सीएम युवा और 27 शैक्षिक संस्थानों के बीच होगा एमओयू हस्तांतरण शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े अंतिम वर्ष के छात्रों और पूर्व छात्रों को मिलेगा इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स से जुड़ने का अवसर गलगोटिया, जीएल बजाज, शारदा, एमिटी सहित प्रमुख यूनिवर्सिटीज जुड़ेंगी योजना से हॉल नंबर 18ए में लगेंगे टेक्नोलॉजी और फ्रेंचाइजी बेस्ड मॉडल्स से संबंधित 150 से अधिक स्टॉल्स   बैंकर्स और इंडस्ट्री लीडर्स भी करेंगे नए और इनोवेटिव बिजनेस आइडियाज का अवलोकन  प्रदेश के सभी 75 जिलों के सीएम युवा फेलोज भी जुड़ेंगे, अपने जिलों में देंगे ब्रांड्स की जानकारी  युवाओं को सीएम युवा से जोड़ने के लिए डिजिटल कैंपेन और conclave.cmyuva.org.in वेबसाइट भी की गई लॉन्च लखनऊ प्रदेश सरकार युवाओं को नए अवसर और मंच देने के लिए अब सीएम युवा योजना को बड़े स्तर पर आगे बढ़ाने जा रही है। इसी कड़ी में 25 से 29 सितम्बर तक ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित होने वाले यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS-2025) में सीएम युवा योजना प्रमुख आकर्षण का केंद्र रहेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी योजना के जरिए प्रदेश के युवाओं को इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स, फ्रेंचाइजी मॉडल्स और टेक्नोलॉजी आधारित बिजनेस आइडियाज से जोड़ने की पहल की जा रही है। आयोजन के दौरान 27 सितम्बर को सीएम युवा और 27 प्रमुख शैक्षिक संस्थानों के बीच एमओयू का हस्तांतरण होगा। इसके साथ ही हॉल नंबर 18ए में 150 विशेष स्टॉल्स स्थापित किए जाएंगे, जहां विभिन्न क्षेत्रों के नए-नए बिजनेस मॉडल्स प्रदर्शित होंगे। इस प्रदर्शनी में प्रदेश भर से छात्र-छात्राएं, युवा फेलोज, यूनिवर्सिटी प्रतिनिधि और उद्योग जगत के लोग शामिल होंगे, जिससे युवाओं को सीखने, जुड़ने और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। अंतिम वर्ष और पढ़ाई पूरी कर चुके युवाओं के लिए होगा अवसर सीएम युवा योजना के नोडल अधिकारी और ज्वॉइंट कमिश्नर इंडस्ट्रीज सर्वेश्वर शुक्ला ने बताया कि इस एमओयू का प्रमुख उद्देश्य प्रदेश के शैक्षणिक संस्थानों को सीएम युवा योजना से प्रत्यक्ष रूप से जोड़ना है। इसके माध्यम से अंतिम वर्ष में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं और संस्थानों के पूर्व छात्रों को इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स का हिस्सा बनने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रेरित करेगी बल्कि प्रदेश सरकार के स्टार्टअप और इनोवेशन विजन को साकार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। 150 इनोवेटिव स्टॉल्स होंगे आकर्षण का केंद्र उन्होंने बताया कि यूपीआईटीएस में हॉल नंबर 18ए को विशेष रूप से सीएम युवा प्रदर्शनी के लिए निर्धारित किया गया है। यहां 150 से अधिक स्टॉल्स स्थापित होंगे, जिनमें फ्रेंचाइजी मॉडल्स, टेक्नोलॉजी-आधारित बिजनेस, एग्रीटेक, हेल्थटेक और अन्य स्टार्टअप बिजनेस आइडियाज को प्रदर्शित किया जाएगा। यह स्टॉल्स युवाओं को न सिर्फ नए व्यापारिक मॉडल्स से परिचित कराएंगे बल्कि उन्हें यह भी समझने का अवसर देंगे कि कैसे इन मॉडल्स को अपने क्षेत्र में लागू किया जा सकता है। एनसीआर क्षेत्र में आयोजित होने के कारण हम इसे लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम से भी एक लेवल और ऊपर ले गए हैं। इसमें कई नए और बेहतरीन ब्रांड्स को भी शामिल किया गया है, जो देश-विदेश से आए विजिटर्स का ध्यान आकर्षित करेगा।  यूनिवर्सिटी और कॉलेजों की साझेदारी सीएम युवा योजना के अंतर्गत जिन संस्थानों के साथ एमओयू किया जा रहा है, उनमें गलगोटिया यूनिवर्सिटी, जीएल बजाज, चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी मेरठ, अजय कुमार गर्ग यूनिवर्सिटी, शारदा यूनिवर्सिटी, एमिटी यूनिवर्सिटी और एबीईएस जैसे प्रमुख शैक्षणिक संस्थान शामिल हैं। इन संस्थानों के छात्र और फैकल्टी टीमें प्रदर्शनी में सक्रिय भागीदारी करेंगी। इससे युवाओं को प्रत्यक्ष रूप से उद्योग जगत से जुड़ने और नई संभावनाओं की पहचान करने का अवसर मिलेगा। बैंकर्स और इंडस्ट्री जगत की मौजूदगी युवाओं के बिजनेस आइडियाज को केवल पहचान ही नहीं बल्कि वित्तीय सहयोग भी दिलाने की व्यवस्था की गई है। प्रदर्शनी में कई बैंकर्स और इंडस्ट्री लीडर्स मौजूद रहेंगे। वे नए बिजनेस मॉडल्स का आंकलन करेंगे और यह तय करेंगे कि किन प्रोजेक्ट्स को वित्तपोषण दिया जा सकता है। इससे उद्यमिता के इच्छुक युवाओं को फाइनेंसिंग और मार्गदर्शन एक ही मंच पर उपलब्ध होगा। प्रदेश भर से आएंगे युवा और अधिकारी प्रदेश सरकार ने सभी 75 जिलों के सीएम युवा फेलोज को प्रदर्शनी में शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें प्रत्येक स्टॉल का डाटा और कांटैक्ट डिटेल एकत्र करने तथा इन ब्रांड्स को अपने-अपने जिलों में प्रचारित करने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा, सहारनपुर, मेरठ, आगरा और अलीगढ़ मंडल से जुड़े कॉलेजों के छात्र-छात्राएं और अधिकारी भी इस प्रदर्शनी का हिस्सा बनेंगे। यह प्रयास युवाओं को प्रत्यक्ष रूप से इनोवेशन और उद्यमिता से जोड़ने का अवसर देगा। सोशल मीडिया और डिजिटल कैंपेन कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार के लिए डिजिटल मीडिया कैंपेन पहले ही सक्रिय हो चुका है। बड़ी संख्या में युवाओं ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया है। इस उद्देश्य से एक विशेष वेबसाइट conclave.cmyuva.org.in भी लॉन्च की गई है, जिसके माध्यम से इच्छुक युवा न केवल योजना की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि यूपीआईटीएस विजिट के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन भी करा सकते हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी यह कैंपेन युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।  

सीएम योगी के निर्देश पर पर्यटन विभाग ने दिव्य और भव्य दीपोत्सव-25 की तैयारियां शुरू कीं

ग्रीन फायर वर्क्स शो श्रद्धालुओं के अाकर्षण का बनेगा केंद्र, संगीत और कोरियोग्राफ का अनेखा अनुभव उत्सव को बनाएगा यादगार करीब 10 मिनट तक चलने वाला शो संगीत, लेज़र इफेक्ट्स और आधुनिक कोरियोग्राफी से होगा सजा  लखनऊ योगी सरकार दीपोत्सव-25 को भव्य और दिव्य बनाने की तैयारियों में जुट गयी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पर्यटन विभाग द्वारा 19 अक्टूबर को दीपोत्सव में ग्रीन फायर वर्क्स शो का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय ग्रीन फायर वर्क्स के मानक पर आधारित होगा। यह आतिशबाज़ी पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त होगी। इसके साथ ही दीपाेत्सव में पर्यटकों को संगीत और तकनीक के साथ कोरियोग्राफ का अनूठा अनुभव दिखने के साथ सुनने को मिलेगा।  हरित आतिशबाजी का आनंद उठाएंगे श्रद्धालु सीएम योगी के निर्देश पर पर्यटन विभाग द्वारा दीपोत्सव-25 पर सरयू नदी के घाटों और राम की पैड़ी पर 26 लाख से अधिक दीपक जलाए जाएंगे, जो भगवान राम के अयोध्या आगमन का प्रतीक बनकर ये दीप असंख्य श्रद्धालुओं की आस्था का प्रकाश फैलाएंगे। भक्ति-भाव से ओतप्रोत प्रस्तुतियों के बीच इस बार ग्रीन फायरवर्क्स शो खास आकर्षण का केंद्र होगा,  जो आस्था और नवाचार को साथ लाकर एक प्रदूषण-मुक्त रंग-बिरंगी रौशनी से जगमगाएगा। करीब 10 मिनट तक चलने वाला यह शो संगीत, लेज़र इफेक्ट्स और आधुनिक कोरियोग्राफी से सजा होगा। कई मीटर से ऊंचाई तक उठने वाली आतिशबाज़ी सरयू के जल पर अद्भुत प्रतिबिंब बिखेरेंगी और वहां मौजूद हर दर्शक को रोमांचित कर देगी। दीपोत्सव-25 में दिखेगा परंपरा और नवाचार का उत्सव पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप दीपोत्सव-25 को दिव्य और भव्य बनाने की तैयारियां शुरू कर दी गयी हैं। इस पर बार 26 लाख से अधिक दीपक और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रदूषण-मुक्त आतिशबाज़ी के साथ हम अयोध्या की सांस्कृतिक भव्यता को प्रदर्शित करेंगे, जो हर श्रद्धालु को अविस्मरणीय अनुभव देगा। पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने कहा कि इस बार के दीपोत्सव-25 में परंपरा और नवाचार दोनों का उत्सव देखने को मिलेगा। इस बार पर्यावरण हितैषी और कोरियोग्राफ्ड आतिशबाज़ी हमारे स्थायित्व के संकल्प को हर श्रद्धालुओं तक पहुंचाएगी। साथ ही अयोध्या की धरोहर को विश्व मंच पर प्रस्तुत करेगी। यह सिर्फ उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे भारत का गौरव है।