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छात्रों पर लाठीचार्ज का मामला, CM योगी ने तुरंत लिया एक्शन

बाराबंकी  उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में छात्रों और ABVP कार्यकर्ताओं पर हुए लाठीचार्ज के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। सीएम ने घटना का तत्काल संज्ञान लिया और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। अब तक की बड़ी कार्रवाई CO हर्षित चौहान सस्पेंड कर दिए गए हैं। नगर कोतवाली इंस्पेक्टर और गदिया चौकी इंचार्ज को लाइन हाजिर कर दिया गया है। IG अयोध्या रेंज प्रवीण कुमार को पूरे मामले की जांच सौंपी गई है। अयोध्या मंडलायुक्त को रामस्वरूप यूनिवर्सिटी की डिग्री वैधता की जांच करने के आदेश दिए गए हैं। क्या हुआ था बाराबंकी में? बाराबंकी के रामस्वरूप यूनिवर्सिटी में LLB कोर्स की मान्यता रद्द हो चुकी थी, लेकिन फिर भी वहां एडमिशन जारी थे। इसको लेकर छात्रों और ABVP कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस से झड़प हो गई और हालात बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इस घटना में 25 से ज्यादा लोग घायल हो गए। कई छात्र गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराए गए। राजनीतिक असर और सरकार की सख्ती छात्रों की पिटाई का मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी नाराजगी देखी गई। सरकार के एक मंत्री खुद घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी ने तुरंत एक्शन लिया और पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की। वहीं योगी सरकार ने साफ कर दिया है कि छात्रों पर अत्याचार या पुलिस की मनमानी अब बर्दाश्त नहीं होगी। जांच में जो भी दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बीमार कैदियों की रिहाई पर बड़ा फैसला, योगी सरकार बनाएगी नियम आसान

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंभीर बीमारियों से ग्रसित बंदियों की समयपूर्व रिहाई से संबंधित नियमों को अधिक सरल, स्पष्ट तथा मानवीय दृष्टिकोण से परिभाषित किए जाने की आवश्यकता जताई। सोमवार को कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाओं की समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का अनुपालन करते हुए प्रदेश की नीति को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पात्र बंदियों की रिहाई स्वतः विचाराधीन होनी चाहिए और इसके लिए उन्हें अलग से आवेदन न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्राणघातक रोग से पीड़ित होने की आशंका वाले सिद्धदोष बंदी, जिसे मुक्त करने पर उसके स्वस्थ होने की उपयुक्त संभावना है तथा वृद्धावस्था, अशक्तता या बीमारी के कारण भविष्य में ऐसा अपराध करने में स्थायी रूप से असमर्थ बंदी, जिसके लिए वह दोषी ठहराया गया हो, के साथ-साथ घातक बीमारी या किसी प्रकार की अशक्तता से पीड़ित सिद्धदोष बंदी जिसकी मृत्यु निकट भविष्य में होने की संभावना हो, के संबंध में प्रदेश के सभी कारागारों में सर्वेक्षण कर वास्तविक संख्या का आकलन किया जाए। इनमें महिलाओं, बुजुर्गों को प्राथमिकता के आधार पर रिहा करने की व्यवस्था हो।   मुख्यमंत्री ने कैदियों को कृषि, गोसेवा आदि कार्यों से जोड़कर उनकी जेल अवधि के सदुपयोग करने के लिए व्यवस्था बनाने की भी आवश्यकता बताई। सीएम योगी ने कहा कि जेल मैनुअल में यह भी स्पष्ट रूप से परिभाषित किया जाना आवश्यक है कि किन बीमारियों को असाध्य रोग की श्रेणी में रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज की सुरक्षा सर्वोपरि है। इसलिए समयपूर्व रिहाई उन्हीं मामलों में की जानी चाहिए, जहां से सामाजिक जोखिम न हो। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि हत्या, आतंकवाद, देशद्रोह, महिला और बच्चों के विरुद्ध जघन्य अपराध जैसे मामलों में रिहाई कतई नहीं की जानी चाहिए। नियमों में बदलाव पर जोर देते हुए सीएम योगी ने कहा कि प्रत्येक वर्ष तीन बार जनवरी, मई और सितंबर में पात्र बंदियों के मामलों की स्वतः समीक्षा की व्यवस्था हो। यदि किसी बंदी को रिहाई न दी जाए तो उसके कारण स्पष्ट रूप से दर्ज किए जाएं और उसे यह अधिकार मिले कि वह उस निर्णय को चुनौती दे सके। बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा सुझाई गई प्रणाली को उत्तर प्रदेश में अपनाने पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि बंदियों को न्यायिक अधिकारों का लाभ सुचारू रूप से मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष, त्वरित और मानवीय संवेदनाओं पर आधारित होनी चाहिए तथा जल्द ही नई नीति का प्रारूप तैयार कर अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किया जाए।

यूपी में पेट्रोल-डीजल खरीदने के लिए जरूरी नया नियम, CM योगी ने किया सख्त निर्देश

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में सड़क हादसों को कम करने और लोगों को सुरक्षित ड्राइविंग के लिए जागरूक करने के मकसद से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब अगर आप बाइक या स्कूटी पर बिना हेलमेट पेट्रोल पंप पहुंचते हैं, तो आपको पेट्रोल नहीं मिलेगा। कब से शुरू हुआ ये नियम? सूत्रों से मिली जानकारी मुताबिक, 1 सितंबर यानी आज (1 सितम्बर) सोमवार से पूरे उत्तर प्रदेश में 'नो हेलमेट, नो फ्यूल' अभियान की शुरुआत हो गई है। यह अभियान 30 सितंबर 2025 तक चलेगा। अभियान का मकसद क्या है? इस अभियान का उद्देश्य किसी को सजा देना नहीं है, बल्कि लोगों को यह समझाना है कि हेलमेट पहनना जरूरी है और यह आपकी जान बचा सकता है। यह नियम इसलिए लागू किया गया है ताकि लोग लापरवाही ना करें और हेलमेट पहनने की आदत डालें। कौन-कौन देखेगा अभियान की निगरानी? हर जिले में जिलाधिकारी (DM) के नेतृत्व में यह अभियान चलाया जा रहा है। परिवहन विभाग, पुलिस, जिला प्रशासन और खाद्य एवं रसद विभाग इसकी निगरानी कर रहे हैं। सूचना विभाग लोगों को इस बारे में जागरूक करेगा। लखनऊ में आज पहला दिन? लखनऊ के पेट्रोल पंपों पर पहले ही पोस्टर और बोर्ड लगा दिए गए थे। पंप कर्मियों ने लोगों से कहा कि 'हेलमेट पहनिए, तभी पेट्रोल मिलेगा।' बहुत से लोग नियम मानते नजर आए, लेकिन जो बिना हेलमेट पहुंचे उन्हें वापस लौटना पड़ा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अपील सीएम योगी ने प्रदेश के लोगों से अपील की कि 'पहले हेलमेट, फिर ईंधन।' इसका मकसद सिर्फ आपकी सुरक्षा है। हेलमेट से आपकी जान बच सकती है।

महिलाओं-बेटियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, एंटी रोमियो स्क्वॉड की गतिविधियाँ और सक्रिय हों: मुख्यमंत्री

बोले मुख्यमंत्री, शिकायतकर्ता की संतुष्टि और उसका फीडबैक ही अधिकारियों के प्रदर्शन का वास्तविक पैमाना होगा शारदीय नवरात्र में प्रारंभ होगा ‘मिशन शक्ति’ का नया चरण, जिलों को अभी से व्यापक तैयारी के निर्देश बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य प्रभावी बनाए जाएं, जनप्रतिनिधियों का मार्गदर्शन अवश्य लिया जाए: मुख्यमंत्री बरसात व डेंगू के प्रकोप से निपटने को नगर निकाय जलभराव निकासी व सफाई पर दें विशेष ध्यान नकली-अधोमानक दवाओं की बिक्री पर शून्य सहिष्णुता, सतत चौकसी और कड़ी मॉनीटरिंग के निर्देश खरीफ सीजन में खाद की कमी नहीं होनी चाहिए, कालाबाजारी-जमाखोरी पर कठोरतम कार्रवाई होगी: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने की प्रदेश की कानून-व्यवस्था, आगामी त्यौहारों की तैयारियों, बाढ़ की स्थिति, डेंगू की रोकथाम एवं स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों की समीक्षा यूपीएसएसएससी की पीईटी आयोजन की तैयारियों की मुख्यमंत्री ने की समीक्षा, जिलाधिकारियों से कहा, परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता हर हाल में हो सुनिश्चित पीईटी- 2025 को लेकर नकारात्मकता फैलाने वालों के साथ पूरी कठोरता से निपटे पुलिस: मुख्यमंत्री 06 और 07 सितम्बर को 48 जिलों में प्रस्तावित है पीईटी, 25.31 लाख युवाओं ने कराया है पंजीयन आईजीआरएस आवेदनों/शिकायतों के यथोचित निस्तारण के आधार पर जनपदों की स्थिति की रैंकिंग भी जारी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि जन शिकायतों और समस्याओं के समाधान में लापरवाही किसी भी दशा में अक्षम्य है। उन्होंने कहा है कि आईजीआरएस और सीएम हेल्पलाइन के माध्यम पर प्राप्त हो रही प्रत्येक जन शिकायत और समस्या का शिकायतकर्ता की दृष्टि से संतुष्टिपरक समाधान होना ही चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा है कि सरकार जनता के प्रति जवाबदेह है, जनहित सर्वोपरि है। शिकायतकर्ता की संतुष्टि और उसका फीडबैक ही अधिकारियों के प्रदर्शन का वास्तविक पैमाना होगा।  मुख्यमंत्री, रविवार देर रात प्रदेश की कानून-व्यवस्था, आईजीआरएस, सीएम हेल्पलाइन, आगामी त्यौहारों की तैयारियों, बाढ़ की स्थिति, डेंगू नियंत्रण और स्वास्थ्य सेवाओं जैसे विषयों पर सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों, पुलिस कप्तानों तथा वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक कर रहे थे। उन्होंने महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को सरकार की शीर्ष प्राथमिकता बताते हुए निर्देश दिए कि सभी जिलों में एंटी रोमियो स्क्वॉड की गतिविधियाँ और सक्रिय की जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी नवरात्र में ‘मिशन शक्ति’ का नया चरण प्रारंभ होगा, जिसके लिए सभी जिलों को अभी से व्यापक तैयारियां कर लेनी चाहिए। बैठक में मुख्यमंत्री ने आईजीआरएस और सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त जन शिकायतों की मंडलवार, जनपदवार, तहसीलवार, ज़ोनवार, रेंजवार, जिला पुलिस और थाना स्तर पर रैंकिंग जारी की। संबंधित जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कि हर पीड़ित की भावना का सम्मान करते हुए पूरी संवेदनशीलता के साथ समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि मिथ्या अथवा भ्रामक रिपोर्ट लगाने वाले अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई अनिवार्य रूप से होगी। मुख्यमंत्री ने हाल के पर्व-त्योहारों के सकुशल सम्पन्न होने पर प्रसन्नता व्यक्त की और आगामी बरावफ़ात, अनंत चतुर्दशी व विश्वकर्मा पूजा के दृष्टिगत पुलिस-प्रशासन को पहले से अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए। बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रभावित जनपदों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि राहत कार्यों को और प्रभावी बनाया जाए तथा इनमें जनप्रतिनिधियों का मार्गदर्शन अवश्य लिया जाए। बरसात के मौसम में बीमारियों की आशंका को देखते हुए उन्होंने नगर निकायों को जलभराव की तत्काल निकासी व सफाई व्यवस्था सुदृढ़ करने का निर्देश दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेलों का सतत आयोजन करने और सर्पदंश के उपचार हेतु सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। नकली या अधोमानक दवाओं की बिक्री पर गंभीर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि प्रदेश में ऐसी एक भी गतिविधि बर्दाश्त नहीं होगी। प्रशासन को सतत चौकसी और कड़ी मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने खरीफ सीजन के लिए खाद की उपलब्धता पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश के किसी भी किसान को खाद की कमी न हो, आपूर्ति शृंखला की सघन निगरानी की जाए और कालाबाजारी या जमाखोरी पर कठोरतम कार्रवाई की जाए। बैठक में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा 06 और 07 सितम्बर को प्रस्तावित प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) की तैयारियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री को बताया गया कि परीक्षा 48 जिलों में बनाए गए 1479 केंद्रों पर आयोजित होगी, जिसमें 25.31 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसे हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रश्न पत्रों की गोपनीयता, सेक्टर मजिस्ट्रेटों की तैनाती, लाइव सीसीटीवी कंट्रोल रूम, नगर यातायात व्यवस्था और बारिश के मौसम में परीक्षार्थियों की सुविधा हेतु विशेष प्रबंधन सुनिश्चित किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना फैलाने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन परीक्षा आयोजन संस्था के साथ समन्वय कर अभ्यर्थियों को हरसंभव सुविधा उपलब्ध कराए।

योगी आदित्यनाथ बोले, भारत के घुमंतू समाज में छिपे हैं असली योद्धा

लखनऊ  सीएम योगी आदित्यनाथ रविवार को 'विमुक्त जाति दिवस' के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि इस मौके पर सीएम योगी ने कहा कि वास्तव में ये वे जातियां हैं जिन्होंने देश के अंदर विदेशी हमलों को रोकने के लिए एक योद्धा के रूप में काम किया था। अपने पराक्रम का लोहा जिन्होंने अलग-अलग कालखंड में मनवाया था। कभी मुगलों तो कभी अंग्रेजों के खिलाफ लड़े थे। कभी-कभी परिस्थितिवश उन्हें पलायन करना पड़ता था। जब पलायन करना पड़ता था तो उनका घरबार सब कुछ उनका जब्त हो जाता था या नष्ट हो जाता था। इसी तरह वे घुमंतू बन गए।  

ड्रोन टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भर बनेगा भारत, राजनाथ सिंह और योगी आदित्यनाथ ने किया शुभारंभ

नोएडा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शनिवार को नोएडा पहुंचे। दोनों नेताओं ने सेक्टर-81 स्थित राफी मोहिब ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट और रक्षा उपकरण एवं इंजन टेस्ट फैसिलिटी का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बढ़ती रक्षा क्षेत्र की चुनौतियों को देखते हुए अत्याधुनिक ड्रोन, एयरक्राफ्ट इंजन और एयरोस्पेस टेस्ट फैसिलिटी देश के लिए बड़ी उपलब्धि है। भारत 1947 से लगातार चुनौतियों का सामना करता आ रहा है और 'ऑपरेशन सिंदूर' ने युद्ध के नए दौर में देश की सामर्थ्य और शक्ति का प्रदर्शन किया है। आपके पास ताकत है तो दुनिया आपके सामने नतमस्तक होती है। शास्त्र और शस्त्र दोनों का बेहतर समन्वय होगा तो शांति कायम होगी। उन्होंने शेर और बकरी का उदाहरण देते हुए कहा कि शेर सामर्थ्य और राज दोनों का प्रतीक है। सीएम योगी ने महाराणा प्रताप की वीरता का भी उल्लेख किया और कहा कि उत्तर प्रदेश में नौ ऑर्डिनेंस फैक्ट्रियां संचालित हैं। राज्य सरकार ने साढ़े 12 हजार एकड़ भूमि डिफेंस कॉरिडोर के लिए उपलब्ध कराई है, जिसमें आगरा, अलीगढ़, झांसी, चित्रकूट और कानपुर शामिल हैं। साथ ही लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल की यूनिट स्थापित की गई है, जिसने 'ऑपरेशन सिंदूर' में अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। सीएम योगी ने कहा कि लखनऊ की मुस्कुराहट तब और बढ़ेगी जब वहां से ब्रह्मोस मिसाइल दुश्मन पर निशाना साधेगी। उन्होंने नई ड्रोन यूनिट को बधाई देते हुए आश्वस्त किया कि यूपी सरकार देश की सुरक्षा के लिए हमेशा तत्पर है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह यूनिट देश को समर्पित है और डिफेंस सिस्टम में साइंटिफिक रिवॉल्यूशन का प्रतीक है। 2017 में महज 10 लोगों के साथ कंपनी की शुरुआत हुई थी और आज 3,600 से ज्यादा वैज्ञानिक व इंजीनियर यहां काम कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका या चीन का कोई भी डिफेंस सिस्टम इस कंपनी के बने ड्रोन को डिटेक्ट नहीं कर सकता। इसे देश की सबसे इनोवेटिव एयरक्राफ्ट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट बताते हुए उन्होंने कहा कि यह सिस्टम दुश्मन में दहशत पैदा करने वाला है। रक्षा मंत्री ने कहा कि एक समय उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था इतनी खराब थी कि यहां उद्योग लगाने की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी, लेकिन आज योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य निवेशकों की पहली पसंद बन गया है। उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध का उदाहरण देते हुए कहा कि ड्रोन अब सिर्फ निगरानी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आधुनिक युद्ध का अहम हिस्सा बन चुके हैं। उन्होंने 1998 के पोखरण परमाणु परीक्षण को याद करते हुए कहा कि विरोध झेलने के बावजूद भारत ने हमेशा नई राह बनाई है। मात्र 14 महीनों में इस कंपनी और डीआरडीओ के बनाए प्रोडक्ट्स 'ऑपरेशन सिंदूर' में इस्तेमाल हुए। संकल्प, साहस और विज्ञान के मेल से ही यह संभव हो पाया और सेना के जवानों की वीरता का भी जिक्र किया जाना चाहिए।

श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री ने किया षोडशोपचार विधि से पूजन-अर्चन

मुख्यमंत्री ने काशी विश्वनाथ और काल भैरव के किए दर्शन-पूजन  श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री ने किया षोडशोपचार विधि से पूजन-अर्चन  विधि-विधान से दर्शन-पूजन कर सीएम योगी ने की लोकमंगल और जनकल्याण की कामना – सीएम योगी को देख मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं ने हर हर महादेव के जयघोष से किया अभिनंदन वाराणसी  प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ शुक्रवार शाम दो दिवसीय दौरे पर काशी पहुंचे। दौरे के पहले ही दिन उन्होंने धर्मनगरी की आस्था परंपरा का निर्वहन करते हुए काशी के पुराधिपति बाबा विश्वनाथ और काशी कोतवाल बाबा काल भैरव के दरबार में हाजिरी लगाई। मुख्यमंत्री ने लोकमंगल और जनकल्याण की कामना के साथ बाबा विश्वनाथ का षोडशोपचार पूजन-अभिषेक किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले बाबा काल भैरव के दरबार में दर्शन कर आरती की। इस दौरान उन्होंने हाथ जोड़कर श्रद्धालुओं का अभिवादन भी स्वीकार किया। बाबा काल भैरव मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे। गर्भगृह में प्रवेश कर उन्होंने विधिविधान से पूजन कर लोककल्याण की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री के दर्शन के दौरान मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने “हर-हर महादेव” के जयकारे लगाए। मुख्यमंत्री ने भी भक्तों का अभिवादन स्वीकार किया। ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह दौरा मुख्य रूप से मॉरीशस के प्रधानमंत्री के प्रस्तावित आगमन की तैयारियों की समीक्षा, कानून व्यवस्था और विकास परियोजनाओं की प्रगति का आकलन करने के लिए है। हालांकि, वाराणसी आगमन के बाद उन्होंने पहले बाबा विश्वनाथ और काशी कोतवाल का आशीर्वाद लेकर परंपरा का निर्वहन किया।

सियासत गरमाई! Sambhal हिंसा पर CM Yogi ने कहा- दोषियों को छोड़ना होगा यूपी

प्रतापगढ़  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभल में हुई हालिया हिंसा पर टिप्पणी करते हुए शुक्रवार को कहा कि न्यायिक आयोग की एक दिन पहले सौंपी गई रिपोर्ट दंगों की साजिश की पुष्टि करती है। विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के बाद यहां आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने रिपोर्ट के निष्कर्षों का जिक्र किया।  रिपोर्ट में यूपी पुलिस को दिया गया "नरसंहार" रोकने का श्रेय  मुख्यमंत्री ने कहा, "न्यायिक आयोग ने कल संभल घटना पर अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसमें 2024 में दंगों की साजिश के कुछ हिस्सों का खुलासा किया गया है।" योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के समय में हिंदुओं को निशाना बनाया गया और उनकी जनसांख्यिकी को कम किया गया। उन्होंने कहा कि लेकिन आज, डबल इंजन वाली सरकार है जो जनसांख्यिकी को बदलने नहीं देगी। बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री कार्यालय को सौंपी गई रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश पुलिस को "नरसंहार" रोकने का श्रेय दिया गया है और इसमें यह भी उल्लेख किया गया है कि जिले में "बाहर से दंगाइयों को लाया गया था।"  संभल में सांप्रदायिक दंगों का इतिहास रिपोर्ट में आज़ादी के बाद से संभल में हुए महत्वपूर्ण जनसांख्यिकीय परिवर्तनों पर चिंता व्यक्त की गयी है, जब संभल की नगरपालिका आबादी में हिंदुओं की हिस्सेदारी 45 प्रतिशत थी। सूत्रों ने कहा कि रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि संभल में सांप्रदायिक दंगों का इतिहास रहा है, जिसकी शुरुआत 1953 में शिया-सुन्नी संघर्ष से हुई, जिसके बाद 1956, 1959 और 1966 में दंगे हुए। उत्तर प्रदेश के संभल में पिछले साल 24 नवंबर को शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा के मामले की जांच के लिये गठित तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग ने बृहस्पतिवार को अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप दी।   

बड़े औद्योगिक और श्रम सुधारों की ओर बढ़ रहा उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री

राज्य में जल्द आएगा ’सुगम्य व्यापार (प्रावधानों का संशोधन) विधेयक  लखनऊ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म के मंत्र के अनुरूप मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में औद्योगिक व श्रम सुधारों की दिशा में बड़े कदम उठाना शुरू कर दिए हैं। राज्य में उद्योग और व्यापार से जुड़े 13 राज्य अधिनियमों के लगभग 99 फीसदी आपराधिक प्रावधान समाप्त करने की तैयारी कर रही है। ऐसा होने पर उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बनने जा रहा है, जो व्यावहारिकता के दृष्टिकोण से इतने बड़े पैमाने पर आपराधिक प्रावधानों को गैर-आपराधिक श्रेणी में परिवर्तित करेगा। गुरुवार को एक उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस को और सशक्त बनाने के लिए नए कदम उठाना समय की मांग है। साथ ही यह भी उतना ही आवश्यक है कि औद्योगिक विकास के साथ श्रमिकों की सुरक्षा और सुविधा की गारंटी सुनिश्चित हो। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘श्रमेव जयते’ के भाव को आत्मसात करते हुए हमें ऐसे सुधार करने होंगे, जो उद्यमियों और श्रमिकों; दोनों के लिए लाभकारी सिद्ध हों। मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य सरकार शीघ्र ही ‘सुगम्य व्यापार (प्रावधानों का संशोधन) विधेयक, 2025’ लाने जा रही है। इसके अंतर्गत आबकारी अधिनियम, शीरा अधिनियम, वृक्ष संरक्षण अधिनियम, राजस्व संहिता, गन्ना अधिनियम, भूगर्भ जल अधिनियम, नगर निगम अधिनियम, प्लास्टिक कचरा अधिनियम, सिनेमा अधिनियम तथा क्षेत्र व जिला पंचायत अधिनियम सहित कई कानूनों को अधिक व्यावहारिक स्वरूप दिया जाएगा। इनमें जहां पहले कारावास की सज़ा का प्रावधान था, वहां अब अधिक आर्थिक दंड व प्रशासनिक कार्रवाई को वरीयता देने की योजना है। नए प्रावधानों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अनावश्यक दंडात्मक प्रावधानों को समाप्त कर, उनकी जगह पारदर्शी और न्यायसंगत व्यवस्था लागू करना समय की मांग है। बैठक में अवगत कराया गया कि इस विधेयक पर संबंधित 14 विभागों से राय ली गई है। अधिकांश विभाग सहमत हैं, जबकि कुछ ने आपत्तियाँ दर्ज कराई हैं। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि आपत्तियों और सुझावों पर गंभीरता से विचार करते हुए विधेयक को ऐसा स्वरूप दिया जाए, जो उद्योग और श्रमिकों के हितों में संतुलित हो। बैठक में श्रम कानूनों के सरलीकरण पर भी चर्चा हुई। प्रस्तावों में फैक्ट्री लाइसेंस की अवधि बढ़ाने, दुकानों व प्रतिष्ठानों के नियमों में व्यावहारिक बदलाव करने और महिलाओं को अधिक अवसर उपलब्ध कराने जैसे कदम शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि निरीक्षण व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए स्व-सत्यापन और थर्ड पार्टी ऑडिट की प्रणाली अपनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इन सुधारों से जहां उद्योगों का बोझ कम होगा, वहीं श्रमिकों का हित भी सुरक्षित होगा। सुधारों की शृंखला में ‘निवेश मित्र 3.0’ पर भी विचार-विमर्श हुआ।  इसके तहत निवेशकों की आवेदन व अनुमोदन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और सुगम बनाया जाएगा। कॉमन एप्लिकेशन फॉर्म, पैन-आधारित पहचान, स्मार्ट डैशबोर्ड, बहुभाषी सहायता और एआई चैटबॉट जैसी सुविधाएँ जोड़ी जाएंगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सेवाओं की समयबद्ध डिलीवरी और निवेशकों की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि निवेश मित्र पोर्टल का नया संस्करण शीघ्र ही लॉन्च किया जाए, जिससे ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस को नई मजबूती मिलेगी।  

बिहार के दरभंगा के अतरबेल में कांग्रेस-आरजेडी की रैली में दी गई प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भद्दी-भद्दी गालियां

मातृ शक्ति का अपमान करने पर भड़के योगी, कहा- एक साधारण मां ने संघर्ष से गढ़ा राष्ट्रसेवक, आज मोदी विश्व के सबसे लोकप्रिय नेता लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिहार के दरभंगा के अतरबेल में कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल की रैली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ प्रयोग की गई बेहद अभद्र भाषा की कड़ी निंदा की है। यह कार्यक्रम बिहार यूथ कांग्रेस के नौशाद द्वारा कराया गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे लोकतांत्रिक मर्यादा और भारतीय संस्कृति पर सीधा प्रहार बताया।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि कांग्रेस और आरजेडी के नेताओं द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के प्रति इस्तेमाल की गई अपमानजनक भाषा न केवल प्रधानमंत्री का अपमान है, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य है। योगी आदित्यनाथ ने लिखा, "कांग्रेस और आरजेडी के मंच से आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के लिए प्रयुक्त अभद्र भाषा अत्यंत निंदनीय एवं राजनीतिक मर्यादा का पतन है। यह कृत्य सिर्फ प्रधानमंत्री जी का नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतवासियों की भावनाओं का अपमान है।" उन्होंने आगे कहा कि एक साधारण मां ने अपने संघर्ष और संस्कारों से ऐसे पुत्र को गढ़ा, जिसने स्वयं को राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित कर दिया और आज वह विश्व के सबसे लोकप्रिय नेता के रूप में करोड़ों भारतीयों के हृदय में बसते हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि बिहार की जनता इस तरह की 'घृणित राजनीति' का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी और भारतीय संस्कृति तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करेगी।