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मुख्यमंत्री ने किया परिवहन विभाग की विभिन्न सेवाओं का शुभारंभए डिजिटल लोकार्पण एवं शिलान्यास

लखनऊए  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में परिवहन विभाग की विभिन्न सेवाओं का शुभारंभ और डिजिटल लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। उन्होंने विभाग को बधाई देते हुए कहा कि परिवहन विभाग प्रदेश के पब्लिक ट्रांसपोर्ट का सबसे बड़ा माध्यम है और इसे विकसित भारत की परिकल्पना का सारथी बनना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के पास देश में सबसे बड़ा बेड़ा है। इतनी बड़ी संख्या में सेवाएं देना अपने आप में एक उपलब्धि हैए लेकिन इसके साथ ही चुनौतियां भी कम नहीं हैं। उन्होंने रक्षाबंधन पर बहनों को तीन दिनों तक मुफ्त बस यात्रा उपलब्ध कराने की पहल को सराहनीय बताया और कहा कि विभाग भविष्य में इस तरह की सेवाओं का प्रचार.प्रसार और प्रभावी तरीके से करे। समय की रफ्तार से कदम मिलाना जरूरीमुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी व्यक्तिए समाज या राष्ट्र यदि समय की गति से पीछे जाता है तो हमेशा के लिए पीछे रह जाता है। लेकिन यदि वह समय की गति से दो कदम आगे चलने की क्षमता रखता हैए तो विजयश्री का ध्वज फहराता है। उन्होंने परिवहन विभाग से अल्पकालिक ;3 वर्षद्धए मध्यम अवधि ;10 वर्षद्ध और दीर्घकालिक ;22 वर्षद्ध योजनाएं तैयार करने का आह्वान किया। उन्होंने सख्त निर्देश दिया कि फाइल को लटकाने की आदत बंद करनी पड़ेगी। जनसुनवाई को तेजी से आगे बढ़ाना पड़ेगा। विभाग में टीम वर्क को और सशक्त बनाना पड़ेगा तो परिणाम आने में देर नहीं लगेगी।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि परिवहन विभाग ने समय.समय पर अपनी सेवाओं से मिसाल पेश की है। 2019 के प्रयागराज कुंभ और 2020 की वैश्विक महामारी कोरोना के दौरान जब करोड़ों कामगार और श्रमिक अपने.अपने राज्यों और गांवों की ओर लौट रहे थेए तब विभाग ने उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि बिहारए झारखंडए ओडिशाए असमए पश्चिम बंगाल और उत्तराखंड तक प्रवासियों को सुरक्षित पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।  उन्होंने कहा कि सड़क पर चलने वाले हर व्यक्ति की सुरक्षा परिवहन विभाग की जिम्मेदारी है। यदि किसी यात्री की जान बचती है तो यह विभाग की सकारात्मक छवि बनाता हैए लेकिन लापरवाही से जान जाने पर न केवल विभाग की बदनामी होती हैए बल्कि आर्थिक क्षति भी होती है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बस चालकों का नियमित मेडिकल और फिजिकल फिटनेस टेस्ट हर तीन महीने में अनिवार्य रूप से कराया जाए। विशेष रूप से आंखों की जांच जरूरी है ताकि दृष्टि दोष के कारण दुर्घटनाएं न हों। उन्होंने कहा कि सड़क पर अंदाजे से गाड़ी चलाने की छूट नहीं दी जा सकती। जागरूकता और समन्वय से ही समाधानमुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा को लेकर व्यापक जन.जागरूकता अभियान चलाना होगा। इसके लिए आईआईटी खड़गपुर जैसी संस्थाओं की तकनीकी मददए पुलिस और अन्य विभागों का समन्वयए साथ ही स्कूलों में ट्रैफिक नियमों पर शिक्षा जरूरी है। उन्होंने हेलमेटए सीट बेल्टए नशे में ड्राइविंगए ओवरस्पीडिंग जैसी स्थितियों पर कड़े नियम लागू करने और मीडियाकृडिजिटलए प्रिंटए सोशल व विजुअलकृके माध्यम से प्रचार.प्रसार बढ़ाने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून कभी.कभी कठोर लगता हैए लेकिन यही कानून अंततः आपकी सुरक्षा और जीवन की गारंटी है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा विकसित एक ऐप के जरिए अत्यधिक दुर्घटना वाले क्षेत्रों की पहचान की गईए जिससे कई स्थानों पर हादसों की संख्या घटकर महीने में 18 से घटकर 3 तक हो गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा नियमों के पालन के साथ.साथ हमें प्रकृति के अनुरूप विकास करना होगा।  आधुनिक बस स्टेशनए इलेक्ट्रिक बसें और स्क्रैपिंग नीतिमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि परिवहन विभाग को समय की मांग के अनुसार अपनी सेवाओं को आधुनिक और प्रतिस्पर्धी बनाना होगा। बस स्टेशन विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस होंए बसें सड़कों पर अव्यवस्थित खड़ी न रहें और यात्रियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित माहौल मिलेकृइसके लिए ठोस प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बस सेवा से पर्यावरण संरक्षण के साथ बेहतर यात्रा अनुभव भी संभव है। चार्जिंग स्टेशनों के लिए निजी क्षेत्र को जोड़ा जा सकता है। साथ हीए पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग को बढ़ावा देना होगा ताकि प्रदूषण और सड़क हादसों का खतरा कम हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट्स को और सुदृढ़ किया जाए और विभाग जवाबदेही के साथ काम करे। प्रयागराज महाकुंभ जैसे आयोजनों में भी परिवहन विभाग ने लाखों यात्रियों को सुरक्षित गंतव्य तक पहुँचाकर अपनी क्षमता साबित की है। अब जरूरत है कि शॉर्ट टर्मए मीडियम टर्म और लॉन्ग टर्म प्लानिंग के जरिए विभाग प्रदेश के विकास का सारथी बने। इस अवसर पर परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंहए महापौर सुषमा खर्कवालए विधायक जय देवीए अमरेश कुमारए ओपी श्रीवास्तवए योगेश शुक्लए विधान परिषद सदस्य रामचंद्र प्रधानए मुकेश शर्माए प्रमुख सचिव ;परिवहनद्ध अमित गुप्ताए परिवहन आयुक्त ब्रजेश नारायण सिंहए परिवहन निगम के एमडी मासूम अली सरवर आदि मौजूद रहे।  

1.5 लाख जनसेवा केंद्रों (सीएससी) के माध्यम से परिवहन की सेवाएं उपलब्ध कराने का शुभारंभ करेंगे सीएम योगी

शनिवार को विभिन्न योजनाओं का करेंगे शुभारंभ व लोकार्पण  इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जूपिटर हॉल में होगा कार्यक्रम  आईआईटी खड़गपुर व परिवहन विभाग के बीच होगा एमओयू राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत तीन महिला परिचालकों को दिया जाएगा नियुक्ति पत्र  सड़क सुरक्षा के लिए 11 इंटरसेप्टर को हरी झंडी दिखाएंगे मुख्यमंत्री 8 डबल डेकर इलेक्ट्रिक बस, 16 इलेक्ट्रिक बस, 1 रेट्रोफिट इलेक्ट्रिक बस, 10 सीएनजी, दो एसी बस, 20 टाटा बस, 43 आशयर सहित 400 बीएस- सिक्स बसों का करेंगे शुभारंभ  डिजिटल बस ट्रैकिंग (मार्गदर्शी) ऐप का भी शुभारंभ करेंगे सीएम, इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट की नई बुकलेट का करेंगे विमोचन लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को परिवहन विभाग के जरिए प्रदेशवासियों को अनेक सौगात देंगे। वे परिवहन विभाग की अनेक योजनाओं का शुभारंभ व लोकार्पण भी करेंगे। यह आयोजन शनिवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जूपिटर हॉल में होगा। कार्यक्रम में परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह भी उपस्थित रहेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 1.5 लाख जनसेवा केंद्रों (सीएससी)के माध्यम से परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराने का भी शुभारंभ करेंगे।  परिवहन विभाग की इस पहल से आमजन को बड़ी सुविधाएं प्राप्त होंगी।  आईआईटी खड़गपुर व परिवहन विभाग के मध्य होगा एमओयू परिवहन आयुक्त ब्रजेश नारायण सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री सरल परिवहन हेल्पलाइन 149 का शुभारंभ भी करेंगे। आईआईटी खड़गपुर व परिवहन विभाग तथा परिवहन निगम व सीएससी के मध्य भी एमओयू होगा। सीएम योगी इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट की नई बुकलेट और डिजिटल बस ट्रैकिंग (मार्गदर्शी) ऐप का भी शुभारंभ करेंगे।  बस स्टेशन के विकासकर्ताओं को भी सम्मानित करेंगे मुख्यमंत्री  श्री सिंह ने बताया कि पीपीपी के अंतर्गत व अनुदान आधारित बस स्टेशनों का डिजिटल उद्घाटन व शिलान्यास भी होगा। इसके पश्चात पीपीपी मोड पर विकसित किए जाने के लिए चयनित बस स्टेशनों के विकासकर्ताओं को भी सम्मानित किया जाएगा। एडीटीसी व आरवीएसएफ के 4-4 नवीनतम केंद्रों के प्रमाण पत्र का भी वितरण होगा। सीएम योगी के हाथों चार नवीनतम ऑटोमेटिक टेस्टिंग सेंटर के निवेशकों को प्रमाण पत्र का भी वितरण किया जाएगा। जनसेवा केंद्रों के माध्यम से परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराने विषयक चार व्यक्तियों को भी प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा।  तीन महिला परिचालकों को नियुक्ति पत्र भी देंगे सीएम योगी   परिवहन आयुक्त ने बताया कि सीएम योगी आदित्यनाथ मंच पर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत तीन महिला परिचालकों को नियुक्ति पत्र भी वितरित करेंगे। सीएम योगी सड़क सुरक्षा के लिए 11 इंटरसेप्टर को हरी झंडी दिखाएंगे। साथ ही 8 डबल डेकर इलेक्ट्रिकबस, 16 इलेक्ट्रिक बस, 1 रेट्रोफिट इलेक्ट्रिक बस, 10 सीएनजी, दो एसी बस, 20 टाटा बस, 43 आशयर सहित 400 बीएस- सिक्स बसों का शुभारंभ भी करेंगे।

जीएसटी सुधार से स्वदेशी और स्वावलंबन की ओर बढ़ेगा भारत: सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कर सुधारों के लिए प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री का जताया आभार दूरदर्शी नेतृत्व में कर व्यवस्था का नया लिखा जा रहा अध्याय: सीएम दो स्लैब प्रणाली से आमजन को सीधी राहत, किसान, महिला और युवा को मिलेगा सशक्तिकरण: योगी MSME और स्टार्टअप्स के लिए सहारा बनेगा नया जीएसटी, उपभोग बढ़ेगा, रोजगार के लाखों अवसर बनेंगे: सीएम स्वदेशी से स्वावलंबन की ओर मजबूत कदम, सरल अनुपालन और तेज रिफंड से व्यापारियों को राहत: मुख्यमंत्री महंगाई नियंत्रण और विकास दर को मिलेगी नई रफ्तार, पारदर्शी कर व्यवस्था से बढ़ेगा निवेशकों का विश्वास: सीएम गोरखपुर जीएसटी सुधार के निर्णय पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व में भारत की कर व्यवस्था एक नए युग में प्रवेश कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वाधीनता दिवस पर प्रधानमंत्री द्वारा घोषित नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म अब धरातल पर उतरता दिख रहा है। यह केवल कर सुधार नहीं बल्कि भारत को उच्च विकास दर वाली वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में निर्णायक कदम है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से कहा कि इन सुधारों से स्वदेशी से स्वावलंबन की भावना को नई ऊर्जा मिलेगी। उपभोग व्यय में वृद्धि से ऑटोमोबाइल, टिकाऊ उपभोग वस्तुओं और निर्माण क्षेत्र में मांग बढ़ेगी तथा लाखों नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। दो स्लैब से आमजन को मिलेगी राहत मुख्यमंत्री ने कहा कि नए सुधारों के तहत अब जीएसटी में केवल दो प्रमुख स्लैब — 5% और 18% — रहेंगे। अधिकांश आवश्यक वस्तुएं 5% स्लैब में रखी गई हैं, जबकि बहुत कम संख्या में आने वाली विलासिता की वस्तुओं पर 40% तक कर लगेगा। खाना, दवाइयां और शिक्षा सामग्री पर कर जीरो से पांच प्रतिशत तक रखने से घरेलू खर्च में बड़ी राहत मिलेगी। मध्यम एवं निम्न आय वर्ग की क्रय शक्ति बढ़ेगी और रोजमर्रा की वस्तुओं में कर कटौती से उपभोग को प्रोत्साहन मिलेगा। किसानों, युवाओं और छोटे व्यापारियों को नई ताकत सीएम योगी ने कहा कि यह नया अध्याय किसानों, महिलाओं, युवाओं, एमएसएमई सेक्टर और छोटे व्यापारियों को नई शक्ति प्रदान करेगा। तेज रिफंड और आसान रजिस्ट्रेशन जैसी व्यवस्थाएं छोटे व्यापारियों, उद्यमियों और स्टार्टअप्स के लिए सहारा बनेंगी। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को नई ऊंचाई मिलेगी। पारदर्शी और विश्वासपूर्ण कर व्यवस्था उन्होंने कहा कि उल्टे शुल्क ढांचे का समाधान, वर्गीकरण विवाद का निपटारा और पारदर्शी कर प्रणाली व्यवसायों में विश्वास को और मजबूत करेगी। केंद्र और राज्यों की सामूहिक सहमति से यह सुधार और व्यापक व स्वीकार्य बनता है। महंगाई नियंत्रण और मजबूत अर्थव्यवस्था मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में बीते वर्षों में थोक महंगाई दर 2% से नीचे लाने में सफलता मिली है। नए जीएसटी सुधार खपत और मांग को गति देंगे, जिससे अर्थव्यवस्था और मजबूत, स्थिर तथा समावेशी बनेगी। मुख्यमंत्री ने इस अभूतपूर्व, युगांतरकारी निर्णय के लिए उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी को हृदय से धन्यवाद दिया। 

ब्रिटिश भी नहीं कर पाए थे गोरखा सैनिकों का सामना, संधि के लिए होना पड़ा था मजबूर: सीएम योगी

सीएम योगी ने गोरखपुर में किया गोरखा युद्ध स्मारक और संग्रहालय का शिलान्यास – वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ संग्रहालय का भूमिपूजन व शिलान्यास – भारत-नेपाल के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों को नई मजबूती प्रदान करेगा यह स्मारक- सीएम योगी – सेना के शौर्य की चर्चा में गोरखा सैनिकों का नाम सबसे ऊपर- मुख्यमंत्री – सीएम योगी ने शहीद सैनिकों की वीर महिलाओं को किया सम्मानित – अग्निवीर योजना के तहत लौटने वाले जवानों के लिए यूपी पुलिस में 20 प्रतिशत आरक्षण- सीएम योगी गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखा रेजीमेंट के वीर सपूतों की अदम्य साहस और शौर्यगाथा को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनाने के उद्देश्य से गोरखा युद्ध स्मारक के सौंदर्यीकरण कार्य और संग्रहालय का शिलान्यास किया। यह परियोजना 45 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जाएगी, जो न केवल गोरखा सैनिकों के बलिदान को सम्मान देगी बल्कि भारत-नेपाल के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों को नई मजबूती प्रदान करेगी। कार्यक्रम में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान भी उपस्थित रहे। इस दौरान सीएम योगी ने गोरखा सैनिकों की वीरता को याद करते हुए कहा कि गौरवशाली विरासत की नींव आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। भारतीय सेना का लोहा आज पूरी दुनिया ने माना है। ब्रिटिश भी गोरखा सैनिकों का सामना नहीं कर पाए और उन्हें संधि के लिए मजबूर होना पड़ा। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ संग्रहालय का भूमिपूजन व शिलान्यास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संग्रहालय का भूमिपूजन किया और परिसर में स्थित मां काली मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस दौरान गोरखा रिक्रूटिंग डिपो (जीआरडी) की कार्यशैली पर आधारित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया, जिसमें गोरखा रेजीमेंट के बहादुर जवानों की कहानियां जीवंत रूप से प्रस्तुत की गईं। साथ ही, सांस्कृतिक कार्यक्रमों में जवानों ने अपनी परंपरा और संस्कृति के अनुरूप नृत्य और गीत प्रस्तुत किए, जो दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर गए। मुख्यमंत्री ने गोरखा रेजीमेंट के शहीदों के परिवारों की वीर महिलाओं को सम्मानित किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने रामधारी सिंह दिनकर की प्रसिद्ध पंक्तियां उद्धृत की, "जला अस्थियाँ बारी-बारी चिटकाई जिनमें चिंगारी, जो मर गए मातृभूमि के लिए बिना किसी कीमत के मोल… कलम आज उनकी जय बोल।" सीएम योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पंच प्रण गुलामी के अंशों को समाप्त करना, अपनी विरासत पर गौरव की अनुभूति, वीर सैनिकों के प्रति सम्मान, सामाजिक एकता और कर्तव्यों का निर्वहन का जिक्र करते हुए कहा कि गोरखा सैनिकों ने अलग-अलग मोर्चों पर काम किया है सभी वीर सैनिकों का सम्मान करना हमारा कर्तव्य है। सेना के शौर्य की चर्चा में गोरखा सैनिकों का नाम सबसे ऊपर आता है- मुख्यमंत्री सीएम योगी ने कहा कि जब हम भारत की सेना के शौर्य की चर्चा करते हैं, तो गोरखा सैनिकों का नाम सबसे ऊपर आता है। 'जय महाकाली, आयो गोरखाली' के उद्घोष के साथ जब ये शत्रु पर टूट पड़ते हैं, तो दुश्मन पीछे हटने को मजबूर हो जाता है। 1816 के ब्रिटिश-गोरखा युद्ध में ब्रिटिश सेना को संधि के लिए बाध्य होना पड़ा। उसके बाद गोरखा सैनिकों ने ब्रिटिश आर्मी में भी अपनी बहादुरी दिखाई। स्वतंत्र भारत में भी उन्होंने विभिन्न मोर्चों पर दुश्मनों को घुटने टेकने पर मजबूर किया। सीएम योगी ने महायोगी गुरु गोरखनाथ की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि जहां गोरखनाथ मंदिर हैं, वहां मां काली की पूजा अनिवार्य है, जो शिव और शक्ति के समन्वय का प्रतीक है। यह समन्वय ही गोरखा सैनिकों की मौत से बेखौफ होकर लड़ने की शक्ति का स्रोत है। अग्निवीरों को यूपी पुलिस में 20 प्रतिशत आरक्षण- सीएम योगी सीएम योगी ने इस स्मारक को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बताते हुए कहा कि यह 100 वर्ष पुराना स्मारक अब भव्य रूप लेगा। यहां म्यूजियम में गोरखा रेजीमेंट के पुराने यूनिफॉर्म, हथियार, अस्त्र-शस्त्र और युद्ध कला के परिवर्तनों को प्रदर्शित किया जाएगा। इससे युवा पीढ़ी को इतिहास से सीखने का अवसर मिलेगा। उन्होंने सीडीएस जनरल अनिल चौहान को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनकी व्यस्तता के बावजूद इस कार्यक्रम में शामिल होना गोरखा रेजीमेंट के प्रति उनके समर्पण को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश सरकार की पहलों का जिक्र किया, जैसे पुलिस बल में स्मारकों का निर्माण, शहीदों के परिवारों को 50 लाख रुपये की सहायता, नौकरी और स्मारकों का नामकरण। उन्होंने अग्निवीर योजना के तहत लौटने वाले जवानों के लिए पुलिस में 20 प्रतिशत आरक्षण की घोषणा भी दोहराई। युवाओं में सेना के प्रति आकर्षण बढ़ाएगा यह युद्ध स्मारक- सीएम मुख्यमंत्री ने युद्ध स्मारक पर श्रद्धासुमन अर्पित कर वीर जवानों को सलामी दी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल गोरखपुर के कूनराघाट क्षेत्र में रहने वाले हजारों पूर्व गोरखा सैनिकों के परिवारों को गौरव की अनुभूति कराएगी, बल्कि युवाओं में सेना के प्रति आकर्षण बढ़ाएगी। सीएम योगी ने कहा कि गोरखपुर में नया सैनिक स्कूल स्थापित किया गया है, जो विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में मदद करेगा। उन्होंने 'नेशन फर्स्ट' के भाव पर जोर देते हुए कहा कि हर नागरिक के कर्तव्य निर्वहन से ही लक्ष्य प्राप्त होंगे। सिविल-मिलिट्री फ्यूजन का प्रतीक बनेगा यह स्मारक- सीडीएस कार्यक्रम में सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने गोरखा सैनिकों की वीरता को सलाम किया। उन्होंने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है। 1886 में कुनराघाट में गोरखा रिक्रूटिंग डिपो की स्थापना हुई थी। प्रथम विश्व युद्ध में गोरखा सैनिकों ने अदम्य साहस दिखाया और कम से कम 20 हजार शहीद हुए। 1925 में इस युद्ध स्मारक की स्थापना हुई। आज इसका नवीनीकरण हमारी दूरदर्शिता का प्रमाण है। सीडीएस चौहान ने योगी सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह स्मारक सिविल-मिलिट्री फ्यूजन का प्रतीक बनेगा। उन्होंने तीन कारणों से इसे महत्वपूर्ण बताया, पहला, गोरखा सैनिकों और भारतीय सेना के करीबी रिश्तों की पहचान, दूसरा, उनकी सदियों पुरानी निस्वार्थ सेवा और बहादुरी और तीसरा, भारत-नेपाल संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता। सीडीएस ने कहा कि आज परिवर्तन का समय है। हम विकसित भारत की कल्पना करते हैं, लेकिन अतीत को भूलना नहीं चाहिए। गोरखा सैनिकों का बलिदान हमारे लिए प्रेरणास्रोत है, जो आने वाली पीढ़ी को प्रेरित करेगा।  संग्रहालय में क्या होगा खास यह संग्रहालय गोरखा रेजीमेंट की गौरवगाथा को डिजिटल रूप से प्रस्तुत करेगा। इसमें डिजिटल … Read more

मुख्यमंत्री ने सेवा पखवाड़ा अभियान कार्यशाला को किया संबोधित, कार्यकर्ताओं का किया मार्गदर्शन

सीएम ने की वोकल फॉर लोकल की चर्चा, बोले- देश का पैसा यहां के कारीगरों को ही मिले, बाहर जाएगा तो भारत के खिलाफ आतंकवाद में होगा प्रयोग सीएम ने की अपीलः सभी कार्यक्रम भी हों और पर्व-त्योहार भी आसानी से मनाए जाएं  पीएम पर लिखी गईं पुस्तकें उपहार के रूप में देंः योगी  सीएम ने दिया मंत्रः जितनी मेहनत करेंगे, उतना ही बीमारियों से लड़ने का सामर्थ्य रखेंगे लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में सेवा पखवाड़ा अभियान कार्यशाला को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने एक तरफ पार्टी कार्यकर्ताओं की हौसलाअफजाई की, तो उनका मार्गदर्शन भी किया। मुख्यमंत्री ने सेवा पखवाड़ा अभियान ( 17सितंबर से दो अक्टूबर) के तहत होने वाले कार्यक्रमों की चर्चा करते हुए कहा कि भाजपा के कार्यक्रम स्वयं के लिए नहीं, बल्कि नेशन फर्स्ट के भाव के साथ होते हैं। हम संस्थापकों के विजन राष्ट्र प्रथम के भाव को जीवन का मिशन मानकर आगे बढ़ते हैं। हमारे कार्यकर्ता जब इसे अभियान मानकर बढ़ते हैं तो वे आमजन का विश्वास का हिस्सा बनते हैं। मुख्यमंत्री ने सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत सभी कार्यक्रम के सफल आयोजन को लेकर पहले उत्साहवर्धन किया, फिर अपील भी की कि दो अक्टूबर को विजयादशमी भी है। यह सभी कार्यक्रम भी अच्छे से हों और पर्व-त्योहार भी आसानी से मनाए जाएं।  देश का पैसा बाहर जाएगा तो भारत के खिलाफ आतंकवाद में प्रयोग होगा सीएम ने सेवा पखवाड़े के आयोजन और उसकी महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने वोकल फॉर लोकल को हस्तशिल्पियों का सम्मान बताया। कहा कि इसने यूपी के एक्सपोर्ट को कई गुना बढ़ाया है। यह आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगा। सीएम ने सभी से इसे बढ़ावा देने की अपील की और कहा कि देश का पैसा यहां के कारीगरों को ही मिले, बाहर जाएगा तो भारत के खिलाफ आतंकवाद में प्रयोग होगा।  यूपी से अधिक कोई नहीं समझ सकता स्वच्छता का महत्व मुख्यमंत्री ने स्वच्छता कार्यक्रम का जिक्र करते हुए इसे जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि इसका महत्व यूपी से अधिक कोई नहीं समझ सकता। 11 वर्ष पहले इस सीजन में गांवों में पैदल चलना दूभर होता था। बदबू व गंदगी रहती थी, लेकिन आज हर गांव में पैदल जाया जा सकता है। स्वच्छता का ही असर है कि इंसेफेलाइटिस समाप्त हो गया। सीएम ने कहा कि बूथ स्तर की टीम मलिन बस्तियों में होने वाले कार्यक्रमों का हिस्सा बने। उन्होंने सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्णतः बैन करने पर जोर दिया।  यूपी ने इस वर्ष 36 करोड़ पौधरोपण कर नया रिकॉर्ड बनाया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान में यूपी की भागीदारी से आगंतुकों व कार्यकर्ताओं को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि 'एक पेड़ मां के नाम'  के तहत इस वर्ष भी एक दिन में 36 करोड़ से अधिक पौधरोपण का रिकॉर्ड बना। 8 वर्ष में 240 करोड़ पौधरोपण हुए। यूपी का फॉरेस्ट कवर बढ़ा। जिस प्रदेश में पहले 50 लाख पौधे नहीं मिलते थे, वहां की नर्सरियों में 52 करोड़ पौधे तैयार किए गए। सीएम ने नमो वन/पार्क का भी जिक्र किया।  जितनी मेहनत करेंगे, उतना ही बीमारियों से लड़ने का सामर्थ्य रखेंगे सीएम ने भाजयुमो अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या से मुखातिब होते हुए कहा कि यूपी में युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं की लंबी फौज है। हर अभियान में युवा मोर्चा के कार्यकर्ता जीजान से लगे रहते हैं। सीएम ने रक्तदान शिविर को लेकर भाजयुमो कार्यकर्ताओं की हौसला अफजाई की। सीएम ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग हर रविवार को स्वास्थ्य मेला लगाता है। वहां केंद्र व प्रदेश सरकार की योजनाओं का डिस्प्ले, उपचार व अन्य सुविधाएं उपलब्ध होती हैं। सीएम ने स्वास्थ्य के प्रति आमजन को जागरूक करने की अपील की और मंत्र दिया कि जितनी मेहनत करेंगे, बीमारियों से उतना ही लड़ने का सामर्थ्य रखेंगे। सीएम ने कोविड के दौरान भारत के बेहतरीन प्रबंधन का जिक्र करते हुए कहा कि देश में जितनी मौतें हुईं, उसकी तुलना में सुपर पॉवर अमेरिका में चार गुना अधिक मौतें हुईं।  सेवानिवृत्त अधिकारियों व विशेषज्ञों के साथ बैठकर विकसित-आत्मनिर्भर यूपी को बढ़ाने पर करेंगे चर्चा  मुख्यमंत्री ने कहा कि 300 से अधिक सेवानिवृत्त आईएएस, आईएफएस, विभिन्न अधिकारियों व अलग-अलग विषय विशेषज्ञों के साथ बैठकर विकसित-आत्मनिर्भर यूपी के कार्यक्रम को बढ़ाने जा रहे हैं। विकसित व आत्मनिर्भर भारत के साथ विकसित यूपी को बढ़ाने के कार्यक्रम कॉलेजों, स्कूलों व अन्य संस्थाओं में होंगे, जनप्रतिनिधि भी उसका हिस्सा बनेंगे। सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत की संकल्पना को संकल्प के रूप में दिया है। हम इसके अनुरूप कार्य करेंगे। सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत दिव्यांगजनों को जनप्रतिनिधियों द्वारा कृत्रिम उपकरण वितरण करेंगे।  पीएम पर लिखी गईं पुस्तकें उपहार में दें  सीएम योगी ने कहा कि पीएम पर लिखीं गईं पुस्तकें उपहार के रूप में दें। पूरे पखवाड़े यह अभियान चलाएं। उन्होंने कहा कि सांसद खेलकूद प्रतियोगिता से पहले विधायक खेलकूद प्रतियोगिता होगी। ग्राम पंचायत से लेकर संसदीय क्षेत्र की प्रतिभाएं इससे निखरेंगी। सीएम ने विकसित भारत चित्रकला प्रतियोगिता के जरिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि फाइन आर्ट से जुड़े लोगों को भी इससे प्रेरित करें। यह प्रतियोगिता सावर्जनिक स्थानों पर करें, जिससे दीवारें भी सजेंगी और युवाओं का सम्मान भी होगा। सीएम ने सांस्कृतिक कार्यक्रम,  पं. दीनदयाल उपाध्याय व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन पर आधारित प्रदर्शनी की भी चर्चा की।  सीएम ने नमो मैराथन में तेजस्वी सूर्या को किया आमंत्रित  सीएम योगी आदित्यनाथ ने सभी 17 नगर निगम व गौतमबुद्ध नगर में नमो मैराथन कार्यक्रम पर जोर दिया। सीएम ने इसमें भाजयुमो अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या को भी आमंत्रित किया। सीएम ने मैराथन में 10 हजार से अधिक युवाओं को हिस्सा बनाने की अपील की।  इस दौरान भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष व सांसद तेजस्वी सूर्या,  उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह, प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल आदि मौजूद रहे। संचालन प्रदेश महामंत्री व विधान परिषद सदस्य गोविंद नारायण शुक्ल ने किया।

3 मिशन, 3 थीम और 12 सेक्टर पर आधारित है विकसित उत्तर प्रदेश का खाका

मिशन विकसित यूपी 2047: हर नागरिक को घर, पानी, बिजली और स्वास्थ्य सुविधाएं उद्योग, कृषि और सेवा क्षेत्र में यूपी को मिलेगा आर्थिक नेतृत्व परंपरा और आधुनिकता के संगम से होगा सांस्कृतिक पुनर्जागरण 12 सेक्टरों में कृषि, उद्योग, आईटी, पर्यटन, शिक्षा और सुशासन शामिल लखनऊ उत्तर प्रदेश को 2047 तक विकसित प्रदेश बनाने के विज़न को साकार करने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार ने एक ठोस कार्ययोजना तैयार की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने 3 मिशन, 3 थीम और 12 सेक्टर की मजबूत रूपरेखा तय की है। यह खाका न केवल राज्य की विकास आवश्यकताओं को पूरा करेगा, बल्कि इसे आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी नई ऊंचाइयों पर ले जाने का लक्ष्य रखता है। योगी सरकार के तीन मिशन समग्र विकास मिशन : हर नागरिक को घर, पानी, बिजली और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना। यह मिशन जीवन स्तर को ऊंचा उठाने और बुनियादी जरूरतों की पूर्ति पर केंद्रित होगा। आर्थिक नेतृत्व मिशन : उद्योग, कृषि और सेवा क्षेत्र को प्रतिस्पर्धी बढ़त दिलाकर उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय ही नहीं, वैश्विक स्तर पर आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित करना। सांस्कृतिक पुनर्जागरण मिशन : परंपरा और आधुनिकता का संतुलित संगम प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रदेश को सांस्कृतिक धरोहर के साथ-साथ आधुनिक तकनीक और नवाचार का गढ़ बनाना। योगी सरकार के तीन थीम अर्थ शक्ति : आर्थिक विकास और निवेश के नए अवसरों को बढ़ावा। सृजन शक्ति : नवाचार, शिक्षा, कौशल और तकनीकी विकास पर जोर। जीवन शक्ति : नागरिकों के स्वास्थ्य, सुरक्षा, समाज कल्याण और जीवन स्तर को बेहतर बनाना। 12 प्रमुख सेक्टर और उनसे जुड़े विभाग कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र : कृषि विभाग, कृषि शिक्षा, उद्यान, गन्ना विकास, सिंचाई व सहकारिता विभागों की समग्र भूमिका। पशुधन संरक्षण : पशुपालन, डेयरी विकास और मत्स्य विभाग के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती। औद्योगिक विकास : औद्योगिक विकास, एमएसएमई और खनन विभाग के जरिए रोजगार और निवेश को गति। आईटी एवं इमर्जिंग टेक्नोलॉजी : आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और विज्ञान-प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा डिजिटल और नवाचार आधारित विकास। पर्यटन एवं संस्कृति : पर्यटन, धर्मार्थ कार्य और संस्कृति विभाग से धार्मिक-सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण व प्रसार। नगर एवं ग्राम्य विकास : नगर विकास, आवास-शहरी नियोजन, ग्राम्य विकास, पंचायती राज और नमामी गंगे से संतुलित शहरी-ग्रामीण विकास। अवस्थापना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) : परिवहन, नागरिक उड्डयन, लोक निर्माण और ऊर्जा विभाग से बेहतर बुनियादी ढांचा। संतुलित विकास : पर्यावरण, वन, जलवायु परिवर्तन और अतिरिक्त ऊर्जा स्रोतों से सतत विकास। समाज कल्याण : समाज कल्याण, खाद्य एवं आपूर्ति, श्रम, महिला-बाल विकास, अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्ग व दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग से सर्वांगीण कल्याण। स्वास्थ्य क्षेत्र : स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, प्रशिक्षण और आयुष विभाग से सुलभ व सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं। शिक्षा क्षेत्र : बेसिक, माध्यमिक, उच्च, तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा तथा कौशल विकास विभाग से युवाओं को भविष्य के अनुरूप तैयार करना। सुरक्षा एवं सुशासन : गृह विभाग, होमगार्ड, भाषा और सामान्य प्रशासन विभाग से सुरक्षित व पारदर्शी शासन। विकास का बहुआयामी खाका मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि यह खाका केवल कागज पर बनी योजना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के हर नागरिक को इसका सीधा लाभ मिलेगा। सरकार का उद्देश्य है कि 2047 तक उत्तर प्रदेश एक ऐसा राज्य बने जो आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर, सांस्कृतिक रूप से समृद्ध और सामाजिक रूप से समान व न्यायपूर्ण हो।

योगी सरकार के प्रयासों से 2017 के बाद से उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में आया आमूलचूल बदलाव

शिक्षक दिवस पर विशेष  एक शिक्षक की तरह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कमजोर शैक्षिक व्यवस्था को पहचाना और उसे दूर किया  निपुण भारत मिशन से लेकर डिजिटल स्टूडियों जैसी पहलों ने प्रदेश की शिक्षा को दी नई ऊर्जा और दिशा  निपुण भारत मिशन से 48,000 से अधिक विद्यालयों में रखी गई बच्चों की मजबूत नींव  4.33 लाख शिक्षकों को मिला प्रशिक्षण, 2.61 लाख शिक्षकों को मिले टैबलेट पीएम श्री विद्यालय बने आधुनिक शिक्षा के मॉडल, 88,500 छात्रों को मिला वैज्ञानिक एक्सपोजर “एक पेड़ मां के नाम” अभियान में लगाए गए 27 लाख पौधे, सभी विद्यालयों में बने इको क्लब माध्यमिक विद्यालयों में प्रयोगात्मक शिक्षा, खोजी बॉक्स और शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम शुरू प्रत्येक विद्यालय को खेलकूद सामग्री के लिए बजट, समर कैम्प से बच्चों का समग्र विकास लखनऊ उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था लंबे समय तक बदहाल स्थिति में रही। 2017 से पहले विद्यालयों में शिक्षक तो थे, लेकिन प्रशिक्षण और संसाधनों की भारी कमी थी। अधिकांश विद्यालयों में न तो पुस्तकालय थे और न ही बच्चों के लिए खेलकूद या डिजिटल शिक्षा जैसी सुविधाएं। ग्रामीण इलाकों के स्कूलों में तो बच्चों को बुनियादी पठन-पाठन सामग्री तक उपलब्ध नहीं होती थी। विद्यालयों में पर्यवेक्षण की व्यवस्था लगभग निष्क्रिय थी और शिक्षकों को पढ़ाने के लिए आधुनिक संसाधन नहीं मिलते थे। परिणामस्वरूप साक्षरता दर और गुणवत्ता दोनों प्रभावित हो रही थीं। वर्ष 2017 में सत्ता संभालने के बाद योगी सरकार ने शिक्षा सुधार को मिशन मोड में लेकर काम किया। एक शिक्षक की तरह उन्होंने कमजोर शैक्षिक व्यवस्था की नस को पकड़ा और‘निपुण भारत मिशन’ से लेकर ‘पीएम श्री विद्यालय’, ‘विद्या समीक्षा केंद्र’ से लेकर ‘डिजिटल स्टूडियो’ तक ऐसी नई पहलों को शुरू किया जिसकी मदद से आज यूपी की शिक्षा व्यवस्था नए आयाम गढ़ रही है। योगी सरकार के प्रयासों ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में नई ऊर्जा और दिशा दी है। जहां पहले विद्यालय केवल पढ़ाई तक सीमित थे, वहीं अब वे डिजिटल नवाचार, विज्ञान, खेलकूद और पर्यावरणीय जिम्मेदारी के केंद्र बन गए हैं। निपुण भारत मिशन से मजबूत हो रही बच्चों की नींव सरकार का लक्ष्य वर्ष 2026-27 तक प्राथमिक स्तर पर सार्वभौमिक साक्षरता और संख्या ज्ञान सुनिश्चित करना है। अब तक 48,061 विद्यालय ‘निपुण विद्यालय’ घोषित किए जा चुके हैं। यह पहले की स्थिति से बिल्कुल अलग तस्वीर है, जब बच्चों की नींव कमजोर रह जाती थी। यही नहीं,  शिक्षक सशक्तीकरण बन रहा शिक्षा सुधारों की धुरी 2017 से पहले शिक्षकों को प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग बेहद सीमित था। आज स्थिति बदल चुकी है। अब तक 4.33 लाख शिक्षकों और शिक्षामित्रों को प्रशिक्षण दिया गया है। 2.61 लाख शिक्षकों को टैबलेट वितरित किए गए हैं। साथ ही गणित किट, टीएलएम, बिग बुक्स, संदर्शिका और शिक्षक डायरी उपलब्ध कराई गई है, जिससे कक्षा-शिक्षण अधिक प्रभावी हुआ है। स्मार्ट क्लास से डिजिटल स्टूडियो तक शिक्षा का डिजिटलीकरण पहले ज्यादातर विद्यालयों में ब्लैकबोर्ड ही शिक्षा का एकमात्र माध्यम था। आज प्रदेश के 25,790 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास स्थापित हो चुकी हैं। 4,688 विद्यालयों में आईसीटी लैब्स, 880 विकासखंडों में आईसीटी लेब्स और पीएम श्री योजना के तहत 1,129 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास व डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की गई हैं। इतना ही नहीं, लखनऊ में ₹10 करोड़ की लागत से डिजिटल स्टूडियो बना है और विद्या समीक्षा केंद्र से डेटा आधारित मॉनिटरिंग की जा रही है। सुपरविजन और नवाचार जहां पहले निरीक्षण का काम औपचारिकता मात्र रह गया था, वहीं अब सरकार ने एक संगठित तंत्र विकसित किया है। प्रत्येक विकासखंड में एआरपी, प्रत्येक जनपद में एसआरजी और डायट मेंटर्स नियमित रूप से विद्यालयों का सहयोगात्मक पर्यवेक्षण करते हैं। शिक्षक संकुल बैठकें मासिक एजेंडा आधारित होती हैं और इनमें बेस्ट प्रैक्टिस साझा की जाती हैं। पीएम श्री विद्यालय और राष्ट्रीय आविष्कार अभियान पीएम श्री विद्यालय आधुनिक संसाधनों और शिक्षण पद्धतियों का मॉडल बन चुके हैं। इनमें लाइब्रेरी, खेलकूद सामग्री, प्रोजेक्ट-बेस्ड लर्निंग, स्मार्ट क्लास और डिजिटल लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं शामिल हैं। वहीं, राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के तहत अब तक 88,500 विद्यार्थियों का एक्सपोजर विजिट कराया गया है। 2025-26 में 150 मेधावी छात्रों को इमरी, बार्क, अहमदाबाद और गांधीनगर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों का भ्रमण कराया जाएगा। सभी 10 मंडलों में साइंस पार्क भी स्थापित हो रहे हैं। इको क्लब और हरित पहल जहां पहले शिक्षा और पर्यावरण का कोई खास तालमेल नहीं था, वहीं अब सभी विद्यालयों में इको क्लब बनाए गए हैं। “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत 27 लाख पौधे लगाए जा चुके हैं। माध्यमिक विद्यालयों में बड़ा सुधार पहले माध्यमिक विद्यालयों में प्रयोगात्मक शिक्षा का अभाव था। अब यहाँ गणित किट, खोजी बॉक्स, टीएलएम प्रदर्शनी, शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम और उपचारात्मक शिक्षण की व्यवस्था की गई है। प्रधानाचार्यों व शिक्षकों को लगातार प्रशिक्षण दिया जा रहा है और अंग्रेजी, गणित व विज्ञान विषयों के लिए एसआरजी समूह बनाए गए हैं। खेलकूद और समग्र विकास पहले खेलकूद की सुविधाएं केवल चुनिंदा विद्यालयों तक सीमित थीं। अब प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय को ₹5,000 और प्रत्येक उच्च प्राथमिक विद्यालय को ₹10,000 खेलकूद सामग्री के लिए दिए गए हैं। साथ ही 45,614 उच्च प्राथमिक/कम्पोजिट विद्यालयों में समर कैम्प आयोजित कर बच्चों को खेल, कला, संस्कृति और टीमवर्क का अनुभव कराया गया है।

शिक्षा में क्रांतिकारी बदलाव और स्किल डेवलपमेंट पर जोर

– थर्मल पावर को न्यूक्लियर पावर में बदलने की जरूरत : विशेषज्ञ – हर गांव में वॉटर एटीएम और स्वच्छ पेयजल पर फोकस – ओडीओपी, मिठाई और दूध उत्पादों के देशव्यापी प्रसार पर जोर – संस्कृति, समाज और परिवार को 2047 के विकास मॉडल में प्रमुखता दिये जाने की जरूरत – बजट का 5% हिस्सा रिसर्च पर खर्च करने का सुझाव लखनऊ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत @2047” विज़न को साकार करने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार ने बुधवार को एक बड़े अभियान की शुरुआत की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में “समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047” अभियान का शुभारंभ हुआ। राजधानी के लोकभवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के अनुभवी और विशेषज्ञ जनों ने अपने विचार रखे और प्रदेश को विकसित राज्य बनाने के रोडमैप पर गहन विमर्श किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने 2047 तक उत्तर प्रदेश को विकसित राज्य बनाने और 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य हासिल करने के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, ऊर्जा, अनुसंधान, संस्कृति और सामाजिक संरचना पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता जताई। स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ी प्रेरणा की आवश्यकता प्रो. विघ्नेश कुमार ने सुझाव दिया कि स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ी गाथाओं को इस अभियान का हिस्सा बनाया जाए ताकि समाज में ऊर्जा और विरासत के सम्मान का मोमेंटम लगातार बना रहे। कृषि और शिक्षा व्यवस्था पर जोर डॉ. विजय सिंह निरंजन, पूर्व अधिकारी, ने किसानों के हित में खाद्य का भंडारण सीधे उनके घर पर करने की व्यवस्था का सुझाव दिया। उन्होंने कोचिंग संस्थानों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक कोचिंग बंद रहनी चाहिए, ताकि बच्चे नियमित रूप से स्कूल-कॉलेज जा सकें और शिक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो। साथ ही, विभिन्न विभागों द्वारा चलाई जा रही एक समान योजनाओं को एकीकृत कर कार्यकुशलता बढ़ाने की आवश्यकता बताई। प्रजेंटेशन और जागरूकता का विस्तार रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी रंजन द्विवेदी ने सुझाव दिया कि इस पूरे अभियान को क्षेत्रवार प्रस्तुत किया जाए और सोशल मीडिया के जरिए इसका प्रसार होना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोग इससे जुड़ सकें। शिक्षा और रिसर्च में क्रांति रिटायर्ड आईएएस आनंद कुमार ने शिक्षा में क्रांतिकारी बदलाव की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ट्यूशन कल्चर को कम करना होगा और स्कूलों में स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा देना होगा। साथ ही, भारतीय संस्कारों को शिक्षा में समाहित करना चाहिए। उन्होंने उत्तर प्रदेश में रिसर्च हब और रिसर्च सेंटर बनाने की आवश्यकता भी बताई। बुनियादी ढांचे और ऊर्जा क्षेत्र में बदलाव रिटायर्ड रेलवे अफसर विजय कुमार दत्त ने कहा कि प्रदेश में 78 हजार किलोमीटर लंबे मार्गों को रेलवे लाइनों के साथ मैप करना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि थर्मल पावर प्लांट्स को न्यूक्लियर पावर प्लांट्स में बदलने की दिशा में कदम उठाए जाने चाहिए। संस्कृति और परंपरा का महत्व संस्कृत प्रोफेसर विपिन त्रिपाठी ने विकास योजना में भारतीय परंपराओं को शामिल करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि योजना को 12 माह और 12 राशियों से जोड़कर देखा जा सकता है और संस्कृत विद्या को इसमें प्रमुखता दी जानी चाहिए। उद्योग और ग्रामीण अर्थव्यवस्था रिटायर्ड रेलवे अधिकारी शैलेन्द्र कपिल ने सुझाव दिया कि दूध उत्पादों का देशव्यापी प्रसार और मिठाई उद्योग को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की मिठाइयों की प्रसिद्धि को देश के अन्य राज्यों तक पहुंचाना होगा। टाउनशिप और उच्च शिक्षा पूर्व प्रोफेसर ए.के. जयंतली ने बताया कि बैरन लैंड पर छोटे-छोटे टाउनशिप बनाए जाने चाहिए ताकि गांव भी विकसित हों। उन्होंने खेती की जमीन पर शहरीकरण को रोकने, उच्च शिक्षा में “एंड्रोगोगी” पद्धति अपनाने और स्किल डेवलपमेंट पर जोर देने की बात कही। अन्य महत्वपूर्ण सुझाव – ओडीओपी (ODOP) पर फोकस करना। – एम्स की तरह प्राथमिक स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करना। – बच्चों के स्वास्थ्य के लिए स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता, हर गांव में वॉटर एटीएम की स्थापना। – आपदा राहत और थ्रेट प्रोटेक्शन की योजनाएं। – ग्रामीण क्षेत्रों में शराब के ठेकों पर नियंत्रण। – जनता से संवाद के लिए अधिक समय उपलब्ध कराना। – 2047 विकसित यूपी अभियान में संस्कृति, समाज और परिवार को प्राथमिकता। – पशु-पक्षियों के कल्याण को भी विकास योजना में शामिल करना। – कुल बजट का 5% हिस्सा रिसर्च के लिए निर्धारित करना। – सामाजिक समरसता और क्षेत्रवार विकास को महत्व देना। कार्यक्रम के अंत में विद्वानों ने एक स्वर में कहा कि उत्तर प्रदेश के विकास की राह शिक्षा, स्वास्थ्य, अनुसंधान, संस्कृति और सामाजिक समरसता से होकर ही गुजरती है। यदि इन बिंदुओं पर ध्यान दिया गया, तो 2047 तक “विकसित उत्तर प्रदेश” का संकल्प अवश्य पूरा होगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही, स्वतंत्रदेव सिंह, मुख्य सचिव दीपक कुमार, प्रमुख सचिव नियोजन आलोक कुमार, प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद, वरिष्ठ अधिकारीगण, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, अवकाश प्राप्त अधिकारीगण, प्रोफेसर आदि गणमान्य मौजूद रहे।

CM योगी के आदेश पर यूपी के 14 शहरों में चला स्पेशल ऑपरेशन

लखनऊ  यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर नगर विकास विभाग ने प्रदेश के विभिन्न नगर निगमों में एक साथ 12 घंटे का विशेष अभियान चलाया. अधिकारियों के मुताबिक इस पहल का मुख्य उद्देश्य नागरिक सुविधाओं में सुधार, स्थानीय समस्याओं का समाधान और जन-जागरूकता बढ़ाना था. यह अभियान स्वच्छ भारत मिशन और पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्यों के अनुरूप संचालित किया गया. न्यूज एजेंसी की खबर के अनुसार लखनऊ नगर निगम ने आठ जोनों में 32 कर वसूली और शिकायत निवारण शिविर आयोजित किए. अपर नगर आयुक्त और मुख्य कर निर्धारण अधिकारी के नेतृत्व में 1,365 शिकायतों का मौके पर समाधान किया गया. एक दिन में 2.30 करोड़ रुपये का कर संग्रह सुनिश्चित हुआ. इसके अलावा गोरखपुर नगर निगम ने प्लास्टिक मुक्त अभियान चलाकर दुकानदारों को कपड़े के थैले वितरित किए. साथ ही सिंगल यूज प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाई और नियम उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाया गया. वाराणसी:नगर निगम की टीम ने कचरा पृथक्करण पहल शुरू की. भरत मिलाप कॉलोनी और महेश नगर कॉलोनी के 86 घरों में घर-घर जाकर जागरूकता अभियान चलाया गया. अब अधिकांश घरों में गीला और सूखा कचरा अलग-अलग डस्टबिन में डाला जा रहा है. मथुरा-वृंदावन नगर निगम ने मछली फाटक के पुराने कूड़ा ढलाव घर का सौंदर्यीकरण किया. राधा अष्टमी के अवसर पर अहिल्या बाई पार्क और आसपास के क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चला. स्थानीय निवासी कचरा पृथक्करण और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित हुए. गाजियाबाद में भारी बारिश के दौरान मोहन नगर, शालीमार गार्डन और मोहन नगर बस स्टैंड में जलभराव समाधान किया गया. 20 साल पुराने नालों और पाइपलाइनों की सफाई कर स्थायी समाधान उपलब्ध कराया गया. अयोध्या नगर निगम को भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड से 20 इलेक्ट्रॉनिक हॉपर टिपर प्राप्त हुए. इससे डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण को गति मिली. प्रत्येक वार्ड में टिपर जीपीएस और रूट मैप के साथ संचालित होगा. वहीं शाहजहांपुर में निगोही रोड पर वर्षों पुराने 150 टन गीले कचरे का निस्तारण कर दीर्घकालीन समस्या का समाधान किया गया. मुरादाबाद में विशेष अभियान के तहत 200 मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण किया गया. 250 सफाई कर्मियों और आधुनिक उपकरणों की मदद से यह क्षेत्र साफ किया गया. बरेली के वार्ड-53, मोहल्ला रोहली टोला और आशीष रॉयल पार्क कॉलोनी में जल आपूर्ति सुधार की गई. 1,100 मीटर नई पाइपलाइन बिछाकर 200 भवनों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया गया. कानपुर नगर निगम ने सिंगल यूज प्लास्टिक के बहिष्कार और स्वच्छता के लिए तीन नए फुटबॉल ग्राउंड का उद्घाटन किया और फ्रेंडली फुटबॉल मैच आयोजित किया. प्रयागराज बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छता और एंटी-लार्वा फॉगिंग अभियान चलाया गया. अपशिष्ट पृथक्करण और मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम पर जोर दिया गया. मेरठ नगर आयुक्त ने कान्हा गौशाला का निरीक्षण किया. गौवंश की देखभाल, पोषण और स्वास्थ्य प्रबंधन की स्थिति का जायजा लिया गया. यह पहल धार्मिक कर्तव्य के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी मानी गई. फिरोजाबाद नगर निगम ने बारिश के बाद जलभराव की 12 शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया. अलीगढ़: नगर निगम ने लगातार काम करते हुए जलभराव कम करने और खेल सुविधाओं के विकास की तैयारी की. नारंगी लाल स्मार्ट सिटी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स अगले 2-3 सप्ताह में हस्तांतरित किया जाएगा. अधिकारियों का कहना है कि इस 12 घंटे के विशेष अभियान ने न केवल नागरिक सेवाओं और स्वच्छता में सुधार किया, बल्कि लोगों में पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूकता भी बढ़ाई. नगर निगमों के सहयोग से यह पहल प्रदेशभर में एक मॉडल के रूप में उभरी है.

CM योगी ने छात्रवृत्ति योजना में लापरवाही पर दिखाई सख्ती, दिए कड़े निर्देश

लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार ने छात्रवृत्ति और शुल्क भरपाई योजना में हुई भारी लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया है. प्रदेश के करीब छह लाख पात्र छात्रों को वर्ष 2024-25 में योजना का लाभ नहीं मिल सका. यह मामला सामने आने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्रवाई के आदेश दिए. इसके तहत अयोध्या, बहराइच, रायबरेली और सीतापुर समेत 14 जिलों के समाज कल्याण अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है. वहीं बरेली में सबसे ज्यादा गड़बड़ी सामने आने पर वहां के बाबू प्रमोद जोशी को निलंबित कर दिया गया है. अधिकारियों की लापरवाही के चलते नहीं आई स्कॉलरशिप जानकारी के मुताबिक सरकार ढाई लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले एससी-एसटी छात्रों और दो लाख रुपये तक आय वाले अन्य वर्गों के छात्रों को छात्रवृत्ति के साथ शुल्क की भरपाई करती है. लेकिन कई शिक्षण संस्थानों और अधिकारियों की लापरवाही के कारण छह लाख से अधिक छात्र इस योजना से वंचित रह गए. कहीं अधिकारियों ने डाटा लॉक नहीं किया तो कहीं विश्वविद्यालयों और कॉलेजों ने ऑनलाइन आवेदन ही आगे नहीं बढ़ाए. कार्रवाई की जद में आए अधिकारियों में अलीगढ़ की संध्या रानी बघेल, औरेया की इंदिरा सिंह, अयोध्या के रणविजय सिंह, बहराइच के रमाशंकर, बलिया के दीपक श्रीवास्तव, बरेली के सुधांशु शेखर, बिजनौर के जागेश्वर सिंह, गौतमबुद्धनगर के सतीश कुमार, गाजियाबाद के वेद प्रकाश मिश्रा, कन्नौज के सत्य प्रकाश सिंह, प्रतापगढ़ के नागेंद्र मौर्य, रायबरेली की सृष्टि अवस्थी, सीतापुर के हर्ष मवार और वाराणसी के गिरीश दुबे शामिल हैं. इनके साथ ही कई जिलों के बाबुओं को भी प्रतिकूल प्रविष्टि और चेतावनी दी गई है. छात्रों के खाते में जल्द भेजी जाएगी राशि मुख्यमंत्री योगी ने निर्देश दिए हैं कि दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ-साथ विश्वविद्यालयों और निजी शिक्षण संस्थानों पर भी सख्त कार्रवाई की जाए. मामले को लेकर 14 राज्य विश्वविद्यालयों, 19 निजी विश्वविद्यालयों और कई आईटीआई के संयुक्त निदेशकों पर भी कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं. सरकार का कहना है कि छात्रों का हक हर हाल में सुरक्षित किया जाएगा और जिन विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति व शुल्क भरपाई नहीं मिली है, उनके खाते में जल्द ही राशि भेजी जाएगी.