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CM योगी की मुस्कान के पीछे छिपा बड़ा इशारा! ‘टोटी चोरी’ वाले बयान से किस पर साधा निशाना?

लखनऊ. पांच जून को सीएम योगी का जन्मदिन था और विश्व पर्यावरण दिवस भी। इस मौके पर लखनऊ में 'एक पेड़ मां के नाम' पौधरोपण महाभियान-2026 के कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पहुंचे सीएम योगी ने विश्व पर्यावरण दिवस को लेकर लोगों को संबोधित किया। सीएम योगी का भाषण जारी ही था कि बोलते-बोलते सीएम योगी कुछ ऐसा कह गए कि वह खुद ही मुस्कुराने लगे। सीएम योगी ने इशारों ही इशारों में विपक्ष पर निशाना भी साध गए। हर घर जल नल योजना का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा, हमने योजना को आगे बढ़ाया तो पता लगा कि कोई टोटी ही चोरी कर ले जा रहा है तो कोई दूसरे तरीके से नुकसान कर रहा है। कहीं नल खुला है तो खुला ही पड़ा है। इतना कहते ही मुख्यमंत्री के चेहरे पर मुस्कुराहट नजर आ गई। दरअसल सीएम योगी का इशारा सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर था। हालांकि पूरे भाषण में सीएम योगी ने अखिलेश का नाम नहीं लिया। लेकिन अपने भाषण के दौरान टोटी चोरी का जिक्र करते हुए सीएम योगी खुद को मुस्कुराने से रोक नहीं पाए। नौ साल में यूपी में लगाए गए 242 करोड़ पौधे मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने कहा कि नौ वर्षों में प्रदेश के अंदर वन महोत्सव के अवसर पर पौधारोपण के क्रम में अब तक 242 करोड़ पौधरोपण के एक बड़े कार्यक्रम को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया जा चुका है। योगी ने कहा, प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने प्रकृति और मातृभूमि के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए 'एक पेड़ मां के नाम' कार्यक्रम की शुरुआत तीन वर्ष पहले की थी। उसी अभियान की कड़ी में आज फिर उप्र में यह आयोजन हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा 'जननी और जन्मभूमि के प्रति कृतज्ञता हर नागरिक का दायित्व है। पर्यावरण की रक्षा मातृभूमि के प्रति हमारे सर्वोच्‍च दायित्वों में से एक है।' उन्‍होंने कहा कि पर्यावरण की रक्षा करने के लिए एक ओर वृहद पैमाने पर पौधरोपण करना और दूसरी ओर पर्यावरण संबंधी चुनौतियों के समाधान के लिए कई कदम उठाए गए हैं। एकल उपयोग प्लास्टिक पर रोक लगाने पर जोर देते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा, एकल उपयोग प्लास्टिक को हतोत्साहित करने और उसके स्थान पर वैकल्पिक रूप में मिट्टी के बर्तन के लिए प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं। जल संरक्षण के लिए उठाए गए कई कदम सीएम योगी ने विस्तार से बताते हुए कहा कि इसके लिए माटी कला बोर्ड की स्थापना करना, अप्रैल से जून तक हर गांव के तालाब को प्रजापति और कुम्हार समाज के लोगों को निशुल्क मिट्टी उपलब्‍ध कराना, सोलर चाक देना जैसे काम प्रदेश में सफलतापूर्वक किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण के लिए भी प्रदेश में अनेक कदम उठाए गए और अनेक मॉडल प्रस्तुत किए गए। उन्होंने कहा कि विकास प्राधिकरण ने निश्चित क्षेत्रफल से बड़े क्षेत्र में बनने वाले आवासीय भवनों व कमर्शियल परिसरों के लिए वर्ष जल संरक्षण को अनिवार्य किया है। मुख्यमंत्री ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के अंतर्गत सभी लोगों से पौधे लगाने और उनका संरक्षण किए जाने की अपील की। सीएम योगी ने एक पेड़ मां के नाम अभियान किया शुरू मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्व पर्यावरण दिवस पर शुक्रवार को कुकरैल रेंज अवध वन प्रभाग में 'एक पेड़ मां के नाम' महाअभियान की शुरुआत की। मुख्यमंत्री ने यहां कपूर का पौधा लगाया जबकि वन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण सक्सेना ने आंवला, वन राज्यमंत्री केपी मलिक ने नीम तथा विधायक ओपी श्रीवास्तव ने आंवला का पौधा रोपित किया। मुख्यमंत्री ने यहां महर्षि चरक औषधि वन की भी स्थापना की। योगी ने जल संरक्षण पर भी जोर देते हुए कहा कि बरसात के पानी की एक-एक बूंद को सुरक्षित करने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि पेड़ को क्षति न पहुंचाएं और हर महत्वपूर्ण आयोजन पर एक पेड़ अवश्य लगाएं।

यूपी में रोजगार और पर्यावरण पर बड़ा फोकस, 5 से 21 जून तक चलेगा विशेष कार्यक्रम

लखनऊ उत्तर प्रदेश में योगी सरकार बड़ा अभियान चलाने जा रही है। श्रम एवं सेवायोजन विभाग प्रदेश में पांच से 21 जून तक '12 साल विश्वास के, विकास के' जनकल्याण अभियान चलाएगा। अभियान के तहत पर्यावरण संरक्षण, श्रमिक कल्याण योजनाओं के प्रचार, रोजगार सेवाओं, ईएसआई कवरेज विस्तार और योग कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसकी तैयारियों को लेकर मंगलवार को योगी सरकार में श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को विस्तृत निर्देश दिए गए। श्रम मंत्री ने निर्देश दिए कि पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर विभागीय कार्यालयों, अटल आवासीय विद्यालयों, विहान विद्यालयों तथा ईएसआई अस्पतालों में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान चलाया जाएगा। परिसर को प्लास्टिक मुक्त और स्वच्छ बनाने के लिए विशेष अभियान भी संचालित होगा। आठ से 14 जून तक विशेष जनसंपर्क अभियान के तहत श्रम संहिताओं, श्रमिक समस्याओं और ईएसआई सेवाओं पर संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जानकारी देने के लिए शिविर लगाए जाएंगे पात्र श्रमिकों को ईएसआई योजना से जोड़ने और योजनाओं की जानकारी देने के लिए शिविर लगाए जाएंगे। इसी अवधि में जनकल्याण मेले आयोजित कर रोजगार संगम पोर्टल, सेवामित्र योजना, विदेशों में रोजगार के अवसर और बाल श्रम उन्मूलन अभियान की जानकारी दी जाएगी। श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। 17 से 20 जून तक विभागीय योजनाओं की प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जबकि 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर सभी कार्यालयों, अस्पतालों और फैक्ट्रियों में योग कार्यक्रम आयोजित होंगे। बैठक में प्रमुख सचिव डा. एमके शन्मुगा सुंदरम, विशेष सचिव, अपर श्रमायुक्त, सेवायोजन निदेशक, कर्मचारी राज्य बीमा योजना के निदेशक, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड और असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा बोर्ड के अधिकारी मौजूद रहे। प्रदेश भर में 07 जून तक चलेगा विश्व दुग्ध दिवस अभियान वहीं विश्व दुग्ध दिवस’ के अवसर पर प्रदेश भर में 1 से 7 जून तक ‘विश्व दुग्ध दिवस अभियान’ चलाया जा रहा है। सभी गौशालाओं में विशेष जागरूकता अभियान चल रहा है। अभियान के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला दुग्ध उत्पादकों को सम्मानित किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं डेयरी गतिविधियों से जुड़ कर आत्मनिर्भर बन सकें। इसके साथ ही प्रदेश की सभी गौशालाओं में स्वच्छता, पशु कल्याण, गोसंवर्धन एवं दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए व्यापक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि अभियान के दौरान पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, गोसंवर्धन और पशु स्वास्थ्य के प्रति व्यापक जनजागरूकता पैदा करने के लिए प्रभावी प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

चुनाव से पहले यूपी में बदलाव: मंत्रियों को नए जिलों का प्रभार, संगठन मजबूत करने की तैयारी

लखनऊ उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने मंत्रियों के प्रभार वाले जिलों में महत्वपूर्ण फेरबदल किए हैं। हाल ही में कैबिनेट में शामिल किए गए नए मंत्रियों को भी अहम जिम्मेदारी दी गई है। कई वरिष्ठ मंत्रियों के जिलों के प्रभार भी बदले हैं। वहीं कुछ नए चेहरों को भी महत्वपूर्ण जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मिली जानकारी के अनुसार जयवीर सिंह, बेबी रानी मौर्य सहित कई मंत्रियों के प्रभार वाले जिलों में बदलाव किया गया है। इन बदलावों को 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्रशासन और संगठन की कमान और मजबूत बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। योगी सरकार के वरिष्ठ मंत्री भूपेंद्र चौधरी को आगरा के साथ कासगंज की भी जिम्मेदारी दी गई है। हाल में योगी कैबिनेट में शामिल हुए मनोज पांडेय को सीतापुर का प्रभार मिला है। इसके साथ ही अजीत पाल को फतेहपुर, समेंद्र तोमर को मुजफ्फरनगर, हंसराज विश्वकर्मा को सोनभद्र और सुरेन्द्र दलेर को बुलंदशहर जिले का प्रभारी बनाया गया है। किसे मिला है कौन सा जिला योगी सरकार के कैबिनेट मंत्रियों में सूर्य प्रताप शाही को अयोध्या और बस्ती, सुरेश कुमार खन्ना को वाराणसी और लखनऊ, स्वतंत्र देव सिंह को प्रयागराज और गोरखपुर, बेबी रानी मौर्य को इटावा और हाथरस, लक्ष्मी नारायण चौधरी को अलीगढ़ और फिरोजाबाद, जयवीर सिंह को झांसी और फर्रुखाबाद, धर्मपाल सिंह को गाज़ियाबाद और रामपुर, नन्द गोपाल गुप्ता "नन्दी" को मिर्जापुर और चित्रकूट, अनिल राजभर को आजमगढ़ और सिद्धार्थनगर, राकेश सचान को रायबरेली और कन्नौज, अरविन्द कुमार शर्मा को जौनपुर और भदोही, योगेन्द्र उपाध्याय को कानपुर नगर, आशीष पटेल को गोंडा, संजय निषाद को कानपुर देहात, ओम प्रकाश राजभर को अम्बेडकरनगर, दारा सिंह चौहान को कुशीनगर और श्रावस्ती, सुनील कुमार शर्मा को सहारनपुर, अनिल कुमार को मुरादाबाद का प्रभारी बनाया गया है। वहीं राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) में से नितिन अग्रवाल को लखीमपुर खीरी, कपिल देव अग्रवाल को बिजनौर, रवीन्द्र जायसवाल को गाजीपुर, सन्दीप सिंह को मथुरा, गुलाब देवी को अमरोहा, गिरीश चन्द्र यादव को सुल्तानपुर, धर्मवीर प्रजापति को मैनपुरी, असीम अरूण को हरदोई और मेरठ, जे.पी.एस. राठौर को संभल और बरेली, दयाशंकर सिंह को देवरिया और मऊ, नरेन्द्र कुमार कश्यप को शाहजहांपुर, दिनेश प्रताप सिंह को बांदा और बहराइच, अरुण कुमार सक्सेना को बदायूं, दयाशंकर मिश्र "दयालु" को बलिया और महराजगंज का प्रभारी मंत्री बनाया गया है। वहीं राज्य मंत्री में मयंकेश्वर शरण सिंह को प्रतापगढ़, दिनेश खटीक को शामली, संजीव गोंड को चंदौली, बलदेव सिंह ओलख को पीलीभीत, जसवन्त सिंह सैनी को बागपत, रामकेश निषाद को हमीरपुर, मनोहर लाल मन्नू कोरी को महोबा, संजय सिंह गंगवार को जालौन, बृजेश सिंह को गौतमबुद्धनगर, के.पी. मलिक को हापुड़, सुरेश राही को बाराबंकी, प्रतिभा शुक्ला को अमेठी, राकेश राठौर को औरैया, रजनी तिवारी को उन्नाव, सतीश चन्द्र शर्मा को बलरामपुर, दानिश आजाद अंसारी को ललितपुर, विजय लक्ष्मी गौतम को संतकबीरनगर, कृष्णा पासवान को कौशाम्बी और कैलाश सिंह राजपूत को एटा जिले का प्रभार सौंपा गया है।

कानून-व्यवस्था पर योगी का अल्टीमेटम, नोएडा-लखनऊ समेत 8 जिलों के अधिकारियों को चेतावनी

 लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के कुछ जिलों में पिछले दिनों हुईं बड़ी आपराधिक घटनाओं पर शनिवार को कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने आठ जिलों की समीक्षा की और पुलिस प्रमुख व जिलाधिकारियों को अपनी सरकार की प्राथमिकता से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने वाराणसी, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, लखनऊ के डीएम व पुलिस कमिश्नरों के साथ ही जौनपुर, पीलीभीत, बागपत व गाजीपुर के डीएम व एसपी को जमकर फटकार लगाई। मुख्यमंत्री ने डीजीपी राजीव कृष्ण की मौजूदगी में सभी को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर जिला नहीं संभाल पा रहे हैं तो बता दें। लापरवाही पर सीधी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। राज्य में पिछले कुछ दिनों में कई जिलों में लगातार बड़ी आपराधिक घटनाएं हुई हैं। विपक्ष लगातार इन घटनाओं को लेकर कानून व्यवस्था पर सवाल उठा रहा है। इसे लेकर मुख्यमंत्री ने बीते कुछ दिनों में सर्वाधिक बड़ी आपराधिक घटनाओं वाले जिलों की रिपोर्ट तलब की थी। नोएडा पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह को फटकार मुख्यमंत्री ने शनिवार की देर रात तक संबंधित जिलों के पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की और एक-एक घटना को लेकर अधिकारियों की प्रतिक्रिया जानी। गौतमबुद्धनगर पिछले कई दिनों से आपराधिक घटनाओं को लेकर चर्चा में है। हाल ही में किन्नर की हत्या सहित जिले में हुए अन्य अपराधों को लेकर मुख्यमंत्री ने कमिश्नर लक्ष्मी सिंह को कानून-व्यवस्था कायम करने को लेकर चेतावनी दी है। लखनऊ के पुलिस कमिश्नर को भी वार्निंग वहीं लखनऊ में पिछले दिनों हुई भाजपा नेता शिवम सिंह की हत्या को लेकर भी मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने पुलिस कमिश्नर अमरेन्द्र सिंह सेंगर को यहां तक कह दिया कि लखनऊ के नवविकसित क्षेत्रों में अपराधिक घटनाएं क्यों नहीं रुक रही हैं। चेतावनी भरे लहजे में जमकर फटकारा पिछले दिनों वाराणसी के सारनाथ में एक युवक की पिटाई से हुई मृत्यु व मनीष सिंह हत्याकांड, गाजियाबाद में बकरीद वाले दिन 17 वर्षीय सूर्या चौहान की चाकुओं से गोदकर हत्या करने के मामले को लेकर मुख्यमंत्री ने वहां के पुलिस कमिश्नरों को भी चेतावनी भरे लहजे में जमकर फटकारा। पीलीभीत में पिछले दिनों कपड़ा व्यापारी पंकज गुप्ता की हत्या, जौनपुर में दूल्हे आजाद की हत्या, बागपत में कूलर मैकेनिक चंद्रपाल व एक अन्य व्यक्ति की हत्या के मामले में मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलों के पुलिस कप्तानों को चेतावनी दी है। गाजीपुर में होटल व्यवसायी आलोक राय उर्फ डब्बू के बेटे विनित राय की गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले को लेकर मुख्यमंत्री ने गाजीपुर के कप्तान को सख्त लहजे में चेतावनी दी है। बैठक में संबंधित क्षेत्रों के मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, एडीजी जोन, आइजी व डीआइजी रेंज भी मौजूद थे। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने संबंधित पुलिस अधिकारियों से कहा है कि अगर कानून व्यवस्था नहीं सुधार सकते हैं तो अंजाम भुगतने के लिए भी तैयार रहें। बैठक में मुख्यमंत्री के बेहद कड़े रुख के बाद हरकत में आए पुलिस अधिकारियों ने अपने-अपने जिलों में कानून-व्यवस्था को और पुख्ता करने के लिए कार्रवाई भी शुरू कर दी।  

शिक्षा और आबकारी विभाग में भी बदलाव, 30 जिलों में नए बीएसए और कई अधिकारी इधर से उधर

 लखनऊ उत्तर प्रदेश के विभिन्न विभागों के काम काज को चुस्त-दुरुस्त और तेज बनाने के लिए योगी सरकार लगातार ऐक्शन मोड में है। इस बीच कई विभागों में बड़े पैमाने पर तबादले हुए हैं। परिवहन, शिक्षा, आबकारी विभाग में कई अधिकारी इधर से उधर किए गए हैं। शासन ने 28 सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (ARTO) के कार्यक्षेत्र में बदलाव किए हैं। एआरटीओ (प्रवर्तन द्वितीय दल) मनोज कुमार मिश्रा को एआटीओ (प्रशासन) गौतमबुद्धनगर, एआरटीओ (प्रवर्तन प्रथम दल) कानपुर देहात सोमलता यादव को एसआरटीओ (प्रवर्तन तृतीय दल) कानपुर नगर, एआरटीओ (प्रवर्तन प्रथम दल) मीरजापुर विजय प्रकाश सिंह को एआरटीओ (प्रशासन) प्रयागराज, एआरटीओ (प्रशासन) पीलीभीत वीरेंद्र सिंह को एआरटीओ (प्रशासन) मीरजापुर बनाया गया है। एआरटीओ (प्रशासन) कुशीनगर मो.अजीम को एआरटीओ (प्रशासन) श्रावस्ती, एआरटीओ (प्रशासन) बलिया अरुण कुमार राय को एआरटीओ (प्रवर्तन प्रथम दल) मीराजापुर बनाया गया है। एआरटीओ (प्रवर्तन) बिजनौर गौरी शंकर ठाकुर को एआरटीओ (प्रशासन) फिरोजाबाद, एआरटीओ (प्राविधिक) परिक्षेत्र लखनऊ हिमांशु जैन को एआरटीओ (प्रवर्तन प्रथम दल) मुख्यालय के साथ एआरटीओ (प्रशासन) विस्तार पटल लखनऊ का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। एआरटीओ (प्रशासन) श्रावस्ती विनीत कुमार मिश्रा को एआरटीओ (प्रवर्तन चतुर्थ दल) गाजियाबाद, एआरटीओ (प्रवर्तन प्रथम दल) हमीरपुर अमिताभ राय को एआरटीओ (प्रशासन) बाराबंकी बनाया गया है। एआरटीओ (प्रशासन) बाराबंकी अंकित शुक्ला को एआरटीओ (प्रवर्तन द्वितीय दल) गाजियाबाद, एआरटीओ (प्रवर्तन) आजमगढ़ अतुल कुमार यादव को एआरटीओ (प्रशासन) देवरिया, एआरटीओ (प्रवर्तन) प्रतापगढ़ दिलीप कुमार गुप्ता को एआरटीओ (प्रशासन) मैनपुरी, एआरटीओ (प्रवर्तन) अमरोहा महेश कुमार शर्मा को एआरटीओ (प्रशासन) बिजनौर, एआरटीओ (प्रशासन) अलीगढ़ प्रवेश कुमार को एआरटीओ (प्रशासन) शामली, एआरटीओ (प्रशासन) शामली रोहित राजपूत को एआरटीओ (प्रवर्तन प्रथम दल) कानपुर देहात, एआरटीओ (प्रशासन) मीरजापुर संतोष कुमार सिंह को एआरटीओ (प्रवर्तन प्रथम दल) फतेहपुर, एआरटीओ (प्रशासन) एटा सत्येन्द्र कुमार को एआरटीओ (प्रशासन) अलीगढ़ के पद पर तैनाती दी गई है। एआरटीओ (प्रशासन) मैनपुरी शिवम यादव को एआरटीओ (प्रशासन) एटा, एआरटीओ (प्रवर्तन) फर्रुखाबाद सुभाष चंद्र राजपूत को एआरटीओ (प्रवर्तन) आजमगढ़, एआरटीओ (प्रवर्तन तृतीय दल) वाराणसी सुधांशु रंजन को एआरटीओ (प्रवर्तन प्रथम दल) मेरठ, एआरटीओ (प्रवर्तन) सोनभद्र राजेश्वर यादव को एआरटीओ (प्रशासन) कुशीनगर, एआरटीओ (प्रवर्तन) मीरजापुर सुशील कुमार मिश्रा को एआरटीओ (प्रशासन) पीलीभीत, एआरटीओ (बाध्य प्रतीक्षा) प्रवीण कुमार सिंह को एआरटीओ (प्रशासन) हमीरपुर तथा एआरटीओ (बाध्य प्रतीक्षा) सौम्या पांडेय को एआरटीओ (प्रशासन) उरई बनाया गया है। डिप्टी और असिस्टेंट रजिस्ट्रार भी बदले गए राज्य विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार व परीक्षा नियंत्रकों के तबादले किए गए हैं। डिप्टी रजिस्ट्रार व असिस्टेंट रजिस्ट्रार का भी स्थानांतरण किया गया है। उप्र राज्य विवि सेवा के रजिस्ट्रार व परीक्षा नियंत्रकों के तबादले किए गए हैं। वहीं डिप्टी व असिस्टेंट रजिस्ट्रार का भी स्थानांतरण किया गया है। महात्मा ज्योतिबा फुले रूहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली का और अमृत लाल को महाराजा सुहेलदेव विवि आजमगढ़ का रजिस्ट्रार महेंद्र कुमार को बनाया गया है। कई डिप्टी रजिस्ट्रार व असिस्टेंट रजिस्ट्रार का भी स्थानांतरण दूसरे विश्वविद्यालयों में किया गया है। लखनऊ समेत छह आबकारी उपायुक्त बदले शासन ने जिला आबकारी अधिकारियों के तबादले के बाद शनिवार को उप आबकारी आयुक्तों को भी स्थानांतरित कर दिया। वाराणसी मंडल के उप आबकारी आयुक्त प्रदीप दुबे को लखनऊ, राकेश कुमार सिंह को लखनऊ से आगरा, विजय प्रताप सिंह को आगरा से देवीपाटन मंडल गोंडा, आलोक कुमार को देवीपाटन मंडल गोंडा से उप आबकारी आयुक्त (विधि) मुख्यालय, राकेश कुमार अग्रवाल को गोरखपुर से बरेली, शैलेंद्र प्रताप सिंह को बरेली से वाराणसी स्थानांतरित किया गया है। 30 जिलों में तैनात किए गए नए बीएसए उत्तर प्रदेश शैक्षिक (सामान्य शिक्षा संवर्ग) सेवा समूह ख के 30 बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) का शनिवार को तबादला किया गया। इसके साथ ही 19 को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के वरिष्ठ प्रवक्ता व राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) में तैनाती दी गई है। संतोष कुमार शामली, राकेश सिंह आगरा, अनिल कुमार फिरोजाबाद, आलोक सिंह अलीगढ़, रणवीर सिंह हाथरस, अनुपम अवस्थी एटा, नवीन कुमार बदायूं, जय शंकर श्रीवास्तव शाहजहांपुर के बीएसए बनाए गए हैं। वीरेंद्र कुमार सिंह बुलंदशहर, दीपा भाटी हापुड़, देवव्रत सिंह प्रतापगढ़, प्रिंसी मौर्य फतेहपुर, भूपेंद्र सिंह वाराणसी, समीर जौनपुर, गोरखनाथ पटेल सीतापुर, डा. राम जियावन मौर्य देवरिया के बीएसए बनाए गए हैं। अनिल कुमार सिंह कुशीनगर, अमित सिंह मुरादाबाद, हरिओम सिंह कानपुर नगर, आशीष कुमार पांडेय कानपुर देहात, रत्नेश कुमार ललितपुर, पूनम मिश्रा अंबेडकरनगर, विकास चौधरी जालौन, पूनम कन्नौज, मुकेश खरवार हमीरपुर, जितेंद्र कुमार गौड़ झांसी, रंजना शुक्ला चित्रकूट, विकास चंद्र श्रीवास्तव बलरामपुर, सुरजीत सिंह महाराजगंज और विकास कुमार सिंह मैनपुरी के बीएसए बनाए गए हैं। स्वाती भारती व दिव्या गुप्ता को सहायक उप शिक्षा निदेशक एससीईआरटी बनाया गया है। विमलेश कुमार को बेसिक शिक्षा निदेशक के कार्याल का विधि अधिकारी बनाया गया है। चंद्र प्रकाश को बेसिक शिक्षा निदेशालय का सहायक उप शिक्षा निदेशक बनाया गया है।

तबादला घोटाले पर गिरी गाज: व्यावसायिक शिक्षा विभाग के दो अफसर निलंबित, जांच शुरू

लखनऊ उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व वाली सरकार ने व्यावसायिक शिक्षा विभाग के दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया है. विभाग के प्रशिक्षण निदेशालय में तैनात सहायक निदेशक धीरेन्द्र कुमार झा और प्रधान सहायक इमरान अहमद पर गंभीर आरोप लगने के बाद यह कार्रवाई की गई है. इस कदम को राज्य सरकार द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है. ट्रांसफर के नाम पर करते थे धन उगाही जानकारी के अनुसार व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम ने दोनों अधिकारियों के निलंबन के आदेश जारी किए हैं. वहीं निदेशक प्रशिक्षण अभिषेक सिंह ने इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू कराया. विभागीय सूत्रों के मुताबिक सहायक निदेशक धीरेन्द्र कुमार झा पर कमीशनखोरी, भ्रष्टाचार और अपने पद का दुरुपयोग करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं. आरोप है कि स्थानांतरण सत्र के दौरान विभाग में तबादलों के नाम पर धन उगाही का खेल चल रहा था और इसमें उनकी भूमिका संदिग्ध पाई गई. बताया जा रहा है कि तबादले कराने के लिए संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों से मोटी रकम वसूली जाती थी. सूत्रों का दावा है कि स्थानांतरण कराने के बदले करीब 10 प्रतिशत तक कमीशन लिया जाता था. वहीं प्रधान सहायक इमरान अहमद के खिलाफ भी कई गंभीर शिकायतें सामने आई हैं. उन पर भ्रष्टाचार, कर्मचारियों के उत्पीड़न और धार्मिक आधार पर भेदभाव करने के आरोप लगाए गए हैं. इतना ही नहीं, विभागीय जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि वह कुछ लोगों के साथ मिलकर एक संगठित तरीके से काम कर रहे थे. ऐसे करते थे उगाही आरोप है कि अलग-अलग नामों से विभाग में शिकायतें दर्ज कराई जाती थीं और बाद में उन्हीं शिकायतों के निस्तारण या कार्रवाई रोकने के नाम पर संबंधित कर्मचारियों से धन की मांग की जाती थी. इस तरह विभाग में भय और दबाव का माहौल बनाकर कथित रूप से धन उगाही की जाती थी. सरकारी आदेश के अनुसार निलंबन अवधि के दौरान सहायक निदेशक धीरेन्द्र कुमार झा को देवीपाटन मंडल से संबद्ध किया गया है. दोनों अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है. इस कार्रवाई के बाद व्यावसायिक शिक्षा विभाग में हड़कंप की स्थिति है. विभाग के कर्मचारियों के बीच इस मामले की व्यापक चर्चा हो रही है. माना जा रहा है कि सरकार भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बरतने के मूड में नहीं है. अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ और भी कड़ी कार्रवाई की जा सकती है. यह कदम प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

“कमजोर के आगे कोई नहीं झुकता”, नौसेना शौर्य वाटिका लोकार्पण में सीएम योगी का बड़ा संदेश

 लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब हम सुरक्षा के मोर्चे पर मजबूत होंगे तो दुनिया भी मैत्री करेगी। कमजोर के आगे कोई नहीं झुकता। हम जब अधूरी बात कहते हैं तो वह अर्थ का अनर्थ करता है, इसलिए पूरी बात कहना सीखें। भारत की ऋषि परंपरा प्रेरणा देती है कि अहिंसा परमो धर्मः, धर्म हिंसा तथैव च यानी सामान्य जीवन में अहिंसा ही सर्वोच्च धर्म होना चाहिए, लेकिन सामने वाला देश व समाज की सुरक्षा के लिए खतरा है तो उसके लिए अंततः हिंसा ही अपनानी पड़ेगी। देश के दुश्मन के साथ यही हमारा धर्म है और भारतीय सेना पूरी मजबूती के साथ यह करती है। सीएम योगी शनिवार को राजधानी में 19 करोड़ रुपये की लागत से 2 एकड़ से अधिक क्षेत्र में निर्मित नौसेना शौर्य वाटिका (नौसेना शौर्य संग्रहालय के द्वितीय चरण) के लोकार्पण अवसर पर उपस्थित सैन्य अधिकारियों, कार्मिकों व जन-समूह को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री के साथ इस वाटिका का उद्घाटन किया। आकाश की ऊंचाइयां छूने के लिए बड़ी सोच चाहिए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब सोच बड़ी होती है और व्यक्ति बड़े लक्ष्य के साथ आगे बढ़ता है तो सकारात्मक परिणाम आता है, जो युवाओं को नई प्रेरणा प्रदान करता है। इस वाटिका में आने वालों को भारतीय नौसेना के बारे में जानकारी मिलेगी। हमारे सैनिक किन सम-विषम परिस्थितियों में कार्य करते हैं, यह भी जानने का अवसर मिलेगा। यह जानकारी युवाओं के जीवन में चुनौतियों से जूझने की प्रेरणा होगी। नौसेना का लक्ष्य उसकी विराट सोच का प्रतीक है। सीएम ने आदर्श वाक्य “नभः स्पृशं दीप्तम्” का जिक्र किया और कहा कि आकाश की ऊंचाइयां छूने के लिए बड़ी सोच भी चाहिए। संकुचित सोच या भाव से बड़े लक्ष्य को प्राप्त नहीं किया जा सकता। जब सैनिक सीमा की रक्षा करते हैं, तब 140 करोड़ भारतवासी चैन से सोते हैं सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों के सामने विकसित भारत की संकल्पना को रखा है। उन्होंने हर भारतवासी को पंचप्रण के साथ जुड़ने के लिए कहा है। हमारे मन में सेना व यूनिफॉर्मधारी फोर्स के प्रति सम्मान का भाव हो। जब भारतीय सैनिक माइनस डिग्री टेंपरेचर, रेगिस्तान की झुलसाने वाली गर्मी और समुद्र की लहरों का मुकाबला करते हुए सीमाओं की रक्षा करता है, तब 140 करोड़ भारतवासी चैन की नींद सोते हैं। सुरक्षा के माहौल में ही विकास संभव सीएम योगी ने कहा कि सुरक्षा के बेहतर माहौल में ही जन-कल्याण एवं विकास योजनाएं प्रभावी ढंग से आगे बढ़ सकती हैं। 2017 के पहले उत्तर प्रदेश में रोज कर्फ्यू लगता था, पेशेवर माफिया व अपराधियों ने जीना हराम कर दिया था। असुरक्षित वातावरण में विकास व निवेश की संभावनाएं क्षीण हो गई थीं। लेकिन, जब हमारे सैनिक सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता के साथ कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं तो नागरिकों का भी कर्तव्य है कि वे सैनिकों के प्रति सम्मान का भाव रखें। एक तरफ राष्ट्र प्रेरणास्थल तो दूसरी तरफ नौसेना म्यूजियम मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ में एक तरफ राष्ट्र प्रेरणास्थल है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री व रक्षा मंत्री ने 25 दिसंबर को किया था तो दूसरी तरफ नौसेना म्यूजियम के रूप में भारतीय सेना के शौर्य व पराक्रम का अद्भुत केंद्र यहां प्राप्त हुआ है। अभी इसका विस्तार भी होगा। सेना के निष्प्रयोज्य टैंक महत्वपूर्ण चौराहों पर रखे जाने चाहिए सीएम ने कहा कि रक्षा मंत्री जी कह रहे थे कि प्रदेश में भारतीय सेना से जुड़े अन्य कार्यों के लिए तत्काल प्रस्ताव दिए जाएं। मेरा मानना है कि महत्वपूर्ण चौराहों पर भारतीय सेना के वे टैंक ऱखे जाने चाहिए, जो अब वर्किंग कंडीशन में नहीं हैं। इन्हें जो भी देखेगा, उसके मन में भारतीय सेना में जाने और सेना के प्रति सम्मान का भाव पैदा होगा। उसे राष्ट्रभक्ति की नई प्रेरणा प्राप्त होगी, क्योंकि राष्ट्रभक्ति से बढ़कर कुछ भी नहीं हो सकता। नौसेना अध्यक्ष व उनकी टीम के प्रति जताया आभार सीएम ने रक्षा मंत्री की प्रेरणा और उत्तर प्रदेश सरकार के साथ मिलकर सुव्यवस्थित ढंग से समय सीमा के अंदर कार्य पूरा कराने के लिए नौसेना अध्यक्ष व उनकी टीम के प्रति आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ आने वाला हर व्यक्ति भारत की परंपरा, विरासत, सुरक्षा से जुड़े इस नौसेना वाटिका केंद्र का भ्रमण कर गौरव की अनुभूति कर सकता है। यह केंद्र प्रदेश के युवाओं को नई सोच के साथ देखने, सुनने व जानने का अवसर प्रदान कर रहा है। आईएनएस गोमती ने लंबे समय तक भारतीय नौसेना के माध्यम से भारत की समुद्री सीमा की रक्षा की। 2022 में उसे नौसेना से निवृत्त किया गया और उसका बेहतरीन उपयोग करते हुए लखनऊ की जीवनदायिनी गोमती नदी के तट पर स्थापित किया गया।

लखनऊ में गरजे योगी आदित्यनाथ, बोले- पिछली सरकारों ने सिर्फ गड्ढे और कूड़ेदान दिए

लखनऊ आयोजन तो महापौर और पार्षदों के तीन साल के कार्यकाल के पूरा होने का था, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंच से विपक्षी दलों को भी ललकारा। भारत माता की जय और हर हर महादेव की जयघोष के साथ मुख्यमंत्री ने कहा, पिछली सरकारों में जो होता था, किसी से छिपा नहीं है। बिजली संकट को लेकर सरकार को घेरने वाले विपक्षी दलों के नेताओं को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करारा जवाब दिया। कहा, पिछली सरकारों में बिजली आती ही नहीं थी और तारों पर ही कपड़े सुखाए जाते थे, आज ऐसे लोग बिजली संकट की बात करते हैं। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा, बिजली संकट पूरी दुनिया की चुनौती है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के कारण ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है, लेकिन विपक्ष इसे राजनीतिक मुद्दा बना रहा है। उन्होंने लोगों से जरूरत के अनुसार बिजली उपयोग करने की अपील की। कहा कि अनावश्यक स्ट्रीट लाइट न जलाएं और ऊर्जा बचत में सहयोग करें। प्रदेश में 2017 से पहले मात्र छह हजार मेगावाट बिजली उत्पादन होता था, जबकि अब 13 हजार मेगावाट हो गया है। व्यवस्था में व्यापक सुधार हुआ है। उन्होंने पूर्व की सरकारों पर तंज कसते हुए कहा कि उनकी सकरार ने ‘गड्ढों’ को भरने का काम किया है और ‘कूड़ेदानों’ को साफ किया गया है। अब लक्ष्य स्वच्छ, सुव्यवस्थित व आधुनिक राजधानी तैयार करना है। पूर्ववर्ती सरकारों के एजेंडे में न युवा थे, न महिलाएं, न गरीब और न ही किसान, बल्कि खास लोगों के परिवार को ही योजनाओं का लाभ दिया जाता था। वर्तमान सरकार ने 65 लाख गरीबों को आवास उपलब्ध कराया। मुख्यमंत्री ने स्वच्छ-सुंदर-समर्थ लखनऊ अभियान के तहत नगर निगम की 413 करोड़ रुपये लागत वाली 342 जनकल्याणकारी परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इससे पहले महापौर सुषमा खर्कवाल ने नगर निगम द्वारा तीन साल में कराए गए कार्यों का विवरण प्रस्तुत किया नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले केंद्र सरकार विकास के लिए धन देना चाहती थी, लेकिन राज्य सरकार उसे लेने को तैयार नहीं थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अब प्रदेश में लगातार विकास कार्य हो रहे हैं। राजधानी में प्रतिदिन 2100 टन कूड़े का निस्तारण किया जा रहा है और शिवरी प्लांट में 18 लाख मीट्रिक टन कूड़ा हटाया जा चुका है। उन्होंने कान्हा उपवन और वन डे गवर्नेंस सिस्टम की भी सराहना की। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि प्रदेश तेजी से शहरीकरण की दिशा में आगे बढ़ रहा है और मुख्यमंत्री की प्रेरणा से सात नई मेट्रो सिटी विकसित की जा रही हैं। उन्होंने यूपी भी इंदौर बनेगा का नारा देकर स्वच्छता अभियान को जनांदोलन बनाने की अपील की। आयोजन में परिवहन राज्य मंत्री दयाशंकर सिंह, राज्यसभा सदस्य बृजलाल, विधायक ओपी श्रीवास्तव, योगेश शुक्ला, विधान परिषद सदस्य डॉ. लाल जी प्रसाद निर्मल, मुकेश शर्मा, वरिष्ठ भाजपा नेता डा. नीरज सिंह और नगर आयुक्त गौरव कुमार सहित पार्षद, अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। ढाई करोड़ की गाड़ी से चलने वालों ने गमले चोरी किए थे राष्ट्र प्रेरणा स्थल से गमले चोरी होने की घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ढाई करोड़ की गाड़ी से चलने वाले लोग 45 रुपये का गमला चोरी करते नजर आए। हम तो ऐसे लोगों की हर चौराहे पर उसकी तस्वीर लगाना चाहते थे।  

मुख्यमंत्री योगी ने दिए त्वरित और जनकेंद्रित मौसम अलर्ट के निर्देश

लखनऊ.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में मौसम संबंधी पूर्व चेतावनी प्रणाली को और अधिक सटीक, त्वरित तथा जनकेंद्रित बनाने के निर्देश दिए हैं। शनिवार को राहत एवं आपदा प्रबंधन विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान समय पर दी गई सही सूचना अनेक लोगों का जीवन बचा सकती है। इसलिए मौसम पूर्वानुमान और चेतावनी तंत्र को केवल तकनीकी व्यवस्था तक सीमित न रखते हुए अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने गांवों और संवेदनशील क्षेत्रों में “लास्ट माइल कनेक्टिविटी” मजबूत करने, आईवीआरएस, पंचायत स्तर के लाउडस्पीकर, स्थानीय एफएम रेडियो, मोबाइल अलर्ट तथा सोशल मीडिया का व्यापक उपयोग करने के निर्देश दिए। बैठक में 13 मई 2026 को आए भीषण आंधी-तूफान की समीक्षा प्रस्तुत की गई। बताया गया कि आईएमडी के मल्टी-हैजार्ड अर्ली वार्निंग सिस्टम (एमएचईडब्ल्यूएस) द्वारा इस घटना की सात दिन पहले से निगरानी की जा रही थी। प्रारंभ में येलो वार्निंग जारी की गई, जिसे बाद में ऑरेंज वार्निंग तथा कई जिलों में रेड अलर्ट में अपग्रेड किया गया। चेतावनियों में तेज आंधी, बिजली गिरने, ओलावृष्टि और 60 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक रफ्तार वाली हवाओं की आशंका जताई गई थी। कई स्थानों पर हवा की गति 80 से 130 किलोमीटर प्रति घंटा तक दर्ज की गई। बैठक में बताया गया कि भदोही, प्रयागराज, फतेहपुर, लखनऊ, मिर्जापुर, रायबरेली, कानपुर नगर और उन्नाव सहित अनेक जिलों के लिए 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक की हवा चलने संबंधी नाउकास्ट अलर्ट जारी किए गए थे। “सचेत” प्लेटफॉर्म के माध्यम से कलर-कोडेड अलर्ट जिला प्रशासन, डीडीएमए, आपदा मित्रों और संबंधित विभागों तक पहुंचाए गए। प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय मोबाइल फोनों पर एसएमएस आधारित चेतावनियां भी भेजी गईं। पूरी घटना के दौरान लगातार एसएमएस अलर्ट जारी किए गए। स्थानीय टीवी चैनलों, एफएम रेडियो, व्हाट्सएप समूहों, ग्राम प्रधानों, लेखपालों तथा आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से भी व्यापक स्तर पर सूचना प्रसारित की गई। मुख्यमंत्री ने मौसम संबंधी पूर्व सूचना मिलने के बाद संबंधित जिलाधिकारियों द्वारा की गई कार्रवाई का विस्तृत ब्यौरा लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि चेतावनी जारी करने के साथ-साथ लोगों में सुरक्षित व्यवहार को लेकर जागरूकता बढ़ाना भी जरूरी है। उन्होंने स्कूलों, पंचायतों और ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही पेड़ों, बिजली के खंभों, होर्डिंग्स और कमजोर अस्थायी संरचनाओं की संवेदनशीलता का स्थानीय स्तर पर आकलन कर एसओपी तैयार करने को कहा। बैठक में बताया गया कि आईएमडी द्वारा डॉप्लर वेदर रडार, ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन (एडब्ल्यूएस), ऑटोमैटिक रेन गेज स्टेशन (एआरजी), लाइटनिंग सेंसर, सैटेलाइट इमेज तथा न्यूमेरिकल वेदर प्रिडिक्शन मॉडल्स के माध्यम से प्रदेश में मौसम की लगातार निगरानी की जा रही है। मीडियम रेंज फोरकास्ट (4-5 दिन), शॉर्ट रेंज फोरकास्ट (2-3 दिन) तथा नाउकास्ट (3 घंटे तक) स्तर पर थंडरस्टॉर्म और लाइटनिंग गतिविधियों का पूर्वानुमान जारी किया जाता है। प्रदेश में 450 ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन तथा 2000 ऑटोमैटिक रेन गेज स्थापित किए जा चुके हैं। अलीगढ़, झांसी, लखनऊ, वाराणसी और आजमगढ़ में डॉप्लर वेदर रडार स्थापित किए जा रहे हैं, जबकि बरेली, देवरिया और प्रयागराज में अतिरिक्त रडार लगाने की प्रक्रिया जारी है। लखनऊ और प्रयागराज में विंड प्रोफाइलर रडार स्थापित किए जाने की कार्यवाही भी प्रगति पर है। बैठक में बताया गया कि यूएनडीपी के सहयोग से प्रदेश के 15 विभागों, सभी 75 जिलों तथा 20 प्रमुख नगरों के लिए डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान तैयार किए जा रहे हैं। वर्ष 2025 में 44 जिलों की 118 तहसीलों में लगभग 1800 स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया, जिनके माध्यम से 2361 गांवों और 4824 मजरों में जनजागरूकता अभियान चलाया गया। “आपदा मित्र” स्वयंसेवकों को बीमा प्रमाण-पत्र वितरित किए गए हैं तथा नाव दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए 38 जिलों में 66,077 लाइफ जैकेट वितरित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री योगी बोले – श्रमिक राज्य की प्रगति की सबसे बड़ी शक्ति, उन्हें सम्मान और सुरक्षा देना सरकार की प्राथमिकता

लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रमिक कल्याण, कौशल विकास और रोजगार सृजन को और व्यापक तथा परिणाममुखी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। उन्होंने बाल श्रमिक विद्या योजना को प्रदेश के सभी 75 जनपदों में विस्तारित करने, ‘सेवामित्र व्यवस्था’ को और प्रभावी बनाने, निर्माण श्रमिकों के लिए बड़े शहरों में आधुनिक श्रमिक सुविधा केंद्र विकसित करने तथा रोजगार मिशन को वैश्विक अवसरों से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि श्रमिक केवल उत्पादन प्रक्रिया का हिस्सा नहीं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था और प्रगति की सबसे बड़ी शक्ति हैं। सरकार की प्राथमिकता है कि श्रमिकों, युवाओं और कमजोर वर्गों को सम्मानजनक जीवन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षित कार्य वातावरण और बेहतर रोजगार अवसर उपलब्ध हों। शनिवार को श्रम एवं सेवायोजन विभाग की विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों और प्रस्तावित योजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी बच्चा आर्थिक मजबूरी के कारण शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाल श्रम प्रभावित क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर बच्चों को विद्यालयों से जोड़ा जाए और उनके पुनर्वास की प्रक्रिया को प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र के सहयोग से इन बच्चों के कौशल विकास की कार्ययोजना भी तैयार की जाए। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2020 में प्रारंभ की गई इस योजना के तहत 8 से 18 वर्ष आयु वर्ग के कामकाजी बच्चों को विद्यालयों में प्रवेश दिलाकर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। वर्तमान में योजना 20 जनपदों में संचालित है। मुख्यमंत्री ने इसे नए प्रावधानों के साथ प्रदेश के सभी 75 जनपदों में लागू करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने ‘सेवामित्र व्यवस्था’ को रोजगार और जनसुविधा का अभिनव मॉडल बताते हुए कहा कि तकनीक आधारित ऐसी व्यवस्थाएं युवाओं और कुशल कामगारों के लिए नए अवसर तैयार करती हैं। उन्होंने इसे और अधिक प्रभावी तथा जनोपयोगी बनाने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2021 से संचालित इस व्यवस्था के तहत नागरिक मोबाइल ऐप, वेब पोर्टल अथवा कॉल सेंटर के माध्यम से घरेलू सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं। वर्तमान में पोर्टल पर 1097 सेवा प्रदाता, 5049 सेवामित्र और 54,747 कुशल कामगार पंजीकृत हैं। मुख्यमंत्री ने सरकारी विभागों में भी आवश्यकता के अनुसार सेवामित्र व्यवस्था के उपयोग के प्रस्ताव को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने श्रम विभाग में हुए संस्थागत सुधारों की सराहना करते हुए कहा कि उद्योगों के अनुकूल वातावरण और श्रमिक हितों के बीच संतुलन बनाना सरकार की नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में अब तक 32,583 कारखाने पंजीकृत हो चुके हैं। मार्च 2017 तक जहां यह संख्या 14,176 थी, वहीं अप्रैल 2017 के बाद 18,407 नए कारखानों का पंजीकरण हुआ है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 4860 कारखानों का पंजीकरण किया गया। विभाग को बीआरएपी सुधारों के क्रियान्वयन में ‘टॉप अचीवर’ के रूप में मान्यता प्राप्त हुई है तथा उद्योग समागम 2025 में श्रम क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने निर्माण श्रमिकों के लिए सभी औद्योगिक शहरों में प्रस्तावित श्रमिक सुविधा केंद्रों यानी ‘लेबर अड्डों’ को व्यवस्थित रूप से विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों को केवल श्रमिकों के एकत्रीकरण स्थल के रूप में नहीं, बल्कि श्रमिक सहायता एवं सुविधा केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ी संख्या में दूसरे क्षेत्रों से आने वाले श्रमिकों के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित आवास सुविधा उपलब्ध कराना भी आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कानपुर में प्रस्तावित औद्योगिक श्रमिक प्रशिक्षण संस्थान और छात्रावास योजना को कौशल विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना समय की मांग है। बैठक में बताया गया कि विष्णुपुरी स्थित भूमि पर 200 प्रशिक्षुओं की क्षमता वाला प्रशिक्षण संस्थान प्रस्तावित है, जहां कारपेंटरी, इलेक्ट्रिशियन, फिटर, प्लंबर, पेंटर और बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन सहित विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त बेनाझाबर स्थित भूमि पर 200 प्रशिक्षुओं की क्षमता वाला छात्रावास भी प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ने रोजगार सृजन को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में बताते हुए कहा कि प्रदेश के युवाओं को स्थानीय, राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। बैठक में बताया गया कि जुलाई 2025 में गठित ‘उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन’ के माध्यम से युवाओं को देश और विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। रोजगार मिशन को विदेश मंत्रालय से भर्ती एजेंसी का लाइसेंस भी प्राप्त हो चुका है। लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और कानपुर में आयोजित रोजगार कार्यक्रमों के माध्यम से 27,555 युवाओं का चयन किया गया, जिनमें 2300 युवाओं का चयन विदेशों में रोजगार हेतु हुआ। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2025-26 के दौरान प्रदेश में 3030 रोजगार मेलों और कैंपस प्लेसमेंट कार्यक्रमों के माध्यम से 3,74,776 अभ्यर्थियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए। इसी अवधि में आयोजित 4873 करियर काउंसलिंग कार्यक्रमों में 6,80,469 युवाओं ने सहभागिता की। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि रोजगार मेलों को केवल औपचारिक आयोजन न बनाकर उन्हें उद्योगों की वास्तविक मांग और युवाओं की क्षमता से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि इसे सरदार वल्लभभाई पटेल इंडस्ट्रियल एंड एम्प्लॉयमेंट ज़ोन से भी जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री ने वैश्विक रोजगार अवसरों को लेकर किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश का युवा विश्वस्तरीय अवसरों का लाभ उठाने में सक्षम है। बैठक में बताया गया कि जर्मनी, जापान और स्लोवाक गणराज्य सहित विभिन्न देशों में रोजगार की संभावनाएं चिन्हित की गई हैं। जापानी, जर्मन और अंग्रेजी सहित विभिन्न भाषाओं के प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ करने के लिए समझौते किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवायोजन विभाग को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक और डिजिटल रोजगार तंत्र के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने रोजगार संगम पोर्टल में एआई आधारित सेवाओं, डिजिटल जॉब मैचिंग और ऑनलाइन काउंसलिंग प्रणाली को मजबूत करने के निर्देश दिए।