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रुदौली में जनसभा के दौरान बोले रामभक्तों पर सवाल उठाने वालों का दोहरा चरित्र उजागर

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर उठे विवाद के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। रुदौली विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग आज रामभक्तों के अपमान की बात कर रहे हैं, वही पहले राम का नारा लगाने वालों और कारसेवकों पर गोली चलवाते थे। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के दोहरे चरित्र को जनता भलीभांति जानती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा के दोहरे चरित्र को देखो, कहती है कि राम भक्तों का अपमान हुआ है। कारसेवकों और रामभक्तों पर गोली चलवाने वाले लोग उपदेश देने चले हैं। हमने ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी जांच बैठाई। एसआईटी दूध का दूध और पानी का पानी करके रहेगी। मैं सभी से कहूंगा कि कोई भी अनर्गल टिप्पणी न करें, जो रामभक्तों को आहत करे सपा-कांग्रेस पर बरसे सीएम योगी योगी कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए 500 वर्षों तक संघर्ष किया गया है। कांग्रेस ने मंदिर निर्माण रोकने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया था और सुप्रीम कोर्ट में भगवान राम के अस्तित्व तक पर सवाल उठाए गए थे। आज वही लोग अयोध्या और रामभक्तों की चिंता जताने का दिखावा कर रहे हैं। राम मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर सरकार ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। उन्होंने कहा कि एसआईटी दूध का दूध और पानी का पानी कर देगी। अगर किसी के पास चंदा या चढ़ावा चोरी से संबंधित कोई सबूत है तो वह जांच एजेंसी को सौंपे। जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और अगर कोई दोषी पाया जाता है तो वह किसी भी कीमत पर नहीं बचेगा। अयोध्या को बदनाम करने वालों के बहकावे में न आए- योगी उन्होंने सभी पक्षों से अपील की कि जांच रिपोर्ट आने तक अनर्गल बयानबाजी से बचें और किसी के चरित्र हनन का प्रयास न करें। उन्होंने कहा कि अयोध्या और रामभक्तों की आस्था को ठेस पहुंचाने वाली बातें नहीं होनी चाहिए। जनता को भी ऐसे लोगों से सावधान रहना चाहिए जो अयोध्या को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राम मंदिर बन न पाए, इसके लिए कांग्रेस ने एड़ी चोटी का जोर लगा दिया था। सुप्रीम कोर्ट में बेशर्मी के साथ कहा था कि राम तो हुए ही नहीं। वही कांग्रेस आज अयोध्या पर बहुत मचल रही है। कह रही है कि रामभक्तों का अपमान हुआ। झलकारी बाई की 22 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण इससे पहले मुख्यमंत्री ने मां कामाख्या धाम में पूजा-अर्चना की। उन्होंने राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं चिकित्सालय का लोकार्पण किया और वीरांगना झलकारी बाई की 22 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया। साथ ही 378 करोड़ रुपये से अधिक की 126 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।

रुदौली में विकास परियोजनाओं के लोकार्पण के दौरान सीएम योगी बोले 15 दिन रुकें, जांच करेगी सच उजागर

लखनऊ राम मंदिर में चढ़ावा की चोरी की खबरों और एसआईटी जांच के बीच शुक्रवार को पहली बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बार बयान दिया। अयोध्या के रुदौली विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास करने पहुंचे सीएम योगी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए लोगों से कहा कि आपने राम मंदिर के लिए 500 सालों तक इंतजार किया है। 15 दिन और इंतजार कर लीजिए। ट्रस्ट के कहने पर एसआईटी का गठन किया गया है। एसआईटी दूध का दूध पानी का पानी करेगी। कोई अपराधी होगा तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। अयोध्या और रामभक्तों को बदनाम करने की कोशिश न की जाए। सीएम योगी ने 15 दिनों तक किसी तरह की बयानबाजी नहीं करने की अपील करते हुए कहा कि अयोध्या को बदनाम करने वालों के बहकावे में न आएं। सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर हमला करते हुए कहा कि राम भक्तों और जयश्रीराम का नारा लगाने पर लाठी गोली चलाने वाले आज उपदेश देने चले हैं। कहा कि अयोध्या के बारे में जो समाचार पत्रों में देखने सुनने को मिला। उसके बाद ट्रस्ट के कहने पर हमने एसआईटी जांच बैठाई है। एसआईटी पूरे दूध का दूध पानी का पानी करेगी। कोई सबूत हो तो एसआईटी को दे दें सीएम योगी ने कहा कि जब तक जांच हो रही है कोई भी ऐसी अनर्गल बात न हो जो राम भक्तों की भावना को आहत करती हो। यह भी कहा कि किसी के पास इससे संबंधित दस्तावेजी सबूत हो तो एसआईटी को दे दें वह जांच करेगी। प्रभु श्रीराम ने मर्यादा का पालन करने की प्रेरणा दी है, ऐसे में सभी को मर्यादा का पालन करना चाहिए। सीएम योगी ने कहा कि जांच के बीच बयानबाजी होती है तो जांच प्रभावित करती है। जांच के बाद किसी को कोई बात कहनी होगी तो एसआईटी से कह सकते हैं। अयोध्या को बदनाम करने वालों के बहकावे में न आएं सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या और श्रीराम जन्मभूमि को बदनाम करने वालों के बहकावे में न आएं। यह लोग नहीं चाहेंगे कि अयोध्या को सम्मान मिले। यह लोग अयोध्या को बदनाम करना चाहते हैं। अयोध्या और यहां के लोगों को अपमानित करते हैं। हम इनके बहकावे में कत्तई न आएं। इन लोगों का आचरण पहले से ही सभी के सामने है। राम भक्तों को बदनाम करने वाले बाबर को मानने वाले लोग कहा कि जो लोग रामभक्तों को अपमानित करते थे, अपराधियों के कब्र पर जाकर फातिया पढ़ते थे। जिन लोगों ने अब तक राम जन्मभूमि में दर्शन नहीं किया, अपने विधायकों को भी जाने से रोका, वह लोग बाबर को मानने वाले लोग हैं। उनके ही विधायक मनोज पांडेय ने जब सभी विधायकों को अयोध्या लाने की बात कही तो उन्हें अखिलेश ने फटकार दिया था। मनोज पांडेय को धुतकार कर भगा दिया था। आज मनोज पांडेय हमारी सरकार में मंत्री हैं। अखिलेश पर निशाना साधते हुए कहा कि यह लोग कभी अयोध्या नहीं आए और अयोध्या को बदनाम करने के लिए क्या-क्या कर रहे हैं, इसे देखते रहिए। उन लोगों की सोच कब्रिस्तान और कब्रिस्तान की बाउंड्री बनाने तक ही सीमित रही है। हम लोग अयोध्या के विकास में लगे हैं। आज एक ही विधानसभा में 126 परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हो रहा है। कांग्रेस का दोगला चरित्र कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि वह लोग दोगले चरित्र के हैं। उन लोगों ने अयोध्या में राम मंदिर न बनने पाए, इसके लिए एड़ी चोटी का दम लगा दिया था। अयोध्या की पहचान का संकट खड़ा किया था। आज कांग्रेस बोल रही है कि राम भक्तों का अपमान हो गया। जब कांग्रेस कहती थी कि राम है ही नहीं, तब अपमान नहीं होता था? श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल खड़ा करने वाली कांग्रेस आज राम भक्तों के नाम पर मचल रही है।

रुदौली में झलकारी बाई की प्रतिमा का अनावरण, विपक्ष पर सीएम योगी का हमला

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या जनपद के रुदौली विधानसभा क्षेत्र में एक भव्य कार्यक्रम के दौरान राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं चिकित्सालय सहित ₹378 करोड़ से अधिक की 126 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. उन्होंने वहां वीरांगना झलकारी बाई की प्रतिमा का अनावरण भी किया. मंच से जनता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने अयोध्या में चंदा चोरी के आरोपों पर कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि राम मंदिर के लिए 500 साल संघर्ष हुआ है, इसलिए कोई भी अयोध्या को बदनाम न करे. किसी के पास चंदा चोरी का कोई सबूत है तो वह एसआईटी को दे, इसकी पूरी जांच और सख्त एक्शन होगा. अयोध्या को बदनाम करने वालों पर बरसे सीएम सीएम योगी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आरोप लगाने वाले लोग केवल बदनाम करने का काम कर रहे हैं. इनका आचरण सबके सामने है, जिन्होंने कभी राम भक्तों पर गोलियां चलवाईं, श्री राम बोलने पर लाठियां चलवाईं और कोर्ट में प्रभु राम के खिलाफ केस लड़े.  मुख्यमंत्री ने नसीहत दी कि जांच रिपोर्ट आने तक कोई भी इस मामले में बयानबाजी न करे और किसी के चरित्र हनन का प्रयास न करे. उन्होंने भरोसा दिया कि अगर कोई अपराधी है तो वह बचेगा नहीं, यह पूरी तरह कन्फर्म है. बकौल सीएम योगी- सबको अपनी जिम्मेदारी का दायित्व निभाना होगा. जिम्मेदारी का दायित्व निभायेंगे तभी विकास होगा. सपा जय श्री राम कहने पर गोली चलवाती थी. हमने ट्रस्ट की मांग पर SIT बनवाई. जल्द ही दूध का दूध और पानी का पानी होगा. हां, अगर… किसी के पास कोई सुबूत हो तो SIT को दे. लेकिन बयानबाजी से अयोध्या का अपमान न करे. जनता अपमान करने वालों से सावधान रहे. बेटियों के लिए पीएसी की 3 नई बटालियन अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने राष्ट्रनायकों और वीरांगनाओं के प्रति श्रद्धा भाव को राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा बताया. उन्होंने घोषणा की कि डबल इंजन की सरकार ने महारानी लक्ष्मीबाई, महारानी दुर्गावती, अवंतीबाई लोधी, झलकारी बाई और उदा देवी के सम्मान में कई अभियान शुरू किए हैं. इसी कड़ी में सरकार ने वीरांगना अवंतीबाई लोधी, झलकारी बाई कोरी और वीरांगना उदादेवी पासी के नाम पर पीएसी की तीन नई बटालियन गठित की हैं. सबसे खास बात यह है कि इन तीनों बटालियन में केवल बेटियों की ही भर्ती की जाएगी.

सीएम योगी का विपक्ष पर हमला, बोले उन्नाव से अब दिल्ली तक होगा आसान और तेज सफर

 लखनऊ उत्तर प्रदेश के उन्नाव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को 570 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। सौगातों की बारिश के बाद योगी विपक्ष पर खूब बरसे। सीएम योगी ने कहा कि पिछली सरकारें सिर्फ परिवार तक सीमित थीं। कांग्रेस के लिए नेहरू और सपा के लिए सैफई परिवार ही सबकुछ था। आवाज उठाने वालों की आवाज बंद कर दी जाती थी। रामायण में खर-दूषण की तरह कांग्रेस और सपा में माफिया राज था। दोनों दल देश की दुर्गति के लिए जिम्मेदार हैं। दंगा-कर्फ्यूग्रस्त बनाने वाले आज उपदेश दे रहे हैं, इनके दोहरे चरित्र पर हंसी आती है। सीएम योगी ने कहा कि पिछली बार वादा किया था कि विकास की हर योजना उन्नाव तक पहुंचेगी। आज उन्नाव का व्यक्ति लखनऊ को बाईपास कर सीधे दिल्ली जा सकता है। डिफेंस कॉरिडोर और एक्सप्रेस-वे के पास उद्योग लगेंगे। यहां के नौजवानों को यहीं रोजगार मिलेगा। लखनऊ से उन्नाव होते हुए कानपुर तक रैपिड रेल का प्रस्ताव बनाया जा रहा सीएम ने ऐलान किया कि 700 एकड़ लैंड डिफेंस कॉरिडोर के लिए और 200 एकड़ इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए ली जा रही है। उन्नाव स्टेट कैपिटल रीजन में शामिल क्या जायेगा। अब जो विकास लखनऊ में होगा, वही उन्नाव में भी होगा। लखनऊ से उन्नाव होते हुए कानपुर तक रैपिड रेल का प्रस्ताव बनाया जा रहा है। रायबरेली, सीतापुर भी इससे जुड़ेंगे। विकास की योजना आज को नहीं, आगामी 100 वर्ष को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है। जनप्रतिनिधियों का नाम 100 वर्ष तक लोग याद रखेंगे। नारी सुरक्षा-सम्मान के कार्यक्रम आगे बढ़ रहे हैं मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में सभी संकट से निपटा गया। संकट के लिए जिम्मेदार अमेरिका आज त्रस्त है, हमारा देश सुरक्षित है। आंतरिक सुरक्षा में सेंध लगानेवालों को उन्हीं की भाषा में जवाब दिया जा रहा है। गरीब, महिला, किसान और नौजवानों के लिए युद्धस्तर पर योजनाएं चल रही हैं। नारी सुरक्षा-सम्मान के कार्यक्रम आगे बढ़ रहे हैं। अब किसी को जरूरत के लिए हाथ फैलाने की जरूरत नहीं। अधिकारी खुद लाभार्थी के घर जाकर जानकारी दे रहे हैं। पहले बिना सिफारिश और घूस कुछ नहीं मिलता था। लोग ट्वीट करते थे- देख सपाई बिटिया घबराई योगी ने कहा कि जो कार्य डबल इंजन सरकार कर रही है, ये कार्य विपक्षी सरकारों को किसने रोका था? गलत लोग चुनकर जाते थे तो उनकी सोच संकुचित थी। सैफई को ही प्रदेश मान लेते थे। लेकिन आपने अच्छे लोग चुनकर भेजे हैं, इसलिए विकास हो रहा है। यूपी का युवा कभी दोनों दलों को स्वीकार नहीं करेगा, यही 2014 से कर रहा है।     काशी-वृंदावन की कृपा, त्योहारों में सुरक्षा का माहौल सीएम ने कहा कि जो भी प्रस्ताव उन्नाव के आए, सबको स्वीकार किया। यूपी पर काशी, वृंदावन, गंगा और प्रभु श्री राम की कृपा बरसती है। अब त्योहार में सुरक्षा का माहौल बनता है। उन्नाव को विकास की प्रक्रिया के लिए पैसे की कमी नहीं पड़ेगी। बिन रुके, बिन थके विकास होगा।

उन्नाव और कानपुर में विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे मुख्यमंत्री योगी

 कानपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को उन्नाव और कानपुर के दौरे पर रहेंगे। मुख्यमंत्री पहले उन्नाव में जनसभा को संबोधित करेंगे, इसके बाद कानपुर पहुंचकर विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों के अधिकारियों की गतिविधियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री कानपुर में सबसे पहले चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) में आयोजित प्राकृतिक खेती सम्मेलन में प्रतिभाग करेंगे। सम्मेलन में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, किसानों की आय बढ़ाने और रसायन मुक्त कृषि को लेकर चर्चा होगी। मुख्यमंत्री किसानों से संवाद भी कर सकते हैं। कृषि विभाग और विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्यक्रम की तैयारियां शुरू कर दी हैं। पीडब्ल्यूडी में करेंगे समीक्षा बैठक इसके बाद मुख्यमंत्री लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की समीक्षा बैठक करेंगे। बैठक में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही सड़क, पुल और अन्य आधारभूत ढांचे से जुड़ी प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली जाएगी। मुख्यमंत्री अधिकारियों को विकास कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दे सकते हैं। गोविंद नगर और कल्याणपुर क्षेत्र की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास मुख्यमंत्री गोविंद नगर और कल्याणपुर क्षेत्र की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास भी करेंगे। इन परियोजनाओं से यातायात व्यवस्था, जल निकासी और अन्य नागरिक सुविधाओं में सुधार की उम्मीद है। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और स्थानीय अधिकारियों की मौजूदगी रहेगी। डीएम ने की तैयारियों की समीक्षा मुख्यमंत्री का कार्यक्रम अचानक तय होने से प्रशासनिक अमले में हलचल बढ़ गई है। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने देर शाम विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, कार्यक्रम स्थलों की व्यवस्थाओं और विकास कार्यों की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मुख्यमंत्री के दौरे से जुड़े सभी इंतजाम समय से पूरे कर लिए जाएं।  

एफएलएन और एनसीईआरटी आधारित शिक्षण होगा मजबूत, यूपी के 232 शैक्षणिक संदर्भदाता लेंगे विशेष ट्रेनिंग

लखनऊ.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार निपुण भारत मिशन को विद्यालय स्तर पर और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) तथा एनसीईआरटी आधारित पाठ्यपुस्तकों पर आधारित शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रदेश के 58 जनपदों से 232 शैक्षणिक संदर्भदाताओं को राज्य स्तरीय आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। तीन चरणों में 22 जून से 10 जुलाई तक राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान (एसआईएचएफडब्ल्यू), लखनऊ में आयोजित होने वाले इस प्रशिक्षण के माध्यम से एआरपी और डायट मेंटरों की ऐसी प्रशिक्षित टीम तैयार की जाएगी, जो आगे चलकर ब्लॉक स्तर पर हजारों शिक्षकों को प्रशिक्षित कर निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को कक्षा-कक्ष तक प्रभावी ढंग से पहुंचाएगी। योगी सरकार की यह पहल बुनियादी शिक्षा में गुणवत्ता, सीखने के परिणामों और निपुण लक्ष्यों की प्राप्ति को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। योगी सरकार का फोकस केवल विद्यालयों में आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि कक्षा में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित करने पर भी है। इसी उद्देश्य से शैक्षणिक सत्र 2026-27 में निपुण भारत मिशन के अंतर्गत एफएलएन और एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों पर आधारित प्राथमिक विद्यालयों के सभी शिक्षकों एवं शिक्षामित्रों के लिए प्रस्तावित पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम को प्रभावी बनाने हेतु जिला स्तरीय संदर्भदाताओं का राज्य स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। तीन चरणों में होगा प्रशिक्षण, 232 प्रतिभागी होंगे शामिल राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन एसआईएचएफडब्ल्यू, सेक्टर-18, इंदिरा नगर, लखनऊ में तीन चरणों में किया जाएगा। प्रथम चरण 22 जून से 26 जून, द्वितीय चरण 29 जून से 3 जुलाई तथा तृतीय चरण 6 जुलाई से 10 जुलाई 2026 तक आयोजित होगा। इन तीनों चरणों में कुल 58 जनपदों से 232 प्रतिभागी प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। प्रत्येक जनपद से चार संदर्भदाता नामित किए जाएंगे, जिनमें दो एआरपी और दो डायट मेंटर शामिल होंगे। हिंदी, गणित और अंग्रेजी शिक्षण पर विशेष फोकस प्रशिक्षण के लिए चयनित चार संदर्भदाताओं में कम से कम एक-एक प्रतिभागी हिंदी, गणित और अंग्रेजी विषय से संबंधित होना अनिवार्य किया गया है। जिन जनपदों में एआरपी की संख्या दो से कम होगी, वहां अतिरिक्त डायट मेंटरों को नामित किया जाएगा। विषय की गहरी समझ और प्रशिक्षण संचालन की क्षमता रखने वाले एआरपी एवं डायट मेंटरों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। प्रशिक्षित संदर्भदाता बनेंगे परिवर्तन के वाहक राज्य स्तर पर प्रशिक्षित किए जाने वाले ये संदर्भदाता आगे ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों में मास्टर ट्रेनर की भूमिका निभाएंगे। इनके माध्यम से प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों और शिक्षा मित्रों तक एफएलएन आधारित शिक्षण पद्धति, एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों की अवधारणाएं और निपुण लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाएगा। इससे प्रदेशभर में शिक्षण की गुणवत्ता और एकरूपता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। सीखने के परिणामों में सुधार को मिलेगी नई गति निपुण भारत मिशन का मूल उद्देश्य बच्चों में आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान को मजबूत करना है। योगी सरकार द्वारा लगातार शिक्षक प्रशिक्षण, अकादमिक अनुश्रवण, निपुण मूल्यांकन और गतिविधि आधारित शिक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है। संदर्भदाताओं का यह विशेष प्रशिक्षण उसी व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके माध्यम से बच्चों के सीखने के परिणामों में सुधार, कक्षा-कक्ष शिक्षण को अधिक प्रभावी बनाना और निपुण लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करना लक्ष्य है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लक्ष्य की ओर बढ़ता उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में शिक्षा क्षेत्र में संरचनात्मक सुधारों के साथ-साथ शैक्षणिक गुणवत्ता संवर्धन पर लगातार कार्य किया जा रहा है। निपुण भारत मिशन के अंतर्गत आयोजित यह राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों की क्षमता वृद्धि, अकादमिक नेतृत्व को मजबूत बनाने और विद्यार्थियों को बेहतर अधिगम अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्रशिक्षित संदर्भदाताओं के माध्यम से प्रदेशभर में निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को और प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा, जिससे बुनियादी शिक्षा को नई मजबूती मिलेगी।

डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग ‘त्रिवेणी’ में योगी सरकार के नौ साल पर एक्सपर्ट्स ने की चर्चा

लखनऊ.  लखनऊ स्थित एक होटल में तीन दिवसीय डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग 'त्रिवेणी' में दूसरे दिन रविवार को उत्तर प्रदेश के सुशासन, संस्कृति और समृद्धि पर गहन चर्चा हुई। इस दौरान विभिन्न अतिथियों ने योगी सरकार की तरीफ करते हुए उनके विकास मॉडल की बात की। उन्होंने बताया कि किस तरह यूपी बीमारू राज्य से प्रगति की तरफ अग्रसर हुआ। इस आयोजन में कई राज्यों के 100 से अधिक डिजिटल क्रिएटर्स, नीति निर्माताओं, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। रविवार को आयोजन के दूसरे दिन परिचर्चा सत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने सरकार की नौ वर्षों की उपलब्धियों को गिनाया। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले करीब तीन दशकों में यूपी सरकार और केंद्र सरकार के बीच समन्वय नहीं था, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ जनता को नहीं मिल पाता था। 2014 में केंद्र में मोदी सरकार और 2017 में यूपी में योगी सरकार बनने के बाद हालात सुधरे। इस डबल इंजन सरकार के जरिए पीएम आवास योजना, शिक्षा से जुड़ी योजना, स्वच्छ भारत मिशन समेत हर योजना लागू हुई और इनका जनता तक फायदा भी पहुंचा। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने सबसे पहले कानून—व्यवस्था को सुधारा और अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई। यूपी पुलिस में काफी संख्या में भर्तियां हुईं। महिलाओं के लिए पुलिस भर्ती में आरक्षण लागू किया गया। पुलिसिंग को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर बजट में व्यवस्था की गई, ताकि तकनीकी में भी सुधार हो। योगी सरकार में माफियाओं पर कार्रवाई अवनीश अवस्थी ने कहा कि योगी सरकार में ही प्रदेश के सभी माफियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई। साथ ही उनके सभी मुकदमों में सजा भी कोर्ट से तय हुई। कुछ माफियाओं ने सरकारी जमीनों पर कब्जा किया था, जिनको खाली कराकर गरीबों के लिए आवास बनाए गए। वहीं गैंगस्टर एक्ट को भी सख्ती से प्रदेश में लागू किया गया। उन्होंने बताया कि हर रोज सीएम योगी खुद कानून-व्यवस्था की मॉनिटरिंग के लिए अधिकारियों के साथ बैठक करते हैं। योगी सरकार का हर प्रोजेक्ट समय पर पूरा अवनीश अवस्थी ने बताया कि प्रदेश में कई आसान पॉलिसी के जरिए निवेश आ रहा है। यूपी में ब्रह्मोस मिसाइल के निर्माण से लेकर डिफेंस कॉरिडोर सरकार की बड़ी उपलब्धि का प्रमाण है। आज देशभर के एक्सप्रेसवे का 60 प्रतिशत हिस्सा उत्तर प्रदेश में है। पूर्वांचल, बुंदेलखंड और गंगा एक्सप्रेसवे समेत हर प्रोजेक्ट समय पर पूरा किया गया। उन्होंने बताया कि जेवर एयरपोर्ट का निर्माण 1997 में ही होना था, लेकिन उसके लिए जमीन नहीं दी गई। वहीं योगी सरकार ने इसे मिशन मोड में पूरा किया और सोमवार (15 जून) से यहां उड़ान शुरू होने जा रही है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों का भी खूब विकास किया है। प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय बढ़ रही है। साथ ही यूपी बीमारू राज्य से रेवेन्यू सरप्लस वाला राज्य बन गया है। योगी सरकार एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को भी जल्द ही पूरा करेगी। उद्योग क्षेत्र में आया बदलाव दलित इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (डिक्की) के संस्थापक-अध्यक्ष मिलिंद कांबले ने चर्चा के दौरान कहा कि मैंने यूपी को देश का ग्रोथ इंजन बनते हुए देखा है। पहले इसकी छवि केवल कृषि तक सीमित थी और बीमारू राज्य माना जाता था। यहां उद्योग नहीं थे और स्थानीय लोग नौकरी के लिए दूसरे राज्यों की तरफ देखते थे। बतौर निवेशक मैंने देखा कि 2017 के बाद यूपी के उद्योग क्षेत्र में बड़ा बदलाव आया। कानून-व्यवस्था, सड़क, रेल मार्ग में सुधार, उद्योग लगाने में आसान व्यवस्थाओं से राहत मिली है। यूपी से शुरू हुई एक जिला एक उत्पाद स्कीम को केंद्र सरकार ने भी अपनाया। इसके जरिए लोग अपने ही उद्योग के मालिक बन रहे हैं। आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय (डीईएस प्लानिंग) की निदेशक अलका बहुगुणा ढौंडियाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश की चर्चा अब ग्लोबल स्तर पर होने लगी है। एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य हासिल के लिए हर विभाग की मॉनिटरिंग हो रही है। विकास से जुड़ी योजनाओं पर काम जारी है। वहीं यूपी में प्रति व्यक्ति आय 1.09 लाख रुपये तक पहुंच गई है। योगी सरकार में सुधार जमीनी स्तर पर दिखाई पड़ रहा है। यूपी से पलायन पर लगी लगाम विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) साकेत मिश्रा ने कहा कि योगी सरकार आने के बाद यूपी से पलायन काफी कम हो हुआ है। सरकार ने शिक्षा, रोजगार समेत अन्य मामलों पर बेहतर काम किया। बदलाव छोटी-छोटी चीजों से आता है, जिस पर योगी सरकार ने पूरा ध्यान दिया। उदाहरण के तौर पर आज किसानों को आसानी से खाद मिल रही है। गरीबों का विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गुंडा राज खत्म हुआ, जिससे विकास कार्यों और निवेश की राह आसान हुई है। इस आयोजन के दौरान अन्य अतिथियों ने भी योगी सरकार के कार्यों और विकास मॉडल पर अपनी प्रतिक्रिया दी। साथ ही कार्यक्रम में मौजूद कंटेंट क्रिएटर्स के सवालों का जवाब भी दिया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर व आजमगढ़ मंडल में लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा की

​गोरखपुर.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को एनेक्सी भवन में गोरखपुर व आजमगढ़ मंडल में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने शासन तथा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से दोनों मंडलों में संचालित पुरानी व गतिमान परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि युद्धस्तर पर अभियान चलाकर सड़क निर्माण के कार्यों में तेजी लाई जाए और हर काम गुणवत्ता के साथ समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने मानसून (बरसात) से पहले की परियोजनाओं पर विशेष ध्यान देने और उन्हें समय से पूरा कराने का निर्देश दिया। बैठक में लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव ने पिछले वर्ष के कार्यों का लेखा-जोखा भी प्रस्तुत किया। ​जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों पर प्राथमिकता के आधार पर शुरू कराएं कार्य मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जनप्रतिनिधियों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर प्राथमिकता तय कर सड़कों का काम तत्काल शुरू कराया जाए, जिससे आम नागरिकों को इसका सीधा लाभ मिल सके। जून के अंत तक सभी आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त कर ली जाएं और इसके तुरंत बाद शिलान्यास कराया जाए। सभी जरूरी संसाधनों की व्यवस्था करने के बाद ही कार्य प्रारंभ किया जाए, ताकि काम बीच में न रुके और समय से पूरा हो। ​आयुक्त व जिलाधिकारी भी समय-समय पर करें समीक्षा मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना के मद्देनजर पीडब्ल्यूडी के अधिकारी गोरखपुर व आजमगढ़ मंडल के सभी विधानसभा क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर सड़कों का निर्माण कराएं। इसकी कार्ययोजना तत्काल उपलब्ध कराई जाए, ताकि समय से धनराशि स्वीकृत हो सके। साथ ही टेंडर प्रक्रिया भी समय से पूरी की जाए। कार्यों में गति लाने के लिए संबंधित कमिश्नर व जिलाधिकारी अपने-अपने स्तर पर नियमित बैठकें कर समीक्षा करें, जिससे निर्माण कार्यों की प्रगति हर हाल में सुनिश्चित हो सके। ​श्रमिकों की सुरक्षा के हों पुख्ता इंतजाम मुख्यमंत्री ने कार्यों की प्रभावी निगरानी पर जोर देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे मौके का मुआयना करें और तकनीक के माध्यम से ऑनलाइन मॉनिटरिंग भी सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने सेतु निगम के कार्यों में सुरक्षा मानकों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ नहीं होना चाहिए और उनके लिए सुरक्षा किट का पूरा इंतजाम रहे। सभी विभाग आपस में बेहतर समन्वय के साथ काम करें। ​मुख्यमंत्री ने मोहन सेतु की प्रगति की भी ली जानकारी मुख्यमंत्री ने देवरिया में निर्माणाधीन 'मोहन सेतु' के कार्यों की प्रगति की भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को कार्यस्थल का निरीक्षण करने और सेतु निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जो भी ठेकेदार 'बिलो टेंडर' ले रहे हैं, उन पर पैनी नजर रखी जाए और ऐसे लोगों को चिह्नित किया जाए। ​बैठक में केंद्रीय मंत्री व बांसगांव के सांसद कमलेश पासवान, गोरखपुर के सांसद रवि किशन, कुशीनगर के सांसद विजय दुबे, प्रदेश सरकार के मंत्री सूर्य प्रताप शाही, दयाशंकर सिंह, विजयलक्ष्मी गौतम, राज्यसभा सांसद आरपीएन सिंह, विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेंद्र सिंह, रतनपाल सिंह, विधायक श्रीराम चौहान, विपिन सिंह, फतेह बहादुर सिंह, महेंद्र पाल सिंह, प्रदीप शुक्ल, राजेश त्रिपाठी, विमलेश पासवान, सरवन निषाद, शलभ मणि त्रिपाठी, ऋषि त्रिपाठी, ज्ञानेंद्र सिंह, जयप्रकाश निषाद, पीएन पाठक, विवेकानंद पांडेय समेत गोरखपुर व आजमगढ़ मंडल के विधानसभा क्षेत्रों के विधायक मौजूद रहे।

सीएम योगी ने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति व्यक्त की संवेदना

लखनऊ.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कई जिलों में बारिश और आकाशीय बिजली गिरने से हुई जनहानि के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनहानि, पशुहानि का आकलन कर पीड़ित परिवारों को 24 घंटे में मुआवजा उपलब्ध कराएं। किसी भी आवश्यकता पर शासन को तत्काल अवगत कराएं।  शनिवार को कासगंज, चंदौली, मीरजापुर, बाराबंकी जिले में वर्षा व आकाशीय बिजली गिरने से जनहानि व पशुहानि हुई। इसकी जानकारी होने पर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि प्रशासन के आलाधिकारी प्रभावित परिवारों से संवाद बनाकर उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध करवाएं। मुख्यमंत्री ने आंधी, पानी, ओलावृष्टि आदि के मद्देनजर वरिष्ठ अधिकारियों को फील्ड में रहकर आमजन से संवाद करने और पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने को कहा।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घायलों के सम्बंध में भी जानकारी ली। आपदा पीड़ित मंडलों के आयुक्त, जनपदों के जिलाधिकारी व मुख्य चिकित्सा अधिकारी को उन्होंने निर्देश दिया कि घायलों का उचित इलाज हो, उन्हें दवाएं व स्वास्थ्य सुविधाएं समय से उपलब्ध हों। मुख्यमंत्री ने घायलों के उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।  मुख्यमंत्री ने आमजन से भी अपील की कि विपरीत मौसम में बचाव का विशेष ध्यान रखें। आंधी में होर्डिंग, ग्लोसाइन बोर्ड, बिजली के तार आदि के पास न खड़ें हों। घर के बच्चों, बुजुर्गों के साथ ही पशुओं का भी विशेष ध्यान रखें।

सीएम योगी का बयान: कृषि और विज्ञान भारत की अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत रहे हैं

लखनऊ यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि कृषि प्रधान देश भारत का किसान हमेशा से नवाचारी रहा है और खेती किसानी में नए प्रयोग कर कृषि योग्य भूमि की उत्पादक क्षमता बढ़ाने और उत्पाद की गुणवत्ता बेहतर करने में दिलचस्पी जाहिर करता रहा है। यही कारण है कि भारत में कृषि क्षेत्र कभी घाटे का सौदा नहीं रहा है। योगी ने अपने दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन शनिवार को काशी हिंदू विश्वविद्यालय में विज्ञान भारती के सातवें राष्ट्रीय अधिवेशन के उद्घाटन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि कहा, पहले किसान केवल किसान नहीं था, बल्कि वह इनोवेटर था। कृषि कभी घाटे का सौदा नहीं था। उस समय का किसान स्वयं नवाचार करता था। हमारा व्यापारी केवल व्यापारी नहीं था, बल्कि वह देश को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी था। हमारी अर्थव्यवस्था खेती-बाड़ी से जुड़ी हुई थी, जो अपने उत्पादों को दुनिया भर में पहुंचाने का काम करती थी। भारत एक कृषि प्रधान देश माना जाता है। हमारी सबसे बड़ी ताकत एमएसएमई और कृषि क्षेत्र था। विज्ञान का मतलब ही लोक कल्याण सीएम योगी विज्ञान का मतलब ही लोक कल्याण है। दुनिया के अंदर जिस भी देश ने प्रगति की है, उसके पास विज्ञान का यही भाव था। आधुनिक विज्ञान का कुल समय चार से पांच सौ साल का रहा है। भारत की प्राचीन गौरवशाली परंपरा का अध्ययन करें तो पता चलता है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की हिस्सेदारी 44 से 45 प्रतिशत थी। चार सौ साल पहले भी लगभग 24-25 प्रतिशत हिस्सेदारी हमारी थी, लेकिन स्वतंत्रता के समय हम डेढ़ से दो प्रतिशत पर आ गए थे। हमें यह देखना होगा कि ऐसा क्यों हुआ। मुख्यमंत्री ने जगदीश चंद्र बसु की दो पौधों वाली कहानी का उल्लेख करते हुए कहा कि जीवों में ही नहीं, जड़-पौधों में भी चेतना होती है। उन्होंने बचपन में अपनी मां द्वारा पौधे लगाए जाने का जिक्र किया और कहा कि ज्ञान जहां से भी आए, उसका स्वागत होना चाहिए। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले कारीगरों को बदहाल बना दिया गया था, उनके बनाए उत्पादों को बेकार बताया गया था, परिणामस्वरूप वे बाजारों से बाहर हो गए थे। 2017 के बाद एक जिला एक उत्पाद दिया जोर सीएम योगी ने कहा, 2017 के बाद हमने 'एक जिला एक उत्पाद' शुरू करके डिजाइन और पैकेजिंग पर जोर दिया। बाजार से कारीगरों को जोड़ने का काम किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय के चिकित्सा विज्ञान संस्थान में विशेषकर बुजुर्गों की स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान के लिये लगभग 150 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे 200 बिस्तरों वाले सात मंजिला अत्याधुनिक 'नेशनल सेंटर फॉर एजिंग' का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद कार्यदायी संस्था के अभियंताओं को युद्धस्तर पर कार्य कर प्राथमिकता के आधार पर समय से पहले निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए।