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यूपी में रोजगार और कौशल विकास पर फोकस, मुख्यमंत्री ने श्रम योजनाओं की व्यापक समीक्षा की

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रमिक कल्याण, कौशल विकास और रोजगार सृजन को और व्यापक तथा परिणाममुखी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। उन्होंने बाल श्रमिक विद्या योजना को प्रदेश के सभी 75 जनपदों में विस्तारित करने, ‘सेवामित्र व्यवस्था’ को और प्रभावी बनाने, निर्माण श्रमिकों के लिए बड़े शहरों में आधुनिक श्रमिक सुविधा केंद्र विकसित करने तथा रोजगार मिशन को वैश्विक अवसरों से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि श्रमिक केवल उत्पादन प्रक्रिया का हिस्सा नहीं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था और प्रगति की सबसे बड़ी शक्ति हैं। सरकार की प्राथमिकता है कि श्रमिकों, युवाओं और कमजोर वर्गों को सम्मानजनक जीवन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षित कार्य वातावरण और बेहतर रोजगार अवसर उपलब्ध हों। शनिवार को श्रम एवं सेवायोजन विभाग की विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों और प्रस्तावित योजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी बच्चा आर्थिक मजबूरी के कारण शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाल श्रम प्रभावित क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर बच्चों को विद्यालयों से जोड़ा जाए और उनके पुनर्वास की प्रक्रिया को प्रभावी बनाया जाए। 75 जनपदों में लागू करने के निर्देश दिए उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र के सहयोग से इन बच्चों के कौशल विकास की कार्ययोजना भी तैयार की जाए। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2020 में प्रारंभ की गई इस योजना के तहत 8 से 18 वर्ष आयु वर्ग के कामकाजी बच्चों को विद्यालयों में प्रवेश दिलाकर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। वर्तमान में योजना 20 जनपदों में संचालित है। मुख्यमंत्री ने इसे नए प्रावधानों के साथ प्रदेश के सभी 75 जनपदों में लागू करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने ‘सेवामित्र व्यवस्था’ को रोजगार और जनसुविधा का अभिनव मॉडल बताते हुए कहा कि तकनीक आधारित ऐसी व्यवस्थाएं युवाओं और कुशल कामगारों के लिए नए अवसर तैयार करती हैं। उन्होंने इसे और अधिक प्रभावी तथा जनोपयोगी बनाने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2021 से संचालित इस व्यवस्था के तहत नागरिक मोबाइल ऐप, वेब पोर्टल अथवा कॉल सेंटर के माध्यम से घरेलू सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं। वर्तमान में पोर्टल पर 1097 सेवा प्रदाता, 5049 सेवामित्र और 54,747 कुशल कामगार पंजीकृत हैं। मुख्यमंत्री ने सरकारी विभागों में भी आवश्यकता के अनुसार सेवामित्र व्यवस्था के उपयोग के प्रस्ताव को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने श्रम विभाग में हुए संस्थागत सुधारों की सराहना करते हुए कहा कि उद्योगों के अनुकूल वातावरण और श्रमिक हितों के बीच संतुलन बनाना सरकार की नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में अब तक 32,583 कारखाने पंजीकृत हो चुके हैं। मार्च 2017 तक जहां यह संख्या 14,176 थी, वहीं अप्रैल 2017 के बाद 18,407 नए कारखानों का पंजीकरण हुआ है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 4860 कारखानों का पंजीकरण किया गया। विभाग को बीआरएपी सुधारों के क्रियान्वयन में ‘टॉप अचीवर’ के रूप में मान्यता प्राप्त हुई है तथा उद्योग समागम 2025 में श्रम क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए सम्मानित किया गया। आवास सुविधा उपलब्ध कराना भी आवश्यक मुख्यमंत्री ने निर्माण श्रमिकों के लिए सभी औद्योगिक शहरों में प्रस्तावित श्रमिक सुविधा केंद्रों यानी ‘लेबर अड्डों’ को व्यवस्थित रूप से विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों को केवल श्रमिकों के एकत्रीकरण स्थल के रूप में नहीं, बल्कि श्रमिक सहायता एवं सुविधा केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ी संख्या में दूसरे क्षेत्रों से आने वाले श्रमिकों के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित आवास सुविधा उपलब्ध कराना भी आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कानपुर में प्रस्तावित औद्योगिक श्रमिक प्रशिक्षण संस्थान और छात्रावास योजना को कौशल विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना समय की मांग है।  

देवरिया में विकास की सौगात: 172 करोड़ की सड़क परियोजना पर जल्द काम शुरू होने के संकेत

देवरिया  जिले में विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सोनूघाट-बरहज मार्ग का कार्य शीघ्र ही शुरू हो जाएगा। इसके लिए अधिकारियों को दिशा निर्देश दे दिया गया है। यह सुनकर उमड़ी जनता ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका जोरदार स्वागत किया। सीएम के आश्वासन के बाद लोगों को उम्मीद जगी है कि अब जल्द ही इस मार्ग का निर्माण शुरू होगा। दरअसल, सोनूघाट-बरहज फोरलेन निर्माण की स्वीकृति शासन से कई माह पहले ही मिल चुकी थी। शासन ने इसके निर्माण के लिए 172 करोड़ 25 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की थी। साथ ही पहली किस्त के रूप में 10 करोड़ रुपये भी जारी कर दिए गए थे। लोक निर्माण विभाग ने टेंडर की प्रक्रिया भी पूरी कर ली थी, लेकिन विभागीय उदासीनता के चलते अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। सूत्रों के अनुसार, सड़क निर्माण के लिए मिली 10 करोड़ की पहली किस्त को बिजली विभाग को देकर विद्युत व्यवस्था दुरुस्त कराई गई, जिससे सड़क का काम लटक गया। बरहज से सोनूघाट के बीच की दूरी 21.750 किलोमीटर है। वर्तमान में इसकी चौड़ाई सात मीटर है। अब इसे फोरलेन बनाया जाएगा। प्रत्येक लेन की चौड़ाई सात मीटर होगी और दोनों लेन के बीच दो मीटर का डिवाइडर बनाया जाएगा। क्षेत्रवासी लंबे समय से इस मार्ग के चौड़ीकरण की मांग कर रहे थे। मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद अब क्षेत्र की जनता ने राहत की सांस ली है। लोगों को भरोसा है कि जल्द ही इस मार्ग का निर्माण शुरू होगा और आवागमन सुगम हो जाएगा जब-जब योगी आए देवरिया को मिली अरबों रुपये की सौगात मुख्यमंत्री ने पिछली बार 29 अप्रैल को देसही ब्लाक के पड़ियापार में आयोजित लोकार्पण व शिलान्यास कार्यक्रम में 501 परियोजनाओं पर करीब सात अरब रुपये की सौगात दी थी। इसके एक साथ बाद ही शुक्रवार को पथरदेवा, रामपुर कारखाना व सदर ब्लाक में 19 परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। जिस पर 655.45 करोड़ रुपये लागत आई है। मुख्यमंत्री ने सात विधानसभा में केवल तीन विधानसभा से जुड़े कार्य होने पर उन्होंने लोगों को जरूरत के हिसाब से आवश्यक कार्यों को पूरा करने का विश्वास दिलाया। जिसमें सोनूघाट-बरहज की सड़क का भी जल्द निर्माण कार्य कराए जाने की बात दोहराई। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने देवरिया से काफी अधिक लगाव होने की बात कही। मुख्यमंत्री के भाषण के पूर्व कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि योगी जी इसके पहले 29 अप्रैल को देवरिया आए तो सात अरब का सौगात दे गए। उन्होंने कहा कि ऐसे महान व्यक्ति का इस धरती पर बारंबार स्वागत है। वे ऐसे ही सौगात लेकर बार-बार आए ताकि क्षेत्र व जनपद का विकास हो सके।

देवरिया में सीएम योगी ने ₹655 करोड़ की 19 परियोजनाओं का किया लोकार्पण-शिलान्यास

देवरिया  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को देवरिया में ₹655 करोड़ की लागत से 19 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करते हुए कहा कि उनकी सरकार समस्याओं को टालने वाली नहीं, बल्कि समाधान देने वाली सरकार है। हम समस्याएं नहीं, समाधान देते हैं, तभी जनता जनार्दन हमें चुनती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और उत्तर प्रदेश ने विकास की नई गति पकड़ी है और अब विकास की यह यात्रा रुकने वाली नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 के बाद देश ने नए भारत का दर्शन किया है। प्रधानमंत्री मोदी जी के विजन को आगे बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने तेजी से इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को प्राथमिकता दी, क्योंकि गति जितनी तेज होगी, विकास का लाभ उतनी ही तेजी से आम जनता तक पहुंचेगा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही से कहा कि कुशीनगर में कृषि विश्वविद्यालय का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है और नए सत्र से इसे शुरू करने की तैयारी की जाए। यह विश्वविद्यालय किसानों को आधुनिक तकनीक, कम लागत और अधिक उत्पादन की दिशा में नई राह दिखाएगा।  देवरिया अब फोर लेन कनेक्टिविटी से जुड़ चुका मुख्यमंत्री ने कहा कि जब वह गोरखपुर से सांसद थे, तब उन्हें अक्सर देवरिया आना पड़ता था। उस समय प्रदेश में अराजकता, उत्पीड़न और तुष्टीकरण की राजनीति थी। गोरखपुर से देवरिया तक सड़कें बदहाल थीं, कई हिस्सों में सिंगल लेन मार्ग था और चौरी-चौरा रेलवे क्रॉसिंग पर घंटों जाम लगता था। लेकिन आज वही देवरिया फोर लेन कनेक्टिविटी से जुड़ चुका है। यहां से गोरखपुर पहुंचने का समय घट गया है। देवरिया से बलिया तक सड़क परियोजनाएं आगे बढ़ रही हैं। देवरिया-कसया फोर लेन मार्ग और बाईपास बनने से न केवल यातायात आसान होगा, बल्कि यह नॉर्थ-साउथ कनेक्टिविटी का बड़ा हिस्सा बनेगा। यह मार्ग देवरिया को मऊ, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, वाराणसी व लखनऊ से जोड़ेगा और गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे से भी लिंक होगा। इससे पूर्वांचल की कनेक्टिविटी नई ऊंचाई पर पहुंचेगी। बिना बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर विकास संभव नहीं सीएम योगी ने कहा कि अच्छी सड़कें, फ्लाईओवर, पुल और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर ही रोजगार व निवेश की नींव होते हैं। इसी सोच के तहत देवरिया से कसया, बरहज मार्ग, फ्लाईओवर और अन्य पुलों के लिए सरकार ने धनराशि स्वीकृत की है। यह सिर्फ शुरुआत है, अंत नहीं। देवरिया में बाईपास निर्माण तेजी से चल रहा है और सभी विकास परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाएगा। जनता से जुड़े हर प्रोजेक्ट को प्राथमिकता के आधार पर मंजूरी दी जा रही है। हाल में पीडब्ल्यूडी की कार्ययोजना को लेकर सांसदों-विधायकों के साथ बैठक में सभी आवश्यक परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। मेडिकल कॉलेज, आईटीआई और स्किल डेवलपमेंट पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ वर्ष पहले कोई सोच भी नहीं सकता था कि देवरिया में मेडिकल कॉलेज बनेगा, लेकिन आज महर्षि देवरहा बाबा के नाम पर सरकारी मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहा है। जल्द ही नए जिला अस्पताल के निर्माण की दिशा में भी कार्य होगा। आईटीआई सिर्फ तकनीकी संस्थान नहीं, बल्कि इसे स्किल डेवलपमेंट का केंद्र बनाया गया है। युवाओं को प्रशिक्षित कर उद्योगों से जोड़ा जाएगा। इससे रोजगार बढ़ेगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया’ से ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज’ मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले की कानून व्यवस्था पर हमला बोलते हुए कहा कि उस समय हर जिले में माफिया सक्रिय थे। त्योहारों पर उपद्रव, गरीबों की जमीनों पर कब्जा, बेटियों और व्यापारियों में भय का माहौल था। शाम होते ही बेटियों को घरों में रहना पड़ता था और व्यापारी दुकानें बंद कर देते थे। आज उत्तर प्रदेश की पहचान बदल चुकी है। “वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया” की जगह “वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज” और “वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट” ने ले ली है। अब प्रदेश में बेटियां सुरक्षित हैं, व्यापारी बेखौफ व्यापार कर रहे हैं और कोई भी गुंडा टैक्स वसूलने की हिम्मत नहीं कर सकता। प्रदेश की बेटियां नाइट शिफ्ट में भी काम कर रही हैं और यदि कोई शोहदा छेड़छाड़ का दुस्साहस करता है तो अगले चौराहे पर यमराज उसका टिकट काटने के लिए तैयार बैठे रहते हैं। किसानों, गरीबों व कर्मचारियों को मिल रहा योजनाओं का लाभ मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को गन्ने का ₹400 प्रति क्विंटल मूल्य दिया जा रहा है, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है और कृषि योजनाओं के जरिए उनकी आय बढ़ाने का प्रयास हो रहा है। गरीबों को बिना भेदभाव प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, राशन और उज्ज्वला योजना जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। शिक्षकों, अनुदेशकों और रसोइयों को भी कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा से जोड़ा गया है, जिससे सामाजिक सुरक्षा का दायरा और मजबूत हुआ है। आपके वोट ने बदल दी उत्तर प्रदेश की पहचान मुख्यमंत्री ने कहा कि देवरिया की जनता ने 2022 चुनाव में भाजपा को सातों विधानसभा सीटें जिताकर बड़ा समर्थन दिया। इसलिए सरकार देवरिया की किसी भी विकास परियोजना को रुकने नहीं देगी। उन्होंने सलेमपुर, तमकुही, बरहज, रुद्रपुर, पथरदेवा, रामपुर कारखाना समेत सभी क्षेत्रों के विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने का भरोसा दिलाया। उन्होंने पूर्व सपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि तब मोहन सिंह सेतु के लिए केवल “टोकन मनी” दी गई थी, जबकि अब सरकार समयबद्ध तरीके से पुल निर्माण पूरा कराएगी और धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। माफिया मिट्टी में मिल गए, उत्तर प्रदेश की पहचान बदल गई मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश की पहचान गुंडों व माफियाओं से होती थी, लेकिन आज पूरे देश में यूपी का नाम सम्मान व गर्व के साथ लिया जाता है। यूपी विरासत और विकास, दोनों का संगम बन चुका है। अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन, नैमिषारण्य, विंध्यधाम, प्रयागराज और कुशीनगर का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का पुनर्जागरण हुआ है। अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर जनता के वोट की ताकत और डबल इंजन सरकार के संकल्प का परिणाम है। उन्होंने जनता से विकास और सुशासन के लिए भाजपा जनप्रतिनिधियों को लगातार आशीर्वाद देने की अपील भी की। हमारी पहचान राम से, कृष्ण से और बाबा विश्वनाथ से बन गई है मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश की पहचान पूरी दुनिया में बदल चुकी है। अरुणाचल, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल … Read more

देवरिया दौरे पर विवाद: विकास योजनाओं से नाराजगी और विपक्ष पर प्रशासनिक कार्रवाई के आरोप

देवरिया यूपी के देवरिया जिले के भीमपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन से पहले ही रात से ही सपा नेता समेत कई संगठनों के लोगों पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया गया था। ताकि वह किसी तरह का आंदोलन न कर सके। विपक्षी दल आवाज दबाने वाली कार्रवाई बता रहे हैं। सपा नेता अवनीश यादव को भी हाउस अरेस्ट किया गया था। मुख्यमंत्री के दौरे में घोषित परियोजनाओं की सूची में बरहज व रुद्रपुर क्षेत्र के लिए एक भी योजना शामिल नहीं है, जिससे स्थानीय जनता ठगा हुआ महसूस कर रही है। यादव ने बताया कि बरहज की जनता ने भाजपा को सांसद से लेकर विधायक तक जिताया है, फिर भी विकास योजनाओं में क्षेत्र को नजरअंदाज किया गया। सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष गेंदा लाल यादव को उनके घर पर नजरबंद किया गया था। बैतालपुर चीनी मिल को चालू कराने और बैतालपुर रेलवे ढाले पर ओवरब्रिज निर्माण की मांग को लेकर आंदोलन चला रहे “चीनी मिल चलाओ संघर्ष समिति” के अध्यक्ष बृजेंद्र मणि त्रिपाठी को भी पुलिस ने देर रात घर पर हाउस अरेस्ट कर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने से रोकने के लिए प्रशासन ने यह कार्रवाई की है। खुखुन्दू ब्लॉक बनाओ संघर्ष समिति के संरक्षक नथुन राय और अध्यक्ष सोबराती किदवई को भी पुलिस ने हाउस अरेस्ट किया। बताया जा रहा है कि ये दोनों मुख्यमंत्री को खुखुन्दू को ब्लॉक बनाए जाने संबंधी ज्ञापन सौंपने वाले थे। उधर ऋषि पांडेय समेत कई अन्य लोगों को भी पुलिस रात से ही हाउस अरेस्ट कर रखी है। मुख्यमंत्री को लेकर मेडिकल कॉलेज में सेफ हाउस सीएम के भीमपुर में कार्यक्रम को लेकर मेडिकल कॉलेज प्रशासन चौकन्ना रहा। नए भवन के तीसरी मंजिल पर सेफ हाऊस बनाया गया, जो जीवन रक्षक प्रणाली सहित अन्य उपकरणों से लैस है। चार विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ अन्य कर्मचारियों की तैनाती की गई। सेफ हाऊस में अत्याधुनिक उपकरण वेंटिलेटर, एचएफएएनसी, मानीटर, ग्लूकोमीटर, वाइपैप के अलावा अन्य उपकरण से लैस किया गया। यहां मेडिसिन विभाग के डॉ. ओमकार मिश्रा के नेतृत्व में विशेषज्ञ चिकित्सक सर्जन डॉ. मानवेंद्र सिंह, आर्थो सर्जन डॉ. रजनीश कुमार, एनेस्थेटिक डॉ. प्रशांत शाही के अलावा चीफ फार्मासिस्ट अशोक राय, नर्सिंग आफिसर सुमैरा सलीम, पूजा प्रसाद, एमपीडब्लू सिन्टू व सफाई कर्मी गोविन्द की ड्यूटी लगाई गई। कड़ी सुरक्षा रही मुख्यमंत्री शुक्रवार को देवरिया के भीमपुर आए। मुख्यमंत्री व कार्यक्रम की सुरक्षा व्यवस्था चार एएसपी ने संभाली। साथ ही कुल 963 पुलिस कर्मियों की कार्यक्रम को सकुशल संपन्न कराने के लिए तैनाती की गई थी।

भीषण गर्मी पर योगी सरकार अलर्ट, अस्पताल-बिजली-पानी व्यवस्था की होगी लगातार निगरानी

लखनऊ यूपी में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों को लेकर पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। सीएम योगी कहा है कि जनसामान्य को हीट स्ट्रोक, निर्जलीकरण और गर्मी से होने वाली अन्य समस्याओं से बचाने के लिए सभी विभाग समन्वय बनाकर कार्य करें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, बिजली विभाग और राहत एजेंसियां अलर्ट मोड में रहें तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। साथ ही बच्चों और बुजुर्गों का ध्यान रखने को लेकर लोगों से खास अपील की। मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों को अस्पतालों, पेयजल व्यवस्था और बिजली आपूर्ति की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि गर्मी के इस दौर में आमजन को सबसे अधिक परेशानी बिजली कटौती और पानी की कमी से होती है, इसलिए इन दोनों व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखना प्राथमिकता होनी चाहिए। सभी जिलाधिकारी अपने-अपने जनपदों में नियमित समीक्षा करें और जहां भी समस्या हो, उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने सरकारी अस्पतालों में हीट स्ट्रोक से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि अस्पतालों में आवश्यक दवाएं, बेड, आईवी फ्लूइड और डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि मरीजों को समय पर उपचार मिल सके। साथ ही एंबुलेंस सेवाओं को भी सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे आपात स्थिति में मरीजों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया जा सके। दोपहर में बच्चों को अनावश्यक बाहर न निकलने दें सीएम योगी ने कहा कि भीषण गर्मी के दौरान बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखा जाए, क्योंकि ये वर्ग सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि दोपहर के समय बच्चों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने दें और उन्हें पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाते रहें। उन्होंने बुजुर्गों को भी तेज धूप से बचाने और उनकी नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी। मुख्यमंत्री ने लोगों से ढीले सूती कपड़े पहनने की अपील की है। उन्होंने कहा कि हल्के रंग के सूती वस्त्र शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं और गर्मी से राहत देते हैं। इसके साथ ही अधिक से अधिक पानी पीने, ओआरएस और नींबू पानी जैसे पेय पदार्थों का सेवन करने तथा धूप में निकलते समय सिर को ढकने जैसे उपाय अवश्य अपनाए जाएं। कार्यस्थलों पर पेयजल व छाया सुनिश्चित की जाए सीएम योगी ने आग लगने की घटनाओं को लेकर भी लोगों और अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में छोटी सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। खेतों, बाजारों, गोदामों और रिहायशी इलाकों में अग्नि सुरक्षा उपायों को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाए। ऐसी कोई भी लापरवाही न की जाए, जिससे आग लगने का अंदेशा हो। उन्होंने फायर विभाग को भी पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने श्रमिकों और मजदूरों की सुरक्षा को लेकर भी विशेष चिंता जताई। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्यों और खुले स्थानों पर काम करने वाले श्रमिकों को लू, थकावट और निर्जलीकरण से बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। श्रमिकों से लगातार काम न कराएं कार्यस्थलों पर पेयजल, छाया व प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। अत्यधिक गर्मी के समय श्रमिकों से लगातार काम न कराया जाए और उन्हें समय-समय पर आराम दिया जाए। सीएम योगी ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखें। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से भी आमजन के बीच जागरूकता फैलाने को कहा है, ताकि लोग गर्मी व लू से बचाव के उपायों को अपनाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनता की सुरक्षा व सुविधा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी स्थिति में लोगों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।

महिला एवं बाल सुरक्षा पर योगी सरकार का फोकस ,त्वरित कार्रवाई से टले बाल विवाह

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में महिला एवं बाल सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती और प्रशासनिक सक्रियता का असर जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है। औरैया जिले में प्रशासन, पुलिस, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और बाल कल्याण समिति की संयुक्त कार्रवाई से दो बहनों का बाल विवाह समय रहते रुकवाया गया। इस कार्रवाई ने न सिर्फ दो बेटियों के जीवन और शिक्षा को सुरक्षित किया, बल्कि समाज में कानून के प्रति बढ़ती जागरूकता का भी संदेश दिया। यह मामला औरैया जिले के थाना ऐरवाकटरा क्षेत्र के एक गांव का है। जहां संरक्षण अधिकारी रीना चौहान को 1098 हेल्पलाइन के जरिए सूचना मिली कि दो नाबालिगों का विवाह कराया जा रहा है। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और संबंधित विभागों की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जांच में सामने आई नाबालिगों की उम्र इस दौरान पता चला कि एक बहन की उम्र अभिलेखों में 18 वर्ष दर्ज है, लेकिन जिस लड़के से उसका विवाह तय था, उसकी उम्र मात्र 17 वर्ष 4 माह पाई गई। वहीं दूसरी की उम्र केवल 14 वर्ष 11 दिन निकली। इस प्रकार दोनों विवाह बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत अवैध पाए गए। रेस्क्यू टीम ने परिजनों को कानून की जानकारी देते हुए बताया कि विवाह के लिए लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़के की 21 वर्ष होना अनिवार्य है।  शिक्षा और सुरक्षा योगी सरकार की प्राथमिकता योगी सरकार लगातार यह संदेश देने का प्रयास कर रही है कि बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले भी अधिकारियों को निर्देश दे चुके हैं कि बाल विवाह, महिला उत्पीड़न और बाल श्रम जैसी घटनाओं पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाए। इसी का परिणाम है कि प्रशासनिक टीमें संवेदनशील मामलों में तत्काल हस्तक्षेप कर रही हैं। बाल विवाह रोकने की ऐसी घटनाएं समाज में सकारात्मक बदलाव का संकेत हैं। इससे न केवल बेटियों को शिक्षा जारी रखने का अवसर मिलता है, बल्कि उनके स्वास्थ्य, आत्मनिर्भरता और भविष्य को भी मजबूती मिलती है। सीएम योगी के मार्गदर्शन में तत्काल की जा रही कार्रवाई: निदेशक सी. इंदुमती महिला कल्याण निदेशालय की निदेशक सी. इंदुमती ने बताया कि बाल विवाह की सूचना मिलते ही औरैया जिला प्रशासन, पुलिस, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और बाल कल्याण समिति की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। जांच में उम्र वैधानिक विवाह आयु से कम पाई गई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत निरंतर महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा रहा है, इसके अलावा बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ समय- समय पर जागरूकता अभियान चलाया जाता है। किसी भी सूचना पर प्रशासन, पुलिस और बाल संरक्षण इकाइयां तत्काल कार्रवाई कर रहीं हैं। हमारा उद्देश्य केवल बाल विवाह रोकना ही नहीं, बल्कि बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना है।

योगी सरकार का डेयरी मास्टर प्लान : 2 से 25 गाय तक लाखों का अनुदान, किसानों को सीधा फायदा

साहीवाल, गिर, गंगातीरी, सिंधी नस्लों के संरक्षण पर फोकस, डेयरी सेक्टर में बड़ा विस्तार उच्च गुणवत्ता एवं उत्पादकता वाली स्वदेशी नस्ल की गाय पालने के लिए मिल रहा प्रोत्साहन 15 फीसदी निवेश, 35 फीसदी ऋण और 50% मिल रही सब्सिडी लखनऊ  उत्तर प्रदेश में स्वदेशी गायों के संरक्षण और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए योगी सरकार ने बड़ा डेयरी मास्टर प्लान तैयार किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश में चार बड़ी योजनाओं को लागू किया गया है, जिनके जरिए स्वदेशी नस्ल की गायों को बढ़ावा देने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दी जा रही है। योगी सरकार की इस रणनीति को ‘ऑपरेशन-4’ के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि इसके केंद्र में चार प्रमुख योजनाएं हैं। इनमें मुख्यमंत्री स्वदेशी गो संवर्धन योजना, मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना, नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना और मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना शामिल हैं। इन योजनाओं के जरिए 2 गाय से लेकर 25 गाय तक की डेयरी इकाइयों पर लाखों रुपये का अनुदान दिया जा रहा है। 50 फीसदी तक सब्सिडी, किसानों को बड़ा सहारा पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया कि योगी सरकार उन्नत स्वदेशी नस्ल की गायों को पालने के लिए भारी सब्सिडी दे रही है। नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना और मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना में डेयरी स्थापना और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए 50 फीसदी तक अनुदान दिया जा रहा है। योजनाओं का वित्तीय मॉडल भी खास है। इसमें 15 फीसदी लाभार्थी निवेश, 35 फीसदी बैंक ऋण और 50 फीसदी सरकारी सब्सिडी तक का प्रावधान किया गया है। इससे छोटे और मध्यम किसानों के लिए डेयरी व्यवसाय शुरू करना आसान हो रहा है। 2 गाय पर 80 हजार तक अनुदान मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना के तहत दो गायों की इकाई पर अधिकतम 80 हजार रुपए तक अनुदान दिया जा रहा है। इससे प्रदेश में बड़े स्तर पर आधुनिक डेयरी नेटवर्क विकसित होगा। मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना के तहत उच्च गुणवत्ता एवं अधिक दूध देने वाली स्वदेशी नस्ल की गायों को पालने वाले पशुपालकों को 10 हजार से 15 हजार तक प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। इससे बेहतर नस्लों के संरक्षण और दुग्ध उत्पादन दोनों को बढ़ावा मिल रहा है। गिर, साहीवाल और गंगातीरी नस्ल पर विशेष फोकस योगी सरकार का फोकस गिर, साहीवाल और गंगातीरी जैसी उन्नत स्वदेशी नस्लों के संरक्षण और संवर्धन पर है। इन योजनाओं से गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। महिलाओं और युवाओं को डेयरी सेक्टर से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की रणनीति पर तेजी से काम हो रहा है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है। योजनाओं ने पकड़ी रफ्तार, गांव-गांव बढ़ रहा डेयरी नेटवर्क पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया कि योगी सरकार की स्वदेशी गो आधारित योजनाओं का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। मुख्यमंत्री स्वदेशी गो-संवर्धन योजना के तहत डेढ़ हजार से अधिक इकाइयां स्थापित हो चुकी हैं, जबकि प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना में सवा सात हजार से ज्यादा पुरस्कार वितरित किए गए हैं। वहीं नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना में 72 और मिनी नन्दिनी योजना में 245 डेयरी इकाइयों की स्थापना कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दी जा रही है।

योगी सरकार के एक्सप्रेसवे, फ्रेट कॉरिडोर, एयरपोर्ट और लॉजिस्टिक्स पार्क बदल रहे प्रदेश की आर्थिक तस्वीर

वेयरहाउसिंग, एग्री-लॉजिस्टिक्स और डिजिटल गवर्नेंस से निवेशकों का बढ़ा भरोसा लीड्स 2025 में “एग्जम्पलर” सम्मान के साथ यूपी ने बनाई राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान लखनऊ,  पूर्वांचल से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक तेजी से विकसित हो रहा मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स नेटवर्क अब प्रदेश की नई आर्थिक ताकत बनकर उभर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में एक्सप्रेसवे, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब, एयरपोर्ट और वेयरहाउसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का ऐसा व्यापक नेटवर्क तैयार किया जा रहा है, जिसने उत्तर प्रदेश को देश के सबसे तेजी से विकसित हो रहे लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी हब में शामिल कर दिया है। यही वजह है कि प्रतिष्ठित लीड्स 2025 रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश को “एग्जम्पलर” श्रेणी में स्थान मिला है। अन्य लैंडलॉक राज्यों से बेहतर रहा प्रदर्शन रिपोर्ट के अनुसार इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स सेवाओं, रेगुलेटरी वातावरण और डिजिटल सिस्टम जैसे प्रमुख मानकों पर उत्तर प्रदेश का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत और अन्य लैंडलॉक राज्यों से बेहतर रहा है। सड़क, रेल, एयरपोर्ट, टर्मिनल इंफ्रास्ट्रक्चर और फर्स्ट एवं लास्ट माइल कनेक्टिविटी में हुए सुधारों ने प्रदेश को निवेश और औद्योगिक विकास का नया केंद्र बना दिया है। योगी सरकार द्वारा विकसित पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे और निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे पूर्वी, मध्य और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और प्रमुख औद्योगिक शहरों से जोड़ रहे हैं। इससे माल परिवहन तेज हुआ है और उद्योगों को सप्लाई चेन में बड़ी सहूलियत मिल रही है। मैन्युफैक्चरिंग, वेयरहाउसिंग और सप्लाई चेन नेटवर्क को मिल रही मजबूती प्रदेश की रणनीतिक स्थिति को ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर ने और मजबूत किया है। ग्रेटर नोएडा के दादरी में 7,000 करोड़ रुपये से अधिक लागत से विकसित हो रहा मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब उत्तर भारत में कार्गो, कंटेनर मूवमेंट और वेयरहाउसिंग का प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है। वहीं बोराकी रेलवे स्टेशन पर मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब तथा कानपुर, गोरखपुर और टप्पल-बजना में नए लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित किए जा रहे हैं। यही नहीं, गंगा एक्सप्रेसवे कॉरिडोर के किनारे मेरठ, हापुड़, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक क्लस्टर्स विकसित करने की योजना है। इससे मैन्युफैक्चरिंग, वेयरहाउसिंग और सप्लाई चेन नेटवर्क को नई मजबूती मिलेगी। एग्री-लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग सेक्टर का भी तेजी से विस्तार प्रदेश में एग्री-लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग सेक्टर का भी तेजी से विस्तार हो रहा है। मल्टी-कमोडिटी कूलिंग सेंटर, कोल्ड स्टोरेज यूनिट्स और आधुनिक लॉजिस्टिक्स सुविधाएं कृषि उत्पादों की स्टोरेज और वितरण व्यवस्था को मजबूत कर रही हैं। ई-कॉमर्स, रिटेल, फूड प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट आधारित उद्योगों के लिए समर्पित वेयरहाउसिंग सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर भी उत्तर भारत के सबसे बड़े एविएशन और कार्गो गेटवे के रूप में उभर रहा है। एयरपोर्ट की एक्सप्रेसवे और फ्रेट कॉरिडोर से सीधी कनेक्टिविटी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में विश्वस्तरीय मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम तैयार कर रही है। इसके साथ ही वाराणसी मल्टीमॉडल टर्मिनल और इनलैंड वाटरवे नेटवर्क के जरिए नदी आधारित लॉजिस्टिक्स को भी मजबूत किया जा रहा है, जिससे कम लागत वाले कार्गो परिवहन और मल्टीमॉडल फ्रेट इंटीग्रेशन को बढ़ावा मिलेगा। डिजिटल सिस्टम और निवेश सुधारों से बढ़ा भरोसा प्रदेश सरकार ने लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग सेक्टर में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए कई सुधार लागू किए हैं। ‘निवेश मित्र’ सिंगल विंडो सिस्टम और जीआईएस आधारित डिजिटल प्लानिंग टूल्स के जरिए अनुमोदन प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाया गया है। राज्य में लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग सेक्टर में हजारों करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव स्वीकृत किए जा चुके हैं। लीड्स 2025 में मिली यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि उत्तर प्रदेश अब केवल एक लैंडलॉक राज्य नहीं, बल्कि भारत की भविष्य की सप्लाई चेन, मैन्युफैक्चरिंग और आर्थिक विकास का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।

भाजपा के जिला प्रशिक्षण वर्ग के उद्घाटन सत्र में बोले सीएम योगी

संस्थापकों के मूल्यों और आदर्शों पर देश की एकता-अखंडता के लिए कार्य करता है भाजपा कार्यकर्ता गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाज कांग्रेस, सपा, राजद, टीएमसी, डीएमके या ऐसे ही भ्रष्टाचार में डूबे अन्य दलों के आचरण को सम्मान नहीं देता है। भाजपा कार्यकर्ता को समाज में सम्मान इसलिए मिलता है कि इस पार्टी के कार्यकर्ता में राष्ट्रवाद और भारतीयता का आचरण मिलता। भाजपा का कार्यकर्ता पार्टी के संस्थापकों के मूल्यों और आदर्शों पर चलते हुए देश की एकता और अखंडता के लिए शुचिता और पारदर्शिता से आचरण और तदनुरूप कार्य करता है। सीएम योगी रविवार को गोरखपुर के सहजनवा विधानसभा क्षेत्र स्थित तेनुआ टोल प्लाजा के समीप एक रिजॉर्ट में भाजपा के जिला प्रशिक्षण वर्ग के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान 2026 के अंतर्गत पार्टी की जिला इकाई की तरफ से आयोजित इस प्रशिक्षण वर्ग में शामिल प्रतिभागियों को ‘राष्ट्र प्रथम’ के भाव से अनवरत आगे बढ़ते रहने को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा, संस्कृति, सुशासन और समृद्धि को जोड़ने का काम करने वाली भाजपा एकलौती पार्टी है। केंद्र और भाजपा की राज्य सरकारों ने इसी को अपने कार्यक्रमों का आधार बनाया है। भाजपा के लिए राष्ट्र प्रथम, दल द्वितीय ‘भाजपा का इतिहास और विकास’ विषय पर केंद्रित जिला प्रशिक्षण वर्ग के उद्घाटन सत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्थापना के 50 वर्ष से भी कम समय में भाजपा ने दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक दल के रूप में केंद्र और देश के 22 राज्यों में राष्ट्रवाद की विचारधारा को लागू करने के अभियान को आगे बढ़ाया है। भाजपा देश ही नहीं दुनिया का एकमात्र राजनीतिक दल है जिसने हमेशा और मजबूती से यह घोषणा की है कि राष्ट्र प्रथम, दल द्वितीय और व्यक्ति का हित अंतिम होना चाहिए। सीएम योगी ने कहा कि राष्ट्र प्रथम के भाव से पार्टी के संस्थापकों ने जो मूल्य, आदर्श और संस्कार दिए हैं, उन्हीं का अनुसरण करते हुए कार्यकर्ता जब राष्ट्रवाद की बात करते हैं तो देश ही नहीं दुनिया के भारतवंशियों के सामने पार्टी के रूप में सिर्फ भाजपा का ही चेहरा और कमल का फूल चुनाव निशान सामने होता है। संविधान ठीक से लागू भी नहीं हुआ कि कांग्रेस ने शुरू कर दिया तुष्टिकरण का खेल सीएम योगी ने कहा कि 26 नवंबर 1949 को भारत का संविधान निर्मित हुआ और 26 जनवरी 1950 को भारत ने अपना संविधान अंगीकार किया। देश में संसदीय प्रणाली लागू हुई। पर, अभी पहला आम चुनाव भी नहीं हुआ कि कांग्रेस ने तुष्टिकरण के जिन कारणों से देश का विभाजन हुआ था, उसे ही फिर से भारत की राजनीति का हिस्सा बनाना प्रारंभ कर दिया। अभी संविधान ठीक ढंग से लागू होना प्रारंभ ही नहीं हुआ कि कांग्रेस ने तुष्टिकरण का खेल प्रारंभ किया। सीएम योगी ने कहा कि तब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को लगा कि एक ऐसा दल गठित करना चाहिए जो भारत की राष्ट्रीयता और बेहतर भविष्य के लिए कार्ययोजना बनाने में योगदान दे सके। तब भारत सरकार के मंत्री पद से इस्तीफा देकर देश के लिए लड़ने वाले, वीर बलिदानी, महान शिक्षाविद डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को भारतीय जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष के रूप में यह जिम्मेदारी दी गई। डॉ. मुखर्जी ने कांग्रेस के संविधान विरोधी कृत्य के खिलाफ उठाई आवाज मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के न चाहने के बावजूद कांग्रेस सरकार ने देश से विश्वासघात करते हुए कश्मीर में धारा 370 और परमिट सिस्टम लागू कर दिया। इसके खिलाफ सबसे पहले डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने आवाज उठाई। उस समय उन्होंने कहा था कि एक देश मे दो विधान, दो प्रधान, दो निशान नही चलेंगे। जब सरकार नहीं मानी तो वे इस अनैतिक, भारत विरोधी, संविधान विरोधी कृत्य का विरोध करने कश्मीर गए। कश्मीर में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और विश्वासघात कर जेल में उनकी हत्या करवा दी गई। दीनदयाल उपाध्याय ने की अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति की वकालत मुख्यमंत्री ने कहा कि बलिदानों की यह परंपरा आगे बढ़ती है। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बाद पंडित दीनदयाल उपाध्याय भारतीय जनसंघ के मूल्यों और आदर्शों को आगे बढ़ाने का गुरुतर दायित्व दिया गया। पंडित उपाध्याय एक ऐसे विचारक थे जिन्होंने अंतिम पायदान पर बैठे हुए व्यक्ति के लिए भी शासन की योजनाओं का लाभ देने की बात कही, उसकी वकालत की। पंडित उपाध्याय ने कहा था कि समृद्धि का आधार ऊंचे पायदान पर बैठा हुआ व्यक्ति नहीं हो सकता। समाज के अंतिम पायदान पर बैठे हुए व्यक्ति के चेहरे पर खुशहाली ही राष्ट्र की समृद्धि का आधार होना चाहिए। पंडित दीनदयाल उपाध्याय के साथ भी विश्वासघात हुआ और उनकी असमय मृत्यु हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि 1977 में जब पहली बार गैर कांग्रेसी सरकार का गठन हुआ तो उसका श्रेय पंडित दीनदयाल उपाध्याय को जाता है। सीएम ने कहा कि जनसंघ का प्रवेश जब अटल-आडवाणी युग में होता है तो देश में लोकतंत्र बचाने के लिए इसका विलय जनता पार्टी में कर दिया जाता है। जनता पार्टी सरकार का प्रयोग पूरी तरह सफल नहीं हो पाया तो उसके अनेक कारण थे। पीएम मोदी के नेतृत्व में साकार हुए पार्टी संस्थापकों के विचार मुख्यमंत्री ने कहा कि 6 अप्रैल 1980 को भारतीय जनता पार्टी का गठन श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के नेतृत्व में होता है। गठन के उपरांत 1985 के संसदीय चुनाव में भाजपा के मात्र दो सांसद जीते थे। आज देश ही नहीं दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक दल के रूप में भाजपा का उदय दुनिया के अंदर कहीं और नहीं देखने को मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी के संस्थापकों ने स्थापना काल में जो कुछ सोचा था, पिछले 11 वर्ष के अंदर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वह सब कुछ साकार हुआ है। अध्यक्ष, सीएम और पीएम तक बन सकता है भाजपा कार्यकर्ता सीएम योगी ने कहा कि लोकतंत्र मजबूत होना चाहिए। परिवारवाद, क्षेत्रवाद, मत और मजहब से ऊपर उठकर हमें देश के बारे में सोचना चाहिए। भाजपा यही करती है। उन्होंने कहा कि अकेले भाजपा ही ऐसी पार्टी है जिसमें एक बूथ का अध्यक्ष भी एक समय पार्टी का प्रदेश और देश का … Read more

गोरखपुर में गरजे सीएम योगी, बोले- बूथ जीता तो चुनाव जीता

गोरखपुर  उत्तर प्रदेश में अगले साल यानी 2027 में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी तैयारी में जुटे हैं। इस बीच रविवार को गोरखपुर में भाजपा की जिला इकाई द्वारा आयोजित कार्यकर्ता प्रशिक्षण वर्ग में सीएम योगी आदित्यनाथ भी पहुंच गए। सीएम योगी ने इस मौके पर कार्यकर्ताओं को उत्साह से भरते हुए जीत का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि यह केवल भाजपा में हो सकता है कि कोई बूथ अध्यक्ष पार्टी का प्रदेश या राष्ट्रीय अध्यक्ष बन जाए। वह मुख्यमंत्री-प्रधानमंत्री तक बन सकता है। कारण, यहां पर परिवार नहीं बल्कि पार्टी और कार्यकर्ता मायने रखता है। सीएम ने कहा कि समाज कांग्रेस, सपा, राजद, टीएमसी, डीएमके या ऐसे ही भ्रष्टाचार में डूबे अन्य दलों के आचरण को सम्मान नहीं देता है। भाजपा कार्यकर्ता को समाज में सम्मान इसलिए मिलता है कि इस पार्टी के कार्यकर्ता के आचरण में राष्ट्रवाद और भारतीयता का भाव है। भाजपा का कार्यकर्ता पार्टी के संस्थापकों के मूल्यों और आदर्शों पर चलते हुए देश की एकता और अखंडता के लिए शुचिता और पारदर्शिता से आचरण और तदनुरूप कार्य करता है। सीएम योगी रविवार को गोरखपुर के सहजनवा विधानसभा क्षेत्र स्थित तेनुआ टोल प्लाजा के समीप एक रिजॉर्ट में भाजपा के जिला प्रशिक्षण वर्ग के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान 2026 के अंतर्गत पार्टी की जिला इकाई की तरफ से आयोजित इस प्रशिक्षण वर्ग में शामिल प्रतिभागियों को ‘राष्ट्र प्रथम’ के भाव से अनवरत आगे बढ़ते रहने को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा, संस्कृति, सुशासन और समृद्धि को जोड़ने का काम करने वाली भाजपा एकलौती पार्टी है। केंद्र और भाजपा की राज्य सरकारों ने इसी को अपने कार्यक्रमों का आधार बनाया है। भाजपा के लिए राष्ट्र प्रथम, दल द्वितीय ‘भाजपा का इतिहास और विकास’ विषय पर केंद्रित जिला प्रशिक्षण वर्ग के उद्घाटन सत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्थापना के 50 वर्ष से भी कम समय में भाजपा ने दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक दल के रूप में केंद्र और देश के 22 राज्यों में राष्ट्रवाद की विचारधारा को लागू करने के अभियान को आगे बढ़ाया है। भाजपा देश ही नहीं दुनिया का एकमात्र राजनीतिक दल है जिसने हमेशा और मजबूती से यह घोषणा की है कि राष्ट्र प्रथम, दल द्वितीय और व्यक्ति का हित अंतिम होना चाहिए। सीएम योगी ने कहा कि राष्ट्र प्रथम के भाव से पार्टी के संस्थापकों ने जो मूल्य, आदर्श और संस्कार दिए हैं, उन्हीं का अनुसरण करते हुए कार्यकर्ता जब राष्ट्रवाद की बात करते हैं तो देश ही नहीं दुनिया के भारतवंशियों के सामने पार्टी के रूप में सिर्फ भाजपा का ही चेहरा और कमल का फूल चुनाव निशान सामने होता है। संविधान ठीक से लागू भी नहीं हुआ कि कांग्रेस ने शुरू कर दिया तुष्टिकरण का खेल सीएम योगी ने कहा कि 26 नवंबर 1949 को भारत का संविधान निर्मित हुआ और 26 जनवरी 1950 को भारत ने अपना संविधान अंगीकार किया। देश मे संसदीय प्रणाली लागू हुई। पर, अभी पहला आम चुनाव भी नहीं हुआ कि कांग्रेस ने तुष्टिकरण के जिन कारणों से देश का विभाजन हुआ था, उसे ही फिर से भारत की राजनीति का हिस्सा बनाना प्रारंभ कर दिया। अभी संविधान ठीक ढंग से लागू होना प्रारंभ ही नहीं हुआ कि कांग्रेस ने तुष्टिकरण का खेल प्रारंभ किया। सीएम योगी ने कहा कि तब राष्ट्रीय स्वयं सेवकसंघ को लगा कि एक ऐसा दल गठित करना चाहिए जो भारत की राष्ट्रीयता और बेहतर भविष्य के लिए कार्ययोजना बनाने में योगदान दे सके। तब भारत सरकार के मंत्री पद से इस्तीफा देकर देश के लिए लड़ने वाले, वीर बलिदानी, महान शिक्षाविद डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को भारतीय जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष के रूप में यह जिम्मेदारी दी गई। डॉ. मुखर्जी ने कांग्रेस के संविधान विरोधी कृत्य के खिलाफ उठाई आवाज मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के न चाहने के बावजूद कांग्रेस सरकार ने देश से विश्वासघात करते हुए कश्मीर में धारा 370 और परमिट सिस्टम लागू कर दिया। इसके खिलाफ सबसे पहले डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने आवाज उठाई। उस समय उन्होंने कहा था कि एक देश मे दो विधान, दो प्रधान, दो निशान नही चलेंगे। जब सरकार नहीं मानी तो वे इस अनैतिक, भारत विरोधी, संविधान विरोधी कृत्य का विरोध करने कश्मीर गए। कश्मीर में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और विश्वासघात कर जेल में उनकी हत्या करवा दी गई। दीनदयाल उपाध्याय ने की अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति की वकालत मुख्यमंत्री ने कहा कि बलिदानों की यह परंपरा आगे बढ़ती है। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बाद पंडित दीनदयाल उपाध्याय भारतीय जनसंघ के मूल्यों और आदर्शों को आगे बढ़ाने का गुरुत्तर दायित्व दिया गया। पंडित उपाध्याय एक ऐसे विचारक थे जिन्होंने अंतिम पायदान पर बैठे हुए व्यक्ति के लिए भी शासन की योजनाओं का लाभ देने की बात कही, उसकी वकालत की। पंडित उपाध्याय ने कहा था कि समृद्धि का आधार ऊंचे पायदान पर बैठा हुआ व्यक्ति नहीं हो सकता। समाज के अंतिम पायदान पर बैठे हुए व्यक्ति के चेहरे पर खुशहाली ही राष्ट्र की समृद्धि का आधार होना चाहिए। पंडित दीनदयाल उपाध्याय के साथ भी विश्वासघात हुआ और उनकी असमय मृत्यु हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि 1967 में जब पहली बार गैर कांग्रेसी सरकार का गठन हुआ तो उसका श्रेय पंडित दीनदयाल उपाध्याय को जाता है। सीएम ने कहा कि जनसंघ का प्रवेश जब अटल-आडवाणी युग में होता है तो देश में लोकतंत्र बचाने के लिए इसका विलय जनता पार्टी में कर दिया जाता है। जनता पार्टी सरकार का प्रयोग पूरी तरह सफल नहीं हो पाया तो उसके अनेक कारण थे। पीएम मोदी के नेतृत्व में साकार हुए पार्टी संस्थापकों के विचार मुख्यमंत्री ने कहा कि 6 अप्रैल 1980 को भारतीय जनता पार्टी का गठन श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के नेतृत्व में होता है। गठत के उपरांत 1985 के संसदीय चुनाव में भाजपा के मात्र दो सांसद जीते थे। और, आज देश ही नहीं दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक दल के रूप में भाजपा का उदय दुनिया के अंदर कहीं नहीं देखने को मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी के संस्थापकों ने स्थापना … Read more