samacharsecretary.com

अमृतसर में जुटेंगे कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थक, फाउंडर दीपके करेंगे केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन

अमृतसर  दिल्ली के बाद अब पंजाब में भी काकरोच जनता पार्टी की एंट्री होने जा रही है। पार्टी की ओर से आज  13 जून को अमृतसर में प्रदर्शन की तैयारी की गई है। इसका ऐलान पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने किया है। वह इसके लिए पंजाब आ रहे हैं। दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा कर इसकी जानकारी दी। पोस्ट की शुरुआत उन्होंने पंजाबी में “सत श्री अकाल” कहकर की। उन्होंने बताया कि वे 13 जून को शाम 4 बजे अमृतसर पहुंचेंगे। छात्रों व युवाओं से अपील की कि वे अमृतसर गेट पर एकत्र हों। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन इस दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि सभी मिलकर आवाज उठाएं तो NEET-CBSE छात्रों को न्याय मिल सकता है। अब 3 पॉइंट्स में पढ़िए कैसे बनी CJP:-     CJI के बयान से शुरू हुआ विवाद: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नाम से लेकर उसके गठन तक की कहानी भी काफी दिलचस्प है। 5 मई 2026 को भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने एक मामले की सुनवाई के दौरान बेरोजगार युवाओं व कार्यकर्ताओं को लेकर कथित तौर पर “कॉकरोच” और “समाज के परजीवी” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था। हालांकि बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके बयान को गलत संदर्भ में पेश किया गया, लेकिन तब तक सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर व्यापक बहस छिड़ चुकी थी।     मजाकिया अंदाज में ऑनलाइन लॉन्च की पार्टी: इसी बीच अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक व्यंग्यात्मक पोस्ट करते हुए सवाल उठाया, “क्या होगा अगर देश के सभी कॉकरोच एक साथ आ जाएं?” इस पोस्ट को युवाओं का काफी समर्थन मिला। इसके बाद 16 मई 2026 को उन्होंने मजाकिया अंदाज में ऑनलाइन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) लॉन्च कर दी।     अभियान युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय: पार्टी की सदस्यता के लिए प्रतीकात्मक शर्त रखी गई कि सदस्य बेरोजगार, आलसी और हमेशा ऑनलाइन रहने वाला होना चाहिए। यह व्यंग्यात्मक अभियान युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो गया। पार्टी का दावा है कि कुछ ही दिनों में उसके इंस्टाग्राम अकाउंट पर 2 करोड़ से अधिक फॉलोअर्स जुड़ गए, जो कई स्थापित राजनीतिक दलों से भी अधिक हैं। इसके बाद पार्टी ने अपना घोषणा पत्र भी जारी किया और विभिन्न मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद की। लखनऊ में पार्टी का तीसरा बड़ा प्रदर्शन CJP अब तक देश के दो प्रमुख शहरों नई दिल्ली और पुणे में NEET परीक्षा पेपर लीक मुद्दे को लेकर प्रदर्शन कर चुकी है। वहीं, 12 जून को लखनऊ में पार्टी का तीसरा बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया गया। पार्टी ने देश के कुल सात राज्यों में प्रदर्शन करने की योजना बनाई है। विरोध प्रदर्शन का रोडमैप तैयार लखनऊ के बाद अब अमृतसर (पंजाब), जयपुर (राजस्थान), बेंगलुरु (कर्नाटक) और हैदराबाद (तेलंगाना) में भी विरोध प्रदर्शन का रोडमैप तैयार किया जा रहा है। पार्टी का कहना है कि वह NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता तथा छात्रों को न्याय दिलाने के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाएगी।  

प्रदर्शन में भाग लेना पड़ा महंगा, हरियाणा की महिला शिक्षक पर गिरी निलंबन की गाज

रोहतक  हरियाणा के रोहतक जिले के एक सरकारी स्कूल में कार्यरत एक अतिथि शिक्षिका को दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले सप्ताह हुए एक प्रदर्शन में शामिल होने के कुछ दिनों बाद निलंबित कर दिया गया है। यह प्रदर्शन कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा आयोजित किया गया था। जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी ने  शिक्षिका सुलेखा दलाल को आठ जून से निलंबित करने का आदेश जारी किया। हालांकि आदेश में निलंबन का कारण स्पष्ट नहीं किया गया है। खुद को बताया था कॉकरोच की मां आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान रोहतक खंड शिक्षा अधिकारी का कार्यालय उनका मुख्यालय रहेगा और उन्हें बिना पूर्व अनुमति के वहां से बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी। गौरतलब है कि एक वीडियो क्लिप में दलाल को जंतर-मंतर पर आयोजित सीजेपी के प्रदर्शन के बोलते हुए देखा गया था। वीडियो में कथित तौर पर उन्हें यह कहते हुए सुना गया कि यह लड़ाई है। इस बार ‘करो या मरो’ की लड़ाई है। अब ‘कॉकरोच की मां’ मैदान में उतर चुकी है। हम किसी समूह का हिस्सा नहीं हैं, हम अपने बच्चों के साथ हैं। एक मां पूरे देश की मां होती है। क्या बोली टीचर     निलंबन को लेकर पूछे जाने पर दलाल ने कहा कि उन्हें इसके कारण की जानकारी नहीं है।     उन्होंने कहा कि मैं कई वर्षों से काम कर रही हूं। मुझे यह नहीं पता था कि वहां (प्रदर्शन में) शामिल नहीं हुआ जा सकता।     मुझे लगता है कि निलंबन से पहले मुझे कारण बताया जाना चाहिए था।     शिक्षिका ने बताया कि उनके स्नातक पुत्र ने उस भर्ती परीक्षा में भाग लिया था, जिसमें कथित अनियमितताएं सामने आई हैं।     उन्होंने कहा कि इसलिए मेरा बेटा और एक अभिभावक के रूप मैं प्रभावित हैं। मेरा किसी पार्टी या संगठन से कोई संबंध नहीं उन्होंने कहा कि मैं वहां केवल एक चिंतित मां के रूप में गई थी। मैंने जो कहा, वह एक मां का दर्द था। मेरा किसी पार्टी या संगठन से कोई संबंध नहीं है। उल्लेखनीय है कि अतिथि शिक्षक की नियुक्ति सरकार द्वारा अस्थायी रिक्तियों को भरने के लिए अनुबंध के आधार पर की जाती है। सीजेपी का प्रदर्शन छह जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुआ था, जहां देश के विभिन्न हिस्सों से आए छात्रों और युवाओं ने कथित परीक्षा अनियमितताओं को लेकर जवाबदेही की मांग की थी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी। यह समूह हाल के हफ्तों में परीक्षा संबंधी मुद्दों को लेकर सोशल मीडिया अभियानों के जरिए चर्चा में आया है और खुद को शिक्षा क्षेत्र में सुधार की मांग करने वाला युवा मंच बताता है।