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मौसम ने बदली करवट: छत्तीसगढ़ में पारे के नीचे आने के आसार

रायपुर छत्तीसगढ़ में तापमान और गिरने के संकेत हैं। मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर के अनुसार अगले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद प्रदेश में रात और सुबह की ठंड बढ़ सकती है। विभाग ने अनुमान जताया है कि आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। फिलहाल पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क है और कहीं भी वर्षा की संभावना नहीं है। मौसम सारांश बुधवार को प्रदेश का मौसम पूरी तरह शुष्क रहा। दिन का सबसे अधिक तापमान 29.9°C दुर्ग में दर्ज किया गया, जबकि रात का सबसे कम तापमान 7.8°C अंबिकापुर में रिकॉर्ड हुआ। बारिश के सभी आंकड़े निरंक (शून्य) रहे। रायपुर के लिए स्थानीय पूर्वानुमान आज सुबह कोहरा छाए रहने की संभावना है। इसके बाद दिनभर आकाश सामान्यतः साफ़ रहेगा। अधिकतम तापमान करीब 29°C और न्यूनतम तापमान लगभग 14°C रहने का अनुमान है।

ठंड बढ़ने वाली, तापमान 3 डिग्री तक गिरने के आसार—मध्यप्रदेश में 5-6 दिसंबर से मौसम सर्द

भोपाल  मध्य प्रदेश में अब ठंड का असली दौर शुरू होने जा रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक 5 या 6 दिसंबर से प्रदेश में शीतलहर (Cold Wave) की एंट्री हो जाएगी। उत्तरी पर्वत क्षेत्रों में नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होगा, जिसके चलते वहां बर्फबारी बढ़ेगी और उसी का असर ठंडी हवाओं के रूप में एमपी तक पहुंचेगा। अगले तीन दिनों में रात का तापमान 2 से 3 डिग्री की और गिरावट दर्ज हो सकती है।वभोपाल और इंदौर समेत राज्य के 6 जिलों में रविवार-सोमवार की रात पारा 10 डिग्री से नीचे पहुंच गया। इंदौर सर्वाधिक ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 8.2°C दर्ज हुआ। भोपाल में 9.4°C, जबलपुर 11.8°C, और ग्वालियर-उज्जैन में 12°C रहा। प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा पचमढ़ी, जहां तापमान 6.8°C दर्ज किया गया। सोमवार को अधिकतम तापमानों में भी गिरावट दर्ज की गई। मलाजखंड 23.7°C के साथ सबसे ठंडा रहा। पचमढ़ी, शिवपुरी, सिवनी, बैतूल, भोपाल, धार, रीवा सभी जिलों में अधिकतम तापमान 24-26 डिग्री के बीच रहा।  कोल्ड वेव और शीतलहर का असर मौसम विभाग के अनुसार, 5-6 दिसंबर से भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग में रात का तापमान 5-8 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। जनवरी तक प्रदेश में कोल्ड वेव का असर 20-22 दिनों तक रह सकता है। मुख्य प्रभावित शहर और संभाग:     ग्वालियर, चंबल, उज्जैन संभाग     भोपाल संभाग के सीहोर-विदिशा     सागर संभाग के निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़-पन्ना     रीवा संभाग के मऊगंज, सीधी-सिंगरौली     जबलपुर संभाग के मंडला-डिंडौरी     इंदौर संभाग के इंदौर, धार, झाबुआ नवंबर ने तोड़ दिए 94 साल पुराने रिकॉर्ड भोपाल में इस बार लगातार 15 दिन शीतलहर चली यह 1931 के बाद सबसे लंबा शीतलहर काल है। 17 नवंबर की रात पारा 5.2°C पहुंच गया, जो पिछले 80 साल में सबसे कम था। इंदौर में भी 25 साल बाद पारा 6.4°C तक लुढ़का। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार उत्तर भारत में नवंबर की शुरुआत में ही भारी बर्फबारी शुरू हो गई थी। जैसे ही हवा की दिशा उत्तर-पश्चिम हुई, ठंडी हवाएं सीधे मध्य प्रदेश में दाखिल हो गईं। दिसंबर-जनवरी कड़कड़ाती ठंड के असली महीने जैसे मानसून में जुलाई-अगस्त सबसे ज्यादा प्रभावी रहते हैं, वैसे ही सर्दियों में दिसंबर और जनवरी ठंड का पीक सीजन होते हैं। इन्हीं दो महीनों में उत्तरी हवाएं सबसे ज्यादा सक्रिय रहती हैं और तापमान सबसे तेज गिरता है। पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने से दिसंबर में मावठा (हल्की सर्दी की बारिश) भी होती है, जिससे दिन की ठंड और बढ़ जाती है। दिसंबर-जनवरी में 20-22 दिन कोल्ड वेव चलने की संभावना मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस बार कोल्ड वेव का असर लंबे समय तक रहेगा। जनवरी में कई जिलों में 20 से 22 दिनों तक शीतलहर देखने को मिल सकती है। दिन में ठंडक घुली…पारा 23 डिग्री तक आया दूसरी ओर, सोमवार दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। बालाघाट का मलाजखंड सबसे ठंडा रहा। यहां अधिकतम तापमान 23.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पचमढ़ी-शिवपुरी में 24.2 डिग्री, सिवनी में 24.6 डिग्री, बैतूल में 24.8 डिग्री, नरसिंहपुर में 25 डिग्री, टीकमगढ़ में 25.2 डिग्री भोपाल-धार में 25.6 डिग्री, रीवा में 25.8 डिग्री रहा। नवंबर में रिकॉर्ड तोड़ चुकी है सर्दी इस बार नवंबर में सर्दी रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चली। रिकॉर्ड के अनुसार, साल 1931 के बाद शीतलहर के यह सबसे ज्यादा दिन है। दूसरी ओर, 17 नवंबर की रात में पारा 5.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो ओवरऑल रिकॉर्ड भी रहा। इससे पहले 30 नवंबर 1941 में तापमान 6.1 डिग्री रहा था। इंदौर में भी पारा 6.4 डिग्री ही रहा। यहां भी सीजन की सबसे सर्द रात रही। 25 साल में पहली बार पारा इतना लुढ़का। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन बताती हैं, इस बार उत्तरी राज्यों में नवंबर के पहले ही सप्ताह में बर्फबारी होने लगी। इस वजह से ठंडी हवाएं प्रदेश में पहुंची। आखिरी सप्ताह में हवा की दिशा बदल गई। जिससे ठंड का असर कम रहा है। ठंड के लिए दिसंबर-जनवरी खास मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं। इसलिए टेम्प्रेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से दिसंबर में मावठा भी गिरता है। इससे दिन में भी सर्दी का असर बढ़ जाता है। कहां कितना रहा तापमान शहर अधिकतम (°C) न्यूनतम (°C) बैतूल 24.8 11.5 भोपाल 25.6 8.4 दतिया 26.2 12.6 धार 25.6 13.3 गुना 27.4 13.0 ग्वालियर 27.7 11.7 नरसिंहपुर 29.8 14.4 इंदौर 26.6 8.6 खंडवा 28.5 12.0 खरगोन 28.0 12.2 पचमढ़ी 24.2 7.2 रायसेन 26.0 — राजगढ़ — 8.5 रतलाम 27.5 13.2 शाजापुर — — श्योपुर 26.0 14.0 शिवपुरी 24.2 12.0 उज्जैन 28.5 11.8 शहर अधिकतम तापमान (°C) न्यूनतम तापमान (°C) छिंदवाड़ा 26.4 11.2 दमोह 26.2 11.5 जबलपुर 26.6 11.2 खजुराहो 27.4 13.0 मंडला 29.0 11.6 नरसिंहपुर 25.0 12.6 नौगांव 27.0 8.6 रीवा 25.8 9.6 सागर 26.7 13.8 सतना 27.5 11.7 सिवनी 24.6 13.6 सिधी 26.6 11.4 टीकमगढ़ 25.2 13.2 उमरिया 26.5 9.3 मलाजखंड 23.7 11.1 नोट: पचमढ़ी और मलाजखंड जैसे हिल स्टेशन सबसे ठंडे रहे। पश्चिमी विक्षोभ और मौसम विज्ञान मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) 5 दिसंबर से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करेगा। इसके चलते प्रदेश में दिन और रात के तापमान में तेजी से गिरावट आएगी। मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि, उत्तर हरियाणा और निकटवर्ती क्षेत्रों में सक्रिय उच्च चक्रवातीय परिसंचरण मध्य प्रदेश में ठंडी हवाओं को प्रवेश कराएगा। पिछले रिकॉर्ड और ला नीना का असर नवंबर में भोपाल में लगातार 15 दिन शीतलहर रही, जो 1931 के बाद सबसे लंबी रिकॉर्ड है। 17 नवंबर की रात पारा 5.2°C तक गिर गया था। इंदौर में न्यूनतम तापमान 6.4°C दर्ज हुआ। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार, उत्तरी राज्यों में हिमालयी क्षेत्रों … Read more

मौसम में करवट: बादल घिरेंगे, कई इलाकों में आज होगी बरसात

रायपुर ऊपरी वायुमंडल में हवा के साथ आ रही नमी से छाए बादल दिन में ठंडक लेकर आए. अगले दो दिन तक इसी तरह की स्थिति रहने का अनुमान है. इस दौरान दिन का पारा चढ़ने से रात की ठंड में थोड़ी कमी आएगी. दिसंबर महीने की शुरुआत प्रदेश के कई इलाकों में हल्की बारिश और ठंडी के साथ होने की संभावना है. कई इलाकों में अलर्ट भी जारी किया गया है. आने वाले पश्चिमी विक्षोभ की वजह से मौसम में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है. रविवार को राज्य का 8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया. श्रीलंका चक्रवाती सिस्टम की वजह से राज्य में नमी का प्रवेश हो रहा है. इसके प्रभाव से रविवार को दिन में रायपुर समेत प्रदेश के कई इलाकों में बादल छा गए. धूप का प्रभाव कम होने से पारा नहीं चढ़ पाया और मौसम में थोड़ी ठंडकता महसूस हुई. राज्य में रात का औसत तापमान एक डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हुई. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि नमी का प्रभाव एक दो दिन बने रहने की संभावना है. इससे रात के न्यूनतम तापमान में दो से पांच डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि होने के आसार हैं. इसके साथ दिसंबर के महीने में ठंड बढ़ने के साथ उतार-चढ़ाव की स्थिति भी बने रहने की संभावना है. पिछले चौबीस घंटे में राज्य का सबसे अधिक तापमान 30.8 डिग्री सेल्सियस दुर्ग का रिकार्ड किया. वहीं न्यूनतम पारा अंबिकापुर का था. रायपुर का न्यूनतम तापमान 14.6 तथा अधिकतम पारा 27.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. इन क्षेत्रों में बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाज़ार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर और दुर्ग में हलकी वर्षा की संभावना जताई है. यहां यलो अलर्ट जारी किया गया है. आज कैसा रहेगा राजधानी में मौसम? राजधानी में सुबह के वक्त बादल छाए हुए हैं, लोगों का अच्छी ठंडी महसूस हो रही है. मौसम विभाग ने आज आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना जताई है. 24 घंटों में तापमान 16 से 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है.

सर्दी का असर: मध्यप्रदेश के कई शहरों में तापमान 10° से कम, सुबह कोहरे के कारण कम हुई विजिबिलिटी

भोपाल  मध्यप्रदेश में ठंड एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। गुरुवार-शुक्रवार की रात जबलपुर और ग्वालियर सहित प्रदेश के 12 शहरों में तापमान 10 डिग्री से नीचे उतर गया। वहीं भोपाल, इंदौर और उज्जैन समेत कई जिलों में सुबह घना कोहरा छा रहा है। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि कोहरे में वाहन बेहद सावधानी से चलाएं, ताकि दुर्घटनाओं की आशंका न बढ़े। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पाकिस्तान की तरफ सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और राजस्थान में बने चक्रवाती घूमाव ने मौसम को फिर ठंडा कर दिया है। इसके साथ ही उत्तरी हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है। भोपाल में रात से ही धुंध छाने लगती है, जबकि सुबह विजिबिलिटी 1 से डेढ़ किलोमीटर तक सीमित हो जाती है। शनिवार को भी यही स्थिति बनी रहने के आसार हैं। खास बात ये है कि, प्रदेश के 12 शहरों में पारा 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है, खजुराहो में 7.8, मलाजखंड में 8.6, दतिया में 9, मंडला में 9.3 और राजगढ़ में 9.6 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। बड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर सबसे ठंडा रहा, यहां पारा 9.4 डिग्री तक गिर गया। राजधानी में अचानक 4 डिग्री गिरा तापमान राजधानी भोपाल में तो एक ही रात में 4 डिग्री तापमान में गिरावट दर्ज हुई और तापमान 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ग्वालियर में 9.7 डिग्री, इंदौर में 15.1 डिग्री और उज्जैन में न्यूनतम तापमान 15.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। सप्ताह भर की राहत खत्म, तापमान में फिर तेज गिरावट पिछले एक हफ्ते से रात और दिन में तापमान बढ़ रहा था, लेकिन गुरुवार-शुक्रवार की रात ठंड ने दोबारा दस्तक दे दी। कई शहरों में एक रात में ही पारा 4 से 5 डिग्री गिर गया। शहडोल के कल्याणपुर में तापमान सबसे कम 6.1 डिग्री दर्ज हुआ। नौगांव 6.5, रीवा 6.8, उमरिया 6.9, खजुराहो 7.8, मलाजखंड 8.6, दतिया 9, मंडला 9.3 और राजगढ़ 9.6 डिग्री पर रिकॉर्ड हुए। बड़े शहरों में जबलपुर 9.4 डिग्री के साथ सबसे ठंडा रहा। भोपाल में तापमान एक रात में 4 डिग्री गिरकर 11 डिग्री पर पहुंच गया। इंदौर 15.1, ग्वालियर 9.7 और उज्जैन 15.5 डिग्री रहे।  6 से 22 नवंबर तक पड़ा जोरदार कोल्ड वेव का दौर इस बार नवंबर की शुरुआत से ही तेज ठंड का असर दिखने लगा था। हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में समय से पहले हुई भारी बर्फबारी का प्रभाव एमपी तक पहुंचा। भोपाल में लगातार 15 दिन शीतलहर चली—जो 1931 के बाद सबसे लंबा दौर रहा। यहां रात का तापमान 5.2 डिग्री तक उतर गया, जो नया रिकॉर्ड भी बना। इंदौर में भी 25 साल का सर्दी रिकॉर्ड टूट गया। 22 नवंबर के बाद शीतलहर से राहत मिलने लगी, क्योंकि हवाओं का रुख बदल गया था। लेकिन अब दोबारा ठंडी उत्तरी हवाओं के लौटने से कड़ाके की ठंड और शीतलहर अगले दो दिनों तक बनी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, दिसंबर के पहले हफ्ते से ठंड और कड़ी हो सकती है। एक सप्ताह बाद पारे में फिर गिरावट पिछले एक सप्ताह से प्रदेश में दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल रही थी, लेकिन गुरुवार-शुक्रवार की रात में पारा फिर से लुढ़कने लगा है। एक ही रात में 4 से 5 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, शहडोल का कल्याणपुर सबसे ठंडा रहा। यहां तापमान 6.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। छतरपुर के नौगांव में 6.5 डिग्री, रीवा में 6.8 डिग्री, उमरिया में 6.9 डिग्री, खजुराहो में 7.8 डिग्री, मलाजखंड में 8.6 डिग्री, दतिया में 9 डिग्री, मंडला में 9.3 डिग्री और राजगढ़ में पारा 9.6 डिग्री रहा। बड़े शहरों में जबलपुर में पारा सबसे कम 9.4 डिग्री रहा। भोपाल में एक ही रात में चार डिग्री की गिरावट के बाद तापमान 11 डिग्री दर्ज किया गया। इंदौर में 15.1 डिग्री, ग्वालियर में 9.7 डिग्री और उज्जैन में 15.5 डिग्री सेल्सियस रहा। बाकी शहरों में पारा 10 डिग्री से ज्यादा रहा। सुबह कोहरा…इसलिए गाड़ी संभलकर चलाने की सलाह प्रदेश में ठंड का असर भले ही कम हुआ हो, लेकिन सुबह व रात में कोहरा दा रहा है। इसलिए एक्सपर्ट ने लोगों को सुरक्षित ड्राइविंग करने की सलाह दी है। मौसम विभाग ने हेल्थ और फसलों को लेकर एडवाइजरी भी जारी की है।     ट्रैफिक – कोहरा होने पर गाड़ी चलाते समय या किसी ट्रांसपोर्ट के जरिए ट्रैवल करते समय सावधान रखें। ड्राइविंग धीरे करें और फॉग लाइट का इस्तेमाल करें।     हेल्थ– तेज ठंड होने पर शरीर की गर्माहट बनाए रखने के लिए सिर, गर्दन, हाथ-पैर की उंगलियों को अच्छे से ढंके। फ्लू, सर्दी, खांसी-जुकाम होने पर डॉक्टर को दिखाए। विटामिन सी से भरपूर फल और सब्जियां खाएं।     कृषि– जहां मिट्‌टी में पर्याप्त नमी हो, वहां गेहूं, चना, सरसों-मटर की बुआई करें। जहां बुआई हो चुकी है, वहां जरूरत पड़ने पर कृषि वैज्ञानिकों से सलाह लें। पिछली फसलों के अवशेष यानी, ठूंठ को कभी न जलाएं। एमपी में ठंड से अब तक दो की मौत कड़ाके की ठंड की वजह से पिछले दो दिन में दो लोगों की मौत भी हो चुकी है। रीवा के अमहिया थाना क्षेत्र स्थित अस्पताल चौराहा पर सड़क किनारे एक व्यक्ति की लाश पड़ी मिली थी। इससे पहले रायसेन में भी एक शख्स की मौत हो चुकी है। परिजनों का दावा है कि ठंड की वजह से ही मौत हुई, लेकिन प्रशासन ने ठंड से मौत होने की पुष्टि नहीं की है।   2-3 दिन पड़ेगी कड़ाके की ठंड मौसम विभाग के अनुसार, पाकिस्तान के ऊपर एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और राजस्थान पर बने चक्रवाती परिसंचरण के साथ-साथ उत्तर से आ रही शुष्क ठंडी हवाओं की वजह से पूरे प्रदेश में ठंडक बढ़ गई है। कई इलाकों में सुबह-शाम घना कोहरा भी छाया हुआ है, जिससे विजिबिलिटी कम हो रही है। आने वाले दो-तीन दिनों तक ऐसा ही मौसम रहने की संभावना है।

सर्दी का कहर झारखंड में तेज, पारा नीचे लुढ़का, नेशनल हेल्थ मिशन ने किया अलर्ट

रांची झारखंड में नवंबर के अंत आते-आते कड़ाके की ठंड ने जोर पकड़ लिया है। मौसम विभाग ने राज्य के गढ़वा, पलामू, चतरा, हजारीबाग, रामगढ़, रांची, खूंटी, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा और लातेहार जिलों में शीतलहर का येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में तापमान दिन और रात दोनों समय सामान्य से 3 से 5 डिग्री कम रहने का अनुमान है, जिससे सुबह-शाम का समय बेहद ठंडा और सिहरन भरा है। सिमडेगा में न्यूनतम तापमान बर्फीली हवाओं के चलते 5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है, जो हिमाचल प्रदेश की ठंड को टक्कर दे रहा है। खूंटी और लोहरदगा में भी न्यूनतम तापमान 8 डिग्री के आसपास दर्ज हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, हिमालय से आ रही ठंडी हवाओं का असर झारखंड के मैदानी क्षेत्रों तक पहुंच चुका है। इसके कारण कई जिलों में तापमान में गिरावट आई है और तेज शीतलहर चल रही है। रांची में भी तापमान सामान्य से कई डिग्री कम रिकॉर्ड किया गया है, जिससे लोगों को सुबह-शाम में कंपकंपी का सामना करना पड़ रहा है। राज्य के बाकी जिलों में जहां पारा 13 से 14 डिग्री के आसपास है, वहां थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन कुल मिलाकर ठंड का जोर साफ दिख रहा है। नेशनल हेल्थ मिशन ने दी सावधानी बरतने की सलाह नेशनल हेल्थ मिशन ने ठंड से बचाव के लिए सलाह जारी की है। उन्होंने लोगों से गर्म कपड़े पहनने, पर्याप्त भोजन लेने और घर से बाहर निकलते समय सतर्क रहने कहा है। शीतलहर के दौरान फ्लू, सर्दी-खांसी और जुकाम के लक्षण महसूस होने पर तुरंत स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र या डॉक्टर से संपर्क करने की हिदायत दी गई है। खासकर बुजुर्ग और छोटे बच्चों को ठंड से बचाने के लिए विशेष ध्यान देना जरूरी है। अगर ठंड के कारण बेहोशी या होश में कमी आने जैसे गंभीर लक्षण दिखें तो तुरंत चिकित्सा मदद लेना आवश्यक है।         मौसम वैज्ञानिकों ने बताया है कि हिमालय में हाल ही में हुई भारी बफर्बारी के कारण वहां का तापमान गिरा है और वह बर्फीली हवाएं अब झारखंड तक पहुंच रही हैं। ये हवाएं अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकती हैं, जिससे ठंड अधिक गहरी हो सकती है। फिलहाल बारिश या बादलों की संभावना नहीं है, जिससे ठंड के मौसम में राहत के लिए किसी प्राकृतिक कारण का इंतजार मुश्किल दिखता है। इसलिए लोगों को खुद ही पूरी सावधानी बरतनी होगी।

सर्द हवाओं का कहर: जमशेदपुर में न्यूनतम तापमान 11.6 डिग्री तक

रांची झारखंड में ठंड का कहर जारी है। दिन-प्रतिदिन ठंड में इजाफा देखा जा रहा है। सुबह-शाम कोहरा और कनकनी से लोगों का हाल बेहाल हो गया है। वहीं, जमशेदपुर का तापमान गिरकर 11.6 डिग्री पहुंच गया है। हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक के मामलों में वृद्धि की चेतावनी मौसम विभाग के मुताबिक जमशेदपुर का न्यूनतम तापमान 11.6 डिग्री और अधिकतम तापमान 28.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, आने वाले समय में और भी कड़ाके की ठंड पड़ेगी। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में जमशेदपुर में सुबह घना कोहरा रहने के साथ दिन में आंशिक बादल छा सकते हैं। इससे अधिकतम और न्यूनतम तापमान में एक से दो डिग्री तक उतार-चढ़ाव संभव है, लेकिन रात का तापमान और तेजी से गिर सकता है। वहीं, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक के मामलों में वृद्धि की चेतावनी दी है क्योंकि ठंड में हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में ठंड से बचाव करना ही सही है। बात करें रांची की तो यहां न्यूनतम तापमान दो डिग्री की गिरावट के साथ 11.1 डिग्री से घटकर 9.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। डालटनगंज में 10.2 से घटकर 8.2 डिग्री, बोकारो में 13.8 से घटकर 9.1 डिग्री और चाईबासा में 13.8 से कम होकर 11.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।

ग्वालियर-चंबल में बढ़ी ठंड, मध्यप्रदेश के कई शहरों में पारा 10 डिग्री से कम

भोपाल  मध्यप्रदेश में सर्द हवाओं ने फिलहाल अपना असर बनाए रखा है। ग्वालियर सहित प्रदेश के 7 शहरों में रात का पारा 10 डिग्री से नीचे दर्ज हो रहा है। खासतौर पर ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है। वहीं रतलाम, नरसिंहपुर, सिवनी, बैतूल और नर्मदापुरम जैसे इलाकों में रात का तापमान 15 से 19 डिग्री के बीच बना हुआ है। दिन के वक्त भी मौसम का दोहरा स्वरूप देखने को मिल रहा है। कुछ जिलों में हल्की धूप राहत दे रही है, जबकि कई जगह दिन भी ठंडे बने हुए हैं।  हालही में थोड़ी राहत के बाद मध्य प्रदेश में एक बार फिर ठंड ने तेवर दिखाना शुरू कर दिए हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में रात के तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की गई है। मौजूदा समय में चंबल संभाग सबसे ठंडा क्षेत्र बन गया है। वहीं, मौसम विभाग आगामी दिनों में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना जताते हए अगले एक-दो दिन के भीतर प्रदेशभर में एक बार फिर कड़ाके की ठंड का दौर शुरु होने का संभावना जता रहे हैं। मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, बुधवार रात को सबसे कम तापमान नौगांव में 7.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद रीवा में 8.9, ग्वालियर में 9.3, दतिया में 9.6, खजुराहो में 9.8 और सीधी में ठीक 10 डिग्री तापमान रहा। यानी प्रदेश के कुल 7 शहरों का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे चला गया। चंबल संभाग (ग्वालियर, दतिया, मुरैना, भिंड, श्योपुरकला) में सबसे ज्यादा ठंड पड़ रही है। वहीं, रतलाम, नरसिंहपुर, सिवनी, बैतूल और नर्मदापुरम में न्यूनतम तापमान 15 से 19 डिग्री के बीच रहा। अगले दो दिनों तक तापमान में  जारी रहेंगा उतार-चढ़ाव  मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि हवा के रुख में बदलाव और हल्के बादलों की मौजूदगी से ऐसी स्थिति बनी है। अगले दो दिनों तक तापमान में यही उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है, इसके बाद प्रदेश में फिर से कड़ाके की सर्दी दस्तक देगी। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, देश के दक्षिणी हिस्से में सक्रिय निम्न दाब क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) के कारण मध्यप्रदेश में जगह-जगह बादल घिर रहे हैं। इससे दिन में ठंडक बढ़ी है और रात के पारे में भी अनियमित गिरावट- बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। इस वजह से तेज ठंड नहीं मौसम विभाग के अनुसार, पहाड़ी राज्य- उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी जरूर हो रही है, लेकिन विंड पैटर्न यानी, हवा की दिशा बदलने की वजह से उत्तरी हवाएं प्रदेश में नहीं आ रही है। दूसरी ओर, बंगाल की खाड़ी में एक लो प्रेशर एरिया एक्टिव है। जिसकी वजह से प्रदेश में हल्के बादल है। इससे दिन में ठंडक बढ़ गई है, जबकि रात के तापमान में 5 से 6 डिग्री की बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। मंगलवार-बुधवार की बात करें तो भोपाल में 15.4 डिग्री, इंदौर में 15.1 डिग्री, ग्वालियर में 9.3 डिग्री, उज्जैन में 16.5 डिग्री और जबलपुर में तापमान 15.2 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, छतरपुर के नौगांव में सबसे कम 7.8 डिग्री, मुरैना में 8.8 डिग्री, रीवा में 8.9 डिग्री, दतिया-चित्रकूट में 9.6 डिग्री, खजुराहो में 9.8 डिग्री और सीधी में तापमान 10 डिग्री दर्ज किया गया। इस बार नवंबर में रिकॉर्ड तोड़ चुकी ठंड मौसम विभाग की माने तो इस साल मध्यप्रदेश में नवंबर में ही ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए। भोपाल में 84 साल बाद सबसे ज्यादा ठंड रही तो इंदौर में 25 साल का रिकॉर्ड टूटा। लगातार 15 दिन तक प्रदेश में शीतलहर भी चली, लेकिन नवंबर के आखिरी सप्ताह में कड़ाके की ठंड से थोड़ी राहत मिल रही है। पहाड़ों में बर्फबारी जल्दी, इसलिए शीतलहर चली बता दें कि प्रदेश में 6 नवंबर से ही कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो गया था। आम तौर पर नवंबर के दूसरे पखवाड़े से तेज ठंड पड़ती है, लेकिन इस बार पहाड़ी राज्य- हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में समय से पहले बर्फबारी हो गई। इस वजह से बर्फीली हवाओं से एमपी भी कांप उठा। भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चली। रिकॉर्ड के अनुसार, साल 1931 के बाद शीतलहर के यह सबसे ज्यादा दिन है। दूसरी ओर, यहां रात का पारा 5.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो ओवरऑल रिकॉर्ड भी रहा। क्यों नहीं बढ़ रही कड़ाके की ठंड? मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी जारी है, लेकिन हवा की दिशा बार-बार बदलने से ठंडी उत्तरी हवाएं एमपी तक नहीं पहुंच रहीं। दूसरी ओर बंगाल की खाड़ी में सक्रिय लो प्रेशर सिस्टम हल्के बादलों को प्रदेश तक ला रहा है, जिसके कारण दिन में ठंड बढ़ने के साथ रात के तापमान में 5–6 डिग्री की बढ़ोतरी भी दर्ज की गई है। इन शहरों का तापमान बीते 24 घंटों में भोपाल 15.4 डिग्री, इंदौर 15.1 डिग्री, ग्वालियर 9.3 डिग्री, उज्जैन 16.5 डिग्री और जबलपुर 15.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। छतरपुर के नौगांव में न्यूनतम तापमान 7.8 डिग्री, मुरैना में 8.8 डिग्री, रीवा 8.9 डिग्री, दतिया-चित्रकूट 9.6 डिग्री, खजुराहो 9.8 डिग्री और सीधी 10 डिग्री रहा। नवंबर में ठंड ने तोड़े रिकॉर्ड इस साल नवंबर महीने में ठंड ने कई पुराने रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए। भोपाल में 84 साल बाद सबसे सर्द नवंबर दर्ज हुआ, वहीं इंदौर में 25 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा। प्रदेश भर में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चलती रही, हालांकि नवंबर के अंतिम सप्ताह में कड़ाके की ठंड से कुछ राहत मिली है। समय से पहले पहाड़ों में बर्फबारी का असर एमपी में 6 नवंबर से ही तेज ठंड का दौर शुरू हो गया था, जबकि आमतौर पर नवंबर के दूसरे हिस्से में सर्दी बढ़ती है। हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में सामान्य से पहले हुई बर्फबारी के कारण ठंडी हवाएं जल्दी ही मैदानी इलाकों में पहुंच गईं और प्रदेश कांप उठा।भोपाल में लगातार 15 दिन शीतलहर चलना 1931 के बाद सबसे लंबा क्रम रहा। रात का पारा यहां 5.2 डिग्री तक लुढ़क गया, जो अब तक का कुल रिकॉर्ड है।  सुबह कोहरा…इसलिए गाड़ी संभलकर चलाने की सलाह प्रदेश में ठंड का असर भले ही कम हुआ हो, लेकिन सुबह व रात में कोहरा छा रहा है। इसलिए एक्सपर्ट ने लोगों को सुरक्षित ड्राइविंग … Read more

दिन की धूप में भी ठंड का असर, झारखंड की सड़कों पर लोग सन्नाटे में

रांची झारखंड में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। ठंड का असर अब स्पष्ट रूप से महसूस होने लगा है। लगातार राज्य में न्यूनतम तापमान गिर रहा है जिससे दिन -प्रतिदिन कनकनी बढ़ रही है। मौसम विभाग के मुताबिक कई जिलों में न्यूनतम तापमान 6 डिग्री तक अचानक गिर गया है। 24 घंटे में यह 8 डिग्री तक पहुंच गया है। गुमला में सबसे कम 8.8 डिग्री न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया है। जानकारी के मुताबिक जहां एक स्वेटर पहनना मुश्किल था। वहीं, अब लोग दो स्वेटर, मफलर और इनर तक पहनकर बाहर निकल रहे हैं। शाम होते ही सड़कों पर सन्नाटा छा जाता है जैसे कर्फ्यू लग गया हो। दोपहर में धूप सेकना इतना मुश्किल हो गया है क्योंकि, हवा में इतनी कंपकंपी है कि मानो कि हिमालय की ठंडी हवा सीधा शरीर को छू रही हो। सुबह-शाम विशेष एहतियात बरतने की जरूरत जानकारों के अनुसार उत्तरी हवाओं के सक्रिय रहने से रात का पारा तेजी से नीचे जा रहा है। ग्रामीण इलाकों और खुले क्षेत्रों में धुंध की तीव्रता और अधिक रहेगा। मौसम विभाग ने बताया कि बदलते तापमान के कारण लोगों से सुबह-शाम विशेष एहतियात बरतने की अपील की गई है। इधर, गुमला में मंगलवार को सबसे कम न्यूनतम तापमान लगभग 8.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे अधिक तापमान गोड्डा में 28.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।  

भोपाल, इंदौर और जबलपुर में कोहरे ने घेरा, दृश्यता सिर्फ 1 किलोमीटर तक सीमित

भोप्ला  मध्य प्रदेश में इस बार नवंबर की शुरुआत से ही ठंड का मौसम सामान्य से पहले सक्रिय हो गया है। प्रदेश के कई हिस्सों में सुबह-शाम ठंड के साथ घना कोहरा छाया रहा, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पचमढ़ी में सबसे कम तापमान 6.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। घना कोहरा और विजिबिलिटी शनिवार की सुबह कई शहरों में कोहरे का असर देखा गया। शाजापुर में घना कोहरा छाया, जबकि अकोदिया और शुजालपुर में विजिबिलिटी केवल 100 मीटर तक सीमित रही।  मध्य प्रदेश में बर्फीली हवाओं की वजह से ठंड का तेज असर जारी है. प्रदेश के हर हिस्से में कड़ाके की सर्दी देखने को मिल रही है. शीतलहर का असर देखने को मिल रहा है. प्रदेश के 8 शहरों भोपाल, राजगढ़, इंदौर, खंडवा, शाजापुर, नरसिंहपुर और खरगोन में शुक्रवार को शीतलहर का असर देखने को मिला. राजधानी में शनिवार (22 नवंबर) की सुबह कोहरा देखने को मिला. पचमढ़ी प्रदेश का सबसे ठंडा शहर पहाड़ी राज्यों जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फबारी का दौर जारी है. इस वजह से प्रदेश में कंटीली हवाएं चल रही हैं. पचमढ़ी में शुक्रवार को तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इसके साथ ही पचमढ़ी राज्य का सबसे ठंडा शहर रहा. इसके अलावा राजगढ़ में 8 डिग्री, शाजापुर जिले के गिरवर में 8.3 डिग्री, इंदौर में 8.4 डिग्री और छतरपुर जिले के नौगांव में न्यूनतम तापमान 8.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. शहर/क्षेत्र विजिबिलिटी (मीटर) शाजापुर घना कोहरा अकोदिया, शुजालपुर 100 भोपाल, दतिया, इंदौर, जबलपुर 1000 गुना, ग्वालियर, सतना, रीवा, खजुराहो 500–1000 न्यूनतम तापमान शुक्रवार-शनिवार की रात में कई शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे रहा। शहर/स्थान न्यूनतम तापमान (°C) पचमढ़ी 6.2 भोपाल, इंदौर 9.4 ग्वालियर 13 उज्जैन, जबलपुर 11.8 राजगढ़ 8.2 खरगोन 8.6 नौगांव 8.8 नरसिंहपुर 9.4 उज्जैन में पुलिस कर्मियों के लिए चाय की व्यवस्था उज्जैन पुलिस अधीक्षक ने ठंड को देखते हुए रात में गश्त करने वाले पुलिस कर्मियों के लिए चाय उपलब्ध कराने का इंतजाम किया है। एक स्थान पर चाय बनाई जा रही है और गश्त पर तैनात कर्मियों तक पहुंचाई जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों का क्या कहना है? मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, हाल ही में विंड पैटर्न बदला है। उत्तरी हवाओं के प्रभाव से पहले तेज ठंड थी, लेकिन अब राहत मिलने की संभावना है। इस बार नवंबर के पहले सप्ताह से ही ठंड सक्रिय है, जबकि आम तौर पर दूसरे सप्ताह में कड़ाके की ठंड पड़ती है। अक्टूबर में बारिश का रुझान माह औसत बारिश (इंच) सामान्य बारिश (इंच) प्रतिशत वृद्धि अक्टूबर 2.8 1.3 121% मध्य प्रदेश के लोगों को अगले कुछ दिनों में ठंड और कोहरे के चलते सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से ड्राइवरों को सीमित विजिबिलिटी वाले इलाकों में धीमी गति से वाहन चलाने की चेतावनी दी गई है। जबलपुर और नर्मदापुरम में धुंध और कोहरा देखने को मिला. नर्मदापुरम में विजिबिलिटी 500 मीटर रह गई थी. बड़े शहरों में सर्वाधिक न्यूनतम तापमान ग्वालियर में 12.8 डिग्री सेल्सियस मापा गया. जबलपुर में 11.1 और उज्जैन में 11.5 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रहा. प्रदेश का सर्वाधिक तापमान उज्जैन में 29.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. 8 शहरों में कोल्ड वेव का अलर्ट मौसम विभाग ने प्रदेश के 8 शहरों भोपाल, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, शाजापुर, खंडवा, खरगोन और नरसिंहपुर में कोल्ड वेव का यलो अलर्ट जारी किया है. आगामी चार दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की जाएगी. शेष सभी जिलों में मौसम शुष्क बना रहेगा. जानिए, नवंबर में 5 बड़े शहरों का मौसम… भोपाल: इस बार टूट गया ओवरऑल रिकॉर्ड नवंबर में भोपाल में रात का तापमान 9 से 12 डिग्री सेल्सियस पहुंच जाता है। पिछले 10 साल से ऐसा ही ट्रेंड रहा है। इस बार पहले सप्ताह से ही तेज ठंड का असर रहा। मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल में नवंबर में रात का तापमान 6.1 डिग्री तक पहुंच चुका है। यह 30 नवंबर 1941 को दर्ज किया गया था, लेकिन इस साल 16 नवंबर की रात में पारा 5.2 डिग्री रहा। इस तरह नवंबर की सर्दी का ओवरऑल रिकॉर्ड बन गया है। यहां इस महीने बारिश होने का ट्रेंड भी है। 10 साल में तीन बार बारिश हो चुकी है। साल 1936 में महीने में साढ़े 5 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है। इंदौर: 5.6 डिग्री तक जा चुका न्यूनतम पारा इंदौर में नवंबर में ठंड का असर रहता है। खासकर दूसरे सप्ताह से पारा तेजी से गिरता है। इस वजह से रातें ठंडी हो जाती हैं और टेम्प्रेचर 10 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। 25 नवंबर 1938 को पारा 5.6 डिग्री सेल्सियस तक जा चुका है। इंदौर में कभी-कभार बारिश भी हो जाती है। दिन में 31 से 33 डिग्री के बीच तापमान रहता है। ग्वालियर: 1927 में 3 इंच पानी गिरा था पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो नवंबर में ग्वालियर में पारा 8 डिग्री तक पहुंच चुका है। 54 साल पहले वर्ष 1970 में टेम्प्रेचर 3 डिग्री गया था। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। 2 नवंबर 2001 को दिन का तापमान 37.3 डिग्री तक रहा, जबकि यह सामान्य तौर पर 33 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। ग्वालियर में इस महीने बारिश भी होती है। 1927 में पूरे महीने 3 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। 10 साल में 3 बार ऐसा ही मौसम रह चुका है। जबलपुर: 1946 में 6 इंच से ज्यादा बारिश जबलपुर में पिछले 10 साल में 2022 में न्यूनतम पारा 7.8 डिग्री सेल्सियस तक जा चुका है। ओवरऑल रिकॉर्ड 12 नवंबर 1989 को दर्ज किया गया था, तब टेम्प्रेचर 3.9 डिग्री तक पहुंच गया था। 1946 में पूरे महीने 6 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। 10 साल में दो बार बारिश हो चुकी है। दिन में 30 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच तापमान रहता है। उज्जैन: न्यूनतम तापमान 10-11° के बीच उज्जैन में 30 नवंबर 1974 को रात का तापमान 2.8 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। वहीं, 6 नवंबर 2008 को दिन का तापमान 36.5 डिग्री रहा था। पिछले 10 साल की बात करें तो न्यूनतम तापमान 10-11 … Read more

हरियाणा के कई इलाकों में कोहरा छाया, हिसार में तापमान 8.6 डिग्री; पहाड़ों की बर्फबारी से ठंड बढ़ने की संभावना

चंडीगढ़   उत्तर भारत में कोहरे और सर्दी का असर अब धीरे धीरे बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने पहाड़ों पर बर्फबारी की संभावना जताते हुए शीतलहर और कड़ाके की सर्दी के आसार जताए हैं, जिसका असर दिल्ली से लेकर बिहार और मध्य प्रदेश तक पड़ेगा। हरियाणा में अब बढ़ती ठंड के बीच सुबह शाम के वक्त हल्का कोहरा भी छाने लगा है। प्रदेश मे अभी अभी रात्रि तापमान (न्यूनतम) 8 से 10 डिग्री के आसपास बना है। वहीं उतर से नमी वाली हवाएं चलने से धुंध देखी जा रही है। यूपी-पंजाब में छाया कोहरा पंजाब, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिम मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्का कोहरा छाया रहा। अगले 2–3 दिनों में मध्य भारत, महाराष्ट्र और गुजरात के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है। पश्चिम मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में शीतलहर की स्थिति देखने को मिल सकती है। हालांकि प्रदेश अभी पूरी तरह से ठंड की चपेट में नहीं आया है। वजह ये है कि दिन में तेज धूप निकलने से अधिकतम तापमान घट नहीं रहा है। रातें जरूर ठंडी हैं। उत्तर-पश्चिमी हवाओं के चलते रात्रि तापमान में करीब 3.2 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में प्रदेश में बारिश की कोई संभावना नहीं है। हरियाणा के हिसार में न्यूनतम तापमान 8.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो राज्य में सबसे कम रहा। इसके अलावा महेंद्रगढ़ में पारा 8.9, सिरसा में 9.6 और जींद में 9.8 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा प्रदेश में अन्य क्षेत्रों में बीते दिन तापमान 10 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया है। सोनीपत में शुक्रवार रात 8 बजे के बाद हल्का कोहरा देखने को मिला। सुबह के समय अन्य जिलों में भी कोहरा छा रहा है, हालांकि विजिबिलिटी पर इसका कोई असर अभी नहीं है। विशेषज्ञों का पूर्वानुमान – ठंड और बढ़ेगी चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के मौसम विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ सकती है। दिन में बीच-बीच में हल्के बादल छाने से औसत तापमान में 1 से 2 डिग्री की गिरावट संभव है। 23 नवंबर तक मौसम रहेगा परिवर्तनशील डॉ. खीचड़ के अनुसार राज्य में मौसम 23 नवंबर तक शुष्क और परिवर्तनशील बना रह सकता है। इस दौरान पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से कुछ इलाकों में हल्की बादलवाई देखने को मिल सकती है। हवा की दिशा में बार-बार बदलाव और धीमी गति से चलने वाली हवाओं के कारण वातावरण में नमी बढ़ेगी, जिससे कुछ स्थानों पर अलसुबह हल्की धुंध छाने की संभावना है।