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कलेक्टर ने जनदर्शन में सुनी आमलोगों की समस्याएं, अधिकारियों को त्वरित कार्यवाही के दिए निर्देश

  बिलासपुर जिला कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में आज कलेक्टर संजय अग्रवाल ने भी लोगों की समस्याएं सुनी। शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आए सैकड़ों लोगों ने कलेक्टर से मिलकर निजी एवं सामुदायिक शिकायत संबंधी आवेदन दिया। कलेक्टर ने अधिकांश मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस दौरान नगर निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे एवं जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल ने भी लोगों की समस्याएं सुनी।         जनदर्शन में ग्राम कछार के सुरेश कुमार बंजारे ने आवेदन देकर बताया कि गांव के ही राधेश्याम द्वारा घर के सामने गली में दीवार खड़ी कर रास्ता संकीर्ण कर दिया गया है, जिससे आवागमन के लिए काफी परेशानी हो रही है। कलेक्टर ने एसडीओ को प्रकरण भेजते हुए परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। बिलासपुर की उत्तरा यादव के द्वारा विधवा पेंशन का लाभ दिलाने की मांग कलेक्टर के समक्ष रखी गई। इस संबंध में संयुक्त संचालक समाज कल्याण विभाग को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। ग्राम जरोंधा निवासी परमानंद कौशिक ने कलेक्टर से मुलाकात कर आवेदन दिया कि उनकी निजी भूमि पर गांव के ही गोपाल मेहर द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर दीवार खड़ी कर दी गई है और रास्ते में कीचड़युक्त पानी बहाकर आवागमन में बाधा उत्पन्न कर रहा है। इससे खेती-किसानी के कार्यों में भारी परेशानी हो रही है।  उन्होंने बताया कि इस संबंध में पहले भी शिकायत की जा चुकी है और न्यायालय से कब्जा हटाने का आदेश भी मिला था, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने प्रशासन से पुनः हस्तक्षेप कर अवैध कब्जा हटाने की मांग की है। देवरीखुर्द निवासी पुरुषोत्तम दास ने प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के तहत स्वामित्व कार्ड जारी करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि वे पिछले 50 वर्षों से निवास कर रहे हैं और उनकी पत्नी के नाम पर पट्टा भी है, लेकिन अब तक उन्हें स्वामित्व कार्ड नहीं मिला है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र कार्ड जारी करने की अपील की है ताकि उन्हें अपने अधिकारों का लाभ मिल सके। कलेक्टर ने एसडीओ मस्तुरी को मामले पर उचित कार्यवाही के निर्देश दिए।           सकरी तहसील अंतर्गत ग्राम चिचिरदा निवासी धनीराम कौशि ने कलेक्टर को दिए आवेदन में बताया कि उन्होंने अपनी भूमि के सीमांकन के लिए आवेदन किया था। तहसीलदार द्वारा राजस्व निरीक्षक को सीमांकन करने का आदेश भी जारी किया गया, लेकिन आज तक सीमांकन नहीं किया गया है। इससे उन्हें लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कलेक्टर ने एसडीओ तखतपुर को प्रकरण की जांच कर निराकरण करने के निर्देश दिए है। बिल्हा ब्लॉक के ग्राम नगपुरा निवासी रूचि नेताम ने बताया कि उन्होंने जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए वर्ष 2024-25 में आवेदन किया था। काफी समय बीत जाने के बाद भी प्रमाण पत्र जारी नहीं हुआ। दस्तावेज की कमी के अभाव में उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारी को मामले को सौंपा।   

कलेक्टर ने जनगणना की तैयारियों का लिया जायजा, 1 मई से शुरू होगी मकानों की गणना

कलेक्टर ने जनगणना की तैयारियों का लिया जायजा    प्रथम चरण में 1 मई से शुरू होगी मकानों की गणना  बिलासपुर जनगणना 2026-27 के तहत जिले में मकान गणना का कार्य 01 मई से शुरू होने जा रहा है, जिसके लिए जिला प्रशासन द्वारा तैयारियां जोर-शोर से की जा रही हैं। इसी सिलसिले में कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने आज जिले के सकरी, नेवसा, रतनपुर एवं रानीगांव क्षेत्रों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जमीनी स्तर पर जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।     दौरे के दौरान कलेक्टर ने हाउस लिस्टिंग एवं जनसंख्या गणना से संबंधित की जा रही तैयारियों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रत्येक कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए। कलेक्टर ने डिजिटल माध्यम से किए जाने वाले डेटा संकलन की तैयारियों की भी जानकारी ली। उन्होंने फील्ड स्तर पर तैनात कर्मचारियों के प्रशिक्षण, तकनीकी संसाधनों की उपलब्धता तथा कार्य की निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।     निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने स्थानीय नागरिकों से संवाद कर उन्हें जनगणना के महत्व के बारे में अवगत कराया और इसमें सक्रिय सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि जनगणना देश के विकास की आधारशिला है, इसमें दी गई प्रत्येक जानकारी भविष्य की योजनाओं को दिशा देती है। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनजागरूकता गतिविधियों को और तेज किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इस प्रक्रिया में सहभागिता निभा सकें। साथ ही उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि नागरिकों की निजी जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाए। जिले में 01 मई से 30 मई तक हाउस लिस्टिंग का कार्य किया जाएगा, जबकि जनसंख्या गणना का कार्य सितंबर 2026 से प्रारंभ होकर मार्च 2027 तक संचालित होगा। जनगणना की तैयारियों के तहत जिला स्तरीय अधिकारियों एवं तहसीलदारों का प्रशिक्षण पूर्ण हो चुका है, जबकि फील्ड स्तरीय अधिकारियों का प्रशिक्षण 23 मार्च से शुरू हो रहा है।      दौरे के दौरान सहायक कलेक्टर श्री अरविंथ कुमारन, एडीएम श्री शिव कुमार बनर्जी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं मैदानी कर्मचारी उपस्थित थे।  

कलेक्टर ने जनदर्शन में सुनी आमजनों की समस्याएं, अधिकारियों को त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए

कलेक्टर ने जनदर्शन में सुनी आमजनों की समस्याएं, अधिकारियों को दिए त्वरित कार्यवाही के निर्देश बिलासपुर कलेक्टर  संजय अग्रवाल ने आज जिला कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में आम नागरिकों सहित ग्रामीण क्षेत्रों से आए किसानों एवं ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनका त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। जनदर्शन में राजस्व एवं प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित आवेदन अधिक मिले। जनदर्शन में नगर निगम कमिश्नर  प्रकाश कुमार सर्वे एवं जिला पंचायत सीईओ  संदीप अग्रवाल ने भी लोगों की समस्याएं सुनकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए।         जनदर्शन में आज धुरीपारा मंगला निवासी पुरूषोत्तम पटेल ने कलेक्टर से मुलाकात कर बताया कि कृषि भूमि में उनके पिताजी के नाम की जगह अन्य व्यक्ति का नाम ऑनलाईन दिख रहा है। जिससे उन्हें भविष्य में जमीन से जुड़े कार्याें में परेशानी आ सकती है। कलेक्टर ने एसडीओ बिलासपुर को जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने कहा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेलगहना के सेवानिवृत्त पुरूष पर्यवेक्षक ने कलेक्टर से सेवानिवृत्ति के पश्चात जीपीएफ राशि का अंतिम भुगतान दिलाने की गुहार लगाई। कलेक्टर ने मामले को सीएमएचओ को सौंपा है। सीपत तहसील के उच्चभट्ठी निवासी किसान संतराम एवं गिरधारी लाल सूर्यवंशी ने किसान सम्मान निधि की राशि नहीं मिलने की शिकायत की है। उन्होंने बताया कि उन्हें केवल दो किस्त की राशि प्राप्त हुई है उसके बाद की राशि आज दिनांक तक ई-केवायसी कराने के बाद भी नहीं मिल रही है। कलेक्टर ने उप संचालक कृषि को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। ग्राम पंचायत दगोरी के सरपंच  मथुरा प्रसाद ने शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला दगोरी में मूलभूत सुविधाओं जैसे की पेयजल की आपूर्ति, अहाता, शौचालय सहित शिक्षक व्यवस्थाओं के लिए आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि शाला में 237 बच्चे वर्तमान में स्कूल में अध्ययनरत है। शौचालय में पानी नहीं है। इस संबंध में शिक्षा विभाग को अवगत कराया जा चुका है लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है।           तिफरा निवासी मती अमरिका बाई ने कलेक्टर से मुलाकात कर आवेदन दिया कि महतारी वंदन योजना की भुगतान राशि मिलना बंद हो गया है। उन्होंने बताया कि किसी त्रुटिवश मेरे आवेदन में मुझे मृत दर्शा दिया गया है जिससे उन्हें योजना की राशि नहीं मिल पा रही है। अब तक केवल 5 किस्तों की राशि ही मिली है। कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारी को मामले का निराकरण करने का निर्देश दिया। बिटकुली तहसील के पत्थरखान निवासी  मनोज पाण्डेय ने उनके गांव में गौधाम योजना शुरू करने की मांग की। रामा लाईफ सिटी सकरी निवासी  अशोक कुमार धुरी ने कलेक्टर से शिकायत करते हुए आवेदन दिया कि उनके नाम से किसी ने फर्जी लोन निकाल लिया है। उन्होंने एसबीआई मस्तुरी के ब्रांच मैनेजर, स्टॉफ एवं अज्ञात व्यक्ति के विरूद्ध उचित कार्रवाई करते हुए केसीसी फर्जी लोन को समाप्त करने निवेदन किया। कलेक्टर ने मामले की जांच लीड बैंक मैनेजर को करने के निर्देश दिए है। तखतपुर के ग्राम विजयपुर निवासी  घनाराम सहित अन्य लोगों ने प्राथमिक शाला के शिक्षक  अभिमन्यु मरकाम एवं भरत धु्रव के विरूद्ध शिकायत करते हुए बताया कि प्रायः स्कूल में शराब पीकर आते है। हुल्लड़ करते है और अध्यापन कार्य नहीं करते है। इनके ऐसे कृत्य से छात्र-छात्राएं एवं ग्रामीण काफी परेशान हो चुके है। कलेक्टर ने डीईओ को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए है।   राम केयर अस्पताल के विरूद्ध शिकायत – आजाद नगर निवासी  शैलेन्द्र सिंह ठाकुर ने नेहरू नगर स्थित  राम केयर अस्पताल के विरूद्ध शिकायत करते हुए कलेक्टर को बताया कि अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत इलाज करा रहे मरीजों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। वार्ड एवं परिसर मे गंदगी एवं अव्यवस्था तथा साफ-सफाई की कमी के कारण मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। निगम से पास नक्शे के विपरीत निर्माण किया गया है एवं अस्पताल की बिल्डिंग के उपर अवैध रूप से छत पर टीन का शेड बनाकर अतिरिक्त निर्माण किया गया है। कलेक्टर ने नगर निगम आयुक्त एवं सीएमएचओ को मामले की जांच के निर्देश दिए।   

टीएल बैठक में योजनाओं की समीक्षा, पीएम सूर्य घर योजना की धीमी प्रगति पर नाराजगी

  बिलासपुर, कलेक्टर संजय अग्रवाल ने मंगलवार को आयोजित टाइम लिमिट (टीएल) बैठक में विभिन्न शासकीय योजनाओं, लंबित प्रकरणों और जनहित से जुड़े मामलों की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से सड़क दुर्घटनाओं, जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति और लंबित आवेदनों के त्वरित निराकरण पर जोर दिया।     कलेक्टर श्री अग्रवाल ने अज्ञात वाहन से हुई सड़क दुर्घटनाओं से हुई mout के मामलों में हिट एंड रन केस के अंतर्गत मृतकों के परिजनों को दी जाने वाली 2 लाख रुपये की सहायता राशि के प्रकरण तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि यह योजना 1अप्रैल 2022 से लागू है और इस तिथि के बाद के पुराने प्रकरण भी स्वीकार किए जाएंगे। जिले में अब तक ऐसे चार मामले चिन्हित किए गए हैं। बैठक में सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए कैशलेस उपचार सुविधा की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि जिले में 37 अस्पतालों को चिन्हांकित किया गया है। कलेक्टर ने सड़क दुर्घटनाओं का ऑडिट करने के निर्देश देते हुए कहा कि भविष्य में दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक सुधार कार्य किए जाएं।        कलेक्टर ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत बंद हो चुकी खदानों को शामिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसी खदानों को महिला स्व-सहायता समूहों को मत्स्य पालन के लिए दिया जाए, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके। पीएम सूर्य घर योजना की समीक्षा में बताया गया कि जिले में अब तक 2,500 प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि लगभग 7,000 लोगों ने पंजीयन कराया है। कलेक्टर ने प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए अधिक से अधिक लोगों को योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। बैठक में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रगति की भी जानकारी ली गई। अधिकारियों ने बताया कि जिले में अब तक 75 प्रतिशत घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। कलेक्टर ने प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि किसी भी खाताधारक की मृत्यु की सूचना ग्राम पंचायत, नगरीय निकाय द्वारा संबंधित  बैंक को तत्काल दी जाए, ताकि परिजनों को 2 लाख रुपये का बीमा क्लेम समय पर मिल सके। आगामी बरसात के मौसम में वृक्षारोपण की तैयारी को लेकर कलेक्टर ने पौधों की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने उद्यानिकी विभाग को 4 लाख और वन विभाग को 2 लाख पौधे तैयार रखने के निर्देश दिए।           बैठक में स्कूलों में बालिकाओं के लिए शौचालय निर्माण की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि जहां आवश्यकता है वहां डीएमएफ अथवा अन्य योजनाओं से राशि उपलब्ध कराकर शौचालय निर्माण कराया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी इसकी लिस्ट देंगे।साथ ही उन्होंने स्कूली बच्चों के लगभग 50 हजार लंबित अपार आईडी शीघ्र बनाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने जनगणना कार्य को समय-सीमा वाला अभियान बताते हुए कहा कि जिस भी अधिकारी-कर्मचारी की ड्यूटी लगाई जाए वह तुरंत जॉइन कर अपना दायित्व निभाए। बैठक में मुख्यमंत्री जनदर्शन, मुख्यमंत्री घोषणाएं, हाईकोर्ट प्रकरण, पीएमओ पोर्टल तथा विभिन्न आयोगों और वरिष्ठ कार्यालयों से प्राप्त आवेदनों की भी समीक्षा की गई और उनके त्वरित निराकरण के निर्देश दिए गए। बैठक में नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

3 साल से लंबित प्रकरणों पर कलेक्टर ने लगाई फटकार

मनेन्द्रगढ़. जिले में तीन वर्ष से अधिक समय से लंबित प्रकरणों को लेकर कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने कड़ी नाराजगी जताई है। कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की वर्चुअल बैठक में उन्होंने राज्य स्तर से लंबित महिला एवं बाल विकास, नगरीय प्रशासन, सूचना का अधिकार, पीएम स्वनिधि, ई-श्रम पोर्टल, कौशल विकास, निर्वाचन, वन, कृषि, शिक्षा, श्रम, पर्यटन, विद्युत, बैंकिंग, नगर निकाय और राजस्व विभागों से संबंधित मामलों की विस्तृत समीक्षा की। तीन साल से अधिक समय से लंबित प्रकरणों पर असंतोष व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने संबंधित शाखाओं को कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा मामलों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। बैठक में आधार और मोबाइल बैंकिंग यूनिट से जुड़े लंबित प्रकरणों पर विशेष फोकस किया गया। आधार पेंडेंसी की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने विशेष आधार शिविर लगाने के निर्देश दिए, ताकि लंबित मामलों का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो और नागरिकों को समय पर सेवाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि मोबाइल बैंकिंग यूनिट के माध्यम से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में आधार अपडेट, आधार सीडिंग, डीबीटी लिंकिंग और बैंक खाता सत्यापन जैसी सेवाएं प्रदान की जाती हैं, लेकिन कमजोर मॉनिटरिंग के कारण कई प्रकरण लंबित हैं। इसे अब स्वीकार नहीं किया जाएगा और मॉनिटरिंग व्यवस्था को सख्त किया जाएगा।

कलेक्टर संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में टीएल बैठक सम्पन्न

कलेक्टर संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में टीएल बैठक सम्पन्न गर्मी पूर्व पेयजल प्रबंधन, जनगणना की तैयारी और शिकायतों के त्वरित निराकरण पर विशेष जोर बिलासपुर  कलेक्टर संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में आज आयोजित टीएल बैठक में जिले में आगामी गर्मी के मद्देनज़र पेयजल व्यवस्था, प्रस्तावित जनगणना की तैयारियों, जल संरक्षण कार्यों, न्यायालयीन प्रकरणों तथा शिकायत निवारण की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी विभागों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं समन्वित कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पेयजल संकट वाले ग्रामों की अभी से करें पहचान कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि संभावित पेयजल संकट वाले ग्रामों की अग्रिम पहचान की जाए। गत वर्ष जिन क्षेत्रों में जल समस्या उत्पन्न हुई थी, उन्हें विशेष निगरानी में रखा जाए। आवश्यकतानुसार टैंकरों के माध्यम से जल आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, किन्तु टैंकर से सीधे वितरण न करते हुए सार्वजनिक स्थलों पर सिम्प्लेक्स टैंक स्थापित कर उन्हें नियमित रूप से भरा जाए, जिससे लोग सुव्यवस्थित रूप से पानी प्राप्त कर सकें। ग्रामीण क्षेत्रों में 15वें वित्त आयोग की उपलब्ध राशि का उपयोग पेयजल सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु करने के निर्देश भी दिए गए। जनगणना कार्य की तैयारी : शुद्धता, गोपनीयता और गुणवत्ता पर बल बैठक में आगामी मई माह में प्रस्तावित जनगणना की तैयारियों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि जनगणना का कार्य पूर्णतः शुद्ध, त्रुटिरहित एवं गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए, क्योंकि यह नीति निर्माण एवं विकास योजनाओं का आधार है। उन्होंने नागरिकों से सही एवं सटीक जानकारी दर्ज कराने की अपील करते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती। प्राथमिक एवं मिडिल स्कूल के शिक्षकों को मुख्य रूप से प्रगणक एवं सुपरवाइजर की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। यह कार्य निर्वाचन की भांति अनिवार्य है,जिसे न स्थगित किया जा सकता है और न ही टाला जा सकता है। जल संरक्षण कार्यों को प्राथमिकता, 8 मार्च से पूर्व शौचालय पूर्ण करने के निर्देश कलेक्टर ने जी रामजी योजना के अंतर्गत जल संरक्षण से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता से स्वीकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी प्रस्ताव तत्काल तैयार कर स्वीकृति प्रदान की जाए, ताकि ग्रीष्मकाल में कार्य प्रारंभ किए जा सकें। उन्होंने सड़क निर्माण कार्यों में तालाबों की मिट्टी का उपयोग करने को कहा ताकि तालाब गहरा हो जाए और जल ग्रहण क्षमता बढ़े। उन्होंने साथ ही विद्यालयों में निर्माणाधीन शौचालयों को 8 मार्च, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस से पूर्व पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। भंडार क्रय नियमों का कड़ाई से हो पालन शासकीय सामग्री की खरीदी में भंडार क्रय नियमों का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। प्रतिबंधित वस्तुओं की खरीदी न किए जाने पर विशेष बल दिया गया। विधानसभा सत्र प्रारंभ होने के परिप्रेक्ष्य में कलेक्टर ने कहा कि पूछे गए प्रश्नों के उत्तर तथ्यपरक, सटीक एवं समयबद्ध रूप से प्रस्तुत किए जाएं। हाई कोर्ट में लंबित प्रकरणों एवं जनहित याचिकाओं का जवाब दावा समयसीमा में प्रस्तुत करने तथा माननीय न्यायालय के निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से सभी अधिकारी-कर्मचारियों को आईगॉट प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। गोपनीय चरित्रावली लेखन के दौरान इसे भी ध्यान में रखा जाएगा। कलेक्टर ने मुख्यमंत्री जनदर्शन, पीएम पोर्टल एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों की प्रगति की समीक्षा करते हुए उनके शीघ्र, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण पर विशेष जोर दिया। बैठक में नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

राजस्व विभाग में भूचाल: कलेक्टर ने लिया बड़ा एक्शन, पटवारी सस्पेंड और अधिकारियों को नोटिस

सिंगरौली  मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में कलेक्टर गौरव बैनल ने राजस्व विभाग की लापरवाही पर बड़ा और सख्त एक्शन लिया है। औचक निरीक्षण के दौरान उज्जैनी, बड़ोखर और बरगवा तहसीलदार कोर्ट में लंबित प्रकरणों के निराकरण में गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर एक तहसीलदार और दो प्रभारी नायब तहसीलदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, जबकि एक पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। इस कार्रवाई से पूरे राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है। औचक निरीक्षण में खुली लापरवाही की पोल कलेक्टर गौरव बैनल देवसर तहसील अंतर्गत उज्जैनी, बड़ोखर और बरगवा तहसीलदार न्यायालय का औचक निरीक्षण करने पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान नामांतरण, सीमांकन और बंटवारा जैसे सैकड़ों राजस्व प्रकरण लंबित पाए गए। कई मामलों में महीनों से सुनवाई नहीं होने और फाइलों में पटवारी रिपोर्ट तक संलग्न नहीं होने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई।  राजस्व प्रकरणों के समय पर निराकरण में लापरवाही बरतने पर प्रभारी नायब तहसीलदार बरगवा नागेश्वर पनिका और प्रभारी नायब तहसीलदार बड़ोखर दिनेश कुमार पनिका को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। दोनों अधिकारियों को तीन दिन के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर आगे और सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। पटवारी सस्पेंड, कड़ा संदेश राजस्व प्रकरणों में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर हल्का देवरा के पटवारी अजमेर सिंह को निलंबित कर दिया गया है। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि प्रारंभिक सुनवाई नियमित होनी चाहिए और जिन मामलों में पटवारी रिपोर्ट लंबित है, वहां तुरंत बैठक कर समय-सीमा में रिपोर्ट पेश कराई जाए। लापरवाही जारी रहने पर आगे और निलंबन व विभागीय कार्रवाई की जाएगी। सिस्टम में सुधार का अल्टीमेटम कलेक्टर ने अधिकारियों को चेताया कि जनता से जुड़े राजस्व मामलों में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हर प्रकरण की समय-सीमा तय कर नियमित मॉनिटरिंग होगी। आने वाले दिनों में अन्य तहसीलों में भी औचक निरीक्षण किए जाने की संभावना है।

जनदर्शन में कलेक्टर ने सुनी लोगों की समस्याएं

जनदर्शन में कलेक्टर ने सुनी लोगों की समस्याएं बिलासपुर कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने साप्ताहिक जनदर्शन में आज दूर-दराज से पहुंचे ग्रामीणों की फरियाद सुनी। उन्होंने एक-एक कर प्रत्येक व्यक्ति से मुलाकात कर उनका आवेदन लिया और आवश्यक कार्रवाई के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। लोगों ने जनदर्शन में व्यक्तिगत एवं सामुदायिक हित से जुड़े विषयों को लेकर जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट करते हुए आवेदन दिया। नगर निगम कमिश्नर श्री प्रकाश कुमार सर्वे और सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल ने लोगों की समस्याओं को सुना। लोगों ने कलेक्टर से मिलकर व्यक्तिगत एवं सामुदायिक समस्याओं से संबंधित आवेदन दिए।         जनदर्शन में आज बोदरी तहसील के ग्राम बोडसरा के छात्र दीपेश कुमार ने राजस्व रिकॉर्ड में हुई त्रुटि को लेकर कलेक्टर से सुधार की मांग की है। आवेदक का कहना है कि पुराने मिसल रिकॉर्ड में नाम की गलती के कारण उसका जाति, निवास और आय प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहा है, जिससे उसकी आगे की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। त्रुटि के कारण राजस्व रिकॉर्ड से जुड़े आवश्यक दस्तावेज नहीं बन पा रहे हैं, जिससे उसे शैक्षणिक और अन्य सरकारी प्रक्रियाओं में परेशानी हो रही है। कलेक्टर ने मामले को एसडीओ बिल्हा को सौंपा। कोटा ब्लॉक के ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने शासकीय तालाब के आने जाने के निस्तारी रास्ते पर सुखराम यादव द्वारा किये गये अवैध निर्माण कार्य को हटाने के लिए ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम तेंदुवा के सुखराम यादव द्वारा निस्तारी रास्ते पर अवैध कब्जा कर मकान निर्माण कर लिया गया है। जिससे ग्रामीणों को तालाब आने जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कलेक्टर ने एसडीएम को उक्त प्रकरण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए है। नहरपारा लिटिया के कैलाश प्रसाद साहू ने कलेक्टर से मुलाकात कर किसान सम्मान निधि की राशि प्रदान करने गुहार लगाई। मामले को उप संचालक कृषि देखेंगे।         शहर के वार्ड क्रमांक 36 बसंत भाई पटेल नगर के वासियों ने वार्ड में सीसी रोड, नाली, बिजली पोल एवं पानी पाईप लाईन लगाने की मांग की है। वार्ड वासियों ने अपनी समस्या बताते हुए कहा कि कच्चे सड़क की वजह से पानी भराव एवं गदंगी की स्थिति निर्मित हो जाती है। जिससे स्कूली बच्चों सहित आमजनों को भी काफी परेशानियां होती है। कलेक्टर ने आयुक्त नगर निगम को इस पर आवश्यक कार्यवाही करने कहा। सकरी तहसील के ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत कोपरा में तालाब निर्माण के लिए प्रस्तावित जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों की शिकायत के अनुसार ग्राम पंचायत क्षेत्र में तालाब निर्माण के लिए खसरा नंबर 81 और 82 की जमीन ग्राम सभा से स्वीकृत है। कुछ लोगों ने इस प्रस्तावित जमीन पर खेत बनाना शुरू कर दिया है और ट्रैक्टर से लगातार जुताई का काम जारी है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले सरपंच द्वारा इस कार्य को रुकवाया गया था, लेकिन कुछ दिनों बाद फिर से उसी जमीन पर खेती शुरू कर दी गई। ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि संबंधित लोगों द्वारा किए जा रहे कब्जे और खेती के कार्य को तुरंत रोका जाए तथा प्रस्तावित तालाब की जमीन को सुरक्षित रखा जाए। कलेक्टर ने एसडीओ तखतपुर को प्रकरण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।         जनदर्शन में राजस्व अभिलेखों में नाम सुधार, पुराने मिसल अभिलेख में त्रुटि संशोधन तथा जाति प्रमाण पत्र जारी करने से जुड़े आवेदन भी प्राप्त हुए। कुछ आवेदकों ने आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने, किसान सम्मान निधि नहीं मिलने तथा बैंक एवं वित्तीय संस्था से संबंधित बकाया भुगतान की समस्याएं भी रखीं। इसके अलावा दुकान का जप्त सामान या राशि वापस दिलाने एवं आवास ऋण से जुड़ी शिकायतें भी प्राप्त हुई। कलेक्टर ने सभी आवेदनों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को जांच कर नियमानुसार शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। जनदर्शन में प्राप्त सभी आवेदनों को आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को भेजा गया। रचना/110/324 –00–

जनसुनवाई में कलेक्टर ने आमजन की समस्याओं पर ध्यान दिया, त्वरित निराकरण के आदेश

कलेक्टर ने सुनीं आमजन की समस्याएं, त्वरित निराकरण के दिए निर्देश साप्ताहिक जनसुनवाई में 90 आवेदनों पर सुनवाई   डिंडौरी    जिला मुख्यालय पर आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में आज बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर पहुंचे। कलेक्टर ने एक-एक कर आवेदकों से मुलाकात की और उनकी शिकायतों के निराकरण के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।            कलेक्ट्रेट सभागार में  आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में आम नागरिकों की समस्याएं सुनी गईं तथा कई आवेदनों का मौके पर ही समाधान कराया गया। जनसुनवाई में जिले के विभिन्न विकासखंडों से आए नागरिकों द्वारा समस्याओं एवं शिकायतों से संबंधित कुल 90 आवेदन प्रस्तुत किए गए। जिन मामलों का तत्काल निराकरण संभव नहीं हो सका, उनमें आवेदकों को समय-सीमा निर्धारित कर आवश्यक आश्वासन प्रदान किया गया।         जनसुनवाई के दौरान ग्राम पंचायत पोंड़ी माल विकासखंड डिंडौरी की आवेदिका श्रीमती अंधियारो बाई धुर्वे (आयु 70 वर्ष) एवं श्री गनपत सिंह (आयु 75 वर्ष) द्वारा विगत 10 माह से पेंशन राशि प्राप्त नहीं होने की शिकायत प्रस्तुत की गई। प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए अपर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारी को तत्काल निराकरण के निर्देश दिए।      कलेक्टर के निर्देश पर सामाजिक न्याय विभाग द्वारा दोनों हितग्राहियों की ई-केवायसी की गई, जिससे आगामी माह से उनके खाते में पेंशन राशि का नियमित भुगतान सुनिश्चित हो सकेगा।       इसी क्रम में ग्राम बहेरा टोला, ग्राम पंचायत माधोपुर विकासखंड डिंडौरी के आवेदक श्री इन्द्रपाल सिंह (आयु 82 वर्ष) एवं श्रीमती उर्मिला बाई (आयु 78 वर्ष) ने भी वृद्धावस्था पेंशन न मिलने की समस्या जनसुनवाई में रखी। जांच में पाया गया कि ई-केवायसी पूर्ण न होने के कारण उनकी पेंशन बंद थी। अपर कलेक्टर के निर्देशानुसार पुनः ई-केवायसी की गई, जिससे आगामी माह से पेंशन भुगतान पुनः प्रारंभ हो जाएगा। इसी प्रकार ग्राम ईश्वरपुर बंगवार ग्राम पंचायत दामी तितराही जनपद पंचायत समनापुर के श्री प्रेमलाल झिगराम ने जनसुनवाई में आवेदन दिया कि मेरे पुत्र पवन कुमार झिगराम की मृत्यु  28 सितंबर 2025 को हुआ है जिसका ग्राम पंचायत के द्वारा मृत्यु प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया है। उक्त मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कराने हेतु जनसुनवाई में पहुंचे जहां पर अपर कलेक्टर ने योजना एवं सांख्यिकी विभाग के श्री अभिषेक बंसल को निराकरण करने के लिए निर्देशित किया जिस पर उन्होंने समस्या को गंभीरता से लेते हुए एक घंटे के अंदर मृत्यु प्रमाण पत्र संबंधित हितग्राही को जनसुनवाई के दौरान सौंपा गया।         अपर कलेक्टर ने जिले के समस्त हितग्राहियों से अपील की है कि यदि किसी भी व्यक्ति की पेंशन राशि बंद हो गई है अथवा इस प्रकार की कोई समस्या है, तो वे अपने ग्राम पंचायत के सचिव, रोजगार सहायक, मोबिलाइज़र अथवा संबंधित जनपद पंचायत कार्यालय में संपर्क कर समस्या का समाधान करा सकते हैं, जिससे जिला मुख्यालय आने में समय व परेशानी से बचा जा सके।          जनसुनवाई में आउटसोर्स कर्मचारियों का मानदेय भुगतान न होने पर उन्होंने जनसुनवाई में गुहार लगाई है कि ’ओम पारस मेन पावर सर्विस’ लिमिटेड, भोपाल के माध्यम से जिले के विभिन्न सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों ने आवेदन सौंपा। डाटा एंट्री ऑपरेटर, वार्डवॉय और सिक्योरिटी गार्ड सहित अन्य कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें नवंबर, दिसंबर और जनवरी माह का मानदेय अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है। कर्मचारियों ने अपर कलेक्टर से मांग की है कि उनके मानदेय भुगतान के लिए एक निश्चित समय सीमा निर्धारित की जाए। जिस पर अपर कलेक्टर ने संबंधित विभाग को समस्या का निराकरण करने के निर्देश दिए तथा अपर कलेक्टर के द्वारा लिखित आवेदन भी कंपनी को मानदेय भुगतान  हेतु प्रेषित किया जाए। इसी तरह ग्राम मुंगेला विकासखंड समनापुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत बंजरा के सरपंच और ग्रामीणों ने सामुहिक रूप से लिखित आवेदन के साथ प्राथमिक शाला के जर्जर भवन की स्थिति की शिकायत की। बच्चों को स्कूल में अध्ययन में समस्या आ रहीं है। ग्रामीणों ने नए भवन निर्माण की मांग की। जिस पर अपर कलेक्टर ने समस्या को गंभीरता से लेते हुए डीपीसी, सर्व शिक्षा अभियान अधिकारी को निराकरण करने के निर्देश दिए।      ग्राम मोहगांव माल निवासी आवेदक ने अपने पिता की मृत्यु के उपरांत प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत लंबित क्लेम राशि के भुगतान हेतु आवेदन दिया। जिस पर कलेक्टर ने संबंधित विभागीय अधिकारी को समस्या का निराकरण करने के निर्देश दिए।       कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित इस जनसुनवाई के दौरान अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे प्राप्त आवेदनों की गंभीरता से जांच करें और समय सीमा के भीतर हितग्राहियों को लाभ दिलाना सुनिश्चित करें।     जनसुनवाई के दौरान अतिरिक्त सीईओ जिला पंचायत  पंकज जैन, एसडीएम डिंडौरी सुश्री भारती मेरावी, डिप्टी कलेक्टर  वैद्यनाथ वासनिक, डिप्टी कलेक्टर सुश्री प्रियांशी जैन, सहायक आयुक्त जनजाति कार्य विभाग श्री राजेन्द्र जाटव, एलडीएम  रविशंकर सहित अन्य संबंधित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ राज्य में प्रशासनिक हलचल, जिलों के कलेक्टरों में हो सकते हैं बदलाव

रायपुर  नए साल की शुरुआत के साथ ही छत्तीसगढ़ प्रशासनिक महकमे में बड़े फेरबदल की आहट तेज हो गई है। राज्य के कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने से कई जिलों के कलेक्टर बदले जाने की पूरी संभावना बन गई है। प्रशासनिक गलियारों में इसे बड़े स्तर पर आईएएस तबादलों की शुरुआत माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, डॉ. प्रियंका शुक्ला के बाद अब जगदलपुर कलेक्टर एस. हरीश और बलौदाबाजार-भाटापारा कलेक्टर दीपक सोनी का नाम भी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने वाले अधिकारियों की सूची में शामिल हो चुका है। दोनों अधिकारियों की केंद्र सरकार में नई पोस्टिंग को मंजूरी मिल चुकी है, ऐसे में इन्हें जल्द ही राज्य से रिलीव किया जा सकता है। कई जिलों में बदलेगी प्रशासनिक कमान दो महत्वपूर्ण जिलों के कलेक्टरों के एक साथ रिलीव होने से जिला प्रशासन की कमान नए अधिकारियों को सौंपे जाने की तैयारी शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि इसी क्रम में कई और जिलों के कलेक्टरों में बदलाव किया जा सकता है। जल्द ही राज्य सरकार आईएएस अफसरों की तबादला सूची जारी कर सकती है। मंत्रालय से मैदानी स्तर तक बदलाव संभव सूत्रों का कहना है कि अधिकारियों के रिलीव होते ही राज्य सरकार मंत्रालय और जिला स्तर पर व्यापक प्रशासनिक बदलाव कर सकती है। कुछ आईएएस अफसरों को नई जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं, जबकि कुछ के विभाग बदले जाने की भी संभावना है। आने वाले दिनों में मंत्रालय से लेकर मैदानी प्रशासन तक हलचल तेज रहने के संकेत हैं। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर लगातार जा रहे अफसर छत्तीसगढ़ कैडर के आईएएस अफसरों का केंद्र सरकार में जाना लगातार जारी है। वर्तमान में करीब 17 आईएएस अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर सेवाएं दे रहे हैं। पहले से ही अमित अग्रवाल और निधि छिब्बर केंद्र में पदस्थ हैं। बता दें कि बस्तर कलेक्टर एस. हरीश को भारत सरकार ने केंद्रीय उद्योग एवं वाणिज्य विभाग में उप सचिव नियुक्त किया है। वहीं 2011 बैच के आईएएस दीपक सोनी को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में डायरेक्टर के पद पर जिम्मेदारी दी गई है। अब निगाहें राज्य सरकार की अगली तबादला सूची पर टिकी हैं, जो छत्तीसगढ़ प्रशासन में बड़े बदलाव की तस्वीर साफ कर सकती है।