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कलेक्टर का एक्शन, तहसीलदार को कलेक्ट्रेट अटैच, कोर्ट रीडर निलंबित, नायब तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस

 सिंगरौली कलेक्टर गौरव बैनल ने तहसील कार्यालय सरई का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान तहसीलदार न्यायालय में संचालित राजस्व प्रकरणों के अवलोकन में गंभीर अनियमितताएं सामने आई। निरीक्षण में पाया गया कि अधिकांश राजस्व प्रकरण कई महीनों से लंबित हैं। कुछ मामलों में पारित आदेशों का पालन नहीं किया गया, जबकि कई प्रकरणों में निर्धारित तिथियों पर पेशी तक नहीं कराई गई। इससे स्पष्ट हुआ कि तहसीलदार न्यायालय का संचालन नियमित रूप से नहीं हो रहा था। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने तहसीलदार सरई चन्द्रशेखर मिश्रा को कारण बताओ नोटिस जारी कर कलेक्ट्रेट कार्यालय में संलग्न अटैच करने के निर्देश दिए। वहीं तहसीलदार सरई के कोर्ट रीडर पुष्पेन्द्र द्विवेदी को निलंबित करने के आदेश जारी किए गए। कलेक्टर तहसील सरई के वृत्त खनुआ स्थित नायब तहसीलदार न्यायालय का भी निरीक्षण किया। यहां भी राजस्व प्रकरणों के निराकरण में अनियमितता पाए जाने पर नायब तहसीलदार देवकरण सिंह एवं संबंधित कोर्ट रीडर लखपति सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अनुविभागीय अधिकारी एसडीएम देवसर को निर्देशित किया कि सभी लंबित राजस्व प्रकरणों का दो दिन के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाए। न्यायालयों का संचालन नियमित और सुचारू रूप से कराया जाए, ताकि आम नागरिकों को समय पर न्याय मिल सके।

जगदलपुर: जिले की ग्राम पंचायतों में होगी चौपाल, कलेक्टर ने जारी किया निरीक्षण कैलेंडर

जगदलपुर : जिले के ग्राम पंचायतों में होगी चौपाल, कलेक्टर ने जारी किया जिले भर का निरीक्षण कैलेंडर जगदलपुर: जिले की ग्राम पंचायतों में होगी चौपाल, कलेक्टर ने जारी किया निरीक्षण कैलेंडर जगदलपुर जिले में ग्राम पंचायतों में चौपाल, कलेक्टर ने जारी किया निरीक्षण कैलेंडर 9 जनवरी को लोहण्डीगुड़ा से होगी शुरुआत जगदलपुर जिले में सुशासन को गांव-गांव तक पहुंचाने और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को पारदर्शी बनाने के लिए जिला प्रशासन ने एक व्यापक रोडमैप तैयार किया है। कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह के निर्देशों के परिपालन में कलेक्टर श्री हरिस एस ने जिले के सभी जनपद पंचायतों के अन्तर्गत निरीक्षण की तिथियां निर्धारित करते हुए एक विस्तृत आदेश जारी किया है, जिसके तहत प्रशासन अब दफ्तरों से निकलकर सीधे ग्रामीणों के बीच चैपाल लगाएगा। इस अभियान की शुरुआत लोहण्डीगुड़ा जनपद पंचायत से होने जा रही है, जहां आगामी 9 जनवरी 2026 को प्रशासन का पहला पड़ाव होगा, जिसके बाद चरणबद्ध तरीके से पूरे जिले को कवर किया जाएगा।         कलेक्टर द्वारा जारी किए गए कैलेंडर के अनुसार, लोहण्डीगुड़ा के बाद 30 जनवरी को दरभा, 20 फरवरी को बकावण्ड, 6 मार्च को बास्तानार, 25 मार्च को जगदलपुर, 10 अप्रैल को बस्तर और अंत में 30 अप्रैल 2026 को तोकापाल जनपद पंचायत में निरीक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इस पूरी कवायद का उद्देश्य ग्राम स्तर पर चैपाल का आयोजन कर ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित करना है, साथ ही मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता और विकास कार्यों को सुनिश्चित करना है। निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक अधिकारी सुबह 10 बजे गांवों में पहुंचकर स्कूल, आंगनबाड़ी, अस्पताल, राशन दुकान और निर्माण कार्यों का निरीक्षण करेंगे और फिर दोपहर 2 बजे पंचायत भवन में आयोजित चैपाल में ग्रामीणों की समस्याएं सुनेंगे।          इस अभियान की गंभीरता को देखते हुए सभी जिला और जनपद अधिकारियों को आदेश का सूक्ष्मता से अवलोकन करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को जांच के दौरान किन बिंदुओं पर फोकस करना है, इसके लिए एक विस्तृत निरीक्षण प्रपत्र पृथक से साझा किया जाएगा। अभियान के दौरान अधिकारी मध्यान्ह भोजन, पूरक पोषण आहार, जल जीवन मिशन, मनरेगा और स्वास्थ्य सेवाओं जैसी बुनियादी सुविधाओं की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देंगे। दिन भर चले निरीक्षण और जनसंवाद के बाद उसी दिन शाम 4:30 बजे जनपद मुख्यालय में नोडल अधिकारी समीक्षा बैठक करेंगे, जिसमें पाई गई समस्याओं और ग्रामीणों से मिले फीडबैक पर चर्चा कर त्वरित निराकरण की रणनीति बनाई जाएगी। क्रमांक/1504/ अर्जुन

कलेक्टर IAS गौरव बैनल ने अचानक दौरा किया माता सबरी कन्या विद्यालय का, प्राचार्य पर कार्रवाई

सिंगरौली  सिंगरौली जिले के कलेक्टर IAS गौरव बैनल सोमवार को अचानक गड़ेरिया स्थित माता सबरी आवासीय कन्या विद्यालय पहुंचे.निरीक्षण के दौरान प्राचार्य और शिक्षक विद्यालय से गायब मिले.कलेक्टर ने दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी कर प्राचार्य की एक वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए.हालांकि कलेक्टर के आने के कुछ समय बाद ही स्कूल से गायब प्राचार्य स्कूल में पहुंच गए. निरीक्षण के बाद कलेक्टर ने माता सबरी आवासीय कन्या विद्यालय के छात्राओं से संवाद किया.कलेक्टर गौरव बैनल ने छात्राओं को अपनी रुचि के अनुसार कैरियर चुनने की सलाह दी. कुछ छात्राओं ने कलेक्टर गौरव बैनल से IAS बनने का मार्गदर्शन भी लिया. कलेक्टर ने विद्यालय के पुस्तकालय व लैब का भी जायजा लिया. और साफ सफाई व लैब संचालित करने के लिए निर्देशित किया. इस दौरान विद्यालय के प्राचार्य ने कलेक्टर से बताया कि विद्यालय परिसर के पास स्टोन क्रेशर होने के कारण छात्राओं की पढ़ाई में बाधा उत्पन्न होती है.इस समस्या पर भी कलेक्टर ने तत्काल जिला खनिज अधिकारी को जांच के प्रतिवेदन देने का निर्देश दिया। 

MP के दतिया में कलेक्टर ने लगाया प्रतिबंध, प्रतिमाओं के सामने पोस्टर और विज्ञापन लगाने पर सख्त एक्शन होगा

दतिया  देश के विभिन्न प्रदेशों की तरह ही मध्य प्रदेश में भी चौराहों, तिराहों पर महापुरुषों, संतों आदि की मूर्तियाँ स्थापित हैं, इनकी स्थापना के समय बहुत ही सम्मान के साथ इनका यशगान किया जाता हैं लेकिन कुछ समय बाद ही इन प्रतिमाओं को विज्ञापनों, बैनरों, पोस्टरों आदि से पाट दिया जाता है लेकिन अब ऐसा नहीं हो सकेगा, दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने उनके जिले में ये प्रतिबंधित कर दिया है। दतिया कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट स्वप्निल वानखड़े ने शहर की सुंदरता और महापुरुषों के सम्मान को बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण और सख्त आदेश जारी किया है। अब जिले में संतों और महापुरुषों की प्रतिमाओं के सामने किसी भी प्रकार के होर्डिंग, फ्लैक्स या बैनर लगाने पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह सार्वजनिक मर्यादा और प्रशासनिक आदर्शों के विपरीत” आदेश में कलेक्टर ने लिखा, जिला प्रशासन के संज्ञान में आया था कि शहर और जिले के विभिन्न स्थानों पर स्थापित प्रतिमाओं के आगे निजी और संस्थागत प्रचार सामग्री लगा दी जाती है। इससे न केवल प्रतिमाएं स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देतीं, बल्कि यह सार्वजनिक मर्यादा और प्रशासनिक आदर्शों के भी विपरीत है। कलेक्टर ने कहा कि महापुरुषों की प्रतिमाएं प्रेरणा और सम्मान का प्रतीक हैं, इसलिए उनके सामने अनधिकृत विज्ञापन लगाना अनुचित है। आदेश में दतिया शहर के प्रमुख 15 स्थानों का जिक्र   आदेश में दतिया शहर की 15 प्रमुख जगहों और प्रतिमाओं का विशेष उल्लेख किया गया है, जहाँ अक्सर यह समस्या देखी जाती है। जिनमें स्वामी विवेकानंद पटवा तिराहा, महात्मा गांधी गांधी पार्क किला चौक, डॉ. भीमराव अम्बेडकर, किला चौक, महाराज भवानी सिंह किला चौक भवानी पार्क, महाराज गोविन्द सिंह किला चौक गोविन्द पार्क, मैथिलीशरण गुप्त राजगढ़ चौराहा पीताम्बरा मंदिर के पास, महाराज अग्रसेन बम-बम महादेव बस स्टैण्ड़ के पास, रामचेरे प्रजापति समाज बस स्टैण्ड के पास, अवंतिका बाई लोधी, भाण्ड़ेर रोड़ देहात थाना के पास, देवी अहिल्या बाई पुलिस कंट्रोल रूम के पास सिविल लाईन, सरदार वल्लभ भाई पटेल मेडीकल कॉलेज के पास एनएच-44, बाल्मीकि समाज पार्क गहोई वाटिका के सामने, संत गाडगे बाबा गहोई वाटिका के सामने, डॉ. भीम राव अम्बेडकर अम्बेडकर पार्क एनएच-44 के नाम शामिल है। आदेश का उल्लंघन करने वालों पर एक्शन के निर्देश  कलेक्टर ने स्थानीय निकाय, पुलिस प्रशासन और राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वर्तमान में प्रतिमाओं के सामने लगी किसी भी प्रकार की प्रचार सामग्री को तत्काल हटाया जाए। साथ ही भविष्य में प्रतिमाओं के समक्ष होर्डिंग/बैनर लगाने की अनुमति न दी जाए। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाए। यह आदेश दतिया शहर सहित सम्पूर्ण जिले की राजस्व सीमा में स्थापित सभी प्रतिमाओं पर लागू होगा।

कलेक्टर की अभिनव पहल :-मानसिक तनाव और अवसाद की स्थिति में विद्यार्थी, परीक्षार्थी और कामकाजी युवाओं की काउंसलिंग करेंगे मानसिक विशेषज्ञ.

कलेक्टर की अभिनव पहल :-मानसिक तनाव और अवसाद की स्थिति में विद्यार्थी, परीक्षार्थी और कामकाजी युवाओं की काउंसलिंग करेंगे मानसिक विशेषज्ञ. जबलपुर   परीक्षाओं या कामकाज को लेकर विद्यार्थियों, किशोरों और युवाओं में बढ़ते मानसिक तनाव और अवसाद को देखते हुये कलेक्टर राघवेंद्र सिंह की पहल पर जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा "मनसा" नाम से काउंसलिग का अनूठा कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों, परीक्षार्थियों, कामकाजी युवाओं एवं महिलायें मानसिक तनाव, चिंता, भावनात्मक असंतुलन और निर्णय लेने में कठिनाई जैसी स्थितियों में मनोचिकित्सकों या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों से निः शुल्क परामर्श प्राप्त कर सकेंगे। कार्यक्रम के शुरुआती चरण में ऐसे योग्य काउंसलर्स का पैनल तैयार किया जाएगा जो समाज हित में स्वेच्छा से सेवाएं देने के तत्पर हैं। इसके लिये एक लिंक https://forms.gle/zPsaLdjzedenVxWy7 जेनरेट की गई है। इस लिंक पर इच्छुक मनोचिकित्सक या इस क्षेत्र में विशेषज्ञता रखने वाले अपना रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। उन्हें इस लिंक पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी जैसे नाम, पता और मोबाइल नम्बर दर्ज करने के साथ-साथ शैक्षणिक योग्यता से सबंधित सर्टिफिकेट एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज भी अपलोड करना होंगे। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने जबलपुर जिले के सभी योग्य मनोचिकित्सकों एवं मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों से मंगलवार 9 दिसम्बर तक अपना रजिस्ट्रेशन कराकर इस महत्वपूर्ण सामाजिक पहल में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।

कलेक्टर की पहल और किसान की दानशीलता, दतिया में जल्द शुरू होगा बड़ा अस्पताल

दतिया    दतिया जिले में एक किसान ने उदारता दिखाई है। गांव में 30 साल पहले बना अस्पताल में अब लोगों के लिए छोटा पड़ रहा था। मरीजों की संख्या के हिसाब से अब अस्पताल में जगह नहीं थी। दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े वहां पहुंचे और अस्पताल का निरीक्षण किया। गांव के लोगों ने विस्तार की बात कही तो कलेक्टर ने कहा कि यहां जमीन ही नहीं है। कलेक्टर ने जमीन देने की अपील की अस्पताल के पास ही खड़े होकर कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े वहां लोगों से बात करने लगे। बातचीत के दौरान उन्होंने किसानों से कहा कि यहां निर्माण के लिए जमीन ही नहीं है। अगर जमीन नहीं है तो विस्तार कैसे होगा। ग्रामीणों ने कलेक्टर की अपील को सुना। इस बीच उन्हीं में से एक किसान ने उदारता दिखाई। किसान ने जमीन दान कर दी कलेक्टर स्वपनिल वानखेड़े की बातों को सुनकर मौके पर मौजूद एक किसान ने उदारता दिखाई। किसान ने तुरंत कलेक्टर से कहा कि अस्पताल निर्माण के लिए मैं दो-तीन बीघा जमीन दान दूंगा। इससे ज्यादा भी जरूरत पड़ी तो मैं देने के लिए तैयार हैं। किसान ने कहा कि सड़क किनारे भी हमारी जमीन है, वहां भी दे दूंगा। इसके साथ किसान ने कलेक्टर से कहा कि हमारे परिवार ने पहले भी जमीन दान में दी है। अस्पताल और स्कूल गांव में उसी जमीन पर बने हुए हैं। कलेक्टर ने कहा कि सम्मानित करूंगा वहीं, मौके पर मौजूद दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने अधिकारी से कहा कि दान पत्र बन जाए तो स्थानीय स्तर पर एक कार्यक्रम आयोजित कर इन्हें सम्मानित करें। कलेक्टर ने यह भी कहा कि मैं भी इस कार्यक्रम में आऊंगा। गौरतलब है कि जमीन दान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद गांव में अस्पताल निर्माण की प्रक्रिया शुरु होगी। इससे गांव और आसपास की महिलाओं को डिलीवरी के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। कलेक्टर ने किसान से बात करते हुए वीडियो शेयर किया है।

कलेक्टर का दौरा: निमधा आदिवासी छात्रावास में व्यवस्थाओं का लिया जायज़ा

गौरेला पेंड्रा मरवाही, कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी ने शनिवार को समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के शुभारंभ करने के दौरान आदिवासी बालक छात्रावास निमधा का निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों की उपस्थिति, भोजन, नाश्ता, अध्ययन-अध्यापन और ठंडक के मौसम को देखते हुए गर्म कपड़ों की व्यवस्था आदि की जानकारी ली। उन्होंने छात्रावास अधीक्षक जो मूल रूप से शिक्षक हैं, को अधीक्षकीय कार्य के अलावा अपने समबद्ध स्कूल में प्रतिदिन दो क्लास लेने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने छात्रावासी बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, खानपान एवं साफ सफाई पर विशेष ध्यान देने कहा। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री मुकेश रावटे भी उपस्थित थे।

एमपी हाईकोर्ट का कड़ा रुख: युवक को टाइपिंग त्रुटि से हुई जेल, कलेक्टर से दो लाख वसूलने के निर्देश

जबलपुर मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के 26 वर्षीय सुशांत बैस ने कहा कि एक लिपिकीय त्रुटि के कारण मुझे एक साल से ज्यादा समय तक जेल में रहना पड़ा। राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत उनकी गलत हिरासत इस बात का एक स्पष्ट उदाहरण बन गई है कि कैसे एक नौकरशाही का जाल किसी की ज़िंदगी को उलट-पुलट कर सकता है। सुशांत को पिछले साल चार सितंबर को गिरफ़्तार किया गया था और इस साल नौ सितंबर को हाई कोर्ट द्वारा उनकी रिहाई के आदेश के बाद उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया। हाई कोर्ट ने ज़िला कलेक्टर को अवमानना ​​का नोटिस जारी किया और उन्हें सुशांत को दो लाख रुपये का मुआवज़ा देने का निर्देश दिया। लेकिन यह राहत उनके लिए कोई सांत्वना नहीं है। पत्नी अकेले संघर्ष कर रही थी 26 वर्षीय सुशांत का कहना है कि एक साल तक चली इस यातना ने उनके दिल पर गहरे जख्म छोड़ दिए हैं। मेरी बेटी अनाया का जन्म 13 मार्च को हुआ था। मैंने उसे पहली बार घर लौटने के बाद ही देखा था। उन्होंने यह याद करते हुए कि कैसे उनकी पत्नी अकेले संघर्ष कर रही थीं और उनके माता-पिता ने एक ऐसा मुकदमा लड़ने के लिए पैसे उधार लिए थे जिसे वे समझ नहीं पा रहे थे। अनाया ने अपने पहले कदम तब रखे जब मैं जेल में था। कोई व्यवस्था, कोई पैसा मुझे वह समय वापस नहीं दिला सकता। अपनी गिरफ्तारी से बमुश्किल कुछ महीने पहले ही शादी करने वाले सुशांत कहते हैं कि इस यातना ने उनके दिल पर गहरे जख्म छोड़ दिए हैं। अब, इस गलत तरीके से कैद किए जाने के कारण मेरी नौकरी की संभावना भी खत्म हो गई हैं। कोर्ट ने अपनाया गंभीर रूख सुशांत को जेल में डालने वाला कोई अपराध नहीं था, बल्कि अधिकारियों ने शुरुआत में इसे एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया के दौरान टाइपिंग की गलती बताकर टाल दिया था। शहडोल के ज़िला कलेक्टर केदार सिंह ने एक एनएसए निरोध आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिसमें वास्तविक अभियुक्त नीरजकांत द्विवेदी के बजाय सुशांत का नाम था। न्यायालय ने युवक को हुई मानसिक प्रताड़ना पर गंभीर रुख़ अपनाया। न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल और न्यायमूर्ति अवनींद्र कुमार सिंह की युगलपीठ ने राज्य सरकार की भी खिंचाई की और कहा कि वह निरोध आदेश को मंज़ूरी देने से पहले उसकी जांच-पड़ताल करने में विफल रही।

सांसद रूपकुमारी चौधरी और जनप्रतिनिधि होंगे पदयात्रा में शामिल, कलेक्टर ने सहभागिता का किया आग्रह

7 नवम्बर को नागाबुड़ा से गरियाबंद तक निकलेगी एकता पदयात्रा सरदार पटेल की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि व आत्मनिर्भर भारत शपथ का आयोजन गरियाबंद, लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150 वीं जयंती 31 अक्टूबर के अवसर पर आयोजित होने वाले विविध गतिविधियों एवं कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन एवं सफलतापूर्वक आयोजन के लिए कलेक्टर श्री बी एस उइके एवं जिला पंचायत सीईओ श्री प्रखर चन्द्राकर ने नागाबुड़ा, कोकड़ी सहित अन्य स्थलों का निरीक्षण किया। उल्लेखनीय है कि 7 नवम्बर को पदयात्रा सुबह 9 बजे नागाबुड़ा से प्रारम्भ होकर जिला मुख्यालय गरियाबंद तक लगभग 9 किलोमीटर चलेगा। पदयात्रा से पहले स्थानीय लोगों में जागरूकता के लिए विविध कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही युवाओं के बीच नशामुक्त भारत शपथ, संस्थानों में स्वदेशी मेलों का आयोजन एवं गर्व से स्वदेशी संकल्प भी दिलवाए जाएंगे। इस दौरान योग एवं हेल्थ शिविरों के साथ क्षेत्र में स्वच्छता अभियान का भी आयोजन किया जाएगा। सरदार पटेल के उद्धरण और राष्ट्रीय एकता दिवस पदयात्रा से संबंधित संदेशों वाले साइन बोर्ड लगाये जायंगे। यात्रा पथ पर सार्वजनिक सुविधा स्थल बनवाएँ जिसमें पानी, शौचालय, हल्का भोजन आदि मूलभूत सुविधाएं शामिल किया जाएगा। यात्रा के दौरान सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि, आत्मनिर्भर भारत शपथ और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होगा। कार्यक्रम में महासमुंद लोकसभा क्षेत्र की सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, राजिम विधायक श्री रोहित साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, अधिकारी-कर्मचारी एवं ग्रामीणजन शामिल होंगे। उल्लेखनीय है कि सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती को समर्पित इस राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में एकता, देशभक्ति और कर्तव्य भावना को जागृत करना है। यह पदयात्रा नहरगांव, कोकड़ी होते हुए गरियाबंद में वृहद कार्यक्रम कर समापन किया जायेगा। कलेक्टर ने गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधियों एवं मीडियाकर्मियों को शामिल होने का आग्रह किया है।

कलेक्टर ने किया जिला कोषालय का निरीक्षण

बिलासपुर, कलेक्टर संजय अग्रवाल ने  कलेक्टोरेट परिसर स्थित जिला कोषालय का अर्धवार्षिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कोषालय की समस्त व्यवस्थाओं का सूक्ष्मता से अवलोकन करते हुए डबल लॉक का भौतिक सत्यापन, संबंधित पंजियों का परीक्षण तथा स्टाम्प, टिकट, बिल पासिंग,पेंशन भुगतान एवं लेखा कार्यों की समीक्षा की। कलेक्टर ने कोषालय में अभिलेखों के सुरक्षित रखरखाव, दस्तावेजों के अद्यतन एवं वित्तीय अनुशासन की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कार्य की पारदर्शिता, सटीकता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। इस अवसर पर वरिष्ठ कोषालय अधिकारी बसंत गुलेरी , डिप्टी कलेक्टर रजनी भगत, सहायक कोषालय अधिकारी सुजीत कुमार पात्रे, खजांची  ज्ञानू भारद्वाज,  सुरेंद्र देवांगन सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।