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चेन्नई के शख्स ने सालभर में खरीदे 1 लाख रुपये के कंडोम, जानें कितनी बार किया ऑर्डर

चेन्नई  ऑनलाइन शॉपिंग ने अब सिर्फ जरूरत की चीजें ही नहीं, बल्कि लोगों की आदतें और हैरान करने वाले खर्च भी सामने ला दिए हैं. स्विगी इंस्टामार्ट की 2025 की साल के लास्ट की रिपोर्ट कुछ ऐसे ही चौंकाने वाले आंकड़े लेकर आई है, जो दिखाते हैं कि भारतीयों ने इस साल क्विक कॉमर्स पर कैसे और कितनी बेझिझक खरीदारी की. स्विगी इंस्टामार्ट की 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल लोगों ने दूध और सब्जियों जैसी रोजमर्रा की चीजों से लेकर सोना और आईफोन जैसी महंगी चीजों तक सब कुछ ऑनलाइन मंगाया. सबसे ज़्यादा चेन्नई का एक कस्टमर चर्चा में रहा, जिसने पूरे साल में सिर्फ कंडोम पर 1 लाख रुपये से ज़्यादा खर्च कर दिए. इस ग्राहक ने साल भर में 228 बार ऑर्डर किए और कुल बिल 1,06,398 रुपये तक पहुंच गया. इंस्टामार्ट पर हर सेकंड चार से ज्यादा पैकेट दूध ऑर्डर  रिपोर्ट बताती है कि कंडोम इंस्टामार्ट पर एक बेहद लोकप्रिय प्रोडक्ट बन गया. हर 127 ऑर्डर में से एक में कंडोम शामिल था. खासतौर पर सितंबर महीने में इसकी बिक्री में 24% की बढ़ोतरी दर्ज की गई. रोजमर्रा की जरूरतों की बात करें तो दूध 2025 में भी भारत की सबसे जरूरी चीज बना रहा. आंकड़ों के अनुसार, इंस्टामार्ट पर हर सेकंड चार से ज्यादा पैकेट दूध ऑर्डर किए गए. कंपनी का दावा है कि इतना दूध 26,000 से ज्यादा ओलंपिक साइज के स्विमिंग पूल भर सकता है. जानवरों के मालिकों ने भी किया दिल खोलकर खर्च  पालतू जानवरों के मालिकों ने भी दिल खोलकर खर्च किया. चेन्नई के एक पेट लवर ने सिर्फ पालतू जानवरों के सामान पर 24.1 लाख रुपये खर्च कर दिए और उन्हें 'साल का बेस्ट पेट ओनर' कहा गया. वहीं फिटनेस के शौकीनों में नोएडा का एक यूजर सबसे आगे रहा, जिसने 1,343 प्रोटीन सप्लीमेंट्स ऑर्डर किए और पूरे साल में 28 लाख रुपये खर्च कर डाले. इसमें लग्जरी शॉपिंग भी पीछे नहीं रही. मुंबई के एक यूजर ने इंस्टामार्ट के जरिए 15.16 लाख रुपये का सोना खरीदा, जिससे साफ है कि क्विक कॉमर्स अब सिर्फ किराने तक सीमित नहीं रहा.  दूसरी तरफ, बेंगलुरु के एक यूजर ने साल का सबसे छोटा ऑर्डर किया- सिर्फ 10 रुपये का प्रिंटआउट. कुल मिलाकर, स्विगी इंस्टामार्ट की 2025 की रिपोर्ट यह दिखाती है कि आज का भारतीय ग्राहक क्विक कॉमर्स का इस्तेमाल सिर्फ सुविधा के लिए नहीं, बल्कि हर छोटी-बड़ी जरूरत और शौक पूरा करने के लिए कर रहा है-चाहे वह दूध हो, कंडोम हो या फिर सोना.

जनवरी 2026 से कंडोम और अन्य गर्भनिरोधक उत्पादों पर 13% वैट, कीमतें बढ़ेंगी

बीजिंग  चीन में कंडोम के दाम बढ़ने वाले हैं। सरकार ने घोषणा की है कि जनवरी 2026 से कंडोम सहित सभी गर्भनिरोधक उत्पादों पर 13% वैट लगाया जाएगा। जन्म दर में लगातार आ रही गिरावट के बीच यह बड़ा फैसला लिया गया है। सरकार का तर्क है कि गर्भनिरोधक प्रोडक्ट महंगे होने पर लोग इनका उपयोग कम करेंगे, जिससे जन्मदर बढ़ाने में मदद मिलेगी। करीब 32 साल बाद चीन गर्भनिरोधक उत्पादों पर टैक्स लगाने जा रहा है। 1993 में जब ‘वन चाइल्ड पॉलिसी’ लागू थी और जन्म नियंत्रण को बढ़ावा दिया जा रहा था, तब कंडोम और अन्य गर्भनिरोधक साधनों को टैक्स फ्री रखा गया था। लेकिन अब नागरिकों को इन उत्पादों की खरीद पर 13% टैक्स चुकाना होगा। क्यों लिया गया यह निर्णय? 2024 में चीन की जनसंख्या तीसरे साल भी घटती हुई दर्ज की गई। राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो के अनुसार, 2024 में आबादी 1.409 बिलियन से घटकर 1.408 बिलियन हो गई। वहीं संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि प्रजनन आयु वर्ग (15–49 वर्ष) की चीनी महिलाओं की संख्या सदी के अंत तक दो-तिहाई से अधिक घटकर 100 मिलियन से कम रह जाएगी। इसी गिरती दर को रोकने के लिए सरकार ने नीतिगत बदलाव किया है। इन सेवाओं पर टैक्स में मिलेगी छूट जनसंख्या बढ़ाने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार ने बच्चों की देखभाल और परिवार से जुड़ी कई सेवाओं को टैक्स से मुक्त कर दिया है। इनमें नर्सरी, किंडरगार्टन, बुजुर्गों की देखभाल, दिव्यांगजन सेवाएं और शादी से जुड़ी सेवाएं शामिल हैं।