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भारत का क्रिकेट कैलेंडर ठसाठस, 18 महीने तक लगातार खेल, खिलाड़ियों को नहीं मिलेगा आराम

नई दिल्ली भारत का क्रिकेट कैलेंडर ठसाठस?… अब यह सवाल नहीं, हकीकत बन चुका है. आने वाले 15 से 18 महीनों में टीम इंडिया का शेड्यूल इतना व्यस्त है कि खिलाड़ियों के पास सांस लेने तक की फुर्सत नहीं दिखती. आईपीएल से लेकर द्विपक्षीय सीरीज, एशियन गेम्स और फिर वर्ल्ड कप- क्रिकेट का यह सिलसिला बिना ब्रेक के चलता नजर आ रहा है।  जून में आयरलैंड दौरे के ऐलान ने इस व्यस्तता पर आखिरी मुहर लगा दी है. दो टी20 मैचों की यह छोटी सी सीरीज भी बड़े कार्यक्रमों के बीच इस तरह फिट की गई है कि खिलाड़ियों के लिए आराम का स्पेस और सिकुड़ गया है।  पैसा, पावर और प्रेशर भारतीय क्रिकेट की सबसे बड़ी ताकत उसकी बाजार वैल्यू है. यही वजह है कि दुनिया भर के क्रिकेट बोर्ड भारत के साथ सीरीज खेलने को प्राथमिकता देते हैं. हर कोई चाहता है कि टीम इंडिया उनके देश आए, क्योंकि इससे प्रसारण और कमाई दोनों बढ़ती है।  लेकिन इस ‘डिमांड’ का सीधा असर खिलाड़ियों पर पड़ता है. लगातार क्रिकेट, लंबी यात्राएं और अलग-अलग फॉर्मेट- यह सब मिलकर मानसिक और शारीरिक थकान को बढ़ाते हैं।  बीसीसीआई ने इस दबाव को कम करने के लिए तीन अलग-अलग टीमों का फॉर्मूला अपनाया है- टेस्ट, वनडे और टी20 के लिए अलग खिलाड़ी. इससे कुछ हद तक राहत जरूर मिलती है, लेकिन पूरी तरह नहीं।  स्टार खिलाड़ी, खासकर ऑल-फॉर्मेट प्लेयर्स, अब भी सबसे ज्यादा दबाव में रहते हैं. उन्हें एक सीरीज खत्म होते ही दूसरी के लिए तैयार रहना पड़ता है।  IPL से शुरू होगा मैराथन 28 मार्च से शुरू होने वाला आईपीएल इस मैराथन की शुरुआत है. 65 दिनों तक चलने वाले इस टूर्नामेंट के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट का सिलसिला शुरू हो जाएगा।  जून में अफगानिस्तान सीरीज, फिर आयरलैंड, उसके बाद इंग्लैंड दौरा… हर महीने टीम मैदान पर होगी. अगस्त-सितंबर में बांग्लादेश और श्रीलंका दौरे की संभावना है. फिर एशियन गेम्स और उसके बाद न्यूजीलैंड का लंबा दौरा. साल के अंत में घरेलू सीरीज और 2027 की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज- यह सब मिलकर कैलेंडर को पूरी तरह भर देते हैं।  इन सभी सीरीज का असली मकसद 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारी है. उससे पहले एशिया कप भी खेला जाना है. यानी टीम इंडिया के पास प्रयोग करने के मौके तो होंगे, लेकिन आराम के नहीं।  सबसे बड़ा सवाल इतने व्यस्त शेड्यूल के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है- क्या खिलाड़ी इस दबाव को झेल पाएंगे? वर्कलोड मैनेजमेंट, रोटेशन पॉलिसी और बेंच स्ट्रेंथ अब सिर्फ रणनीति नहीं, मजबूरी बन चुके हैं।  भारत का क्रिकेट कैलेंडर अब सिर्फ भरा हुआ नहीं, बल्कि ठसाठस है. मैदान पर रोमांच बढ़ेगा, रिकॉर्ड बनेंगे, लेकिन इसके पीछे खिलाड़ियों की थकान और दबाव की कहानी भी उतनी ही बड़ी होगी। 

बच्चों की कलम से: क्या आपको भी क्रिकेट पसंद है मेरी तरह?

रायपुर  आखिर क्रिकेट है क्या? कुछ लोगों के लिए यह खेल होगा, तो कुछ लोगों के लिए रोजी-रोटी, तो किसी के लिए एक इमोशन| यह हर आयु के लोगों को पसंद आता है| एक ही छत के नीचे एक बच्चा, एक जवान, एक बूढ़ा सभी बैठते हैं क्रिकेट के रोमांच के लिए| यह खेल इंग्लैंड का राष्ट्रीय खेल है| यह भारत के गिल्ली डंडे के जैसा भी लगता है| इसमें कुल ग्यारह खिलाड़ी होते हैं| इसे खेलने के लिए हमें एक बल्ला और गेंद चाहिए होती है| एक विशाल गोलाकार मैदान के बीच बनी पिच पर इसे खेला जाता है| पिच को हर मैच के पहले रोल किया जाता है| भारत में तो लोग रोड पर भी क्रिकेट खेलते दिख जाएँगे| अब क्या कहूँ यही है हमारा भारत|  क्रिकेट में भारत कहीं भी पीछे नहीं| विश्व में जिसे बैटिंग का सरताज कहा जाता है वह भी एक भारतीय ही है- सचिन तेंदुलकर| दुनिया में लाखों बैट्समैन हुए हैं परंतु सचिन तेंदुलकर जैसा कोई नहीं| इस बात को तो पूरी दुनिया मानती है| जब सचिन सिर्फ तेरह साल के थे तब उन्होंने क्रिकेट की दुनिया में कदम रख लिया था| उन्होंने अपना पहला मैच पाकिस्तान के खिलाफ खेला था| उस समय की सबसे खतरनाक टीम पाकिस्तान के तेजतर्रार गेंदबाजों से पूरी दुनिया घबराती थीं| शोएब अख्तर और वसीम अकरम तो जान ले लेने वाली गेंद फेंकते थे| शोएब अख्तर ने पता नहीं कितने बल्लेबाजों के हेलमेट और बल्ले तोड़े हैं पर सचिन तेंदुलकर ने अपने पहले ही मैच में शोएब का सामना किया था| गेंद सीधा जाकर नाक पर लगी खून से लथपथ चेहरे को देख सभी ने कहा कि वापस चले जाओ परंतु पट्टी लगाकर वापस खेलने खड़ा हो गया मात्र सोलह वर्ष का बच्चा और उसने मैच में क्या पारी खेली| सभी को अचंभित कर दिया| उनकी स्टेट-ड्राइव की तो पूरी दुनिया दीवानी है| सौ से भी ज्यादा शतक मारे हैं उन्होंने अपने पूरे करियर में, अगर मैं कहूँ तो मेरे मनपसंद बल्लेबाज तो विराट कोहली हैं| मेरे मनपसंद गेंदबाज ऑस्ट्रेलिया के ब्रेट ली हैं उनका एक्शन मैकेनिकली परफेक्ट था| आस्ट्रेलिया टीम के पुराने कप्तान रिकी पोंटिंग भी काबिले तारीफ थे|  पहले पचास ओवरों के मैच चलन में थे जिसमें आपको अपनी तकनीक सुधारनी पड़ती थी और धीरज से खेलना पड़ता था, परंतु आजकल बीस ओवर के मैच प्रचलन में है| बल्लेबाज मात्र बीस ओवर में करीब दो सौ पचास रन बना देते हैं, परंतु पहले तो पचास ओवर में भी दो सौ  रन का एक बड़ा स्कोर होता था| आजकल की नई पीढ़ी तो पावर प्ले में विश्वास करती है यह सिर्फ एक खेल नहीं है यह कई लोगों के लिए की इमोशन की तरह है| यह हममें जोश लाता है| कभी-कभी तो दर्शक रो भी पड़ते हैं| यह खेल हमारे मानसिक और शारीरिक दोनों स्वास्थ को अच्छा रखता है| यह हममें धीरज और परफेक्शन लाता है इसलिए हमें इसके बारे में और जानना चाहिए| मैं खुद भी इस खेल से बहुत प्रभावित हूँ और मेरे जीवन में इससे कई छोटी-मोटी घटनाएँ जुड़ी है| आशा करता हूँ कि आप भी इस खेल को जरूर खेलना पसंद करेंगे मेरी तरह|. अथर्व पटौदिया       ब्राइटन इंटरनेशनल स्कूल रायपुर     

क्रिकेट प्रभावित: अमेरिका-ईरान तनाव के चलते वर्ल्ड कप के 6 मैच टाले गए

कीर्त‍िपुर  म‍िड‍िल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का असर अब क्रिकेट पर भी दिखाई देने लगा है. सुरक्षा हालात को देखते हुए ICC मेंस क्रिकेट वर्ल्ड कप लीग-2 (icc men's cricket world cup league-2) के छह मुकाबलों को फिलहाल टाल दिया गया है. ये मैच नेपाल की राजधानी काठमांडू के कीर्तिपुर स्थित त्रिभुवन यूनिवर्सिटी इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड में खेले जाने थे. यहां नेपाल, ओमान और यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE) के बीच ट्राई-सीरीज 10 से 20 मार्च के बीच आयोजित होनी थी. हालांकि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए आयोजकों ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इस सीरीज को स्थगित करने का फैसला लिया है. नेपाल क्रिकेट एसोसिएशन ने दी जानकारी नेपाल क्रिकेट एसोसिएशन ने सोशल मीडिया के जरिए इस फैसले की पुष्टि की. बोर्ड ने कहा कि ICC और हिस्सा लेने वाले क्रिकेट बोर्डों के साथ चर्चा के बाद इन मुकाबलों की नई तारीखों की घोषणा की जाएगी. बयान में कहा गया- मिडिल ईस्ट में मौजूदा हालात को देखते हुए काठमांडू में 10 मार्च से शुरू होने वाले CWC लीग-2 के मैच अगली सूचना तक टाल दिए गए हैं. आगे की बातचीत के बाद जल्द ही नई तारीखों का ऐलान किया जाएगा. लीग-2 वर्ल्ड कप 2027 के लिए क्यों है अहम?  CWC लीग-2 अगले साल साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप 2027 के लिए क्वालिफिकेशन का अहम रास्ता है.आठ टीमों की यह लीग करीब तीन साल तक चलती है. लीग चरण खत्म होने के बाद टॉप चार टीमें 10 टीमों के वर्ल्ड कप क्वालिफायर में जगह बनाती हैं. इस ट्राई सीरीज में नेपाल, ओमान और UAE के बीच कुल छह मुकाबले खेले जाने थे, जिन पर अब इस फैसले का असर पड़ा है. अगले दौर के मैच अप्रैल में लीग-2 के अगले राउंड के मुकाबले अप्रैल की शुरुआत में खेले जाने हैं. इस राउंड में स्कॉटलैंड, ओमान और नामीबिया की टीमें आमने-सामने होंगी. अन्य खेल भी प्रभावित म‍िड‍िल ईस्ट में जारी संघर्ष की वजह से सिर्फ क्रिकेट ही नहीं, बल्कि दूसरे खेलों पर भी असर पड़ा है. फुटबॉल की कई लीग स्थगित करनी पड़ी हैं.फ्लाइट सेवाओं में बाधा आने से अलग-अलग खेलों के कई भारतीय एथलीट दुनिया के अलग-अलग एयरपोर्ट पर फंस गए. दो बार की ओलिंपिक मेडलिस्ट बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु भी दुबई एयरपोर्ट पर फंस गई थीं. हालांकि वह सुरक्षित भारत लौट आईं, लेकिन इस कारण वह ऑल इंग्लैंड चैम्पियनशिप में हिस्सा नहीं ले सकीं.

टेस्ट क्रिकेट में आने वाला है नया दौर! नियमों में 73 बड़े बदलावों पर लगी मुहर

 नई दिल्ली     मेरिलेबोन क्रिकेट क्लब (MCC) ने क्रिकेट के नियमों में ऐतिहासिक बदलावों की घोषणा की है. सबसे बड़ा बदलाव टेस्ट क्रिकेट को लेकर किया गया है. अब टेस्ट मैच मैच के दौरान दिन के आखिरी ओवर के दौरान यदि विकेट गिरता है, तो खेल वहीं खत्म नहीं होगा. नए नियमों के अनुसार, आखिरी ओवर हर हाल में पूरा किया जाएगा और आउट होने पर नया बल्लेबाज तुरंत मैदान में आएगा. यह बदलाव एमसीसी की ओर घोषित नए नियमों का हिस्सा हैं, जो 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे. एमसीसी ने लॉ 12.5.2 में बदलाव करते हुए साफ किया है कि दिन के आखिरी ओवर में विकेट गिरने पर खेल नहीं रुकेगा और नया बल्लेबाज तुरंत क्रीज पर आएगा.बचे हुए गेंद अगले दिन के लिए नहीं छोड़े जाएंगे. एमसीसी की नियम उप-कमेटी का मानना था कि पुराना नियम बल्लेबाजी टीम के पक्ष में झुका हुआ था और इससे मैच का रोमांच भी खत्म हो जाता था. एमसीसी ने कहा, 'अगर फील्डिंग टीम आखिरी ओवर में विकेट लेती है और बल्लेबाजी टीम को नया खिलाड़ी भेजने की जरूरत नहीं पड़ती, तो यह नाइंसाफी है. यह वक्त अक्सर गेंदबाजों के लिए सबसे अनुकूल होता है और ऐसे में खेल का रोमांच खत्म हो जाता है.' एमसीसी ने यह भी स्पष्ट किया कि यह बदलाव समय बचाने के लिए नहीं है क्योंकि बची हुई गेंदें अगले दिन फिर भी पूरी करनी पड़ती थी. एमसीसी ने बताया कि इस बार क्रिकेट नियमों कुल 73 महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, साथ ही कुछ भाषाई सुधार भी किए गए हैं. यह तीसरी बार है जब 2017 के कोड के बाद नियमों में संशोधन हुआ है. पहले 2019 और फिर 2022 में बदलाव हुए थे. इन बदलावों पर अब इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (IPL) की क्रिकेट कमेटी अगली बैठक में चर्चा करेगी, ताकि इन्हें प्लेइंग कंडीशन्स में शामिल किया जा सके. हालांकि, घरेलू क्रिकेट में इन बदलावों को लागू किया जाएगा या नहीं, यह राष्ट्रीय क्रिकेट बोर्ड्स पर छोड़ा गया है. लैमिनेटेड बैट का इस्तेमाल जायज! एमसीसी ने वयस्क रिक्रिएशनल क्रिकेट में लैमिनेटेड बैट्स के इस्तेमाल को भी मंजूरी दे दी है. लैमिनेटेड बैट अलग-अलग किस्म की लकड़ियों से बनता है. आम बैट की तुलना में यह काफी सस्ता होता है और अधिकतम तीन लकड़ी के टुकड़ों से बनाया जा सकता है. एमसीसी ने बताया कि इंग्लिश विलो को तैयार होने में 15 साल से ज्यादा समय लगता है और वैश्विक मांग तेजी से बढ़ रही है. इसी वजह से बैट महंगे होते जा रहे हैं. 2017 में ये बैट पहले ही जूनियर क्रिकेट में मंजूर किए जा चुके थे. अब लॉर्ड्स में हुई बैठक और वैश्विक बैट निर्माताओं से बातचीत के बाद एमसीसी ने इन्हें एडल्ट क्लब क्रिकेट के लिए भी हरी झंडी दी है.  हिटविकेट नियम में बदलाव लॉ 35.1.1 और 35.2 के तहत अब हिटविकेट को लेकर स्थिति साफ कर दी गई है. अगर बल्लेबाज शॉट खेलने के बाद संतुलन खो देता है और कुछ कदम इधर-उधर लेने के बाद स्टम्प्स पर गिर जाता है तो उसे हिट विकेट आउट माना जाएगा, भले ही गेंद काफी पहले खेली जा चुकी हो. हालांकि अगर बल्लेबाज किसी फील्डर से टकराकर स्टम्प्स पर गिरता है, तो वह हिटविकेट आउट नहीं होगा. अगर बल्ला हाथ से छूटकर सीधे विकेट से टकराता है, तो बल्लेबाज आउट होगा, लेकिन अगर बल्ला पहले विकेटकीपर या किसी खिलाड़ी से टकराए और फिर विकेट गिरे, तो नॉट आउट रहेगा. ओवरथ्रो की नई परिभाषा (लॉ 19.8) MCC ने लॉ 19.8 की अस्पष्ट भाषा हटाते हुए साफ परिभाषा दी है- ओवरथ्रो: जब जानबूझकर गेंद को स्टम्प्स की ओर फेंका जाए ताकि रन रोके जा सकें या रन आउट किया जा सके मिसफील्ड: गेंद को रोकने या पास करने का प्रयास हो तो इसे ओवरथ्रो नहीं माना जाएगा. डेड बॉल नियम में बड़ा बदलाव (लॉ 20.1.1.1) अब गेंद को डेड घोषित करने के लिए उसका गेंदबाज या विकेटकीपर के हाथ में होना जरूरी नहीं है. नए नियम के अनुसार गेंद किसी भी फील्डर के हाथ में हो सकती है या जमीन पर स्थिर हो सकती है. अंपायर को यह तय करने की पूरी छूट होगी कि गेंद आखिकार डेड हुई है या नहीं. यह बदलाव खासतौर पर क्लोज मैच के आखिरी गेंदों में बेहद अहम माना जा रहा है.

BB19 में गेम पलटा! इंडियन क्रिकेट टीम के साथ खड़े होने से मालती चाहर की ट्रॉफी पर मज़बूत दावेदारी

मुंबई  कलर्स टीवी का मशहूर रियलिटी शो ‘बिग बॉस 19’ अब अपने ग्रैंड फिनाले की दहलीज पर है. वैसे तो बिग बॉस की ट्रॉफी के लिए गौरव खन्ना, फरहाना भट्ट, अमाल मलिक और प्रणित मोरे के बीच कड़ा मुकाबला हो रहा था. लेकिन अचानक इस कहानी में बहुत बड़ा ट्विस्ट आ गया है. घर में वाइल्ड कार्ड एंट्री से धूम मचाने वाली मालती चाहर की किस्मत बाहर से मिले ‘टीम इंडिया’ के जबरदस्त समर्थन के बाद अचानक पलटती नजर आ रही है. मालती, इंडियन क्रिकेटर दीपक चाहर की बहन हैं, तो राहुल चाहर उनके चाचा के बेटे हैं. अब दीपक और राहुल की बहन को फाइनल तक पहुंचाने के लिए खुद इन दोनों के साथ टीम इंडिया के कई बड़े खिलाड़ियों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. इस बड़े समर्थन के बाद अब मालती को ट्रॉफी का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है. क्रिकेट जगत ने की एकजुट होकर ‘वोट अपील’ मालती चाहर की सीधी बात और घर के अंदर बेबाक अंदाज ने उन्हें शुरू से ही चर्चा में बनाए रखा है. हालांकि, पहले एल्विश यादव और फिर टीम इंडिया के सपोर्ट के बाद ग्रैंड फिनाले के करीब आते ही बॉटम में रहने वाली ये कंटेस्टेंट सीधे टॉप पर पहुंच सकती है. उन्हें मिल रहे इस सपोर्ट ने शो के समीकरणों को हिला कर रख दिया है. मालती बनेंगी गेम चेंजर दरअसल कुछ दिन पहले राहुल चाहर के कहने पर बिग बॉस ओटीटी 2 के विनर एल्विश यादव ने मालती के लिए वोट अपील की थी. अब भारतीय क्रिकेट टीम के कई दिग्गज खिलाड़ियों ने एकजुट होकर मालती के लिए सोशल मीडिया पर वोट अपील की है. इनमें सुरेश रैना, तिलक वर्मा, आवेश खान, नमन धीर, युजवेंद्र चहल, दीपक हुड्डा, खलील अहमद, अर्शदीप सिंह, शिवम दुबे, , वेंकटेश अय्यर, उमरान मलिक, और रवि बिश्नोई जैसे बड़े नाम शामिल हैं. इन सभी खिलाड़ियों ने अपने विशाल फैन बेस से मालती को फाइनल तक पहुंचाने के लिए वोट करने की अपील की है. इंडियन क्रिकेट टीम का ये सपोर्ट मालती के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है. भाई दीपक चाहर का इमोशनल सपोर्ट मालती के भाई और भारतीय क्रिकेटर दीपक चाहर पहले दिन से ही अपनी बहन के सबसे बड़े समर्थक रहे हैं. वो फैमिली वीक में घर के अंदर भी आए थे, जहां दर्शकों ने दोनों भाई-बहन के प्यारे रिश्ते को देखा था. दीपक ने घर में मालती को मिली चुनौतियों पर भी अपनी राय खुलकर रखी थी. उन्होंने शो की एक्स कंटेस्टेंट कुनिका सदानंद द्वारा मालती की सेक्सुअलिटी पर उठाए गए सवालों की कड़ी आलोचना की थी. दीपक ने साफ कहा था कि इतने बड़े प्लेटफॉर्म पर बिना किसी प्रमाण के इस तरह के व्यक्तिगत आरोप लगाना बिल्कुल गलत है. ट्रॉफी की दावेदारी हुई मजबूत मालती ने वाइल्डकार्ड कंटेस्टेंट होने के बावजूद घर में अपनी जगह बनाई है और कई बार नॉमिनेशन से खुद को बचाया है. दर्शकों के वोटों पर सीधा असर डालने की क्षमता रखने वाले इन क्रिकेट सितारों के समर्थन के बाद, अब देखना ये होगा कि क्या अब तक सबसे कमजोर नजर आने वाली मालती सीधे फाइनल वीक में अपनी जगह पक्की कर पाती हैं या नहीं. लेकिन ये बात तो तय है कि अब बिग बॉस 19 के फाइनल की रेस में मालती चाहर को नजरअंदाज करना किसी के लिए भी आसान नहीं होगा.  

क्रिकेट का महा-महिना: 2 टेस्ट, 3 वनडे, 5 टी20 में Team India का धमाकेदार शेड्यूल

नई दिल्ली टीम इंडिया का ऑस्ट्रेलिया दौरा खत्म हो गया है. पहले वनडे सीरीज हुई, जिसमें ऑस्ट्रेलिया ने 2-1 से बाजी मारी. इसके बाद 5 मैचों की टी20 सीरीज को भारत ने 2-1 से जीता. दोनों टीमों के बीच टी20 सीरीज का आखिरी मुकाबला 8 नवंबर (शनिवार) को ब्रिस्बेन के द गाबा में खेला गया, जो बारिश की वजह से बेनतीजा रहा. भारतीय टीम ऑस्ट्रेलियाई धरती पर 2008 के बाद से टी20 सीरीज नहीं हारी है. उस स्ट्रीक को टीम इंडिया ने बरकरार रखा है. अब टीम इंडिया नए मिशन के तहत अपने घर में साउथ अफ्रीका के खिलाफ गर्दा उड़ाती नजर आएगी. भारत को अपने घर में इसी महीने टेस्ट, वनडे और टी20 सीरीज खेलना है. यह दौरा 14 तारीख से शुरू होगा, जो 19 दिसंबर तक चलेगा. पहले टेस्ट, फिर वनडे और आखिर में टी20 सीरीज होगी. सबसे पहले टेस्ट सीरीज होगी सबसे पहले टेस्ट सीरीज होगी. शुभमन गिल की कप्तानी में टीम इंडिया पहला टेस्ट 14–18 नवंबर को कोलकाता में खेलेगी. फिर दूसरा टेस्ट 22–26 नवंबर तक गुवाहाटी में होगा. इस सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान हो गया है. टेस्ट के 12 दिन बाद वनडे सीरीज होगी टेस्ट सीरीज 18 नवंबर को खत्म हो जाएगी. इसके 12 दिन तक टीम रेस्ट करेगी और फिर 30 नवंबर से वनडे सीरीज का आगाज होगा. पहला मुकाबला रांची में रखा गया है. दूसरा मैच 3 दिसंबर को रायपुर में होगा. फिर तीसरा मैच 6 दिसंबर को विशाखापत्तनम में खेला जाएगा. इस सीरीज के लिए अब तक टीम इंडिया का ऐलान नहीं हुआ है. वनडे सीरीज के 2 दिन बाद टी20 सीरीज होगी वनडे सीरीज 6 दिसंबर को खत्म हो रही है. इसके 2 दिन बाद टी20 सीरीज का रोमांच दिखेगा. मतलब खिलाड़ी 2 दिन ही आराम कर पाएंगे. टी सीरीज का पहला मैच 9 दिसंबर को कटक में होगा. आखिरी मुकाबला 19 दिसंबर को अहमदाबाद में तय है. भारत बनाम साउथ अफ्रीका दौरे का पूरा शेड्यूल देखिए टेस्ट- 14 से 18 नवंबर, कोलकाता दूसरा टेस्ट-22 से 26 नवंबर, गुवाहाटी पहला वनडे- 30 नवंबर, रांची दूसरा वनडे- 3 दिसंबर, रायपुर तीसरा वनडे- 6 दिसंबर, विशाखापत्तनम पहला टी20- 9 दिसंबर, कटक दूसरा T20- 11 दिसंबर, मुल्लांपुर तीसरा T20- 14 दिसंबर, धर्मशाला चौथा T20: 17 दिसंबर, लखनऊ पांचवां T20- 19 दिसंबर, अहमदाबाद

तीन साल बाद रांची में क्रिकेट का जलवा, भारत और साउथ अफ्रीका आमने-सामने

रांची झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम रांची में 30 नवंबर को भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच खेला जाएगा। यह मुकाबला झारखंड के क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक बड़ी खुशी का मौका है। अक्टूबर 2022 के बाद यह पहला मैच है जो रांची के मैदान पर खेला जा रहा है। उस समय भी भारत ने दक्षिण अफ्रीका को सात विकेट से हराया था। अब इसी इतिहास को दोहराने के लिए दोनों टीमें तैयार हैं। झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन के एक अधिकारी ने बताया कि इसके बाद जनवरी 2026 में भारत दौरे पर आने वाली न्यूजीलैंड टीम के लिए भी रांची को एक अंतरराष्ट्रीय मैच मिलने की संभावना है। ज्ञातव्य है कि झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन मैदान में अब तक कुल 6 वनडे मैच हो चुके हैं, जिनमें भारत ने 3 मैच जीते, 2 मैच हारे और 1 मैच रद्द रहा। इसके अलावा यहां 3 टेस्ट मैच और 4 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले भी हो चुके हैं। महिला क्रिकेट में भी यह मैदान खास रहा है, जहां 3 वनडे और 3 टी20 मैच खेलाए गए हैं। साउथ अफ्रीका के इस भारत दौरे में टेस्ट, वनडे और टी20 तीनों प्रारूपों के मैच होंगे। वनडे सीरीज में पहला मैच 30 नवंबर को रांची में होगा, दूसरा 3 दिसंबर को रायपुर में और तीसरा 6 दिसंबर को विशाखापट्टनम में।