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चेंबर ऑफ कॉमर्स की पहल पर पुलिस और व्यापारियों के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर

 रांची  चेंबर आफ कामर्स की पहल पर शनिवार को सुखदेवनगर थाने में पुलिस–व्यवसायी समिति की बैठक की गई। थाना क्षेत्र के व्यवसायियों एवं पुलिस प्रशासन के बीच विधि-व्यवस्था को सुदृढ़ करने, आपसी समन्वय बढ़ाने तथा क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान को लेकर बात की गई। थाना प्रभारी सुनील कुशवाहा ने थाना क्षेत्र में नशाखोरी पर नियंत्रण एवं विधि-व्यवस्था में सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील की कि नशाखोरी पर अंकुश लगाने में पुलिस का सहयोग करें। बैठक में बढ़ती नशाखोरी, क्षेत्र के प्रमुख स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने तथा सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। थाना प्रभारी ने बताया कि वर्तमान में सुखदेवनगर थाना में 1 पीसीआर एवं 4 टाइगर मोबाइल कार्यरत हैं। थाना स्तर पर समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे क्षेत्र में विधि-व्यवस्था में गुणात्मक सुधार हुआ है। चेंबर महासचिव रोहित अग्रवाल ने इस बात पर जोर दिया कि थाना में आम लोगों के साथ शालीन व्यवहार सुनिश्चित किया जाए ताकि लोग अपनी शिकायत दर्ज कराने में संकोच न करें। ला एंड आर्डर उप समिति के चेयरमैन मुकेश अग्रवाल ने प्रमुख बाजारों एवं व्यावसायिक क्षेत्रों में पुलिस गश्ती बढ़ाने, असामाजिक तत्वों एवं संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने तथा समय-समय पर व्यापारियों के साथ बैठक आयोजित करने का सुझाव दिया। सह सचिव नवजोत अलंग एवं सह सचिव रोहित पोद्दार ने थाना स्तर पर पुलिसिंग को बेहतर बनाने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। पूर्व अध्यक्ष किशोर मंत्री ने पुलिस एवं व्यापारियों के बीच मित्रवत वातावरण बनाने पर जोर दिया। सदस्य बिंदल वर्मा एवं शशांक भारद्वाज ने भी क्षेत्र की विधि-व्यवस्था में सुधार हेतु अपने विचार साझा किये। भविष्य में भी इस प्रकार की समन्वय बैठकें आयोजित करने पर सहमति बनी। बैठक में उप समिति के चेयरमैन मुकेश अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष किशोर मंत्री, सदस्य शशांक भारद्वाज, राजेश पोद्दार, रंजीत कुमार, बिंदुल वर्मा सहित क्षेत्र के कई व्यापारी शामिल थे।

राजधानी में बड़ी पुलिस बैठक: ASP, CSP और थाना प्रभारियों को दिए गए सख्त निर्देश

रायपुर छत्तीसगढ़ में आगामी DG–IG कॉन्फ्रेंस को ध्यान में रखते हुए राजधानी रायपुर में पुलिस विभाग की महत्वपूर्ण क्राइम बैठक जारी है, जिसमें शहर में बढ़ते अपराधों पर नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए विस्तृत रणनीतियों पर मंथन किया जा रहा है। यह बैठक कंट्रोल रूम स्थित C4 सभागार में हो रही है, जहां आईजी और एसएसपी अधिकारियों को दिशा-निर्देश दे रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, बैठक का मुख्य फोकस हाल के दिनों में बढ़ रहे चाकूबाजी के मामलों पर सख्ती से नकेल कसना है। पुलिस अधिकारी शहर के ऐसे संवेदनशील इलाकों की पहचान कर रहे हैं, जहां इस तरह की वारदातें अधिक हो रही हैं। इसके साथ ही साल के अंत (ईयर-एंडिंग) से पहले लंबित मामलों के निराकरण में आ रही दिक्कतों पर भी विस्तृत चर्चा की जा रही है। 28 से 30 नवंबर तक नवा रायपुर स्थित IIM परिसर में 60वां अखिल भारतीय DGP-IGP सम्मेलन होगा। इसे ध्यान में रखते हुए राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विशेष रूप से समीक्षा की जा रही है। बैठक में बताया गया कि इस राष्ट्रीय स्तर की कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री, देशभर के लगभग 70 डीजी/आईजी रैंक के अधिकारी और 6 अन्य विशेष डिग्निट्री शामिल होंगे। ऐसे में रायपुर पुलिस के लिए सुरक्षा प्रबंधन चुनौतीपूर्ण होने वाला है, जिसे देखते हुए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। बैठक में शहर के सभी एएसपी, सीएसपी और प्रत्येक थाना प्रभारी मौजूद हैं। पुलिस अधिकारियों को शहर में फ्लैग मार्च, नाइट पेट्रोलिंग, असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए जा रहे हैं। पुलिस प्रशासन का मानना है कि संयुक्त प्रयासों और सख़्त मॉनिटरिंग से न केवल शहर में अपराध नियंत्रण के प्रयासों को गति मिलेगी, बल्कि आगामी बड़े कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद रहेगी।