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Hariyana News: पुलिस ने नए साल में बदमाशों को दबोचा

सोनीपत. नए साल की शुरुआत होते ही सोनीपत पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की। मुरथल थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-44 के पास सीआईए कुंडली की टीम और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में एक हिस्ट्रीशीटर बदमाश के पैर में गोली लगी, जबकि उसके साथी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। घायल बदमाश की पहचान समीर के रूप में हुई है, जिसे पैर में गोली लगने के बाद सोनीपत के नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, दूसरे आरोपी साजिद को मौके से ही दबोच लिया गया। दोनों आरोपी सोनीपत की ईदगाह कॉलोनी के रहने वाले हैं। पुलिस के अनुसार, ये दोनों बदमाश करीब नौ महीने पहले बहालगढ़ थाना क्षेत्र में हुई एक हत्या की वारदात में वांछित थे। सीआईए कुंडली की टीम लंबे समय से इनका पीछा कर रही थी। सूचना मिलते ही टीम ने नेशनल हाईवे 44 के पास घेराबंदी की, लेकिन बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में समीर के पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने दोनों के कब्जे से अवैध हथियार बरामद किए। सूचना मिलते ही सोनीपत पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी।

सुरक्षा में चूक: पुलिस को चकमा देकर फरार हुए दो आरोपी, बढ़ी सिरदर्दी

बिलासपुर शहर के चकरभाठा पुलिस को चकमा देकर दो आरोपी फरार हो गए। पुलिस ने शनिवार को दो बदमाशों को प्रतिबंधात्मक धाराओं में गिरफ्तार किया था। पुलिस की टीम आरोपियों को लेकर मजिस्ट्रेट के कार्यालय पहुंची थी। तभी जवानों को चकमा देकर बदमाश भाग निकले। इसकी जानकारी मिलते ही जवान सकते में आ गए। जवानों ने आनन-फानन में इसकी जानकारी अधिकारियों को दी। इसके बाद पुलिस की टीम बदमाशों की तलाश में जुट गई है। चकरभाठा पुलिस ने क्षेत्र के तेलसरा गांव से दो बदमाशों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों को लेकर पुलिस की टीम मजिस्ट्रेट के कार्यालय पहुंची थी। शनिवार को कार्यालय में अधिकारी मौजूद नहीं थे। इसके चलते जवान अधिकारी का इंतजार कर रहे थे। इसी बीच बदमाशों ने मौके का फायदा उठाकर पुलिस के जवानों को चकमा देकर भाग निकले। फरार आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस इधर बदमाशों के भागने के बाद जवान सकते में आ गए। जवानों ने आनन-फानन में इसकी जानकारी अधिकारियों को दी। इसके बाद थाने से पुलिस बल मौके पर पहुंची। पुलिस की टीम ने आसपास में बदमाशों की तलाश की। साथ ही उनके ठिकानों पर दबिश दी। बदमाशों के स्वजन को भी घटना की जानकारी दी गई है। साथ ही उनके आने पर थाने में संपर्क करने की चेतावनी दी गई है। देर रात तक पुलिस की टीम बदमाशों को पकड़ नहीं पाई थी।

चिराग पासवान का पलटवार — बोले, हमारी सरकार अपराधियों की नहीं करती रक्षा

पटना, जन सुराज पार्टी के कार्यकर्ता दुलारचंद यादव की हत्या के मामले मं  मोकामा विधानसभा क्षेत्र से जदयू उम्मीदवार अनंत सिंह की गिरफ्तारी पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि विपक्ष इस मामले को बेवजह मुद्दा बना रहा है। अगर हमारी सरकार अपराधियों को संरक्षण दे रही होती, तो कल रात हुई कार्रवाई नहीं होती। मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि हमारी सरकार इस मामले में बिल्कुल स्पष्ट है। जैसा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हमेशा कहते हैं, हम न किसी को बचाते हैं और न ही किसी को फंसाते हैं। ऐसे में न्याय प्रक्रिया का हिस्सा है। जो घटना घटी, वह दुखद है। अगर एक भी घटना घटती है, तो यह चिंता का विषय हमारे और हमारी सरकार के लिए है। दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। जांच चल रही है और दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने पीएम मोदी के दौरे को लेकर कहा कि प्रधानमंत्री जब भी आते हैं, इससे हमारे गठबंधन को फायदा होता है। उनके दौरे लोगों का उत्साह बढ़ाते हैं और हम पर उनका विश्वास मजबूत करते हैं। वहीं, इस घटना पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि जब विपक्ष सत्ता में था, तो किसी भी घटना के आरोपी का ठिकाना मुख्यमंत्री आवास हुआ करता था। नीतीश कुमार के सुशासन में, भले ही आरोप लगे हों और जांच चल रही हो, जदयू के प्रत्याशी होने के बाद भी उनकी गिरफ्तारी हो गई है। अनंत सिंह की गिरफ्तारी पर तेजस्वी यादव का बयान भी चर्चाओं में रहा है, जिस पर पलटवार करते हुए केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि तेजस्वी अच्छी तरह जानते हैं कि अपराधियों को कौन संरक्षण देता है। 1990 से 2005 तक जंगल राज के दौरान अपराधी मुख्यमंत्री आवास में शरण लेते थे। भ्रष्टाचार, लूट और अपहरण का बोलबाला था और अपराधियों का स्वागत और उन्हें मंत्रियों द्वारा पनाह दी जाती थी। अपराधियों को संरक्षण देना, वंशवादी राजनीति को बढ़ावा देना, लोकतंत्र का मज़ाक उड़ाना और गरीबों का शोषण करना-यही उन्होंने किया और अब भी कर रहे हैं। वहीं, भाजपा सांसद धर्मशीला गुप्ता ने अनंत सिंह की गिरफ्तारी पर कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और जल्द ही सच सामने आएगा, लेकिन विपक्ष बौखला गया है। बिहार में एनडीए की सरकार बनने जा रही है, इसी को लेकर विपक्ष में बौखलाहट है। इसके साथ ही उन्होंने तेजस्वी यादव और लालू यादव पर भी जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता जंगलराज को नहीं भूली है।  

हथियारों के दम पर परिवार को बनाया बंधक, उड़ाए लाखों रुपये, जांच में जुटी पुलिस

गिरिडीह झारखंड में गिरिडीह जिले के चिताखरा गांव में बृहस्पतिवार को करीब छह नकाबपोश बदमाशों ने एक व्यक्ति के घर में घुसकर कथित तौर पर पांच लाख रुपये की नकदी और कीमती सामान लूट लिया। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार हथियारबंद बदमाश पिछले दरवाजे से संजय वर्मा के घर में दाखिल हुए थे। बगोदर-सरिया के उप-विभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) धनंजय राम ने बताया कि वर्मा ने अपनी शिकायत में कहा है कि वह और परिवार के सदस्य सो रहे थे कि तभी बदमाश अचानक घुस आए और हथियारों का डर दिखाकर धमकाया। उन्होंने कहा कि बदमाश 2.5 लाख रुपये नकद, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और आभूषण लूट ले गए। एसडीपीओ ने बताया कि घर से निकलते समय उन्होंने घर के लोगों को शोर न मचाने की धमकी दी और घर को बाहर से बंद कर दिया। मामले में पुलिस ने आसपास के इलाके में विभिन्न स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों से फुटेज एकत्र की है और पूछताछ के लिए कुछ लोगों को हिरासत में लिया है। इसके अलावा अपराधियों को पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है।  

हजारीबाग में कुख्यात गैंगस्टर दानिश इकबाल गिरफ्तार

हजारीबाग झारखंड के हजारीबाग जिले में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर रविवार की देर रात नगवा हवाई अड्डा के पास कुख्यात अपराधी दानिश इकबाल को गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। 23 वर्षीय दानिश इकबाल बिहार के गया जिले के शेरघाटी थाना अंतर्गत रमना मोहल्ला का निवासी है और वह हत्या, रंगदारी, लूट, अपहरण, फिरौती तथा गोलीबारी जैसे संगीन अपराधों में सक्रिय रहा है। वह कई राज्यों की पुलिस की भी तलाश में था। पुलिस को सूचना मिली कि दानिश इकबाल अपने साथियों के साथ नगवा टोल प्लाजा के आसपास आने वाला है। थाना प्रभारी लोहसिंघना के नेतृत्व में सशस्त्र बल ने घेराबंदी कर दानिश को धर दबोचा। तलाशी में उसके पास से कई मोबाइल फोन, 11 सिम काडर्, फर्जी आधार और पैन काडर्, एक राउटर, नोटबुक व अन्य संदिग्ध सामान बरामद हुआ। आरोपी ने पूछताछ में अपने आपराधिक गिरोह की विस्तार से जानकारी दी। हजारीबाग एसपी अंजनी अंजन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस बड़ी सफलता की जानकारी दी तथा कहा कि पुलिस अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेगी। पूछताछ के दौरान दानिश ने बताया कि वह उत्तम यादव, शक्ति गिरी उफर् साईको टाइगर, फोटो खान समेत 15-20 युवकों के साथ मिलकर संगठित अपराध करता है। उनका मुख्य काम विभिन्न कारोबारियों व कंपनियों से रंगदारी वसूलना है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि दानिश दिसंबर 2024 में हजारीबाग के उदय साव हत्याकांड में शामिल था। इसके अलावा गया जिले के आमस में अनवर अली हत्या कांड, गुरुआ थाना क्षेत्र में भारत माला प्रोजेक्ट कैंप में मजदूरों पर हमला और 4 जनवरी 2025 को डॉ. तपेश्वर प्रसाद के क्लिनिक पर बम फेंकने का मामला भी उसके गिरोह की ओर से किया गया था। दानिश इकबाल पर गया, शेरघाटी, आमस, गुरुआ और हजारीबाग थानों में हत्या, रंगदारी, विस्फोटक अधिनियम और हथियार अधिनियम के तहत कई गंभीर मामले दर्ज हैं। पुलिस के मुताबिक यह गिरफ्तारी क्षेत्र में अपराध रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस छापेमारी को थाना प्रभारी लोहसिंघना और सशस्त्र बल की टीम ने अंजाम दिया।