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लाखों राज्यकर्मियों की बढ़ेगी सैलरी, योगी सरकार ने बढ़ाया महंगाई भत्ता

लखनऊ  यूपी के लाखों राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए अच्छी खबर है। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी का आदेश जारी कर दिया है। शासनादेश में कहा गया है कि पहली जनवरी 2026 से महंगाई भत्ता बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है। यह आदेश केंद्र सरकार द्वारा जारी संशोधित दरों के आधार पर लागू किया गया है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि 1 जनवरी 2026 से 30 अप्रैल 2026 तक के एरियर का भुगतान भविष्य निधि (GPF) खाते में जमा किया जाएगा। दो प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद कर्मचारियों का महंगाई भत्ता पहले के मुकाबले और बढ़ जाएगा। इससे कर्मचारियों कीमहीने सैलरी में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। जारी किए गए शासनादेश में कहा गया है कि प्रदेश के नियमित राज्य कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थानों के कर्मचारियों, शहरी स्थानीय निकायों के कर्मचारी तथा यूजीसी वेतनमान में कार्यरत पदधारकों को पहली जनवरी 2026 से 60 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता मिलेगा। बढ़ा हुआ डीएम कामई 2026 के नियमित वेतन के साथ मिलेगा। छह माह के भीतर रिटायर होने वाले हो वालों को नकद मिलगा जारी किए आदेश में यह भी बताया गया है कि जो राज्य कर्मचारी कर्मचारी रिटायर हो चुके हैं अथवा छह माह के भीतर रिटायर होने वाले हैं, उन्हें देय महंगाई भत्ते की पूरी राशि नकद रूप में प्रदान की जाएगी। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के इस फैसले से लाखों राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत मिलने की उम्मीद है। कितना बढ़ेगा तनख्याह आपको समझाते हैं किसी कितनी सैलरी बढ़ेगी। मान लीजिए किसी का तनख्याह 50 हजार रुपए महीने है अब दो प्रतिशत बढ़ोतरी लगती है तो उसकी सैलरी 1000 रुपए महीने बढ़ सकती हैं। इसी तरह सलाना जोड़ेंगे यह बढ़ोतरी 12 हजार रुपये मानी जाएगी। योगी सरकार के इस फैसले से प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को ही नहीं बल्कि पेंशनरों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। पेंशन में भी बढ़ोतरी होगी। इससे बुजुर्ग पेंशनरों को बड़ी राहत मिलेगी। कर्मचारियों और पेंशनरों में खुशी का माहौल वहीं राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी के आदेश के बाद यूपी के कर्मचारियों और पेंशनरों में खुशी माहौल है। कर्मचारियों ने सरकार का आभार जताया है। पेंशनरों ने भी उत्तर प्रदेश सरकार का आभार जताते हुए कहा कि महंगाई के दौर में बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता आर्थिक मदद देगा। कई कर्मचारी संगठनों ने इसे सकारात्मक कदम बताते हुए उम्मीद जताई कि भविष्य में भी कर्मचारियों के हित में इसी तरह के फैसले लिए जाएंगे।

केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए राहत, DA में 2% की वृद्धि को मिली कैबिनेट की मंजूरी

नई दिल्ली जिस पल का लंबे समय से सरकारी कर्मचारी इंतजार कर रहे थे, वो पल आज आ गया है. केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) में 2% बढ़ोतरी को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है. इससे पहले अक्टूबर में DA को 55% से बढ़ाकर 58% किया गया था, जो 1 जुलाई 2025 से लागू हुआ था. बाद में इसका एरियर भी दिया गया था, जिससे कर्मचारियों और पेंशनर्स दोनों को फायदा मिला था।  केंद्र सरकार समय-समय पर अपने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) और पेंशनर्स की महंगाई राहत (DR) बढ़ाती रहती है. आपको बता दें कि सरकार कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) साल में दो बार बढ़ाती है. अब कितनी मिलेगी सैलरी? मान लीजिए किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 50,000 रुपये है. अभी 58% डीए के हिसाब से उसे हर महीने 29,000 रुपये डीए मिल रहा है. अगर इसमें 2% की बढ़ोतरी होती है, तो डीए 60% हो जाएगा और उसे 30,000 रुपये मिलने लगेंगे. यानी हर महीने 1,000 रुपये की बढ़ोतरी होगी, साथ ही जनवरी से एरियर का भी फायदा मिलेगा।  यह फैसला ऐसे समय में आया है जब कर्मचारी संगठनों की ओर से प्रस्तावित 8वें वेतन आयोग में वेतन स्ट्रक्चर में बड़े बदलाव की मांग की गई. नेशनल काउंसिल–जॉइंट कंसल्टेटिव मैकेनिज्म (NC-JCM) ने अपने प्रस्ताव में 3.83 का फिटमेंट फैक्टर मांगा है, जिससे न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये से बढ़कर करीब 69,000 रुपये तक हो सकती है. सरकार के इस फैसले से करीब 1.19 करोड़ कर्मचारियों और पेंशनर्स को फायदा मिलेगा।  अब कितनी बढ़ेगी सैलरी? बता दें कि अगर किसी केंद्रीय कर्मचारी का बेसिप पे 36 हजार 500 रुपए है तो 60 फीसदी के हिसाब से अब उसका डीए   21 हजार 900 रुपए हो जाएगा. बड़ी बात यह है कि अब कर्मचारियों को जनवरी से एरियर भी मिलेगा. नया नियम 1 जनवरी 2026 से लागू माना जाएगा. इसका मतलब यह है कि कर्मचारियों को केवल अगले महीने की बढ़ी हुई सैलरी ही नहीं मिलेगी, बल्कि पिछले तीन महीनों यानी जनवरी फरवरी और मार्च का बकाया एरियर  भी एकमुश्त दिया जाएगा।  लंबे समय से इंतजार कर रहे थे कर्मचारी केंद्र सरकार के इस कदम से उन कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है जो पिछले कुछ समय से इस घोषणा का इंतजार कर रहे थे और बढ़ती महंगाई के बीच अपनी आय बढ़ाने की मांग कर रहे थे. यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब कर्मचारी संगठन 8वें वेतन आयोग के तहत वेतन संरचना में बड़े बदलावों की मांग कर रहे हैं।  क्यों बढ़ाया जाता है महंगाई भत्ता? बढ़ती महंगाई के कारण सरकारी कर्मचारियों के खर्चों की भरपाई के लिए सरकार साल में दो बार जनवरी और जुलाई में महंगाई भत्ता बढ़ाती है. इसकी गणना श्रम मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आंकड़ों (CPI-IW) के आधार पर की जाती है, जो यह बताते हैं कि जरूरी चीजों के दाम कितने बढ़े हैं. आसान शब्दों में जैसे-जैसे बाजार में कीमतें बढ़ती हैं, आपकी सैलरी की वैल्यू बनाए रखने के लिए सरकार इस भत्ते में बढ़ोतरी करती है।  साल में दो बार बढ़ता है डीए सरकार आमतौर पर साल में दो बार जनवरी और जुलाई के लिए DA (महंगाई भत्ता) बढ़ाती है, और इसकी घोषणा अक्सर त्योहारों के समय जैसे होली या दिवाली के आसपास की जाती है. पिछले साल मार्च के अंत में DA बढ़ोतरी की घोषणा हुई थी, जबकि जुलाई की बढ़ोतरी का ऐलान अक्टूबर में किया गया था।  इस साल कर्मचारियों को उम्मीद थी कि होली यानी मार्च की शुरुआत तक DA बढ़ जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इसी वजह से यह मामला पिछले 10 सालों में सबसे ज्यादा देरी वाला भी माना जा रहा था, क्योंकि आमतौर पर सरकार मार्च के अंत तक DA बढ़ोतरी की घोषणा कर देती है. हालांकि, एक्सपर्ट के अनुसार, यह देरी मुख्य रूप से प्रशासनिक प्रक्रियाओं और मंजूरी के अलग-अलग चरणों की वजह से हो रही थी।  सॉवरेन मेरिटाइम फंड को भी मंजूरी कैबिनेट ने प्रस्ताव में ‘परिवार’ की परिभाषा को बढ़ाकर आश्रित माता-पिता को भी शामिल करने की बात कही गई है. साथ ही वेतन में ज्यादा अंतर पर लीमिट तय करने, ज्यादा इंक्रीमेंट देने और महंगाई से जुड़े भत्तों को बढ़ाने का सुझाव दिया गया है. कैबिनेट ने 13,000 करोड़ रुपये के फंड के साथ एक सॉवरेन मेरिटाइम फंड (Sovereign Maritime Fund) को भी मंजूरी दी है. इसका मकसद भारतीय जहाजों के लिए सस्ता और स्थिर बीमा कवर उपलब्ध कराना है. इसके अलावा, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना को 2028 तक बढ़ा दिया गया है और इसके लिए 3,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट भी मंजूर किया गया है।  58% से बढ़कर 60% हो जाएगा DA केंद्रीय कर्मचारियों को फिलहाल DA के तौर पर मूल वेतन के 58% की दर से राशि मिलती है. अब 2% बढ़ोतरी को मंजूरी दिए जाने के बाद अब ये 60% हो जाएगा. कर्मचारियों को उनकी बेसिक सैलरी का 60% DA मिलेगा, जबकि पेंशनर्स को उनके मूल पेंशन का 60% DR मिलेगा।  महंगाई भत्ते या महंगाई राहत का सीधा संबंध महंगाई से होता है. सरकार, साल में दो बार, जनवरी और जुलाई में इसमें बदलाव किया जाता है, यानी बढ़ाया जाता है. इसका कैलकुलेशन AICPI-IW यानी औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर की जाती है, जिसे श्रम ब्यूरो (श्रम मंत्रालय) हर महीने जारी करता है. AICPI-IW के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2026 से DA में 2% की बढ़ोतरी तय मानी जा रही थी. हालांकि कुछ वर्ग को 3% बढ़ोतरी की भी उम्‍मीद थी। 

DA हाइक अपडेट: केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 4% इजाफा, मिलेगी आर्थिक राहत

नई दिल्ली  बढ़ती महंगाई के बीच केंद्र सरकार ने आखिरकार केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी राहत दे दी है। सरकार ने महंगाई भत्ता यानी DA और महंगाई राहत यानी DR में 4% की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। इस फैसले से करीब 49 लाख केंद्रीय कर्मचारी और लगभग 65 लाख पेंशनभोगियों को सीधा फायदा मिलेगा। ऐसे समय में जब रोजमर्रा की चीजों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, यह बढ़ोतरी लाखों परिवारों के लिए राहत भरी खबर है। सरकार ने यह फैसला उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी CPI-IW के ताजा आंकड़ों के आधार पर लिया है। महंगाई के कारण कर्मचारियों की जेब पर जो असर पड़ रहा था, उसे संतुलित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। आसान शब्दों में कहें तो यह बढ़ोतरी कर्मचारियों की क्रय शक्ति को बनाए रखने में मदद करेगी। DA और DR का महत्व: आपकी सैलरी पर सीधा असर महंगाई भत्ता सरकारी कर्मचारियों के बेसिक वेतन का एक तय प्रतिशत होता है। वहीं पेंशनभोगियों को इसी तरह की सहायता महंगाई राहत (DR) के रूप में दी जाती है। जब महंगाई बढ़ती है तो सरकार समय-समय पर DA और DR में संशोधन करती है, ताकि कर्मचारियों और पेंशनर्स की आय का वास्तविक मूल्य बना रहे। मान लीजिए किसी कर्मचारी का बेसिक वेतन 30,000 रुपये है। अगर पहले 50% DA मिल रहा था, तो उसे 15,000 रुपये महंगाई भत्ता मिलता था। अब 4% की बढ़ोतरी के बाद DA 54% हो जाएगा, यानी 16,200 रुपये। इस तरह हर महीने 1,200 रुपये की अतिरिक्त रकम सीधे सैलरी में जुड़ जाएगी। हालांकि यह सिर्फ एक उदाहरण है। असल बढ़ोतरी आपके पे-मैट्रिक्स और बेसिक पे पर निर्भर करेगी। एरियर और भुगतान की तारीख सरकार ने साफ किया है कि यह बढ़ोतरी पिछली तारीख से लागू मानी जाएगी, जो आमतौर पर 1 जनवरी से प्रभावी होती है। इसका मतलब है कि कर्मचारियों को पिछले महीनों का बकाया यानी एरियर भी मिलेगा। यह एरियर एकमुश्त उनके बैंक खाते में जमा किया जाएगा। त्योहारों या घरेलू खर्चों के समय यह अतिरिक्त राशि काफी काम आएगी। पेंशनभोगियों को भी एरियर का लाभ मिलेगा, जिससे उन्हें मेडिकल खर्च और दैनिक जरूरतों को पूरा करने में सहूलियत होगी। आमतौर पर बढ़ोतरी की घोषणा के बाद 1-2 महीनों के भीतर भुगतान की प्रक्रिया पूरी कर दी जाती है। अर्थव्यवस्था और समाज पर असर DA में बढ़ोतरी का असर सिर्फ कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे बाजार पर पड़ता है। जब लाखों लोगों की आय बढ़ती है, तो उनकी खर्च करने की क्षमता भी बढ़ती है। इससे बाजार में मांग बढ़ती है और स्थानीय व्यापार को फायदा होता है। पेंशनभोगियों के लिए यह बढ़ोतरी खास मायने रखती है। कई बुजुर्ग पूरी तरह पेंशन पर निर्भर होते हैं। दवाइयों, इलाज और रोजमर्रा के खर्चों के बीच यह अतिरिक्त रकम उन्हें आर्थिक सहारा देती है। इसी वजह से DA और DR में संशोधन को सामाजिक सुरक्षा का अहम हिस्सा माना जाता है। क्या आगे और बढ़ सकता है DA? कर्मचारी संगठनों की मांग है कि भविष्य में DA को और बढ़ाया जाए और 8वें वेतन आयोग के गठन पर भी जल्द फैसला लिया जाए। हालांकि फिलहाल 4% की बढ़ोतरी को तात्कालिक राहत के रूप में देखा जा रहा है। महंगाई के आंकड़ों के आधार पर साल में दो बार DA की समीक्षा की जाती है, इसलिए आगे भी बदलाव संभव है। सरकार का कहना है कि वह आर्थिक संतुलन बनाए रखते हुए कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखेगी। फिलहाल यह बढ़ोतरी लाखों परिवारों के लिए बड़ी राहत है और इससे उनकी मासिक आय में साफ फर्क दिखाई देगा। कुल मिलाकर 4% DA बढ़ोतरी का फैसला केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए खुशखबरी लेकर आया है। बढ़ती महंगाई के दौर में यह अतिरिक्त रकम घर के बजट को संभालने में मदद करेगी। एरियर के साथ मिलने वाली राशि त्योहारों और जरूरी खर्चों में सहारा बनेगी। आने वाले समय में अगर महंगाई के आंकड़े इसी तरह बढ़ते रहे, तो DA में और संशोधन की संभावना भी बनी रहेगी। फिलहाल यह घोषणा लाखों परिवारों के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए काफी है।

DA Hike Update: 8वें वेतन आयोग से पहले 10% बढ़ोतरी, लाखों कर्मचारियों को राहत

नई दिल्ली केंद्रीय कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार है। इस इंतजार के बीच कुछ राज्य सरकारें अपने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते पर फैसले ले रही हैं। इसी कड़ी में केरल सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। आधिकारिक आदेश के अनुसार के DA की दर 25% से बढ़ाकर 35% कर दी गई है। बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता मार्च महीने के वेतन में दिखाई देगा। इसी के साथ राज्य सरकार ने पेंशनरों के लिए भी फैसला लिया गया है। पेंशनर्स के महंगाई राहत (DR) में 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। बढ़ा हुआ DR अप्रैल से मिलने वाली पेंशन में शामिल किया जाएगा। हालांकि सरकार ने यह भी कहा है कि इस संशोधन से बनने वाले बकाया के भुगतान की प्रक्रिया अलग आदेश के माध्यम से बाद में तय की जाएगी। किसे मिलेगा फायदा केरल सरकार के इस फैसले का फायदा राज्य सरकार के कर्मचारियों के साथ-साथ स्थानीय स्वशासन संस्थाओं के कर्मचारियों को भी मिलेगा। यह सहायता प्राप्त स्कूलों, कॉलेजों और पॉलिटेक्निक संस्थानों के शिक्षकों तथा गैर-शिक्षण कर्मचारियों पर भी लागू होगा। इसके अलावा फुल-टाइम कंटिजेंट कर्मचारियों को भी इसका लाभ मिलेगा। संशोधित DA का लाभ पार्ट-टाइम शिक्षकों, पार्ट-टाइम कंटिजेंट कर्मचारियों और दोबारा नियुक्त किए गए पेंशनरों को भी मिलेगा। इनके लिए भत्ते की गणना उनकी पात्र वेतन राशि के आधार पर की जाएगी। वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार केंद्रीय कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने का इंतजार है। बता दें कि वेतन आयोग का गठन पिछले साल नवंबर महीने में किया गया था। इससे पहले, जनवरी के महीने में वेतन आयोग गठन का ऐलान हुआ। वेतन आयोग की सिफारिशें 18 से 20 महीने में लागू होने की उम्मीद है। हाल ही में सरकार ने आठवें वेतन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च कर दी है। आयोग ने मंत्रालयों, विभागों, केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और अन्य हितधारकों से सुझाव और राय आमंत्रित किए हैं। जवाब जमा करने की अंतिम तिथि 16 मार्च, 2026 है। इससे पता चलता है कि प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है लेकिन अंतिम रिपोर्ट तैयार होने में अभी समय लगेगा। फिटमैंट फैक्टर की बड़ी भूमिका ऐसा माना जा रहा है कि आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने में फिटमैंट फॉर्मूले की बड़ी भूमिका होगी। कर्मचारी संगठनों ने 2.86 से लेकर 3.25 तक के फिटमेंट फैक्टर की मांग रखी है। बता दें कि सातवें वेतन आयोग ने 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया था, जिससे न्यूनतम वेतन 7,000 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये हो गया था।  

न्यू ईयर से पहले बुरी खबर: केंद्रीय कर्मचारियों का DA बढ़ना अब अधर में?

नई दिल्ली  केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स को नए साल में अपनी सैलरी में मामूली बढ़ोतरी से ही संतोष करना पड़ सकता है। जनवरी 2026 से लागू होने वाला महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) संशोधन इस बार सिर्फ 2 प्रतिशत बढ़ने की संभावना है। अगर ऐसा हुआ तो केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 58% से बढ़कर 60% हो जाएगा। यह पिछले सात वर्षों में सबसे कम बढ़ोतरी होगी। बता दें कि महंगाई भत्ते की गणना औद्योगिक श्रमिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के आधार पर होती है। जुलाई 2025 से अक्टूबर 2025 तक सूचकांक लगातार बढ़ा है। यह मुद्रास्फीति के बढ़ने का संकेत है। इसके बावजूद बढ़ोतरी इतनी तेज नहीं है कि भत्ते को 61% तक कर दिया जाए। यह 7वें वेतन आयोग के 10-वर्षीय चक्र से बाहर होने वाला पहला संशोधन होगा। 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो रहा है जबकि 8वें वेतन आयोग ने अभी अपना काम शुरू किया है। इसके संदर्भ-शर्तों (ToR) में लागू करने की तारीख का कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं है। आयोग के पास रिपोर्ट देने के लिए 18 माह हैं और आमतौर पर नई वेतन संरचना लागू होने में रिपोर्ट के बाद 1–2 साल लग जाते हैं। इसका मतलब है कि कर्मचारियों को 8वें वेतन आयोग के लाभ 2027 के अंत या 2028 की शुरुआत में मिल सकते हैं। टेंशन में केंद्रीय कर्मचारी कर्मचारियों की बड़ी चिंता यह है कि जनवरी 2026 से नई वेतन संरचना लागू होगी या नहीं क्योंकि सरकार ने संसद में इस पर स्पष्ट जवाब नहीं दिया। इस वजह से यह लगभग तय माना जा रहा है कि महंगाई भत्ता मौजूदा संरचना के अनुसार ही अगले कुछ वर्षों तक जारी रहेगा, जब तक 8वां वेतन आयोग पूरी तरह लागू नहीं हो जाता। भत्ते में यह मामूली बढ़ोतरी इसलिए भी अहम है क्योंकि 8वें वेतन आयोग के लागू होने पर उस समय का DA बेसिक पे में जोड़ा जाता है और DA फिर शून्य से शुरू होता है। यानी जनवरी 2026 से लेकर जुलाई 2027 तक होने वाले चार भत्ता संशोधन सीधे तौर पर नई वेतन संरचना में आपकी बेसिक सैलरी तय करेंगे।  

केंद्र से 3% पीछे मप्र का डीए-डीआर, कर्मचारी बोले—बढ़े महंगाई भत्ता और मिले फेस्टिवल बोनस

भोपाल  केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को 3% महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) दे दी है। इसे लेकर मध्यप्रदेश के कर्मचारी भी सक्रिय हो गए हैं। कर्मचारियों ने दीपावली से पहले 3% डीए एवं डीआर और बोनस देने की मांग मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से की है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि दीपावली से पहले ये लाभ दे दिया जाए, ताकि कर्मचारियों के परिवार त्योहार खुशियों के साथ मना सकें। प्रदेश के कर्मचारियों ने फेस्टिवल एडवांस की राशि बढ़ाने की भी मांग की है। उधर, माना जा रहा है कि राज्य सरकार जल्द ही कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का ऐलान कर सकती है। प्रदेश में मिल रहा 55% डीए, केंद्र में बढ़कर हुआ 58% वर्तमान में मध्यप्रदेश के कर्मचारियों को 55% की दर से महंगाई भत्ता दिया जा रहा है। वहीं, केंद्र सरकार के कर्मचारियों का डीए अब 3% बढ़कर 58% हो गया है। राज्य के कर्मचारियों का डीए जुलाई 2025 से ड्यू है, जिसे अभी तक नहीं बढ़ाया गया है। इससे प्रदेश के कर्मचारियों में नाराजगी है, क्योंकि उन्हें हमेशा केंद्र के बाद देरी से डीए वृद्धि मिलती है। 29 साल से बंद है बोनस कर्मचारी संगठनों ने याद दिलाया कि वर्ष 1996 से प्रदेश में बोनस बंद है। उस समय कर्मचारियों को 1079 रुपए तक बोनस के रूप में दिया जाता था। केंद्र सरकार और रेलवे आज भी अपने कर्मचारियों को दीपावली बोनस देती हैं, लेकिन मध्यप्रदेश में यह सुविधा वर्षों से बंद है। कर्मचारी संगठनों ने कहा- सरकार कहती है कि राज्य कर्मचारियों को केंद्र के समान सुविधाएं दी जा रही हैं, लेकिन बोनस न देना उनकी ‘कथनी और करनी’ में फर्क दिखाता है। केंद्र सरकार अक्टूबर में फिर बढ़ा सकती है डीए सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार अक्टूबर माह में अपने कर्मचारियों का डीए 3% बढ़ाने की घोषणा कर सकती है। इससे डीए 58% से बढ़कर 61% तक पहुंच जाएगा। तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी का कहना है- आमतौर पर मध्यप्रदेश सरकार केंद्र के बाद ही डीए वृद्धि का ऐलान करती है। इसलिए उम्मीद है कि केंद्र के फैसले के बाद राज्य सरकार भी जल्द घोषणा करेगी। अक्टूबर में आएगी एरियर की आखिरी किस्त प्रदेश सरकार ने अप्रैल 2025 में कर्मचारियों का डीए 5% बढ़ाया था, जिससे दर 55% हो गई थी। इसके साथ ही सरकार ने एरियर का भुगतान 5 किस्तों में करने का निर्णय लिया था। अब अक्टूबर में एरियर की अंतिम किस्त कर्मचारियों के खातों में आने वाली है। कर्मचारियों को उम्मीद है कि उसी समय डीए वृद्धि और बोनस का ऐलान भी किया जाएगा। 10 हजार फेस्टिवल एडवांस की मांग राज्य कर्मचारी संघ के महामंत्री जितेन्द्र सिंह ने कहा- केंद्रीय कर्मचारियों को कभी डीए क मांग नहीं करनी पड़ती, लेकिन मध्यप्रदेश में बार-बार आग्रह करना पड़ता है। इस बार उम्मीद है कि सरकार दीपावली से पहले समय पर डीए और बोनस देगी। उन्होंने साथ ही यह मांग भी रखी कि कर्मचारियों को 10 हजार रुपए का फेस्टिवल एडवांस दिया जाए, ताकि वे त्योहार के दौरान आर्थिक रूप से सहज रह सकें। 10 लाख कर्मचारी-पेंशनर्स होंगे प्रभावित तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने कहा कि दीपावली के अवसर पर हर घर में खर्च बढ़ जाता है। ऐसे में सरकार को कर्मचारियों को आर्थिक राहत देने के लिए बोनस के साथ 3% महंगाई भत्ता और महंगाई राहत देना चाहिए। इससे प्रदेश के 10 लाख से अधिक कर्मचारियों और पेंशनर्स को लाभ मिलेगा। राज्य कर्मचारी संघ के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने भी सरकार से दीपावली से पहले महंगाई भत्ते की किस्त जारी करने की मांग की है। प्रदेश के कर्मचारियों को मिल रहा 55% डीए वर्तमान में मध्य प्रदेश के कर्मचारियों को 55% की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है। वहीं, केंद्र सरकार के कर्मचारी अब 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद 58% डीए प्राप्त कर रहे हैं। प्रदेश के कर्मचारियों का जुलाई 2025 से डीए ड्यू है। 29 साल से बंद बोनस देने की मांग कर्मचारी संगठनों का कहना है कि वर्ष 1996 से प्रदेश में बोनस बंद है, जबकि उस समय कर्मचारियों को 1079 रुपए तक बोनस के रूप में मिलता था। केंद्र और रेलवे आज भी अपने कर्मचारियों को दीपावली बोनस दे रहे हैं, लेकिन मध्य प्रदेश में कर्मचारियों को इससे वंचित रखा गया है। यह फिर से शुरू किया जाना चाहिए। संगठनों ने कहा कि सरकार एक ओर दावा करती है कि कर्मचारियों को केंद्र के समान सुविधाएं दी जा रही हैं, लेकिन बोनस न देना “कथनी और करनी में अंतर” दर्शाता है। कर्मचारी संगठनों ने उम्मीद जताई है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव दीपावली से पहले कर्मचारियों को राहत देने का फैसला लेकर त्योहार की खुशियां दो गुनी करेंगे। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा कर्मचारियों को दीपावली के पहले 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिए जाने के बाद अब राज्य के कर्मचारी भी मोहन सरकार से महंगाई भत्ता बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। कर्मचारी संगठनों का कहा है कि एमपी में काम कर रहे कर्मचारियों को केंद्र सरकार के बराबर महंगाई भत्ता और महंगाई राहत देकर बोनस दिया जाए ताकि कर्मचारी त्यौहार खुशियों के साथ मना सकें। इसके साथ ही फेस्टिवल एडवांस भी बढ़ी हुई राशि के साथ देने की मांग की जा रही है। उधर माना जा रहा है कि जल्दी ही राज्य सरकार भी कर्मचारियों के लिए डीए देने का ऐलान कर सकती है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि जिस प्रकार से केंद्र एवं रेलवे द्वारा दीपावली के अवसर पर बोनस एवं 3% महंगाई भत्ता, महंगाई राहत एक करोड़ से अधिक कर्मचारियों को प्रदान कर दी गई है उसी प्रकार मध्य प्रदेश सरकार भी दीपावली के त्योहार पर कर्मचारियों को आर्थिक रूप से खुशियां दे। प्रदेश में वर्ष 1996 से बोनस बंद है। वर्ष 1996 तक 1079 रुपए बोनस के रूप में कर्मचारियों को प्राप्त होते थे। वर्तमान में प्रदेश के कर्मचारियों को 55% की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है। केंद्र सरकार द्वारा आज भी अपने कर्मचारियों को बोनस दिया जा रहा है वहीं मध्य प्रदेश में कर्मचारियों को बोनस से वंचित कर दिया गया है। संगठनों के अनुसार एक तरफ प्रदेश सरकार द्वारा कहा जाता है कि केंद्र के समान … Read more

केंद्रीय कर्मचारियों को दिवाली गिफ्ट! महंगाई भत्ते में 3% की बढ़ोतरी, सैलरी में होगा इज़ाफा

नई दिल्ली दिवाली-दशहरा से पहले केंद्रीय कर्मचारियों को कैबिनेट ने महंगाई भत्ता में (DA Hike) 3 फीसदी की बढ़ोतरी की मंजूरी दे दी है. कैबिनेट ने बुधवार को केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी का ऐलान किया गया. इसके साथ ही अब कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 55 प्रतिशत से बढ़कर 58 प्रतिशत हो गया है. यह बढ़ोतरी 1 जुलाई, 2025 से प्रभावी माना जाएगा.  जनवरी में कितनी हुई थी DA-DR बढ़ोतरी? इससे पहले, केंद्रीय कैबिनेट ने 1 जनवरी, 2025 से महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 2% की बढ़ोतरी की थी, जिससे लगभग 1.15 करोड़ केंद्रीय सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी खुश हुए थे. इस बढ़ोतरी के बाद, महंगाई भत्ता, बेसिक सैलरी के 53% से बढ़कर 55% हो गया था. ये बढ़ोतरी 7वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों पर तय फॉर्मूले के अनुसार की गई थी. बता दें क‍ि महंगाई भत्ते और महंगाई राहत कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को महंगाई से बचाने और उनकी जीवन-यापन लागत को समायोजित करने के लिए दिया जाता है. कर्मचारियों को जुलाई, अगस्त और सितंबर का बकाया दिवाली से ठीक पहले अक्टूबर के वेतन के साथ दिया जाएगा. इसका मतलब है कि कर्मचारियों की सैलरी में तगड़ी बढ़ोतरी होगी. इससे कर्मचारी और पेंशनर्स त्‍योहारों पर जमकर खरीदारी करेंगे.यह बढ़ोतरी सातवें वेतन आयोग के तहत आने वाले सभी केंद्र सरकार के कर्मचारियों के साथ-साथ पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स पर भी लागू होगी. 2025 का दूसरा बड़ा हाइक दिवाली से पहले केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ते (DA Hike) और महंगाई राहत (DR Hike) में बढ़ोतरी का बड़ा ऐलान किया जा चुका है. यह इस साल का दूसरा महंगाई भत्ता में बढ़ोतरी है. बता दें सरकार की ओर से साल में दो बार महंगाई भत्ते में संशोधन किया जाता है.  कितनी बढ़ेगी सैलरी?  अगर किसी की बेसिक सैलरी ₹30,000 है तो कर्मचारी को प्रति माह ₹900 अतिरिक्त मिलेंगे, जबकि ₹40,000 वेतन वाले कर्मचारी को ₹1,200 अतिरिक्त मिलेंगे. तीन महीनों में, बकाया राशि कुल ₹2,700 से ₹3,600 होगी. यह त्‍योहारों के समय में एक बड़ी राहत होगी. CPI-IW आंकड़े पर निर्भर करता है डीए बढ़ोतरी औद्योगिक श्रमिकों के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW) द्वारा मापी गई मुद्रास्फीति के रुझानों के आधार पर, महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) को वर्ष में दो बार, जनवरी और जुलाई में संशोधित किया जाता है. हालांकि ऐलान अक्सर देर से होती हैं, लेकिन बकाया राशि इस देरी की भरपाई कर देती है. यह संशोधन सातवें वेतन आयोग के तहत अंतिम होने की उम्मीद है. जनवरी 2026 से 8वां वेतन आयोग लागू हो सकता है.  कितनी बढ़ जाएगी सैलरी?  फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 55% है. इसमें करीब 3% की बढ़ोतरी का ऐलान हो सकता है, जिसके बाद DA बढ़कर 58% हो जाएगा. ये बढ़ोतरी जुलाई 2025 से लागू मानी जाएगी. यानी कर्मचरियों को उनकी बेसिक सैलरी का 58% महंगाई भत्ते के तौर पर दिया जाएगा.  जिन कर्मचारियों की बेसिक सैलरी 60,000 रुपये है, उन्‍हें अभी महंगाई भत्ते के तौर पर 33,000 रुपये मिलता है. 3% की बढ़ोतरी के बाद उन्‍हें महंगाई भत्ते के रूप में 34,800 रुपये मिलेगा. यानी उनकी ग्रॉस सैलरी में 1,800 रुपये बढ़ जाएंगे.  करोड़ों कर्मचारियों को लाभ  कैबिनेट के इस फैसले के बाद महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का तोहफा सभी केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलेगा. इससे 48 लाख कर्मचारियों और 68 लाख पेंशनभोगियों या पूर्व कर्मचारियों को लाभ मिलेगा.  65 लाख पेंशनभोगियों को भी मिलेगा फायदा जानकारी के अनुसार महंगाई भत्ते में इस वृद्धि से करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और तकरीबन 65 लाख पेंशनभोगियों को फायदा होगा। बता दें दोनों लंबे समय से इसके बढ़ने का इंतजार कर रहे थे। अब महानवमी पर केंद्र सरकार के इस ऐलान ने केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ी खुशखबरी दी है। कब लागू होंगी आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें जानकारी के अनुसार सातवें वेतन आयोग का अंतिम DA समायोजित होगा, क्योंकि आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें जनवरी 2026 से लागू होने वाली हैं। केंद्रीय कर्मचारियों को अब आठवें वेतन आयोग के गठन का इंतजार है। बता दें केंद्रीय कर्मचारी यूनियनों ने इस मुद्दे पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी मुलाकात की है। यूनियन पदाधिकारियों ने केंद्रीय मंत्री से हस्तक्षेप कर आठवें वेतन आयोग के जल्द गठन की मांग की है।

महंगाई भत्ता बढ़ोतरी: MP वित्त विभाग ने तय की लिमिट, 2028-29 तक 94% होगा डीए

भोपाल  मध्यप्रदेश में अधिकारी-कर्मचारियों का अगले 3 साल में 30 प्रतिशत तक महंगाई भत्ता (DA) बढ़ेगा। अभी कर्मचारियों को 55 प्रतिशत डीए मिल रहा है। चालू वित्तीय वर्ष में 31 मार्च तक इसे 9 प्रतिशत बढ़ाकर 64 प्रतिशत करने का टारगेट है। इसमें से 4 प्रतिशत तो दिवाली तक ही बढ़ेगा। जबकि शेष 5 प्रतिशत मार्च के आखिर से पहले दिया जाएगा।सरकार हर साल डीए बढ़ाकर चुनावी साल 2028-29 तक महंगाई भत्ता 94 प्रतिशत कर देगी। दरअसल, सरकार ने रोलिंग बजट की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसमें ये प्रावधान किए गए हैं। वहीं, विभागवार बजट की लिमिट भी तय कर दी है। अब अलग-अलग कार्यों के लिए विभाग प्रमुख इसी बजट में बदलाव कर सकेंगे। लेकिन, विभागों को तय लिमिट से अधिक बजट का प्रावधान नहीं होगा। अभी आधा वित्तीय वर्ष न बीता हो पर सरकार ने 2026-27 के बजट की तैयारी शुरू कर दी है। अभी कर्मचारियों को 55 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है, जो अगले साल बढ़कर 74 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा। यानी एक साल में 19 प्रतिशत तक की महंगाई भत्ता की वृद्धि होगी। इसके हिसाब से सभी विभागों को स्थापना व्यय की गणना करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश में पहली बार सरकार एक साथ तीन वर्ष की वित्तीय आवश्यकताओं का आकलन करके बजट तैयार करा रही है। हर वर्ष स्थापना बजट बढ़ता जा रहा है। भारत सरकार बढ़ा सकती महंगाई भत्ता आगामी वर्षों में ढाई लाख से अधिक रिक्त पदों की पूर्ति किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसे देखते हुए वित्त विभाग ने सभी विभागों से कहा है कि वे स्थापना का आकलन भी उसी हिसाब से करते हुए बजट प्रस्ताव तैयार करें। वर्ष 2026-27 के लिए कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में संभावित वृद्धि को देखते हुए 74 प्रतिशत की दर से स्थापना व्यय की गणना करने के लिए कहा गया है। दरअसल, वर्ष 2025-26 की शेष अवधि के लिए भारत सरकार तीन प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ा सकती है। इसके अनुरूप प्रदेश में भी वृद्धि होगी, जिससे यह 58 प्रतिशत हो जाएगा। प्रदेश सरकार ने तय किया है कि भारत सरकार जब से महंगाई भत्ता बढ़ाएगी तब से ही प्रदेश के कर्मचारियों को उसका लाभ दिया जाएगा। यद्यपि, पेंशनरों के मामले में ऐसा नहीं है। अभी भी उन्हें 53 प्रतिशत की दर से महंगाई राहत मिल रही है क्योंकि छत्तीसगढ़ सरकार में 55 प्रतिशत करने को लेकर सहमति अब तक नहीं दी है। राज्य पुनर्गठन अधिनियम के अनुसार महंगाई राहत में वृद्धि के लिए दोनों के मध्य सहमति होना आवश्यक है। पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के संरक्षक गणेश दत्त जोशी का कहना है कि पेंशनरों के साथ लगातार अन्याय हो रहा है। अभी भी कर्मचारियों की तुलना में हमें दो प्रतिशत महंगाई राहत कम दी जा रही है। पुराना एरियर भी अभी तक नहीं दिया गया है। मार्च तक 9 प्रतिशत महंगाई भत्ता देगी सरकार रोलिंग बजट की सरकार की कवायद के बीच यह बात भी सामने आई है कि 2026-27 के बजट के लिए प्रस्तावित महंगाई भत्ते के पहले सरकार को इसे 64 प्रतिशत तक पहुंचाएगी। अभी प्रदेश के कर्मचारियों को राज्य सरकार सातवें वेतनमान पर 55 फीसदी महंगाई भत्ता दे रही है। माना जा रहा है कि इस साल दिवाली के समय और फिर अगले साल फरवरी-मार्च में सरकार 2 किस्तों में 4 प्रतिशत और 5 प्रतिशत महंगाई भत्ता देकर इसे 31 मार्च के पहले 64 प्रतिशत तक पहुंचा देगी। 5वें और 6वें वेतनमान वालों को भी मिलेगा फायदा वित्त विभाग ने कहा है कि जिन विभागों में छठवें या पांचवें वेतनमान पाने वाले कर्मचारी हैं, उन्हें भी हर साल 10 फीसदी महंगाई भत्ता बढ़ाकर दिया जाएगा। छठवें वेतनमान में वर्तमान में 252% तक महंगाई भत्ता दिया जाता है। इसके आधार पर वर्ष 2026-27 में 265 प्रतिशत, वर्ष 2027-28 में 280 और वर्ष 2028-29 में 295 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जाएगा। इसके हिसाब से विभागों को रोलिंग बजट में प्रावधान करना होगा। प्रदेश सरकार के उपक्रम, निगम, मंडल में काम करने वाले कर्मचारियों को भी इसी तर्ज पर महंगाई भत्ता दिया जाना है। 85 हजार करोड़ रुपये से अधिक होंगे खर्च प्रदेश में स्थापना व्यय पर सरकार प्रतिवर्ष बजट का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा व्यय करती है। 2023-24 में वेतन-भत्ते और पेंशन मिलकर व्यय 72 हजार करोड़ रुपये के आसपास था, जो 2024-25 में 75 हजार करोड रुपये से अधिक हो गया 2025-26 में 79 हजार करोड़ रुपये व्यय अनुमानित है। इसे देखते हुए 26-27 में यह राशि 85 हजार करोड रुपये तक पहुंच सकती है। आठवें वेतनमान को लेकर भी तैयारी उधर, भारत सरकार ने आठवें वेतनमान आयोग का गठन कर दिया है। इसे देखते हुए प्रदेश के साढ़े सात लाख नियमित सरकारी कर्मचारियों और साढ़े चार लाख पेंशनरों को नया वेतनमान देने की तैयारी राज्य सरकार ने भी शुरू कर दी है। सातवां वेतनमान मूल वेतन में 2.75 का गुणा करके निर्धारित हुआ था। तब लगभग सात से 18 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन में वृद्धि हुई थी।

सरकारी केंद्रीय कर्मचारियों-पेंशनर्स के लिए खुशखबरी: दिवाली से पहले सैलरी में बड़ा इजाफा

    नई दिल्ली सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए इस बार की दिवाली बेहद खास हो सकती है. बता दें कि केंद्र सरकार उनके लिए एक बड़ा तोहफा लेकर आने की तैयारी कर रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार दिवाली से पहले महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी का ऐलान कर सकती है. DA में बढ़त का ऐलान सितंबर के अंत या अक्टूबर की शुरुआत में हो सकता है. खास बात ये है कि इस बार महंगाई भत्ते में जो बढ़ोतरी होगी, वो 7वें वेतन आयोग के तहत आखिरी हो सकती है, क्योंकि 1 जनवरी 2026 से 8वां वेतन आयोग लागू होने की संभावना है. 1 करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए खुशखबरी है।जुलाई में श्रम मंत्रालय ने अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के जनवरी से जून के आंकड़ें जारी कर दिए है, ऐसे में संभावना है कि दिवाली से पहले केन्द्र की मोदी सरकार कर्मचारियों पेंशनरों का महंगाई भत्ता बढ़ा सकती है। इसका लाभ 50 लाख कर्मचारियों और 67 लाख पेंशनरों को मिलेगा।यह 7वें वेतन आयोग के तहत महंगाई भत्‍ते में आखिरी वृद्धि हो सकती है, क्योंकि 1 जनवरी 2026 से 8वां वेतन आयोग लागू होने की उम्मीद है। जुलाई 2025 से फिर बढ़ेगा महंगाई भत्ता केन्द्र सरकार द्वारा महंगाई की दर को देखते हुए हर साल 2 बार जनवरी और जुलाई में केन्द्रीय कर्मचारियों व पेंशनरों का महंगाई भत्ता/महंगाई राहत की दरों में संशोधन किया जाता है, जो अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक इंडेक्स के छमाही आंकड़ों पर निर्भर करता है। यह आंकड़े जनवरी से जून और जुलाई से दिसंबर के बीच जारी किए जाते है। 7वें वेतन आयोग के तहत आने वाले कर्मचारियों पेंशनरों का जनवरी 2025 से 2% डीए बढ़ाया गया था, जिसका ऐलान मार्च में हुआ था, जिसके बाद डीए 53% से बढ़कर 55% पहुंच गया है और अब जुलाई 2025 से फिर डीए की दरों में बदलाव होना है जो जनवरी से जून के छमाही आंकड़ों पर निर्भर करेगा। कितना बढ़ सकता है DA? फिलहाल केंद्र सरकार के कर्मचारियों को 55% DA मिल रहा है लेकिन अब इसमें 3 से 4 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की उम्मीद की जा रही है. अगर सरकार 4% DA बढ़ाती है, तो यह बढ़कर 59% हो जाएगा. वहीं अगर 3% बढ़ोतरी होती है, तो DA 58% तक पहुंचेगा. कितनी बढ़ेगी सैलरी? अगर DA 3% बढ़ता है, तो जिन कर्मचारियों का बेसिक वेतन ₹18,000 है, उन्हें हर महीने ₹540 ज्यादा मिलेंगे. वहीं जिन पेंशनर्स की बेसिक पेंशन ₹9,000 है, उन्हें ₹270 प्रति माह का फायदा होगा. यानी दिवाली से पहले उनकी जेब में अतिरिक्त पैसा आ सकता है. हालांकि DA की नई दरें 1 जुलाई से लागू मानी जाएंगी, लेकिन सरकार इसका ऐलान सितंबरअक्टूबर में करती है. ऐसे में कर्मचारियों और पेंशनर्स को जुलाई, अगस्त और सितंबर के तीन महीनों का एरियर भी मिलेगा. साल में दो बार होता है DA का संशोधन सरकार साल में दो बार महंगाई भत्ते में संशोधन करती है. पहली बार जनवरी में और दूसरी बार जुलाई में. हर बार इसका ऐलान कुछ महीनों बाद किया जाता है, ताकि CPI-IW यानी कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स का डेटा पूरा मिल सके और इसी आधार पर सरकार DA की दरें तय करती है. DA बढ़ाने के लिए सरकार श्रम ब्यूरो द्वारा जारी किए जाने वाले CPI-IW आंकड़ों का इस्तेमाल करती है. बीते 12 महीनों के औसत CPI-IW के आधार पर सरकार DA में बदलाव करती है और ये पूरी प्रक्रिया 7वें वेतन आयोग के नियमों के अनुसार होती है. इस बार 3 फीसदी डीए वृद्धि संभव, एरियर भी मिलेगा अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक इंडेक्स के छमाही आंकड़ों पर गौर करें तो अंक 145 पर रहा और डीए स्कोर 58.18% के आसपास आ गया ,जो 3 % वृद्धि की ओर संकेत दे रहा है।संभावना है कि जुलाई 2025 से केन्द्र सरकार 3% डीए बढ़ा सकती है जिसके बाद डीए 55% से बढ़कर 58% पहुंच जाएगा।नई दरें जुलाई 2025 से लागू होंगी ऐसे में एरियर का भी भुगतान होगा। कयास लगाए जा रहे है कि दिवाली से पहले होने वाली कैबिनेट बैठक में वित्त मंत्रालय द्वारा डीए वृद्धि का प्रस्ताव रखा सकता है, जिसमें मंजूरी मिलने के बाद आदेश जारी किए जाएंगे। यह दर जुलाई-दिसंबर के लिए होगी।अगर सितंबर में नई दरों का ऐलान होता है तो अक्टूबर में खाते में सैलरी बढ़कर आएगी और अगर अक्टूबर में लाभ मिलता है तो नवंबर में सैलरी बढ़कर मिलेगी। आईए जानते है कैसे होती है महंगाई भत्ते की गणना     केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते की गणना करने का एक फॉर्मूला है। फॉर्मूला है: 7वां सीपीसी डीए% = [{पिछले 12 महीनों के लिए एआईसीपीआई-आईडब्ल्यू (आधार वर्ष 2001=100) का 12 महीने का औसत – 261.42}/261.42×100]     यह फॉर्मूला उन केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों पर लागू होगा जिन्हें सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर वेतन मिलता है। डीए%= (392.83-261.42)/261.42×100 = 50.26     पिछले 12 महीनों का औसत सीपीआई-आईडब्ल्यू 392.83 है। फॉर्मूले के मुताबिक, डीए मूल वेतन का 50.28 फीसदी आ रहा है। इसलिए, केंद्र सरकार महंगाई भत्ते को 50% (दशमलव बिंदुओं को नजरअंदाज करते हुए) तक बढ़ा सकती है।  

मोदी सरकार ने 3 भत्तों में किया 25% का बंपर इजाफा, केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ा तोहफा

नई दिल्ली मोदी सरकार केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दे सकती है। केंद्रीय कर्मचारियों को जुलाई 2025 से महंगाई भत्ते (DA) में 4 पर्सेंट की बढ़ोतरी का फायदा मिल सकता है। महंगाई के हालिया डेटा पर आधारित रिपोर्ट्स में यह बात कही गई है। इस बढ़ोतरी के बाद महंगाई भत्ता मौजूदा 55 पर्सेंट से बढ़कर 59 पर्सेंट पहुंच जाएगा। महंगाई भत्ते में यह बढ़ोतरी जुलाई से प्रभावी होगी, लेकिन इसकी आधिकारिक घोषणा अगस्त या सितंबर-अक्टूबर में फेस्टिव सीजन के करीब हो सकती है। CPI डेटा के आधार पर 59% पहुंच सकता है DA महंगाई भत्ते (DA) का कैलकुलेशन ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स (AICPI-IW) के आधार पर होता है। यह इंडेक्स मई 2025 में 0.5 पर्सेंट बढ़कर 144 पर पहुंच गया है। पिछले तीन महीने में इंडेक्स में बढ़ोतरी देखने को मिली है। मार्च 2025 में यह 143, अप्रैल में 143.5 और मई 2025 में अब यह 144 पर पहुंच गया है। अगर इंडेक्स में तेजी का रुझान बना रहता है और जून में यह 144.5 पर पहुंच जाता है तो ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स (AICPI-IW) का 12 महीने का एवरेज करीब 144.17 पहुंचने की उम्मीद है। जब 7वें वेतन आयोग के फॉर्मूले का इस्तेमाल करते हुए इसे एडजस्ट किया जाता है तो डीए रेट 58.85 पर्सेंट पहुंच जाता है। ऐसे में सरकार जुलाई 2025 से महंगाई भत्ते को बढ़ाकर 59 पर्सेंट कर सकती है। कब होगा ऐलान? जून 2025 का CPI-IW डाटा जुलाई के आखिर या अगस्‍त महीने के शुरुआत में आएगा. इसी आधार पर केंद्रीय कैबिनेट महंगाई भत्ता तय किया जाएगा. यह बढ़ोतरी सितंबर-अक्‍टूबर में केंद्रीय कैबिनेट द्वारा किया जा सकता है. फिर ये बढ़ा हुआ भत्ता जुलाई के महीने से जोड़कर दिया जाएगा. डीए में यह बढ़ोतरी तबतक होगी, जबतक 8वां वेतन आयोग लागू नहीं होता.  कब लागू होगा 8वां वेतन आयोग?  पिछले वेतन आयोग के इतिहास पर नजर डालें तो किसी भी आयोग की सिफारिश लागू होने में 18 से 24 महीने का समय लगता है. ऐसे में यह तय माना जा रहा है कि 8वां वेतन आयोग 2027 तक ही लागू हो सकता है. इसका मतलब है कि केंद्रीय कर्मचारियों को महंगाई भत्ते में इजाफे को लेकर कई और बढ़ोतरी मिल सकती है.  सितंबर या अक्टूबर में हो सकती है घोषणा महंगाई भत्ते (डीए) को एक साल में दो बार रिवाइज किया जाता है। यह रिवीजन आमतौर पर जनवरी और जुलाई में होता है। महंगाई भत्ता ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स (AICPI-IW) के 12 महीने के एवरेज के आधार पर तय होता है। महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी जुलाई से प्रभावी होगी, लेकिन आमतौर इसकी घोषणा बाद में की जाती है। पिछले सालों में सरकार ने ऐसे रिवीजन फेस्टिव पीरियड के करीब सितंबर या अक्टूबर में किए हैं। इस साल भी इसकी घोषणा दिवाली के करीब हो सकती है। सातवें वेतन आयोग के तहत यह महंगाई भत्ते में फाइनल बढ़ोतरी होगी, क्योंकि इसकी अवधि 31 दिसंबर 2025 को खत्म हो रही है। सरकार ने आठवें वेतन आयोग की घोषणा इस साल के शुरुआत में कर दी है, लेकिन इसमें आगे कोई प्रगति नहीं हुई है। सरकार को अभी नए कमीशन के चेयरमैन और मेंबर्स की नियुक्ति करनी है।