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नववर्ष पर नवाचार, ईमानदारी और जनसेवा के संकल्प से कार्य करें—डीजीपी कैलाश मकवाणा

नववर्ष में नवाचार, ईमानदारी और जनसेवा के संकल्प के साथ करें काम-डीजीपी कैलाश मकवाणा मिड कैरियर ट्रेनिंग प्रोग्राम: विदेश यात्रा से लौटे अधिकारियों का डी-ब्रीफिंग सत्र संपन्न भोपाल  मिड कैरियर ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत विदेश यात्रा में गये राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों का डी ब्रीफिंग सेशन आज पुलिस मुख्यालय में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। एमसीटीपी-5 बैच के 30 अधिकारियों का कार्यक्रम देश और विदेश में 27 नवंबर से प्रारम्भ हुआ था, जिसका आज समापन हुआ।  पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए इस बात पर ज़ोर दिया कि हमें यह सुनिश्चित करना है कि पुलिस थानों को किस प्रकार अधिक उत्तरदायी बनाया जाए ताकि हमारे पुलिस कर्मी आम जन के प्रति अधिक संवेदनशील होकर सर्विस डिलीवरी को और प्रभावी बना सकें साथ ही विभाग की छवि में और बेहतरी ला सकें। उन्होंने बस्‍तर और मंदसौर जैसे जिलों में रहते हुए अपने अनेक अनुभव साझा किए। उन्‍होंने कहा कि ईमानदारी, पारदर्शिता और निष्ठा वे तत्व हैं जो जनता के मन में विश्वास उत्पन्न करते हैं और पुलिस को मजबूत बनाते हैं। जनसुनवाई के प्रकरणों को गंभीरता से लेकर उसका त्‍वरित निराकरण करायें। पुलिस महानिदेशक ने वर्ष 2025 को मध्यप्रदेश पुलिस के लिए उपलब्धियों से भरा वर्ष बताते हुए कहा कि प्रदेश में नक्सलवाद का खात्मा किया गया है, जो ऐतिहासिक उपलब्धि है। साइबर अपराधों की रोकथाम एवं नागरिकों में साइबर जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रभावी अभियान चलाए गए, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। पुलिसिंग में जीरो टॉलरेंस नीति को सख्ती से लागू किया गया, जिससे अपराध नियंत्रण में मजबूती आई है। डीजीपी ने बताया कि पुलिस भर्ती प्रक्रिया को तेज किया गया है। अनुकंपा नियुक्तियों, त्वरित क्रम पूर्व पदोन्नति एवं बेहतर स्थानांतरण नीति के माध्यम से पुलिस कर्मियों के मनोबल को सुदृढ़ किया गया है। उत्कृष्ट एवं सराहनीय कार्यों पर पुरस्कार देने की परंपरा को बढ़ावा दिया गया है। इसके अंतर्गत नागदा, उज्‍जैन में आत्महत्या कर रहे युवक की जान बचाने पर संबंधित पुलिस अधिकारी को त्‍वरित ₹10,000 का पुरस्कार प्रदान किया गया। उन्होंने नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, CCTNS डैशबोर्ड के सफल संचालन तथा नशा मुक्ति अभियान ‘’नशे से दूरी है जरूरी’’ को पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल बताया। मध्यप्रदेश पुलिस को Cyber Capacity Building में DSCI अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, तकनीकी एवं शैक्षणिक सहयोग को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से MANIT भोपाल के साथ महत्वपूर्ण MoU किया गया, जो भविष्य की आधुनिक एवं प्रभावी पुलिसिंग की दिशा में एक अहम कदम है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 की ओर बढ़ते हुए मध्यप्रदेश पुलिस का प्रमुख फोकस सड़क सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने पर रहेगा, ताकि दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और नागरिकों का जीवन सुरक्षित हो। मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी के निदेशक अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक शाहिद अबसार ने पूरे प्रशिक्षण की रूपरेखा बताई। पुलिस महानिदेशक के प्रति उनके मार्गदर्शन हेतु आभार व्यक्त किया तथा सभी प्रतिभागियों के द्वारा गुणवत्तापूर्ण तरीके से प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए बधाई दी। समीक्षा में पांच पुलिस अधिकारियों द्वारा प्रशिक्षण के दौरान आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी दिल्ली, केम्ब्रिज विश्वविद्यालय एवं लंदन स्कूल ऑफ इकॉनोमिक्स में प्राप्त किए गये अनुभव साझा किए गए। आठ समूहों में बंटे अधिकारियो द्वारा भीड़ प्रबंधन एवं वीआईपी सुरक्षा प्रोटोकॉल (सिचुएशनल प्रिवेंशन तकनीक के साथ), संगठित अपराध पर नियंत्रण (तकनीक और मानवीय आसूचना का समन्वय), इंदौर और भोपाल शहर के लिए 'क्राइम हार्म इंडेक्स' (केम्ब्रिज मॉडल आधारित), रीवा जोन में नशीले पदार्थों (Drug Menace) की समस्या का सिस्टमैटिक विश्लेषण (मैरीलैंड स्केल), पश्चिमी मध्य प्रदेश में सांप्रदायिक संवेदनशील क्षेत्रों (Communal Hotspots) का विश्लेषण, महिला अपराधों की रोकथाम और डायल-112 की भूमिका (ट्रिपल टी हॉटस्पॉट मेथडोलॉजी), उज्जैन महाकाल और आगामी सिंहस्थ में भीड़ प्रबंधन (प्रेडिक्टिव क्राउड मैनेजमेंट) तथा बार-बार अपराध करने वाले किशोरों के लिए 'ऑफेंडर मैनेजमेंट सिस्टम' का प्रभावी उपयोग के बारे में प्रेजेन्‍टेशन दिया गया।   इस कार्यक्रम में विशेष पुलिस महानिदेशक पवन श्रीवास्‍तव, आदर्श कटियार, संजीव शमी, अनिल कुमार, अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक ए.साईं मनोहर, जयदीप प्रसाद, आशुतोष रॉय, पीएसओ टू डीजीपी विनीत कपूर, स्टॉफ ऑफिसर मलय जैन सहित अन्‍य अधिकारी उपस्थित थे।  

पावरलिफ्टिंग में स्वर्ण पदक विजेता आरक्षक सौदान सिंह चौहान की डीजीपी कैलाश मकवाणा से सौजन्य भेंट

डीजीपी कैलाश मकवाणा से पावरलिफ्टिंग में स्वर्ण पदक विजेता आरक्षक सौदान सिंह चौहान ने की सौजन्य भेंट डीजीपी ने दी बधाई भोपाल  डीजीपी कैलाश मकवाणा से  पुलिस मुख्यालय में पावरलिफ्टिंग की क्लासिक बेंच प्रेस प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक विजेता आरक्षक सौदान सिंह चौहान ने भेंट की। मध्यप्रदेश पुलिस के जिला पुलिस लाइन उज्जैन में पदस्थ आरक्षक सौदान सिंह चौहान ने पावरलिफ्टिंग की क्लासिक बेंच प्रेस प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अर्जित किया हैं। उन्‍होंने यह पदक क्लासिक बेंच प्रेस प्रतियोगिता में 82 किग्रा भार वर्ग में हासिल किया है। डीजीपी मकवाणा ने आरक्षक को स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई एवं निरंतर अच्छा प्रदर्शन करने के लिये शुभकामनायें दीं। उन्होंने कहा कि पुलिस अपनी शारीरिक क्षमताओं को बढ़ाते हुए व्यावसायिक दक्षता भी सिद्ध कर रही है। डीजीपी ने कहा कि पुलिस बल के कर्मचारी जब खेलों में इस प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं, तो यह पूरे विभाग के मनोबल को सुदृढ़ करता है।       उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश पावरलिफ्टिंग एसोसिएशन द्वारा आयोजित क्लासिक बेंच प्रेस प्रतियोगिता का आयोजन 23–24 नवंबर 2025 को उज्जैन में किया गया था। इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में पूरे मध्यप्रदेश से 400 से अधिक खिलाड़ियों ने सहभागिता की। आरक्षक सौदान सिंह चौहान ने 82 किलोग्राम भार वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया।    ऑल इंडिया क्लासिक बेंच प्रेस प्रतियोगिता  7 से 11 जनवरी तक फरीदाबाद, हरियाणा में आयोजित होगी। इस ऑल इंडिया क्लासिक बेंच प्रेस प्रतियोगिता में आरक्षक सौदान सिंह चौहान मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे। इस प्रतियोगिता में विभिन्न राज्यों से पुलिस विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी  सहित लगभग 800 खिलाड़ी भाग लेंगे।       आरक्षक सौदान सिंह चौहान ने विश्वास व्यक्त किया है कि वे आगामी राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर मध्यप्रदेश के लिए स्वर्ण पदक अर्जित करने का हरसंभव प्रयास करेंगे।  

SDOP पूजा पांडे को निलंबित किया गया, DGP ने लिया सख्त एक्शन

 सिवनी  मध्य प्रदेश के सिवनी में पुलिसकर्मियों पर करोड़ों रुपये की हवाला राशि जब्त कर आपस में बांटने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। सिवनी एसडीपीओ पूजा पांडे को निलंबति कर दिया गया है।  SDOP पूजा पांडे को डीजीपी कैलाश मकवाना ने सस्पेंड कर दिया है । हवाला के करीब डेढ़ करोड़ रुपए हड़पने के मामले में SDOP पूजा पांडे को डीजीपी कैलाश मकवाना ने सस्पेंड कर दिया है। दरअसल, सिवनी जिले के बंडोल थाना इलाके में पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगे हैं। उन पर व्यापारी के कर्मचारियों के साथ मारपीट और 1.45 करोड़ रुपए हड़पने का आरोप है।  इससे पहले मामले में जबलपुर जोन के आईजी प्रमोद वर्मा ने नौ पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया था। बता दें कि पांडे के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। हवाला के 3 करोड़ जब्त, डेढ़ करोड़ हड़पे बुधवार और गुरुवार की दरम्यानी रात, बंडोल थाना प्रभारी अर्पित भैरम के नेतृत्व में पुलिस ने सूचना के आधार पर महाराष्ट्र के जालना निवासी ज्वेलर्स सोहन परमार के कर्मचारियों से हवाला के करीब तीन करोड़ रुपए की नकदी जब्त की थी। जब्ती के बाद पुलिसकर्मियों ने कथित रूप से कर्मचारियों के साथ मारपीट की और हवाला की रकम में से करीब डेढ़ करोड़ रुपए हड़पने की योजना बनाई। कर्मचारियों को धमकाकर वहां से भगा दिया गया, लेकिन जब व्यापारी सोहन परमार को इस घटना की जानकारी मिली, तो उसने सिवनी कोतवाली में पुलिस पर लूट की शिकायत दर्ज कराई। जानिए आखिर क्या है पूरा मामला? 8 अक्टूबर, बुधवार की देर रात बंडोल पुलिस को टिप मिली थी कि कटनी से जालना जा रही एक कार (एमएच13ईके3430 ) में हवाला की बड़ी रकम 1.45 करोड़ रुपए छिपाई गई है। इसके बाद बंडोल पुलिस ने कार का पीछा किया और शीलादेही इलाके में उसे पकड़ लिया। बताया गया कि गाड़ी में जालना निवासी कथित हवाला कारोबारी-व्यापारी सोहन परमार और उसके साथ तीन-चार अन्य लोग थे। पुलिस ने वाहन से 1.45 करोड़ की रकम जब्त की है। पुलिसकर्मियों पर सवाल: राशि जब्ती के बाद क्या किया? जब पुलिस ने हवाला की रकम जब्त की, तो मामला बिगड़ने की बजाय सस्पेंशन की ओर बढ़ता गया। सूत्रों के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने रकम की पूरी जब्ती को लेकर विवादित तरीके से कुछ राशि को वापस करने का प्रयास किया। पहले तीन करोड़ की राशि जब्ती की बात सामने आई थी,  लेकिन बाद में 1 करोड़ 45 लाख रुपए की रकम को जब्त करने की बात सामने आई। इसके बाद मामला गर्माया और पुलिस अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठने लगे। पुलिस कस्टडी में आरोपियों का मोबाइल कैसे पहुंचा नागपुर? इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब पुलिस ने सोहन परमार और उसके साथियों को अपनी कस्टडी में लिया, तो उनके मोबाइल फोन नागपुर तक कैसे पहुंच गए? यह सवाल पुलिस प्रशासन के लिए एक यक्ष प्रश्न बन गया है। फिलहाल, यह पूरी घटना सिवनी जिले के पुलिस अधिकारियों के लिए चुनौती बन चुकी है और मामले की जांच जारी है। एसपी ने कहा- अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं सिवनी एसपी सुनील मेहता ने द सूत्र से कहा कि महाराष्ट्र के जालना निवासी व्यापारी सोहन परमार से 1.45 करोड़ रुपए की रकम जब्त की गई है। मामले की जांच की जा रही है और सभी आरोपी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में निष्पक्ष जांच की जाएगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इनको पहले किया था निलंबित उप निरीक्षक अर्पित भैरम, थाना प्रभारी बण्डोल, सिवनी, प्रधान आरक्षक 203 माखन, एसडीओपी कार्यालय सिवनी, प्रधान आरक्षक 447 रविन्द्र उईके, रीडर-एसडीओपी कार्यालय सिवनी, आरक्षक 803 जगदीश यादव, एसडीओपी कार्यालय सिवनी, आरक्षक 306 योगेन्द्र चौरसिया, एसडीओपी कार्यालय सिवनी, आरक्षक चालक 582 रितेश, ड्राइवर एसडीओपी कार्यालय सिवनी, आरक्षक 750 नीरज राजपूत, थाना बण्डोल, सिवनी, आरक्षक 610 केदार, गनमैन-एसडीओपी सिवनी, 8वीं वाहिनी विसबल छिन्दवाड़ा, आरक्षक 85 सदाफल, गनमैन-एसडीओपी सिवनी, 8वीं वाहिनी विसबल छिन्दवाड़ा।  

धार्मिक भेदभाव पर रोक और अपराधियों पर शिकंजा – डीजीपी का दो टूक संदेश

भोपाल  भोपाल में सामने आए लव जिहाद और ड्रग्स कनेक्शन मामले के बाद पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कैलाश मकवाना ने प्रदेशभर में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि गर्ल्स स्कूल और कॉलेजों के पास नियमित पेट्रोलिंग की जाए ताकि छेड़खानी की घटनाएं न हों। धार्मिक आधार पर बालिकाओं का शोषण न हो, इसके लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतें। शैक्षणिक संस्थानों के आसपास घूमने वाले मजनुओं पर सख्त कार्रवाई करें। वर्चुअल बैठक में दिए निर्देश सोमवार को पुलिस मुख्यालय से आयोजित वर्चुअल मीटिंग में प्रदेश के सभी जोनल एडीजी/आईजी, पुलिस आयुक्त भोपाल-इंदौर और सभी जिलों के एसपी शामिल हुए। डीजीपी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक गर्ल्स होस्टल और वर्किंग वुमन होस्टल से समन्वय के लिए बीट अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाएं। प्रारंभिक शिकायत को गंभीरता से लेकर त्वरित कार्रवाई करें। ड्रग माफियाओं के खिलाफ अभियान तेज करें और अपने-अपने कार्यक्षेत्र में ड्रग्स हॉटस्पॉट्स की पहचान करें। बालिकाओं की गुमशुदगी के मामलों में तेजी से कार्रवाई करें। स्टाफ रोटेशन और समीक्षा के निर्देश डीजीपी ने अधिकारियों से अधीनस्थ स्टाफ की समीक्षा करने और अतिरिक्त या अटैच स्टाफ को उनकी मूल पदस्थापना या थानों में वापस भेजने को कहा। साथ ही सभी कर्मचारियों का नियमानुसार रोटेशन करने के निर्देश दिए, विशेषकर उन वाहन चालकों का जो लंबे समय से एक ही अधिकारी या थाने पर कार्यरत हैं। बैठक में विशेष पुलिस महानिदेशक महिला सुरक्षा अनिल कुमार ने ऑपरेशन मुस्कान, ऑपरेशन हेल्पिंग हैंड, महिला अपराधों की विवेचना और डीएसआर की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।