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डीजीपी कैलाश मकवाणा ने लाल परेड ग्राउंड से हरी झंडी दिखाकर रैली को किया रवाना

31 अक्टूबर को गुजरात के एकता नगर में राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर परेड में शामिल होगा दल ‘Fight Against Drugs’ के संदेश के साथ युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए करेंगे जागरूक भोपाल लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर 31 अक्टूबर को गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में सहभागिता तथा राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता और नशामुक्त समाज का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पुलिस का 7 सदस्यीय बाइक राइडर्स दल आज भोपाल से रवाना हुआ। पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा ने लाल परेड ग्राउंड, भोपाल में आयोजित समारोह में हरी झंडी दिखाकर बाइक रैली को रवाना किया। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के समन्वय में आयोजित इस राष्ट्रव्यापी बाइक रैली में जोन-2 सेंट्रल के अंतर्गत बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्यप्रदेश, ओडिशा एवं पश्चिम बंगाल तथा जोन-4 नॉर्थ ईस्ट के अंतर्गत त्रिपुरा, मिजोरम, मणिपुर, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, असम एवं सिक्किम के प्रतिभागी शामिल हैं। मध्यप्रदेश सहित कुल 14 राज्यों के 146 बाइक राइडर्स लगभग 2,500 किलोमीटर की यात्रा कर भोपाल पहुंचे हैं। यहां से रैली दल निर्धारित मार्ग से आगे बढ़ते हुए 26 अक्टूबर 2026 को गुजरात के एकता नगर पहुंचेगा और 31 अक्टूबर 2026 को आयोजित मुख्य राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह एवं परेड में सहभागिता करेगा। रैली का प्रमुख संदेश ‘Fight Against Drugs’ है। प्रतिभागी अपने निर्धारित मार्ग से गुजरते हुए विभिन्न शहरों, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों, विशेषकर युवाओं को मादक पदार्थों के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करेंगे। राष्ट्रीय एकता और नशामुक्त समाज के संकल्प का संदेश लेकर निकली रैली फ्लैग-ऑफ समारोह को संबोधित करते हुए पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा ने कहा कि यह मोटरसाइकिल रैली केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता, अनुशासन, साहस और नशे के विरुद्ध जनजागरण का राष्ट्रव्यापी संदेश है। मध्यप्रदेश की धरती से विभिन्न राज्यों की पुलिस के अधिकारी एवं जवान एक साझा उद्देश्य के साथ अपनी यात्रा प्रारंभ कर रहे हैं, यह प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। श्री मकवाणा ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवं केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के नेतृत्व में दिसंबर 2029 तक देश को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने में पुलिस बलों के साथ समाज की सामूहिक भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बाइक रैली इस अभियान को और व्यापक जनसमर्थन प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि भारत की एकता और अखंडता का उल्लेख होते ही लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल का स्मरण होता है। स्वतंत्रता के बाद अनेक रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर अखंड भारत के निर्माण में सरदार पटेल की ऐतिहासिक भूमिका रही। उनका जीवन दृढ़ इच्छाशक्ति, राष्ट्र के प्रति समर्पण और सामूहिक प्रयासों की प्रेरणा देता है। उनकी जयंती 31 अक्टूबर को देशभर में राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई जाती है। श्री मकवाणा ने कहा कि एकता नगर में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस परेड के माध्यम से देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय गौरव के प्रति प्रतिबद्धता प्रदर्शित की जाएगी। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश का हॉक फोर्स कंटिंजेंट और मध्यप्रदेश पुलिस बैंड भी गुजरात में आयोजित परेड में सहभागिता करेंगे। बाइक रैली के प्रतिभागी भी वहां पहुंचकर इस गरिमामयी आयोजन का हिस्सा बनेंगे। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि मादक पदार्थों का अवैध कारोबार समाज और विशेष रूप से युवा पीढ़ी के लिए गंभीर चुनौती है। युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से बचाने और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए पुलिस के साथ-साथ समाज के प्रत्येक वर्ग को सक्रिय भूमिका निभानी होगी। बाइक रैली जब विभिन्न क्षेत्रों से होकर गुजरेगी, तब इसके माध्यम से नशे के विरुद्ध जागरूकता का संदेश व्यापक स्तर पर पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा ‘नशे से दूरी है जरूरी’ संदेश के साथ मादक पदार्थों के विरुद्ध कार्रवाई के साथ-साथ व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित किए जा रहे हैं। इन प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और इस दिशा में निरंतर प्रयास की आवश्यकता है। सड़क सुरक्षा और अनुशासन का विशेष ध्यान रखने की अपील पुलिस महानिदेशक ने रैली में शामिल सभी प्रतिभागियों को यात्रा के दौरान सड़क सुरक्षा एवं अनुशासन का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी। उन्होंने यातायात नियमों का पूर्ण पालन करने, हेलमेट का उपयोग करने, पर्याप्त विश्राम लेने तथा अत्यधिक थकान की स्थिति में यात्रा जारी न रखने की अपील की। उन्होंने सभी राइडर्स को सुरक्षित यात्रा और राष्ट्रीय एकता दिवस के गरिमामयी आयोजन में सहभागिता के लिए शुभकामनाएं दीं। मध्यप्रदेश के 7 राइडर्स करेंगे सहभागिता प्रदेश के विभिन्न जिलों एवं वाहिनियों से चयनित 7 सदस्यीय दल का नेतृत्व रक्षित निरीक्षक श्री धनंजय शर्मा कर रहे हैं। दल में सहायक उप निरीक्षक (अ) श्री प्रभांशु सिंह, आरक्षक श्री अरविंद जाटव, आरक्षक श्री शोभित परतेती, आरक्षक श्री हेमंत कुमार परमार, आरक्षक श्री दुर्गेश कुमार एवं आरक्षक श्री गोविंद कटारे शामिल हैं।  

MP News: कैलाश मकवाना की सेवानिवृत्ति तारीख पर गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय में मतभेद

भोपाल   मध्य प्रदेश के डीजीपी कैलाश मकवाना 30 नवंबर को रिटायर हो जाएंगे। इस तारीख को लेकर गृह विभाग-पुलिस मुख्यालय में ठन गई है। शुरुआत पुलिस मुख्यालय की प्रशासन शाखा से गृह विभाग को भेजी उस नोटशीट से हुई, जिसमें रिटायरमेंट की तारीख 2 दिसंबर 2026 बताई गई। लिखा है, मकवाना ने पदभार 2 दिसंबर 2024 को लिया था। इसलिए रिटायरमेंट की तारीख दिसंबर 2026 होनी चाहिए। गृह विभाग का कहना हना है, तकनीकी रूप से ये उचित नहीं है। 23 नवंबर 2024 को जारी आदेश में ये लिखा संघ लोक सेवा आयोग की चयन समिति की बैठक 21.11.2024 को हुई थी। प्राप्त पैनल में से राज्य शासन द्वारा मकवाना का चयन कर डीजीपी पद पर 1 दिसंबर 2024 से पदस्थ किया जाता है। यह आदेश 23 नवंबर 2024 को जारी किया गया था। स्पेशल डीजी (प्रशासन) आदर्श कटियार के अनुसार रिटायरमेंट का आदेश निकालने को लेकर गृह विभाग को पत्र लिखा है। एक दिसंबर से कार्यकाल गृह विभाग का कहना है कि नए डीजीपी का कार्यकाल 1 दिसंबर से अगले दो साल के लिए होता है। ऐसी स्थिति में नियुक्त होने वाले अफसर भले ही दो या चार दिन बाद पदभार संभालें, लेकिन आदेश 1 दिसंबर से ही मान्य होगा। ऐसे में डीजीपी मकवाना के रिटायरमेंट की तारीख 30 नवंबर ही मानी जाएगी। हालांकि नोटशीट पर चर्चा होने के बाद जल्द ही अंतिम फैसला लिया जाएगा। पैनल में इनके नाम सरकार ने दिल्ली भेजे 12 नामों के पैनल में 91 बैच के वरुण कपूर, प्रज्ञा ऋचा, उपेंद्र जैन हैं। 92 बैच के पंकज श्रीवास्तव, आदर्श कटियार, जी. अखेतो सेमा, 93 बैच के अनिल कुमार, रवि गुप्ता व अन्य हैं। अक्टूबर 2025 में बढ़ाया गया था कार्यकाल जानकारी के लिए बता दें कि, DGP कैलाश मकवाना का कार्यकाल 31 अक्टूबर 2025 को बढ़ाया गया था। उनकी रिटायरमेंट की तारीख अब एक साल बढ़कर बढ़ाया गया था। यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों के आधार पर लिया गया था, जिसके आदेश मध्य प्रदेश के गृह विभाग के अपर सचिव आशीष भार्गव ने जारी किए थे। नियमों के अनुसार, कैलाश मकवाना का रिटायरमेंट 1 दिसंबर 2025 को होना था। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट में दायर सिविल याचिका में दिए गए आदेशों का पालन करते हुए, डीजीपी पद का कार्यकाल न्यूनतम दो वर्ष निर्धारित है। मकवाना को 23 नवंबर 2024 को जारी आदेश के तहत 1 दिसंबर 2024 से डीजीपी के रूप में पदस्थ किया गया था, इसलिए उन्हें दो साल का अनिवार्य कार्यकाल पूरा करने के लिए यह अएक्सटेंशन प्रदान किया गया था।

डीजीपी कैलाश मकवाणा 22 अक्‍टूबर को सुबह 10 बजे लाल परेड ग्राउंड से करेंगे फ्लैग ऑफ

‘Fight Against Drugs’ का संदेश लेकर 31 अक्टूबर को एकता नगर (केवड़िया) में राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में होंगे शामिल भोपाल सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर 31 अक्टूबर को गुजरात के एकता नगर में आयोजित होने वाली एकता परेड के तहत 'नशे के विरुद्ध' (Fight against Drugs) संदेश के साथ राष्ट्रव्यापी मोटरसाइकिल रैली का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में मध्यप्रदेश से निकलने वाली मोटरसाइकिल रैली तथा अन्य राज्यों की रैली टीमों का फ्लैग ऑफ पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा द्वारा 22 अक्टूबर को सुबह 10 बजे, लाल परेड ग्राउंड, भोपाल से किया जाएगा। राष्ट्रीय एकता एवं नशामुक्ति का संदेश लेकर मध्यप्रदेश पुलिस का 7 सदस्यीय बाइक राइडर्स दल देशव्यापी रैली में प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेगा। इस दल के साथ जोन-2 (सेंट्रल) एवं जोन-4 (नॉर्थ ईस्ट) के 13 राज्यों के 139 पुलिस राइडर्स भी भोपाल से रवाना होकर मध्यप्रदेश के निर्धारित मार्गों से होते हुए गुजरात के एकता नगर पहुंचेंगे। रैली में शामिल सभी राज्यों के पुलिस राइडर्स के सुरक्षित आवागमन, रात्रि विश्राम, स्वागत एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए संबंधित जिलों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। रैली में बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्यप्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, मिजोरम, मणिपुर, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, असम एवं सिक्किम सहित कुल 14 राज्यों की टीमें शामिल हैं। इन टीमों के कुल 146 सदस्य निर्धारित मार्ग से एकता नगर पहुंचेंगे। राष्ट्रव्यापी मोटरसाइकिल रैली का उद्देश्य राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करने के साथ नशे के विरुद्ध जन-जागरूकता का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है। रैली के दौरान मार्ग में स्थानीय पुलिस द्वारा सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने के साथ विभिन्न स्थानों पर जनसंपर्क एवं जागरूकता गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। 31 अक्टूबर को एकता नगर, गुजरात में रैली का समापन होगा, जहां सभी टीमें राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में सहभागिता करेंगी।

डीजीपी कैलाश मकवाणा ने वर्ष 2024-25 के लिए घोषित किए के.एफ. रुस्तम जी पुरस्कार

भोपाल पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा द्वारा वर्ष वर्ष 2024-25 के लिए प्रतिष्ठितके.एफ. रुस्तम जी पुरस्कारप्रदान किए जाने की घोषणा की है। यह पुरस्कार मध्यप्रदेश पुलिस का एक महत्वपूर्ण सम्मान है, जो उन पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने दस्यु उन्मूलन अभियान, नक्सल विरोधी अभियान, सांप्रदायिक दंगों एवं कानून-व्यवस्था की गंभीर परिस्थितियों के नियंत्रण में असाधारण कार्य करते हुए उच्चकोटि की वीरता, साहस, नेतृत्व क्षमता तथा कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया हो। के.एफ. रुस्तम जी पुरस्कार तीन श्रेणियों—परम विशिष्ट, अति विशिष्ट एवं विशिष्ट श्रेणी में प्रदान किया जाता है। इन पुरस्कारों का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में किए गए उत्कृष्ट कार्यों को सम्मानित करना तथा पुलिस बल में उत्कृष्टता एवं साहस की भावना को प्रोत्साहित करना है। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने पुरस्कार प्राप्त करने वाले सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी है। वर्ष 2024-25 के लिए के.एफ.रूस्‍तम जी पुरस्‍कार से सम्‍मानित पुलिस अधिकारी और कर्मचारी परम विशिष्ट श्रेणी :-एक रिवाल्वर एवं प्रमाण पत्र     रामविलास हुण्डा, उप निरीक्षक, ए.टी.एस. इकाई, भोपाल।  अति विशिष्ट श्रेणी :-एक बारह बोर गन एवं प्रमाण पत्र     रघुवीर जोशी, उप निरीक्षक, थाना जावरा, जिला रतलाम     अब्दुल खालिद कुरैशी, प्रधान आरक्षक 532, एस.आई.बी., बालाघाट     ताराचंद शुक्ला, प्रधान आरक्षक, ए.टी.एस. इकाई, भोपाल     पंकज सिन्हा, आरक्षक 387, ए.टी.एस. इकाई खण्डवा     अक्षय सिंह, आरक्षक, ए.टी.एस. मुख्यालय, भोपाल विशिष्ट श्रेणी :- रु.50,000/- एवं प्रमाण पत्र     नवीन कुमार चौधरी, अति. पुलिस अधीक्षक एस.टी.एफ. भोपाल     मयंक तिवारी, अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) अनुभाग शाहपुर, जिला बैतूल, हाल पुलिस मुख्यालय, भोपाल     श्रीमती आकांक्षा तलया, उप पुलिस अधीक्षक, जिला हरदा हाल अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) जिला रायसेन     अंजुल अयंक मिश्रा, नगर पुलिस अधीक्षक बरगी, जिला जबलपुर     जगदीश सिंह सिद्धू, उप पुलिस अधीक्षक एस.टी.एफ. भोपाल     देवकरण डेहरिया, निरीक्षक, थाना कोतवाली, जिला बैतूल     अमित सोलंकी, निरीक्षक, थाना बैंक नोट प्रेस जिला देवास     विक्रांत झांझोट, निरीक्षक, थाना सोनकच्छ, जिला देवास     शिवांशु मालवीय, निरीक्षक, जिला मंदसौर     बलदेव सिंह मुजाल्दा, निरीक्षक, थाना नैनपुर, जिला मण्डला हाल जिला धार     अनूप भार्गव, निरीक्षक, थाना प्रभारी कैंट, जिला गुना     अभिषेक चौबे, निरीक्षक, थाना ढीमरखेडा, जिला कटनी     राजेन्द्र सिंह चौहान, उप निरीक्षक (हाल-निरीक्षक) पुलिस लाईन, जिला गुना     रोहित कुमार मिश्रा, निरीक्षक, थाना कोतवाली, जिला पन्ना     सत्येन्द्र राजपूत, निरीक्षक, पु.म.नि. कार्यालय चंबल जोन हाल- पुलिस कंट्रोल रूम, जिला भिण्ड     श्रीमती रानी राठौर, उप निरीक्षक, थाना मनावर, जिला धार     श्रीमती कल्पना गुप्ता, उप निरीक्षक, कार्यालय पुलिस महानिरीक्षक, सागर जोन, सागर     अभिषेक प्रताप पाण्डेय, उप निरीक्षक (विसबल), हॉक फोर्स, बालाघाट     मकसूद अली, उप निरीक्षक, थाना बरायटा, जिला सागर हाल जिला विदिशा     चंद्रभान सिंह चौहान, सहायक उप निरीक्षक (हाल-उप निरीक्षक), थाना महाकाल, जिला उज्जैन     आशीष अवस्थी, प्रधान आरक्षक 168, सायबर सेल, पन्ना     मनमोहन शर्मा, प्रधान आरक्षक 725, सायबर सेल, रतलाम     शिवप्रताप सिंह सेंगर, प्रधान आरक्षक 770, सायबर सेल, देवास     सूरज तिवारी, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक, थाना कोतवाली (हाल- सायबर सेल), जिला-धार     इमरान खान, प्रधान आरक्षक (विसबल), ए.टी.एस. इकाई, इन्दौर     रितेश ठाकुर, प्रधान आरक्षक, रा.अ.अ.ब्यूरो, पुलिस मुख्यालय, भोपाल     महेशचन्द्र नायक, आरक्षक 234, ए.टी.एस. इकाई, इन्दौर     गौतम चौरे, आरक्षक (विसबल) 963, ए.टी.एस. इकाई, जिला खण्डवा     पवन यादव, आरक्षक 601, ए.टी.एस. इकाई, जिला खण्डवा     इमरान खान, आरक्षक (विसबल), एटीएस इकाई, इन्दौर     विकास भूरिया, आरक्षक 1607, एस.टी.एफ. भोपाल हाल नगरीय पुलिस, इंदौर।  

26वें अखिल भारतीय फिंगरप्रिंट सम्मेलन-2026 में उत्कृष्ट केस स्टडी के लिए द्वितीय पुरस्कार प्राप्त करने पर डीजीपी ने दी बधाई

भोपाल  राष्ट्रीय अपराध रकॉर्ड ब्यूरो (NCRB), गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा नई दिल्ली में आयोजित 26वें अखिल भारतीय फिंगरप्रिंट सम्मेलन-2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त करने वाले जिला विदिशा के निरीक्षक (फिंगरप्रिंट)  योगेन्द्र साहू ने आज पुलिस मुख्यालय भोपाल में पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने निरीक्षक  योगेन्द्र साहू को उनकी उल्लेखनीय उपलब्धि पर बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वैज्ञानिक अनुसंधान एवं आधुनिक तकनीकों का प्रभावी उपयोग वर्तमान पुलिसिंग की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि मध्यप्रदेश पुलिस की तकनीकी दक्षता, अनुसंधान क्षमता एवं पेशेवर उत्कृष्टता का राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाण है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस उपलब्धि से प्रदेश के अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी भी वैज्ञानिक अनुसंधान तथा तकनीक आधारित अपराध विवेचना के लिए प्रेरित होंगे। उल्लेखनीय है कि नई दिल्ली में 19 एवं 20 जून 2026 को आयोजित 26वें अखिल भारतीय फिंगरप्रिंट सम्मेलन-2026 में देशभर के फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों, फोरेंसिक वैज्ञानिकों एवं पुलिस अधिकारियों ने सहभागिता की थी। सम्मेलन का उद्घाटन माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह द्वारा किया गया था। सम्मेलन में मध्यप्रदेश पुलिस के निरीक्षक (फिंगरप्रिंट)  योगेन्द्र साहू को “Smart Use of Fingerprint Science in Investigation” विषय पर प्रस्तुत उत्कृष्ट केस स्टडी के लिए राष्ट्रीय स्तर पर द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया गया। उनकी प्रस्तुति जिला विदिशा के थाना शमशाबाद में दर्ज एक जघन्य ब्लाइंड मर्डर प्रकरण पर आधारित थी, जिसमें घटनास्थल से प्राप्त फिंगरप्रिंट साक्ष्यों एवं नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (NAFIS) के प्रभावी उपयोग के माध्यम से आरोपी की पहचान कर प्रकरण का सफल निराकरण किया गया था। केस स्टडी में वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन, तकनीकी विश्लेषण, आधुनिक फिंगरप्रिंट विज्ञान तथा NAFIS प्रणाली के प्रभावी उपयोग को विस्तार से प्रदर्शित किया गया, जिसकी राष्ट्रीय स्तर पर विशेषज्ञों एवं वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा विशेष सराहना की गई। प्रतियोगी मूल्यांकन में देशभर से प्राप्त प्रविष्टियों के मध्य इस प्रस्तुति को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ। यह उपलब्धि मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा वैज्ञानिक एवं तकनीक आधारित पुलिसिंग को सशक्त बनाने के निरंतर प्रयासों का परिणाम है। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (SCRB)  जयदीप प्रसाद, संचालक फिंगरप्रिंट ब्यूरो मध्यप्रदेश  मनोज राजपूत उपस्थित थे।  

असाधारण वीरता, साहस एवं उत्कृष्ट पुलिस कार्य के लिएअधिकारी-कर्मचारी होंगे सम्मानित

भोपाल  पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाना द्वारा वर्ष 2022-23एवं वर्ष 2023-24 के लिए प्रतिष्ठितके.एफ. रुस्तम जी पुरस्कारप्रदान किए जाने की घोषणा की है। यह पुरस्कार मध्यप्रदेश पुलिस का एक महत्वपूर्ण सम्मान है, जो उन पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने दस्यु उन्मूलन अभियान, नक्सल विरोधी अभियान, सांप्रदायिक दंगों एवं कानून-व्यवस्था की गंभीर परिस्थितियों के नियंत्रण में असाधारण कार्य करते हुए उच्चकोटि की वीरता, साहस, नेतृत्व क्षमता तथा कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया हो। के.एफ. रुस्तम जी पुरस्कार तीन श्रेणियों—परम विशिष्ट, अति विशिष्ट एवं विशिष्ट श्रेणी में प्रदान किया जाता है। इन पुरस्कारों का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में किए गए उत्कृष्ट कार्यों को सम्मानित करना तथा पुलिस बल में उत्कृष्टता एवं साहस की भावना को प्रोत्साहित करना है। पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने पुरस्कार प्राप्त करने वाले सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि मध्यप्रदेश पुलिस की व्यावसायिक दक्षता, समर्पण एवं जनसेवा की भावना का प्रतीक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पुरस्कार प्राप्त अधिकारी एवं कर्मचारी भविष्य में भी अपने उत्कृष्ट कार्यों से पुलिस संगठन की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे। वर्ष 2022-23के लिए के.एफ.रूस्‍तम जी पुरस्‍कार से सम्‍मानित पुलिस अधिकारी और कर्मचारी अति विशिष्ट श्रेणी :- एक बारह बोर गन एवं प्रमाण पत्र 1. सु निधि सक्‍सेना, सहायक पुलिस आयुक्‍त, महिला सुरक्षा, जिला भोपाल हाल सहायक पुलिस आयुक्‍त, इंदौर। 2.  गौरव सिंह बुन्‍देला, उप निरीक्षक (कार्यवाहक निरीक्षक) जिला नर्मदापुरम। विशिष्ट श्रेणी :- रु.50,000/- एवं प्रमाण पत्र 1.  आशीष खरे, जोनल पुलिस अधीक्षक, विशेष शाखा, जिला जबलपुर हाल पुलिस अधीक्षक जिला डिंडौरी। 2.  रत्‍नेश तोमर, नगर पुलिस अधीक्षक, जिला ग्‍वालियर हाल सहायक सेनानी 14वीं वाहिनी विसबलग्‍वालियर। 3.  समर वर्मा, अतिरिक्‍त पुलिस अधीक्षक अपराध, जिला जबलपुर हाल पुलिस अधीक्षक ई.ओ.डब्‍ल्‍यूउज्‍जैन। 4. मती ऋचा राय चौबे, अतिरिक्‍त पुलिस उपायुक्‍त महिला सुरक्षा अजाक, नगरीय पुलिस भोपाल हाल सहायक पुलिस महानिरीक्षक रा.अ.अ.ब्‍यूरोपु.मु. भोपाल। 5.  अक्षय चौधरी, सहायक पुलिस आयुक्त, एम.पी.नगर. जिला – भोपाल। 6.  दामोदर गुप्ता, निरीक्षक थाना प्रभारी हुजरात कोतवाली, जिला – ग्वालियर हाल कार्यवाहक उप पुलिस अधीक्षक जिला सीहोर। 7.  जितेन्द्र कुमार पाठक, निरीक्षक थाना प्रभारी यशोधर्मन नगर, जिला मंदसौर हाल जिला नर्मदापुरम। 8.  अखिलेश चौकसे, निरीक्षक, फिंगर प्रिंट, जबलपुर। 9. मती इन्द्रा नामदेव, निरीक्षक, रा.अ.अ.ब्यूरो पुलिस मुख्यालय भोपाल। 10.  अजय तुरकई, निरीक्षक, विशेष शाखा, पुलिस मुख्यालय भोपाल। 11. मती आकांक्षा शर्मा, कार्यवाहक निरीक्षक, थाना प्रभारी अजाक, जिला भोपाल हाल जिला राजगढ। 12.  राजेन्द्र सिंह चौहान, उप निरीक्षक, थाना प्रभारी धरनावदा, जिला गुना। 13. सु श्वेता सोमकुंवर, उप निरीक्षक, शासकीय रेलवे पुलिस थाना, जिला – भोपाल। 14.  राजा तिवारी, उप निरीक्षक रेडियो, जिला – बुरहानपुर हाल जिला रतलाम। 15.  शशिकांतअम्बाडकर, उप निरीक्षक, विशेष शाखा, पुलिस मुख्यालय भोपाल। 16.  कृष्ण कुमार तिवारी, कार्यवाहक उप निरीक्षक, विशेष शाखा, पुलिस मुख्यालय भोपाल। 17.  ऋतुराज वारिवा, सूबेदार, रक्षित केन्द्र जिला भोपाल। 18.  राजेश राय, कार्यवाहक सहायक उप निरीक्षक, नक्सल सेल, पुलिस अधीक्षक कार्यालय बालाघाट। 19.  नरवीर सिंह राना, कार्यवाहक प्रआर 2617 थाना अपराध शाखा, जिला ग्वालियर। 20.  सौरभ टंडन, कार्यवाहक प्रआर 353 रक्षित केन्द्र, जिला दमोह। 21.  अर्शदीप सिंह, प्रधान आरक्षक (कम्प्यूटर) रा.अ.अ.ब्यूरो पुलिस मुख्यालय भोपाल। 22.  आदित्य साहू, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक, सायबरक्राईम, भोपाल। 23.  आशीष कुमार वास, प्रधान आरक्षक 229 थाना अयोध्या नगर, जोन – 2 भोपाल। 24.  आशुतोष शर्मा, आरक्षक 1262 नक्सल कमाण्ड एण्ड कंट्रोल रूम, जिला बालाघाट। वर्ष 2023-24के लिए के.एफ.रूस्‍तम जी पुरस्‍कार से सम्‍मानित पुलिस अधिकारी और कर्मचारी परम विशिष्ट श्रेणी :-एक रिवाल्वर एवं प्रमाण पत्र 1.  राकेश खाखा, तत्का. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला रतलाम हाल उप सेनानी, 29वीं वाहिनी, वि.स. बल, दतिया। 2.  नागेन्द्र सिंह सिकरवार, तत्का. उप पुलिस अधीक्षक, अपराध-2 ग्वालियर हाल नगर पुलिस अधीक्षक, महराजपुरा जिला ग्वालियर 3. मती कंचन ठाकुर, कार्यवाहक निरीक्षक, जिला नर्मदापुरम। 4.  राजेश कुमार, आरक्षक (विसबल) एटीएस, इकाई भोपाल। 5.  कमलेश सिंह, आरक्षक (विसबल), एटीएस, इकाई भोपाल। अति विशिष्ट श्रेणी :-एक बारह बोर गन एवं प्रमाण पत्र 1.  दुर्गेशआर्मो, तत्का. उप पुलिस अधीक्षक, जिला रतलाम हाल महिला अपराध जिला – बैतूल। 2.  योगेन्द्र साहू, उप निरीक्षक (अं.चि.), शाखा जिला – विदिशा। 3.  भेरू सिंह देवडा, सहायक उप निरीक्षक प्रभारी सायबर शाखा, जिला – धार। 4.  आत्माराम मकवाना, आरक्षक (जी.डी.) 8वीं वाहिनी, विसबल, छिंदवाडा। 5.  वसीम खान, आरक्षक (विसबल) एटीएस, इकाई भोपाल। 6.  विपुल भावसार, आरक्षक 218, सायबर सेल, जिला – रतलाम। विशिष्ट श्रेणी :- रु.50,000/- एवं प्रमाण पत्र 1.  देवेन्द्र कुमार यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, नक्सल विरोधी अभियान बालाघाट हाल पुलिस अधीक्षक, ई.ओ.डब्ल्यू सागर। 2.  कमलेश कुमार खरपूसे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला-रायसेन। 3.  लोकेश कुमार सिन्हा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला सागर। 4.  जयदीप सूद, सहायक सेनानी, 25 वीं वाहिनी विसबल, भोपाल। 5.  दीशेष अग्रवाल, नगर पुलिस अधीक्षक, जिला देवास हाल उप पुलिस अधीक्षक, इंदौर। 6.  प्रशांत द्विवेदी, कार्यवाहक उप पुलिस अधीक्षक, एटीएस इकाई भोपाल। 7.  शशिकांत चौरसिया, निरीक्षक, थाना औ‌द्योगिक क्षेत्र, देवास। 8.  कमलेश सिंगार, निरीक्षक, थाना प्रभारी टाण्डा, जिला धार हाल प्रशासन शाखा पुलिस मुख्यालय भोपाल। 9.  राजेश यादव, निरीक्षक, थाना प्रभारी कुक्षी, जिला – धार। 10.  रविकांतडेहरिया, निरीक्षक, थाना प्रभारी गंज, जिला बैतूल हाल जिला – पांढुर्णा। 11.  विजेन्द्रमर्सकोले, निरीक्षक थाना कोहेफिजा, जिला भोपाल। 12. मती अंजना दुबे, कार्यवाहक निरीक्षक, एटीएस इकाई, भोपाल हाल नगरीय पुलिस भोपाल। 13.  राजपाल सिंह बघेल, कार्यवाहक निरीक्षक, जिला नरसिंहपुर हाल जिला – जबलपुर। 14.  वेदरामहनोते, कार्यवाहक निरीक्षक, थाना घुघरी, जिला मण्डला। 15. मती इला टंडन, कार्यवाहक निरीक्षक, थाना प्रभारी पडाव, जिला ग्वालियर। 16.  जगदीश यादव, सूबेदार, थाना यातायात, जिलाआगर-मालवा। 17.  लक्ष्मीनारायण गिरी, उप निरीक्षक, जिला रतलाम हाल जिला विदिशा। 18. सु प्रीति वर्मा, उप निरीक्षक, थाना टिकरिया, जिला- मण्डला। 19.  नरेन्द्र उईके, उप निरीक्षक, थाना कोतवाली, जिला बैतूल। 20.  यादवेन्द्रमरावी, उप निरीक्षक, थाना गाडरवाडा, जिला नरसिंहपुर हाल प्रतिनियुक्तिएसटीएफ, भोपाल। 21.  अजय कुमार शर्मा, कार्यवाहक उप निरीक्षक, नारकोटिक्स विंग, इन्दौर। 22.  सुरेश राठौर, कार्यवाहक उप निरीक्षक, रीडर टू.पु.अ. कार्यालय, जिला बडवानी। 23.  प्रीत कुमार, सहायक उप निरीक्षक (कम्प्यूटर) राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो, पुलिस मुख्यालय, भोपाल। 24.  रुद्रीचंदजखमोला, प्रधान आरक्षक 1228 (विसबल) हाल सहायक उप निरीक्षक हॉकफोर्स बालाघाट। 25.  रोशन यादव, प्रधान आरक्षक 1210, थाना परदेशीपुरा, इन्दौर। 26.  अमित वास, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक, एटीएस इकाई भोपाल। 27.  नितेश सिंह तोमर, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक, विसबल 424, एसआईबी यूनिट, बालाघाट। 28.  भास्कर पटेल, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक 33, थाना गाडरवाडा, जिला नरसिंहपुर। 29.  वेद प्रकाश उइके, आरक्षक 363 (विसबल), एसआईबी बालाघाट। 30.  … Read more

पुलिस के निशानेबाजों का महासंग्राम शुरू, डीजीपी मकवाणा ने किया उद्घाटन

भोपाल इंदौर स्थित बीएसएफ के केंद्रीय आयुध एव युद्ध कौशल विद्यालय (सीएसडब्लूटी) द्वारा आयोजित 19वीं अखिल भारतीय पुलिस शूटिंग (खेल) चैंपियनशिप–2025 का उद्घाटन आज 24 फरवरी को इंदौर की रेवती रेंज में संपन्न हुआ। प्रतियोगिता का शुभारंभ मध्यप्रदेश पुलिस के पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा द्वारा किया गया। पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने प्रतियोगिता के सफल आयोजन हेतु बीएसएफ एवं सीएसडब्ल्यूटी को बधाई देते हुए कहा कि ऐसी प्रतिस्पर्धाएँ बलों के बीच स्वस्थ खेल भावना, अनुशासन, एकाग्रता एवं पेशेवर दक्षता को सुदृढ़ करती हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएँ दीं तथा खेल संस्कृति को पुलिसिंग के समग्र विकास का अभिन्न अंग बताया। उद्घाटन समारोह में बीएसएफ ब्रास बैंड द्वारा प्रस्तुत लयबद्ध संगीत के बीच केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों एवं विभिन्न राज्य पुलिस टीमों द्वारा आकर्षक परेड का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी, 1,500 से अधिक बल एवं पुलिसकर्मी, उनके परिजन तथा बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे। यह प्रतियोगिता 24 फरवरी से 1 मार्च तक आयोजित की जा रही है, जिसमें देशभर की सीएपीएफ, राज्य पुलिस एवं केंद्र शासित प्रदेशों के 600 से अधिक पुरुष एवं महिला निशानेबाज भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता का आयोजन अखिल भारतीय पुलिस खेल नियंत्रण बोर्ड के तत्वावधान में, गृह मंत्रालय, भारत सरकार के पर्यवेक्षण तथा भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ के तकनीकी सहयोग से किया जा रहा है। चैंपियनशिप में खेल हथियारों की कुल 17 स्पर्धाएँ आयोजित की जा रही हैं, जिनमें प्रतिभागी 204 पदकों (68 स्वर्ण, 68 रजत एवं 68 कांस्य) के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे। यह आयोजन राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं हेतु उभरती प्रतिभाओं की पहचान का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है। उद्घाटन समारोह के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया जिसमें वेदांश इंटरनेशनल स्कूल कैंपस 2 के बच्चों द्वारा नृत्य एवं बीएसएफ जवानों द्वारा भांगड़ा का प्रदर्शन किया गया। इसके उपरांत पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा द्वारा पुराने और आधुनिक हथियारों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया, जिसमें बीएसएफ के प्रशिक्षण कार्यों को प्रदर्शित किया गया।  

नववर्ष पर नवाचार, ईमानदारी और जनसेवा के संकल्प से कार्य करें—डीजीपी कैलाश मकवाणा

नववर्ष में नवाचार, ईमानदारी और जनसेवा के संकल्प के साथ करें काम-डीजीपी कैलाश मकवाणा मिड कैरियर ट्रेनिंग प्रोग्राम: विदेश यात्रा से लौटे अधिकारियों का डी-ब्रीफिंग सत्र संपन्न भोपाल  मिड कैरियर ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत विदेश यात्रा में गये राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों का डी ब्रीफिंग सेशन आज पुलिस मुख्यालय में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। एमसीटीपी-5 बैच के 30 अधिकारियों का कार्यक्रम देश और विदेश में 27 नवंबर से प्रारम्भ हुआ था, जिसका आज समापन हुआ।  पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए इस बात पर ज़ोर दिया कि हमें यह सुनिश्चित करना है कि पुलिस थानों को किस प्रकार अधिक उत्तरदायी बनाया जाए ताकि हमारे पुलिस कर्मी आम जन के प्रति अधिक संवेदनशील होकर सर्विस डिलीवरी को और प्रभावी बना सकें साथ ही विभाग की छवि में और बेहतरी ला सकें। उन्होंने बस्‍तर और मंदसौर जैसे जिलों में रहते हुए अपने अनेक अनुभव साझा किए। उन्‍होंने कहा कि ईमानदारी, पारदर्शिता और निष्ठा वे तत्व हैं जो जनता के मन में विश्वास उत्पन्न करते हैं और पुलिस को मजबूत बनाते हैं। जनसुनवाई के प्रकरणों को गंभीरता से लेकर उसका त्‍वरित निराकरण करायें। पुलिस महानिदेशक ने वर्ष 2025 को मध्यप्रदेश पुलिस के लिए उपलब्धियों से भरा वर्ष बताते हुए कहा कि प्रदेश में नक्सलवाद का खात्मा किया गया है, जो ऐतिहासिक उपलब्धि है। साइबर अपराधों की रोकथाम एवं नागरिकों में साइबर जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रभावी अभियान चलाए गए, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। पुलिसिंग में जीरो टॉलरेंस नीति को सख्ती से लागू किया गया, जिससे अपराध नियंत्रण में मजबूती आई है। डीजीपी ने बताया कि पुलिस भर्ती प्रक्रिया को तेज किया गया है। अनुकंपा नियुक्तियों, त्वरित क्रम पूर्व पदोन्नति एवं बेहतर स्थानांतरण नीति के माध्यम से पुलिस कर्मियों के मनोबल को सुदृढ़ किया गया है। उत्कृष्ट एवं सराहनीय कार्यों पर पुरस्कार देने की परंपरा को बढ़ावा दिया गया है। इसके अंतर्गत नागदा, उज्‍जैन में आत्महत्या कर रहे युवक की जान बचाने पर संबंधित पुलिस अधिकारी को त्‍वरित ₹10,000 का पुरस्कार प्रदान किया गया। उन्होंने नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, CCTNS डैशबोर्ड के सफल संचालन तथा नशा मुक्ति अभियान ‘’नशे से दूरी है जरूरी’’ को पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल बताया। मध्यप्रदेश पुलिस को Cyber Capacity Building में DSCI अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, तकनीकी एवं शैक्षणिक सहयोग को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से MANIT भोपाल के साथ महत्वपूर्ण MoU किया गया, जो भविष्य की आधुनिक एवं प्रभावी पुलिसिंग की दिशा में एक अहम कदम है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 की ओर बढ़ते हुए मध्यप्रदेश पुलिस का प्रमुख फोकस सड़क सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने पर रहेगा, ताकि दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और नागरिकों का जीवन सुरक्षित हो। मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी के निदेशक अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक शाहिद अबसार ने पूरे प्रशिक्षण की रूपरेखा बताई। पुलिस महानिदेशक के प्रति उनके मार्गदर्शन हेतु आभार व्यक्त किया तथा सभी प्रतिभागियों के द्वारा गुणवत्तापूर्ण तरीके से प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए बधाई दी। समीक्षा में पांच पुलिस अधिकारियों द्वारा प्रशिक्षण के दौरान आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी दिल्ली, केम्ब्रिज विश्वविद्यालय एवं लंदन स्कूल ऑफ इकॉनोमिक्स में प्राप्त किए गये अनुभव साझा किए गए। आठ समूहों में बंटे अधिकारियो द्वारा भीड़ प्रबंधन एवं वीआईपी सुरक्षा प्रोटोकॉल (सिचुएशनल प्रिवेंशन तकनीक के साथ), संगठित अपराध पर नियंत्रण (तकनीक और मानवीय आसूचना का समन्वय), इंदौर और भोपाल शहर के लिए 'क्राइम हार्म इंडेक्स' (केम्ब्रिज मॉडल आधारित), रीवा जोन में नशीले पदार्थों (Drug Menace) की समस्या का सिस्टमैटिक विश्लेषण (मैरीलैंड स्केल), पश्चिमी मध्य प्रदेश में सांप्रदायिक संवेदनशील क्षेत्रों (Communal Hotspots) का विश्लेषण, महिला अपराधों की रोकथाम और डायल-112 की भूमिका (ट्रिपल टी हॉटस्पॉट मेथडोलॉजी), उज्जैन महाकाल और आगामी सिंहस्थ में भीड़ प्रबंधन (प्रेडिक्टिव क्राउड मैनेजमेंट) तथा बार-बार अपराध करने वाले किशोरों के लिए 'ऑफेंडर मैनेजमेंट सिस्टम' का प्रभावी उपयोग के बारे में प्रेजेन्‍टेशन दिया गया।   इस कार्यक्रम में विशेष पुलिस महानिदेशक पवन श्रीवास्‍तव, आदर्श कटियार, संजीव शमी, अनिल कुमार, अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक ए.साईं मनोहर, जयदीप प्रसाद, आशुतोष रॉय, पीएसओ टू डीजीपी विनीत कपूर, स्टॉफ ऑफिसर मलय जैन सहित अन्‍य अधिकारी उपस्थित थे।  

पावरलिफ्टिंग में स्वर्ण पदक विजेता आरक्षक सौदान सिंह चौहान की डीजीपी कैलाश मकवाणा से सौजन्य भेंट

डीजीपी कैलाश मकवाणा से पावरलिफ्टिंग में स्वर्ण पदक विजेता आरक्षक सौदान सिंह चौहान ने की सौजन्य भेंट डीजीपी ने दी बधाई भोपाल  डीजीपी कैलाश मकवाणा से  पुलिस मुख्यालय में पावरलिफ्टिंग की क्लासिक बेंच प्रेस प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक विजेता आरक्षक सौदान सिंह चौहान ने भेंट की। मध्यप्रदेश पुलिस के जिला पुलिस लाइन उज्जैन में पदस्थ आरक्षक सौदान सिंह चौहान ने पावरलिफ्टिंग की क्लासिक बेंच प्रेस प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अर्जित किया हैं। उन्‍होंने यह पदक क्लासिक बेंच प्रेस प्रतियोगिता में 82 किग्रा भार वर्ग में हासिल किया है। डीजीपी मकवाणा ने आरक्षक को स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई एवं निरंतर अच्छा प्रदर्शन करने के लिये शुभकामनायें दीं। उन्होंने कहा कि पुलिस अपनी शारीरिक क्षमताओं को बढ़ाते हुए व्यावसायिक दक्षता भी सिद्ध कर रही है। डीजीपी ने कहा कि पुलिस बल के कर्मचारी जब खेलों में इस प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं, तो यह पूरे विभाग के मनोबल को सुदृढ़ करता है।       उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश पावरलिफ्टिंग एसोसिएशन द्वारा आयोजित क्लासिक बेंच प्रेस प्रतियोगिता का आयोजन 23–24 नवंबर 2025 को उज्जैन में किया गया था। इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में पूरे मध्यप्रदेश से 400 से अधिक खिलाड़ियों ने सहभागिता की। आरक्षक सौदान सिंह चौहान ने 82 किलोग्राम भार वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया।    ऑल इंडिया क्लासिक बेंच प्रेस प्रतियोगिता  7 से 11 जनवरी तक फरीदाबाद, हरियाणा में आयोजित होगी। इस ऑल इंडिया क्लासिक बेंच प्रेस प्रतियोगिता में आरक्षक सौदान सिंह चौहान मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे। इस प्रतियोगिता में विभिन्न राज्यों से पुलिस विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी  सहित लगभग 800 खिलाड़ी भाग लेंगे।       आरक्षक सौदान सिंह चौहान ने विश्वास व्यक्त किया है कि वे आगामी राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर मध्यप्रदेश के लिए स्वर्ण पदक अर्जित करने का हरसंभव प्रयास करेंगे।  

SDOP पूजा पांडे को निलंबित किया गया, DGP ने लिया सख्त एक्शन

 सिवनी  मध्य प्रदेश के सिवनी में पुलिसकर्मियों पर करोड़ों रुपये की हवाला राशि जब्त कर आपस में बांटने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। सिवनी एसडीपीओ पूजा पांडे को निलंबति कर दिया गया है।  SDOP पूजा पांडे को डीजीपी कैलाश मकवाना ने सस्पेंड कर दिया है । हवाला के करीब डेढ़ करोड़ रुपए हड़पने के मामले में SDOP पूजा पांडे को डीजीपी कैलाश मकवाना ने सस्पेंड कर दिया है। दरअसल, सिवनी जिले के बंडोल थाना इलाके में पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगे हैं। उन पर व्यापारी के कर्मचारियों के साथ मारपीट और 1.45 करोड़ रुपए हड़पने का आरोप है।  इससे पहले मामले में जबलपुर जोन के आईजी प्रमोद वर्मा ने नौ पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया था। बता दें कि पांडे के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। हवाला के 3 करोड़ जब्त, डेढ़ करोड़ हड़पे बुधवार और गुरुवार की दरम्यानी रात, बंडोल थाना प्रभारी अर्पित भैरम के नेतृत्व में पुलिस ने सूचना के आधार पर महाराष्ट्र के जालना निवासी ज्वेलर्स सोहन परमार के कर्मचारियों से हवाला के करीब तीन करोड़ रुपए की नकदी जब्त की थी। जब्ती के बाद पुलिसकर्मियों ने कथित रूप से कर्मचारियों के साथ मारपीट की और हवाला की रकम में से करीब डेढ़ करोड़ रुपए हड़पने की योजना बनाई। कर्मचारियों को धमकाकर वहां से भगा दिया गया, लेकिन जब व्यापारी सोहन परमार को इस घटना की जानकारी मिली, तो उसने सिवनी कोतवाली में पुलिस पर लूट की शिकायत दर्ज कराई। जानिए आखिर क्या है पूरा मामला? 8 अक्टूबर, बुधवार की देर रात बंडोल पुलिस को टिप मिली थी कि कटनी से जालना जा रही एक कार (एमएच13ईके3430 ) में हवाला की बड़ी रकम 1.45 करोड़ रुपए छिपाई गई है। इसके बाद बंडोल पुलिस ने कार का पीछा किया और शीलादेही इलाके में उसे पकड़ लिया। बताया गया कि गाड़ी में जालना निवासी कथित हवाला कारोबारी-व्यापारी सोहन परमार और उसके साथ तीन-चार अन्य लोग थे। पुलिस ने वाहन से 1.45 करोड़ की रकम जब्त की है। पुलिसकर्मियों पर सवाल: राशि जब्ती के बाद क्या किया? जब पुलिस ने हवाला की रकम जब्त की, तो मामला बिगड़ने की बजाय सस्पेंशन की ओर बढ़ता गया। सूत्रों के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने रकम की पूरी जब्ती को लेकर विवादित तरीके से कुछ राशि को वापस करने का प्रयास किया। पहले तीन करोड़ की राशि जब्ती की बात सामने आई थी,  लेकिन बाद में 1 करोड़ 45 लाख रुपए की रकम को जब्त करने की बात सामने आई। इसके बाद मामला गर्माया और पुलिस अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठने लगे। पुलिस कस्टडी में आरोपियों का मोबाइल कैसे पहुंचा नागपुर? इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब पुलिस ने सोहन परमार और उसके साथियों को अपनी कस्टडी में लिया, तो उनके मोबाइल फोन नागपुर तक कैसे पहुंच गए? यह सवाल पुलिस प्रशासन के लिए एक यक्ष प्रश्न बन गया है। फिलहाल, यह पूरी घटना सिवनी जिले के पुलिस अधिकारियों के लिए चुनौती बन चुकी है और मामले की जांच जारी है। एसपी ने कहा- अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं सिवनी एसपी सुनील मेहता ने द सूत्र से कहा कि महाराष्ट्र के जालना निवासी व्यापारी सोहन परमार से 1.45 करोड़ रुपए की रकम जब्त की गई है। मामले की जांच की जा रही है और सभी आरोपी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में निष्पक्ष जांच की जाएगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इनको पहले किया था निलंबित उप निरीक्षक अर्पित भैरम, थाना प्रभारी बण्डोल, सिवनी, प्रधान आरक्षक 203 माखन, एसडीओपी कार्यालय सिवनी, प्रधान आरक्षक 447 रविन्द्र उईके, रीडर-एसडीओपी कार्यालय सिवनी, आरक्षक 803 जगदीश यादव, एसडीओपी कार्यालय सिवनी, आरक्षक 306 योगेन्द्र चौरसिया, एसडीओपी कार्यालय सिवनी, आरक्षक चालक 582 रितेश, ड्राइवर एसडीओपी कार्यालय सिवनी, आरक्षक 750 नीरज राजपूत, थाना बण्डोल, सिवनी, आरक्षक 610 केदार, गनमैन-एसडीओपी सिवनी, 8वीं वाहिनी विसबल छिन्दवाड़ा, आरक्षक 85 सदाफल, गनमैन-एसडीओपी सिवनी, 8वीं वाहिनी विसबल छिन्दवाड़ा।