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भुल्लर की याचिका खारिज करने की मांग, CBI बोली- ट्रायल टालने की हो रही कोशिश

अमृतसर  रिश्वत मामले में फंसे पंजाब पुलिस के सस्पेंड डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर द्वारा मुकदमा चलाने की मंजूरी को चुनौती देने वाली याचिका पर आज सुनवाई होगी। इस याचिका का CBI ने विशेष अदालत में विरोध किया है।  CBI ने अपने जवाब में कहा कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 19(2) के तहत सक्षम प्राधिकारी ने जांच से जुड़े सभी तथ्यों और दस्तावेजों की समीक्षा करने के बाद आरोपी के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दी थी। सीबीआई के अनुसार, शिकायतकर्ता की लिखित शिकायत के आधार पर 16 अक्टूबर 2025 को डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर और सह-आरोपी कृष्णु शारदा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। जांच पूरी होने के बाद 3 दिसंबर 2025 को अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई।CBI ने अदालत को बताया कि 13 मार्च को अदालत इस मामले में संज्ञान ले चुकी है और उस समय वैध अभियोजन स्वीकृति आदेश रिकॉर्ड पर मौजूद था। ऐसे में अब सैंक्शन आदेश की वैधता पर सवाल उठाना उचित नहीं है। मुख्य सचिव को दी गई जानकारी CBI ने भुल्लर के इस दावे को गलत बताया कि उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी केवल पंजाब सरकार ही दे सकती थी। एजेंसी ने कहा कि भुल्लर IPS अधिकारी हैं और उन्हें नौकरी से हटाने का अधिकार राष्ट्रपति के पास है। उनके खिलाफ केस चलाने की मंजूरी केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दी थी। एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार को प्रक्रिया से बाहर नहीं रखा गया था। 3 दिसंबर 2025 को सैंक्शन प्रस्ताव भेजते समय पंजाब के मुख्य सचिव को भी इसकी जानकारी दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का दिया हवाला CBI ने सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि आरोपी के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी से जुड़े सवाल ट्रायल के दौरान उठाए जा सकते हैं। इस समय ऐसी याचिका दाखिल करना जल्दबाजी है। एजेंसी ने यह भी तर्क दिया कि रिश्वत मांगना या लेना किसी भी सरकारी अधिकारी के आधिकारिक कर्तव्य का हिस्सा नहीं हो सकता। इसलिए आरोपी द्वारा अतिरिक्त कानूनी सुरक्षा का दावा भी इस मामले में लागू नहीं होता। ट्रायल में देरी की कोशिश: CBI CBI ने अदालत से कहा कि आरोपी की याचिका का उद्देश्य आरोप तय करने की प्रक्रिया को लंबित रखना और ट्रायल में देरी करना है। इसलिए याचिका को खारिज किया जाना चाहिए।

भुल्लर केस में बड़ा एक्शन, जांच पूरी होने तक 26 खातों से पैसे निकालने पर रोक

चंडीगढ़ चंडीगढ़ में रिश्वत मामले में फंसे पंजाब पुलिस के सस्पेंड डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर और उनके परिवार की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। सीबीआई की विशेष अदालत ने आदेश दिया है कि जब तक जांच पूरी नहीं होती, तब तक भुल्लर से जुड़े सभी बैंक खाते फ्रीज रहेंगे। इसी केस में सह-आरोपी कृष्णु शारदा की मुश्किलें भी बढ़ती दिख रही हैं, क्योंकि अब सीबीआई के साथ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी जांच शुरू कर दी है। इसी दौरान भुल्लर के चंडीगढ़ स्थित घर समेत कुल 11 ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। प्रारंभिक जांच से जुड़ी अर्जी को मंजूरी सूत्रों के अनुसार, ईडी जल्द ही पंजाब के कुछ आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को पूछताछ के लिए नोटिस भेज सकती है। अदालत ने सीबीआई की प्रारंभिक जांच (पीई) से जुड़ी अर्जी को भी मंजूरी दे दी है, जिसके बाद मामले में आगे की कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है। इससे पहले विशेष अदालत ने डीआईजी भुल्लर और सह-आरोपी कृष्णु शारदा की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें संज्ञान (कॉग्निजेंस) आदेश को चुनौती दी गई थी। जांच एजेंसी को कुछ नए और अहम सबूत मिले हैं, जिनके आधार पर कई आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। सीबीआई ने अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। CBI को अफसरों के बारे में क्या जानकारी मिली… DIG से पूछताछ में 14 अफसरों के नाम मिले: CBI ने हरचरण सिंह भुल्लर को गिरफ्तार करने के बाद पहली बार 5 दिन का रिमांड लिया। CBI सोर्सेज के मुताबिक भुल्लर ने बताया कि पंजाब के अफसर पटियाला के प्रॉपर्टी डीलर के जरिए प्रॉपर्टी में इन्वेस्टमेंट करते हैं। इस पूछताछ में CBI को ऐसे 14 अफसरों का पता चला, जिसमें 10 IPS और 4 IAS अधिकारी थे। CBI ने जब छानबीन की तो पता चला कि 10 IPS में से 8 अभी भी फील्ड में अहम पदों पर तैनात हैं। वहीं 2 पंजाब पुलिस की एकेडमी में हैं। इसके अलावा 4 IAS अफसरों का संबंध किसी ने किसी तरह से मंडी गोबिंदगढ़ से है। इसके बाद CBI ने प्रॉपर्टी डीलर के पटियाला और लुधियाना के ठिकानों पर रेड कर डॉक्यूमेंट्स जब्त किए थे। बिचौलिए कृष्नु के मोबाइल से 50 अफसरों के लिंक मिले: CBI कोर्ट में DIG हरचरण भुल्लर और बिचौलिए कृष्णु शारदा की पेशी के दौरान जांच एजेंसी ने एक प्रोग्रेस रिपोर्ट पेश की थी। इसमें कहा गया कि पिछले रिमांड में कृष्णु शारदा के मोबाइल और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस खंगाली गईं। इसके जरिए पता चला कि वह कई अफसरों की करप्ट डीलिंग में शामिल था। CBI ने डेटा के आधार पर बताया कि कृष्णु शारदा अफसरों के साथ मिलकर न केवल केसों की जांच को प्रभावित करता था बल्कि ट्रांसफर-पोस्टिंग, आर्म्स लाइसेंस बनवाने से लेकर FIR दर्ज करवाने या पहले से दर्ज FIR खारिज करवाने तक का काम करता था। ऐसे करीब 50 अफसर हैं, जिनमें IAS और IPS अफसर भी शामिल हैं।  

7 करोड़ कैश मिलने के बाद ED का एक्शन तेज, भुल्लर के 11 ठिकानों पर रेड

चंडीगढ़ रिश्वतखोरी के केस में गिरफ्तार पंजाब के पूर्व DIG हरचरण सिंह भुल्लर के 11 ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) तलाशी अभियान चला रही है. यह कार्रवाई सोमवार सुबह शुरू हुई. भुल्लर के चंडीगढ़, लुधियाना, पटियाला, नाभा और जालंधर में स्थित 11 ठिकानों पर तलाशी ली जा रही है. ये जगहें आरोपी भुल्लर और उसके साथियों और संदिग्ध बेनामीदारों से जुड़ी हैं. मालूम हो कि डीआईजी भुल्लर को पिछले साल 8 लाख रुपए के रिश्वत से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया था. जिसके बाद उनके ठिकानों पर हुई छापेमारी में 7 करोड़ से ज्यादा रुपए कैश मिले थे।  आज भुल्लर के ठिकानों पर चल रही ईडी की रेड CBI, ACB द्वारा दर्ज किए गए मूल अपराधों से जुड़ी है। इन अपराधों में एक बिचौलिए के ज़रिए किसी आपराधिक मामले को निपटाने के लिए अवैध रिश्वत मांगने के आरोप शामिल हैं, साथ ही आय के ज्ञात स्रोतों से कहीं ज़्यादा संपत्ति का पता भी चला है।  चंडीगढ़, लुधियाना, पटियाला, नाभा, जालंधन में चल रही तलाशी मिली जानकारी के अनुसार भुल्लर और उसके करीबियों के चंडीगढ़ में स्थित दो, लुधियाना में स्थित 5, पटियाला में स्थित दो के साथ-साथ नाभा और जालंधर में स्थित एक-एक ठिकानों पर तलाशी ली जा रही है. इन तलाशी अभियानों का मकसद अपराध से हासिल हुई और संपत्ति का पता लगाना, बेनामी संपत्तियों की पहचान करना और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े सबूत इकट्ठा करना है।  बताते चले कि पिछले साल चंडीगढ़ में भुल्लर के आवास पर तलाशी के दौरान सीबीआई ने 7.36 करोड़ रुपये से अधिक नकदी, 2.32 करोड़ रुपये से अधिक के आभूषण, 26 ब्रांडेड घड़ियां और परिवार के सदस्यों के नाम अचल संपत्ति के दस्तावेज बरामद किए थे।  इन 11 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी ईडी की टीमें पीएमएलए की धारा 17 के तहत कुल 11 जगहों पर तलाशी अभियान चला रही हैं. ये अभियान 5 शहरों में चल रहे हैं।      चंडीगढ़ – 2 ठिकाने     लुधियाना जिला – 5 ठिकाने     पटियाला – 2 ठिकाने     नाभा – 1 ठिकाना     जालंधर – 1 ठिकाना जानकारी के अनुसार ये छापे आरोपी, उसके सहयोगियों और संदिग्ध बेनामी संपत्तियों से जुड़े लोगों के ठिकानों पर मारे जा रहे हैं. इस दौरान मनी ट्रेल और बेनामी संपत्तियों की जांच की जा रही है।  ईडी की कार्रवाई का ये है उद्देश्य     . अपराध से अर्जित धन (Proceeds of Crime) का पता लगाना     . भुल्लर से संबंधित बेनामी संपत्तियों की पहचान करना     . मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े सबूत जुटाना फिलहाल ईडी की तलाशी की कार्रवाई जारी है और मामले में आगे की जांच की जा रही है।  सीबीआई ने क्‍यों क‍िया था गि‍रफ्तार  पंजाब पुलिस के पूर्व उप महानिरीक्षक यानी DIG हरचरण सिंह भुल्लर को रिश्वत लेने के आरोप में सीबीआई ने पिछले साल गिरफ्तार किया था और वे तभी से जेल में बंद हैं. भुल्लर के साथ बिचौलिए कृष्ण शारदा को भी 8 लाख रुपये की रिश्वत के मामले में पकड़ा था. हाल ही में भुल्लर ने सुप्रीम कोर्ट से जमानत मांगी थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी थी।   

निलंबित DIG भुल्लर का मोबाइल जांच में आया सामने, कई अफसरों की संदिग्ध चैट मिली

चंडीगढ़  रिश्वत मामले में फंसे पंजाब पुलिस के निलंबित डी.आई.जी. हरचरण सिंह भुल्लर के मोबाइल में आई.ए.एस. और आई.पी.एस. के साथ संदिग्ध चैट मिली है। चैट पैसों का लेन-देन और अवैध कामों में शामिल है। सी.बी.आई. ने अज्ञात अफसरों के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। सी.बी.आई. की डी.एस.पी. सोनाली ने मामले में अर्जी सी.बी.आई. की विशेष अदालत में दर्ज की है। सी.बी.आई. ने कहा कि भुल्लर के साथ पंजाब सरकार के कई अफसर अवैध कामों में शामिल हैं। चैट सी.बी.आई. को भुल्लर के मोबाइल फोन और लैपटॉप में मिले हैं। सी.बी.आई. ने भुल्लर का मोबाइल फोन और लैपटॉप जांच के लिए सी.एफ.एस.एल. भेज दिया है। सी.बी.आई. ने भुल्लर के साथ अवैध कामों में शामिल करीब 30 लोगों की लिस्ट बना ली है। इनमें डी.एस.पी. से लेकर आई.पी.एस. तक शामिल हैं। सी.बी.आई. के अधिकारियों ने कहा कि उनकी टीम जल्द ही भुल्लर के साथ अवैध कारोबार और पैसों के लेन-देन में शामिल अफसरों को पूछताछ के लिए बुलाएगी और उन्हें पुलिस जांच में शामिल होने के लिए सम्मन भेजेगी। जांच एजैंसी के अनुसार यह मामला पिछले वर्ष दर्ज भ्रष्टाचार केस से जुड़ा हुआ है। जांच के दौरान इलैक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरैंसिक जांच, व्हाट्सएप चैट, पूछताछ और दस्तावेजों से कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क के सबूत मिले हैं। सी.बी.आई. का दावा है कि आरोपी अपनी पहुंच का इस्तेमाल कर निजी लोगों को लाभ दिलाने के बदले रिश्वत लेते थे। इससे पहले भुल्लर की जमानत याचिका हाईकोर्ट से खारिज हो चुकी है और वे फिलहाल चंडीगढ़ की बुड़ैल जेल में बंद हैं। बता दें कि 6 अक्तूबर, 2025 को भुल्लर और बिचौलिए कृष्णु शारदा को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद भुल्लर के ठिकानों से 2 किलो के करीब सोना, साढ़े 7 करोड़ कैश समेत काफी सामान बरामद किया गया था। 13 मार्च को सी.बी.आई. कोर्ट ने भुल्लर और कृष्णु शारदा के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में संज्ञान लेते हुए ट्रायल शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई थी। पिछले महीने ही भुल्लर के खिलाफ केस चलाने के लिए केंद्र सरकार से मंजूरी ली गई थी। भुल्लर से पूछताछ में 14 अफसरों के नाम मिले सी.बी.आई. ने हरचरण सिंह भुल्लर को गिरफ्तार करने के बाद पहली बार 5 दिन का रिमांड लिया। सी.बी.आई. सोर्सेज के मुताबिक भुल्लर ने बताया कि पंजाब के अफसर पटियाला के प्रॉपर्टी डीलर के जरिए प्रॉपर्टी में इन्वैस्टमैंट करते हैं। इस पूछताछ में सी.बी.आई. को ऐसे 14 अफसरों का पता चला। जिसमें 10 आई.पी.एस. और 4 आई.ए.एस. अधिकारी थे। सी.बी.आई. ने जब छानबीन की तो पता चला कि 10 आई.पी.एस. में से 8 अभी भी फील्ड में अहम पदों पर तैनात हैं। वहीं 2 पंजाब पुलिस की एकेडमी में हैं। इसके अलावा 4 आई.ए.एस. अफसरों का संबंध किसी ने किसी तरह से मंडी गोबिंदगढ़ से है। इसके बाद सी.बी.आई. ने प्रॉपर्टी डीलर के पटियाला और लुधियाना के ठिकानों पर रेड कर डॉक्यूमैंट्स जब्त किए थे।

DIG भुल्लर के रिश्वत कांड की जांच तेज, गृह मंत्रालय ने लिया मामला

चंडीगढ़ रोपड़ रेंज के निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर पर लगे भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के आरोप अब नई मुश्किलें खड़ी कर रहे हैं। सीबीआई ने उनके खिलाफ ट्रायल शुरू करने के लिए गृह मंत्रालय से मंजूरी मांगी है, क्योंकि पंजाब सरकार के पास केवल निलंबन या ट्रांसफर का अधिकार है। जांच में भुल्लर के घर से 7.36 करोड़ नकद, 2.5 किलो सोना, 24 ब्रांडेड घड़ियां और विदेशी शराब बरामद हुई थी। पहले 8 लाख रुपये की रिश्वत का मामला दर्ज हुआ था, और बाद में आय से अधिक संपत्ति का केस भी जुड़ा। भुल्लर ने हाईकोर्ट में दलील दी थी कि पंजाब सरकार से सेंक्शन लिए बिना सीबीआई की कार्रवाई अवैध है। इस याचिका पर अब तक तीन बार सुनवाई हो चुकी है। इसके अलावा, भुल्लर ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी भी दाखिल की थी, जिसे सुनवाई से पहले ही वापस ले लिया गया। 

डीआईजी भुल्लर के परिवार के खातों पर रोक, आर्थिक संकट के बीच डी-फ्रीज की मांग

चंडीगढ़  रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार किए गए रोपड़ रेंज के निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर और उनके परिवार को अब आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इंवेस्टिगेशन (सीबीआई) द्वारा उनके साथ-साथ उनके बेटे और पिता के बैंक खातों को भी फ्रीज किए जाने के बाद रोजमर्रा का घर खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। इसी सिलसिले में सोमवार को डीआईजी भुल्लर की ओर से जिला अदालत में बैंक खातों को डी-फ्रीज करने की मांग करते हुए एक अर्जी दाखिल की गई। अदालत ने इस पर सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है, जिस पर 20 नवंबर को सुनवाई होगी। भुल्लर के वकील ने दलील दी कि जबकि सीबीआई उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की जांच जारी रखे, लेकिन उनके परिवार के खाते फ्रीज होने से दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। उनके अनुसार, खेती-बाड़ी सहित घर के खर्चे और अन्य स्त्रोतों से प्राप्त आय तक पहुंच न होने से परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहा है। खाते फ्रीज होने से बढ़ी परेशानीसीबीआई ने न केवल भुल्लर का सैलरी अकाउंट बल्कि उनके बेटे का वेतन खाता और पिता का पेंशन खाता भी फ्रीज कर दिया है। उनके बेटे के पंजाब में असिस्टेंट एडवोकेट जनरल होने के बावजूद वह अपनी सैलरी का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, भुल्लर के परिवार को किराए और खेती से होने वाली आमदनी भी अब बैंक खाते फ्रीज होने के कारण नहीं मिल पा रही है, जिससे रोज़मर्रा की ज़रूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है। रिश्वतखोरी और जांच की पृष्ठभूमिगौरतलब है कि सीबीआई ने पिछले महीने डीआईजी भुल्लर और उनके सहयोगी कृष्णु शारदा को मंडी गोबिंदगढ़ के स्क्रैप व्यापारी आकाश बत्ता से ₹8 लाख की रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन पर आय से अधिक संपत्ति का केस भी दर्ज किया गया। सूत्रों के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच शुरू कर दी है। एक महीने पहले जिस घर से नोटों के ढेर बरामद किए गए थे, वहीं अब परिवार रोजमर्रा की जरूरतों के लिए जूझ रहा है। अदालत में सुनवाई के साथ यह मामला अब और गंभीर मोड़ लेता दिख रहा है।