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भारतीय संगीत का परचम ऑस्ट्रेलिया में लहराया: दिलजीत दोसांझ को Senate का विशेष सम्मान

भारतीय संगीत जगत के चमकते सितारे और पंजाबी सुपरस्टार दिलजीत दोसांझ ने इतिहास रच दिया है। उनके रिकॉर्डतोड़ ‘Aura Tour’ को ऑस्ट्रेलियन संसद के ऊपरी सदन सीनेट (Senate) में आधिकारिक रूप से सम्मानित किया गया। सीनेटर पॉल स्कार (Paul Scarr) ने संसद में खड़े होकर दिलजीत दोसांझ की सराहना की और कहा कि उन्होंने पंजाबी संगीत, संस्कृति और भारतीय पहचान को वैश्विक मंच पर अभूतपूर्व ऊंचाई दी है। उन्होंने कहा-“दिलजीत दोसांझ सिर्फ एक कलाकार नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक दूत हैं जिन्होंने पंजाबी और भारतीय समुदाय को गर्व महसूस करवाया है।”  ‘Aura Tour’ ने तोड़े सारे रिकॉर्ड दिलजीत दोसांझ पहले भारतीय कलाकार बन गए जिन्होंने सिडनी के CommBank स्टेडियम और मेलबर्न के AAMI पार्क जैसे विश्वस्तरीय स्टेडियमों में सोल्ड-आउट कॉन्सर्ट्स किए।मेलबर्न शो में 40,000 से अधिक दर्शक मौजूद थे।ऑस्ट्रेलिया के छह शहरों में उनके शो के 90,000 से अधिक टिकटें कुछ घंटों में बिक गईं।इन प्रदर्शनों ने यह साबित कर दिया कि भारतीय और पंजाबी संगीत अब वैश्विक मंच पर नई ऊंचाइयों पर पहुंच चुका है। “हम सब एक हैं”- सिख सिद्धांत से प्रेरित संदेश हर मंच से दिलजीत ने “हम सब एक हैं” का संदेश दिया, जो सिख धर्म के मूल सिद्धांत ‘इक ओंकार’-सब एक हैं की भावना को दर्शाता है।उनकी यह सोच और सरलता ने न सिर्फ भारतीय फैंस बल्कि विदेशी दर्शकों को भी गहराई से प्रभावित किया। नस्लभेदी टिप्पणियों का शालीन जवाब टूर की सफलता के बीच दिलजीत को सोशल मीडिया पर कुछ नस्लभेदी टिप्पणियों का सामना करना पड़ा। कुछ लोगों ने उन्हें “उबर ड्राइवर” और “7/11 कर्मचारी” कहकर नीचा दिखाने की कोशिश की। दिलजीत ने इन टिप्पणियों पर संयम से जवाब देते हुए कहा-“अगर ट्रक ड्राइवर न हों, तो आपके घर तक रोटी नहीं पहुंचेगी।”उनकी इस प्रतिक्रिया ने लाखों लोगों का दिल जीत लिया। ऑस्ट्रेलियन मंत्री ने मांगी माफी ऑस्ट्रेलिया के मल्टीकल्चरल अफेयर्स मंत्री जूलियन हिल ने सार्वजनिक रूप से दिलजीत से माफी मांगी और कहा-“ऐसी टिप्पणियां देश की बहुसांस्कृतिक भावना को ठेस पहुंचाती हैं। दिलजीत दोसांझ ने जिस गरिमा के साथ जवाब दिया, वह वास्तव में प्रेरणादायक है।” भारतीय संस्कृति का राजदूत दिलजीत दोसांझ ने कहा कि उनका यह टूर सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति को दुनिया के सामने गर्व से पेश करने का प्रयास है। “यह टूर सिर्फ मेरे फैंस के लिए नहीं, बल्कि भारत की संगीत परंपरा और हमारी पहचान को विश्व मंच पर मनाने के लिए है।”इससे पहले उनके ‘Dil-Luminati’ और ‘Born To Shine’ टूर ने लंदन, कनाडा और अमेरिका में भी रिकॉर्ड तोड़े थे। अब ‘Aura Tour’ ने ऑस्ट्रेलिया में नई मिसाल कायम की है।  

दिलजीत दोसांझ पर खालिस्तानी संगठन का निशाना, वजह बना अमिताभ बच्चन के पैर छूना

मुंबई  खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू के संगठन, सिख्स फॉर जस्टिस (एसएफजे) ने पंजाबी गायक-अभिनेता दिलजीत दोसांझ द्वारा बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन के पैर छूने के विरोध में 1 नवंबर को ऑस्ट्रेलिया में उनके कॉन्सर्ट को बंद करने की धमकी दी है। समूह का आरोप है कि यह कृत्य 1984 के सिख विरोधी दंगा पीड़ितों की "स्मृति का अनादर" करता है। पन्नू ने एक बयान में कहा-  "अमिताभ बच्चन, जिनके शब्दों ने 1984 के नरसंहार को हवा दी, के पैर छूकर दिलजीत दोसांझ ने 1984 के सिख नरसंहार के हर पीड़ित, हर विधवा और हर अनाथ का अपमान किया है।" उन्होंने आगे कहा- "यह अज्ञानता नहीं, विश्वासघात है। जिन सिखों को ज़िंदा जला दिया गया, जिन महिलाओं के साथ बलात्कार हुआ, जिन बच्चों को क़त्ल किया गया, उनकी राख अभी ठंडी भी नहीं हुई है। कोई भी विवेकशील सिख 1 नवंबर, स्मृति दिवस पर कोई भी प्रदर्शन या उत्सव नहीं मना सकता।" सप्ताहांत में 'कौन बनेगा करोड़पति 17' में अपनी उपस्थिति के दौरान, सेट पर पहुंचते ही दोसांझ ने दिग्गज अभिनेता के पैर छुए। बच्चन, जिन्होंने गायक-अभिनेता का परिचय "पंजाब दे पुत्तर (पंजाब का बेटा)" कहकर कराया, ने उन्हें गले लगाकर दर्शकों की तालियां बटोरीं। यह क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है और यूजर्स दोसांझ की इस हरकत की जमकर तारीफ कर रहे हैं। दोसांझ के कॉन्सर्ट को बंद करने की धमकी के अलावा, प्रतिबंधित खालिस्तानी संगठन ने जत्थेदार अकाल तख्त साहिब, ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज को पत्र लिखकर उनसे आग्रह किया है कि वे अभिनेता-गायक को तलब करें और 2010 के तख्त के उस आदेश के मद्देनजर अपने कृत्य पर सफाई दें, जिसमें नवंबर 1984 को "सिख नरसंहार माह" के रूप में मान्यता दी गई थी। एसएफजे ने सभी "सिख संस्थाओं, कलाकारों और दर्शकों से उन दंगों के प्रचार या लीपापोती से जुड़े किसी भी कार्यक्रम या सहयोग का बहिष्कार करने" का आह्वान किया है, जो पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके सिख अंगरक्षकों द्वारा हत्या के बाद हुए थे। इस बीच, दोसांझ जो इस समय अपने ऑरा टूर के लिए ऑस्ट्रेलिया में हैं, ने सिडनी में एक स्टेडियम शो के सभी टिकट बेचने वाले पहले भारतीय कलाकार बनकर इतिहास रच दिया। शो के सभी टिकट बिक गए, कुछ टिकट तो 800 डॉलर प्रति टिकट तक बिक गए और 30,000 प्रशंसक उपस्थित हुए।