samacharsecretary.com

कर्नाटक में राजनीति के जाल में उलझे डीके शिवकुमार, दावोस दौरा रद्द

 बेंगलुरु कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने स्विट्ज़रलैंड के दावोस में होने वाले वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में शामिल होने के लिए प्रस्तावित आधिकारिक दौरा रद्द कर दिया है. वह 18 जनवरी से शुरू होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले थे, लेकिन ऐन वक्त पर उनका कार्यक्रम बदल गया. सूत्रों के मुताबिक, दावोस दौरा रद्द करने के पीछे दिल्ली और बेंगलुरु में बढ़ती राजनीतिक और आधिकारिक व्यस्तताएं बड़ी वजह हैं. आने वाले दिनों में डीके शिवकुमार की AICC के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ कई अहम बैठकें प्रस्तावित हैं, जिन्हें देखते हुए यह फैसला लिया गया. जानकारी के अनुसार, डीके शिवकुमार इस समय केंद्र सरकार के खिलाफ MNREGA (मनरेगा) को लेकर राज्य सरकार के अभियान की अगुवाई भी कर रहे हैं. इसी मुद्दे पर कर्नाटक विधानसभा का पांच दिवसीय विशेष सत्र 22 जनवरी से शुरू होने वाला है, जिसमें सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस के आसार हैं. राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि कर्नाटक की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और अंदरूनी समीकरणों ने भी दावोस यात्रा रद्द करने में अहम भूमिका निभाई. राज्य की राजनीति में चल रही हलचल के बीच डीके शिवकुमार का बेंगलुरु और दिल्ली में मौजूद रहना पार्टी और सरकार दोनों के लिहाज से जरूरी माना जा रहा है. हालांकि आधिकारिक तौर पर सरकार की ओर से दावोस दौरा रद्द करने की कोई विस्तृत वजह नहीं बताई गई है, लेकिन संकेत साफ हैं कि अंतरराष्ट्रीय मंच से ज्यादा प्राथमिकता इस वक्त घरेलू राजनीति और प्रशासनिक चुनौतियों को दी जा रही है.

भ्रम की अटकलों पर विराम: सिद्दारमैया को कार्यकाल पूरा करने की शुभकामनाएं — डीके शिवकुमार

बेंगलुरु कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मंगलवार को मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के पूरे कार्यकाल को लेकर चल रही चर्चाओं पर विराम लगाने की कोशिश की। शिवकुमार ने कहा कि वह सिद्दारमैया को अपना कार्यकाल पूरा करने की शुभकामनाएं देते हैं और पार्टी के भीतर किसी तरह का कोई भ्रम नहीं है। बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत करते हुए डीके शिवकुमार ने कहा, "उनके साथ हर अच्छी चीज हो। मैं उन्हें ढेरों शुभकामनाएं देता हूं। हमारे बीच कोई भ्रम नहीं है, भ्रम सिर्फ मीडिया में है। एक बार फिर मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं।" मुख्यमंत्री सिद्दारमैया द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय डी. देवराज उर्स के लंबे कार्यकाल के रिकॉर्ड की बराबरी किए जाने पर शिवकुमार ने कहा कि वह और अधिक सफलता हासिल करें। ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि उन्हें अच्छा स्वास्थ्य मिले, ताकि वे जनता की और ज्यादा सेवा कर सकें। शिवकुमार ने आगे कहा, "मैं बल्लारी जा रहा हूं। मैं वहां जाकर स्थिति का जायजा लूंगा। हम राज्य में और हर जगह शांति चाहते हैं। भाजपा बेचैन हो रही है और ऐसी गतिविधियों का सहारा ले रही है।" उल्लेखनीय है कि कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं में झड़प के दौरान हुई फायरिंग में राजशेखर की मौत हो गई थी। इस मामले में मंत्री जमीर अहमद खान द्वारा मृतक के परिवार को कथित रूप से 25 लाख रुपए नकद मुआवजा दिए जाने को लेकर उठे सवालों पर डीके शिवकुमार ने कहा कि वह इस विषय में मंत्री जमीर अहमद खान से बात करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी के पास अब आयकर विभाग और केंद्रीय एजेंसियां हैं। सोनिया गांधी के अस्पताल में भर्ती होने की खबर पर डीके शिवकुमार ने कहा कि उन्हें अभी इसकी जानकारी नहीं है, लेकिन वे उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं। उन्होंने कहा, "हमारी प्रार्थनाएं उनके साथ हैं। उन्हें लंबा और स्वस्थ जीवन मिले ताकि वे कांग्रेस पार्टी और देश का मार्गदर्शन करती रहें। उन्होंने संकट के समय मजबूती से नेतृत्व किया है।" वहीं, नेतृत्व पर जारी अटकलों के बीच मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने भी मंगलवार को बयान दिया। उन्होंने मैसूरु में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उनका कार्यकाल पूरा करना पार्टी हाईकमान के फैसले पर निर्भर करता है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि वे अपना कार्यकाल पूरा करेंगे। सिद्दारमैया ने कहा, "मुझे हाईकमान पर भरोसा है। भरोसा नहीं होता, तो मुख्यमंत्री कैसे बनता?"

ब्रेकफास्ट मीटिंग में सिद्धारमैया से मिले शिवकुमार, कहा—संदेश स्पष्ट रूप से दिया गया

बेंगलुरु कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शनिवार को प्रदेश कांग्रेस में दरार के विपक्ष के दावों को खारिज करने की कोशिश की. सीएम आवास पर डीके शिवकुमार के साथ नाश्ते पर हुई बैठक के बाद, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा, 'उपमुख्यमंत्री और मेरे बीच कोई मतभेद नहीं हैं. हम साथ-साथ हैं. वे (भाजपा और जेडीएस) कह रहे हैं कि अविश्वास प्रस्ताव लाएंगे. हम उसका सामना करेंगे.' सिद्धारमैया ने ये बातें मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुई कहीं, उनके बगल में शिवकुमार बैठे थे और मुस्कुरा रहे थे. डीके शिवकुमार ने मुख्यमंत्री संगठ ब्रेकफास्ट मीटिंग के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत में किसी भी बगावत की संभावना को खारिज किया. कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री ने कहा, 'हमें जो भी संदेश देना था, मुख्यमंत्री और मैंने सभी कांग्रेस सदस्यों को दे दिया है. हम कांग्रेस के साथ खड़े हैं और पार्टी के ​लिए प्रतिबद्ध हैं. बहुत सारे मुद्दे हैं, खासकर सिंचाई और शहरी विकास के. मुझे दिल्ली जाना है. मुझे केंद्रीय मंत्रियों से भी मुलाकात का समय लेना है. मैं अचानक दिल्ली नहीं जा सकता. मुख्यमंत्री और मैं एक सर्वदलीय बैठक चाहते थे. क्योंकि हम गन्ना, मक्का और राज्य में वर्तमान में मौजूद कुछ अन्य मुद्दों पर एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल दिल्ली ले जाना चाहते थे.' अब शिवकुमार के घर डिनर करेंगे सिद्धारमैया डीके शिवकुमार ने कहा कि सीएम आवास पर नाश्ते पर हुई बैठक के बाद, सिद्धारमैया दोपहर या रात के भोजन के लिए उनके घर आएंगे. उन्होंने कहा, 'पार्टी आलाकमान जो भी कहेगा, वही हमारा भी फैसला होगा. हम पार्टी के वफादार सिपाही रहे हैं. हम जानते हैं कि पार्टी देश में मुश्किल दौर से गुजर रही है. लेकिन हमें पूरा विश्वास है कि कर्नाटक एक बड़ी भूमिका निभाएगा; हम 2028 में दोबारा सरकार बनाएंगे और मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के नेतृत्व में 2029 में भी आगे बढ़ेंगे. आज हमने 2028 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए अपनी रणनीति और विपक्ष से निपटने के तरीकों पर चर्चा की. वे कई मुद्दे उठाने की कोशिश कर सकते हैं. हम जवाब देने के लिए तैयार हैं.' राज्य में कांग्रेस सरकार के ढाई साल पूरे होने पर 20 नवंबर को शिवकुमार द्वारा सीएम बदलने का मुद्दा उठाया गया था. यह मुद्दा एक सप्ताह से भी अधिक समय से चल रहा है और राज्य विधानमंडल का सत्र 8 दिसंबर को होना है. कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व ने दोनों नेताओं से आपस में ही इस मुद्दे को जल्द से जल्द सुलझाने को कहा है. अब शिवकुमार का कहना है कि उन्हें कर्नाटक का मुख्यमंत्री बनने की कोई जल्दी नहीं है. उन्होंने कहा, 'पार्टी कार्यकर्ता उत्सुक हो सकते हैं, लेकिन मुझे कोई जल्दी नहीं है. पार्टी ही सारे फैसले लेगी.' विपक्ष का कर्नाटक कांग्रेस में अंतर्कलह का दावा  सिद्धारमैया और शिवकुमार के 'ऑल इज वेल' के दावों के बावजूद विपक्षी दल भाजपा और जनता दल सेक्युलर का कहना है कि कर्नाटक कांग्रेस में दरार अब भी बनी हुई है. सिद्धारमैया-शिवकुमार की मुलाकात के बाद, जेडीयू विधायक निखिल कुमारस्वामी ने कहा, 'आज कांग्रेस इडली परोस रही है. वे सिर्फ नाश्ते के लिए एकजुट हैं, लेकिन कांग्रेस पार्टी बंटी हुई है. हमें इससे कोई उम्मीद नहीं है; कर्नाटक की जनता इसका खामियाजा भुगत रही है.'

CM पद को लेकर बढ़ी खींचतान! सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार की बैठक पर टिकी कर्नाटक कांग्रेस की नजरें

बेंगलुरु  दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के हस्तक्षेप के बाद कर्नाटक में लंबे समय से चली आ रही सत्ता की खींचतान अब सुलझती दिख रही है. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच शनिवार को बेंगलुरु में अहम बैठक हुई. दोनों नेताओं ने सीएम आवास पर ब्रेकफास्ट मीटिंग की. इस बैठक को कर्नाटक की सत्ता राजनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है. कर्नाटक के मंत्री प्रियंक खड़गे ने कहा है कि कांग्रेस ने सही समय पर दखल देकर मामले को संभाल लिया है. उन्होंने इसे पार्टी नेतृत्व की ‘टाइमिंग की समझ’ बताया. वहीं मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र सिद्धारमैया ने साफ कहा है कि हाईकमान की ओर से नेतृत्व परिवर्तन को लेकर कोई दिशा-निर्देश नहीं मिला है. इससे साफ संकेत मिल रहा है कि फिलहाल सीएम बदलने का कोई फैसला नहीं हुआ है.  सिद्धारमैया के आवास पर पहुंचे डीके शिवकुमार कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के आवास पर पहुंच गए हैं, जहां दोनों नेताओं के बीच नाश्ते पर अहम मुलाकात हो रही है. सिद्धारमैया ने कहा, 'जो पार्टी बोलेगी, वही करूंगा.' बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद डीके शिवकुमार दिल्ली के लिए रवाना होंगे. कर्नाटक में पावर शेयरिंग को लेकर तनाव चल रहा है. इस बीच, राजधानी बेंगलुरु में आज हाईप्रोफाइल ब्रेकफास्ट मीटिंग होने जा रही है. इस मीटिंग में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार आमने-सामने बैठेंगे और सत्ता-साझेदारी पर बातचीत करेंगे. इससे पहले शुक्रवार को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने साफ कहा था कि हाईकमान जो भी फैसला करेगा, वे उसी का पालन करेंगे. उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी नेतृत्व ने उन्हें और शिवकुमार को शनिवार सुबह साथ बैठकर ब्रेकफास्ट पर बातचीत करने के लिए कहा है, ताकि गतिरोध खत्म करने के रास्ते तलाशे जा सकें. कर्नाटक के मौजूदा सत्ता संघर्ष के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार शनिवार सुबह सीएम आवास 'कावेरी' पर एक अहम ब्रेकफास्ट मीटिंग में मिलेंगे. दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात सुबह रखी गई है. पार्टी हाईकमान ने हालात को काबू में रखने और आंतरिक गतिरोध खत्म करने के लिए यह बैठक बुलाने का निर्देश दिया है. '2.5 साल के फॉर्मूले की बात बेबुनियाद'  आज दिल्ली रवाना हो सकते हैं डीके शिवकुमार, सिद्धारमैया को बुलावे का इंतजार कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार आज दोपहर दिल्ली रवाना हो सकते हैं और शाम को मेकदातु परियोजना को लेकर एक अहम बैठक करने की संभावना है. वहीं मुख्यमंत्री सिद्धारमैया कांग्रेस हाईकमान से औपचारिक बुलावे के बाद ही दिल्ली जाएंगे. जब वेणुगोपाल ने सिद्धारमैया और शिवकुमार को किया फोन, ऐसे सुलझा कर्नाटक का झगड़ा कर्नाटक में चल रही सियासी खींचतान के बीच गुरुवार शाम बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब के. सी. वेणुगोपाल ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार दोनों को फोन कर सख्त संदेश दिया. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर एक-दूसरे पर तंज कसना कांग्रेस की संस्कृति नहीं है और दिल्ली आने से पहले आपसी मतभेद सुलझाएं. वेणुगोपाल ने दोनों नेताओं से कहा कि जल्द ही उन्हें दिल्ली बुलाया जाएगा, जहां एक ही टेबल पर बैठकर सभी मतभेदों पर चर्चा होगी. साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी की एकता सबसे अहम है और अंतिम फैसला कांग्रेस हाईकमान ही लेगा, इसलिए आपस में टकराव से बचें और निर्णय पार्टी पर छोड़ दें. दरअसल, डीके शिवकुमार और उनके समर्थक विधायक लगातार यह दावा करते आ रहे हैं कि 2023 चुनाव के बाद हाईकमान ने उन्हें अगले फेज में मुख्यमंत्री बनाने का वादा किया था. वहीं, सिद्धारमैया और उनके करीबी नेताओं का कहना है कि ऐसा कोई समझौता हाईकमान के साथ नहीं हुआ था और '2.5 साल के फॉर्मूले' की बात बेबुनियाद है. शुक्रवार को सिद्धारमैया ने आंतरिक मतभेदों की अटकलों को कम करने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि वे हाईकमान के निर्देशों के अनुसार काम करते हैं और शनिवार की बैठक 'सिर्फ एक ब्रेकफास्ट मीटिंग' है. उन्होंने दोहराया कि हाईकमान जो भी कहेगा, मैं वही मानूंगा. 'कुर्बानी' की टिप्पणी चर्चा में इसी बीच शुक्रवार को ही सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार एक सरकारी कार्यक्रम में एक मंच पर दिखे. एकजुटता का संदेश देने की कोशिश के बावजूद शिवकुमार ने मंच से सोनिया गांधी के 2004 में प्रधानमंत्री पद छोड़ने की 'कुर्बानी' की प्रशंसा कर एक टिप्पणी की, जिसे राजनीतिक हलकों में सिद्धारमैया पर अप्रत्यक्ष तंज माना गया. क्या बोले मंत्री? तनाव के बीच गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने कहा कि अगर हाईकमान चाहता है तो वे डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री के तौर पर समर्थन देंगे. हालांकि, कुछ ही मिनटों बाद सिद्धारमैया खेमे के मंत्री जमीर अहमद खान का बयान आया. उन्होंने कहा कि सिद्धारमैया ही पूरे कार्यकाल तक मुख्यमंत्री बने रहेंगे. मंत्री ईश्वर खंड्रे ने इस मुद्दे पर सार्वजनिक बयान देने से नेताओं को रोकने की बात कही. उन्होंने कहा, हाईकमान पहले ही निर्देश दे चुका है कि इस मामले पर किसी को सार्वजनिक रूप से नहीं बोलना है. राज्य में हमारी सरकार अच्छा प्रशासन दे रही है और आगे भी देती रहेगी. मंत्री प्रियांक खड़गे ने भी मामले पर प्रतिक्रिया दी और कहा, कांग्रेस के पास मुद्दों को सुलझाने का 'सेंस ऑफ टाइमिंग' है और पार्टी नेतृत्व हालात को अच्छी तरह समझते हुए सही समय पर सही फैसला लेगा.  फायदे-नुकसान का आकलन कर रहा हाईकमान सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस हाईकमान कर्नाटक में संभावित नेतृत्व परिवर्तन के फायदे-नुकसान का आकलन कर रहा है. अगर सिद्धारमैया को बदला जाता है तो डीके शिवकुमार सबसे संभावित नाम हैं. सूत्रों का दावा है कि सिद्धारमैया को एससी, एसटी, मुस्लिम और बड़े ओबीसी वर्ग में बड़ा जनाधार वाला नेता माना जाता है, जबकि शिवकुमार की ताकत संगठन और चुनाव प्रबंधन के कौशल में है, जिसे कुछ नेता आगामी चुनावी के लिए महत्वपूर्ण मानते हैं. इसी बीच, कर्नाटक में घटनाक्रम उस समय तेजी से बदला, जब डीके शिवकुमार के समर्थक विधायकों के एक समूह दिल्ली पहुंचे. उनका उद्देश्य हाईकमान पर नेतृत्व परिवर्तन की मांग के लिए दबाव बनाना बताया जा रहा है. इससे मौजूदा सत्ता संघर्ष एक नए स्तर पर पहुंच गया है. कथित '2.5 साल के सीएम फॉर्मूले' की भी जांच हाईकमान कर रहा है. सिद्धारमैया गुट का कहना है कि ऐसा कोई औपचारिक समझौता हुआ ही नहीं था और मुख्यमंत्री पूरा कार्यकाल सिद्धारमैया … Read more

बेंगलुरु से दिल्ली तक हलचल के बीच वोक्कालिगा मठ ने डीके शिवकुमार का खुला समर्थन किया

 बेंगलुरु कर्नाटक कांग्रेस में सत्ता की लड़ाई जोर पकड़ चुकी है. डीके शिवकुमार बेंगलुरु से दिल्ली तक लॉबिंग में जुटे हैं, वहीं सीएम सिद्धारमैया भी अपनी कुर्सी बचाने के लिए एक्टिव मोड में हैं. सीएम सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार, दोनों ही नेताओं के समर्थकों में जुबानी जंग छिड़ी हुई है. इन सबके बीच इस सत्ता संघर्ष में अब वोक्कालिगा समुदाय के प्रमुख मठ आदिचुंचनगिरी मठ की भी एंट्री हो गई है. आदिचुंचनगिरी मठ के प्रमुख भी अब खुलकर शिवकुमार के पक्ष में उतर आए हैं. आदिचुंचनगिरी मठ के प्रमुख निर्मलानंद नाथ स्वामी ने कहा है कि डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए. उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व को सूबे की सत्ता के शीर्ष पद को लेकर जल्द फैसला लेने का अल्टीमेटम भी दिया. निर्मलानंद नाथ ने कहा कि टीवी पर लगातार राजनीतिक घटनाक्रम देख रहे हैं. उन्होंने कहा कि वोक्कालिगा मठ हमेशा सभी समुदायों का सम्मान और सहयोग करने वाला रहा है. निर्मलानंद नाथ  ने यह भी जोड़ा कि डीके शिवकुमार कई बार मठ आए, लेकिन कभी समर्थन नहीं मांगा या लॉबिंग नहीं की. उन्होंने आगे कहा कि हमने पहले भी डीके शिवकुमार को ही अपना मुख्यमंत्री चुना था, लेकिन बात नहीं बनी. कहा गया था कि दो साल बाद होगा, पर वह भी नहीं हुआ. वोक्कालिगा मठ के प्रमुख ने कहा कि वादा पूरा नहीं हुआ. इससे हमें दुख पहुंचा है. उन्होंने यह भी कहा कि जाति राज्य का कल्याण नहीं कर सकती, लेकिन डीके शिवकुमार योग्य हैं. शिवकुमार को मौका मिलना चाहिए. हालांकि, सीएम को लेकर फैसला कांग्रेस नेतृत्व करेगा. वोक्कालिगा मठ के प्रमुख ने डीके शिवकुमार को कांग्रेस का अनुशासित सिपाही बताते हुए कहा कि तमाम संकटों के बावजूद शिवकुमार ने पार्टी नहीं छोड़ी.  उन्होंने कहा कि डीके शिवकुमार को आधे कार्यकाल का मौका मिलना ही चाहिए. डीके शिवकुमार पर भगवान की कृपा है और कांग्रेस नेतृत्व को चाहिए कि उन्हें जल्द मुख्यमंत्री बना दे. गौरतलब है कि डीके शिवकुमार समर्थक कई नेता पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में हैं. अब चर्चा है कि डीके खुद भी सोनिया गांधी से मिलने 29 नवंबर को दिल्ली जा सकते हैं.