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देश में मौसम का यू-टर्न: कहीं लू का कहर, तो कहीं ओलावृष्टि और मूसलाधार बारिश का खतरा

देश  इस साल मौसम के मिजाज ने वैज्ञानिकों और आम जनता दोनों को हैरान कर दिया है। सर्दियों की विदाई के बाद बसंत की गुलाबी ठंड गायब रही और सीधे भीषण गर्मी ने दस्तक दे दी। हालांकि, अब मौसम विभाग (IMD) ने एक नई चेतावनी जारी की है, जिसके मुताबिक अगले कुछ दिनों तक देश को लू (Heatwave) और तूफानी बारिश के दोहरे वार का सामना करना पड़ेगा। भीषण लू की चेतावनी राजस्थान से आ रही गर्म हवाओं ने मध्य प्रदेश सहित मध्य भारत को भट्टी बना दिया है। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में तापमान लगातार दूसरे दिन 40 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया। 15 मार्च तक मध्य प्रदेश, विदर्भ (महाराष्ट्र), कोंकण, सौराष्ट्र, कच्छ, ओडिशा और झारखंड में भीषण लू चलने की संभावना है। तेज धूप और शुष्क हवाओं के कारण दोपहर के समय सड़कों पर कर्फ्यू जैसा नजारा दिखने लगा है। हिमालयी क्षेत्रों में 'पश्चिमी विक्षोभ' का असर एक तरफ जहां मैदानी इलाके जल रहे हैं, वहीं पहाड़ी राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो रहा है। 14 मार्च से मौसम में बड़ा बदलाव आएगा: जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में 14 मार्च तक हल्की बर्फबारी होगी, जो 15 से 19 मार्च के बीच और तेज हो सकती है। 15 और 16 मार्च को उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में ओले गिरने की प्रबल संभावना है। इस दौरान हवा की रफ्तार 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। पूर्वोत्तर में भारी बारिश का 'रेड अलर्ट' देश के पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का संकट मंडरा रहा है:अरुणाचल प्रदेश: 13 से 16 मार्च के बीच मूसलाधार बारिश की चेतावनी। असम, मेघालय और सिक्किम: 13 से 15 मार्च के दौरान भारी बारिश के साथ बिजली गिरने की आशंका है। धूल भरी आंधी और गरज-चमक मौसम विभाग के अनुसार, 15 और 16 मार्च को उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में धूल भरी आंधी चल सकती है: राजस्थान, पंजाब और हरियाणा: 14-15 मार्च को छिटपुट बारिश और गरज-चमक के साथ 30-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। उत्तर प्रदेश: 15 और 16 मार्च को पूर्वी और पश्चिमी यूपी में ओलावृष्टि और बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है। कैसा रहेगा एमपी का मौसम? मध्य प्रदेश में फिलहाल गर्मी से राहत मिलने के आसार कम हैं, लेकिन 14 मार्च के बाद सक्रिय होने वाले पश्चिमी विक्षोभ के कारण बादलों की आवाजाही शुरू हो सकती है, जिससे रात के तापमान में मामूली बदलाव संभव है। मौसम विभाग ने लू के दौरान दोपहर 12 से 3 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचने और ओलावृष्टि के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

अगले 7 दिन में सर्दी से संभलें! बिहार के इन जिलों में कोल्ड डे अलर्ट

पटना बिहार में सर्द पछुआ हवाओं ने ठंड को और तीखा कर दिया है और मौसम के इस बदले मिजाज के बीच इस मौसम में पहली बार शीत दिवस की स्थिति  बनी है, जिसे लेकर मौसम विज्ञान केंद्र ने यलो अलर्ट जारी किया है। राजधानी पटना समेत मुजफ्फरपुर, पूर्णिया और राज्य के कई जिलों में लगातार चौथे दिन रविवार को भी धूप नहीं निकल पाई है। विभाग का कहना है कि अगले सात दिनों तक प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहेगा। इन जिलों में अलर्ट जारी मौसम विभाग (IMD)  के अनुसार, शीत दिवस के दौरान दिन और रात के तापमान में अंतर काफी कम हो जाता है। इस समय न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस या उससे नीचे चला गया है, जबकि अधिकतम तापमान सामान्य से करीब पांच डिग्री तक नीचे दर्ज किया जा रहा है। ठंडी हवाओं और धूप की कमी के कारण लोगों को दिन में भी कड़ाके की ठंड का एहसास हो रहा है। रविवार को गोपालगंज, सिवान, सारण, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, शेखपुरा, नालंदा, जहानाबाद, नवादा, औरंगाबाद, अरवल, रोहतास, भोजपुर, बक्सर, भभुआ, पटना और गया में शीत दिवस का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही मौसम विभाग ने घने कोहरे को लेकर भी चेतावनी दी है। पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, पटना, जहानाबाद, गया जी, नालंदा, नवादा और शेखपुरा में ऑरेंज अलर्ट (IMD Alert) जारी किया गया है। अगले 7 दिनों तक शुष्क बना रहेगा मौसम विभाग का कहना है कि घने कोहरे के कारण द्दश्यता में भारी कमी आ सकती है, जिससे सड़क और हवाई यातायात प्रभावित होने की आशंका है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, 25 दिसंबर तक मौसम में खास बदलाव की संभावना नहीं है। पटना में दिन का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे रह सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 10 डिग्री तक गिरने के आसार हैं। अगले सात दिनों तक प्रदेश में मौसम शुष्क  बना रहेगा। आगे के पूर्वानुमान के अनुसार, 21 दिसंबर को पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी और मधुबनी में घने कोहरे की संभावना है। 22 दिसंबर को पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सिवान और सारण के एक- दो स्थानों पर घना कोहरा छाया रह सकता है। इसके बाद भी अगले चार से पांच दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में मध्यम से घना कोहरा बने रहने की आशंका है। तापमान को लेकर राहत की फिलहाल कोई उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों में अधिकतम और अगले पांच दिनों में न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।