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राष्ट्रपति के स्वागत को तैयार ओंकारेश्वर, कड़ी सुरक्षा के बीच कई मार्ग डायवर्ट; MP दौरे की शुरुआत आज

ओंकारेश्वर  महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 18 से 22 जून तक मध्य प्रदेश दौरे पर होंगी, जिसमें से 18 और 19 जून को वे ओंकारेश्वर में होंगी।  राष्ट्रपति के दौरे को लेकर तीर्थ नगरी पूरी तरह हाई-सिक्योरिटी जोन में तब्दील हो गई है. जिला प्रशासन, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने राष्ट्रपति की सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की है. कार्यक्रम स्थल, मंदिर परिसर, हेलीपेड, वीआईपी मार्गों और आसपास के क्षेत्रों में कड़ी निगरानी रखी जा रही है।  ओंकारेश्वर रहेगा नो-ड्रोन एरिया कलेक्टर ऋषव गुप्ता द्वारा जारी आदेश के अनुसार, '' 17 से 19 जून तक संपूर्ण ओंकारेश्वर क्षेत्र और कोठी हेलीपेड के आसपास दो किलोमीटर का दायरा 'नो-ड्रोन जोन' घोषित किया गया है. इस अवधि में किसी भी प्रकार के ड्रोन या ड्रोन कैमरे के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा. आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।  इन वस्तुओं के साथ कार्यक्रम स्थल में प्रवेश प्रतिबंधित सुरक्षा कारणों से कार्यक्रम स्थल पर ड्रोन, धारदार हथियार, पानी की बोतलें, ज्वलनशील पदार्थ, पटाखे, लाठी-डंडे, छाते, औजार, तंबाकू उत्पाद, बैग, झोले तथा अन्य संदिग्ध सामग्री ले जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है. सभी आगंतुकों को सुरक्षा जांच के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा।  तीन दिन बदली रहेगी ओंकारेश्वर में यातायात व्यवस्था राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए 17 जून से 19 जून दोपहर 12 बजे तक विशेष यातायात व्यवस्था लागू रहेगी. इंदौर-खंडवा मार्ग पर भारी वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा जाएगा, जिससे ओंकारेश्वर क्षेत्र में यातायात का दबाव कम रहे और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो।  श्रद्धालुओं के लिए विशेष पार्किंग व्यवस्था इंदौर, खंडवा और मूंदी की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों को ट्रेंचिंग ग्राउंड (नया बस स्टैंड) और ताम्रकर (गणेश नगर) पार्किंग में खड़ा कराया जाएगा. यहां से श्रद्धालुओं को पैदल मंदिर और घाट क्षेत्र तक जाना होगा. वही, बसों की पार्किंग मोरटक्का में रहेगी, जहां से प्रशासन द्वारा विशेष परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।  राष्ट्रपति के काफिले के दौरान रहेगा नो-व्हीकल जोन राष्ट्रपति के काफिले के आवागमन के दौरान सुरक्षा कारणों से निर्धारित मार्गों पर अस्थाई रूप से नो-व्हीकल जोन लागू किया जाएगा. राष्ट्रपति के गंतव्य तक पहुंचने के बाद यातायात को पुनः सामान्य कर दिया जाएगा।      सिंहस्थ 2028 में AI बताएगा कब आएगा आंधी-तूफान! करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए हाईटेक सिक्योरिटी प्लान     जंगल की सुरक्षा में तैनात फायर फाइटर की टाइगर ने ली जान, कान्हा टाइगर रिजर्व में खौफनाक घटना जिला प्रशासन और यातायात पुलिस ने श्रद्धालुओं तथा स्थानीय नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि वे निर्धारित पार्किंग और डायवर्जन व्यवस्था का पालन करें, प्रतिबंधित सामग्री साथ न लाएं और यात्रा के लिए पर्याप्त समय लेकर निकलें।  भारी वाहनों का रूट बदला गया     इंदौर-इच्छापुर मार्ग पर चलने वाले भारी मालवाहक वाहनों को डायवर्ट किया जाएगा।     इंदौर से खंडवा जाने वाले भारी वाहन तेजाजी नगर, महू, मानपुर, धामनोद, खरगोन, भीकनगांव और देशगांव होते हुए खंडवा जाएंगे।     सिमरोल से आने वाले वाहन मंडलेश्वर, कसरावद, खरगोन, भीकनगांव और देशगांव होकर खंडवा पहुंचेंगे।     बड़वाह से आने वाले वाहन मंडलेश्वर, कसरावद, खरगोन और भीकनगांव के रास्ते खंडवा जाएंगे।     खंडवा से इंदौर जाने वाले भारी वाहन भीकनगांव, खरगोन और कसरावद होकर जाएंगे।     मंडलेश्वर से आने वाले वाहन कसरावद और खलघाट के रास्ते इंदौर पहुंच सकेंगे। श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था 18 और 19 जून को ओंकारेश्वर आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों को निर्धारित पार्किंग में खड़ा कराया जाएगा।     इंदौर की ओर से आने वाले छोटे और मध्यम वाहन बड़वाह, मोरटक्का, सनावद और इनपुन होते हुए ट्रेंचिंग ग्राउंड और ताम्रकर पार्किंग तक जाएंगे।     खंडवा और मूंदी की ओर से आने वाले वाहन भी सनावद और इनपुन के रास्ते इन्हीं पार्किंग स्थलों तक पहुंचेंगे     पार्किंग से श्रद्धालुओं को पैदल दर्शन और स्नान के लिए जाना होगा। बसों के लिए व्यवस्था     इंदौर और खंडवा से आने वाली श्रद्धालुओं की बसें मोरटक्का में पार्क की जाएंगी।     वहां से प्रशासन द्वारा लोक परिवहन के जरिए श्रद्धालुओं को ओंकारेश्वर पहुंचाया जाएगा।     नियमित रूट की बसों को सनावद और इनपुन होते हुए पी-01 पार्किंग तक भेजा जाएगा। इसके आगे पैदल जाना होगा।     कुछ समय के लिए रास्ते बंद रह सकते हैं। कुछ मार्ग नो व्हीकल जोन रहेंगे राष्ट्रपति के काफिले के गुजरने के दौरान सुरक्षा कारणों से कुछ मार्गों को अस्थायी रूप से नो व्हीकल जोन बनाया जाएगा। राष्ट्रपति के गंतव्य तक पहुंचने के बाद यातायात सामान्य कर दिया जाएगा। प्रशासन की अपील पुलिस और जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं एवं आम लोगों से ट्रैफिक डायवर्जन और पार्किंग व्यवस्था का पालन करने तथा यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर निकलने की अपील की है।

मध्यप्रदेश प्रवास पर राष्ट्रपति मुर्मु, ओंकारेश्वर, श्योपुर, जबलपुर समेत 6 शहरों में रहेंगी व्यस्त

राष्ट्रपति मुर्मु पांच दिवसीय मध्यप्रदेश प्रवास पर  इंदौर, बैतूल, ओंकारेश्वर, जबलपुर, ग्वालियर एवं श्योपुर में विभिन्न कार्यक्रमों में होंगी शामिल भोपाल राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु 18 जून से 22 जून तक पांच दिवसीय मध्यप्रदेश प्रवास पर रहेंगी। इस दौरान वे इंदौर, बैतूल, खंडवा जिले के ओंकारेश्वर मंदिर, जबलपुर, ग्वालियर और श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगी।राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु गुरुवार, 18 जून को इंदौर पहुंचेंगी। इसके पश्चात वे बैतूल में ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा आयोजित "एम्पावरमेंट ऑफ ट्रायबल सोसायटी बाय स्पिरिचुअल अवेकनिंग" कार्यक्रम में शामिल होंगी। साथ ही ओंकारेश्वर पहुंचकर मंदिर में दर्शन एवं आरती में सम्मिलित होंगी। शुक्रवार, 19 जून को राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु अंतर्राष्ट्रीय सिकल सेल दिवस के अवसर पर ओंकारेश्वर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगी। शनिवार, 20 जून को राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु जबलपुर पहुंचेंगी। रविवार, 21 जून 2026 को राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगी। इसके पश्चात रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर के 36वें दीक्षांत समारोह में सहभागिता करेंगी। सोमवार, 22 जून 2026 को राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु कूनो नेशनल पार्क का भ्रमण करेंगी। इसके बाद वे ग्वालियर पहुंचकर नई दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगी। राष्ट्रपति के मध्यप्रदेश भ्रमण के लिए मिनिस्टर-इन-वेटिंग नामित राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु के मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों के प्रस्तावित भ्रमण के दौरान राज्य शासन ने संबंधित स्थानों पर अगवानी एवं विदाई के लिए मंत्रियों को “मिनिस्टर-इन-वेटिंग” नामित किया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार इंदौर में 18 जून को अगवानी के समय जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट और 19 जून को विदाई के समय नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को दायित्व सौंपा गया है। बैतूल में 18 जून को लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल अगवानी एवं विदाई करेंगे। खंडवा के ओंकारेश्वर में 18 एवं 19 जून को अगवानी एवं विदाई के समय संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र भावसिंह लोधी को जिम्मेदारी दी गई है। जबलपुर में 20 एवं 21 जून को उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा राष्ट्रपति की अगवानी एवं विदाई करेंगे। इसी प्रकार श्योपुर में 21 एवं 22 जून को नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला और ग्वालियर में 21 एवं 22 जून को जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट को मिनिस्टर-इन-वेटिंग नामित किया गया है।  

MP में राष्ट्रपति मुर्मू का दौरा: इंदौर-इच्छापुर मार्ग पर बदलेगा ट्रैफिक रूट, एयरपोर्ट क्षेत्र नो-फ्लाइंग जोन

भोपाल  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 18 से 22 जून तक मध्य प्रदेश के पांच दिवसीय आधिकारिक दौरे पर रहेंगी। दौरे की शुरुआत इंदौर से होगी, जहां से वे सीधे ओंकारेश्वर पहुंचकर ज्योतिर्लिंग भगवान ओंकारेश्वर के दर्शन करेंगी। 19 जून को वे अंतरराष्ट्रीय सिकल सेल दिवस के अवसर पर आयोजित विशेष जागरूकता कार्यक्रम में शामिल होंगी। इसके बाद राष्ट्रपति ग्वालियर और श्योपुर के विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगी। राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने व्यापक सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्थाएं की हैं। इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान एयरपोर्ट और आसपास के क्षेत्र को ‘नो-फ्लाइंग जोन’ घोषित किया गया है। वहीं 17 से 19 जून तक यातायात डायवर्जन लागू रहेगा। भारी वाहनों का रूट बदला गया     इंदौर-इच्छापुर मार्ग पर चलने वाले भारी मालवाहक वाहनों को डायवर्ट किया जाएगा।     इंदौर से खंडवा जाने वाले भारी वाहन तेजाजी नगर, महू, मानपुर, धामनोद, खरगोन, भीकनगांव और देशगांव होते हुए खंडवा जाएंगे।     सिमरोल से आने वाले वाहन मंडलेश्वर, कसरावद, खरगोन, भीकनगांव और देशगांव होकर खंडवा पहुंचेंगे।     बड़वाह से आने वाले वाहन मंडलेश्वर, कसरावद, खरगोन और भीकनगांव के रास्ते खंडवा जाएंगे।     खंडवा से इंदौर जाने वाले भारी वाहन भीकनगांव, खरगोन और कसरावद होकर जाएंगे।     मंडलेश्वर से आने वाले वाहन कसरावद और खलघाट के रास्ते इंदौर पहुंच सकेंगे। श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था 18 और 19 जून को ओंकारेश्वर आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों को निर्धारित पार्किंग में खड़ा कराया जाएगा।     इंदौर की ओर से आने वाले छोटे और मध्यम वाहन बड़वाह, मोरटक्का, सनावद और इनपुन होते हुए ट्रेंचिंग ग्राउंड और ताम्रकर पार्किंग तक जाएंगे।     खंडवा और मूंदी की ओर से आने वाले वाहन भी सनावद और इनपुन के रास्ते इन्हीं पार्किंग स्थलों तक पहुंचेंगे     पार्किंग से श्रद्धालुओं को पैदल दर्शन और स्नान के लिए जाना होगा। बसों के लिए व्यवस्था     इंदौर और खंडवा से आने वाली श्रद्धालुओं की बसें मोरटक्का में पार्क की जाएंगी।     वहां से प्रशासन द्वारा लोक परिवहन के जरिए श्रद्धालुओं को ओंकारेश्वर पहुंचाया जाएगा।     नियमित रूट की बसों को सनावद और इनपुन होते हुए पी-01 पार्किंग तक भेजा जाएगा। इसके आगे पैदल जाना होगा।     कुछ समय के लिए रास्ते बंद रह सकते हैं। कुछ मार्ग नो व्हीकल जोन रहेंगे राष्ट्रपति के काफिले के गुजरने के दौरान सुरक्षा कारणों से कुछ मार्गों को अस्थायी रूप से नो व्हीकल जोन बनाया जाएगा। राष्ट्रपति के गंतव्य तक पहुंचने के बाद यातायात सामान्य कर दिया जाएगा। प्रशासन की अपील पुलिस और जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं एवं आम लोगों से ट्रैफिक डायवर्जन और पार्किंग व्यवस्था का पालन करने तथा यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर निकलने की अपील की है।

राष्ट्रपति Droupadi Murmu का अनोखा अंदाज, प्रोटोकॉल से हटकर सराही साड़ी की कलाकारी

भागलपुर. अंग प्रदेश की लोककला मंजूषा राष्ट्रपति भवन तक पहुंची। राष्ट्रपति भवन में आयोजित 'आर्टिस्ट-इन-रेजिडेंसी' कार्यक्रम में जब राष्ट्रपति ने मंजूषा कलाकृति से बनी साड़ी को देखा तो वे बोल उठीं, 'वाह, क्या रंग है। बेहतरीन कलाकारी है। इस साड़ी को हम कार्यक्रम में जाने के लिए पहनेंगे। इसे बनाने वाले कलाकार कौन हैं?” राष्ट्रपति के यह बोलते ही मंजूषा गुरु मनोज पंडित को सामने लाया गया। राष्ट्रपति ने प्रोटोकॉल तोड़ते हुए मनोज से निर्धारित दो मिनट के स्थान पर लगभग सात मिनट तक बातचीत की। टूटी प्रोटोकॉल की औपचारिकता मनोज को पहले बताया गया था कि उन्हें राष्ट्रपति से केवल दो मिनट बात करने का अवसर मिलेगा, लेकिन बातचीत निर्धारित समय से अधिक चली और प्रोटोकॉल की औपचारिकता टूट गई। मनोज पंडित के अनुसार, उन्हें निर्देश दिया गया था कि वे राष्ट्रपति से दो मीटर की दूरी बनाए रखें। वे इसका पालन भी कर रहे थे। इस बीच बिहुला मंजूषा कला से बनी साड़ी राष्ट्रपति तक पहुंचाने के लिए एक अन्य महिला कलाकार को आगे लाया गया। साड़ी देख खुश हो गईं राष्ट्रपति राष्ट्रपति के हाथ में जैसे ही साड़ी आई, वे उसे देखकर प्रसन्न हो गईं। राष्ट्रपति स्वयं आगे आईं और मंजूषा कला तथा इसके तीन रंगों के बारे में जानकारी लेने लगीं। उन्हें बताया गया कि मंजूषा कला सातवीं शताब्दी की परंपरा है और इसमें केवल तीन रंगों का उपयोग होता है। पूरी जानकारी मिलने के बाद राष्ट्रपति ने इस कला को बेहतरीन बताया और कहा कि इसे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलनी चाहिए। मनोज पंडित ने कहा कि डीएम और नगर आयुक्त के सहयोग से मंजूषा कला राष्ट्रपति भवन तक पहुंच पाई है। आम लोगों का भी इसमें भरपूर सहयोग रहा है। उल्लेखनीय है कि मनोज पंडित को राष्ट्रपति भवन में आयोजित 'आर्टिस्ट-इन-रेजिडेंसी' कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया था।

राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने प्रचंड हेलिकॉप्टर उड़ाकर कहा—“वीर सैनिकों, गर्व के साथ धन्यवाद; जय हिंद, जय भारत”

जैसलमेर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को जैसलमेर एयरफोर्स स्टेशन से स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर (LCH) प्रचंड में उड़ान भरी। वे हेलिकॉप्टर प्रचंड में बतौर को-पायलट उड़ान भरने वाली देश की पहली राष्ट्रपति हैं।राष्ट्रपति ने उड़ान के दौरान हेलिकॉप्टर के कॉकपिट से सैल्यूट किया। राष्ट्रपति मुर्मू इससे पहले लड़ाकू विमान सुखोई और राफेल में उड़ान भरने वाली देश की पहली राष्ट्रपति बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू सुबह करीब 9:15 बजे जैसलमेर वायुसेना स्टेशन पहुंची थीं। सेना के अधिकारियों ने उन्हें हेलिकॉप्टर के बारे में ब्रीफिंग दी। इसके बाद राष्ट्रपति हेलिकॉप्टर के कॉकपिट में बैठीं।फिर सुबह करीब 10.15 बजे ग्रुप कैप्टन एन.एस. बहुआ के साथ हेलिकॉप्टर में उड़ान भरी। हेलिकॉप्टर में 25 मिनट उड़ान के दौरान राष्ट्रपति ने सीमावर्ती क्षेत्रों और पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज का हवाई जायजा लिया। जैसलमेर के सोनार दुर्ग के ऊपर ‘प्रचंड’ हेलिकॉप्टर में उड़ान भरते हुए राष्ट्रपति ने रेडियो के माध्यम से देश के नाम संदेश दिया। उन्होंने कहा- मैं आज प्रचंड हेलिकॉप्टर में उड़ान भर रही हूं। प्रचंड हेलिकॉप्टर आत्मनिर्भरता का प्रबल प्रतीक है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जैसलमेर एयरफोर्स स्टेशन के अतिथि कक्ष में पहुंची. एयरफोर्स के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया. राष्ट्रपति एयरफोर्स अधिकारियों से संवाद भी किया. इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू लड़ाकू हेलिकॉप्टर प्रचंड में उड़ान भरने के लिए निकल पड़ीं. द्रौपदी मुर्मू को-पायलट बनने वाली देश की पहली राष्ट्रपति हैं. उन्होंने हेलीकॉप्टर में बैठकर फायरिंग रेंज का हवाई जायजा लिया. पहली राष्ट्रपति स्वदेशी लड़ाकू हेलीकॉप्टर (LCH) प्रचंड़ में उड़ान भरती दिखीं. उन्होंने 10 बजकर 10 बजे उड़ान भरना शुरू किया. वह 10 बजकर 35 मिनट पर लैंड हुईं. 25 मिनट का हवाई सफर किया. पोकरण फिल्ड़ फायरिंग रेंज और परमाणु स्थल का भी जायजा लिया. शाम में पोकरण फिल्ड फायरिंग रेंज में वायुशक्ति 2026 का अभ्यास है, जिसमें राष्ट्रपति चीफ गेस्ट हैं. मैं इस समय जैसलमेर के प्रसिद्ध किले के ऊपर से उड़ान भर रही हूं। मैं देश के वीर सैनिकों को गर्व के साथ धन्यवाद देती हूं। मेरा सभी को प्यार भरा नमस्कार। जय हिंद, जय भारत। पाकिस्तान बॉर्डर के पास राजस्थान के पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज (जैसलमेर) में आज शाम एयरफोर्स का सबसे बड़ा युद्धाभ्यास 'वायु शक्ति-2026' होगा। युद्धाभ्यास में सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी मौजूद रहेंगी। जैसलमेर में कड़े सुरक्षा इंतजाम राष्ट्रपति मुर्मू के दौरे और वायुसेना के क्षमता प्रदर्शन को देखते हुए जैसलमेर में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं. चांदन से पोकरण तक पूरे क्षेत्र को अस्थायी रूप से ‘नो-फ्लाई जोन' घोषित किया गया है. पुलिस, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और सीमा क्षेत्रों में अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है. दमदार प्रचंड हेलीकॉप्‍टर   एलसीएच प्रचंड भारत का पहला स्वदेशी रूप से डिजाइन एवं विकसित लड़ाकू हेलीकॉप्टर है, जिसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने बनाया है. यह हेलीकॉप्टर रेगिस्तान से लेकर ऊंचे पर्वतीय इलाकों तक विभिन्न भू-भागों में काम करने में सक्षम है और 5,000 मीटर से अधिक ऊंचाई पर भी संचालन कर सकता है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अक्टूबर 2022 में जोधपुर वायुसेना स्टेशन से ‘प्रचंड' में उड़ान भरी थी.  राफेल में भी उड़ान भर चुकी हैं राष्‍ट्रपति   राष्ट्रपति मुर्मू शुक्रवार शाम को पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में वायुसेना के क्षमता प्रदर्शन ‘वायु शक्ति' में शामिल होंगी. यह कार्यक्रम भारत-पाकिस्तान सीमा के पास आयोजित किया जा रहा है. राष्‍ट्रपति मुर्मू ने अक्टूबर 2023 में अंबाला वायुसेना स्टेशन पर राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान भरी थी, जिससे वह दो अलग-अलग लड़ाकू विमानों में उड़ान भरने वाली पहली भारतीय राष्ट्रपति बनीं. अप्रैल 2023 में उन्होंने तेजपुर वायुसेना स्टेशन (असम) पर सुखोई-30 एमकेआई में लगभग 30 मिनट की उड़ान भरी थी.