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ड्रग माफिया पर सरकार का वार, Bathinda में अवैध निर्माण ध्वस्त

बठिंडा. पंजाब में नशा विरोधी अभियान के तहत सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में बठिंडा के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अंतर्गत धोबियाना बस्ती में वीरवार को प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एनडीपीएस मामले के आरोपी की अवैध इमारत पर बुलडोजर चला दिया। यह निर्माण कमल गर्ग पुत्र रमेश कुमार द्वारा गैरकानूनी तरीके से किया गया था। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार संबंधित व्यक्ति को कई बार नोटिस जारी किए गए थे और अवैध कब्जा हटाने के निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके आरोपी ने न तो निर्माण हटाया और न ही प्रशासन के आदेशों का पालन किया। इसके बाद डिप्टी कमिश्नर कम मजिस्ट्रेट के निर्देशों पर सिविल प्रशासन ने पुलिस सुरक्षा के बीच कार्रवाई करते हुए इमारत को गिरा दिया। नशा तस्करी के चार मामले पहले से दर्ज बताया जा रहा है कि आरोपी के खिलाफ मादक पदार्थ से जुड़े कानून के तहत चार मामले पहले से दर्ज हैं। इस वजह से प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए सख्त कदम उठाया। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई पंजाब सरकार के ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान के तहत की गई है, जिसके अंतर्गत जिले में लगातार अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि नशे के खिलाफ इस अभियान में सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत संबंधित विभाग को दें। इसके लिए एंटी ड्रग हेल्पलाइन नंबर 97791-00200 और 91155-02252 जारी किए गए हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। अब तक 16 अवैध निर्माण गिराए जिला प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार बठिंडा में अब तक 16 अवैध निर्माणों को गिराया जा चुका है। इसके अलावा एक मार्च 2025 से अब तक 2418 मामले दर्ज किए गए हैं और 3458 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें 89 बड़े तस्कर भी शामिल हैं। वहीं वर्ष 2023 से अब तक 87 आरोपियों की करीब 14 करोड़ 21 लाख रुपये की संपत्ति जब्त या फ्रीज की जा चुकी है। प्रशासन का कहना है कि आने वाले समय में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी और नशा तस्करों के खिलाफ किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

पंजाब में नशे पर बड़ा वार: Amritsar से 71 किलो हेरोइन के साथ 2 आरोपी गिरफ्तार, ड्रोन भी जब्त

अमृतसर. पंजाब में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की तरफ से भेजी गई हेरोइन की बड़ी खेप के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। स्टेट स्पेशल आपरेशन सेल और बीएसएफ ने दो मामलों में कुल 71 किलो से अधिक हेरोइन, एक मारुति और एक ड्रोन बरामद किया है। आरोपितों ने माना कि यह खेप कुछ दिन पहले पाकिस्तानी तस्करों ने ड्रोन के जरिये भेजी थी। वे इसे आगे सप्लाई करने की योजना बना रहे थे। पहले मामले में पुलिस ने नाकाबंदी कर गांव माहल के पास दो तस्करों गांव अवान वसाउ के स्वर्ण सिंह और दयाल नगर निवासी शमशेर सिंह को 64 किलो हेरोइन सहित गिरफ्तार कर एक मारुति कार बरामद की। आरोपितों को शनिवार शाम न्यायाधीश गरिमा गुप्ता की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। एआईजी सुखमिंदर सिंह मान ने बताया कि यह खेप पुर्तगाल में बैठे हैंडलर ने पाकिस्तानी तस्कर मूसा के जरिये भिजवाई थी। 2019 में भारत पाकिस्तान सीमा पर कस्टम विभाग द्वारा पकड़ी गई 532 किलो हेरोइन के मामले में भी मूसा का नाम सामने आया था। दूसरे मामले में बीएसएफ ने भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित बीओपी पुल मोरां के पास एक बड़ा ड्रोन और सात किलो हेरोइन बरामद की। पुलिस ने अज्ञात आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज किया है। बरामद किए गए ड्रोन को जांच के लिए भेजा गया है। बता दें पहली जनवरी से लेकर अब तक सीमा पर कुल 48 ड्रोन बरामद हो चुके हैं।

ड्रग्स के खिलाफ पुलिस की सख्त स्ट्राइक, अफीम के साथ तस्कर काबू

लुधियाना. नशा तस्करों के विरुद्ध छेड़ी गई मुहिम के तहत लुधियाना पुलिस को उस समय बड़ी सफलता हाथ लगी, जब एक गुप्त सूचना के आधार पर की गई नाकेबंदी के दौरान आधा किलो अफीम बरामद की गई। पुलिस ने इस मामले में एक तस्कर को दबोच लिया है, जबकि उसका दूसरा साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में कामयाब रहा। मिली जानकारी के अनुसार एएसआई (ASI) जसविंदर सिंह अपनी पुलिस पार्टी के साथ 11 मार्च को इलाके में गश्त और संदिग्धों की चेकिंग के संबंध में रवाना थे। इसी दौरान पुलिस को एक मुखबिर खास ने पुख्ता सूचना दी कि कुछ तस्कर नशे की खेप लेकर गुजरने वाले हैं। सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने वेरका नहर पुल के नजदीक बिजली दफ्तर के पास घेराबंदी कर दी। पुलिस टीम ने मौके पर घेरा डालकर आरोपी कपिल खन्ना को काबू कर लिया। जब उसकी तलाशी ली गई, तो उसके कब्जे से 500 ग्राम अफीम बरामद हुई। हालांकि, इस कार्रवाई के दौरान उसका साथी सुरजीत सिंह पुलिस को चकमा देकर मौके से फरार होने में सफल रहा। पुलिस ने आरोपी कपिल खन्ना को हिरासत में लेकर दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फरार आरोपी सुरजीत सिंह की गिरफ्तारी के लिए पुलिस द्वारा संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह नशे की खेप कहां से लाई गई थी और इसे आगे किन ग्राहकों को सप्लाई किया जाना था।

सीमा पार से ड्रग्स तस्करी करने वाले को पंजाब की अदालत ने दी तीन साल की जेल

जालंधर  पंजाब की एक विशेष अदालत (पीएमएलए) ने सीमा पार से ड्रग्स तस्करी करने वाले एक व्यक्ति को तीन साल की कठोर कारावास और 10,000 रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के एक अधिकारी ने  यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि जालंधर के विशेष न्यायाधीश (पीएमएलए) ने सोमवार को अथर सईद को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत दोषी ठहराया। विशेष अदालत ने जांच एजेंसी द्वारा बरामद 17 लाख रुपए की अपराध से प्राप्त आय (पीओसी) को जब्त करने का भी आदेश दिया। ईडी के जालंधर कार्यालय ने यह जांच पंजाब पुलिस द्वारा अथर सईद और अन्य के खिलाफ सीमा पार मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। ईडी की जांच में पता चला कि अथर सईद सीमा पार हेरोइन की तस्करी में शामिल था और इस प्रकार उसने अपराध से प्राप्त धन (पीओसी) अर्जित किया। वह हेरोइन की तस्करी और उसके बाद प्रतिबंधित माल की बिक्री और मादक पदार्थों की तस्करी से प्राप्त धन की वसूली में शामिल था। इससे पहले 1 अप्रैल 2016 को पीएमएलए के प्रावधानों के तहत दो स्थानों पर तलाशी ली गई थी। इसके अलावा 21 मार्च 2018 के कुर्की आदेश के तहत अथर सईद से 17 लाख रुपए की चल संपत्ति जब्त की गई थी। जालंधर के विशेष न्यायाधीश (पीएमएलए) ने अपने फैसले में कहा कि अगर अथर सईद 10,000 रुपए का जुर्माना अदा करने में लापरवाही करते हैं, तो उन्हें तीन महीने कठोर कारावास की सजा भुगतनी होगी।

पुलिस से बचने के लिए बादल करता था ड्रग सप्लाई, मछली गैंग में इस्तेमाल होता था खास कोड

भोपाल  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में बहुचर्चित ड्रग्स कांड में बड़ा खुलासा हुआ है। दिल्ली का बादल मछली गैंग का सबसे बड़ा ड्रग सप्लायर है। पुलिस के बचने के लिए अलग अलग राज्यों के खास कोड के जरिए डील होती थी। यासीन के अंशुल और बादल के चैट्स मिले यासीन के अंशुल और अंशुल के बादल से चेट्स भी क्राइम ब्रांच को मिले हैं। सभी के बीच दो दर्जन से अधिक बार बैंक ट्रांजेक्शन भी हुए हैं। इन तमाम बातों का खुलासा यासीन और शाहवर मछली समेत 10 आरोपियों के खिलाफ 15 सितंबर को कोर्ट में पेश चालान से हुआ है।चालान में खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार सभी आरोपियों की काल डिटेल्स क्राइम ब्रांच ने निकाली हैं। बीते 6 महीने के भीतर इन सभी आरोपियों के बीच कई बार फोन पर बातचीत हुई है।दरअसल विशाल उर्फ बादल अरोरा मछली गैंग को सबसे अधिक ड्रग्स खपाता था। यासीन मछली का करीबी अंशुल भूरी नाइजीरियन गुर्गे के संपर्क रहता था। यासीन के अंशुल और अंशुल के बादल के चैट्स भी क्राइम ब्रांच पुलिस को मिले है। सभी के बीच दो दर्जन से अधिक बार बैंक ट्रांजक्शन भी हुए है। यासीन और शाहवर मछली समेत 10 आरोपियों के खिलाफ 15 सितंबर को कोर्ट में पेश हुआ। यह था मामला भोपाल में ड्रग्स तस्करों के गिरोह की धरपकड़ के बाद नशे के कारोबार और यौन शोषण का एक बड़ा नेटवर्क सामने आया था। यह नेटवर्क हिंदू लड़कियों के दुष्कर्म और वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करने वाले मुस्लिम युवाओं के गिरोह से भी जुड़ा हुआ है। आशू और सैफउद्दीन भोपाल में यासीन मछली के सबसे बड़े पैडलर थे। इनकी गिरफ्तारी के बाद ही पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ था। यासीन के मेमोरेंडम में चौंकाने वाले खुलासे यासीन ने अपने मेमोरेंडम में बताया है कि वो अंशुल उर्फ भूरी ड्रग्स की खेंप लाने के लिए भेजा करता था। अंशुल ड्रग्स विशाल उर्फ सावन अरेरा निवासी दिल्ली से लाता था। पूरी डील सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर ही कन्फर्म होती थीं। अंशुल का साथी अमन था जो ड्रग्स को लाने में उसकी मदद किया करता था। पुलिस को यासीन, अंशुल, विशाल और अमन के बीच बैंक ट्रांजेक्शन मिले हैं। विशाल इस मामले में फरार चल रहा है। पुलिस ने इस मामले में सैफुद्दीन, शाहरुख, यासीन मछली, शाहवर मछली, अंशुल, बेंचामत (नाइजीरियन), ओविन्ना (नाइजीरियन), अमन, लारिब उर्फ बच्चा, शाकिर के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया जा चुका है। इनके खिलाफ 6 अक्टूबर को आरोप तय करने पर बहस होगी। इन आरोपियों की नहीं हो सकी गिरफ्तारी ड्रग्स केस में आरोपी डॉ. रहमान मलिक, मोनिस, उमेर पट्टी, विशाल और सनव्वर अभी फरार चल रहे हैं। इनकी गिरफ्तारी के बाद इनके खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया जाएगा। आरोपी सनव्वर के भाई को ड्रग्स तस्करी में बनाया आरोपी पुलिस को आरोपी सनव्वर की तलाश थी। सनव्वर अपने भाई शाकिर के घर पर छिपा था। पुलिस जब उसकी तलाश में शाकिर के घर पहुंची, तो सनव्वर वहां से उनको भागता दिखा था, पीछा करने के बाद भी वह चकमा देने में कामयाब हो गया था। जिसके बाद पुलिस ने शाकिर के खिलाफ आरोपी को संरक्षण देने के लिए मामला दर्ज किया। इसके बाद आगे की जांच में शाकिर का कनेक्शन ड्रग्स के साथ पुलिस को मिला। जिसके बाद पुलिस ने उसे भी आरोपी बना दिया है। अलग-अलग राज्यों में होती थी डील पुलिस को चकमा देने के लिए आरोपी बादल ड्रग्स की डिलीवरी अलग-अलग राज्यों में अंशुल को दिया करता था। जिसमें प्रमुख तौर दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान शामिल हैं। सावन मूल रूप से पंजाब का ही रहने वाला है। एमडी ड्रग्स मामला:मछली समेत 10 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश राजधानी के चर्चित ड्रग्स मामले में यासीन और शाहवर मछली समेत 10 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया जा चुका है। इसमें खुलासा हुआ है कि यासीन और अन्य आरोपियों के बीच ड्रग्स सप्लाई को लेकर बैंकिंग ट्रांजेक्शन मिले हैं।