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होशियारपुर में पूर्व मंत्री सुंदर शाम के घर पर ED का छापा

होशियारपुर. कांग्रेस के पूर्व कैबिनेट मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा पर ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) और आयकर विभाग की टीम ने शिकंजा कसा है। बुधवार सुबह ईडी और आयकर विभाग की टीम ने होशियारपुर के जोधामल रोड स्थित उनके आवास पर दबिश दी। इस समय अरोड़ा घर में ही थे। घर को सील करके टीम ने अपनी कार्रवाई शुरू की। सुबह शुरू हुई कार्रवाई देर रात तक चलती रही। इस दौरान टीम ने अरोड़ा और उनके पारिवारिक सदस्यों को घर से बाहर नहीं जाने दिया। पता चला है कि चंडीगढ़ और जालंधर की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई को अंजाम दिया। रात आठ बजे के करीब एक गाड़ी अरोड़ा के घर में दाखिल हुई। उसमें गद्दे और कंबल थे। इससे साफ हो गया था कि केंद्रीय एजेंसियों की टीमें रात में अरोड़ा के घर ही रुकेंगी। सूत्रों के मुताबिक मनी लांड्रिंग की बात सामने आ रही है, जिसमें सात से आठ करोड़ रुपये से ज्यादा के लेन-देन की बात बताई जा रही है। भारत भूषण आशु भी मौके पर पहुंचे इसके अलावा जमीन के खरीद-फरोख्त से भी कुछ तार जुड़े नजर आ रहे हैं। ईडी की कार्रवाई के दौरान लुधियाना से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भारत भूषण आशु भी मौके पर पहुंचे लेकिन उन्हें अंदर नही जाने दिया तो वे वहीं से ही लौट गए। ईडी ने रिटायर्ड तहसीलदार वरिंदर सिंह धूत के खिलाफ मनी लांड्रिंग का मामला दर्ज किया था। करीब डेढ़ माह पहले धूत की मौत हो गई थी। बुधवार शाम को धूत के माल रोड स्थित आवास पर आयकर विभाग ने नोटिस चस्पा है जिस टीम ने नोटिस चस्पा है, वह टीम अरोड़ा के घर दबिश देने में शामिल है।सूत्रों के मुताबिक चूंकि धूत की मौत हो चुकी है। इसलिए ईडी की ओर से दर्ज एफआइआर रद होगी। इसलिए रिकवरी के लिए आयकर विभाग ने धूत की पत्नी के नाम से नोटिस चस्पा किया है।

सबरीमाला मंदिर से सोना चोरी मामले में तीन राज्यों में ईडी का छापा

नई दिल्ली. प्रवर्तन निदेशालय ने मंगलवार को सबरीमाला मंदिर से सोना चोरी के मामले में धन शोधन की जांच के तहत तीन राज्यों में तलाशी अभियान शुरू किया। यह जानकारी आधिकारिक सूत्रों के अनुसार है। उन्होंने आगे बताया कि केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में लगभग 21 स्थानों पर धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत छापेमारी की जा रही है। केरल उच्च न्यायालय की देखरेख में हो रही जांच बंगलूरू में मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी और त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) के पूर्व अध्यक्ष ए पद्मकुमार से जुड़े परिसरों को संघीय जांच एजेंसी द्वारा कार्रवाई के तहत शामिल किए जाने की आशंका है। ईडी ने हाल ही में केरल पुलिस की एफआईआर का संज्ञान लेते हुए पीएमएलए के तहत एक मामला दर्ज किया था। राजनीतिक रूप से संवेदनशील इस मामले की जांच केरल उच्च न्यायालय की देखरेख में राज्य की विशेष जांच टीम (एसआईटी) द्वारा पहले से ही की जा रही है। क्या है मामला यह जांच कई अनियमितताओं से संबंधित है, जिनमें आधिकारिक कदाचार, प्रशासनिक चूक और भगवान अयप्पा मंदिर की विभिन्न कलाकृतियों से सोना हड़पने की आपराधिक साजिश शामिल है। एसआईटी द्वारा की जा रही जांच मंदिर के द्वारपालक (संरक्षक देवता) की मूर्तियों की सोने से मढ़ी तांबे की प्लेटों और श्रीकोविल (गर्भगृह) के दरवाजों के फ्रेम से सोने की चोरी से संबंधित है। 

देशभर में ED का सर्च ऑपरेशन, करोड़ों की मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े 30 ठिकानों पर छापेमारी

रायपुर  प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रायपुर, मुंबई, नागपुर समेत देशभर में शुक्रवार को दबिश दी है. 30 से अधिक ठिकानों पर छापा पड़ा है. यह कार्रवाई सीबीआई में दर्ज निवेशकों से रियल एस्टेट निवेश फंड के जरिए धोखाधड़ी कर 2,434 करोड़ों रुपये की हेराफेरी मामले से जुड़ी हुई है. जानकारी के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपनी कार्रवाई का दायरा कई राज्यों तक फैलाया है. इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर, महाराष्ट्र के नासिक, कर्नाटक के बेंगलुरु और मुंबई के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की iR है. मुंबई में ईडी की टीम करीब 20 ठिकानों पर जांच कर रही है, जबकि रायपुर, नासिक और बेंगलुरु में लगभग 10 ठिकानों पर दबिश दी है. बताया जा रहा है कि जांच का मुख्य फोकस जय कॉर्प लिमिटेड के निदेशक और उद्योगपति आनंद जयकुमार जैन, उनकी सहयोगी कंपनियों और उनके व्यापारिक साझेदारों पर है.

ED ने कफ सिरप घोटाले में की बड़ी छापेमारी, 3 राज्यों के 25 ठिकानों पर चली कार्रवाई

लखनऊ उत्तर प्रदेश में कोडीन आधारित कफ सिरप (CBCS) के अवैध उत्पादन, तस्करी और सीमापार सप्लाई से जुड़े बड़े रैकेट पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को सख्त कार्रवाई की. ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच के तहत उत्तर प्रदेश, झारखंड और गुजरात में कुल 25 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है. तीन राज्यों में ईडी की छापेमारी न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक यह कार्रवाई लखनऊ, वाराणसी, जौनपुर और सहारनपुर के अलावा रांची और अहमदाबाद में भी चल रही है. ED ने यह मामला प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत दर्ज किया है. मामला उस समय बड़ा बना जब यूपी सरकार ने राज्य में कोडीन आधारित कफ सिरप के दुरुपयोग, अवैध निर्माण और तस्करी के कई मामलों पर संज्ञान लिया था. ED अधिकारियों के अनुसार, लगभग 30 एफआईआर यूपी पुलिस द्वारा दर्ज की गई थीं, जिनमें इस अवैध व्यापार का भंडाफोड़ हुआ था. जांच में सामने आया कि कफ सिरप को बड़े पैमाने पर गलत तरीके से तैयार किया जा रहा था और राज्य के बाहर ही नहीं, बल्कि बांग्लादेश सीमा तक इसकी अवैध ढुलाई की जा रही थी. मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल देश छोड़कर फरार जांच में सामने आए मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल के देश छोड़कर दुबई भागने की जानकारी भी मिली है. उसके पिता को यूपी पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया था. वहीं आलोक सिंह, अमित सिंह और अन्य सहयोगियों के ठिकानों पर भी छापेमारी चल रही है. इसके साथ ही एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) विष्णु अग्रवाल के परिसरों पर भी ED की कार्रवाई जारी है, जिन्हें रैकेट के वित्तीय लेनदेन में शामिल होने का आरोप है. ED अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में करीब 1,000 करोड़ रुपये की अवैध कमाई का संदेह है, जो मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए अलग-अलग खातों और संस्थाओं में घुमाया गया. यूपी पुलिस इस मामले में अब तक 32 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है और SIT गठित कर विशेष जांच कर रही है.

ईडी ने नरेश केजरीवाल के खिलाफ रांची, मुंबई और सूरत में चलाया छापा अभियान

रांची प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार सुबह झारखंड के चर्चित चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) नरेश केजरीवाल के ठिकानों पर फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (फेमा) के तहत बड़ी कार्रवाई की है. उनके रांची, मुंबई और सूरत के कुल 15 ठिकानों पर सुबह छह बजे से ईडी की टीमों ने एक साथ दबिश दी है. नरेश केजरीवाल कई प्रमुख राजनेताओं के वित्तीय मामलों को संभालते रहे हैं. विदेशों में अवैध रूप से धन निवेश और नियमों के उल्लंघन से जुड़े आरोपों के आधार पर यह कार्रवाई की जा रही है. ईडी की टीम रांची में चर्च कॉम्प्लेक्स स्थित केजरीवाल के कार्यालय के अलावा उनके आवासीय परिसरों की भी तलाशी ले रही है. फेमा के तहत की गई झारखंड में ईडी की यह पहली छापेमारी बताई जा रही है. जानकारी के मुताबिक, आयकर विभाग की ओर से पूर्व में की गई छापेमारी में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल डेटा मिले थे. इन्हीं तथ्यों के आधार पर ईडी ने फेमा के तहत जांच प्रारंभ की. प्रारंभिक जांच में सामने आया कि केजरीवाल और उनसे जुड़े व्यक्तियों की ओर से दुबई और अमेरिका समेत कुछ अन्य देशों में धन का निवेश किया गया है. जांच अधिकारियों को विदेशों में किए गए निवेश से जुड़े लेनदेन, कंपनियों और बैंक खातों के बारे में अहम जानकारी मिली है. ईडी का कहना है कि विदेशों में किए गए निवेश के दौरान निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया. प्रारंभिक जांच में कई ऐसे दस्तावेज मिले हैं, जो फेमा के प्रावधानों के उल्लंघन की ओर संकेत करते हैं. इसी आधार पर मंगलवार को बहु-राज्यीय कार्रवाई की गई. तलाशी के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, कंप्यूटर डेटा, विदेशी लेनदेन के कागजात और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जा रही है. 

अफीम तस्करी पर ईडी का शिकंजा, चार राज्यों में एक साथ कार्रवाई

जयपुर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अंतरराज्यीय ड्रग रैकेट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए शनिवार को राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA)-2002 के तहत चंडीगढ़ जोनल ऑफिस द्वारा की गई। ईडी ने इस ऑपरेशन में गोपाल लाल अंजना (चित्तौड़गढ़, राजस्थान), छिंदरपाल सिंह उर्फ केवल (हरियाणा), उनके भतीजे यादविंदर सिंह और अन्य आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दी। तलाशी के दौरान एजेंसी को आपत्तिजनक दस्तावेज, संपत्ति रिकॉर्ड, और करोड़ों रुपये की कीमत वाली दो आवासीय संपत्तियों व कई कृषि भूमि के प्लॉट मिले, जिन्हें जब्त कर लिया गया। जांच में खुलासा हुआ कि यह नेटवर्क अवैध अफीम व्यापार से अर्जित धन को वैध दिखाने (ब्लैक मनी रूटिंग) का काम करता था। ईडी का दावा है कि जब्त संपत्तियां “अपराध की आय” हैं, जो मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित की गईं। यह कार्रवाई हरियाणा पुलिस की एनडीपीएस एक्ट, 1985 के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई, जिसमें गोपाल अंजना, छिंदरपाल, यादविंदर, भोला सिंह और हरजीत सिंह के खिलाफ चार्जशीट दायर है। एजेंसी की जांच में पता चला कि गोपाल अंजना ने अपने परिवार को मिले वैध अफीम लाइसेंस का दुरुपयोग कर अवैध अफीम सप्लाई चेन बनाई। छिंदरपाल और यादविंदर ने उससे अफीम खरीदी और आगे भोला सिंह, जसमीत सिंह और हरजीत सिंह को बेची। ईडी अधिकारियों के अनुसार, यह नेटवर्क कई वर्षों से सक्रिय था। छिंदरपाल सिंह पहले भी एनडीपीएस एक्ट की धारा 17 और 18 के तहत दोषी ठहराया जा चुका है। अब ईडी इस पूरे रैकेट की मनी ट्रेल और अंतरराज्यीय फंडिंग चैनल्स की जांच कर रही है।  

ED की बड़ी कार्रवाई: 15 ठिकानों पर छापेमारी, 2 करोड़ कैश और विदेशी करेंसी बरामद

गुरुग्राम नया गुरुग्राम में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के पणजी जोनल कार्यालय ने 28 और 29 सितंबर 2025 को विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) 1999 के तहत बड़ी कार्रवाई की। यह छापामारी गोवा, दिल्ली-एनसीआर, मुंबई और राजकोट स्थित 15 ठिकानों पर की गई। यह कार्रवाई मेसर्स गोल्डन ग्लोब होटल्स प्रा लि, मेसर्स वर्ल्डवाइड रिज़ॉर्ट्स एंड एंटरटेनमेंट प्रा लि. और गोवा के बिग डैडी कसीनो से जुड़े मामलों में हुई। ईडी की तलाशी में लगभग 2.25 करोड़ नकद, 14,000 अमेरिकी डॉलर, और अन्य विदेशी मुद्रा करीब 8.50 लाख के बराबर जब्त किए गए। वहीं, जांच में पता चला कि कसीनो में ग्राहकों को विदेशी मुद्रा के बदले पोकर चिप्स दिए जाते थे और जीत की राशि भी विदेशी मुद्रा में लौटाई जाती थी। जांच में यह भी सामने आया कि पोकर खिलाड़ियों के क्रिप्टो वॉलेट्स का इस्तेमाल लेन-देन के लिए किया जा रहा था। अंगड़िया सेवाओं और क्रिप्टो वॉलेट्स के जरिए दुबई सहित कई देशों में यूएसडीटी ट्रांसफर किए जाते थे। साथ ही कई म्यूल अकाउंट्स का इस्तेमाल जुए की रकम जमा और निकालने के लिए किया जा रहा था जिसे बाद में विदेशों में भेजा जाता था। वहीं, कार्रवाई के दौरान 90 लाख से अधिक मूल्य के यूएसडीटी (क्रिप्टोकरेंसी) को फ्रीज किया गया। साथ ही कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल सबूत जब्त किए गए हैं, जिनसे फेमा के उल्लंघन और हवाला/क्रिप्टो लेन-देन की पुष्टि होती है। ईडी के अनुसार, मामले की आगे की जांच जारी है।

पाथ ग्रुप पर ED का शिकंजा, अनिल अंबानी केस से कनेक्शन और करोड़ों की हेराफेरी की जांच

इंदौर  प्रदेश के औद्योगिक शहर इंदौर में मंगलवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय ने छापामार कार्रवाई की है। ईडी ने पाथ इंडिया ग्रुप के ठिकानों पर अचानक रेड की है। तड़के करीब 6 बजे ईडी की टीम पांच से छह गाड़ियों के साथ महू स्थित बंगला नंबर 76 और शहर के अन्य ठिकानों पर पहुंची। टीम ने ग्रुप से जुड़े कार्यालयों और निदेशकों के आवासों में तलाशी अभियान शुरू किया। मीडिया को छापामारी स्थल पर प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। कौन हैं पाथ ग्रुप के डायरेक्टर पाथ इंडिया लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर नितिन अग्रवाल हैं। कंपनी में निपुण अग्रवाल, सक्षम अग्रवाल, नीति अग्रवाल और संतोष अग्रवाल डायरेक्टर हैं। इसके अलावा आशीष अग्रवाल और आदित्य उपाध्याय को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर जोड़ा गया है। साथ ही कंपनी की मैनेजमेंट टीम में राजेश झमानी (सीनियर जनरल मैनेजर), संजय कुमार बोरसे (जीएम), जेपी मिश्रा (सीजीएम एचआर एंड एडमिन), नुकुंज परमार (जीएम फाइनेंस), मनीष शर्मा (जीएम टोल ऑपरेशन), अनुज गोयल (जीएम कॉन्ट्रैक्ट्स), अनुराग सुराना (सीनियर जीएम मैकेनिकल), हेमंत गर्ग (सीएस), विशाल मुदगल (जीएम मार्केटिंग), नवनीत शर्मा, सुलतान अहमद खान और असरफ हुसैन कुरैशी (चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर) शामिल हैं। ईडी ने इन सभी से जुड़े दस्तावेजों और लेन-देन की गहन जांच शुरू कर दी है। अनिल अंबानी केस से जुड़ रही कड़ी सूत्रों का कहना है कि यह छापेमारी अनिल अंबानी से संबंधित बैंक लोन घोटाले की जांच का हिस्सा है। जानकारी के मुताबिक अंबानी की एक कंपनी और पाथ ग्रुप के बीच कई निर्माण परियोजनाओं को लेकर करार हुए थे। ईडी को शक है कि इन समझौतों के बहाने करोड़ों रुपए की हेराफेरी की गई। 10 साल पहले भी पड़ी थी रेड करीब दस साल पहले भी पाथ ग्रुप पर आयकर विभाग ने दबिश दी थी। तब खुलासा हुआ था कि राजस्थान में एक हाईवे निर्माण प्रोजेक्ट का ठेका अनिल अंबानी की कंपनी को मिला था। जिसे पाथ ग्रुप को सब-कॉन्ट्रैक्ट के रूप में सौंपा गया। इस दौरान दो अलग-अलग अनुबंध सामने आए थे। आरोप था कि सीक्रेट एग्रीमेंट के जरिए अतिरिक्त रकम को अलग-अलग कंपनियों के माध्यम से बाहर भेजा गया। बाद में दुबई से वापस भारत लाया गया।