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योगी सरकार की सख्ती का असर, पूरे यूपी में शांति और नियमों के बीच मनी बकरीद

 चंदौली/संभल/आगरा/अयोध्या उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में मुस्लिम समुदाय के अकीदतमंदों ने ईदगाहों और मस्जिदों के भीतर बकरीद की नमाज शांतिपूर्ण ढंग से अदा की. राज्य सरकार की सख्त गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित कराने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी ड्रोन कैमरों, सीसीटीवी और भारी बल के साथ मुस्तैद रहे. चंदौली, अयोध्या, हापुड़, संभल, औरैया, कौशांबी, गाजीपुर, फिरोजाबाद, सुल्तानपुर, सहारनपुर और आगरा में तैनात मजिस्ट्रेटों की निगरानी में खुले में कुर्बानी और सड़कों पर नमाज को पूरी तरह रोका गया. नमाजियों ने मुल्क में भाईचारे, तरक्की और खुशहाली की सामूहिक दुआएं मांगीं और सुरक्षा व्यवस्था के बीच एक-दूसरे को गले लगाकर त्योहार की मुबारकबाद दी। चंदौली में ड्रोन कैमरों से नजर और गाइडलाइन का पालन चंदौली में बकरीद का त्योहार बेहद हर्षोल्लास और शांति के साथ संपन्न हुआ. सुबह होते ही लोग ईदगाह और मस्जिदों की तरफ बढ़े और नमाज अदा की. जिले में तकरीबन 280 से अधिक चिन्हित स्थानों पर नमाज का आयोजन किया गया था. इमाम और नमाजियों ने बताया कि सरकार द्वारा जारी सभी निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन किया गया. चंदौली के एसपी आकाश पटेल ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी ईदगाहों पर भारी फोर्स तैनात की गई थी और संवेदनशील इलाकों पर ड्रोन कैमरों से पैनी नजर रखी गई थी। रामनगरी अयोध्या में शांतिपूर्ण माहौल और आला अफसरों की मौजूदगी रामनगरी अयोध्या में भी बकरीद का पर्व पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ. शहर के सिविल लाइन स्थित मुख्य ईदगाह में बड़ी संख्या में पहुंचे नमाजियों ने अकीदत के साथ सजदा किया. शासन के सख्त निर्देशों के कारण नमाज केवल मस्जिदों और ईदगाह परिसर के भीतर ही संपन्न कराई गई. सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए डीएम शशांक त्रिपाठी और एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर स्वयं सुबह से मौके पर डटे रहे. नगर निगम की तरफ से ईदगाह परिसर में विशेष साफ-सफाई और पेयजल की मुकम्मल व्यवस्था की गई थी। हापुड़ में अलर्ट मोड पर पुलिस और 57 मस्जिदों में नमाज हापुड़ जिले में बकरीद की नमाज को लेकर सुबह से ही पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आया. शहर के मुख्य ईदगाह सहित करीब 57 मस्जिदों में अलग-अलग निर्धारित समय पर अकीदतमंदों ने नमाज अदा की और देश में खुशहाली की मन्नतें मांगीं. पूरे क्षेत्र को सुरक्षित रखने के लिए चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था. सुरक्षा चक्र को मजबूत बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी कविता मीणा और पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानंजय सिंह खुद अपनी टीम के साथ मौके पर मुस्तैद दिखाई दिए। फर्रुखाबाद में भाईचारे की मिसाल और अफसरों का गश्त फर्रुखाबाद में भी बकरीद का पावन त्योहार अमन, चैन और आपसी भाईचारे के संदेश के साथ संपन्न हो गया. जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों को मिलाकर कुल 229 स्थानों पर सुबह से ही नमाजियों की भारी भीड़ जुटने लगी थी. सभी ईदगाहों और मस्जिदों में नमाज अदा कर देश की तरक्की और समृद्धि के लिए विशेष दुआएं मांगी गईं. जिले के आला प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी लगातार क्षेत्रों में भ्रमण करते रहे. अधिकारियों ने नमाजियों को त्योहार की बधाई दी और आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की। संभल में इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम से निगरानी और जोनल व्यवस्था संभल जिले में बकरा ईद की नमाज को सकुशल संपन्न कराने के लिए कड़े प्रशासनिक प्रबंध देखने को मिले. पूरे जिले को 5 जोन और 16 सेक्टर में विभाजित किया गया था, जहां प्रत्येक सेक्टर में पुलिस के साथ मजिस्ट्रेट तैनात रहे. जिले के कुल 828 स्थलों पर नमाज शांतिपूर्ण ढंग से हुई और 14 निर्धारित स्थानों पर ही कुर्बानी की गई. तीन कंपनी पीएसी और आरआरएफ की तैनाती के साथ-साथ, ढाई सौ से अधिक सीसीटीवी कैमरों के जरिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से संवेदनशील मिश्रित आबादी वाले इलाकों की निगरानी की गई। संभल में सोशल मीडिया पर नजर और अधिकारियों की मुस्तैदी संभल के डीएम अंकित खंडेलवाल और एसपी केके बिश्नोई के अलावा एएसपी, सीओ और एसडीएम सुबह से ही क्षेत्र में गश्त पर रहे. प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि सड़कों पर नमाज न हो और खुले में कुर्बानी न दी जाए. इसके अलावा, शांति व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम इंटरनेट पर कुर्बानी के वीडियो या भड़काऊ पोस्ट डालने वालों पर पैनी नजर रख रही थी. खुफिया विभाग को भी पूरी तरह सक्रिय रखा गया ताकि किसी भी तरह के अफवाह को तुरंत रोका जा सके। औरैया में हजरत बाबा शाह जमाल शाह ईदगाह पर उमड़ी भीड़ औरैया जिले में ईद उल अजहा का पर्व पूरे श्रद्धा भाव और उल्लास के साथ मनाया गया. सुबह से ही शहर काजी अब्दुल समद मियां चिश्ती की इमामत में हजरत बाबा शाह जमाल शाह स्थित मुख्य ईदगाह में हजारों की तादाद में मुस्लिम समुदाय के लोग नमाज अदा करने पहुंचे. नमाज मुकम्मल होने के बाद मुल्क में अमन और खुशहाली की दुआएं मांगी गईं और लोगों ने गले मिलकर मुबारकबाद दी. जिला और पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी के चलते ईदगाह और उसके आसपास के सभी इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे। कौशांबी में चार सुपर जोन और संवेनशील क्षेत्रों पर पहरा यूपी के कौशाम्बी जिले में भी बकरीद का त्योहार भाईचारे और सौहार्दपूर्ण वातावरण के बीच मनाया गया. जिले की 84 ईदगाहों और 282 मस्जिदों में अकीदतमंदों ने नमाज अदा की. जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पूरे जिले को 4 सुपर जोन और 39 सेक्टरों में बांट रखा था. इन सभी सेक्टरों में भारी संख्या में पुलिस बल, पीएसी और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई थी. संवेदनशील माने जाने वाले इलाकों में विशेष सतर्कता बरती गई, जिससे पूरा त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से निपट गया। गाजीपुर में 550 स्थानों पर नमाज और बच्चों को मिली टॉफी गाज़ीपुर जनपद में जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला और पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा की मौजूदगी में बकरीद का त्योहार शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ. जिलाधिकारी के अनुसार, जनपद की लगभग 350 मस्जिदों और 150 ईदगाहों समेत कुल 550 स्थानों पर नमाज अदा की गई. शहर के विशेश्वरगंज स्थित मुख्य ईदगाह पर पहुंचे दोनों आला अधिकारियों ने नमाजियों को त्योहार की बधाई दी और नमाजी बच्चों के बीच टॉफियां बांटीं. शासन के निर्देशों के क्रम में जिले में … Read more

ईद सेलिब्रेशन में दिखी खास दोस्ती: आमिर खान ने राज ठाकरे को ऐसे किया विदा, वीडियो वायरल

मुंबई आज 21 मार्च को ईद मनाई जा रही है। इस त्योहार पर बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान के घर खूब रौनक देखी गई है। कई फिल्मी हस्तियां उनके आवास पर पहुंचीं। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के अध्यक्ष राज ठाकरे भी आमिर के घर पहुंचे। ईद की बधाई देने के बाद राज ठाकरे जब अपने घर लौटे तो उन्हें विदा करने आमिर खान नंगे पैर ही अपने घर से निकल आए। राज ठाकरे को विदा करने नंगे पैर चले आए आमिर आमिर खान का एक वीडियो सामने आया है। इसमें देखा जा सकता है कि एमएनएस चीफ राज ठाकरे आमिर खान को गले मिलकर ईद की बधाई दे रहे हैं। राज ठाकरे जब कार में बैठकर वहां से रवाना हो गए तो आमिर ने पैपराजी को पोज दिए। वे सफेद कुर्ता पाजामा में नजर आ रहे हैं। इस दौरान वे नंगे पैर हैं।   सपरिवार पहुंचे राज ठाकरे ईद के अवसर पर राज ठाकरे अपने परिवार के साथ आमिर खान के घर पहुंचे। राज ठाकरे की पत्नी भी नजर आईं। राज ठाकरे सफेद कुर्ता पाजामा में नजर आए। इस वायरल वीडियो पर आमिर खान के फैंस भी उन्हें ईद की बधाई दे रहे हैं।   आमिर खान का वर्क फ्रंट आमिर खान के वर्क फ्रंट की बात करें तो उन्हें बीते वर्ष फिल्म 'सितारे जमीन पर' में देखा गया था। वहीं, इस साल वे 'हैप्पी पटेल-खतरनाक जासूस' में नजर आए। दोनों ही फिल्में आमिर खान के प्रोडक्शन की हैं। आमिर अब 'लाहौर 1947' को लेकर चर्चा में हैं। सनी देओल की इस फिल्म का निर्माण आमिर कर रहे हैं।  

मथुरा में ईद पर हिंसा, गौ-सेवक की मौत से भड़का गुस्सा, दिल्ली-आगरा हाईवे जाम, पुलिस ने चलाईं रबड़ गोलियां

 मथुरा  उत्तर प्रदेश के मथुरा में कथित गौ रक्षक 'फरसा वाले बाबा’ नाम से मशहूर चंद्रशेखर की गाड़ी से कुचलकर मौत हो गई। जिससे इलाके में तनाव फैल गया है। जानकारी के मुताबिक फरसा वाले बाबा गौ-तस्करों का पीछा कर रहे थे। इस दौरान कोहरे के कारण पीछे से आ रहे वाहन ने उन्हें कुचल दिया। इस घटना से आक्रोशित लोगों ने दिल्ली-आगरा हाईवे जाम कर दिया। वहीं, सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन भी मौके पर पहुंची और लोगों को समाझाने की कोशिश की। लेकिन जब देखते ही देखते हालात बिगड गए और प्रदर्शनकारियों ने पथराव शुरू कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने पहुंची पुलिस को भीड़ को काबू करने के लिए रबड़ की गोलियां चलानी पड़ीं।। कान्हा की नगरी ब्रज में ईद वाले दिन बवाल मच गया. आरोप है कि मथुरा के थाना कोसीकलां के अंतर्गत कोटवन चौकी क्षेत्र के नवीपुर में बीती रात विख्यात गौ-सेवक चंद्रशेखर उर्फ ‘फरसा वाले बाबा’ की गाड़ी से कुचलकर हत्या कर दी. जबकि एसएसपी ने कोहरे को टक्कर की वजह बताई है. इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है और तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है. इस दौरान गुस्साए लोगों ने दिल्ली-आगरा हाईवे पर जाम लगा दिया. जाम के चलते हाईवे पर वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं और यातायात कई घंटे प्रभावित रहा । जानकारी के मुताबिक घटना कोसीकलां थाना क्षेत्र के नवीपुर इलाके की है। फरसे वाले बाबा को क्षेत्र में गौ-तस्करों की सक्रियता की सूचना मिली थी। इसके बाद वह अपनी टीम के साथ आरोपियों का पीछा कर रहे थे। नवीपुर के पास पीछे से आ रही गाड़ी ने उन्हें टक्कर मारते हुए कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। कौन हैं फरसा वाले बाबा? मथुरा के ‘फरसा वाले बाबा’ का नाम चंद्रशेखर था, जो ब्रज क्षेत्र में एक प्रसिद्ध और निडर गौ रक्षक थे. वे हमेशा हाथ में फरसा लेकर गौ-वंश की रक्षा करते थे. गौरक्षा आंदोलन का प्रमुख चेहरा थे और वे प्रखर गौरक्षक व संत के रूप में जाने जाते थे. मथुरा के अंजनोक में वे प्रवास करते थे. वे निडर होकर गौ रक्षा में लगे रहते थे और ब्रज में उनकी काफी लोकप्रियता थी।  हाईवे पर जाम लगने से फंसे वाहनों पर हुआ पथराव वहीं जैसे-जैसे भीड़ जुटती गई, आक्रोश बढ़ता गया. इस दौरान आगरा दिल्ली हाईवे पर आक्रोशित भीड़ ने पथराव करना शुरू कर दिया. अचानक हुआ पथराव से भगदड़ मच गई. हाईवे पर जाम लगने से फंसे वाहनों पर हुआ पथराव से लोग सहम गए. पुलिस ने मोर्चा संभाला, लेकिन भीड़ के आगे पुलिसकर्मियों के कदम भी पीछे हट गए।  हजारों की संख्या में ग्रामीण और गौ-भक्त जमा बाबा का पार्थिव शरीर उनके गांव अंजनोख स्थित बाबा की गोशाला पहुंचा, जहां हजारों की संख्या में ग्रामीण और गौ-भक्त जमा हैं. बाबा ‘फरसा वाले’ अपने निडर स्वभाव और गौ-वंश की रक्षा के लिए ब्रज क्षेत्र में काफी लोकप्रिय थे. उनकी हत्या की खबर फैलते ही हिंदूवादी संगठनों और गौ-सेवकों में भारी रोष व्याप्त है।  एक आरोपी पकड़ा गया, तीन फरार स्थानीय लोगों ने मौके से एक मुस्लिम युवक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया, जबकि तीन आरोपी वारदात के बाद फरार होने में सफल रहे. पुलिस टीम उनकी तलाश में जुटी है।  गौ रक्षक की हत्या के बाद क्षेत्र में स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई। पूरे इलाके में शोक के साथ-साथ भारी आक्रोश फैल गया। घटना के विरोध में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और मुख्य मार्गों पर जाम लगा दिया। प्रदर्शन के दौरान हालात उस समय और बिगड़ गए, जब कुछ लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर पहुंची पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए रबर की गोलियां चलानी पड़ीं। बताया जा रहा है कि डीआईजी द्वारा समझाने के प्रयासों के बावजूद प्रदर्शनकारी शांत नहीं हुए। जाम के कारण हाईवे पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया, जिसमें विदेशी नागरिक भी फंसे रहे। कई वाहन चालक गलत दिशा से निकलने की कोशिश करते नजर आए, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया।इस दौरान उग्र भीड़ ने एडीएम प्रशासन की गाड़ी को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। स्थिति को देखते हुए क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और हालात पर नजर रखी जा रही है।

भोपाल में ईद के बाद नारे – अमेरिका-इजराइल मुर्दाबाद, सुन्नी और शिया मस्जिदों में अलग-अलग आयोजन

 भोपाल  ईद की नमाज के बाद भोपाल में शिया समुदाय ने अमेरिका और इजराइल के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। नमाज अदा करने के बाद सड़कों और इमामबाड़ा परिसर में “अमेरिका-इजराइल मुर्दाबाद” के नारे गूंज उठे। शिया समुदाय के लोग काली पट्टी बांधकर सादे और पुराने कपड़ों में इमामबाड़ा पहुंचे और इस बार ईद को शोक के साथ मनाने का फैसला किया। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर शिया समुदाय पूरे देश में गम में डूबा हुआ है। भोपाल में भी राष्ट्रीय मुस्लिम त्यौहार कमेटी और स्थानीय शिया संगठनों ने ‘काली ईद’ का ऐलान कर दिया। लोगों ने ईद की रौनक छोड़कर सादगी अपनाई नए कपड़े नहीं पहने, घरों में पारंपरिक स्वीट्स नहीं बनाईं और नमाज के दौरान काली पट्टी बांधकर शोक जताया। भोपाल में शिया समुदाय ने फतेहगढ़ इमामबाड़ा में काली ईद मनाई। नमाज के बाद में अमेरिका और इजराइल के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। लोग काली पट्टी बांधकर सादे और पुराने कपड़ों में पहुंचे, जिससे गम का माहौल दिखा। इमामबाड़ा में आयतुल्लाह अली खामेनेई की तस्वीर रखकर श्रद्धांजलि दी गई। तकरीर में मौलाना राजी उल हसन ने जुल्म के खिलाफ खड़े होने की बात कही। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी के रुख का जिक्र करते हुए उनके विचारों की सराहना भी की। इसके अलावा फतेहगढ़ इमामबाड़ा में भी काली पट्टी बांधकर ईद मनाई गई। करौंद स्थित शिया जामा मस्जिद और अन्य इमामबाड़ों में ईद की नमाज के बाद श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित हुईं। इमाम मौलाना अजहर हुसैन रिजवी ने कहा, “खामेनेई साहब जालिम के खिलाफ और मजलूम के साथ खड़े रहने वाले निडर रहबर थे। उनकी शहादत से उम्मत-ए-मुसलमान खुद को यतीम महसूस कर रही है, लेकिन शहादत विचारधारा को कमजोर नहीं करती, बल्कि मजबूत बनाती है।” इमाम बाकर हुसैन ने भी संबोधित करते हुए कहा, “पूरी दुनिया जानती है कि उन्होंने जुल्म के खिलाफ आवाज उठाई और इस्लामी इंकलाब के सिद्धांतों को आगे बढ़ाया। इतिहास गवाह है कि एक व्यक्ति की शहादत से आंदोलन नहीं रुकता।” सभा में खामेनेई जिंदाबाद, अमेरिका मुर्दाबाद और इजराइल मुर्दाबाद के नारे लगे। शिया समुदाय के नेताओं ने तीन दिवसीय शोक की घोषणा की है। उन्होंने अपील की कि ईद की नमाज सादगी से अदा की जाए और फिलिस्तीन-ईरान के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ एकजुट रहा जाए। भोपाल के अलावा इंदौर, दिल्ली, लखनऊ और अन्य शहरों में भी इसी तरह का मातम देखा जा रहा है।  

खंडवा में ईद जुलूस के मौके पर हंगामा, हिंदू संगठनों ने किया प्रदर्शन

 खंडवा  खालवा के खारकला में शुक्रवार को ईद मिलादुन्नबी के जुलूस के दौरान तनाव की स्थिति बन गई। जानकारी अनुसार जमानत पर रिहा मुबारिक पुत्र मेहबूब ने बजरंग दल कार्यकर्ता विजय बागड़ा को घर के सामने धमकाने का प्रयास किया। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही हिंदू संगठनों ने आक्रोश जताते हुए खंडवा-खालवा मार्ग को चार घंटे तक जाम रखा। सैकड़ों की संख्या में महिलाएं और पुरुष धरने पर बैठे रहे और पुलिस कार्रवाई की मांग करते रहे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत किया सूचना पर हरसूद एसडीएम आर.सी. खतेडिया, एसडीओपी लोकेन्द्र सिंह खालवा तहसीलदार राजेश कोचले नायव तहसीलदार विनोद यादव व रोशनी चौकी पुलिस मौके पर पहुंचे। उन्होंने संगठन पदाधिकारियों व ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति को समझा। मुस्लिम समुदाय ने निकाला था जुलूस विजय बागड़ा ने बताया कि 13 जून 2024 को उनके भाई विनोद बागड़ा पर मुबारिक ने हमला किया था। इस मामले में खालवा थाने में धारा 307 के तहत प्रकरण दर्ज हुआ था, जिसके बाद आरोपी जमानत पर रिहा है। विजय ने आरोप लगाया कि मुस्लिम समुदाय का जुलूस जानबूझकर उनके घर के सामने से निकाला गया, जबकि इससे पहले कभी इस गली से जुलूस नहीं निकला।  

रायपुर में त्योहारों पर सख्ती, CCTV से निगरानी और एक्स्ट्रा फोर्स तैनात, DJ-पटाखे बैन

रायपुर   रायपुर में गणेश विसर्जन और ईद मिलाद-उन-नबी पर जिला प्रशासन ने डीजे और पटाखों पर बैन लगा दिया है। शांति समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया है। बैठक में बताया गया कि चौक-चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती होगी। साथ ही हुड़दंगियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।  एडीएम उमाशंकर बंदे और एएसपी लखन पटले ने समाज प्रमुखों से बातचीत करते हुए कहा कि, लोग परंपराओं और उत्साह के साथ त्योहार मनाएं, लेकिन शांति और भाईचारा बनाए रखना सबसे अहम है। एएसपी ट्रैफिक प्रशांत शुक्ला और अन्य विभागीय अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे। शांति भंग करने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह की मौजूदगी में बैठक आयोजित की गई, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया। ईद मिलाद-उन-नबी पर भी जिला प्रशासन ने DJ और पटाखों पर बैन लगा दिया है। ईद मिलाद-उन-नबी 4 या 5 सितंबर को मनाई जाएगी। शांति समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया है। एडीएम उमाशंकर बंदे और एएसपी लखन पटले ने समाज प्रमुखों से बातचीत करते हुए कहा कि लोग परंपराओं और उत्साह के साथ त्योहार मनाएं इस दौरान शांति और भाईचारा बनाए रखना सबसे अहम है। एएसपी ट्रैफिक प्रशांत शुक्ला और अन्य विभागीय अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे। DJ और पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध एएसपी लखन पटले ने कहा कि जुलूस के दौरान समय का विशेष ध्यान रखा जाएगा। डीजे का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इस बार जुलूस में पटाखों का भी इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए रूट तय किए गए हैं। हुड़दंगियों पर होगी सख्त कार्रवाई पुलिस ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान हुड़दंग और शांति भंग करने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। जिले के सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र में शांति समिति और स्थानीय नागरिकों के साथ बैठक करें। यह बैठक न केवल थानों में बल्कि मोहल्लों, कॉलोनियों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में भी ली जाए। जिले के सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र में शांति समिति और स्थानीय नागरिकों के साथ बैठकें करें। यह बैठकें न केवल थानों में बल्कि मोहल्लों, कॉलोनियों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में भी ली जा जाए। त्योहारों के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर सभी चौक-चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। पुलिस बल हर गतिविधि पर पैनी नजर रखेगा। इसके अलावा, सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी रखी जाएगी। ताकि किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। पुलिस ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान हुड़दंग और शांति भंग करने की अधिकारियों ने कहा कि गणेश विसर्जन और ईद-ए-मिलाद दोनों पर्व सौहार्दपूर्ण माहौल में भाईचारे के साथ मनाए जाएं। त्योहारों में शांति और ख़ुशी का माहौल बनाये रखना हर समुदाय की जिम्मेदारी है. हर चौक-चौराहे पर अतिरिक्त बल तैनात त्योहारों के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर सभी चौक-चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। पुलिस बल हर गतिविधि पर पैनी नजर रखेगा। इसके अलावा, सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी रखी जाएगी ताकि किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। अधिकारियों ने कहा कि गणेश विसर्जन और ईद-ए-मिलाद दोनों पर्व सौहार्दपूर्ण माहौल में भाईचारे के साथ मनाए जाएं। त्योहारों की खुशी में शांति और सुरक्षा का ध्यान रखना सभी की जिम्मेदारी है।