samacharsecretary.com

बिहार से सकारात्मक संदेश, सम्राट चौधरी ने जनादेश का किया स्वागत

पटना चार राज्यों के चुनाव परिणाम आने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। पार्टी के राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा ने इसे ‘तुष्टिकरण की राजनीति के अंत’ का संकेत बताया। वहीं बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पश्चिम बंगाल की जनता को ऐतिहासिक जनादेश के लिए बधाई दी। सम्राट चौधरी ने कही ये बात बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, “जहां पैदा हुए श्यामा प्रसाद मुखर्जी, वो बंगाल हमारा है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को ऐतिहासिक जनादेश देने के लिए बंगाल की जागरूक और राष्ट्रनिष्ठ जनता का हृदय से कोटि-कोटि अभिनंदन। भारत माता की जय!” ऋतुराज सिन्हा का बड़ा बयान बीजेपी के राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा ने पश्चिम बंगाल समेत चार राज्यों के चुनाव नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत की राजनीति से अब ‘वोट बैंक’ और ‘तुष्टिकरण’ का दौर हमेशा के लिए खत्म हो चुका है। ममता बनर्जी पर हमला उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की सत्ता से विदाई इस बात का प्रमाण है कि जनता अब उस मॉडल को स्वीकार नहीं करेगी, जहां अल्पसंख्यक तुष्टिकरण के नाम पर बहुसंख्यक समाज के साथ दोहरा व्यवहार किया जाता है। ऋतुराज सिन्हा ने कहा कि बंगाल की माताओं-बहनों ने अपनी असुरक्षा और युवाओं ने अपने भविष्य के साथ हुए खिलवाड़ का हिसाब ‘वोट की चोट’ से चुका दिया है। उन्होंने तमिलनाडु और केरल का जिक्र करते हुए कहा कि जो लोग ‘सनातन धर्म’ और भारतीय संस्कृति का अपमान कर अपनी राजनीति कर रहे थे, उन्हें जनता ने कड़ा सबक सिखाया है। उनके अनुसार दक्षिण भारत अब परिवारवाद और छद्म धर्मनिरपेक्षता से बाहर निकलकर राष्ट्रवाद की मुख्यधारा से जुड़ रहा है। इंडी गठबंधन पर प्रहार ऋतुराज सिन्हा ने कहा कि यह प्रचंड जनादेश ‘इंडी गठबंधन’ के उन दलों के लिए करारा जवाब है, जो जाति और धर्म के नाम पर समाज को बांटने की राजनीति करते रहे हैं। सुशासन बनाम विभाजनकारी राजनीति उन्होंने कहा कि देश की जनता ने साफ संदेश दिया है कि उन्हें विभाजनकारी राजनीति नहीं, बल्कि सुरक्षित माहौल और सुशासन चाहिए। ऋतुराज सिन्हा ने कहा कि जो दल ‘वोट जिहाद’ जैसे हथकंडों पर भरोसा कर रहे हैं, उन्हें समझ लेना चाहिए कि अब देश में वही टिकेगा जो “सबका साथ, सबका विकास” के रास्ते पर चलेगा। उन्होंने अंत में कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति का अध्याय अब इस देश में हमेशा के लिए बंद हो चुका है।  

विधानसभा चुनाव 2026: बंगाल-असम में BJP की जीत, केरल में कांग्रेस-यूडीएफ मजबूत

नई दिल्ली पश्चिम बंगाल में भाजपा पहली बार सत्ता पाने वाली है। उसे विधानसभा चुनाव में अब तक 198 सीटों पर बढ़त मिल चुकी है। इसके अलावा असम में भाजपा लगातार तीसरी बार सत्ता में आई है। यही नहीं भाजपा की इस लहर का मोमेंटम केरल तक में दिखा है। दक्षिण भारत के इस राज्य में भाजपा लंबे समय से अपनी पैठ जमाने की कोशिश करती रही है, लेकिन सफल नहीं हुई है। इस बार विधानसभा चुनाव में उसे कुछ उम्मीद दिख रही है और अब तक उसके दो कैंडिडेट जीत चुके हैं। इन कैंडिडेट्स में से एक वी. मुरलीधरण भी हैं, जो कजाकुट्टम सीट से सीपीएम के कैंडिडेट के. सुरेंद्रन से जीत गए। उन्होंने 18 राउंड तक चली काउंटिंग में 428 वोटों से जीत हासिल की है। इसके अलावा नमोम सीट से पूर्व सांसद राजीव चंद्रशेखर ने भी जीत हासिल की है। इस तरह भाजपा ने बंगाल और असम के बाद केरल में भी इतिहास रच दिया है। बंगाल में उसे पहली बार सत्ता मिली है तो वहीं असम में पहले से ज्यादा बड़ी जीत के साथ भाजपा को लगातार तीसरी बार सत्ता मिलेगी। ऐसा पहली बार होगा, जब भाजपा को लगातार तीसरी बार सत्ता मिलने वाली है। यही नहीं इस चुनाव में केरल में भी कई रिकॉर्ड बने हैं। एक रिकॉर्ड यह भी है कि मुस्लिम लीग की कोई महिला कैंडिडेट पहली बार विधानसभा में पहुंचेगी। कोझोकोड की पेरंबरा सीट से फातिमा थालिया को जीत मिली है। इसके अलावा केरल में कांग्रेस ने भी रिकॉर्ड बनाया है। असम में बुरी हार झेलने वाली कांग्रेस का बंगाल में खाता तक नहीं खुला है। लेकिन केरल से उसके लिए राहत वाली खबर आई है। केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ 101 सीटों पर आगे चल रहा है। ऐसा पहली बार है, जब केरल में यूडीएफ ने 100 का आंकड़ा पार किया है। इस बीच कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कांग्रेस की जीत पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि केरल में ऐंटी-इनकम्बैंसी थी और इसका वोट कांग्रेस को मिला है। उन्होंने कहा कि जनता में पिनराई विजयन सरकार के कामकाज के प्रति गुस्सा था और हमने उसे भुनाने में सफलता हासिल की है। केसी वेणुगोपाल बोले- हमने उठाया ऐंटी-इनकम्बैंसी का फायदा केसी वेणुगोपाल ने यह भी कहा कि केरल में इन नतीजों का क्रेडिट राहुल गांधी, प्रियंका वाड्रा और पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को जाता है। बता दें कि केरल की वायनाड सीट से ही प्रियंका वाड्रा सांसद हैं। इसके अलावा राहुल गांधी भी पहले यहीं से सांसद थे। इस बार उन्होंने दो सीटों से चुनाव लड़ा था। रायबरेली और वायनाड दोनों जगहों से वह जीते थे। अंत में उन्होंने वायनाड से इस्तीफा दे दिया था और उसके स्थान पर प्रियंका वाड्रा ने उपचुनाव लड़ा था।