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ऊर्जा मंत्री तोमर ने नई दिल्ली में किया प्रदर्शनी का अवलोकन

उच्च वोल्टेज परिरक्षण सूट बना प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण भोपाल नई दिल्ली में आयोजित भारत इलेक्ट्रिसिटी सम्मेलन-2026 के दौरान ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने ऊर्जा विभाग द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी स्टॉल का अवलोकन किया और उसकी सराहना की। प्रदर्शनी में प्रदर्शित उच्च वोल्टेज परिरक्षण सूट विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर को मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी, जबलपुर के कार्यपालक निदेशक (योजना एवं रूपांकन) श्री संदीप गायकवाड ने प्रदर्शनी में प्रदर्शित अत्याधुनिक उच्च वोल्टेज परिरक्षण सूट की कार्यप्रणाली की जानकारी दी। उन्होंने ऊर्जा मंत्री श्री तोमर को बताया कि इस सूट को पहनकर लाइन स्टाफ 400 केवी ट्रांसमिशन लाइनों में बिना विद्युत आपूर्ति बाधित किए ही खराबियों को दुरुस्त कर सकता है। यह तकनीक विद्युत आपूर्ति की निरंतरता बनाए रखने में अत्यंत उपयोगी है। उन्होंने बताया कि इस कार्य के लिए लाइन स्टाफ को हॉटलाइन प्रशिक्षण के साथ-साथ ‘बेयर हैंड’ तकनीक का विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है, जिससे वे उच्च वोल्टेज लाइनों पर सुरक्षित रूप से कार्य कर सकें। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर को जानकारी दी गई कि जबलपुर स्थित संधारण कार्यालय में पदस्थ लाइनमेन श्री राजेंद्र कुमार कुशवाहा ने इस परिरक्षण सूट को पहनकर 400 केवी की चालू लाइनों में खराब डिस्क बदलने जैसे अत्यंत जटिल 60 से अधिक ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए हैं। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने इस तकनीक की उपयोगिता की सराहना करते हुए श्री कुशवाहा के उत्कृष्ट कार्य की भूरि-भूरि प्रशंसा की और उन्हें सम्मानित भी किया।  

बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने सरकार गंभीर, समिति की सिफारिशों पर होगा अमल

भोपाल ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि विभागीय परामर्शदात्री समिति की बैठक में सदस्यों द्वारा दिये गये सुझावों पर अधिकारी 5 दिवस में रिपोर्ट तैयार करें। साथ ही प्राप्त सुझावों पर गंभीरता से विचार कर अमल में लाने के प्रयास किये जायेंगे।  तोमर ने कहा मध्यप्रदेश में पर्याप्त बिजली उपलब्ध है। उद्योगों से लेकर किसानों तक सभी को पर्याप्त विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है। बैठक में समिति के सदस्यों ने महत्वपूर्ण सुझाव दिये। उन्होंने कहा कि वन क्षेत्र में जंगली जानवरों से खतरे के मद्देनजर सिंचाई के लिये दिन में ही विद्युत आपूर्ति करने पर विचार किया जाये। इस दौरान सचिव  विशेष गढ़पाले ने विभाग की 2 वर्ष की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी की हानियां वर्ष 2024-25 में 2.60 प्रतिशत रहीं, जो न्यूनतम में से एक है। अमरकंटक विद्युत गृह द्वारा कंपनी के इतिहास में अब तक सर्वाधिक 512 दिन तक लगातार विद्युत उत्पादन किया गया। बिजली कंपनियों की उपभोक्ता सेवाओं में सुधार के लिये लगभग 52 हजार स्थायी पदों का सृजन किया गया है। भर्ती प्रक्रिया चालू कर दी गई है। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाभियान अंतर्गत जनजातीय समुदाय के 26 हजार 909 घरों को विद्युतीकृत किया गया है। स्मार्ट मीटरिंग के माध्यम से प्री-पेड उपभोक्ताओं को ऊर्जा प्रभार में 25 पैसे प्रति यूनिट की छूट दी जा रही है। उन्होंने विभिन्न नवाचारों के बारे में भी जानकारी दी। बैठक में समिति के सदस्य विधायक  यादवेन्द्र सिंह,  गौरव सिंह पारधी,  ठाकुर दास नागवंशी,  घनश्याम चंद्रवंशी और  सुरेन्द्र सिंह बघेल एवं अधिकारी उपस्थित थे।  

आरडीएसएस अंतर्गत मालवा निमाड़ का 87वां ग्रिड बुरहानपुर शहर में ऊर्जीकृत : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल  शासन की महत्वपूर्ण रिवेम्प्ड डिस्ट्रिब्य़ूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) में मालवा निमाड़ निमाड़ में नए 33/11 केवी ग्रिड श्रृंखलाबद्ध रूप से बनाए जा रहे हैं। आरडीएसएस अंतर्गत मालवा निमाड़ का 87वां सब स्टेशन बुरहानपुर शहर के मंडी क्षेत्र में ऊर्जीकृत किया गया। ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि इस नये ग्रिड से बुरहानपुर मध्य शहर के हजारों उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में ज्यादा गुणवत्ता से बिजली मिलेगी। मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर के प्रबंध निदेशक  अनूप कुमार सिंह ने बताया कि निमाड़ का 26वां और पश्चिम क्षेत्र कंपनी का यह 87वां ग्रिड बुरहानपुर के मध्य शहरी क्षेत्र में 2.18 करोड़ रूपए से निर्मित हुआ है। इसकी क्षमता 5 एमवीए है। इससे मध्य शहरी क्षेत्र को ज्यादा गुणवत्ता से बिजली मिलेगी। निमाड़ में सबसे ज्यादा ग्रिड बुरहानपुर, खंडवा में 8, 8, खरगोन में 6, बड़वानी में 4 तैयार किए गए हैं। वहीं इंदौर शहर व ग्रामीण वृत्त में कुल 13, उज्जैन जिले में 12 ग्रिड तैयार किए गए हैं। शेष ग्रिड अन्य जिलों में तैयार किए गए हैं। कंपनी क्षेत्र में अब तक आरडीएसएस के 87 ग्रिड ऊर्जीकृत होकर विद्युत प्रदाय कर रहे हैं। आरडीएसएस के इन ऊर्जीकृत ग्रिडों से पश्चिम मप्र की वितरण क्षमता में 435 एमवीए की और वृद्धि हो चुकी है। कंपनी क्षेत्र में कुछ जिलों में ग्रिडों के कार्य अभी भी प्रगतिरत हैं।  

औद्योगिक क्षेत्र बगरोदा भोपाल के लिये एमपी ट्रांसको ने उर्जीकृत किया अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि भोपाल के औद्योगिक इकाइयों को विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने 132 के.व्ही. सबस्टेशन बगरोदा भोपाल में एक अतिरिक्त 50 एम.व्ही.ए. क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर स्थापित कर उर्जीकृत किया है। इससे जहाँ अब बगरोदा (भोपाल) क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों के लिये एक अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर की व्यवस्था हो गई है, वही अब दो ट्रांसफार्मर होने से मेनटेनेन्स के लिये शटडाउन लेने आदि की समस्या से भी निजात मिली है। इन क्षेत्रों को भी होगा फायदा एम पी ट्रांसको भोपाल के अतिरिक्त मुख्य अभियंता  प्रदीप राघव ने बताया कि बगरोदा में दूसरे पावर ट्रांसफार्मर की स्थापना से औद्योगिक केंद्र विकास निगम रामाखेड़ी, उमरावगंज, सोलर इनर्जी, दुर्गास्टील 33 के.व्ही. फीडरो से जुड़े उपभोक्ताओं को लाभ होगा। अब उन्हें बेहतर गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति उचित वोल्टेज पर प्राप्त हो जाऐगी। इस क्षमता वृद्धि से बगरोदा सबस्टेशन की क्षमता बढ़कर 90 एम.व्ही.ए. की हो गई है। भोपाल की ट्रांसफॉर्मेशन कैपेसिटी में वृद्धि  राघव ने जानकारी दी कि भोपाल जिले में एमपी ट्रांसको अपने कुल 18 एक्स्ट्रा हाई टेंशन सबस्टेशनों के माध्यम से विद्युत पारेषण करती है, इसमें 400 के.व्ही. का एक, 220 के.व्ही के 4, 132 के.व्ही. के 13 सबस्टेशन शामिल हैं। इनकी कुल ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता बढ़कर अब 4603 एम.व्ही.ए. की हो गई है।  

देश के सर्वांगीण विकास का बजट : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा रविवार को प्रस्तुत केंद्रीय बजट को ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने देश के सर्वांगीण विकास का बजट कहा है। उन्होंने जनता को समर्पित, विकासोन्मुख और समावेशी बजट बताया है। मंत्री श्री तोमर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय वित्त मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट गरीब, किसान, युवा, महिला और मध्यम वर्ग, सभी को राहत देने वाला है। मंत्री श्री तोमर ने कहा कि बजट में मध्यप्रदेश को मिली सौगातें रोजगार के नए द्वार खोलेंगी। उन्होंने कहा कि शहरों के विकास के लिए किए गए बजट प्रावधान से भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन जैसे शहरों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा।  

उपभोक्ताओं को मिले गुणवत्तापूर्ण बिजली : ऊर्जा मंत्री तोमर

बिजली की ट्रिपिंग कम से कम हो समाधान योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी भोपाल किसानों, घरेलू उपभोक्ताओं और उद्योगों को सतत् एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। ट्रिपिंग की समस्या कम से कम होनी चाहिए। समाधान योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने यह बात मंगलवार को विभागीय योजना की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से समीक्षा के दौरान कही। मंत्री श्री तोमर ने मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंताओं से बात कर विद्युत आपूर्ति और समाधान योजना की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि रबी सीजन में किसानों को पर्याप्त विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करें। मेंटेनेंस में कोताही नहीं बरतें। मंत्री श्री तोमर ने कहा कि समाधान योजना में कितना बिजली बिल बकाया है, कितना वसूली योग्य है और कितना वसूली योग्य नहीं है, इसकी पूरी जानकारी दें। उन्होंने कहा कि बड़े डिफॉल्टरों के विरूद्ध पहले कार्रवाई करें। मंत्री श्री तोमर ने जोर देकर कहा कि उपभोक्ताओं को अच्छी बिजली दें और साथ ही अच्छी वसूली भी करें। गलत बिजली बिलों को सुधारने की कार्यवाही प्राथमिकता से करें। कार्यों पर लापरवाही पर नोटिस जारी करें। समाधान योजना में अभी तक जमा हुए 745 करोड़ 92 लाख रूपये समाधान योजना में अभी तक 745 करोड़ 92 लाख रूपये उपभोक्तओं द्वारा जमा कराएं जा चुके है। इन उपभोक्ताओं के 301 करोड़ 40 लाख रूपये के सरचार्ज माफ किये गए है। पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी के अंतर्गत 150 करोड़ 22 लाख, मध्य क्षेत्र में 469 करोड़ 47 लाख और पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी में 126 करोड़ 23 लाख रूपये जमा हुए हैं। बैठक में सचिव ऊर्जा श्री विशेष गढ़पाले, एमडी पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी श्री अनूप सिंह, एमडी मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी श्री ऋषि गर्ग एवं तीनों विद्युत वितरण कम्पनियों के चीफ इंजीनियर और एसई उपस्थित थे।  

समाधान योजना के क्रियान्वयन में कोताही नहीं चलेगी: ऊर्जा मंत्री तोमर

जबलपुर, समाधान योजना के क्रियान्वयन में कोताही पर सख्त कार्यवाई की जाएगी। अभी तक योजना में अपेक्षित प्रगति परिलक्षित नहीं हो रही है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने यह बात मंगलवार को विभागीय योजना की समीक्षा के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि इस योजना की सफलता में विद्युत वितरण कम्पनियों का भविष्य भी निहित है। ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि कितना बिजली बिल बकाया है, कितना वसूली योग्य है और कितना वसूली योग्य नहीं है, इसकी पूरी जानकारी दें। उन्होंने कहा कि बड़े डिफॉल्टरों के विरूद्ध पहले कार्यवाई करें। समाधान योजना में अभी तक जमा हुए 613 करोड़ 26 लाख रूपये समाधान योजना में अभी तक 613 करोड़ 26 लाख रूपये उपभोक्तओं द्वारा जमा कराएं जा चुके है। इन उपभोक्ताओं के 271 करोड़ रूपये के सरचार्ज माफ किये गए है। पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी के अंतर्गत 115 करोड़ 58 लाख, मध्य क्षेत्र में 395 करोड़ 96 लाख और पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी में 101 करोड़ 72 लाख रूपये जमा हुए हैं। मंत्री तोमर ने आरडीएसएस के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें। बिजली अवरूद्ध होने की जानकारी उपभोक्ताओं को कारण सहित दें। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को उनके घरों में विद्युत उपयोग की क्षमता के अनुसार लोड स्वीकृत कराने के लिये समझाइश दें। बैठक में सचिव ऊर्जा विशेष गढ़पाले एवं तीनों विद्युत वितरण कम्पनियों के चीफ इंजीनियर उपस्थित थे।

दतिया जिले के किसानों को मिलेगी अब और अधिक गुणवत्तापूर्ण बिजली :ऊर्जा मंत्री तोमर

एम.पी. ट्रांसको ने 132 के व्ही सबस्टेशन भांडेर में ऊजीकृत किया 50 एम.व्ही.ए क्षमता का अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर भोपाल  ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के निर्देश पर दतिया जिले की पारेषण व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण करते हुए मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) ने 132 के.व्ही. सबस्टेशन भांडेर में 50 एम.व्ही.ए. क्षमता का एक अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफार्मर स्थापित कर इसे ऊर्जीकृत किया है। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने बताया है कि इससे सबस्टेशन मे जहां एक अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफार्मर की उपलब्धता हो गई है, वहीं दतिया जिले मे भांडेर क्षेत्र के कृषि विद्युत उपभोक्ताओं को रबी सीजन में सिंचाई के लिये निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली प्राप्त हो सकेगी। इस ट्रांसफार्मर के सफलतापूर्वक उर्जीकृत होने से सबस्टेशन की क्षमता 63 एम.व्ही.ए. से बढ़कर अब 113 एम.व्ही.ए. की हो गयी है। दतिया जिले की पारेषण क्षमता मे हुई वृद्धि एम.पी. ट्रांसको के अधीक्षण अभियंता श्री राजीव तोतला ने बताया कि इससे पिछौर, डबरा, सीतापुर, डगराई, भांडेर, राजघाट, दतिया क्षेत्र के घरेलू एवं कृषि विद्युत उपभोक्ताओं सहित इस सबस्टेशन से निकलने वाले 33 के.व्ही. इंडस्ट्रियल फीडर को भी फायदा मिलेगा। दतिया जिले मे एम.पी. ट्रांसको 132 के.व्ही. सबस्टेशन भांडेर सहित अपने कुल 05 एक्स्ट्रा हाईटेंशन सबस्टेशनों के माध्यम से विद्युत पारेषण करती है। इसमें 220 के.व्ही. सबस्टेशन दतिया एवं 132 के.व्ही. के दतिया, सेंधवा तथा इंदरगढ सबस्टेशन शामिल है, जिनकी कुल ट्रांसफारमेशन क्षमता 796 एम.व्ही.ए. से बढकर 846 एम.व्ही.ए. की हो गई है।  

श्रम विभाग ने एमपी पावर जनरेटिंग कंपनी के बारह पावर हाउस को दी 5 स्टार श्रम रेटिंग: ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल  ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कम्पनी लिमिटेड (MPPGCL) ने श्रम कानूनों के उत्कृष्ट अनुपालन और श्रमिक कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करते हुए एक गौरवपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। श्रम विभाग द्वारा कम्पनी के चार ताप विद्युत उत्पादन गृहों व आठ जल विद्युत गृह को ‘फाइव स्टार श्रम स्टार रेटिंग’ से सम्मानित किया है। यह सम्मान कम्पनी की उच्च कार्यसंस्कृति, पारदर्शिता, शत-प्रतिशत नियामकीय अनुपालन व श्रमिक हितों को सर्वोपरि रखने के दृष्टिकोण का सशक्त प्रमाण है। यह उपलब्धि पॉवर जनरेटिंग कम्पनी के सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी, श्री सिंगाजी ताप विद्युत गृह खंडवा, अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई, संजय गांधी ताप विद्युत गृह बिरसिंगपुर, गांधी सागर जल विद्युत गृह, टोंस जल विद्युत गृह सिरमौर,राजघाट जल विद्युत गृह, बाणसागर जल विद्युत गृह-दो सिलपरा, बाणसागर जल विद्युत गृह-तीन देवलोंद, बाणसागर जल विद्युत गृह-चार झिन्ना, मरहीखेड़ा जल विद्युत गृह और बिरसिंगपुर जल विद्युत गृह को हासिल हुई है। श्रम विभाग द्वारा श्रम कानूनों के अनुपालन, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा प्रावधानों तथा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को प्रोत्साहित करने के लिये ”श्रम स्टार रेटिंग” प्रारंभ की गई है। यह सम्मान संस्थान द्वारा श्रमिकों के स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में सर्वोत्तम प्रथाओं के अपनाने तथा श्रम कानूनों के प्रति स्वैच्छिक अनुपालन की प्रतिबद्धता का द्योतक है। गत वर्षों में विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में कम्पनी ने विभिन्न महत्वपूर्ण कीर्तिमान बनाएं है जो की न सिर्फ कम्पनी की नियामकीय प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि श्रमिकों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की उसकी नीति को भी सशक्त रूप से उजागर करती है। कम्पनी के प्रबंध संचालक श्री मनजीत सिंह ने इस उपलब्धि पर सभी विद्युत उत्पादन गृहों के मुख्य अभियंताओं, अभियंताओं व कार्मिकों को इस उपलब्धि का श्रेय व बधाई देते हुए कहा-“यह सम्मान हमारी कार्यसंस्कृति, अनुशासन और श्रमिक कल्याण के प्रति हमारी निष्ठा का परिणाम है। हमें गर्व है कि न केवल कम्पनी सभी स्तरों पर श्रमिकों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा से संबंधित विभिन्न नीतियां बना रही है, बल्कि हर मानक पर उत्कृष्टता की नई मिसालें भी स्थापित कर रहे हैं, जिसमें सभी कर्मचारियों का योगदान है।” 

ऊर्जा मंत्री तोमर ने जिस स्कूल में की पढ़ाई वहीं के वार्षिकोत्सव में बने मुख्य अतिथि

भोपाल  शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (स्मार्ट स्कूल) शिक्षा नगर में वार्षिकोत्सव और सम्मान समारोह का आयोजन हर्षोल्लास सांस्कृतिक गरिमा के साथ संपन्न हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि के रुप में इस विद्यालय के छात्र रहे ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कहा कि मैं, इस विद्यालय में शिक्षा ग्रहण कर चुका हूँ। आज ग्वालियर बदल रहा है, ग्वालियर में शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ शैक्षणिक सुविधाओं और शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर हुई है। इसका प्रमाण आपका और हमारा यह स्मार्ट स्कूल है जहां आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित स्मार्ट कक्षाओं के साथ ही शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध हुए हैं। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक एवं लोक विधाओं से परिपूर्ण कार्यक्रमों की प्रस्तुति ने समस्त दर्शकों का मन मोह लिया। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत, लोकगीत, बालिका गीत और विभिन्न नृत्य कार्यक्रमों ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। साथ ही प्रतिभागी विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। उन्होंने कहा कि शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (स्मार्ट स्कूल) का वार्षिकोत्सव एक वार्षिक कार्यक्रम नहीं बल्कि विद्यार्थीयों द्वारा अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का एक माध्यम है जिसके जरिए विद्यालय के विद्यार्थी पूरे साल की उपलब्धियों का जश्न मनाते हैं। इसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रतियोगिताएं और पुरस्कार वितरण समारोह होते हैं जो छात्रों को प्रेरित करते हैं और उनका आत्मविश्वास बढ़ाते हैं।