samacharsecretary.com

हिजाब को लेकर बोर्ड परीक्षा में बवाल, टीचर ने छात्राओं के नंबर काटने की दी धमकी, शिक्षा विभाग का स्पष्टीकरण

इंदौर जिले के सिरपुर इलाके में एक निजी स्कूल में उस समय तनाव बढ़ गया, जब 8वीं बोर्ड की परीक्षा दे रही दो छात्राओं को कथित तौर पर हिजाब हटाने के लिए मजबूर किया गया। आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद एक महिला टीचर ने न सिर्फ छात्राओं के सिर से कपड़ा हटाने को कहा, बल्कि विरोध करने पर उनके 20 नंबर काटने की धमकी तक दे डाली। जब यह मामला सामने आया, तो स्कूल परिसर में जमकर हंगामा हुआ। हिजाब नहीं उतारने पर नंबर काटने की धमकी यह पूरी घटना 25 फरवरी की है। शिकायत के मुताबिक, परीक्षा हॉल में बैठी छात्राओं को टीचर ने टोकते हुए कहा कि वे सिर ढककर पेपर नहीं दे सकतीं। जब बच्चियों ने मना किया, तो उन्हें डराया गया कि उनके रिजल्ट से नंबर कम कर दिए जाएंगे। जैसे ही यह बात बच्चों को छोड़ने आए परिजनों तक पहुंची, उन्होंने स्कूल के बाहर विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते अल्पसंख्यक संस्थाओं के प्रतिनिधि भी मौके पर पहुंच गए और पूछा कि आखिर किस नियम के तहत यह पाबंदी लगाई गई है? नकल का डर या अपनी मनमानी? हंगामा बढ़ता देख ब्लॉक रिसोर्स को-ऑर्डिनेटर राजेंद्र तंवर जांच के लिए सेंटर पहुंचे। जब उन्होंने संबंधित टीचर से पूछताछ की, तो अजीबोगरीब दलील सामने आई। टीचर का कहना था कि उन्होंने यह निर्देश इसलिए दिया ताकि नकल की कोई गुंजाइश न रहे। हालांकि, शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि बोर्ड परीक्षा के दौरान हिजाब पहनने पर रोक लगाने का ऐसा कोई भी लिखित आदेश उनकी तरफ से जारी नहीं किया गया है। अधिकारियों ने मांगी सफाई संस्थाओं का कहना है कि स्कूल अपनी मर्जी से ऐसे नियम नहीं थोप सकता जो सरकारी निर्देशों में ही न हों। फिलहाल, शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्कूल से इस पूरे मामले पर लिखित सफाई मांगी है। इस घटना के बाद से सेंटर पर तनाव का माहौल है और परिजनों ने मांग की है कि परीक्षा के दौरान बच्चों को मानसिक रूप से परेशान करने वालों पर कार्रवाई की जाए।  

हरियाणा में पिछली बार नकल में शामिल 35 परीक्षा केंद्रों में नहीं होंगी परीक्षाएं

चंडीगढ़/भिवानी. हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं में नकल के खेल को समाप्त करने के लिए इस बार बोर्ड प्रशासन सख्त है। पिछले वर्ष नकल में संलिप्त प्रदेशभर के 35 परीक्षा केंद्रों को इस बार ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है। इस बार कुछ नए केंद्र बनाए गए हैं। प्राइवेट स्कूलों में बने परीक्षा केंद्रों के लिए सीसीटीवी अनिवार्य है। वहीं केंद्रों के खिड़की-दरवाजे दुरुस्त हों और केंद्र की चहारदीवारी होनी जरूरी की गई है। बोर्ड ने इस बार 1431 परीक्षा केंद्र बनाए हैं, जहां करीब पांच लाख 66 हजार 411 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। 12वीं के पेपर से होगी शुरुआत : हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 10वीं, 12वीं एवं डीएलएड की वार्षिक परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। इनमें 25 से 12वीं कक्षा और 26 फरवरी से 10वीं की परीक्षाएं शुरू होंगी। 10वीं, 12वीं (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) की वार्षिक परीक्षाओं में दो लाख 96 हजार 593 लड़के और दो लाख 69 हजार 818 लड़कियां परीक्षार्थी हैं। इसके अतिरिक्त डीएलएड (रि-अपीयर) की परीक्षा में 5356 छात्र-अध्यापक परीक्षा देंगे। परीक्षाओं का समय दोपहर 12:30 से 3:30 बजे तक रहेगा। परीक्षा आरंभ होने से 30 मिनट पूर्व परीक्षा केंद्र पर पहुंचना जरूरी है। प्रवेश-पत्र पर तिथि अनुसार परीक्षार्थी एवं पर्यवेक्षक के हस्ताक्षर होने अनिवार्य है। परीक्षा केन्द्र में इलेक्ट्रानिक्स सामान जैसे मोबाइल, कैलकुलेटर, स्मार्ट वाच आदि का प्रयोग वर्जित होगा। बिना प्रवेश-पत्र के प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। परीक्षा केंद्रों के औचक निरीक्षण के लिए 320 उड़नदस्तों का गठन किया है। सभी परीक्षा केन्द्रों के आसपास धारा-163 लागू की गई है। परीक्षा केंद्रों के निकट फोटोस्टेट की दुकानें व कोचिंग सेंटर भी बंद रहेंगे। नकल रहित परीक्षा की अपील बोर्ड अधिकारियों ने सभी ग्राम पंचायतों से परीक्षा के नकल रहित व सुचारू रूप से संचालन मे सहयोग देने की अपील की। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन प्रो. पवन कुमार ने बताया कि परीक्षाओं को नकल रहित कराने के लिए इस बार विशेष सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। अधिकतर परीक्षा केंद्र सीसीटीवी कैमरो की निगरानी में रहेंगे। चुनौती यह भी  ग्रामीण ही नहीं शहरी क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में कई खिड़कियां टूटी हुई हैं इनकी मरम्मत नहीं कराई गई। यहां से बाहरी हस्तक्षेप रोकना बड़ी चुनौती है।

गणित परीक्षा में गड़बड़ी! CBSE बोर्ड की कमी से तीन शिफ्ट में परीक्षा लेने की नौबत आई

विश्रामपुर मंगलवार को 10वीं बोर्ड परीक्षा के पहले ही दिन केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए। डीएवी पब्लिक स्कूल तिलसिवां परीक्षा केंद्र में गणित (बेसिक) के प्रश्नपत्र कम पहुंचने के कारण अफरातफरी की स्थिति बन गई, जिससे परीक्षा तीन चरणों में करानी पड़ी। इस केंद्र पर डीएवी पब्लिक स्कूल विश्रामपुर के 132 और साधुराम विद्या मंदिर, सूरजपुर के 51 परीक्षार्थियों की परीक्षा निर्धारित थी। परीक्षा का समय सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक तय था। पैकेट खोलते ही सामने आई गड़बड़ी जानकारी के अनुसार, बैंक से प्राप्त सीलबंद बंडल खोलने पर पाया गया कि गणित (बेसिक) कोर्स के पैकेट में अधिकांश प्रश्नपत्र स्टैंडर्ड कोर्स के थे। स्थिति गंभीर होने पर केंद्र प्रभारी विधु शर्मा ने बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारियों और सिटी कोऑर्डिनेटर से संपर्क किया। निर्देश मिलने के बाद अन्य परीक्षा केंद्रों से प्रश्नपत्र मंगाने की व्यवस्था की गई। इस पूरी प्रक्रिया में देरी होने से परीक्षार्थियों को कक्ष में इंतजार करना पड़ा। तीन अलग-अलग चरणों में परीक्षा अंततः प्रश्नपत्र उपलब्ध होने के बाद परीक्षा तीन चरणों में आयोजित की गई। पहला चरण सुबह 10:30 बजे, दूसरा 11:15 बजे और तीसरा 12:35 बजे शुरू हुआ। प्रबंधन का कहना है कि परिस्थितियों के बावजूद परीक्षा को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया गया। हालांकि, परीक्षा के पहले दिन हुई इस चूक ने बोर्ड की तैयारी और समन्वय व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।

बिहार में मैट्रिक परीक्षा देने कड़ी सुरक्षा के बीच सेंटरों में पहुंचे छात्र

पटना. बिहार में आज मैट्रिक की परीक्षा हो रही है। इसके लिए छात्र अपने-अपने सेंटर्स में पहुंच रहे हैं। जहां सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त है। छात्राओं के लिए प्रत्येक जिले में चार मॉडल परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। जहां छात्राओं का फूल और चंदन से स्वागत किया गया। परीक्षा समिति ने कहा कि विद्यार्थियों को जूता-मोजा पहनकर आना वर्जित है। विद्यार्थी चप्पल पहनकर परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा केंद्र पर किसी भी अनधिकृत व्यक्ति के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा मोबाइल फोन ले जाने पर पूरी तरह रोक लगाई गई है। बोर्ड ने ओएमआर शीट और उत्तरपुस्तिका जमा कराने का भी समय निर्धारित किया है, ताकि परीक्षा संचालन में पारदर्शिता बनी रहे। बिहार बोर्ड ने सभी जिलों के डीएम, एसपी और प्रशासनिक अधिकारियों को परीक्षा संचालन में सख्ती से निर्देशों का पालन कराने को कहा है।

मैट्रिक एग्जाम शुरू: बिहार बोर्ड के 15 लाख विद्यार्थी आज से परीक्षा में शामिल

पटना  बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा आयोजित मैट्रिक (10वीं) की परीक्षा आज से पूरे राज्य में शुरू हो गई है. इस साल परीक्षा को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं और इसे कड़ी सुरक्षा और निगरानी के बीच आयोजित किया जा रहा है. इस साल मैट्रिक परीक्षा के लिए कुल 15 लाख 12 हजार 687 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था. इनमें 7 लाख 85 हजार 726 छात्राएं और 7 लाख 26 हजार 961 छात्र शामिल हैं. पूरे बिहार में परीक्षा के लिए 1699 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जा रही है. दो पालियों में होगी परीक्षा पहली पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक चलेगी, जबकि दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित होगी. परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश परीक्षा शुरू होने से एक घंटे पहले शुरू हो जाएगा और परीक्षा शुरू होने से आधे घंटे पहले प्रवेश द्वार बंद कर दिए जाएंगे. सुबह 8:30 बजे से शुरू होगा छात्रों का प्रवेश  पहली पाली के लिए छात्रों का प्रवेश सुबह 8:30 बजे से शुरू हो गया है और उन्हें सुबह 9 बजे तक ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी. वहीं, दूसरी पाली के परीक्षार्थियों का प्रवेश दोपहर 1 बजे से शुरू होगा और 1:30 बजे तक ही उन्हें अंदर जाने दिया जाएगा. इसके बाद किसी भी छात्र को प्रवेश नहीं मिलेगा. पटना जिले में भी परीक्षा को लेकर विशेष व्यवस्था की गई है. यहां कुल 71 हजार 22 परीक्षार्थियों के लिए 70 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. सभी केंद्रों पर प्रशासन और शिक्षा विभाग की ओर से निगरानी की जा रही है, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सके.  समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने की सलाह बोर्ड ने परीक्षार्थियों को समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने की सलाह दी है, ताकि उन्हें किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े. साथ ही परीक्षा केंद्रों पर सख्त नियम लागू किए गए हैं और बिना एडमिट कार्ड के किसी भी छात्र को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है.बिहार बोर्ड की यह परीक्षा छात्रों के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है, इसलिए छात्र पूरी तैयारी और अनुशासन के साथ परीक्षा में शामिल हो रहे हैं.

CBSE की 10वीं और 12वीं की कल से होंगी बोर्ड परीक्षाएं

लुधियाना. सैंट्रल बोर्ड ऑफ सैकेंडरी एजुकेशन (सी.बी.एस.ई.) की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू होने जा रही हैं। बोर्ड के मुताबिक दोनों क्लासेज में देश-विदेश से करीब 46 लाख स्टूडेंट्स अपीयर होने जा रहे हैं। परीक्षा को सुरक्षित, अनुशासित और स्ट्रैस फ्री बनाने के लिए सी.बी.एस.ई. ने छात्रों के लिए विशेष 'क्या करें और क्या न करें' की एक लिस्ट जारी की है। बोर्ड का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जानकारी के अभाव में किसी भी विद्यार्थी को परीक्षा से वंचित न होना पड़े। सी.बी.एस.ई. ने समय की पाबंदी पर सबसे अधिक जोर दिया है। परीक्षा सुबह 10.30 बजे शुरू होगी लेकिन विद्यार्थियों को सुबह 10 बजे तक परीक्षा केंद्र के अंदर पहुंचना अनिवार्य है। सुबह 10 बजे के बाद किसी भी छात्र को केंद्र के अंदर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। बोर्ड ने सलाह दी है कि ट्रैफिक और दूरी को देखते हुए विद्यार्थी सुबह 9 या 9.30 बजे तक केंद्र पर पहुंच जाएं। पहले से करें यात्रा की योजना – बोर्ड ने विद्यार्थियों और पेरैंट्स से कहा है कि वे परीक्षा के दिनों में लोकल ट्रैफिक, दूरी, मौसम और संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए अपनी यात्रा की योजना बनाएं। छात्रों को परीक्षा से पहले एक बार अपने केंद्र का दौरा करने की भी सलाह दी गई है ताकि रास्ता, समय और दूरी का सही अंदाजा लगाया जा सके। स्कूलों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अभिभावकों और विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करें और उन्हें समय प्रबंधन तथा परीक्षा संबंधी नियमों के प्रति जागरूक बनाएं। यह परीक्षा केवल छात्रों की तैयारी ही नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था की सजगता, जिम्मेदारी और निर्णय क्षमता की भी परीक्षा है, इसलिए सभी को नियमों, प्रक्रियाओं और दिशा-निर्देशों की पूरी जानकारी होना जरूरी है। इन बिंदुओं पर भी करें गौर – बिना एडमिट कार्ड विद्यार्थी को सैंटर में नहीं मिलेगी एंट्री एडमिट कार्ड पर पेरैंट्स और स्कूल प्रिंसीपल के सिग्नेचर जरूर हों एडमिट कार्ड को लैमिनेट न करें, क्योंकि इस पर इनविजिलेटर के सिग्नेचर होने जरूरी हैं रैगुलर विद्यार्थियों को स्कूल यूनिफॉर्म में आना अनिवार्य प्राइवेट परीक्षार्थी साधारण कपड़े पहन सकते हैं विद्यार्थी ट्रांसपेरैंट पाऊच में नीला या काला पैन, पैंसिल, रबर, कटर और स्केल ले जा सकते है पानी के लिए केवल ट्रांसपेरैंट बोतल की अनुमति, मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटुथ डिवाइस, कैल्कुलेटर, लॉग टेबल, इलैक्ट्रॉनिक गैजेट पूरी तरह वर्जित किसी भी प्रकार की लिखित सामग्री या कागज के टुकड़े ले जाना यू.एफ.एम. माना जाएगा एग्जाम सैंटर में ध्यान रखने वाली बातें – विद्यार्थी अपनी सीट पर बैठने से पहले आस-पास जांच लें कि कोई कागज तो नहीं गिरा है। आंसर-शीट मिलने पर उसके पन्नों की जांच करें और ओ.एम.आर. शीट पर अपना रोल नंबर, विषय कोड और अन्य डिटेल्स सावधानी से भरें। सी.बी.एस.ई. ने चेतावनी दी है कि नकल करते हुए या वर्जित सामान के साथ पकड़े जाने पर छात्र को परीक्षा से निकाला जा सकता है और भविष्य के लिए डिबार किया जा सकता है।

प्रतियोगी परीक्षाओ की तैयारी के लिए निशुल्क प्रशिक्षण

जशपुर. नवसंकल्प जशपुर में प्रतियोगी परीक्षाओ जैसे CGPSC 2027, छग सहायक शिक्षक भर्ती , छग व्यापम एवम द्वारा आयोजित एवम अन्य भर्ती परीक्षाओ (जैसे सब इंस्पेक्टर , मंडी उपनिरीक्षक ,फायरमैन , परिवहन आरक्षक , वन रक्षक ) की तैयारी के लिए निःशुल्क (आवासीय + डे-स्कॉलर ) प्रशिक्षण दिया जाना है. 3 नए बैच प्रारंभ किया जाना है. 3 नए बैच के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की तिथि 10 फरवरी 2026 से 20 फरवरी 2026 तक है, जिसके लिए प्रवेश परीक्षा 23 फ़रवरी 2026 को लिया जायेगा , प्रवेश परीक्षा में सफल होने वाले अभ्यर्थियों का इंटरव्यू 25 फ़रवरी 2026 से 28 फरवरी 2026 तक लिया. प्रवेश परीक्षा एवम इंटरव्यू के आधार पर 50 ( 24 छात्र + 26 छात्राओ) को हॉस्टल में प्रवेश दिया जायेगा व अन्य छात्र डे स्कॉलर निःशुल्क प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे. नीचे लिंक पर क्लिक करके फॉर्म भरें https://forms.gle/sBuLT2UVyqGPa1LG9

बिहार बोर्ड और CBSE 10वीं की 17 फरवरी से होगी परीक्षा

पटना. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की मैट्रिक वार्षिक परीक्षा 2026 का आयोजन 17 से 25 फरवरी तक होगा। परीक्षा राज्य के सभी जिलों में निर्धारित केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। प्रथम पाली के लिए सुबह 8:30 बजे से प्रवेश मिलेगा। द्वितीय पाली के लिए दोपहर एक बजे से प्रवेश की अनुमति रहेगी। परीक्षा शुरू होने से आधा घंटा पहले मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा। छात्रों को समय से पहले केंद्र पहुंचने की सलाह दी गई है। प्रथम पाली की परीक्षा से पहले प्रवेश एक घंटा पूर्व से शुरू होगा। दोपहर 1:30 बजे द्वितीय पाली के लिए मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा। लेट पहुंचने वाले छात्रों को प्रवेश नहीं मिलेगा। एडमिट कार्ड और आवश्यक दस्तावेज साथ रखना जरूरी है। केंद्र पर अनुशासन और नियमों का पालन अनिवार्य होगा। बोर्ड ने सभी छात्रों से निर्देशों का गंभीरता से पालन करने को कहा है। CBSE की परीक्षा भी 17 से इसी दिन से Central Board of Secondary Education की 10वीं परीक्षा भी शुरू हो रही है। राज्य में हजारों छात्र दोनों बोर्ड की परीक्षाओं में शामिल होंगे। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। अभिभावकों से भी अपील की गई है कि बच्चों को समय से भेजें। परीक्षा के दौरान अनुचित साधनों के प्रयोग पर सख्ती रहेगी। सभी केंद्रों पर निगरानी की व्यवस्था की गई है। बिना तनाव ऐसे करें रिविजन विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा से पहले हल्का और योजनाबद्ध रिविजन करें। आखिरी समय में नया विषय शुरू करने से बचें। छोटे-छोटे ब्रेक लेकर पढ़ाई करें ताकि दिमाग तरोताजा रहे। पर्याप्त नींद और संतुलित आहार भी जरूरी है। सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास सफलता की कुंजी है। तनाव मुक्त रहकर परीक्षा देने से बेहतर प्रदर्शन संभव है।

12 फरवरी से राजस्थान बोर्ड की परीक्षा, शिक्षा विभाग पूरी तैयारी के साथ

जयपुर,  माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान ने सत्र 2025–26 के लिए माध्यमिक, उच्च माध्यमिक व्यावसायिक एवं राज्य स्तरीय समान परीक्षा का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है। बोर्ड द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार प्रदेशभर में लाखों विद्यार्थियों की परीक्षाएं विभिन्न चरणों में आयोजित की जाएंगी। जारी शेड्यूल के अनुसार 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं 12 फरवरी से शुरू होंगी। बोर्ड के अनुसार कक्षा 8वीं की परीक्षा 19 फरवरी से और 5वीं की परीक्षा 20 फरवरी से आयोजित की जाएगी। वहीं राज्य स्तरीय समान परीक्षा के अंतर्गत कक्षा 9वीं और 11वीं की परीक्षाएं 7 मार्च से शुरू होंगी, जबकि कक्षा 3 से 7 (सीबीए) तक की परीक्षाएं 14 मार्च से प्रारंभ की जाएंगी। कक्षा वार परीक्षा तिथियां — (प्रात: 8:30 से 11:45 बजे तक) – कक्षा 10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षा – 12 फरवरी से (दोपहर 1:30 से 4:00 बजे तक) – कक्षा 8वीं परीक्षा – 19 फरवरी से – कक्षा 5वीं परीक्षा – 20 फरवरी से (प्रथम पारी: 8:30 से 11:45 तक, द्वितीय पारी: अपराह् 1:00 से सायं 4:15 बजे तक) – राज्य स्तरीय समान परीक्षा – (कक्षा 9 व 11) 7 मार्च से – राज्य स्तरीय समान परीक्षा – (कक्षा 3 से 7) 14 मार्च से परीक्षाओं के सफल संचालन की सभी तैयारियां पूर्ण: बोर्ड ने सभी स्कूलों और विद्यार्थियों को निर्देश दिए हैं कि वे समय पर प्रवेश पत्र प्राप्त करें और परीक्षा से जुड़ी सभी तैयारियां निर्धारित समयसीमा में पूरी करें। इन परीक्षाओं के लिए सभी केंद्रों पर तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा, गोपनीयता और अनुशासन को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सुरक्षा एवं पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए ब्लॉक और जिला स्तर पर उड़नदस्तों की नियुक्ति की गई है। परीक्षाओं हेतु आवश्यक वीक्षकों की नियुक्ति कर ली गई है। इसके लिए प्रारंभिक शिक्षा से भी वीक्षक लगाए गए हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थानीय अवकाश का बोर्ड सहित अन्य परीक्षाओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। सभी विद्यार्थियों को परीक्षा से पहले अपना प्रवेश पत्र अनिवार्य रूप से प्राप्त करना होगा। बिना प्रवेश पत्र के किसी भी छात्र को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। विद्यार्थियों से समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने और अनुशासन बनाए रखने की अपील की गई है।

खरगोन में प्राइवेट स्कूल की सुस्ती, 12वीं के 13 छात्र अंग्रेजी परीक्षा में शामिल नहीं हो सके

खरगोन  खरगोन जिले के गायत्री विद्यापीठ हायर सेकंडरी स्कूल की घोर लापरवाही के कारण 12वीं कक्षा के 13 छात्र अंग्रेजी की बोर्ड परीक्षा नहीं दे सके. स्कूल प्रबंधन ने छात्रों से परीक्षा फॉर्म तो भरवा लिए, लेकिन उनकी फीस माध्यमिक शिक्षा मंडल को समय पर नहीं भेजी. इस कारण इन छात्रों के प्रवेश पत्र जनरेट नहीं हुए. जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर भीकनगांव में गायत्री विद्यापीठ हायर सेकंडरी स्कूल प्रबंधन ने 10वीं और 12वीं के नियमित 23 बच्चों के फॉर्म तो भरवाए, लेकिन उनकी परीक्षा फीस माध्यमिक शिक्षा मंडल (MP Board) भोपाल को नहीं भेजी गई.  लापरवाही की हद तो तब हो गई जब स्कूल प्रबंधन परीक्षा के 2 दिन पहले तक भी नहीं जागा. मंगलवार  यानी 10 फरवरी को आयोजित 12वीं की अंग्रेजी की परीक्षा के लिए जब बच्चों को सोमवार के दिन तक प्रवेश पत्र नहीं मिले तो उन्होंने स्कूल से संपर्क किया तब यह पता चला कि बच्चों की फीस ही जमा नहीं की गई है. धीरे-धीरे सभी पालकों को पता चला तो गुस्साए पालक स्कूल पहुंच गए, यहां जमकर हंगामा हुआ.  इसके बाद सैकड़ों लोगों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ खंडवा वडोदरा स्टेट हाईवे पर गांधी प्रतिमा के सामने चक्काजाम कर दिया. चक्का जाम आधी रात तक जारी रहा. थाना इंचार्ज और बीईओ दिनेश पटेल ने गुस्साए लोगों को समझने का प्रयास किया लेकिन कोई नहीं माना. स्कूल प्रबंधन ने ताबड़तोड़ माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल के अकाउंट में 3 लाख 73 हजार जमा किए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी, क्योंकि मंगलवार को ही 12वीं के 13 बच्चों को अंग्रेजी के पेपर में शामिल होना था. कलेक्टर और शिक्षा विभाग ने भी प्रयास किए, लेकिन पोर्टल बंद होने और समय की कमी के चलते मंगलवार सुबह होने वाले पेपर के लिए प्रवेश पत्र नहीं मिल सके. मामले को लेकर विकासखंड शिक्षा अधिकारी दिनेश पटेल का कहना है, छात्रों के फॉर्म तो भरवा गए, लेकिन उनकी फीस जमा नहीं की गई. इससे बच्चे परीक्षा से वंचित हुए हैं. इस मामले को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी और कलेक्टर को अवगत कराया गया है. स्कूल प्रबंधन के खिलाफ वे ही कार्रवाई करेंगे.