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मैट्रिक एग्जाम शुरू: बिहार बोर्ड के 15 लाख विद्यार्थी आज से परीक्षा में शामिल

पटना  बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा आयोजित मैट्रिक (10वीं) की परीक्षा आज से पूरे राज्य में शुरू हो गई है. इस साल परीक्षा को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं और इसे कड़ी सुरक्षा और निगरानी के बीच आयोजित किया जा रहा है. इस साल मैट्रिक परीक्षा के लिए कुल 15 लाख 12 हजार 687 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था. इनमें 7 लाख 85 हजार 726 छात्राएं और 7 लाख 26 हजार 961 छात्र शामिल हैं. पूरे बिहार में परीक्षा के लिए 1699 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जा रही है. दो पालियों में होगी परीक्षा पहली पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक चलेगी, जबकि दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित होगी. परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश परीक्षा शुरू होने से एक घंटे पहले शुरू हो जाएगा और परीक्षा शुरू होने से आधे घंटे पहले प्रवेश द्वार बंद कर दिए जाएंगे. सुबह 8:30 बजे से शुरू होगा छात्रों का प्रवेश  पहली पाली के लिए छात्रों का प्रवेश सुबह 8:30 बजे से शुरू हो गया है और उन्हें सुबह 9 बजे तक ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी. वहीं, दूसरी पाली के परीक्षार्थियों का प्रवेश दोपहर 1 बजे से शुरू होगा और 1:30 बजे तक ही उन्हें अंदर जाने दिया जाएगा. इसके बाद किसी भी छात्र को प्रवेश नहीं मिलेगा. पटना जिले में भी परीक्षा को लेकर विशेष व्यवस्था की गई है. यहां कुल 71 हजार 22 परीक्षार्थियों के लिए 70 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. सभी केंद्रों पर प्रशासन और शिक्षा विभाग की ओर से निगरानी की जा रही है, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सके.  समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने की सलाह बोर्ड ने परीक्षार्थियों को समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने की सलाह दी है, ताकि उन्हें किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े. साथ ही परीक्षा केंद्रों पर सख्त नियम लागू किए गए हैं और बिना एडमिट कार्ड के किसी भी छात्र को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है.बिहार बोर्ड की यह परीक्षा छात्रों के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है, इसलिए छात्र पूरी तैयारी और अनुशासन के साथ परीक्षा में शामिल हो रहे हैं.

CBSE की 10वीं और 12वीं की कल से होंगी बोर्ड परीक्षाएं

लुधियाना. सैंट्रल बोर्ड ऑफ सैकेंडरी एजुकेशन (सी.बी.एस.ई.) की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू होने जा रही हैं। बोर्ड के मुताबिक दोनों क्लासेज में देश-विदेश से करीब 46 लाख स्टूडेंट्स अपीयर होने जा रहे हैं। परीक्षा को सुरक्षित, अनुशासित और स्ट्रैस फ्री बनाने के लिए सी.बी.एस.ई. ने छात्रों के लिए विशेष 'क्या करें और क्या न करें' की एक लिस्ट जारी की है। बोर्ड का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जानकारी के अभाव में किसी भी विद्यार्थी को परीक्षा से वंचित न होना पड़े। सी.बी.एस.ई. ने समय की पाबंदी पर सबसे अधिक जोर दिया है। परीक्षा सुबह 10.30 बजे शुरू होगी लेकिन विद्यार्थियों को सुबह 10 बजे तक परीक्षा केंद्र के अंदर पहुंचना अनिवार्य है। सुबह 10 बजे के बाद किसी भी छात्र को केंद्र के अंदर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। बोर्ड ने सलाह दी है कि ट्रैफिक और दूरी को देखते हुए विद्यार्थी सुबह 9 या 9.30 बजे तक केंद्र पर पहुंच जाएं। पहले से करें यात्रा की योजना – बोर्ड ने विद्यार्थियों और पेरैंट्स से कहा है कि वे परीक्षा के दिनों में लोकल ट्रैफिक, दूरी, मौसम और संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए अपनी यात्रा की योजना बनाएं। छात्रों को परीक्षा से पहले एक बार अपने केंद्र का दौरा करने की भी सलाह दी गई है ताकि रास्ता, समय और दूरी का सही अंदाजा लगाया जा सके। स्कूलों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अभिभावकों और विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करें और उन्हें समय प्रबंधन तथा परीक्षा संबंधी नियमों के प्रति जागरूक बनाएं। यह परीक्षा केवल छात्रों की तैयारी ही नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था की सजगता, जिम्मेदारी और निर्णय क्षमता की भी परीक्षा है, इसलिए सभी को नियमों, प्रक्रियाओं और दिशा-निर्देशों की पूरी जानकारी होना जरूरी है। इन बिंदुओं पर भी करें गौर – बिना एडमिट कार्ड विद्यार्थी को सैंटर में नहीं मिलेगी एंट्री एडमिट कार्ड पर पेरैंट्स और स्कूल प्रिंसीपल के सिग्नेचर जरूर हों एडमिट कार्ड को लैमिनेट न करें, क्योंकि इस पर इनविजिलेटर के सिग्नेचर होने जरूरी हैं रैगुलर विद्यार्थियों को स्कूल यूनिफॉर्म में आना अनिवार्य प्राइवेट परीक्षार्थी साधारण कपड़े पहन सकते हैं विद्यार्थी ट्रांसपेरैंट पाऊच में नीला या काला पैन, पैंसिल, रबर, कटर और स्केल ले जा सकते है पानी के लिए केवल ट्रांसपेरैंट बोतल की अनुमति, मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटुथ डिवाइस, कैल्कुलेटर, लॉग टेबल, इलैक्ट्रॉनिक गैजेट पूरी तरह वर्जित किसी भी प्रकार की लिखित सामग्री या कागज के टुकड़े ले जाना यू.एफ.एम. माना जाएगा एग्जाम सैंटर में ध्यान रखने वाली बातें – विद्यार्थी अपनी सीट पर बैठने से पहले आस-पास जांच लें कि कोई कागज तो नहीं गिरा है। आंसर-शीट मिलने पर उसके पन्नों की जांच करें और ओ.एम.आर. शीट पर अपना रोल नंबर, विषय कोड और अन्य डिटेल्स सावधानी से भरें। सी.बी.एस.ई. ने चेतावनी दी है कि नकल करते हुए या वर्जित सामान के साथ पकड़े जाने पर छात्र को परीक्षा से निकाला जा सकता है और भविष्य के लिए डिबार किया जा सकता है।

प्रतियोगी परीक्षाओ की तैयारी के लिए निशुल्क प्रशिक्षण

जशपुर. नवसंकल्प जशपुर में प्रतियोगी परीक्षाओ जैसे CGPSC 2027, छग सहायक शिक्षक भर्ती , छग व्यापम एवम द्वारा आयोजित एवम अन्य भर्ती परीक्षाओ (जैसे सब इंस्पेक्टर , मंडी उपनिरीक्षक ,फायरमैन , परिवहन आरक्षक , वन रक्षक ) की तैयारी के लिए निःशुल्क (आवासीय + डे-स्कॉलर ) प्रशिक्षण दिया जाना है. 3 नए बैच प्रारंभ किया जाना है. 3 नए बैच के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की तिथि 10 फरवरी 2026 से 20 फरवरी 2026 तक है, जिसके लिए प्रवेश परीक्षा 23 फ़रवरी 2026 को लिया जायेगा , प्रवेश परीक्षा में सफल होने वाले अभ्यर्थियों का इंटरव्यू 25 फ़रवरी 2026 से 28 फरवरी 2026 तक लिया. प्रवेश परीक्षा एवम इंटरव्यू के आधार पर 50 ( 24 छात्र + 26 छात्राओ) को हॉस्टल में प्रवेश दिया जायेगा व अन्य छात्र डे स्कॉलर निःशुल्क प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे. नीचे लिंक पर क्लिक करके फॉर्म भरें https://forms.gle/sBuLT2UVyqGPa1LG9

बिहार बोर्ड और CBSE 10वीं की 17 फरवरी से होगी परीक्षा

पटना. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की मैट्रिक वार्षिक परीक्षा 2026 का आयोजन 17 से 25 फरवरी तक होगा। परीक्षा राज्य के सभी जिलों में निर्धारित केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। प्रथम पाली के लिए सुबह 8:30 बजे से प्रवेश मिलेगा। द्वितीय पाली के लिए दोपहर एक बजे से प्रवेश की अनुमति रहेगी। परीक्षा शुरू होने से आधा घंटा पहले मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा। छात्रों को समय से पहले केंद्र पहुंचने की सलाह दी गई है। प्रथम पाली की परीक्षा से पहले प्रवेश एक घंटा पूर्व से शुरू होगा। दोपहर 1:30 बजे द्वितीय पाली के लिए मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा। लेट पहुंचने वाले छात्रों को प्रवेश नहीं मिलेगा। एडमिट कार्ड और आवश्यक दस्तावेज साथ रखना जरूरी है। केंद्र पर अनुशासन और नियमों का पालन अनिवार्य होगा। बोर्ड ने सभी छात्रों से निर्देशों का गंभीरता से पालन करने को कहा है। CBSE की परीक्षा भी 17 से इसी दिन से Central Board of Secondary Education की 10वीं परीक्षा भी शुरू हो रही है। राज्य में हजारों छात्र दोनों बोर्ड की परीक्षाओं में शामिल होंगे। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। अभिभावकों से भी अपील की गई है कि बच्चों को समय से भेजें। परीक्षा के दौरान अनुचित साधनों के प्रयोग पर सख्ती रहेगी। सभी केंद्रों पर निगरानी की व्यवस्था की गई है। बिना तनाव ऐसे करें रिविजन विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा से पहले हल्का और योजनाबद्ध रिविजन करें। आखिरी समय में नया विषय शुरू करने से बचें। छोटे-छोटे ब्रेक लेकर पढ़ाई करें ताकि दिमाग तरोताजा रहे। पर्याप्त नींद और संतुलित आहार भी जरूरी है। सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास सफलता की कुंजी है। तनाव मुक्त रहकर परीक्षा देने से बेहतर प्रदर्शन संभव है।

12 फरवरी से राजस्थान बोर्ड की परीक्षा, शिक्षा विभाग पूरी तैयारी के साथ

जयपुर,  माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान ने सत्र 2025–26 के लिए माध्यमिक, उच्च माध्यमिक व्यावसायिक एवं राज्य स्तरीय समान परीक्षा का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है। बोर्ड द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार प्रदेशभर में लाखों विद्यार्थियों की परीक्षाएं विभिन्न चरणों में आयोजित की जाएंगी। जारी शेड्यूल के अनुसार 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं 12 फरवरी से शुरू होंगी। बोर्ड के अनुसार कक्षा 8वीं की परीक्षा 19 फरवरी से और 5वीं की परीक्षा 20 फरवरी से आयोजित की जाएगी। वहीं राज्य स्तरीय समान परीक्षा के अंतर्गत कक्षा 9वीं और 11वीं की परीक्षाएं 7 मार्च से शुरू होंगी, जबकि कक्षा 3 से 7 (सीबीए) तक की परीक्षाएं 14 मार्च से प्रारंभ की जाएंगी। कक्षा वार परीक्षा तिथियां — (प्रात: 8:30 से 11:45 बजे तक) – कक्षा 10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षा – 12 फरवरी से (दोपहर 1:30 से 4:00 बजे तक) – कक्षा 8वीं परीक्षा – 19 फरवरी से – कक्षा 5वीं परीक्षा – 20 फरवरी से (प्रथम पारी: 8:30 से 11:45 तक, द्वितीय पारी: अपराह् 1:00 से सायं 4:15 बजे तक) – राज्य स्तरीय समान परीक्षा – (कक्षा 9 व 11) 7 मार्च से – राज्य स्तरीय समान परीक्षा – (कक्षा 3 से 7) 14 मार्च से परीक्षाओं के सफल संचालन की सभी तैयारियां पूर्ण: बोर्ड ने सभी स्कूलों और विद्यार्थियों को निर्देश दिए हैं कि वे समय पर प्रवेश पत्र प्राप्त करें और परीक्षा से जुड़ी सभी तैयारियां निर्धारित समयसीमा में पूरी करें। इन परीक्षाओं के लिए सभी केंद्रों पर तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा, गोपनीयता और अनुशासन को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सुरक्षा एवं पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए ब्लॉक और जिला स्तर पर उड़नदस्तों की नियुक्ति की गई है। परीक्षाओं हेतु आवश्यक वीक्षकों की नियुक्ति कर ली गई है। इसके लिए प्रारंभिक शिक्षा से भी वीक्षक लगाए गए हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थानीय अवकाश का बोर्ड सहित अन्य परीक्षाओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। सभी विद्यार्थियों को परीक्षा से पहले अपना प्रवेश पत्र अनिवार्य रूप से प्राप्त करना होगा। बिना प्रवेश पत्र के किसी भी छात्र को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। विद्यार्थियों से समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने और अनुशासन बनाए रखने की अपील की गई है।

खरगोन में प्राइवेट स्कूल की सुस्ती, 12वीं के 13 छात्र अंग्रेजी परीक्षा में शामिल नहीं हो सके

खरगोन  खरगोन जिले के गायत्री विद्यापीठ हायर सेकंडरी स्कूल की घोर लापरवाही के कारण 12वीं कक्षा के 13 छात्र अंग्रेजी की बोर्ड परीक्षा नहीं दे सके. स्कूल प्रबंधन ने छात्रों से परीक्षा फॉर्म तो भरवा लिए, लेकिन उनकी फीस माध्यमिक शिक्षा मंडल को समय पर नहीं भेजी. इस कारण इन छात्रों के प्रवेश पत्र जनरेट नहीं हुए. जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर भीकनगांव में गायत्री विद्यापीठ हायर सेकंडरी स्कूल प्रबंधन ने 10वीं और 12वीं के नियमित 23 बच्चों के फॉर्म तो भरवाए, लेकिन उनकी परीक्षा फीस माध्यमिक शिक्षा मंडल (MP Board) भोपाल को नहीं भेजी गई.  लापरवाही की हद तो तब हो गई जब स्कूल प्रबंधन परीक्षा के 2 दिन पहले तक भी नहीं जागा. मंगलवार  यानी 10 फरवरी को आयोजित 12वीं की अंग्रेजी की परीक्षा के लिए जब बच्चों को सोमवार के दिन तक प्रवेश पत्र नहीं मिले तो उन्होंने स्कूल से संपर्क किया तब यह पता चला कि बच्चों की फीस ही जमा नहीं की गई है. धीरे-धीरे सभी पालकों को पता चला तो गुस्साए पालक स्कूल पहुंच गए, यहां जमकर हंगामा हुआ.  इसके बाद सैकड़ों लोगों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ खंडवा वडोदरा स्टेट हाईवे पर गांधी प्रतिमा के सामने चक्काजाम कर दिया. चक्का जाम आधी रात तक जारी रहा. थाना इंचार्ज और बीईओ दिनेश पटेल ने गुस्साए लोगों को समझने का प्रयास किया लेकिन कोई नहीं माना. स्कूल प्रबंधन ने ताबड़तोड़ माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल के अकाउंट में 3 लाख 73 हजार जमा किए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी, क्योंकि मंगलवार को ही 12वीं के 13 बच्चों को अंग्रेजी के पेपर में शामिल होना था. कलेक्टर और शिक्षा विभाग ने भी प्रयास किए, लेकिन पोर्टल बंद होने और समय की कमी के चलते मंगलवार सुबह होने वाले पेपर के लिए प्रवेश पत्र नहीं मिल सके. मामले को लेकर विकासखंड शिक्षा अधिकारी दिनेश पटेल का कहना है, छात्रों के फॉर्म तो भरवा गए, लेकिन उनकी फीस जमा नहीं की गई. इससे बच्चे परीक्षा से वंचित हुए हैं. इस मामले को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी और कलेक्टर को अवगत कराया गया है. स्कूल प्रबंधन के खिलाफ वे ही कार्रवाई करेंगे. 

मध्य प्रदेश में बोर्ड परीक्षा की शुरुआत, 16 लाख छात्र परीक्षा देंगे, 3800 सेंटरों पर ‘तीसरी आंख’ रहेगा अलर्ट

भोपाल  मध्य प्रदेश में बोर्ड परीक्षाओं का दौरआज से  शुरू होने जा रहा है। 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में इस बार 16 लाख से ज्यादा छात्र शामिल होंगे। राज्यभर में बनाए गए 3856 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा होगी, जहां नकल रोकने के लिए तकनीक और प्रशासन दोनों का कड़ा पहरा रहेगा।इस बार बोर्ड परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी और अनुशासित बनाने पर जोर दिया गया है। सभी परीक्षाएं सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक एक ही शिफ्ट में आयोजित होंगी। परीक्षा केंद्रों पर CCTV कैमरों से निगरानी, फ्लाइंग स्क्वॉड की तैनाती और प्रश्नपत्रों की सुरक्षा तक हर स्तर पर सख्ती की गई है।  10 फरवरी से 12वीं, 13 फरवरी से 10वीं की परीक्षा माध्यमिक शिक्षा मंडल के अनुसार 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं आज 10 फरवरी से शुरू हो रही , जबकि 10वीं की परीक्षाएं 13 फरवरी 2026 से प्रारंभ होंगी। इस बार करीब 9.07 लाख छात्र 10वीं और लगभग 7 लाख छात्र 12वीं की परीक्षा देंगे। हर जिले में उड़नदस्ते, संवेदनशील केंद्रों पर तीसरी आंख प्रदेश के हर जिले में चार-चार फ्लाइंग स्क्वॉड बनाए गए हैं, जो परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण करेंगे। संवेदनशील केंद्रों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। यहां CCTV कैमरों के जरिए भोपाल स्थित बोर्ड कार्यालय से सीधी मॉनिटरिंग होगी। इसके अलावा थानों से प्रश्नपत्र निकालने की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी अनिवार्य की गई है। प्रदेश भर में 16 लाख से ज्यादा छात्र देंगे बोर्ड परीक्षा इस बार प्रदेश में 10वीं और 12वीं की परीक्षा में करीब 16 लाख छात्र परीक्षा में शामिल होंगे। इनमें 9 लाख 7 हजार विद्यार्थी कक्षा 10वीं की परीक्षा देंगे, जबकि करीब 7 लाख छात्र 12वीं की बोर्ड परीक्षा में बैठेंगे। इतने बड़े स्तर पर होने वाली परीक्षाओं को शांतिपूर्ण, नकलमुक्त और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और शिक्षा विभाग ने महीनों पहले से तैयारियां शुरू कर दी थीं। 3856 परीक्षा केंद्र, हर जिले में सख्त निगरानी बोर्ड परीक्षाओं के लिए पूरे प्रदेश में 3856 परीक्षा केंद्र बनाए हैं। राजधानी भोपाल की बात करें तो यहां 10वीं के 30 हजार 746 और 12वीं के 26 हजार 627 छात्र परीक्षा देंगे। इन छात्रों के लिए भोपाल में कुल 104 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। हर जिले में चार-चार फ्लाइंग स्क्वॉड गठित किए गए हैं। इनमें से दो स्क्वॉड विकासखंड स्तर पर और दो जिला स्तर पर काम करेंगे। हर स्क्वॉड में तीन सदस्य होंगे और तीनों पुलिस या प्रशासनिक स्तर के अधिकारी होंगे, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई हो सके। संवेदनशील केंद्रों पर ‘तीसरी आंख’ का पहरा नकल और अनुचित साधनों पर रोक लगाने के लिए इस बार तकनीक का भरपूर इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रशासन ने संवेदनशील परीक्षा केंद्रों की पहचान कर वहां सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। इन केंद्रों पर होने वाली गतिविधियों पर भोपाल स्थित बोर्ड कार्यालय से सीधी निगरानी रखी जाएगी। इसके अलावा, थानों से प्रश्न-पत्र निकालने के दौरान भी वीडियोग्राफी अनिवार्य की गई है और सुरक्षा गार्ड्स की तैनाती की गई है। इसका मकसद है कि परीक्षा प्रक्रिया की हर कड़ी पारदर्शी और सुरक्षित बनी रहे। स्कूलों को सख्त निर्देश… एक भी छात्र न छूटे माध्यमिक शिक्षा मंडल ने सभी सरकारी, निजी और अनुदान प्राप्त स्कूलों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि संशोधित टाइमटेबल की जानकारी हर हाल में छात्रों और अभिभावकों तक पहुंचे। स्कूलों को कहा गया है कि नोटिस बोर्ड, मॉर्निंग असेंबली और अभिभावक व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए यह सूचना तुरंत साझा करें। शिक्षकों को व्यक्तिगत रूप से यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि कोई भी छात्र पुरानी तारीखों के भरोसे परीक्षा से वंचित न रह जाए। परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश के सख्त नियम जिला शिक्षा अधिकारी एनके अहिरवार ने बताया कि बोर्ड परीक्षाओं को लेकर जिले में सख्त व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। परीक्षार्थियों को सुबह 8:30 बजे के बाद किसी भी हालत में परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ रोकने के लिए निर्धारित दूरी के बाद प्रवेश निषेध रहेगा। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। चयनित केंद्रों पर भोपाल से सीधी मॉनिटरिंग माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा प्रदेश के हर जिले में पांच-पांच परीक्षा केंद्रों को विशेष मॉनिटरिंग के लिए चुना गया है। इन केंद्रों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की निगरानी सीधे भोपाल स्थित बोर्ड कार्यालय से की जाएगी। इसके अलावा, औचक निरीक्षण के लिए उड़नदस्ते भी लगातार सक्रिय रहेंगे, जिनमें शिक्षा विभाग के साथ प्रशासनिक अधिकारी शामिल होंगे। अब बात बच्चों की सेहत की परीक्षाओं की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे छात्रों पर पढ़ाई का दबाव बढ़ता जा रहा है। 10 फरवरी से 12वीं और 13 फरवरी से 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं शुरू होनी हैं। ऐसे में छात्र घंटों एक ही जगह बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं। कम समय में ज्यादा सिलेबस पूरा करने की दौड़ में बच्चे अपनी सेहत को नजरअंदाज कर रहे हैं, जिसका असर अब उनके शरीर पर साफ दिखाई देने लगा है। राजधानी भोपाल में 104 परीक्षा केंद्र भोपाल में 10वीं के 30,746 और 12वीं के 26,627 छात्र परीक्षा देंगे। इसके लिए शहर में कुल 104 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। यहां भी हर केंद्र पर सख्त सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था लागू रहेगी।बोर्ड ने पहले ही संशोधित टाइम टेबल जारी कर दिया है। किसी भी तरह की गलतफहमी से बचने के लिए सभी स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि यह टाइम टेबल हर छात्र और अभिभावक तक अनिवार्य रूप से पहुंचे। इसके लिए नोटिस बोर्ड, असेंबली और व्हाट्सएप ग्रुप जैसे माध्यमों का इस्तेमाल करने को कहा गया है। एग्जाम के दौरान सख्त नियम परीक्षार्थियों को सुबह 8:30 बजे तक परीक्षा केंद्र पहुंचना अनिवार्य होगा। इसके बाद प्रवेश नहीं मिलेगा। परीक्षा केंद्रों के आसपास भीड़ और अनावश्यक गतिविधियों पर रोक रहेगी। फिजियोथेरेपी सेंटरों में बढ़ी बच्चों की संख्या फिजियोथेरेपी विशेषज्ञों के अनुसार, आजकल बच्चों में फिजिकल एक्टिविटी लगभग खत्म हो गई है। लगातार 3 से 4 घंटे बिना ब्रेक पढ़ने से गर्दन और कंधों में दर्द, हाथों में झुन्नझुनी, सुन्नपन और कभी-कभी उल्टी जैसा मन होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। फिजियोथेरेपी सेंटर्स में 13 से 17 साल की उम्र के बच्चों की संख्या करीब 30 प्रतिशत … Read more

मार्च में होने वाली पहली से आठवीं कक्षा की परीक्षाएं, तिथियां जारी, जिला अधिकारियों को दिशा-निर्देश

चंडीगढ़  हरियाणा विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने राज्य के सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को पहली से आठवीं कक्षा तक की वार्षिक परीक्षाओं की तिथि सूची जारी कर दी है। यह परीक्षाएं शैक्षणिक सत्र 2025-26 के तहत मार्च 2026 में आयोजित की जाएंगी, जबकि अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों के लिए अप्रैल 2026 में पूरक परीक्षाएं होंगी। निदेशालय की ओर से जारी पत्र के अनुसार सभी विद्यालयों को तय कार्यक्रम के अनुसार परीक्षा करवाने और आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।  जारी तिथि सूची के अनुसार पहली से पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों की मुख्य विषयों की परीक्षाएं 13 मार्च से शुरू होकर 18 मार्च तक चलेंगी। इन कक्षाओं में भाषा, गणित और पर्यावरण जैसे विषय शामिल हैं। वहीं छठी से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों की परीक्षाएं 11 मार्च से शुरू होकर 18 मार्च तक आयोजित होंगी। इन कक्षाओं में भाषा, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान तथा अन्य वैकल्पिक विषयों की परीक्षाएं निर्धारित की गई हैं। निदेशालय ने सभी जिला अधिकारियों से कहा है कि परीक्षा प्रक्रिया शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से करवाई जाए। विद्यालय प्रमुखों को विद्यार्थियों और अभिभावकों को समय से जानकारी देने तथा परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा विभाग का कहना है कि तय समय पर परीक्षाएं पूरी कर परिणाम भी जल्द घोषित किए जाएंगे, ताकि अगले सत्र की तैयारियां समय पर शुरू हो सकें।

माशिमं ने बढ़ाई परीक्षा शुल्क, 10वीं-12वीं के लिए 460 से 800 रुपए, आवेदन शुल्क में भी 70 रुपए का इजाफा

रायपुर  छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने करीब 5 साल बाद 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के शुल्क में बढ़ोतरी की है। यह बढ़ा हुआ शुल्क शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होगा। नए प्रावधान के तहत नियमित परीक्षार्थियों को अब बोर्ड परीक्षा, अंकसूची और प्रति विषय प्रैक्टिकल शुल्क मिलाकर 800 रुपए चुकाने होंगे, जबकि पहले इसके लिए 460 रुपए देने पड़ते थे। बोर्ड परीक्षा के आवेदन फॉर्म के शुल्क में भी 70 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। पहले जहां आवेदन शुल्क 80 रुपए था, अब इसे बढ़ाकर 150 रुपए कर दिया गया है। हालांकि, प्रवेश पत्र की द्वितीय प्रति के शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसके लिए पहले की तरह 80 रुपए ही देने होंगे। कार्यपालिका समिति की बैठक में लिया गया फैसला 10वीं और 12वीं परीक्षा शुल्क में बढ़ोतरी का निर्णय माशिमं की कार्यपालिका समिति की बैठक में लिया गया। समिति ने करीब 22 मदों के शुल्क बढ़ाने को मंजूरी दी है। इनमें नामांकन शुल्क, अतिरिक्त विषय, एक विषय या दो विषय (द्वितीय मुख्य/अवसर परीक्षा), स्वाध्यायी छात्रों के पंजीयन और अनुमति शुल्क समेत अन्य मद शामिल हैं। स्वाध्यायी छात्रों पर भी पड़ेगा असर प्रदेश के स्वाध्यायी एससी/एसटी छात्रों के पंजीयन और अनुमति शुल्क में भी लगभग डेढ़ गुना वृद्धि की गई है। पहले जहां इसके लिए 560 रुपए देने होते थे, अब 800 रुपए चुकाने होंगे। वहीं, राज्य के नए छात्रों और राज्य से बाहर के छात्रों के पंजीयन और अनुमति शुल्क में भी बढ़ोतरी की गई है। पहले यह शुल्क 1,540 रुपए था, जिसे अब बढ़ाकर 2,000 रुपए कर दिया गया है। विषयवार परीक्षा शुल्क में इजाफा एक विषय की परीक्षा: 280 → 400 रुपए दो विषय (द्वितीय मुख्य/अवसर परीक्षा): 340 → 600 रुपए 2021 में हुई थी पिछली बढ़ोतरी गौरतलब है कि, माशिमं ने इससे पहले साल 2021 में बोर्ड परीक्षा और उससे जुड़े विभिन्न शुल्कों में वृद्धि की थी। पांच साल बाद एक बार फिर परीक्षा शुल्क बढ़ने से छात्रों और अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ने की संभावना है।

5वीं-8वीं के परीक्षा केंद्रों को 5 किमी दूर भेजने से बच्चों और अभिभावकों को बढ़ी मुश्किलें

भोपाल  प्रदेश में 5वीं और 8वीं की बोर्ड पैटर्न परीक्षाएं 20 फरवरी से शुरू होने जा रही हैं। इस परीक्षा में करीब 25 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे, जिनके लिए प्रदेश भर में लगभग 12 हजार से अधिक परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। ये परीक्षा केंद्र मूल विद्यालय से पांच किलोमीटर दूर के विद्यालयों में बनाए जाने से परीक्षार्थी और अभिभावकों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है। परीक्षा 20 फरवरी से 28 फरवरी तक आयोजित की जाएगी और इसके लिए विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। राज्य शिक्षा केंद्र के नियमों के अनुसार छोटे विद्यार्थियों को ध्यान में रखते हुए केंद्र स्कूल से कम दूरी पर बनाए जाने चाहिए, ताकि उन्हें आने-जाने में परेशानी न हो। राज्य शिक्षा केंद्र ने एक से तीन किमी के अंदर तक केंद्र बनाने के निर्देश दिए थे, लेकिन कई जगहों पर केंद्र चार से पांच किलोमीटर दूरी पर बनाए जाने की शिकायत सामने आ रही हैं। 5वीं व 8वीं की यह परीक्षा माध्यमिक शिक्षा मंडल के पैटर्न पर आयोजित की जा रही है। इसमें सरकारी, निजी स्कूलों तथा मदरसों के विद्यार्थी शामिल होंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक परेशानी ग्रामीण क्षेत्रों में यह समस्या और ज्यादा गंभीर हो सकती है, क्योंकि वहां परिवहन की सुविधा सीमित रहती है। छोटे बच्चों को समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए अधिक समय और संसाधनों की जरूरत पड़ेगी। अभिभावकों का कहना है कि अधिक दूरी होने से बच्चों की सुरक्षा और समय पर पहुंचने की चिंता बढ़ जाती है। निजी स्कूलों को अधिक बनाए गए केंद्र भोपाल जिले में 201 केंद्रों पर करीब 78 हजार बच्चे शामिल होंगे। इसमें पुराने शहर में जनशिक्षा केंद्र प्रभारी एवं जनशिक्षक के प्रस्ताव को नजरअंदाज कर विकासखंड स्रोत समन्वयकों ने सरकारी के बदले निजी स्कूलों को केंद्र बना दिया गया है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि केंद्र विद्यार्थियों की संख्या और उपलब्ध सुविधाओं को ध्यान में रखकर तय किए जाते हैं।