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भोपाल में ट्रैफिक कंट्रोल के लिए बड़ा फैसला: ई-रिक्शा 12 मार्गों से बाहर, पार्किंग पर भी रोक

भोपाल   राजधानी भोपाल की स्कूलों के बाद आज से शहर के 12 व्यस्ततम और अहम वीवीआईपी जगहों पर ई-रिक्शा चलाने और पार्किंग पर प्रतिबंध है। दरअसल 27 जून को हुई जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में ई-रिक्शा चलाने पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया था। पहले 7 दिन दी जाएगी समइाइश इन सभी मार्गों को भोपाल ट्रैफिक पुलिस ने दो पैमानों पर तय किया है। पहला ये कि इन सभी मार्गो पर नगर सेवा बाहन पहले से संचालित है। दूसरा यह कि इन सड़कों पर ई-रिक्शा की ज्यादा संख्या होने के कारण ट्रैफिक जाम के हालात बनते हैं। दो दिन पहले ई-रिक्शा से स्कूली छात्र-छात्राओं के परिवहन पर भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने प्रतिबंध लगाया था। ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि अगले सात दिनों तक प्रतिबंधित मार्गों पर ई-रिक्शा चलाने और पार्क करने वाले चालकों को समइाइश दी जाएगी। इसके बाद चालान होंगे। यहां ई-रिक्शा व उसकी पार्किंग प्रतिबंधित -राजभवन से पॉलिटेक्निक चौराहा – पॉलिटेक्निक चौराहा से स्टेट हैंगर – बोट क्लब – हमीदिया रोड-अल्पना से भोपाल टॉकीज -अपेक्स बैंक से रोशनपुरा – लिंक रोड-1 बोर्ड ऑफिस चौराहा से अपेक्स बैंक तक – काटजू अस्पताल तिराहा से रंगमहल तिराहा तक – वन्दे मातरम से 10 नंबर स्टॉप तक -10 नंबर से नेशनल अस्पताल तक – 10 नंबर से साढ़े 10 नंबर तक – सेंटर प्वाइंट से रोशनपुरा तक – जीजी फ्लाईओवर  सुरक्षा कारणों से लिया गया फैसला यातायात पुलिस के अनुसार, भोपाल की इन सड़कों पर वीआईपी मूवमेंट और उच्च यातायात घनत्व अधिक होता है। आम नागरिकों की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है। ई-रिक्शा की धीमी गति और बेतरतीब पार्किंग व्यवस्था कई बार दुर्घटनाओं और जाम का कारण बनती है। स्कूली बच्चों को ले जाने पर भी सख्त रोक भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने 20 जुलाई 2025 को निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा, स्कूली छात्रों को अब ई-रिक्शा से नहीं ले जाया जा सकता। यह फैसला बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है। ट्रैफिक पुलिस इस विषय पर जागरूकता अभियान भी चला रही है। भोपाल में 7,000 से अधिक ई-रिक्शा संचालित भोपाल क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) के मुताबिक, भोपाल में 7,000 से अधिक ई-रिक्शा संचालित हैं। इनमें से ज्यादातर बिना परमिट के संचालित हैं। भोपाल टॉकीज़ से करोंद चौराहा और अयोध्या बाईपास तक ई रिक्शा के चलते भारी ट्रैफ़िक जाम लगता है। भोपाल आरटीओ ने यह आंकड़े पिछले साल जारी किए थे। अब इनकी संख्या और बढ़ गई होगी।  स्कूलों में ई-रिक्शा पर प्रतिबंध लगेगा, बच्चों की सेफ्टी  …….  शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए शुक्रवार को कंट्रोल रूम में एक मीटिंग हुई। सांसद आलोक शर्मा ने जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निगम और पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। मीटिंग में लेफ्ट-टर्न को सुधारने, ई-रिक्शा पर नियंत्रण रखने, ट्रांसफार्मर हटाने और पार्किंग व्यवस्था को ठीक करने जैसे मुद्दों पर बात हुई। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को उनके अधूरे प्लान के लिए फटकार लगाई गई और उन्हें एक हफ्ते में ट्रैफिक एक्सपर्ट्स के साथ मिलकर लेफ्ट टर्न सुधार का प्लान पेश करने का निर्देश दिया गया। शहर के 42 चौराहों पर लेफ्ट टर्न की समस्या को दूर करने के लिए 3 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। ई-रिक्शा पर रोक ई-रिक्शा के गलत इस्तेमाल को लेकर चिंता जताई गई और कलेक्टर ने कहा कि बच्चों को ई-रिक्शा में स्कूल भेजना सुरक्षित नहीं है। इसलिए स्कूलों में ई-रिक्शा को प्रतिबंधित करने का फैसला लिया गया, क्योंकि यह बच्चों की सुरक्षा के लिए जरूरी था। मीटिंग में सड़कों से अतिक्रमण हटाने और कंडम वाहनों को हटाने पर भी बात हुई। सांसद शर्मा ने ट्रांसफार्मर और खंभों को हटाने की बात कही और पार्किंग व्यवस्था को आम लोगों के लिए आसान बनाने के निर्देश दिए। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को फटकार सांसद आलोक शर्मा ने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को फटकार भी लगाई। दरअसल, पीडब्ल्यूडी अधिकारी बिना किसी वर्किंग प्लान के मीटिंग में पहुंच गए थे। इस पर सांसद ने नाराजगी जताई। मीटिंग में संबंधित विभागों को कुछ निर्देश दिए गए। उन्हें मैनिट के ट्रैफिक विशेषज्ञों की मदद से सभी 42 चौराहों की समीक्षा रिपोर्ट और एस्टीमेट तैयार करने को कहा गया। इससे जल्द से जल्द काम शुरू किया जा सके। ऐसा करने से ट्रैफिक जाम में कमी आएगी और लोगों का आना-जाना आसान हो जाएगा। साथ ही, चौराहों की सुरक्षा और दृश्यता भी बेहतर हो जाएगी।  

शिवभक्ति में डूबेगा रायपुर: पश्चिम क्षेत्र से निकलेगी भव्य कांवड़ यात्रा

रायपुर  3 अगस्त रविवार की सुबह रायपुर पश्चिम विधानसभा से प्रति वर्ष अनुसार इस वर्ष भी विशाल कावड़ यात्रा का आयोजन विधायक राजेश मूणत के नेतृत्व में होने जा रहा है जिसकी तैयारिया को लेकर पश्चिम विधायक राजेश मूणत के नेतृत्व में जिला भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर में एक बड़ी बैठक का आयोजन किया गया जहां आगामी 3 अगस्त को होने वाली कावड़ यात्रा के संबंध में सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ताओ को दिशानिर्देश दिए गए एवं प्रदाय जिम्मेदारियों का जायजा भी लिया गया राजेश मूणत ने कार्यकर्ताओ को संबोधित करते हुए कहा की प्रति वर्षानुसार इस वर्ष भी हमारे द्वारा विशाल कावड़ यात्रा का आयोजन रायपुर पश्चिम में किया जाना है जिसके संदर्भ में यह बैठक आहूत की गई है । रायपुर के सभी जिला एवं मंडल पदाधिकारियों को यात्रा व्यवस्था की जिम्मेदारी सौपी गई है कावड़ यात्रा का यह कार्यक्रम अपनी भव्यता के लिए सदैव राजधानी सहित आसपास चर्चित रहा है , और यह आप सभी के परिश्रम और सहयोग से यह संभव हुआ है । विभिन्न क्षेत्रों से आई झांकियां और बाजे गाजे होंगे मुख्य आकर्षण राजेश मूणत ने आगे कहा इस वर्ष कावड़ यात्रा को और भी अधिक भव्यता और वैभव प्रदान करने हमने स्थानीय लोक कलाकारों के अलावा अन्य प्रदेशों के कलाकारों को भी अपनी प्रस्तुति देने निमंत्रित किया है जैसे की उज्जैन मध्यप्रदेश में बाबा महाकाल की सवारी में डमरू और ढोल बजाने वाली टीम , उत्तर प्रदेश से अघोरी नृत्य की प्रस्तुति देने वाली टीम , उत्तर प्रदेश से ही युवतियों द्वारा मां काली की जीवंत झांकी का प्रदर्शन , उड़ीसा के बाहुबली कट्टपा की वेशभूषा में संबलपुरी बाजे में प्रस्तुति देने वाले चर्चित कलाकारों की टीम , छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध नृत्य कलाकारों जैसे आदिवासी नृत्य , पंथी नृत्य और राउत नाचा की प्रस्तुति देने वाले कलाकारों का दल , भगवान भोलेनाथ की चलित झांकी और प्रदेश के प्रमुख ढोल धुमाल पार्टी अपनी अपनी प्रस्तुति देंगे जो कावड़ यात्रा का मुख्य आकर्षण होगा । सुबह बाबा हटकेश्वरनाथ को अर्पित किया आमंत्रण पत्र 3 अगस्त को होने जा रही भव्य कावड़ यात्रा हेतु सभी सनातनियों हेतु आमंत्रण पत्रक भी छपवाए गए हैं जिसकी प्रथम प्रति आज 22 जुलाई को सुबह, विधायक राजेश मूणत ने महादेवघाट तीर्थ पहुंचकर बाबा हटकेश्वरनाथ, माँ महाकाली, और मंदिर परिसर में स्थित अन्य देवी-देवताओं को कांवड़ यात्रा का विशेष आमंत्रण पत्र अर्पित किया। इस अवसर पर उन्होंने पूजा-अर्चना कर भगवान शिव से प्रार्थना की कि रायपुर शहर के नागरिकों पर सदैव उनका आशीर्वाद बना रहे।  रायपुर के सनातनी समाज से कावड़ यात्रा में शामिल होकर भव्यता प्रदान करने और धर्म लाभ लेने की अपील रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत ने बाबा हटकेश्वर नाथ में जलाभिषेक हेतु निकाली जा रही कांवड़ यात्रा के संदर्भ में रायपुर में निवासरत सभी सनातन बंधुओं से सार्वजनिक अपील करते हुए कहा कि । “यह यात्रा सामाजिक समरसता, शिवभक्ति और नगर की संस्कृति का उत्सव है। सभी शिवभक्तों से आग्रह है कि समय पर उपस्थित होकर यात्रा का हिस्सा बनें और शहर की धार्मिक गरिमा , सनातन धर्म प्रेमी शिवभक्ति में लीन होकरधर्म लाभ ग्रहण करें । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ,विधानसभा अध्यक्ष डॉ.रमन सिंह सहित सभी प्रमुख नेता रहेंगे उपस्थित :- राजेश मूणत उन्होंने आगे कहा की कावड़ यात्रा का आयोजन विशुद्ध रूप से गैर राजनैतिक कार्यक्रम है इसमें पूरे रायपुर शहर के समस्त सनातनी बंधु बांधव सादर आमंत्रित हैं ऐसे में आप सभी की महती जिम्मेदारी है की आप सभी को इस कार्यक्रम में सम्मिलित होने आ रहे समस्त सनातनी धार्मिक बंधुओं माताओं बहनों भोले भक्तों के लिए कावड़ सहित समस्त व्यवस्थाएं श्रेष्ठता से करनी है चूंकि कावड़ यात्रा में अतिथि के रूप में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय , पूर्व मुख्यमंत्री विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह , रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल , रायपुर जिले के सभी 7 विधानसभाओं के विधायक एवं अन्य सभी वरिष्ठ भाजपा नेताओ सहित सामाजिक संस्थाओं और सनातन धर्म के प्रमुख साधु संतो महात्माओं की सम्मानित उपस्थिति रहेगी ऐसे में कार्यक्रम की गरिमा बनाए रखना एवं सभी व्यवस्थाएं उच्च स्तरीय रखना हम सभी की जिम्मेदारी है मैं इस मंच और मीडिया के माध्यम से राजधानी रायपुर सहित आसपास के सभी शिवभक्तों सनातन धर्म प्रेमियों को कावड़ यात्रा में सम्मिलित होकर कावड़ यात्रा में धर्म लाभ लेने निमंत्रित करता हूं । मंचन संचालन कर रहे कार्यक्रम प्रभारी ओंकार बैस ने आगे की जानकारी देते हुए बताया की झांकियों और बाजे गाजे डीजे के साथ ही निकाली जा रही कावड़ यात्रा का शुभारंभ प्रातः 9:30 बजे गुढ़यारी स्थित हनुमान मंदिर से किया जाएगा जहां से यात्रा प्रारंभ होकर मुख्य मार्ग गुढ़यारी से होते हुए पड़ाव, शुक्रवारी बाजार , खाल बाड़ा , रामनगर से ओवर ब्रिज तेलघानी नाका से अग्रसेन चौक मार्ग होते हुए अमापारा , लाखेनगर , अश्वनी नगर मुख्य मार्ग से बाबा हाटकेश्वर नाथ मंदिर पहुंच कर भक्तगण जल अर्पण करेंगे जहां अलग अलग स्थान पर पुश्पवर्षा , आतिशबाजी और भंडारे की भी व्यवस्था की जाएगी । बैठक में प्रमुख रूप से महापौर श्रीमती मीनल चौबे , जिला भाजपा अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर , ओंकार बैस,अशोक पांडेय, अमित मैशरी गोवेर्धन खंडेलवाल, बी. श्रीनिवास राव, प्रीतम ठाकुर, अनिल सोनकर, भूपेंद्र ठाकुर, विनोद अग्रवाल, राजेश ठाकुर, भोला साहू, रजयंत ध्रुव, गज्जू साहू, पुरुषोत्तम देवांगन, सुनील चंद्राकर, कमलेश्वरी बसंत वर्मा, अमर बंसल, दीपक जायसवाल , मंडल एवं बूथ के के वरिष्ठ कार्यकर्ता उपस्थित थे।

स्पेन से सीखेंगे उन्नत खेती के गुर: किसानों का दल विदेश भेजेगी राज्य सरकार — सीएम डॉ. यादव

कृषि, उद्यानिकी और फल उत्पादन की उन्नत तकनीकी प्रबंधन की जानकारी के लिए कृषक दल जाएंगे स्पेन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के प्राकृतिक खेती और हरित ऊर्जा पर आधारित उत्पादों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर करेंगे प्रोत्साहित मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सफल दुबई-स्पेन यात्रा के लिए मंत्रीगण ने किया अभिवादन मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मुख्यमंत्री ने मंत्रीगण को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 13 से 19 जुलाई तक दुबई-स्पेन की सफल निवेश यात्रा से प्रदेश को वैश्विक निवेश के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान मिली है और यूरोप तथा खाड़ी देशों में यह संदेश पहुंचा है कि मध्यप्रदेश निवेश मित्र राज्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इस यात्रा में कुल 11 हजार 119 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिससे लगभग 14 हजार से अधिक रोजगार सृजन की संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे। दुबई-स्पेन की सफल निवेश यात्रा के लिए मंत्रीगण ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पुष्प गुच्छ और अंगवस्त्र भेंट कर उनका अभिवादन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्पेन में उद्यानिकी, फल उत्पादन और कृषि क्षेत्र का प्रबंधन सराहनीय और अनुकरणीय है। इस क्षेत्र में आधुनिकतम तकनीक अपनाने के लिए प्रदेश के कृषक दलों को स्पेन भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वस्त्र व्यवसाय में लगे अंतर्राष्ट्रीय समूह, हरित ऊर्जा के उपयोग और प्राकृतिक खेती से उत्पादित सामग्री को विशेष महत्व देते हैं। इस दृष्टि से मध्यप्रदेश के उत्पादों का अंतर्राष्ट्रीय बाजार में विशेष महत्व है। राज्य सरकार प्रदेश के उत्पादों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रोत्साहित करने की पहल करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुबई, मैड्रिड, बार्सिलोना में आयोजित “इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश’’ कार्यक्रम एवं “प्रवासी भारतीयों से चर्चा’’ में 1000 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। मध्यप्रदेश में टेक्समास (दुबई) के साथ एमओयू हुआ है। अरब देशों में मध्यप्रदेश में निवेशकों को आकर्षित करने के लिये अरब चैम्बर ऑफ कामर्स के साथ भी एमओयू किया गया। इसी तरह निवेश, तकनीकी सहयोग और सतत ‍डिजिटल अधोसंरचना विकास के लिये सबमर टेक्नॉलाजीस एस.एल. के साथ एमओयू किया गया। दुबई में इन्फ्रास्ट्रक्चर, स्टील मेन्युफेक्चरिंग, हॉस्पिटैलिटी, डिफेंस, वेयरहाउसिंग और सस्टेनेबल सिटी जैसे क्षेत्रों में कम्पनियों से कुल 6801 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। स्पेन में डिजिटल, टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन में कम्पनियों से 4318 करोड़ रुपये के प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिसमें उन्नत बायोफ्यूल और एसएएफ प्रोजेक्ट्स में 4000 करोड़ रुपये का एक बड़ा निवेश प्रस्ताव भी शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह यात्रा मध्यप्रदेश को निवेश के नए क्षेत्रों में व्यापार की संभावनाएं बनाने और उसे वैश्विक मंच पर एक प्रमुख निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने में अभूतपूर्व रूप से सफल रही है। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के आर्थिक विकास को गति मिलेगी और सांस्कृतिक संबंध भी मजबूत होंगे। महाकाल की सवारी में मंत्रीगणों को किया आमंत्रित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संपूर्ण वैश्विक जगत में विख्यात 12 ज्योतिर्लिंगों में से उज्जैन की धरती पर भूतभावन महाकाल बाबा विराजमान हैं। श्रावण तथा भाद्र मास में बाबा महाकाल की सवारी के रूप में आमजन के बीच पहुंचते हैं। बाबा महाकाल की सवारी का स्वरूप प्रत्येक सोमवार को अलग-अलग रूप में देखा जाता है। बाबा महाकाल की गौरवशाली सवारी में उपस्थित होने के लिए मंत्रि-परिषद के सभी साथियों के लिए उज्जैन के स्थानीय प्रशासन द्वारा विशेष व्यवस्था की गई। अब तक 21 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खरीफ-2025 के लिए कुल उपलब्ध उर्वरक 31.52 लाख मीट्रिक टन था, जिसमें से 20 जुलाई तक 21.05 लाख मीट्रिक टन वितरण हो चुका है। विपणन संघ के डबललॉक केन्द्रों पर इलेक्ट्रॉनिक टोकन सिस्टम लगाने की व्यवस्था कराई जा रही है। डबललॉक केन्द्रों पर किसानों को सुविधा से, व्यवस्थित ढंग से उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है। जिले के लिये ट्रांजिट रेक, प्राप्त होने वाली संभावित रेक, जिले में उपलब्ध स्कंध का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाये एवं इसकी जानकारी समस्त जन-प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाये। विपणन संघ के विक्रय केन्द्रों एवं पैक्स में निर्धारित अनुपात अनुसार उर्वरक का भंडारण करवाया जा रहा है। रासायनिक उर्वरकों की विक्रय दरों का अनुमोदन किया गया है। जैव-विविधता एवं पर्यावरण संरक्षण की पहल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जैव विविधता से सम्पन्न क्षेत्रों की पहचान कर उक्त क्षेत्र में सतत संरक्षण के लिये बायोस्फियर रिजर्व स्थापित किये जा रहे हैं। बायोस्फियर रिजर्व घोषित होने से उक्त क्षेत्र में सतत विकास और जैव विविधता एवं पर्यावरण का संरक्षण सुनिश्चित होता है। पचमढ़ी क्षेत्र को 1999 में, अचानकमार-अमरकंटक को 2011 में एवं पन्ना को 2011 में बायोस्फियर रिजर्व घोषित किया गया है। लगभग 15 वर्षों के अंतराल के बाद राज्य शासन के प्रयास एवं पहल से कान्हा, पेंच एवं बांधवगढ़ को भी बायोस्फियर रिजर्व घोषित किये जाने के लिये प्रोजेक्ट डॉक्यूमेंट तैयार कर भारत सरकार/यूनेस्को को प्रेषित किये गये हैं तथा इन्हें यूनेस्को के वर्ल्ड नेटवर्क ऑफ बायोस्फियर रिजर्व में नामांकित करने के लिये प्रयास करेंगे। इससे पर्यावरण संरक्षण एवं पर्यटन तथा रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल, कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल, पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल तथा लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने अभिवादन किया। मंत्रि-परिषद की बैठक राष्ट्रगीत वंदे-मातरम के सामूहिक गायन के साथ प्रारंभ हुई।  

राज्य सरकार जनसामान्य की सुरक्षा के प्रति संवेदनशील, आगामी त्यौहारों में उचित व्यवस्था और आवश्यक सावधानी बरतें-CM

अतिवर्षा और बाढ़ की स्थिति में पुख्ता सूचना-तंत्र की व्यवस्था हो सुनिश्चित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राहत कार्यों और शिविरों के प्रबंधन में सामाजिक संस्थाओं को भी सहभागी बनाएं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य सरकार जनसामान्य की सुरक्षा के प्रति संवेदनशील, आगामी त्यौहारों में उचित व्यवस्था और आवश्यक सावधानी बरतें-CM  मुख्यमंत्री ने अतिवृष्टि एवं बाढ़ के दृष्टिगत आवश्यक तैयारियों की समीक्षा की भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अतिवर्षा और बाढ़ की स्थिति में जान-माल की हानि न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए समय रहते सूचना-तंत्र की पुख्ता व्यवस्था की जाए। राज्य शासन जनसामान्य की सुरक्षा के प्रति संवेदनशील है। बाढ़ उन्मुख नदियों के लेवल पर लगातार निगरानी रखी जाए, बाढ़ संवेदनशील क्षेत्रों का पूर्व आंकलन कर राहत कैम्प की तैयारी रखें। आवश्यकता होने पर राहत शिविर लगाकर आवास और भोजन उपलब्ध कराया जाए। इन कार्यों में आवश्यकता होने पर सामाजिक, धार्मिक संस्थाओं का भी सहयोग लिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में अतिवृष्टि एवं बाढ़ के दृष्टिगत आवश्यक तैयारियों की मंत्रालय में समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्षाकाल में आने वाले त्यौहारों में उचित व्यवस्था और आवश्यक सावधानियां बरतना जरूरी हैं। आपदाओं से बचाव के संबंध में सामान्य जानकारियों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए और जनसामान्य को मॉकड्रिल व आपदा प्रबंधन संबंधी प्रशिक्षण में भी शामिल किया जाए। बैठक में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना, मुख्य सचिव अनुराग जैन, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में अब तक 61 प्रतिशत से अधिक वर्षा हुई है। सर्वाधिक वर्षा टीकमगढ़, मंडला, छतरपुर, निवाड़ी और सीधी में दर्ज की गई। आगामी माहों में वर्षा के अनुमान को देखते हुए प्रदेश में बाढ़ और अतिवृष्टि से बचाव के लिए एनडीआरएफ की 2 टीमों को भोपाल में, एक-एक टीम जबलपुर, ग्वालियर और धार में तैनात की गई हैं। एसडीईआरएफ की टीमें भी तैनात हैं। आपदा की स्थिति में सेना से सहायता प्राप्त करने के लिए सेना के जिलेवार नोडल अधिकारियों की सूची जिलों को प्रदान की गई है। जिलों को मोटर बोट, लाइफ जैकेट, फ्लड लाइट, प्राथमिक उपचार किट और अन्य आपदा उपकरण उपलब्ध करा दिए गए हैं। बैठक में प्रदेश के बांधों में जलभराव की स्थिति की जानकारी भी प्रस्तुत की गई।  

‘तन्वी द ग्रेट’ को प्रदेश में टैक्स‑फ्री घोषित किया गया — मुख्यमंत्री यादव की घोषणा

फिल्म  तन्वी द ग्रेट मध्यप्रदेश में कर मुक्त होगी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में कर मुक्त: ‘तन्वी द ग्रेट’ को मिली बड़ी सरकारी घोषणा — मुख्यमंत्री डॉ. यादव ‘तन्वी द ग्रेट’ को प्रदेश में टैक्स‑फ्री घोषित किया गया — मुख्यमंत्री यादव की घोषणा डीबी माल के सिनेमाघर में हुआ फिल्म का प्रदर्शन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फिल्म "तन्वी द ग्रेट" का देखा विशेष प्रदर्शन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में फिल्म "तन्वी द ग्रेट" कर मुक्त होगी। मध्यप्रदेश शासन द्वारा ऐसी सार्थक फिल्मों को प्रोत्साहित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फिल्म अभिनेता और निर्देशक अनुपम खेर के साथ मंगलवार की रात्रि भोपाल में फिल्म "तन्वी द ग्रेट" का विशेष प्रदर्शन देखा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फिल्म सिने प्रेमियों को संबोधित करते हुए कहा कि फिल्म का विषय चयन, कलाकारों का अभिनय, गीत संगीत, सभी दर्शकों का दिल जीतने योग्य रहा। यह फिल्म मानवीय संवेदनाओं और हमारे तानेबाने से संबंधित सार्थक संदेश देती है। यह फिल्म नहीं बल्कि एक सीख और एक पाठ है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी सेना से जुड़े विषयों पर ऐसी फिल्मों को प्रोत्साहित करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आटिज्म से प्रभावित बच्चे भी सक्षम होते हैं और वे सेना में भर्ती होने की योग्यता भी रखते हैं। यह फिल्म में बखूबी दिखाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फिल्मकार अनुपम खेर और सभी कलाकार अभिनंदन के पात्र हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डीबी मॉल स्थित सिनेमाघर परिसर में अनेक नागरिकों से भेंट और चर्चा भी की। फिल्म के प्रदर्शन के प्रारंभ में अभिनेता और निर्देशक अनुपम खेर ने सभी का स्वागत किया। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति आभार व्यक्त किया। खेर ने फिल्म प्रदर्शन के बाद कहा कि पिता का स्वप्न पूरा करने के लिए बेटी सभी जतन करती है। कोई व्यक्ति सबसे अलग हो सकता है लेकिन वह कमजोर नहीं होता। इस फिल्म की नायिका ने सिद्ध किया है, कि उसकी योग्यता से ही भारतीय सेना में उसका चयन होता है। फिल्म प्रदर्शन के अवसर पर हेमंत खण्डेलवाल, उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोंविद सिंह राजपूत, संस्कृति, पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी, विधायक भगवान दास सबनानी, समाजसेवी रविन्द्र यति सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। 

खाद्य सुरक्षा पर सवाल: आलू, प्याज और रोटी अब नहीं रहे सुरक्षित – इंटरनेशनल स्टडी का दावा

नई दिल्ली  जलवायु परिवर्तन देखते-देखते हमारी थाली और जेब तक पहुंचने लगा है. शोधकर्ताओं ने बताया कि क्लाइमेट चेंज के कारण कहीं रिकॉर्ड तोड़ बारिश हो रही है तो कहीं बाढ़ तो वहीं कुछ जगहें भीषण सूखा या अकाल का सामना कर रही हैं. इसका सबसे बड़ा असर खेती पर पड़ रहा है.  खेती कैसे हो रही है प्रभावित? जलवायु परिवर्तन का सबसे बड़ा असर दुनिया भर में होने वाली खेती पर काफी बुरे तरीके से पड़ रहा है. खेती कम होने के कारण अनाज, फल और सब्जियों के दाम को बढ़ाया जा रहा है. अगर इसी तरह से मौसम बिगड़ता रहा तो आने वाले समय में गरीब देश कुपोषण, राजनीतिक समस्या और समाज में अशांति की समस्या से जूझ रहे होंगे. किन-किन चीजों के दाम में आया उछाल? ब्रिटेन की एनर्जी एंड क्लाइमेट इंटेलीजेंस यूनिट, European Central Bank, फूड फाउंडेशन और पॉट्सडैम इंस्टीट्यूट फॉर क्लाइमेट इमपैक्ट के संयुक्त अध्ययन में 2022 और 2024 के बीच 18 देशों के मौसम का डाटा लिया गया जिसमें पाया गया कि खाने वाली चीजों के दाम में बढ़ोतरी का कनेक्शन गर्मी, सूखा और बारिश से था. शोध से पता चला कि बीते साल ब्रिटेन में आलू, साउथ कोरिया में पत्तागोभी और घाना में कोको के दाम में तेजी से उछाल आया. इनकी वजह असामान्य मौसम था. खेती करने में क्या आ रही है मुश्किल? Climate Change ने खेती को चुनौतीपूर्ण बना दिया है. लंबे समय तक सूखा पड़ने से फसलें बर्बाद हो जाती हैं. तेज बहाव के साथ आने वाली बाढ़ ऊपजाऊ मिट्टी को अपने साथ बहा ले जाती है. इसके बाद उस जगह पर सिर्फ ऐसी जमीन रह जाती है जिस पर खेती करना बहुत मुश्किल काम हो जाता है. इसके बाद अनाज की कमी और मंहगाई की वजह से परिवारों को बुनियादी पोषण का खर्च उठाना भी मुश्किल हो जाता है.  आलू-प्याज पर भी खतरा? इसी शोध में ये भी पाया गया कि साल 2022 के मुकाबले भारत में जून 2024 तक प्याज और आलू के दाम 89 फीसदी तक बढ़े थे. यहीं हाल बाकी देशों का भी है. बता दें कि मोजाम्बिक में जब ब्रेड की कीमत बढ़ी थी तो लोग सड़कों पर उतर आए थे. शोधकर्ता मैक्सिमिलियन कोट्ज ने कहा कि, जब खाने की चीजें महंगी होती हैं तो गरीबों को कम पोषण मिलता है जिसका असर स्वास्थ्य पर पड़ता है. 

नागरिक सेवाएँ ई-नगर पालिका 2.0 एवं ऐप के माध्यम से देने का प्रयास

भोपाल प्रदेश में नगरीय निकायों को कम्प्यूटरीकृत करने के लिये केंद्रीयकृत वेब आधारित ई-नगर पालिका 2.0 संचालित हो रही है। यह परियोजना डिजिटल इंडिया के उद्देश्य को बढ़ावा देने तथा पारदर्शी एवं त्वरित नागरिक सेवा देने के उद्देश्य से नगरीय निकायों में चल रही है। मध्यप्रदेश ऐसा पहला राज्य है जहां प्रदेश के समस्त नगरीय निकायों को एक सिंगल पोर्टल पर लाया गया है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने वर्ष 2025-26 में ई-गवर्नेंस-आईटी के माध्यम से नागरिक सुविधाओं के विस्तार की कार्ययोजना तैयार की है। नगरीय निकायों की सभी सेवाओं को ऑनलाइन नवीन तकनीक से अपग्रेड किया जायेगा। समस्त नगरीय निकायों में नागरिक सेवाओं को ई-नगर पालिका 2.0 पोर्टल एवं मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से प्रदाय किया जाएगा। एनालिटिल डेशबोर्ड नगरीय क्षेत्रों के सतत् और योजनाबद्ध विकास तथा विभागीय कार्यों की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिये रियल टाइम डेशबोर्ड विकसित किया जा रहा है। विभाग की एआई गार्ड योजना में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के प्रयोग किये जाने की भी योजना तैयार की गई है। ई-गवर्नेंस में ज्योग्रोफिकल इन्फॉरमेशन सिस्टम (जीआईएस) के संयोजन के साथ शहरी विकास और सेवा विस्तार में आधुनिक पारदर्शी और डेटा संचालित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जायेगी। जीआईएस पोर्टल पर 90 से अधिक महत्वपूर्ण डाटा लेयर्स का प्रयोग कर इसका विकास किया जायेगा। नवीन 3.0 पोर्टल ऑटोमेटेड बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम 3.0 पोर्टल (एबीपीएएस) के माध्यम से ऑनलाइन भवन अनुज्ञा की सुविधा समस्त नगरीय निकायों में प्रदाय की जायेगी। इसके साथ ही कॉलोनी विकास अनुज्ञा को भी ऑनलाइन किये जाने को इस वर्ष की कार्ययोजना में शामिल किया गया है। नगरीय निकायों में ई-गवर्नेंस एवं आईटी के विस्तार में व्हाट्सएप चेटबोट के माध्यम से नगरीय निकायों के सभी प्रकार के कर एवं गैर करों के बिल भुगतान की सुविधा एवं सेवाओं की जानकारी देने का प्रयास किया जायेगा।  

सोने की कीमतों पर सरकार का असरदार फैसला, अब 40 हजार से नीचे मिलेगा शुद्ध सोना

मुंबई  सोना (Gold) काफी महंगा हो गया है, 24 कैरेट 10 ग्राम गोल्ड का भाव 1 लाख रुपये के आसपास बना हुआ है. भारत में बड़े पैमाने पर लोग सोने की ज्वेलरी खरीदते हैं, खासकर महिलाएं गहने लेती हैं. लेकिन अब सोना महंगा होने से महिलाएं चाहकर भी गोल्ड ज्वेलरी नहीं खरीद पा रही हैं. इस बीच अब सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. जिससे आने वाले दिनों में सोने की ज्वेलरी की बिक्री बढ़ सकती है. क्योंकि आप 40 हजार रुपये से कम में 10 ग्राम गोल्ड ज्वेलरी (Gold Jewellery) खरीद सकते हैं.   दरअसल, सोना इतना महंगा हो गया है कि ग्राहक 22 या 18 कैरेट की जगह सस्ते 9 कैरेट के गहनों की खरीदारी में इंटरेस्ट ले रहे हैं. कम कैरेट वाले गोल्ड ज्वेलरी खरीदना लोग बेहतर समझ रहे हैं, क्योंकि ये जेब पर कम बोझ डालते हैं. इसलिए उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अधीन काम करने वाले भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने ऐलान किया है कि अब 9 कैरेट सोने के गहनों पर भी हॉलमार्किंग अनिवार्य होगी. सरकार का तर्क है कि 9 कैरेट गोल्ड पर हॉलमार्क होने से लोग ठगी से बचेंगे. 9 कैरेट गोल्ड के फायदे  इसलिए अब 9 कैरेट सोने के आभूषणों के लिए भी हॉलमार्किंग (Hallmarking) अनिवार्य है. भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने 9 कैरेट सोने को अनिवार्य हॉलमार्किंग श्रेणियों की सूची में शामिल कर लिया है. यह नियम इसी जुलाई से लागू हो गया है, यानी अब आप हॉलमार्क वाले 9 कैरेट वाली गोल्ड ज्वेलरी खरीद सकते हैं. इससे पहले 14, 18, 20, 22, 23 और 24 कैरेट सोने के आभूषणों पर हॉलमार्किंग अनिवार्य थी. एक अनुमान के मुताबिक फिलहाल 9 कैरेट गोल्ड की कीमत करीब 37000 से 38000 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम हो सकती है. वहीं, 22 कैरेट गोल्ड ज्वेलरी के लिए आपको कम से कम 1 लाख रुपये चुकाने होंगे. सरकार के इस कदम से ग्राहकों को सोने की शुद्धता के बारे में सही जानकारी मिलेगी. 9 कैरेट सोना 22 या 24 कैरेट सोने से सस्ता होता है, और इस पर आधुनिक डिजाइन बनाना भी आसान है.  हॉलमार्किंग से निर्यात को मिलेगा बढ़ावा यही नहीं, 9 कैरेट सोने के आभूषणों पर हॉलमार्किंग से निर्यात को बढ़ावा मिलेगा. क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होगा, विदेशों में भी 9 कैरेट गोल्ड की खूब डिमांड है. 9 कैरेट सोने के आभूषणों के लिए हॉलमार्किंग अनिवार्य होने से ग्राहकों को सुरक्षा मिलेगी, और 9 कैरेट सोने के आभूषणों की लोकप्रियता भी बढ़ेगी.  अगर फायदे की बात करें तो 9 कैरेट गोल्ड हॉलमार्किंग से गहनों की कीमत कम होगी और लोगों को सस्ता गोल्ड ज्वेलरी खरीदने का बेहतरीन विकल्प मिल जाएगा. हॉलमार्किंग से 9 कैरेट गोल्ड की 37.5% शुद्धता पक्की होगी. नियम के मुताबिक अब ज्वैलर्स और हॉलमार्किंग केंद्रों को इसका पालन करना होगा. कैसे करें शुद्ध ज्वेलरी की पहचान सोने के आभूषणों पर हॉलमार्किंग की जांच करने के लिए, आप भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) का BIS-Care ऐप इस्तेमाल कर सकते हैं. इस ऐप के जरिये आप ज्वेलरी पर दिए गए HUID (Hallmark Unique Identification) नंबर को डालकर असली या नकली हॉलमार्किंग की पहचान कर सकते हैं. इसके अलावा आप BIS की वेबसाइट पर जाकर भी हॉलमार्क की जांच कर सकते हैं.  गौरतलब है कि आप जब 22 कैरेट सोने की ज्वेलरी लेते हैं तो आपको पता होनी चाहिए कि उसमें 22 कैरेट गोल्ड के साथ 2 कैरेट कोई और मेटल मिक्स होता है. वहीं जब आप 18 कैरेट की ज्वेलरी खरीदते हैं, उसमें 6 कैरेट कोई और मेटल मिला होता है. हालांकि अगर आप निवेश के लिए ज्वेलरी खरीद रहे हैं तो फिर 22 कैरेट की ज्वेलरी ही खरीदें.   हॉलमार्क क्यों जरूरी? हॉलमार्किंग का मतलब होता है सोने की शुद्धता की सही पहचान. जब आप कोई सोने का गहना खरीदते हैं, तो उस पर एक छोटा-सा निशान बना होता है, जो बताता है कि वो गहना कितने कैरेट का है और उसकी गुणवत्ता क्या है. हॉलमार्किंग से ग्राहक को भरोसा रहता है कि जो सोना वह खरीद रहा है, वह असली है और उसकी कीमत के हिसाब से उसमें कोई धोखा नहीं है. इससे न सिर्फ खरीदार को सुरक्षा मिलती है, बल्कि सोने की बिक्री या आगे चलकर एक्सचेंज में भी आसानी होती है.

तेजस एक्सप्रेस की शुरुआत आज से, इंदौर से मुंबई तक सुपरफास्ट सफर लेकिन बढ़ेगा खर्च

इंदौर  मुंबई और इंदौर के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। पश्चिम रेलवे पहली बार इंदौर से मुंबई के लिए सुपरफास्ट तेजस स्पेशल ट्रेन की शुरुआत करने जा रही है। यह ट्रेन आज 23 जुलाई से मुंबई से रवाना होगी, जबकि इंदौर से पहली तेजस ट्रेन 24 जुलाई को चलेगी। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह ट्रेन सप्ताह में तीन दिन चलाई जाएगी। यात्रा का समय और रूट मुंबई सेंट्रल से इंदौर के लिए ट्रेन संख्या 09085 हर सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को रात 11:20 बजे रवाना होगी और अगले दिन दोपहर 1 बजे इंदौर पहुंचेगी। इसी तरह, इंदौर से मुंबई के लिए ट्रेन संख्या 09086 हर मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को शाम 5 बजे चलेगी और दूसरे दिन सुबह 7:10 बजे मुंबई पहुंचेगी।तेजस एक्सप्रेस मुंबई और इंदौर के बीच बोरिवली, वापी, सूरत, वडोदरा, दाहोद, रतलाम और उज्जैन स्टेशनों पर ठहरेगी। ट्रेन में फर्स्ट एसी, सेकंड एसी और थर्ड एसी की सुविधा रहेगी। यह ट्रेन सप्ताह में तीन दिन चलेगी। इसका किराया इंदौर-मुंबई के बीच चलने वाली अवंतिका एक्सप्रेस से से ज्यादा है, लेकिन यात्रा में अवंतिका से भी ज्यादा समय लेगी। इस ट्रेन का एसी-3 टियर का किराया एक हजार 805 रुपये है, जबकि एसी-2 टियर का किराया दो हजार 430 रुपये है। एसी फर्स्ट क्लास का किराया तीन हजार 800 रुपये रखा गया है। राखी त्योहार के समय शुरू की गई इस स्पेशल ट्रेन की बुकिंग 21 जुलाई से शुरू हो गई थी। ट्रेन मंगलवार को मुंबई से रवाना होगी और बुधवार सुबह इंदौर पहुंचेगी। इस ट्रेन में यात्रियों को आटोमेटिक डोर व वाईफाई की सुविधा मिलेगी। यह स्पेशल ट्रेन ( संख्या 09085) हर मंगलवार, गुरुवार व शनिवार को इंदौर से शाम पांच बजे रवाना होगी। ट्रेन अगले दिन सुबह सात बजे तक मुंबई पहुंचेगी। मुंबई सेंट्रल से यह ट्रेन रात को 11.20 बजे रवाना होगी, जो सुबह 11 बजे तक इंदौर पहुंचेगी। इस ट्रेन का फायदा गुजरात जाने वाले यात्रियों को भी होगा। ट्रेन का ठहराव सूरत, वड़ोदरा, दाहोद, रतलाम और उज्जैन रहेगा। दूरंतो ट्रेन सूरत व वापी में नहीं रुकती है। किराया अन्य ट्रेनों से ज्यादा तेजस एक्सप्रेस का किराया इस रूट की दुरंतो एक्सप्रेस और अवंतिका एक्सप्रेस से अधिक रखा गया है। थर्ड एसी का किराया 1805, सेकंड एसी का किराया 2430 जबकि फर्स्ट एसी का किराया 3800 है। जबकि दुरंतो एक्सप्रेस में फर्स्ट एसी का किराया 3425 और अवंतिका एक्सप्रेस में 2870 है। यात्रा समय भी ज्यादा तेजस ट्रेन, दुरंतो और अवंतिका की तुलना में अधिक समय लेगी। दुरंतो एक्सप्रेस इंदौर से मुंबई का सफर 11 घंटे 10 मिनट में पूरा करती है। वही अवंतिका एक्सप्रेस 12 घंटे 15 मिनट में पहुंचती है। जबकि तेजस एक्सप्रेस को 14 घंटे 10 मिनट का समय लगेगा। तेजस ट्रेन की खासियत तेजस एक्सप्रेस देश की पहली कॉर्पोरेट ट्रेन है, जिसे आईआरसीटीसी संचालित करता है। इसमें एलसीडी स्क्रीन, वाई-फाई, स्वचालित दरवाजे, बायो-वैक्यूम टॉयलेट और आरामदायक सीटें जैसी आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। बुकिंग शुरू और सीटें उपलब्ध तेजस ट्रेन की बुकिंग 21 जुलाई से शुरू हो चुकी है। मुंबई से 23 जुलाई की ट्रेन में थर्ड एसी में 338, सेकंड एसी में 112 और फर्स्ट एसी में 81 सीटें उपलब्ध हैं। इंदौर से 24 जुलाई की ट्रेन में थर्ड एसी में 317 सीटें, सेकंड एसी में 101 और फर्स्ट एसी में 77 सीटें खाली हैं। दुरंतो और अवंतिका से ज्यादा है किराया इंदौर-मुंबई के बीच चलने वाली तेजस स्पेशल का किराया इसी मार्ग पर चल रही दुरंतो एक्सप्रेस और अवंतिका एक्सप्रेस से अधिक है। इंदौर-दुरंतो में फिलहाल सेकेंड सीटिंग का किराया 460 रुपए, एसी इकोनॉमी का 2070 रुपए, थर्ड एसी का 2205 रुपए, सेकेंड एसी का 2975 रुपए और फर्स्ट एसी का किराया 3670 रुपए है। वहीं, अवंतिका एक्सप्रेस में स्लीपर का किराया 465 रुपए, एसी इकोनॉमी का 1130 रुपए, थर्ड एसी का 1220 रुपए, सेकेंड एसी का 1715 रुपए और फर्स्ट एसी का किराया 2870 रुपए है। तेजस स्पेशल ट्रेन के किराए निर्धारण का अधिकार आईआरसीटीसी को होगा, जो आवश्यकता अनुसार किराया बढ़ा सकती है। तेजस का किराया और समय ज्यादा     इंदौर-मुंबई तेजस का किराया और समय दोनों ही इंदौर से मुंबई के लिए चलने वाली दुरंतो एक्सप्रेस और अवंतिका एक्सप्रेस के मुकाबले ज्यादा है। तेजस ट्रेन इंदौर से मुंबई का सफर पूरा करने में दूरंतो से 3 घंटे और अवंतिका से 1 घंटे ज्यादा लेगी।     इंदौर से सप्ताह में दो दिन चलने वाली दुरंतो एक्सप्रेस (12228) इंदौर से रात को 9 बजे निकलकर दूसरे दिन सुबह 8.20 बजे मुंबई पहुंचती है। यानी इस दौरान यह ट्रेन पूरे 11 घंटे 20 मिनट का समय लेती है।     सप्ताह में सातों दिन चलने वाली अवंतिका एक्सप्रेस (12962) शाम को 5.40 बजे इंदौर से निकलकर दूसरे दिन सुबह 6.40 बजे मुंबई पहुंचती है। यानी इस दौरान यह पूरे 13 घंटे का सफर तय करती है।     इसी तरह तेजस एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 09086 इंदौर से शाम 5 बजे रवाना होगी और दूसरे दिन सुबह 7.10 बजे मुंबई पहुंचेगी। यानी इस दौरान यह ट्रेन पूरे 14 घंटे 10 मिनट का समय लेगी। तेजस के देरी पर चलने पर नहीं मिलेगा रिफंड रेलवे सूत्रों की मानें तो इंदौर-मुंबई-इंदौर के बीच चलने वाली तेजस अगर देरी से चलेगी तो किसी भी प्रकार कर रिफंड नहीं दिया जाएगा। यह सुविधा आईआरसीटीसी ने बंद कर दी है। पहले ट्रेन के 1 घंटे से अधिक लेट होने पर 100 रुपए और 2 घंटे से अधिक लेट होने पर 250 रुपए का रिफंड मिलता था, लेकिन दिसंबर 2024 के बाद से इस सुविधा को बंद कर दिया है। देश की पहली प्राइवेट तेजस ट्रेन की खासियत तेजस ट्रेन, भारतीय रेलवे की एक अर्ध-उच्च गति वाली पूरी तरह से वातानुकूलित ट्रेन है। यह आधुनिक सुविधाओं से लैस है। इसमें स्वचालित दरवाजे, आरामदायक सीटें, एलसीडी स्क्रीन, वाई-फाई और बायो-वैक्यूम शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। यह देश की पहली निजी और कॉर्पोरेट ट्रेन है, जिसका संचालन आईआरसीटीसी करती है। पहली तेजस ट्रेन 24 मई 2017 को शुरू हुई थी भारत की पहली तेजस ट्रेन 24 मई 2017 को मुंबई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से करमाली, गोवा के बीच शुरू हुई थी। यह एक सेमी-हाई स्पीड, पूरी तरह … Read more

37 करोड़ की लागत से डुबान जलाशय में बनेगा राज्य का पहला एक्वा पार्क, रोजगार के नए अवसर खुलेंगे

रायपुर  छत्तीसगढ़ सरकार ने कोरबा जिले के हसदेव बांगो डुबान जलाशय में राज्य का पहला ‘ एक्वा पार्क ’ बनाने का फैसला किया है। ‘एक्वा पार्क’ के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के तहत केंद्र सरकार से 37.10 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत हो चुकी है। यह पार्क एतमा नगर और सतरेंगा क्षेत्र में फैले सैकड़ों एकड़ डुबान जलाशय में विकसित होगा। सीएम साय ने इस प्रोजेक्ट की स्वीकृति के लिए पीएम मोदी का आभार जताया है। अधिकारियों ने बताया कि इस पार्क के विकसित होने से राज्य में मछली पालन के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन होगा और मछली उत्पादन से लेकर प्रसंस्करण, विक्रय, निर्यात व ‘एक्वा टूरिजम’ से क्षेत्र के ग्रामीणों की आय बढ़ेगी। अधिकारियों ने बताया कि एतमा नगर में मछलियों के उत्पादन से लेकर उनके प्रसंस्करण और विपणन के साथ-साथ उन्हें विदेशों में निर्यात करने की सुविधा भी विकसित होगी। एक्वा म्यूजियम बनेगा उन्होंने बताया कि एतमा नगर की इस प्रसंस्करण इकाई से हटकर सतरेंगा में ‘एक्वा म्यूजियम’ बनेगा। अधिकारियों ने बताया कि ‘एक्वा म्यूजियम’ बन जाने से पर्यटकों की जानकारी के लिए यहां विभिन्न प्रकार की मछलियों को रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही सतरेंगा में ‘एंगलिंग डेस्क’, कैफेटेरिया, ‘फ्लोटिंग हाउस’ और ‘मोटर बोट’ सहित वाटर स्पोर्ट्स की सविधाएं भी विकसित की जाएंगी, जिससे क्षेत्र में पर्यटन बढ़ेगा। रोजगार के बढ़ेंगे अवसर अधिकारियों ने बताया कि पर्यटन से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय ग्रामीणों की आय बढ़ने से उनके जीवन स्तर में सुधार होगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ में ‘एक्वा पार्क’ के लिए स्वीकृति मिलने पर राज्य के मछली पालकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस ‘एक्वा पार्क’ से न केवल मछली पालन की नई उन्नत तकनीक लोगों तक पहुंचेंगी बल्कि प्रसंस्करण-पैकेजिंग इकाई से मछली व्यवसाय को नई दिशा मिलेगी। व्यापार के खुलेंगे द्वार उन्होंने कहा, “छत्तीसगढ़ की तिलपिया मछली की विदेशों में बहुत मांग है और इस ‘एक्वा पार्क’ में इस मछली के उत्पादन से छत्तीसगढ़ के मछली पालकों के लिए अब सात समुंदर पार भी व्यापार के द्वार खुलेंगे।” साय ने ‘एक्वा पार्क’ की स्थापना को मछली पालन के क्षेत्र में राज्य को आत्मनिर्भर बनाने वाला निर्णय बताया।