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सिख गुरुओं ने अपने जीवन का हर क्षण देश, धर्म और मानवता के कल्याण के लिए समर्पित किया: मुख्यमंत्री

  – गुरुओं की शिक्षाओं और बलिदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए राष्ट्र और धर्म की रक्षा हमारा दायित्व – सीएम योगी – सीएम योगी ने कहा- इतिहास में वही जाति और कोम जीवित रही है जो अपने पूर्वजों के शौर्य और पराक्रम को जीवन का हिस्सा बनाती है – गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के चार साहिबजादों का बलिदान भारतीय इतिहास का गौरवशाली अध्याय है- सीएम योगी – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में सिख समुदाय के योगदान की सराहना की गोरखपुर,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इतिहास में वही जाति और कौम जीवित रहती है, जो अपने पूर्वजों के शौर्य, पराक्रम और बलिदान को जीवन का हिस्सा बनाती है। सिख गुरुओं ने सदैव सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। उनकी वीरता, त्याग और बलिदान देश की आत्मा में आज भी जीवित है। सीएम योगी रविवार को गोरखपुर के पैडलेगंज स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने पर्यटन विकास कार्यों, गुरुद्वारा भवन के नए स्वरूप और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार कार्यों का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब के प्रथम प्रकाश पर्व पर आयोजित समागम में मुख्यमंत्री ने गुरुवाणी सुनी और संगत के बीच शामिल हुए। गुरुद्वारा समिति की ओर से उन्हें प्रतीक चिन्ह और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित भी किया गया। सिख गुरुओं की परंपरा अनुपम और अटूट रही है- सीएम योगी मुख्यमंत्री ने कहा कि सिख गुरुओं की परंपरा अनुपम और अटूट रही है। गुरु नानक देव जी से लेकर गुरु गोविंद सिंह जी महाराज तक, हर गुरु ने सनातन धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया। उन्होंने कहा कि  जब भी भारतीय संस्कृति पर संकट आया, सिख गुरुओं ने आगे बढ़कर अपने बलिदान से उसे बचाया। सीएम योगी ने विशेष रूप से गुरु तेग बहादुर जी की शहादत को याद किया। उन्होंने कहा कि उनके बलिदान के 350वें वर्ष में देशभर में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कुछ ही समय पूर्व मुख्यमंत्री आवास से नगर कीर्तन और कीर्तन पाठ के जरिए इस आयोजन की शुरुआत हुई। इसी तरह गुरु नानक देव जी महाराज के 550वें प्रकाश पर्व पर भी मुख्यमंत्री आवास पर पहली बार गुरुवाणी का आयोजन हुआ था। चार साहिबजादों का बलिदान भारतीय इतिहास का गौरवशाली अध्याय है- सीएम योगी सीएम योगी ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के चार साहिबजादों बाबा अजीत सिंह, बाबा जुझार सिंह, बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह के बलिदान को याद किया। उन्होंने कहा कि उनका बलिदान भारतीय इतिहास का गौरवशाली अध्याय है। उन्होंने कहाकि जब उन्हें लालच दिया गया कि इस्लाम स्वीकार कर लो, तो जीवन और रियासत दोनों सुरक्षित रहेंगे, लेकिन उन्होंने झुकने के बजाय बलिदान का मार्ग चुना। छोटे साहिबजादों को दीवार में चुनवाकर शहीद कर दिया गया, लेकिन उन्होंने अपने धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए दृढ़ निष्ठा दिखाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यही बलिदान आज हम सभी को प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 26 दिसंबर को पूरे देश में ‘वीर बाल दिवस’ के रूप में मनाया जा रहा है। यह सिख गुरुओं और साहिबजादों के बलिदान को श्रद्धांजलि देने का एक ऐतिहासिक निर्णय है। गुरुद्वारों में सुविधाओं का हुआ विस्तार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पैडलेगंज का यह गुरुद्वारा वर्षों से सिख संगत का आस्था केंद्र रहा है। पहले यहां सुविधाओं का अभाव था, लेकिन अब पर्यटन विभाग और सरकार की मदद से इसे आधुनिक स्वरूप प्रदान किया गया है। अब यहां श्रद्धालुओं के लिए गुरुवाणी पाठ, लंगर और अन्य धार्मिक कार्यक्रम और बेहतर सुविधाओं के साथ हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा केवल किसी जाति या समुदाय तक सीमित नहीं होता। यहां आने वाले हर व्यक्ति का स्वागत होता है। यही सिख परंपरा और गुरुवाणी का वास्तविक संदेश है। सीएम योगी ने सिख परंपरा के प्रति जताई कृतज्ञता सीएम योगी ने कहा कि गोरखपुर के प्रमुख तीन गुरुद्वारों जटा शंकर, मोहद्दीपुर और पैडलेगंज को बेहतर स्वरूप देने का कार्य किया गया है। यह सिख गुरु परंपरा के प्रति हमारी कृतज्ञता और श्रद्धा का प्रतीक है। सीएम योगी ने कहा कि  आज का दिन हमारे लिए पवित्र इसलिए भी है कि 421 वर्ष पूर्व इसी दिन गुरु ग्रंथ साहिब जी को हरमंदिर साहिब में स्थापित कर उन्हें गुरु के रूप में स्वीकार किया गया। यह परंपरा आज भी पूरे विश्व में आस्था और श्रद्धा का केंद्र है। उन्होंने कहा कि सिख गुरुओं ने अपने जीवन का हर क्षण देश, धर्म और मानवता के कल्याण के लिए समर्पित किया। आज हमारा दायित्व है कि उनकी शिक्षाओं और बलिदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए राष्ट्र और धर्म की रक्षा के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करें। सीएम योगी ने गोरखपुर में सिख समुदाय के योगदान को सराहा सीएम ने गोरखपुर में सिख समुदाय की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि यह आयोजन पूर्वी उत्तर प्रदेश के सिख समुदाय को एकजुट करने का अवसर है। उन्होंने लखनऊ में अपने नियमित गुरुपर्व आयोजनों का जिक्र करते हुए कहा कि गोरखपुर में इस तरह के आयोजन में शामिल होना उनके लिए विशेष सौभाग्य है। उन्होंने कहा कि गुरु परंपरा ने देश और सनातन धर्म के लिए अपना जीवन समर्पित किया, उनकी प्रेरणा से हमें देश और धर्म के लिए पूरी ईमानदारी से कार्य करना है।  इस दौरान सांसद रवि किशन शुक्ला, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ल, कालीबाड़ी के महंत रविंद्र दास समेत गुरुद्वारा कमेटी के वरिष्ठ सदस्य व सिख समुदाय के कई गणमान्य मौजूद रहे।

रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करने की पहल, मध्यस्थ की भूमिका निभा सकते हैं प्रधानमंत्री मोदी

नई दिल्ली रूस-यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच अमेरिका के द्वारा हाल ही में भारत के खिलाफ टैरिफ को लेकर कार्रवाई की गई। प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप का मानना है कि भारत रूस से लगातार तेल खरीद रहा है इसके कारण यह युद्ध अनवरत जारी है। इन तमाम आरोप प्रत्यारोपों के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा की खबरें सामने आई। वहीं, अब भारत में यूक्रेन के राजदूत अलेक्जेंडर पोलिशचुक ने यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की की भारत यात्रा की बात कही है। इसके अलावा, यूक्रेन ने एक बार फिर रूस के साथ चल रहे संघर्ष को समाप्त करने में भारत की अधिक सक्रिय भूमिका की अपील की है। भारत में यूक्रेन के राजदूत अलेक्जेंडर पोलिशचुक ने शनिवार को एएनआई से बात करते हुए कहा कि रूस के साथ भारत के लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को देखते हुए यूक्रेन भारत को संभावित शांति वार्ताओं में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी के रूप में देखता है। भारत-यूक्रेन के बीच बढ़ी बातचीत पोलिशचुक ने यूक्रेन के राष्ट्रीय ध्वज दिवस के अवसर पर बोलते हुए कहा कि 2023 से यूक्रेन और भारत के बीच बातचीत में वृद्धि हुई है, जिसका उन्होंने स्वागत किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस बयान की भी सराहना की कि भारत युद्ध में तटस्थ नहीं है, बल्कि दृढ़ता से शांति, कूटनीति और राजनीतिक संवाद का समर्थन करता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सितंबर में होने वाले संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) सत्र में दोनों देशों के बीच यह बातचीत जारी रहेगी। जेलेंस्की जल्द आएंगे भारत जेलेंस्की की भारत यात्रा के बारे में पूछे जाने वाले पर राजदूत ने कहा, 'दोनों देश यात्रा की तारीख और वार्ता के विषय को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। जल्द ही इसका ऐलान कर दिया जाएगा।' भारत-यूक्रेन के पुराने संबंध यूक्रेनी राजदूत ने 'द वीक' में एक लेख लिखकर भारत-यूक्रेन संबंधों के बारे में चर्चा की है। उन्होंने लिखा, ''यूक्रेन के तीन राष्ट्रपतियों ने भारत का आधिकारिक दौरा किया, जबकि भारत के दो राष्ट्रपतियों ने यूक्रेन का दौरा किया। 2021 तक यूक्रेन पर रूस के पूर्ण पैमाने पर आक्रमण से पहले द्विपक्षीय व्यापार लगभग 3.4 अरब तक पहुंच गया था।'' भारत यात्रा के दौरान क्या होगी बात उन्होंने कहा, ''एक लंबे विराम के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति और भारत के प्रधानमंत्री के बीच पहली बैठक नवंबर 2021 में ग्लासगो में जलवायु शिखर सम्मेलन के दौरान हुई। मई 2023 से ऐसी बैठकें और टेलीफोन वार्ता नियमित हो गई हैं। 23 अगस्त 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यूक्रेन की ऐतिहासिक यात्रा ने द्विपक्षीय संबंधों में एक नया अध्याय खोला। इसने रणनीतिक साझेदारी की दिशा में आगे बढ़ने के लिए दोनों लोकतंत्रों के नेताओं की आकांक्षा की पुष्टि की। आज, दोनों देशों के विदेश मंत्रालय और राजनयिक मिशन इस साझा उद्देश्य को लागू करने के लिए लगन से काम कर रहे हैं। राष्ट्रपति जेलेंस्की की भारत की आगामी यात्रा के दौरान रणनीतिक साझेदारी के लिए एक रोडमैप पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं।'' राजदूत ने एएनआई से बातचीत में आगे कहा, “हम यूक्रेन में शांति-निर्माण प्रक्रिया में भारत की अधिक भागीदारी की उम्मीद करते हैं। मेरा मानना है कि हमारी सभी बैठकें इस बात पर चर्चा का हिस्सा होंगी कि भारत सीधे या परोक्ष रूप से रूस के साथ राजनीतिक बातचीत में कैसे शामिल हो सकता है। विशेष रूप से रूस और भारत के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को ध्यान में रखते हुए हमें इसकी उम्मीद है।”

टोक्यो-ओसाका रूट पर बुलेट ट्रेन में सीएम साय ने किया सफर

रायपुर  जापान प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विश्व प्रसिद्ध बुलेट ट्रेन का अनुभव लिया. सीएम साय टोक्यो से ओसाका तक बुलेट ट्रेन में यात्रा करते नजर आए. उन्होंने सोशल मीडिया पर इस यादगार सफर का वीडियो भी शेयर किया है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए कहा कि हाई-स्पीड रेल के क्षेत्र में जापान दुनिया का अग्रणी देश है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत भी बुलेट ट्रेन परियोजना पर तेजी से कार्य कर रहा है. इसके साथ ही वंदे भारत ट्रेन आधुनिक भारत की नई पहचान बन चुकी है. बता दें कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल जापान और दक्षिण कोरिया के आधिकारिक दौरे पर गया है. इस यात्रा का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को वैश्विक निवेश मानचित्र पर स्थापित करना है. टोक्यो (22–24 अगस्त) में प्रतिनिधिमंडल जापानी उद्योगपतियों, व्यापार संघों और निवेशकों के साथ इन्वेस्टर कनेक्ट सेशंस एवं व्यावसायिक बैठकों में भाग लेगा. इसके बाद ओसाका (25–26 अगस्त) में मुख्यमंत्री साय वर्ल्ड एक्सपो 2025 में शामिल होंगे और छत्तीसगढ़ में निवेश अवसरों पर विभिन्न हितधारकों से चर्चा करेंगे. दौरे का अंतिम चरण सियोल (27–29 अगस्त) में होगा, जहां निवेशक गोलमेज बैठकों, कोरिया की शीर्ष कंपनियों और व्यापार संघों से मुलाकात तथा सेक्टर-विशेष संवाद आयोजित किए जाएंगे. वर्ल्ड एक्सपो 2025 में छत्तीसगढ़ पर फोकस ओसाका में आयोजित वर्ल्ड एक्सपो 2025 में भारत मंडपम अंतर्गत छत्तीसगढ़ पवेलियन के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध विरासत, नवाचार की संस्कृति और उभरते भविष्य-उन्मुख क्षेत्रों को वैश्विक दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा. पवेलियन को राज्य की अनूठी पहचान को दर्शाने के उद्देश्य से डिज़ाइन किया गया है. इसमें औद्योगिक विकास, नवीकरणीय ऊर्जा, सूचना प्रौद्योगिकी और सतत विकास जैसे प्रमुख फोकस क्षेत्रों को शामिल किया गया है. अधिकारियों ने बताया कि यह प्रदर्शनी पूरी दुनिया के लिए छत्तीसगढ़ के परिवर्तन और भविष्य की आकांक्षाओं की झलक प्रस्तुत करेगी. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जापान और कोरिया के उद्योगपतियों, व्यापार संघों और वैश्विक निवेशकों से सीधे संवाद करेंगे, जिसका उद्देश्य दीर्घकालिक साझेदारियां स्थापित करना, नए व्यापारिक चैनल खोलना तथा प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में ज्ञान आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है. विकास और निवेश को नई गति विश्व के सबसे बड़े नवाचार और सहयोग प्लेटफार्मों में से एक में भाग लेकर मुख्यमंत्री साय इस अवसर का उपयोग इस्पात, खनन, स्वच्छ ऊर्जा और स्टार्टअप्स जैसे क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने के लिए करेंगे. यह मिशन राज्य की सक्रिय पहल को दर्शाता है, जिसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ को वैश्विक निवेशकों के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बनाना और आर्थिक विकास के नए अवसरों को खोलना है. मुख्यमंत्री साय के साथ मुख्य सचिव अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सचिव रजत कुमार, सचिव राहुल भगत, सीएसआईडीसी के एमडी विश्वेश कुमार सहित कई अधिकारी इस दौरे में शामिल हैं.

चीन-पाक की बढ़ी टेंशन! भारत लाने जा रहा है जर्मनी से पनडुब्बियां

नई दिल्ली थल और वायु के बाद भारत अब समुद्र में भी अपनी ताकत को बढ़ाने में जुट गया है। भारत ने प्रोजेक्ट-75 को मंजूरी दे दी है। प्रोजेक्ट- 75 इंडिया के तहत जर्मनी के साथ 70 हजार की डील को मंजूरी दी है। प्रोजेक्ट 75 इंडिया के तहत भारत जर्मनी के सहयोग से छह एडवांस सबमरीन को देश में विकसित करेगी। इस प्रोग्राम में प्राइवेट सेक्टर भी शामिल है, जिसमें नौसेना के सबमरीन प्रोडक्शन सेंटर के सहयोग से लार्सन एंड टुब्रो ) की प्रमुख भूमिका होने की उम्मीद है। भारत दो परमाणु सबमरीन्स पर भी काम कर रहा है। इस कॉन्ट्रैक्ट के अगले छह महीने के अंदर पूरा होने की उम्मीद है। रक्षा अधिकारियों ने कहा कि इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य न सिर्फ अपनी सबमरीन्स के फ्लीट में विस्तार करना है। साथ ही कंवेंसनल सबमरीन के निर्माण में भारत की स्वदेशी क्षमता को मजबूत करना है। एक रिपोर्ट के अनुसार, छह महीने से ज़्यादा समय तक रुके रहने के बाद, केंद्र सरकार ने रक्षा मंत्रालय और मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) को प्रोजेक्ट 75 इंडिया (पी-75आई) के तहत छह एडवांस सबमरीनंस के निर्माण के लिए जर्मनी की थिसेनक्रुप मरीन सिस्टम्स (टीकेएमएस) के साथ औपचारिक बातचीत शुरू करने की मंज़ूरी दे दी है। डिफेंस से जुड़े अधिकारियों ने एएनआई को बताया कि इस महीने के अंत तक बातचीत शुरू होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने अब डिफेंस मिनिस्ट्री और एमडीएल को इस प्रोजेक्ट के लिए बातचीत शुरू करने की मंज़ूरी दे दी है और इस महीने के अंत तक यह प्रोसेस शुरू होने की उम्मीद है। प्रोजेक्ट 75आई का क्या है लक्ष्य? रक्षा मंत्रालय ने जनवरी में सरकारी स्वामित्व वाली एमडीएल को इस कार्यक्रम के लिए अपने रणनीतिक साझेदार के रूप में चुना था। इसके तहत जर्मनी के सहयोग से भारत में सबमरीनंस का निर्माण किया जाएगा। प्रोजेक्ट की विशेषताए     एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (AIP) सिस्टम वाली छह कंवेंशनल सबमरीनंस।     जर्मन AIP तकनीक सबमरीनंस को तीन हफ्ते तक पानी के अंदर रख सकती है।     इसे भारत की स्वदेशी सबमरीन निर्माण क्षमता बढ़ाने और इंपोर्ट पर निर्भरता कम करने के लिए डिजाइन किया गया है।     रक्षा मंत्रालय और भारतीय नौसेना अंतिम सरकारी मंज़ूरी से पहले छह महीने की बातचीत का लक्ष्य बना रहे हैं। क्यों जरूरी है प्रोजेक्ट? भारत के रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा के टॉप अधिकारियों ने जर्मन कंपनी के साथ छह एडवांस सबमरीन को भारत में ही निर्माण करने का यह फैसला भारतीय सबमरीन प्रोग्राम और उसकी भविष्य की आवश्यकताओं की समीक्षा और एक उच्च स्तरीय बैठक करने के बाद लिया है। प्रस्तावित सबमरीन्स को एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्सन (AIP) सिस्टम्स से भी लैस किया जाएगा, जिससे यह सबमरीन तीन हफ्ते तक पानी के अंदर बिना किसी समस्या के रह सकेंगी। इस एडवांस फीचर से भारतीय नौसेना की ताकत में और ज्यादा इजाफा होगा। न्यूक्लियर सबमरीन प्रोग्राम P-75I के साथ-साथ, भारत दो परमाणु सबमरीन्स पर भी काम कर रहा है। इस प्रोग्राम में प्राइवेट सेक्टर भी शामिल है, जिसमें नौसेना के सबमरीन प्रोडक्शन सेंटर के सहयोग से लार्सन एंड टुब्रो ) की प्रमुख भूमिका होने की उम्मीद है। सरकार इस सेक्टर में उनके महत्व को समझते हुए, परमाणु और कंवेंशनल दोनों सबमरीन प्रोजेक्ट्स को तेजी से आगे बढ़ाने के विकल्प तलाश रही है। टीकेएमएस के साथ बातचीत से भारत में नेक्स्ट जेन की कंवेंशनल सबमरीन प्रोडक्शन की रूपरेखा तय होने की उम्मीद है। रक्षा सूत्रों ने एएनआई को बताया कि सरकार न केवल इन नावों को हासिल करने की इच्छुक है, बल्कि भविष्य की जरूरतों के लिए स्वदेशी डिजाइन और निर्माण विशेषज्ञता भी विकसित करना चाहती है।  इस कॉन्ट्रैक्ट के अगले छह महीने के अंदर पूरा होने की उम्मीद है।

जिंदा जलाने वाला दरिंदाः पुलिस एनकाउंटर में विपिन भाटी घायल, पैर में लगी गोली

नोएडा  ग्रेटर नोएडा में अपनी पत्नी निक्की को दहेज के लिए जिंदा जलाने वाला आरोपी विपिन पुलिस की गोली लगने से घायल हुआ है। सिरसा चौराहे के पास उसने पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की।  इसके बाद उसको गिरफ्तार कर लिया गया है l बता दें कि विपिन ने अपनी पत्नी निक्की को ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगाकर हत्या कर दी थी इसको लेकर दो दिनों से मामला सुर्खियों में हैl पुलिस ने निक्की के पति विपिन के अलावा उसके जेठ और सास ससुर को भी मुख्य आरोपी बनाया गया है। विपिन ने मासूम बच्चे के सामने पत्नी निक्की की आग लगाकर हत्या की थी और फरार हो गया था। यह है पूरा मामला उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर जिले के कासना कोतवाली इलाके के सिरसा गांव में दहेज की मांग को लेकर विवाहिता की क्रूरता से हत्या कर दी गई। ससुराल पक्ष के लोगों ने विवाहिता को बर्बरता से पीटा और फिर उस पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर जिंदा जला दिया। गंभीर रूप से झुलसने पर महिला की बहन उसे पड़ोसियों की मदद से अस्पताल ले गई, दो अस्पताल बदले, लेकिन इलाज के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया। दिल दहलाने वाली घटना के बाद मृतका महिला की बहन और परिजनों ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं।  रूपबास गांव के रहने वाले भिकारी सिंह ने बताया कि उनकी पुत्री कंचन (29) और निक्की (27) की शादी दिसंबर 2016 में सिरसा गांव के रहने वाले रोहित और उसके भाई विपिन से हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। शादी में स्कॉर्पियो गाड़ी और सभी सामान दिया था लेकिन शादी के बाद से ही ससुराल के लोग 35 लाख रुपये की मांग करने लगे।     शादी के बाद से ही पति विपिन भाटी, जेठ रोहित भाटी, सास दया और ससुर सत्यवीर लगातार 35 लाख रुपये अतिरिक्त दहेज मांग रहे थे। पीड़ित परिवार ने आरोपियों की मांग पूरी करने के लिए एक और कार भी दे दी, लेकिन प्रताड़ना का सिलसिला जारी रहा। दोनों बहनों के साथ ससुराल के लोग मारपीट करते थे। कई बार पंचायत कर समझौता किया। लेकिन आरोपियों ने समझौते को नहीं माना। वहीं, मृतका निक्की की बड़ी बहन कंचन का आरोप है कि बृहस्पतिवार की शाम करीब 5:30 बजे उसकी सास दया और देवर विपिन ने मिलकर घटना को अंजाम दिया। आरोप है कि सास दया ने अपने हाथ में ज्वलनशील पदार्थ लिया और विपिन को पकड़ाया। विपिन ने पीड़ित की बहन निक्की के ऊपर डाल दिया। साथ ही बहन के गले पर हमला किया। बर्बरता से उसे पीटा गया। जिसके बाद उनकी बहन बेहोश हो गई। आरोपियों ने उसे जिंदा जला दिया।    उसने बहन को बचाने की कोशिश की, लेकिन आरोपियों ने उसकी एक न सुनी। कंचन ने इसका विरोध किया तो उसके साथ भी मारपीट की गई। इसी दौरान कंचन ने मारपीट और आग लगाते हुए आरोपियों का वीडियो बना लिया। आनन-फानन निक्की को इलाज के लिए पहले फोर्टिस फिर दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उसकी मौत हो गई थी। आरोप है कि घटना के वक्त कंचन का पति रोहित भाटी और ससुर सत्यवीर भी मौके पर मौजूद थे। कंचन की शिकायत पर पुलिस ने नामजद चार आरोपियों के खिलाफ हत्या की धाराओं में केस दर्ज किया है।   

रक्षा क्षेत्र में बड़ी सफलता: भारत ने किया एकीकृत वायु रक्षा प्रणाली का सफल उड़ान परीक्षण

नई दिल्ली भारत ने एकीकृत वायु रक्षा हथियार प्रणाली का पहला उड़ान परीक्षण सफलतापूर्वक कर लिया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन समेत उद्योग जगत को इसके लिए बधाई दी। जानकारी के मुताबिक, डीआरडीओ ने 23 अगस्त को करीब 12:30 बजे ओडिशा के तट पर एकीकृत वायु रक्षा हथियार प्रणाली (आईएडीडब्ल्यूएस) का पहला उड़ान परीक्षण किया। क्या है एकीकृत वायु रक्षा हथियार प्रणाली या आईएडीडब्ल्यूएस? आईएडीडब्ल्यूएस एक बहुस्तरीय वायु रक्षा प्रणाली है, जिसमें सभी तुरंत वार या पलटवार करने वाली स्वदेशी सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (क्यूआरएसएएम), उन्नत अति लघु दूरी वायु रक्षा प्रणाली (वीएसएचओआरएडीएस) मिसाइलें और एक उच्च शक्ति वाली लेजर-आधारित निर्देशित ऊर्जा हथियार (डीईडब्ल्यू) शामिल हैं। 'सफल उड़ान परीक्षण के लिए सभी को बधाई' रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ओडिशा के तट पर किए गए IADWS का पहले सफल उड़ान परीक्षण के लिए सभी को बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, 'IADWS एक बहुस्तरीय वायु रक्षा प्रणाली है, जिसमें सभी स्वदेशी त्वरित प्रतिक्रिया सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (QRSAM), उन्नत अति लघु दूरी वायु रक्षा प्रणाली (VSHORADS) मिसाइलें और एक उच्च शक्ति लेजर आधारित निर्देशित ऊर्जा हथियार (DEW) शामिल हैं।' 'क्षेत्रीय रक्षा को मजबूत करेगा IADWS' उन्होंने आगे लिखा, 'मैं IADWS के सफल विकास के लिए DRDO, भारतीय सशस्त्र बलों और उद्योग जगत को बधाई देता हूं। इस अनूठे उड़ान परीक्षण ने हमारे देश की बहुस्तरीय वायु रक्षा क्षमता को स्थापित किया है। यह दुश्मन के हवाई खतरों के खिलाफ महत्वपूर्ण सुविधाओं के लिए क्षेत्रीय रक्षा को मजबूत करेगा।'

जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुनीं 200 लोगों की समस्याएं

तत्परता और संवेदनशीलता से करें जन समस्याओं का निस्तारण : सीएम जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुनीं 200 लोगों की समस्याएं मुख्यमंत्री का अधिकारियों को निर्देश, जन समस्याओं के निराकरण में न हो हीलाहवाली गंभीर बीमारियों के इलाज में भरपूर मदद करेगी सरकार : सीएम योगी गोरखपुर, शनिवार दोपहर बाद गोरखपुर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में रात्रि प्रवास के बाद रविवार सुबह जनता दर्शन में आए लोगों से मुलाकात की। ध्यान से उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन समस्याओं का निस्तारण तत्परता और संवेदनशीलता से किया जाए। इसमें कोई हीलाहवाली नहीं होनी चाहिए। हर समस्या का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और संतुष्टिपरक होना चाहिए। सीएम ने कहा कि ने जनता की हर समस्या के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। रविवार सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन में कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद पहुंचे और एक-एक करके सबकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने करीब 200 लोगों से मुलाकात की। उन्होंने सबको आश्वस्त किया कि हर व्यक्ति की समस्या का समाधान सुनिश्चित किए जाएगा। सबकी बात सुनने के बाद प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को संदर्भित करते हुए त्वरित निस्तारण का निर्देश देने के साथ मुख्यमंत्री ने लोगों को भरोसा दिलाया कि किसी भी व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अफसरों से कहा कि हर पीड़ित के साथ संवेदनशील व्यवहार अपनाते हुए उसकी सहायता की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि किसी की जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले, कमजोरों को उजाड़ने वाले किसी भी सूरत में बख्शे न जाएं। उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री के समक्ष जनता दर्शन में कई लोग गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। सीएम योगी ने उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार इलाज के लिए भरपूर मदद करेगी। उनके प्रार्थना पत्रों को अधिकारियों को हस्तगत करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इलाज से जुड़ी इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूर्ण करा कर शासन में उपलब्ध कराया जाए। जनता दर्शन में कई जिलों के लोग मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी समस्या बताने पहुंचे थे। आगरा से आई एक महिला ने आवास की समस्या बताई। सीएम योगी ने उसे भरोसा दिलाया कि शासन की योजना के तहत आवास की व्यवस्था की जाएगी। जनता दर्शन में कुछ महिलाएं अपने बच्चों के साथ पहुंचीं थीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन बच्चों को प्यार-दुलार करते हुए चॉकलेट और उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया।

पंजाब का दर्दनाक हादसा: LPG टैंकर ब्लास्ट में 7 लोगों की मौत, कई जिंदगी और मौत से जूझ रहे

होशियारपुर पंजाब के होशियारपुर के मंडियालां गांव के पास हुए एलपीजी टैंकर विस्फोट की वजह से मरने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। घटना के बाद इलाज के लिए पास के अस्पताल में भर्ती किए गए लोगों में से रविवार सुबह तक दो और लोगों ने अपनी जान गंवा दी। मरने वालों का आंकड़ा अब 7 पर पहुंच गया है। इस हादसे में अभी 30 से ज्यादा लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है। पंजाब के सीएम भगवंत मान ने इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को 2-2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। पंजाब सीएम ने हादसे के तुरंत बाद घटना का संज्ञान लेते हुए अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, "जिला होशियारपुर के गांव मंडियालां में देर रात एलपीजी गैस से भरे एक टैंकर के फटने से बड़ा हादसा हो गया है। इस हादसे में लोगों की दर्दनाक मौत होने की भी खबर है। ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों को शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना है। पंजाब सरकार इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों को 2-2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देगी और घायलों का मुफ्त इलाज किया जाएगा।" आपको बता दें मडियालां गांव जालंधर-होशियारपुर हाईवे के पास स्थित है। शुक्रवार देर रात यहां पर एलपीजी भरे ट्रक की एक पिकअप वाहन से टक्कर हो गई। इससे टैंकर में भरी एलपीजी गैस में ब्लास्ट हो गया। रिसाव की वजह से यह गैस पूरे गांव में फैल गई और अपने घरों में सो रहे लोगों को जिंदा ही जला दिया। इस हादसे में दो लोगों की तुरंत ही मौत हो गई थी, जबकि बाकी लोगों को इलाज के लिए ले जाया गया। स्थानीय निवासियों के मुताबिक आग इतनी तेजी से भड़की की उसने पल भर में ही सब कुछ अपने में समा लिया। लोगों को भागने का मौका तक नहीं मिला।  

भक्ति की मिसाल: इंदौर का परिवार 11 वर्षों से मुफ्त बांट रहा मिट्टी की गणेश प्रतिमाएं

इंदौर अहिल्या की नगरी में भक्तों को बिना मोल भाव से एक परिवार पुणे की साडू की माटी से बने गणेश मूर्तियां दे रहा है। परिवार की भक्ति की अनूठी पहल एक दो दिन नहीं बल्कि पिछले 11 वर्ष से चलाई जा रही है। परिवार के छोटे-बड़े सभी पांच सदस्य मूर्ति निर्माण गुड़ी पड़वा पर पुणे से मिट्टी मंगवाकर विघ्न हर्ता की अनूठी आराधना में जुट जाते है। भक्तों ने दक्षिणा गणेश का नाम दिया इस परिवार की इस भक्ति को देख भक्तों ने उनके द्वारा बनाए जा रहे गणेश को दक्षिणा गणेश का नाम दिया है। आज के समय में पाई-पाई के लिए आप धापी मची हुई है, लेकिन यह न्यू राजाराम नगर स्कीम नंबर 51 में रहने वाला यह परिवार श्रद्धा के अनुरूप मिली दक्षिणा के बदले बगैर किसी मोल भाव के गणेश मूर्तियां दे रहा है।   इनकी संख्या भी हर वर्ष 500 से ऊपर जाती है। मूर्ति ले जाने वाले लोग अपनी इच्छा के अनुरूप मूर्ति के बदले मूर्ति के स्थान पर रख देता है। पर्यावरण हितैषी मूर्तियां सुंदर मूर्तियां संदीप पडोले को बनाता है। अपनी मन पसंद की मूर्ति पसंद कर अपनी श्रद्धा के मुताबिक दक्षिणा रख, लकड़ी के पाठ पर रख सम्मान के साथ अपने घर चले जाते हैं। पहल शुरू की तब जागरूकता का अभाव मूर्ति बनाने वाले संदीप किशोर पडोले बताते है कि जब हमने माटी के गणेश की मूर्ति बनाना शुरू की तो उस समय माटी के मूर्ति बनाने को लेकर लोगों में जागरुकता का अभाव था। उस समय हमने पुणे से इंदौर साढू की माटी और प्राकृतिक रंगों का उपयोग कर एक से बढ़कर एक गणेश मूर्तियां तैयार करना शुरू की। इसमें शुरुआत में हमने पांच के करीब शुरुआत की थी। इसमें पिता किशोर, पत्नी मनीषा पडोले, बेटा नैतिक और भाई अमित हाथ बटा रहे है। ऐसी हुई इसकी की शुरुआत परिवार के सदस्य बताते है कि इसकी शुरुआत व्यवसायिक नहीं की गई। 11 साल पहले उन्होंने अपने माटी के गणेश बनाए, पास की आंटी को पसंद आए, वो ले गई। इसके बाद चार प्रतिमाएं बनाई वो भी आस पास के लोग गणेश उत्सव के लिए स्थापित करने के ले गए। इसके बाद उत्साह बढ़ा और मूर्तियां बनाना शुरू की। हमारे द्वारा बनाए गए मूर्तियां का नाम लोगों ने खुद ही दक्षिणा गणेश रख दिया। इस प्राप्त दक्षिण का उपयोग सेवा कार्य के लिए किया जाता है।

नई कार लेना हुआ आसान, 1.4 लाख तक घटे दाम और कम होगी मासिक किस्त

नई दिल्ली फेस्टिवल सीजन में सरकार का प्‍लान GST रिफॉर्म करना है और लोगों को टैक्‍स छूट करके बड़ी राहत देना है. सरकार के जीएसटी में सुधार वाले प्रस्‍ताव को मंत्र‍ियों के समूहों (GoM) ने मंजूर कर द‍िया है, लेकिन अंतिम फैसला काउंसिल की तरफ से लिया जाएगा. वहीं काउंसिल की अगली बैठक 3 से 4 सितंबर को होने वाली है.  नए GST रिफॉर्म के तहत माना जा रहा है कि 90 फीसदी वस्‍तुओं की कीमतों में कटौती हो सकती है. खासकर कार के दाम ज्‍यादा कम होने का अनुमान लगाया जा रहा है. ऐसे में अगर आप भी कार खरीदने की सोच रहे हैं तो आपको थोड़ा इंतजार करना चाहिए. एक रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि कार कीफायती दाम पर मिल सकते हैं, अगर जीएसटी में प्रस्‍ताव के मुताबिक बदलाव किए गए तो…  कार पर टैक्‍स इतना हो सकता है नोमुरा की एक रिपोर्ट के अनुसार, सरकार के मंत्रिसमूह (GoM) ने दो-स्तरीय GST ढांचे का समर्थन किया है, आवश्यक वस्तुओं के लिए 5% और मानक वस्तुओं के लिए 18%.  इस बदलाव से छोटी कारों और दोपहिया वाहनों पर GST 28% से घटकर 18% हो सकता है, जबकि बड़े वाहनों पर 43-50% से घटकर 40% हो सकता है.  1.4 लाख रुपये तक सस्‍ती हो सकती है कार  नोमुरा ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इसका सीधा परिणाम ये होगा कि कार की कीमतें 1.4 लाख रुपये तक कम हो सकती हैं और मासिक किस्तें 2,000 रुपये से अधिक कम हो सकती हैं.  मान लीजिए आप मारुति वैगन-R खरीदने की योजना बना रहे हैं. इसकी मौजूदा ऑन-रोड कीमत ₹7.48 लाख घटकर ₹6.84 लाख हो सकती है. वहीं मंथली EMI ₹1,047 कम हो सकती है. ब्रेजा या हुंडई क्रेटा जैसे मॉडल की कीमतों में भी मामूली कटौती और कम मासिक बचत देखने को मिलेगी, क्‍योंकि ये अभी ये हाई जीएसटी बैकेट में शामिल हैं.  दोपहिया वाहन भी पीछे नहीं हैं. होंडा एक्टिवा ₹7,452 सस्ती हो सकती है, जिससे आपकी ईएमआई लगभग ₹122 कम हो जाएगी. रॉयल एनफील्ड क्लासिक खरीदने पर आपको लगभग ₹18,000 की शुरुआती बचत हो सकती है.  Cars  पुरानी ऑन-रोड प्राइस (₹) नई ऑन-रोड प्राइस (₹) प्राइस में गिरावट (₹)  पुरानी ईएमआई (₹)  नई ईएमआई (₹)  ईएमआई ड्रॉप (₹) वैगन आर 748,228 684,426 63,802 12,281  11,234 1,047 बैलेनो  890,566 814,626  75,940 14,617 13,371  1,246 डिजायर 945,500 864,876 80,624  15,519 14,195 1,323 बोलेरो नियो 1,390,131  1,252,179  137,952  22,817 20,552 2,264 Brezza 1,156,229 1,116,359 39,870  18,977 18,323   654 क्रेटा 1,611,957 1,556,372   55,585  26,457  25,545  912 एक्सयूवी7ओओ 2,181,345 2,063,434 117,911 35,803 33,868  1,935 एक्टिवा 95,385  87,933   7,452  1,566    1,443  122 क्लासिक350   226,613 208,909 17,704  3,719  3,429  291 ऑटो सेक्‍टर्स में आएगी तेजी नोमुरा ने कहा है कि इससे सिर्फ वाहनों की कीमतों में ही कटौती नहीं होगी, बल्कि ऑटो सेक्‍टर्स को भी मजबूती मिलेगी. उम्‍मीद है कि अगर जीएसटी कटौती लागू हो जाती है तो इस साल डिमांड में 5 से 10 फीसदी की बढ़ोतरी होगी. बड़ी कारों और SUV खरीदारों को सबसे ज्‍यादा लाभ हो सकता है, क्‍योंकि इस सेगमेंट में डिमांड खूब रही है. हालांकि, अल्ट्रा-लो एंट्री सेगमेंट में खरीदारों की बाढ़ आने की उम्मीद न करें, क्‍योंकि उपभोक्ता प्राथमिकताएं फीचर-पैक, स्टाइलिश वाहनों की ओर बढ़ गई हैं.