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जाली जाति प्रमाण पत्र का मामला: सजा होगी 7 साल, नौकरी भी जाएगी हाथ से

इंदौर नौकरियों के आवेदन के साथ ही राज्य एवं केंद्रीय विश्वविद्यालयों में प्रवेश एवं छात्रवृत्ति प्राप्त करने के लिए जाति के प्रमाण की आवश्यकता पढ़ती है। पात्रता होने पर नियमानुसार यह दस्तावेज बनवाना हमारा अधिकार है जबकि गलत तरीके से फर्जी दस्तावेज बनवाने पर कानून भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के अंतर्गत अपराध है। यह दस्तावेज अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए जारी होता है। इसके लिए आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से बनवाया जा सकता है। सरकारी नौकरी तुरंत रद्द हो जाती है एडवोकेट महेश लाठी बताते है कि फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाने या उपयोग करने के गंभीर नुकसान हो सकते है। नए कानून भारतीय न्याय संहिता इसमें फर्जी दस्तावेज बनाना के लिए 7 साल तक एवं अर्थ दंड बताया गया है।फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर ली गई सरकारी नौकरी तुरंत रद्द हो जाती है। शिक्षा संस्थानों में दाखिला भी रद्द कर दिया जाता है, जिससे भविष्य खराब हो सकता है। पकड़े जाने पर समाज में विश्वास खो जाता है और व्यक्ति की प्रतिष्ठा गिर जाती है। जाति और समुदाय की छवि खराब होती है।   रिश्तों और सामाजिक पहचान पर भी बुरा असर पड़ता है। सरकारी योजनाओं के लाभ की वसूली की जाती है। फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर मिले आरक्षण, छात्रवृत्ति, सरकारी योजना के लाभ वापस लिए जाते हैं। इसका निष्कर्ष यह है कि फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनाना या उपयोग करना कानूनन अपराध है। साथ ही सामाजिक दृष्टि से भी गलत है। इससे व्यक्ति का करियर, सम्मान और भविष्य खतरे में पड़ सकता है। इसलिए सही दस्तावेज के साथ ही प्रमाण पत्र बनवाना चाहिए और यदि कोई गलती हो तो तुरंत सुधार कराना चाहिए। इन तीन प्रक्रिया का पालन कर आवेदन – आपके जाति प्रमाण पत्र सत्र 2000 से पहले जारी हुआ है तो इसे आफ डिजिटल करवाना के लिए आधार, समक्र जन्म तारीख वाली अंक सूची उपलबध करानी होगी। इसके साथ ही एक फोबल्कि यहटो एवं पूर्व प्रमाण पत्र भी बनावाना होगा। – आवेदक को रक्त संबंध के आधार पर भी जाति का प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। इसके लिए माता-पिता, चाचा, भाई, बहन और दादा का जाति का प्रमाण पत्र देना होगा। इसके साथ अन्य दस्तावेज आधार, समग्र एवं एक फोटो देना होगा। – यदि किसी के पास पूर्व जारी प्रमाण पत्र नहीं है और रक्त संबंधी प्रमाण पत्र भी नहीं है। इसके चलते अंकसूची और निवास का प्रमाण पत्र देना होगा। साथ ही समग्र, आधार और फोट भी देना होगा।

श्योपुर और सिंगरौली के नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों का केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री नड्डा करेंगे लोकार्पण

भोपाल केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा 25 अगस्त को जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस सांस्कृतिक सूचना केन्द्र में मध्यप्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने वाले ऐतिहासिक निर्णयों और जनहितैषी पहल का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। कार्यक्रम में श्योपुर और सिंगरौली में नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों का लोकार्पण होगा। साथ ही धार, बैतूल, पन्ना और कटनी जिलों में पीपीपी मॉडल पर चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना के लिए अनुबंधों पर हस्ताक्षर होंगे। वरिष्ठ नागरिकों के लिए वय वंदना कार्ड वितरण, मातृ-शिशु सुरक्षा को सुदृढ़ करने वाली योजनाएँ और डिजिटल नवाचार के रूप में स्मार्ट चैटबॉट का शुभारंभ किया जाएगा। इन पहलों से प्रदेश में चिकित्सा अधोसंरचना, जनस्वास्थ्य सुरक्षा और तकनीक आधारित सेवाओं का व्यापक विस्तार होगा। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिकों को 8 लाख वय वंदना कार्ड का वितरण किया जाएगा। प्रदेश में तकनीकी सशक्तिकरण का नया अध्याय जोड़ते हुए स्मार्ट चैटबॉट (आयुष्मान एवं सखी) का शुभारंभ होगा। यह चैटबॉट आमजन को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और परामर्श प्राप्त करने का आसान माध्यम बनेगा। इसके अतिरिक्त आशा कार्यकर्ताओं से संवाद कर स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी मजबूती को सुदृढ़ किया जाएगा। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मातृ शिशु सुरक्षा कार्ड का वितरण भी किया जाएगा।  

सागर और कटनी से गुजरते हुए दौड़ेगी कोटा-गया पितृपक्ष स्पेशल ट्रेन, श्रद्धालुओं को मिलेगी राहत

जबलपुर पितृपक्ष के अवसर पर गया जाने वाले यात्रियों के लिए पश्चिम मध्य रेल ने कोटा से गया के बीच साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन सागर, दमोह, कटनी, मैहर और सतना होकर गुजरेगी। ट्रेन संख्या 09817 सोगरिया-गया स्पेशल प्रत्येक शनिवार को 6 सितंबर से 21 सितंबर के बीच चलेगी, जबकि ट्रेन संख्या 09818 गया-सोगरिया प्रत्येक रविवार को संचालित होगी। सोगरिया से ट्रेन रात 11:10 बजे प्रस्थान कर, अगले दिन सुबह 5:35 बजे सागर, 6:45 बजे दमोह, 8:10 बजे कटनी, 9:40 बजे मैहर, 11:00 बजे सतना और रात 11:45 बजे गया पहुंचेगी। वापसी में, गया से ट्रेन मध्यरात्रि 1:15 बजे चलेगी। ट्रेन में एसी, स्लीपर और सामान्य श्रेणी के कोच उपलब्ध रहेंगे। सीटों का आरक्षण प्रारंभ हो चुका है।   सुबह की जगह दोपहर में पहुंची दयोदय एक्सप्रेस राजस्थान में वर्षा से सवाईमाधोपुर रेलवे स्टेशन में जलभराव से दयोदय एक्सप्रेस प्रभावित हुई। रेल यातायात बाधित होने के कारण अजमेर-जबलपुर दयोदय ट्रेन शनिवार को पांच घंटे विलंब से शहर पहुंची। दयोदय एक्सप्रेस के जबलपुर पहुंचने का निर्धारित समय सुबह 8.45 बजे है। शनिवार को सुबह की जगह ट्रेन दोपहर में लगभग दो बजे पहुंची। निरंतर वर्षा से कोटा रेल मंडल के अंतर्गत रेल परचालित प्रभावित से शनिवार को अजमेर से जबलपुर के लिए रवाना होने वाली ट्रेन का मार्ग अचानक परिवर्तित करना पड़ा। यह ट्रेन अपने निर्धारित मार्ग की जगह चांदेरिया होकर कोटा के रास्ते जबलपुर तक आएगी।

दस दिवसीय गणेशोत्सव 27 अगस्त से शुरू, श्रद्धालु करेंगे षड्विनायक के दर्शन

उज्जैन भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर 27 अगस्त से दस दिवसीय गणेश पर्व की शुरुआत होगी। भक्त घर, परिवार में सुख समृद्धि तथा विघ्नों के विनाश की कामना से भगवान गणेश की स्थापना कर पूजा अर्चना करेंगे। गणेश उत्सव के इन दस दिनों में भक्त शहर के विभिन्न कोणों में विराजित षड्विनायक दर्शन यात्रा करेंगे। दर्शन करने से मनुष्य के सारे संकट समाप्त कार्यसिद्धि के लिए भगवान गणेश की पूजा अर्चना का क्रम त्रेता युग से चला आ रहा है। उस समय वनवास के दौरान उज्जैन आने पर भगवान श्रीराम, लक्ष्मण व सीता ने शहर में षड्विनायक की स्थापना की थी। मान्यता है भगवान श्रीराम, लक्ष्मण व सीता द्वारा स्थापित व पूजित इन छह गणेश के दर्शन करने मात्र से मनुष्य के सारे संकट समाप्त हो जाते हैं। आर्थिक, मांगलिक, पारिवारिक, व्यापार व्यवसाय तथा नौकरी संबंधित काम में आ रही बाधा समाप्त होती है।   जिन युवक-युवतियों के विवाह आदि मांगलिक कार्य में व्यवधान उत्पन्न हो रहा हो, वह भी खत्म हो जाता है तथा भक्तों को सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है। भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से चतुर्दशी तिथि तक दस दिन षड्विनायक के दर्शन पूजन का विधान है। देशभर से भक्त इन दिनों में भगवान के दर्शन करने आते हैं। उज्जैन के षड्विनायक -चिंतामन गणेश : शहर से 5 किमी दूर ग्राम चिंतामन अविघ्न विनाय : खाकचौक पर खाकी अखाड़े के सामने। दुर्वामुख गणेश : श्री रामजनार्दन मंदिर के समीप। स्थितरमन गणेश : गढ़कालिका माता मंदिर के समीप। मोदप्रिय गणेश : हरसिद्धि मंदिर के पीछे गुरु अखाड़ के समीप। लक्ष्मी प्रदाता गणेश : महाकाल मंदिर में कोटितीर्थ कुंड के पास।

सहमति बनते ही चर्चा में सीट शेयरिंग, जानें चिराग पासवान का संभावित हिस्सा

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है, और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में सीट बंटवारे को लेकर चर्चाएं अंतिम चरण में हैं। सूत्रों के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और जनता दल (यूनाइटेड) (जद(यू)) में सीट शेयरिंग को लेकर सहमति बन गई है। दोनों पार्टियों को 243 सीटों में से प्रत्येक को 100-105 सीटें लड़ने को मिल सकती हैं। चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) (एलजेपी (आरवी)) ने 40 सीटों की मांग की है, लेकिन उसे करीब 20 सीटें ही मिलने की संभावना है। बाकी सीटें जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) (एचएएम (एस)) और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) को दी जा सकती हैं। जद(यू) की बराबरी की मांग 2020 के विधानसभा चुनाव में जद(यू) ने 115 और बीजेपी ने 110 सीटों पर चुनाव लड़ा था। तब विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) ने 11 और एचएएम (एस) ने 7 सीटों पर चुनाव लड़ा। बीजेपी ने 74 सीटें जीतीं, जबकि जद(यू) को 43 सीटों से संतोष करना पड़ा। इस बार जद(यू) बीजेपी के बराबर सीटें चाहता है, क्योंकि उसका मानना है कि उसकी 10% वोट हिस्सेदारी, खासकर अति पिछड़ा वर्ग (ईबीसी) में, उसे गठबंधन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाती है। एक वरिष्ठ एनडीए नेता ने कहा, 2020 में एलजेपी ने जद(यू) के खिलाफ उम्मीदवार उतारकर उसका नुकसान किया। इस बार नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ा जा रहा है, और जद(यू) बीजेपी से कम सीटों पर समझौता नहीं करेगा।   चिराग पासवान की बढ़ती मांग एलजेपी (आरवी) ने 2024 के लोकसभा चुनाव में पांचों सीटें जीतकर और 29 विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त हासिल कर अपनी ताकत दिखाई थी। चिराग पासवान 40 सीटों की मांग कर रहे हैं, लेकिन बीजेपी इसके ​लिए राजी नहीं है। एक बीजेपी नेता ने कहा कि एलजेपी के पांच सांसद हैं, लेकिन विधानसभा चुनाव में स्थानीय कारक और जमीनी ताकत ज्यादा मायने रखती है। 20 सीटें उनके लिए उचित हैं। 2020 में एलजेपी ने 135 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन केवल एक सीट (मटिहानी) जीती और 5.66% वोट हासिल किए। तब उसने जद(यू) के खिलाफ उम्मीदवार उतारकर 27 सीटों पर उसे नुकसान पहुंचाया। वीआईपी का संभावित पलटवार मुकेश साहनी की विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) जो अभी महागठबंधन (आरजेडी-कांग्रेस) का हिस्सा है के एनडीए में शामिल होने की अटकलें हैं। अगर वीआईपी एनडीए में आती है, तो सीट बंटवारे का समीकरण बदल सकता है। 2020 में वीआईपी ने एनडीए के साथ 11 सीटों पर चुनाव लड़ा था। वीआईपी का निषाद समुदाय में प्रभाव है, जो पूर्वी बिहार में महत्वपूर्ण वोट बैंक है। नीतीश के नेतृत्व पर दांव एनडीए की रणनीति नीतीश कुमार को फिर से मुख्यमंत्री बनाने पर केंद्रित है। जद(यू) का कहना है कि नीतीश का ईबीसी और कुर्मी समुदाय में प्रभाव एनडीए की जीत के लिए जरूरी है। दूसरी ओर, चिराग पासवान ने नीतीश सरकार के कानून-व्यवस्था रिकॉर्ड की आलोचना कर सीटों के लिए दबाव बनाया है। एलजेपी (आरवी) का लक्ष्य लंबे समय में 15% वोट हिस्सेदारी हासिल करना है। जातिगत समीकरण और स्थानीय मुद्दे बिहार में जातिगत समीकरण और स्थानीय मुद्दे, जैसे बेरोजगारी और पलायन, चुनाव को जटिल बनाते हैं। एनडीए अपनी सामाजिक गठबंधन रणनीति (ऊंची जातियां, गैर-प्रमुख ओबीसी, और दलित) के साथ मजबूत स्थिति में है। लेकिन, अगर सीट बंटवारे में छोटे सहयोगी नाराज होते हैं, तो नुकसान हो सकता है। दूसरी ओर, महागठबंधन तेजस्वी यादव के नेतृत्व में युवा और पिछड़े वर्गों को लुभाने की कोशिश कर रहा है।

IMD की चेतावनी: 29 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट अगले 14 घंटे के लिए

भोपाल  मध्यप्रदेश में ग्वालियर के ऊपर से गुजर रही मानसून ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनने से फिर से जोरदार बारिश का सिलसिला जारी है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के 30 से ज्यादा जिलों में अच्छी बारिश हुई है और श्योपुर और सतना जिलों में तो लगातार हो रही बारिश के कारण कई जगह बाढ़ के हालात बन गए हैं। रविवार को भोपाल, ग्वालियर, श्योपुर, मंदसौर सहित अन्य जिलों में बारिश हुई है। वहीं इस बीच रविवार को मौसम विभाग ने प्रदेश के 29 जिलों में भारी से अतिभारी बारिश की चेतावनी जारी है। इन जिलों में भारी से अतिभारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने रविवार को अगले 24 घंटों (सोमवार सुबह 8.30 बजे तक ) के लिए जो ताजा बुलेटिन जारी किया है उसमें 29 जिलो में भारी से अतिभारी बारिश की चेतावनी जारी की है। गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, पन्ना, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर जिलों में अथिभारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं विदिशा, रायसेन, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर और दमोह जिलों में भारी बारिश की संभावना के कारण येलो अलर्ट जारी किया है।   अगले 48 घंटों में बनेगा नया सिस्टम मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक अभी मध्यप्रदेश में अलग अलग सिस्टम एक्टिव होने से अच्छी बारिश हो रही है और ये सिलसिला अगले दो-तीन तक जारी रहेगा। मौसमी प्रणालियों की बात की जाए तो उत्तर पूर्वी मध्यप्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में निम्न दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) बना हुआ है। इसके साथ ही मानसून ट्रफ समुद्र तल से बीकानेर, जयपुर, ग्वालियर, प्रयागराज और उत्तर पूर्वी मध्यप्रदेश से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक विस्तृत है। तो वहीं अगले 48 घंटों के दौरान ओड़िशा-पश्चिम बंगाल के तटों से दूर उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में एक नया निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। उफान पर नदिया बाढ़ के हालत बीते 24 घंटों की बात करें तो प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। इस दौरान सबसे ज्यादा बारिश सीधी में हुई है। लगातार हो रही बारिश के कारण डिंडौरी और मंडला में नर्मदा नदी का रौद्र रूप नजर आ रहा है। श्योपुर में कूनो नदी में बाढ़ के कारण गांवों में पानी भर गया है और गांवों में फंसे लोगों को एनडीईआरएफ की टीम ने वोट से रेस्क्यू किया है।

गणेश प्रतिमा निर्माण प्रशिक्षण: कार्यशाला के आज तीसरे दिन नागरिकों ने उत्साह से भाग लिया

भोपाल पर्यावरण विभाग की संस्था एप्को के लोकप्रिय ग्रीन गणेश अभियान के अंतर्गत चार दिवसीय ईको फ्रेंडली गणेश प्रतिमा निर्माण प्रशिक्षण कार्यशाला 22 से 25 अगस्त तक प्रतिदिन दोपहर 2.00 बजे से सांय 6.00 बजे तक निरंतर चलाई जा रही है। कार्यशाला में नागरिक उत्साह से भाग ले रहे हैं। कार्यशाला में मिट्टी एवम् प्राकृतिक रंग निशुल्क उपलब्ध कराये जा रहे हैंl प्रतिभागी अनुभवी मूर्तिकारों के मार्गदर्शन में मूर्ति अपने हाथों से बनाना सीख रहे हैं तथा स्वनिर्मित गणेश प्रतिमा निशुल्क अपने घर ले जा रहे हैंl एप्को की चार दिवसीय इस ग्रीन गणेश मूर्ति निर्माण कार्यशाला के आज तीसरे दिन आम नागरिकों ने अपने बच्चों के साथ उत्साह से भाग लियाl कार्यशाला में आज लगभग 200 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और अपने हाथों से निर्मित प्रतिमा निशुल्क घर ले कर गएl कार्यशाला में अब तक लगभग 750 प्रतिभागियों द्वारा अपने हाथों से ग्रीन गणेश की प्रतिमा का निर्माण किया जा चुका हैl कार्यशाला के कार्यक्रम समन्वयक श्री राजेश रायकवार द्वारा प्रतिभागियों को इस अभियान के उद्देश्यों से परिचित कराते हुए पर्यावरण प्रदूषण के तकनीकी पहलुओं की जानकारी भी दी गईl मूर्ति को प्राकृतिक रंगों से सजाने के साथ उनका विसर्जन घर पर ही करने का संकल्प लेने के लिये प्रेरित भी किया गयाl मूर्ति बनाने के लिए एप्को के वास्तुविद श्री कमलेश के मार्गदर्शन में प्रशिक्षक सर्व श्री मनीष, महेंद्र, शिवलाल, सुनील, राकेश एवम् राजेंद्र द्वारा प्रतिभागियों की सहायता की।  

इंडस्ट्री रेडी दक्ष मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी रिश्ता योजना

भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने कहा कि "रिश्ता" योजना न केवल युवाओं के कौशल को निखारने का माध्यम है, बल्कि प्रदेश एवं देश की अवसंरचना विकास यात्रा में उनके योगदान को सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास भी है। यह योजना, इंडस्ट्री रेडी दक्ष एवं प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित करेगी। मंत्री श्री परमार ने रविवार को शुजालपुर स्थित मां शारदा सांदीपनि विद्यालय में, युवाओं को रोज़गारोन्मुखी कौशल प्रदान करने के उद्देश्य से आरंभ किए गए "रिश्ता (RISHTA : Recruiting Industries Supporting Holistic Training with Alignment)" योजना के पोस्टर का विमोचन किया। योजना का उद्देश्य : युवाओं को रोजगारपरक और व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना “रिश्ता” योजना का पूरा नाम, "रिक्रूटिंग इंडस्ट्रीज सपोर्टिंग हॉलिस्टिक ट्रेनिंग विथ एलाइनमेंट" (RISHTA : Recruiting Industries Supporting Holistic Training with Alignment) है। यह योजना, युवाओं को रोज़गारोन्मुखी कौशल (Skill Development) देने के उद्देश्य से शुरू की गई है। रिश्ता योजना, एक उद्योग-आधारित कौशल विकास योजना है, जिसका उद्देश्य युवाओं को रोजगारपरक और व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना है। इसका मुख्य लक्ष्य उच्च शिक्षा प्राप्त कर चुके विद्यार्थियों को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित कर, उन्हें "हाईवे कंस्ट्रक्शन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर" में अवसर दिलाना है। यह योजना "एसजीएसआईटीएस, इंदौर" और "PATH India Ltd" के संयुक्त सहयोग से संचालित की जा रही है। इसके अंतर्गत "सिविल इंजीनियरिंग" छात्रों के लिए सर्वेइंग (Surveying) एवं , क्वॉलिटी एश्योरेंस/क्वॉलिटी कंट्रोल (Quality Assurance/Quality Control) (QA/QC) जैसे पाठ्यक्रम और "मैकेनिकल इंजीनियरिंग" छात्रों के लिए कंस्ट्रक्शन मैकेनिकल स्किल्स (Construction Mechanical Skills) पर केंद्रित प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रत्येक पाठ्यक्रम की अवधि 225 घंटे (75 दिन) होगी और कक्षाएँ शाम के समय आयोजित की जाएँगी, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी इसमें सम्मिलित हो सकें। प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा। साथ ही उन्हें उद्योग में इंटर्नशिप, प्रायोगिक अनुभव और 50% से अधिक प्लेसमेंट सहायता भी उपलब्ध होगी। "रिश्ता योजना की मुख्य बातें, लाभ एवं प्रभाव" रिश्ता योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को तकनीकी, व्यावसायिक और उद्यमिता (Technical, Vocational & Entrepreneurship Training) प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। प्रशिक्षण के बाद युवाओं को उद्योगों, स्टार्टअप्स और सरकारी योजनाओं से जोड़ने की व्यवस्था रहती है। विद्यार्थियों को इंटर्नशिप, प्रोजेक्ट वर्क और प्रैक्टिकल लैब्स के अवसर मिलते हैं ताकि वे केवल सैद्धांतिक नहीं, बल्कि व्यावहारिक ज्ञान भी प्राप्त कर सकें। योजना में विशेष ध्यान ग्रामीण एवं वंचित वर्गों पर भी दिया गया है ताकि उन्हें भी समान अवसर मिल सकें।। इस योजना में विद्यार्थियों एवं युवाओं को, निःशुल्क या कम शुल्क पर प्रशिक्षण, प्रमाणपत्र और रोजगार के अवसर मिलते हैं। शैक्षणिक संस्थानों का, उद्योगों से जुड़ाव बढ़ता है और विद्यार्थियों की प्लेसमेंट दर सुधरती है। उद्योग जगत को, प्रशिक्षित एवं दक्ष मानव संसाधन मिलता है। बेरोज़गारी घटती है और आर्थिक प्रगति होती है, इससे समाज एवं देश को प्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलता है। “रिश्ता योजना” का लाभ मुख्य रूप से युवाओं को है, लेकिन इसका सकारात्मक प्रभाव उद्योग, शिक्षा संस्थान और पूरे समाज पर पड़ता है। इस अवसर पर एसजीएसआईटीएस इंदौर के निदेशक डॉ. नितेश पुरोहित, आईआईटी इंदौर के प्रोफेसर डॉ. संतोष विश्वकर्मा, होलकर साइंस कॉलेज इंदौर के एचओडी डॉ प्रदीप शर्मा, जवाहरलाल नेहरू स्मृति शासकीय स्नात्तकोत्तर महाविद्यालय शुजालपुर के प्राचार्य डॉ. राजेश शर्मा, माँ शारदा सांदीपनि विद्यालय शुजालपुर के प्राचार्य डॉ. रजनीश त्रिवेदी एवं डॉ. शिवपाल मेवाड़ा सहित विभिन्न प्रशिक्षक, शिक्षकगण, विद्यार्थी, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण एवं अन्य गणमान्य जन उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा – लोन चुकता होते ही बंधक संपत्ति मॉर्टगेज या डबल मॉर्टगेज से हो जाएगी मुक्त

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उद्योगों के हित में ही राष्ट्र का हित निहित है। लघु और कुटीर उद्योग भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। सीमित संसाधनों का समुचित उपयोग कर हम इन उद्योगों के विकास की ओर बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वतंत्रता के अमृत काल में लघु उद्योग भारती के प्रदेश कार्यालय का लोकार्पण हमारे उत्कर्ष को दर्शाता है। उद्योगों के विकास के लिए हमें पूरे देश के परिदृश्य में सोचना होगा। सभी जगह समान रूप से उद्योग लगाने होंगे, तभी संतुलित विकास हो सकेगा। देश हित में हम सब मिलजुलकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि हम उद्योगों को विस्तार देने के लिए उद्योगपतियों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलेंगे। हमने समाज के सभी वर्गों का बराबर ध्यान रखा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को लघु उद्योग भारती के गोविंदपुरा औद्योगिक प्रक्षेत्र में नवनिर्मित प्रदेश कार्यालय के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लघु उद्योग भारती के करीब 4 करोड़ रुपए की लागत से नवनिर्मित प्रदेश कार्यालय भवन 'उद्यम सेतु'का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच फीता काटकर लोकार्पण किया।लोकार्पण अवसर पर लघु उद्योग भारती का द्वि-वार्षिक प्रादेशिक सम्मेलन और स्टार्टअप एवं लघु उद्यमी महाकुंभ-2025 भी आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अन्य अतिथियों के साथ लघु उद्योग भारती के नए ब्रोशर का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा की कि किसी भी प्रकार का संस्थागत या बैंक लोन चुकता होते ही संबंधित बंधक संपत्ति मॉर्टगेज या डबल मॉर्टगेज से मुक्त हो जाएगी। इस प्रावधान का लाभ हम सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम उद्योगों (एमएसएमई इंडस्ट्री) को भी देंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लघु उद्योगों की स्थापना और इससे जुड़ी सभी कठिनाइयों का समुचित हल भी निकाला जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम एमएसएमई उद्योगों की स्थापना से जुड़ी सभी प्रकार की अनुमतियां को समयबद्ध कार्य योजना की अनुरूप समय-सीमा में देने का प्रावधान करने जा रहे हैं। प्रदेश में रोजगार आधारित उद्योग लगाने वाले उद्योगपतियों को प्रोत्साहन दे रहे हैं। प्रदेश में नया आईटीआई पॉलिटेक्निक कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने के लिए भी नीति से प्रावधान अनुसार सब्सिडी दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम प्रदेश में रिसर्च वर्क को बढ़ावा देने के लिए आगे आ रहे हैं। आईआईटी इंदौर में शोध कार्यों के लिए देशी और विदेशी शिक्षण संस्थानों के स्टडी सेंटर के लिए हमारी चर्चा चल रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार लघु उद्योगों के साथ हमेशा साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमें लघु उद्योगों को पुनर्जीवित करना होगा। इसी से हमारी अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि विरासत से विकास का सबसे सटीक उदाहरण भारतीय लघु उद्योग ही हैं। यह कारोबार नहीं, बल्कि करोड़ों परिवारों की आशा, आत्म-सम्मान और आर्थिक स्वावलंबन का आधार हैं। जैसे शरीर की मजबूती रीढ़ पर टिकी होती है, वैसे ही भारत की अर्थव्यवस्था की मजबूती लघु उद्योगों पर टिकी है। लघु उद्योग सिर्फ कारखाने नहीं हैं, ये रोज़गार के सबसे बड़े निर्माता हैं। एमएसएमई वह पुल है, जो मेहनतकश हाथों को बड़े बाज़ारों से जोड़ता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज भारत में 6 करोड़ से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (एमएसएमई) हैं, जो देश की जीडीपी में लगभग 30 प्रतिशत से अधिक योगदान देते हैं और कुल निर्यात में 45 प्रतिशत हिस्सेदारी रखते हैं। आज हम विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन पाए हैं, तो इसमें एक बड़ा योगदान लघु उद्योगों का ही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का "मेक इन इंडिया" और "वोकल फॉर लोकल" का आव्हान हमें बताता है कि आत्मनिर्भर भारत का मार्ग बड़े -बड़े उद्योगों से नहीं, बल्कि घर-घर की चौखट से चलने वाले छोटे उद्योगों से ही निकलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री ने माइक्रो, स्माल और मीडियम इंटरप्राइजेज को मैक्सिमम स्पोर्ट देने की बात कहीं है, जिससे ये सभी उद्योग मैक्सिमम ग्रोथ हासिल कर सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लघु उद्योग भारती से जुड़े लघु उद्योगपति केवल मुनाफे के लिए काम नहीं करते, गौरव, परंपरा और नवाचार को बढ़ावा देते हैं। आप हर छोटे उद्यमी की आवाज़ बन रहे हैं। आप संगठन में शक्ति को चरितार्थ कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लघु उद्योगपति "दाम कम, दम ज्यादा" मंत्र के साथ अपनी विश्वसनीयता बनाएं, एक बार जो आपका प्रोडक्ट खरीदे, वो बार-बार खरीदें। तकनीकी से जुड़ें, मार्केटिंग सीखें, ऑनलाइन बाजार से जुड़ें। अपने उत्पादों को ई-कॉमर्स बेवसाइट से जोड़कर लोकल से ग्लोबल बनाएं। कौशल भारत अभियान और नई शिक्षा नीति इस दिशा में बड़ा कदम है। छोटे उद्योगों के केंद्र में हमारी मातृशक्ति है। लाड़ली बहनों की भागीदारी से न सिर्फ परिवार की आमदनी बढ़ती है, साथ ही समाज में आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक सशक्तिकरण का मार्ग भी खुलता है। लघु उद्योग ही स्वदेशी का आधार हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 में जब भारत विकसित और आत्मनिर्भर होगा, उसमें लघु उद्योगों की भूमिका सबसे बड़ी होगी।

मुख्यमंत्री ने उज्जैन में कीर समाज के महासम्मेलन को वर्चुअली संबोधित किया

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जो समाज संगठित होकर कार्य करता है, वह इतिहास बनाता है। कीर समाज को भगवान श्रीराम की चरण रज प्राप्त हुई और समाज बंधुओं ने भगवान श्रीराम को भवसागर पार करवाया। उस समाज ने बदले में भगवान श्रीराम से कुछ नहीं मांगा। बस जीवन की वैतरणी पार करने का आशीर्वाद मांगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कीर समाज की एक राज्य स्तरीय पंचायत शीघ्र ही राजधानी में आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को समत्व भवन, मुख्यमंत्री निवास से उज्जैन में हुए कीर समाज के महासम्मेलन को वर्चुअल संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कीर समाज ने भगवान श्रीराम को मनुष्य के बजाय भगवान के रूप में पहचाना था। आज समाज प्रगति के मार्ग पर है। शिक्षा के प्रसार और नशा मुक्ति जैसे रचनात्मक कार्यों से समाज जुड़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे जीवन में मुख्यमंत्री के रूप में प्राप्त सेवा के इस अवसर का श्रेय कीर समाज सहित ऐसे सभी समाज बंधुओं के आशीर्वाद को देते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार अधोसंरचना विकास और शिक्षा के प्रोत्साहन के कार्य कर रही है। जहां मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी और लैपटॉप उपलब्ध करवाए जा रहे हैं, वहीं छात्रवृत्ति पाठ्यपुस्तकें और यूनिफॉर्म मिलने से शिक्षा अर्जन आसान बनाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महासम्मेलन में उपस्थित अनेक बहनों से संवाद भी किया और लाड़ली बहना योजना सहित अन्य योजनाओं के संबंध में चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कीर समाज को संस्कृति के पर्व मिलकर मनाने, प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने, सामाजिक मेलजोल और आध्यात्मिक चेतना के लिए संयुक्त रूप से कार्य करने के प्रयासों और महासम्मेलन के आयोजन के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। प्रारंभ में कीर समाज के महासम्मेलन में प्रदेश कार्यकारिणी के शपथ समारोह और विचार विमर्श के सत्र हुए। मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। महासम्मेलन को मां पूरी बाई कीर कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री गया प्रसाद कीर, समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री कोमल सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने संबोधित भी किया।